XXX Hot Maa Chudai Kahani
मेरा नाम विशाल है मै 21 साल का एक कॉलेज स्टूडेंट हूँ, घर मे 5 लोग है, माँ पापा और हम तीन भाई बहन पापा दूसरे शहर मे रहते है जॉब के कारण से तो घर मे हम माँ के साथ रहते है, मेरी माँ का नाम सुप्रिया है वह देखने मे किसी लड़की जैसी पतली और स्लीम है यह उस समय की बात है जब हम पुराने घर मे रहते थे और नया वाले मे काम लगा हुआ था. XXX Hot Maa Chudai Kahani
तो माँ अक्सर घर कैसा बन रहा है यह देखने जाती रहती थी, उस दिन जब मै कॉलेज से घर आया तो माँ बोली वह नये घर जा रही है तो मै बोला ठीक है माँ जब घर से चल गयी मै घर मे अकेला रह गया इस उम्र में हर कोई घर मे अकेले हो जाने पर मूठ मारते है मै भी जब घर पर कोई नहीं होता था, तब मैं अक्सर अपने को मुठ मारकर शांत कर लेता था.
माँ के घर से निकलते ही मै अपने कमरे मे गया सब कपड़े निकाल के अपने फोन मे एक पॉर्न विडियो लगा लिया साथ ही कान मे भ हैडफोन पहन के मस्त पॉर्न विडियो देखते हुए लण्ड हिला रहा था मुझे बहुत मजा आ रहा था मैने बहुत समय बाद उस दिन मूठ मार रहा था मेरे अंदर बहुत उत्तेजना महसूस हो रहा था.
मै सब भूल के मूठ मारने मे मगन था, जब मेरा निकलने वाला था मै बाथरूम के तरफ जाने लगा पर जैसे ही दरवाजा खोला सामने माँ खड़ी थी मै उनको देखते ही वीर्य छोड़ दिया और मेरे वीर्य की धार अनजाने मे माँ के उपर ही मेरा सारा वीर्य निकल गया जो उनकी साड़ी पर से लेकर नीचे पैर पर तक गिरा.
इसे भी पढ़े – आराम आराम से लंड घुसाया मुस्कान की चूत में
इससे वह गुस्सा से चिल्लाते हुए, बोली विशाल ये क्या किया तुमने एकदम बेशर्म हो गये हो शर्म नही आती है यह सब करते हुए मै तो डर से जल्दी कमरा बंद कर लिया, जल्दी से कपड़ा पहन के बाहर आया तो देखा माँ हॉल मे नही थी तो मै उनके कमरे मे माफी मांग ने के लिए गया पर वहाँ गया.
तो देखा साड़ी खोल के दुसरी साड़ी पहन रही थी उनकी छाति पर साड़ी नही था इसलिए मेरी नजर तो उनकी चूची पर चली गयी जिसे देखकर माँ बोली, ये क्या देख रहे हो जाओ बाहर देख नही रहे मै कपड़े बदल रही हूँ, इस बार माँ ने गुस्से से नही बल्कि थोड़ा शर्माते हुए बोली मै भी शर्म से सर झूका के मांफ करना और कमरे से बाहर आ गया.
कुछ देर बाद माँ साड़ी पहन के बाहर आयी, और बोली मै तुमको यह लिस्ट देने आयी थी कल मुझे घर बनाने वाले मिस्त्री ने दिया था. मुझे पहले याद नही था इसे लेकर नये घर आओ मे वही जा रही हूँ यह बोलकर वह निकल गयी, मै भी बाइक लिया बाजार चला गया.
पर मेरे दिमाग मे अब भी वही बात चल रही थी, की मैने अपनी ही माँ के उपर वीर्य निकाल दिया, माँ क्या सोच रही होगी मेरे बारे मे की मै कितना गंदा हूँ फिर डर भी लग रहा था कही वो पापा को व कुछ ना बोल दे पर जब माँ मुझे समान का लिस्ट दे रही थी तब वो जिस तरह से मेरी आँखो मे देखकर मुस्का रही थी.
उसे देखकर तो मुझे पता ही नही चल रहा की वह क्या सोच रही थी उनके चेहरे मे एक अलग ही चमक दिख रही थी और जब वो घर से निकल रही थी तब दरवाजे से मुड़कर देखकर मुस्काना बहुत कुछ कह रहा थ यह सोचकर मेरा लण्ड फिर से खड़ा होने लगा. मुझे समझ नही आ रहा था माँ मुझे लाइन दे रही थी, या यह सिर्फ मेरे मन का भ्रम था, क्या वह सच मे माँ कुछ सोच रही थी.
इसे भी पढ़े – गर्मियों की छुट्टियों में बुआ ने चुदवाया
मै जब सामन लेकर नये वाले घर पहुंचा, तो मजदूर लोग काम कर रहे थे मै समान एक जगह रखा, तब तक माँ भी आ गयी और मुझ देखी और बोली ले आये समान तो मै बोला हाँ देख लिजिए तो वो मेरे ह सामने ऐसा झुकी की जैसे वह मुझे अपने चूची के क्लीवेज दिखा रही हो मै पहले तो नजर हटा लिया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
पर जब वह बोली सब ठीक है ना सब समान तो लग रहे है और वो सामान एक एक करके पहले थैली से बाहर निकली और फिर उसे उसमे रखने लगी इस दौरान वह मुझे बार बार देख रही थी. मै एक दो बार तो नजर हटा लिया पर जब देखा वह मुस्का रही है तो मै भी नजर हटाने बंद कर दिये और उनको देखने लगा.
फिर वो खड़ी हुई तो मै मिस्त्री के पास गया उससे कुछ बात करने लगा पर मेरा ध्यान बार बार माँ के उपर जा रही थी, वह दूर से मुझे ही देख रही थी, हमारी नजरे मिलने पर वो शर्मा जाती मै इतना भी नादान नही था की एक औरत के हिट देने को नही समझ रहा था पर यहाँ अगर मामला दुसरी औरत का होता.
तो मै अब तक उसको पकड़ के पूछ लेता पर यहाँ मामला अपनी माँ का था वह मुझे पूरा लाइन दे रही थी पर मै डर रहा था आगे बढ़ने से हम वहाँ शाम तक रहे. जब तक काम बंद नही हो गया तब तक हमारी नजरे एक दुसरे से मिलती रही, अब तो मै भी उनको देखकर मुस्का देता था शाम को जब काम खत्म हो गया.
तो हम घर वापस आने लगे तब माँ बोली वह भी मेरे साथ चलेगी हमारा नया घर पुराने वाले से ज्यादा दूर मे नही बन रहा था माँ हर रोज पैदल ही आती जाती थी पर आज तो उनके मन मे कुछ और था मै भी कुछ नही बोला, तब वह मेरे पीछे मुझसे पूरा चिपक के बैठ गयी जिससे उनकी चूची मेरे पीठ से सट गयी.
मुझे समझ आ गया वह क्या चाह रही है, उनके बदन मे आग लगा हुआ है मै बाइक आगे बढ़या और जैसे ही घर का तरफ मोड़ा वह बोली चलो आज हम कुछ दूर चलते है, जहाँ कोई ना हो मै भी इसी का इंतजार कर रहा था इतना सुनते ही बाइक खेत की तरफ ले लिया.
इसे भी पढ़े – दामाद ने किचन में चोद दिया मुझे
अंधेरा हो ही गया था दूर दूर तक कोई नजर नही आ रहा था माँ ने इधर उधर देखा, जब उनको कोई नही दिखा तो वह मुझे पीछे से पकड़ ली जैसे कोई प्रेमिका अपने प्रेमी को पकड़ के बैठती है एक पत्नी अपने पति को पकड़ती है माँ ने भी मुझे वैसे ही पकड़ लिया था मै भी उनका हाथ पकड़ लिया जो उन्होने मेरे कमर मे घेरा बना के पकड़ी हुई थी.
खेत के एकदम सुनसान जगह पर बाइक रोका तो मै जैसे ही नीचे उतरा वह मेरे सीने से लग गयी, फिर तो मैने भी काम शुरू कर दिया, उनको वही खड़े खड़े चुमने चाटने लगा चूची और गांड मसलने लगा होठ पर किश करने लगे, जिसमे वह मेरा पूरा साथ दे रही थी.
हम कुछ बोल नही रहे थे बस जो मन मे आ रहा था कर रहे थे हमारी सास तेज चल रही थी, बहुत देर तक हम दोनो किस करते रहे. मुझसे अब बर्दास्त नही हो रहा था मै इधर उधर जगह देखन लगा चारो तरफ खेत ही खेत था फसल लगी हुई थी पर मुझे वैसे जगह की तलाश थी, जहाँ हम आराम से चुदाई कर सके और किसी को पता भी नही चली.
मुझे वह जगह चुदाई के लिए सुरक्षित नही लग तो मै बाइक पर बैठने लगा, तो वह बोली क्या हुआ तो मै बोला ये जगह सही नही लग रही हो कोई भी आ सकता है, तब माँ बोली फिर तो मै बोला चलो आगे देखते है तो माँ मेरे पीछे बैठ गयी और हम आगे बढ़ गये. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
आगे सड़क के एक तरफ कोई फसल लगा हुआ था जो बड़ा था और एक तरफ आम का बगीचा लगा हुआ था वह जगह देखकर माँ बोली यह ठीक जगह लग रहा है. तो मै बाइक रोका और एक तरफ खड़ा करके इधर उधर देखा तो मुझे कोई नही दिखा दूर तक सुनसान था.
फिर माँ के तरफ देखा वो मुझे ही देख रही थी, तो मै उनको पकड़ के बगीचे मे चला गया और एक पेड़ से सटा के किश करने लगा वह मेरा पुरा साथ दे रही थी मै ब्लाउज के उपर से चूची मसल रहा था वह मेरा लण्ड को पैट के उपर से हो सहला रही थी। जो की तन के पूरा खड़ा हो गया था.
इसे भी पढ़े – भाभी को घोड़ी बना कर चोद रहे थे पापा
मै उनके ब्लाउज का हुक खोलने लगा जो मुझसै नही खुल रहा था तो वह खुद ब्लाउज खोलने मे मदद करने लगी, तो मै उनकी चूची को पकड़ के कस कस के मसलने लगा, जैसे हो ब्लाउज खुला मै उनपर टूट पड़ा अंधेरे मे भी उनकी चूची मस्त बड़ी लग रही थी मेरे चूची को दबाने पर वो दर्द से कराहने लगती.
फिर भी मै नही रूकता मुँह मे लेकर चुसने लगा, मैने हाथ उनकी गांड पर रखकर उसे दबाने लगा। क्या मस्त गांड थी मै गांड दबाते हुए, ही हाथ माँ की बूर पर रख दिया और साड़ी के उपर से ही उस दबा के देखने लगा मुझसे रहा नही जा रहा था इसलिए मै तुरंत ही साड़ी, और पेटीकोट को उपर उठा के उनकी नंगी बूर पर हाथ रख दिया.
मेरा हाथ जब उनकी नंगी जिस्म पर पड़ा तो इतना नर्म और मुलायम लगा की मै क्या बताऊ मुझे यकिन नही हो रहा था की मै अपनी ही माँ के नंगे जिस्म का मजा ले रहा हूँ उनकी बूर पर उपर से नीचे तक पुरा हाथ से रगड़ रहा था, तो कभी मुठ्ठी मे पकड़ ले रहा था वह बस अहह अहह कर रही थी.
उनकी बूर पर हाथ रखा तो पता लगा वह कभी गर्म थी छोटे झाट थे और बूर हल्की फुली हुई थी बूर के दरार पर उगल से रगड़ के मै उनकी बूर मे उगली किया तो वह अहह करने लगी अब मुझसे भी बर्दाश नही हो रहा था तो मै भी पैट खोलने लगा, जिसमे माँ साथ दे रही थी पैट खुलते ही मेरा लण्ड जो पहले से ही ठनका हुआ था.
उसे माँ अपने हाथ मे लेकर सहलाने लगी, तो मै उनकी नंगी चूची को पकड़ के मसलने लगा फिर उनकी अपनी बांहो मे पकड़ लिया और लण्ड बूर के दरार पर रगड़ के अपनी माँ के बूर पर रखा और अंदर डालने की कोशिश करने लगा पर जा ही नही रहा पर मुझे तो उनकी बूर चोदनी थी.
इसे भी पढ़े – छात्रा से शारीरिक संबंध बनाया टीचर ने
मै कैसे छोड़ देता मैने भी फिर से कोशिश किया बूर के छेद के मुह पर लण्ड रखा और अंदर दबाव डालकर घुसा दिया तब लण्ड धीरे धीरे माँ के बूर मे घुस गया, , अब मै अपने दोनो हाथ माँ की नंगी गांड पर रखकर उनको दबाते हुए बूर चोदने लगा वह मेरे गले लगे हुए मेरा खूब साथ दे रही थी.
हम दोनो की सास उस सुनसान से बगीचे मे चारो तरफ गुज रही थी पर हम रूक नही रहे थे मै मशीन की रफ्तार से बूर चोद रहा था मैने कूछ घंटे पहले ही मूठ मार के अपना वीर्य गिरा दिया था तो मेरा वीर्य निकलने मे समय लेने वाल था वैसे भी जब मुझे लगता मेरा निकलने वाला है मै रूक जाता त माँ मुझे देखने लगती और चुमने लगी.
उनको दस मिनट तक खड़े खड़े ही चोदा फिर जब पैर दर्द होने लगा तब मै वही जमीन पर ही लेटा दिया और उनके उपर चढ़ गया. बगीचे मे सुखे पत्ते थे तो उसी पर हम दोनो फिर से अपना काम मै शुरू कर दिया इस बार माँ नीचे पीठ के बाल लेटी थी माँ उनके पैर को मोड़ के उनकी टांग चोड़ा किया जिससे बूर एकदम साफ दिख रहा था.
मै झट से उनके उपर चढ़ गया और लण्ड बूर पर सेट करके एक धक्के मे ही घुसा दिया और चोदने लगा इस तरह चोदने मे तो बहुत मजा आ रहा था माँ ने पायल पहन रखा था जो हर धेक्के प छनछन बज रही थी वह मुझे पकड़ के किश करने लगती जब वह पुरे जोश मे होती.
तब मै एक बार पुरे रफ्तार से चोदता फिर रूक के उनकी चूची मसलता ताकि मेरा ध्यान बटे और मेरा वीर्य रूक जाए. जब मेरा मुझे लगता अब मै कंट्रोल मे हूँ तब फिर से उनको चोदने लगता इस तरह से मै अपनी माँ चोद ही रहा था की पीछे से किसी के आने की आहट मुझे सुनाई दिया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – कभी चूत कभी गांड सब में लंड लिया
तो हम उठे झटके से पैट को पहना माँ ब्लाउज के हुक लगाए हुए साड़ी से ढक ली तो मै बोला चलो नही तो हम पकड़े जाएगे हम दौड़ते हुए बाइक तक आये तो वो लड़के भो दौड़ते हुए आये और पूछने लगी कौन है रे मदरचोद मै बिना कुछ बोला बाइक दौड़ा दिया और वहाँ से निकल गया माँ मुझे फिर से अपनी बांहो मे पीछे से पकड़ के बैठी थी, मै इस बार मुझे उनकी नंगी चूची खड़ निप्पल पीठ पर महसूस हो रहे थे. अब हम घर के नजदीक आने पहुंचने वाले थे, तो माँ बोली बाइक को कबी रोको ब्लाउज पहनने है.
तो मै फिर से सुनसान जगह देख के रोका तब वो अपनी ब्लाउज को सही से पहनने लगी जिसमे मै भी उनका मदद कर रहा था। और साथ मे चुची भी मसल रहा था जब वह ब्लाउज पहन ली तो बोली चलो तो मै भी बिना कुछ बोले बाइक पर बैठा और चल दिया इस बार माँ मुझसे दूरी बना के बैठी हम घर पहुंचे तो मेरे छोटे भाई बहन घर पर ही थे माँ सीधा बाथरू म मे गयी मै हॉल मे सोफे पर बैठ गया और सोचने लगा साला वह लड़के हमे पकड़ लेते तो क्या होता पर मै इससे खुश था की अपन माल जैसी माँ को चोद लिया। आगे का भाग अगले अपडेट में…
प्रातिक्रिया दे