Brother Sister First Sex
जैसे कि मैंने अपनी पिछली कहानी में बताया था कि कैसे मैंने अपनी नई चाची को चोदा, और मेरी नजर अब प्रिया पर थी। प्रिया मेरी कजिन है। लेकिन यहाँ तो सब उल्टा ही हो गया। क्योंकि मैं तो प्रिया को चोदना चाहता था, लेकिन मैंने चोदी अपनी बहन को। मेरी बहन, जिसका नाम है सुधा। Brother Sister First Sex
सुधा फर्स्ट ईयर बी.कॉम पढ़ती है। फिगर 34-28-30। बहुत सेक्सी। मेरी चाची के कहने पर सुधा ने भी चाची जैसी लंबे बाल करवा लिए हैं। उसके बाल भी उसके चूतड़ों तक हिलते हैं। और उसके बाल भी चाची जैसे ही सिल्की और घने हैं। अभी उसने उनको कलर किया है, तो वो और भी सेक्सी लगती है। रंग एकदम गोरा, हाइट 5 फुट 6 इंच। बूब्स ओह बूब्स बहुत ही बड़े-बड़े।
हाँ तो जैसे मैंने बताया। मैं अपनी चाची को चाचा दिल्ली से आने तक रोज चोदता था। उसके बाद चाचाजी वापस आ गए। उस वजह से चाची को रोज-रोज चोदने का चांस नहीं मिलता था। कभी-कभार जब घर में कोई नहीं होता या फिर चाचा अगर किसी काम से रात को लेट आने वाले हों तो ही चोद पाता मैं चाची को।
जैसे कि आप सब जानते हैं, ठंड के दिन हैं इसकी वजह से आजकल टेरेस पर सोना भी नहीं होता। अब मैं सोता हूँ अपनी बहन के साथ उसके रूम में। उस दिन मैं रात को लेट घर पहुँचा। और बहन के रूम में गया सोने को तो देखा कि सुधा ने बदन के ऊपर ब्लैंकेट ढका था और मुझे उसके दोनों जाँघों के बीच में कुछ हलचल दिखाई दी।
शायद उसे पता नहीं था कि मैं रूम में आ चुका हूँ। बहुत देर के बाद हलचल बंद हो गई। मैंने सोच लिया कि प्रिया को तो बाद में देखेंगे, पहले सुधा को ही मजा दे देते हैं। उस वक्त रात के 1:30 बज रहे थे। मैंने सोच लिया आज कुछ भी हो जाए, इसे जरूर चोदना है।
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रात के 2:30 बजे के करीब मैं उठा और सुधा के बेड के पास गया। और धीरे-धीरे उसके चूत को ब्लैंकेट के ऊपर से सहलाने लगा। वो सो रही थी। 10 मिनट के बाद मुझे अंदाजा हुआ कि शायद वो जाग गई है, क्योंकि उसने अंगड़ाई ली। उसने वो अंगड़ाई शायद मुझे ग्रीन सिग्नल देने के लिए ही ली होगी। मैं
उसका इशारा समझ गया। फिर ब्लैंकेट के अंदर हाथ डाला और उसकी नाइटी ऊपर उठाकर उसके जाँघों पर हाथ फेरने लगा। ब्लैंकेट हटा दिया। और उसकी नाइटी को पूरी तरह से ऊपर उठाया। उसके निकर के अंदर हाथ डालकर उसकी चूत को सहलाने लगा। वो सिसकारियाँ भर रही थी।
फिर मैंने उसका निकर उतारा। उमम… क्या चूत थी.. चूत के ऊपर काले बालों का जंगल। और उसमें वो गुलाबी रानी। मैंने धीरे से सुधा को बोला, “सुधा, लाइट ऑन करूँ.” बोली, “भैया जो करना है करो, और दरवाजे को कड़ी लगा दो।” मैंने लाइट ऑन की और दरवाजे को कड़ी लगा दी।
मैं फिर सुधा के पास आया। नाइटी उतार दी। अब वो सिर्फ ब्रा में थी। उसके वो दो बड़े-बड़े कबूतर उस ब्रा से बाहर आना चाहते थे। ब्रा उतार गई और वो झट से उभर आए। उम.. व्हाट ए सेक्सी बूब्स दैट वॉज. आह्ह.. मैंने उसे एक-एक करके बारी-बारी अपने मुँह में भरने लगा। बहुत अच्छा लग रहा था।
नीचे मेरा एक हाथ उसकी चूत को सहला रहा था। उसके दाने पर मैंने उँगली रखी तो वो पागल हो गई। मैंने उसके दाने को हिलाया, जोर से हिलाया.. आह्ह। भैया.. क्या कर रहे होओ। वो पागल हो रही थी। मैंने सिर्फ अंडरवियर पहन रखा था, वो उतार दिया। मेरा फनफनाता 7 इंच का लौड़ा बाहर आया।
सुधा तो देखते ही रह गई उसको। मैंने सुधा के बालों की क्लिप निकाल दी तो उसके वो सेक्सी बाल खुल गए। मैंने सुधा के पैरों को फैला दिया। और उसकी चूत में अपनी जीभ डाली, और उसे चाटने लगा…. आह्ह.. क्या नमकीन थी उसकी चूत.. वैसे भी उसकी चूत बहुत गीली हो गई थी तो और मजा आ रहा था चाटने में।
सुधा तो पागल हो चुकी थी.. आह्ह… आआ….. चाटो मेरी चूत को, पी जाओ सारा पानी… आह्ह… मैं पागल हो जाऊँगी… पहली बार किसी मर्द ने उसे छुआ है… आह्ह भैया… उमम… मैं सुधा की चूत को और चाटने लगा। उमम मुच मुच मुच मुच… अब मैं ऊपर आया और उसकी चूत में उँगली करने लगा।
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तो वो पागल हो गई.. उमम आह्ह भैया चोदो इस पानी बहन को…। आह्ह…। मैंने सुधा को कहा, “रानी चलो अब अपने भैया के लंड के साथ खेलो.” उसने मेरा लंड अपने हाथ में थाम लिया.. और हिलाने लगी… उसके रेशमी बाल मेरे बदन पर नाच रहे थे तो वैसे ही मुझे आग लग रही थी… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मेरा लंड वो हिला रही थी, हिलाते-हिलाते उसने अपनी जीभ मेरे पेट के ऊपर रखी और धीरे से चाटने लगी… आह्ह… उसने मेरे लंड को अपने दोनों बूब्स में पकड़ा और हिलाने लगी उसको… आह्ह.. बहुत अच्छा लग रहा था… उसके रेशमी बाल मेरे पेट के ऊपर थे और हिला रहे थे तो गुदगुदी हो रही थी… उमम…
उसने अब मेरा लंड अपने मुँह में भर लिया… आह्ह… सुधा उसे पागलों की तरह चाटने लगी.. उम, सुधा उसको अपने मुँह में हिला रही थी… चाट रही थी उसको.. चूस रही थी… वो पूरी तरह से पागल हो चुकी थी। आह्ह, क्या हसीन प्रियाभव था वो.. उमम.. वो और जोर से मेरे लंड को चूसने लगी…
मैंने उसे बोला, “सुधा निकाल दो बाहर, मेरा झड़ने वाला है।” तो उसने उसे और जोर से मुँह में दबाया और जोर से चूसने लगी। आह्ह मेरा लंड उसके मुँह में ही झड़ गया.. मेरा सारा कम उसके होंठों पर और गालों पर बिखरा था… 10 मिनट वैसे ही चूसती रही उसको.. मेरे लंड में फिर से जान आ गई और वो फिर से फनफनाने लगा।
अब मैंने उसे नीचे लिटाया। और उसके पैर फैलाए। वो बोली, “भैया, धीरे.. पहली बार कर रही हूँ।” मैंने कहा, “ठीक है रानी।” मैंने उसकी चूत को फैला दिया और मेरा 8 इंच का लंड उसकी चूत के मुँह पर रख दिया.. और एक धीरे से झटका दिया.. तो वो एकदम धीरे से चीखी. आह्हा…
अब मेरे लंड का सिर्फ टॉप उसके अंदर जा चुका था… अब मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया और इतना जोर से झटका मारा कि मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और वो बहुत जोर से चीखने की कोशिश कर रही थी लेकिन मेरा हाथ उसके मुँह पर था इसलिए उसकी आवाज अंदर ही दब गई.. उसकी चूत फट चुकी थी, उसमें से खून बाहर आ रहा था..
मैंने उसे नहीं बताया कि उसकी चूत में से खून आया है। सुधा बोली, “भैया बहुत दर्द हो रहा है, निकाल दो बाहर..” मैंने एक न मानी और वैसे ही उसके शरीर पर पड़ा रहा 10 मिनट। जब उसका दर्द कम हो गया तो मैंने धीरे-धीरे झटके लगाने शुरू किए,,,, वो जोश में आ रही थी।
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उसे मजा आ रहा था.. आह्ह उमम यम्म चोदो मुझे, फाड़ डालो मेरी चूत को… आह्ह भैया जाओ रे जाओ तुझ्या भिनीला.. फाड़ीन तक तिची पुछी… आह्ह,, भैया फाड़ रे पुछी माझी भाईये जाव मला जावुन तक तुझ्या बहिनीच्या पुछीला… तिची खाज मिटावुन तक…. चोद डालो अपनी बहन को…. फाड़ डालो उसकी चूत को… उमम आह्ह… मेरा जोश बढ़ रहा था…
मैं उसे जोर-जोर से झटके लगा रहा था… 15 मिनट के बाद वो झड़ गई, मुझे उसकी चूत में गीला पन महसूस हुआ… वो शांत हो गई लेकिन मेरे झटके लगाना जारी ही था… 5 मिनट बाद वो फिर जोश में आ गई… फिर मुझे रिस्पॉन्स देने लगी… मैं उसे चोद रहा था…
15 मिनट के बाद मेरा लंड झड़ने को आया तो मैंने तुरंत उसे बाहर निकाला और उसके मुँह में मेरा पानी छोड़ दिया… आह्ह ह्ह्ह, उमम बहुत मजा आया था… सुधा बहुत खुश नजर आ रही थी… मैं और वो उस रात ४ बार चुदाई कर चुके थे… उसे बहुत आनंद आ रहा था… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
दूसरे दिन वो बहुत खुश नजर आ रही थी,,, बहुत मजा आया.. दो हफ्तों तक मैंने उसकी रोज रात को जमकर चुदाई की… इधर नई चाची भी जोश में थी। दो हफ्तों के बाद मुझे चाचाजी को मुंबई जाना था काम के लिए। अब मैं फँस गया था.. क्योंकि चाची बोली चाचा जाने के बाद तू ऊपर आ जा सोने को, और इधर सुधा मुझे छोड़ नहीं रही थी।
तो फिर मैंने चाची और मेरे बारे में सुधा को बताया। तो वो बोली, “तुम जाकर चाची को बोलो कि आज रात हमारे रूम में सोने को आ जाएँ, और फिर हम तीनों आज रात जमकर मजा करेंगे।” मैं चाची के पास गया और उसको मेरे और सुधा के बारे में बताया। पहले तो वो गुस्सा हो गई, लेकिन बाद में मान गई..
रात को चाची हमारे रूम में आई.. पहले तो घर वाले सोने तक हमने खूब गप्पे लगाए.. रात के 1:30 बजे तक.. फिर चाची बोली, “बेटा जा जाकर देख कि सब सोए हैं या नहीं।” मैंने देखा.. घर वाले सब सो गए थे.. मैं रूम में आया और रूम का दरवाजा बंद किया।
चाची और सुधा दोनों भी नाइटी पहने, और दोनों के लंबे काले घने बाल छोड़े हुए मेरे सामने बैठी थीं, अब मैं क्या करूँ कुछ समझ में नहीं आ रहा था… दोनों भी सेक्सी मेरे सामने मुझे आमंत्रित कर रही थीं। क्या करूँ कुछ समझ में नहीं आ रहा था। फिर चाची बोली, “बेटे कन्फ्यूज क्यों होता है, चल आ जा.. पहले मेरे से कर।”
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तो मैं चाची के पास गया। और चाची को लिटाया.. मैं चाची के ऊपर आ गया.. इधर सुधा उसके बूब्स सहला रही थी.. मैंने चाची की नाइटी उतार दी। चाची अब निकर और ब्रा में थी। मैंने चाची की ब्रा और निकर को उतार दिया.. आह्ह क्या लग रही थी चाची.. उमम मैंने चाची के मम्मे को अपने हाथों में भर लिया और उन्हें दबाने लगा..
मैंने चाची के मुँह में मुँह डाला और उसे पागलों की तरह किस करने लगा। चाची भी जोश में आ गई थी, आह्ह उमम मैं चाची के बूब्स को अपने मुँह में भरने की कोशिश कर रहा था लेकिन वो इतने बड़े थे कि ये नामुमकिन था.. मैं उसके निप्पल को चूस रहा था..
चाची उधर सिसकारियाँ भर रही थी,, स्स्स सुमित क्या कर रहा है तू,, मार डालेगा क्या अपनी चाची को आह्ह आउम,, मैं भी जोश में आ गया.. मैंने अपनी टी-शर्ट और ट्रैक पैंट उतार दी… मैं अब सिर्फ अंडरवियर पर था.. मैंने चाची के ऊपर सो गया.. मेरा लंड अंडरवियर के अंदर से चाची के निकर पर घिस रहा था…
मैंने चाची का निकर उतार दिया और अपनी अंडरवियर भी.. उधर एक बार सुधा की तरफ देखा तो वो पहले से ही अपने सारे कपड़े उतार चुकी थी और अपनी चूत को सहला रही थी। मैंने उसे इशारे से पास बुलाया.. सुधा आई तो मैंने उसे मेरा लंड थमा दिया, अब सुधा मेरे लंड के साथ खेल रही थी और मैं चाची की चूत को सहला रहा था।
मैंने चाची की चूत को खोल दिया और चाची की चूत को चाटने लगा.. उमम चाची पागल हो रही थी, आह्ह्ह्ह आउम स्स्स… आह्ह चाची की सिसकारियों ने मुझमें जोश भर दिया था,,,, आह्ह चाची बहुत ही सेक्सी है.. आह्ह। मैं चाची की चूत को चाट रहा था… उसके दाने के साथ मैं खेल रहा था… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
सुमित राजा तुझी काकू वाट बघते आहे रे तुझ्या लवड्याची… आह्ह झावा रे तुझ्या काकूच्या पुछीला… आह्ह ,, तुझ्या काकूच्या पान्यात तुझे पानी मिसळून टाक रे.. आह्ह झाव ना… का ट्रास देतो आहे.. काकू वेडी झाली होईत…. आह्ह उम चाची रुको ना थोड़ी देर…
इधर सुधा मेरे लंड को चूस रही थी… अब मैंने सुधा को नीचे लिटाया.. और चाची उसकी चूत चाटने लगी डॉगी स्टाइल में बैठकर… मैं पीछे आया और चाची की चूत पर मेरा लौड़ा रखा और पूछा.. “मारू क्या.” उमम मार…. मैंने बहुत जोर का धक्का चाची की चूत में लगाया, अब तो चाची की चूत भी बहुत बड़ी हो गई थी, इसलिए मेरा लंड पूरा अंदर चला गया..
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चाची ने धीरे से सिसकारी भरी उमम.. सुमित मार्र…. मैं इधर झटके लगाने लगा… आह्ह.. उधर सुधा की चूत में से चाटने की आवाजें आ रही थीं पुछ पुछ पुछ,,, मेरा लंड बहुत जोश में था, मैं चाची की चूत को मार रहा था… पिचक पुठुक.. पिच पुटच,,,, आह्ह उम उम उम उम उम उम उम उम उम आह उम आह उम आह उम आह उम आह उम आह उम आह उम आह उम आह उम आह उम आह इन आवाजों से कमरा दुमदुमा चुका था…
आह्ह मैंने चाची के लंबे बालों को पकड़ा और उसकी चूत और जोर से मारने लगा,,,, चाची झड़ चुकी थी इसलिए उसका जोश ठंडा हो गया और उसने सुधा की चूत को चाटना बंद किया… लेकिन मैं चालू था,,,,,, चाची फिर जोश में आ गई, और फिर से वो सुधा की चूत को चाटने लगी… उमम सुधा भी पागल हो चुकी थी, मैं चाची की चूत को और जोर से मारने लगा…
मेरा लंड अब झड़ने वाला था… मैंने चाची से बोला कि मेरा पानी छू रहा है.. वो बोली ,, “सोड रे सोड ते पानी तुझ्या काकूच्या पुछीत.” (चोद दे वो पानी तेरी चाची की चूत में)। आह्ह। मैं झड़ गया और मैंने मेरा कम चाची की चूत में छोड़ दिया… आह्ह वो पागल हो गई… उमम… अब चाची बाजू में हट गई… मैं भी ठंडा हो गया था..
सुधा बोली, “भैया मेरा क्या होगा.” मैं बोला, “अब इस लंड में वापस जान डालने का काम तेरा है.” सुधा मेरे ऊपर आ गई और मेरे लंड को सहलाने लगी… उसने मेरा लंड मुँह में भर लिया.. उम उम उम उम उम , वो उसे अपने मुँह में हिला रही थी, उमु उम उ उम उम आह हाह आह आह..
उसके लंबे बाल मेरे जाँघों और पेट पर नाच रहे थे,, मुझमें फिर से जोश भरने लगा था.. मैंने सुधा को नीचे लिटाया और उसकी चूत को चाटने लगा… उमम वो सिसकारियाँ भरने लगी। स्स्स आह्ह भैया….. आज फाड़ दे इसे… आह आह आह्ह्ह उमम,, मैंने उसके दाने को काटा तो पागल हो गई… उमम आह्ह बहुत मजा आ रहा था… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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चाची में फिर से जोश आ गया, और वो सुधा के बूब्स को चाटने लगी.. मैंने सुधा के पैरों को मेरे कंधे के ऊपर लिया और मेरा लंड उसकी चूत पर रख दिया, अभी-अभी भी सुधा की चूत टाइट होने की वजह से लंड अंदर जाने में दिक्कत हो रही थी.. मैंने चाची से बोला कि सुधा के मुँह पर हाथ रखे।
चाची ने उसके मुँह पर हाथ रखा और मैंने बहुत जोर का झटका दिया… वो चिल्लाने की कोशिश कर रही थी लेकिन उसकी आवाज अंदर ही दब गई… फिर से चाची ने उसके बूब्स को सहलाया, उसके मुँह में मुँह डाला, 5 मिनट के बाद मैं उसे झटके मारने लगा तो वो जोश में आ गई.. उम उम उम उम उम उम आह उम आह उम आह उम आघ उम आह उम आह उम आह उम आह उम आह उम आह उम आह उम आह उम आ…
मैं उसे झटके मार रहा था.. 15 मिनट के बाद वो झड़ गई लेकिन मैं चालू था आह आह आह आह, वो फिर जोश में आने का नाम ही नहीं ले रही थी.. सुधा अब बहुत ही ठंड हो चुकी थी, और उसकी खुजली मिट चुकी थी… लेकिन मैं तो जोश में ही था..
सुधा बोली, “भैया बस करो..” प्लीज… मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो वो तना हुआ ही था, अब सुधा दूसरी तरफ मुँह करके सो गई… चाची ने मुझे फिर से आमंत्रित किया.. मैं चाची के ऊपर आया और उसके जाँघों पर हाथ फेरने लगा… चाची ने अपने पैर फैला दिए.
चाची की चूत का अब भोसड़ा बन गया था लेकिन फिर भी मुझे वो मारने में बहुत मजा आता… मैंने चाची की चूत पर अपना लौड़ा टिका दिया, और एक झटका मारा जोर का, मेरा पूरा लंड चाची के अंदर जा चुका था, चाची ने एक सिसकारी भर ली.., मैं चाची को ठोकने लगा…
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ऐ गा,,,, काकू, रंडी,, चिनाल तुझ्या पुछीतली खाज मिटत का नाही गा.. अरे भड़व्या तुझ्या सारखा मोठ्या लवड्याची खाज कशी मिटेल…. आह आह आह आह आह आइ गा मैं चाची को चोद रहा था… आह्ह बहुत मजा आ रहा था, 10 मिनट ठोकने के बाद मैं और चाची साथ में ही झड़ गए… आह्ह… उमम , बहुत मजा आया, मैं चाची के ऊपर वैसे ही सोया रहा,, हम दोनों इतने थक चुके थे कि कब आँख लगी पता ही नहीं चला… सुबह अलार्म की वजह से 5 बजे मेरी नींद खराब हो गई तो पता चला कि मेरा लंड अभी भी चाची के अंदर है…
मैं उठा और इन दोनों को भी उठाया.. हम तीनों फिर से एकदम अच्छे हो गए, मतलब तीनों ने अपने-अपने नाइट ड्रेस पहन लिए, सब साफ किया और रूम का दरवाजा खोलकर सो गए… बहुत मजा आया था उस रात, अगर चाचा नहीं आता दूसरे दिन तो हमारा यही प्रोग्राम रिपीट करने का इरादा था.. तो दोस्तों अपने उठे हुए लंडों को हिलाकर उसमें से पानी बाहर निकाल दीजिए, उसे ऐसा मत छोड़िए। और मेरी रसीली चूत वालियों, आप भी अपनी चूत में उँगली करके उसे झाड़ा दीजिए..मराठी भाई बहन ने सेक्स ट्राई किया
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