Jija Sali Desi Sex Kahani
ये एक सच्ची कहानी है। मेरी उम्र 25 साल की है। मेरा बदन एकदम गठीला है और मेरी लंबाई 5 फीट 11 इंच है। मेरा लंड 8.5 इंच लंबा और काफी मोटा है। ये उस समय की बात है जब मैं अपने भैया के ससुराल गया था। मैं उस समय 20 साल का था। मेरे भैया की दो सलियाँ थीं, सुधा और अनीता। Jija Sali Desi Sex Kahani
सुधा 19 साल की और अनीता 18 साल की थी। मैं पहले भी कई बार भैया के ससुराल जा चुका था। अनीता बहुत ही चंचल थी, लेकिन सुधा उससे भी ज्यादा चंचल थी। वो मुझसे बहुत मजाक करती थी। सुधा ने कई बार मजाक-मजाक में मेरे गालों को काट भी लिया था।
एक दिन उन दोनों ने कहा, “जीजू, चलो आज पिक्चर देखने चलते हैं।”
मैंने कहा, “ठीक है।” पिक्चर हॉल वहाँ से बहुत दूर था।
हमें मैंटिनी शो देखना था। इसलिए हम तीनों पिक्चर देखने के लिए दोपहर 2 बजे ही घर से निकल गए। मैंने एक ऑटो लिया। हम ऑटो में बैठे तो सुधा और अनीता बहुत मुस्कुरा रही थीं।
मैंने पूछा, “क्या बात है, तुम दोनों बहुत मुस्कुरा रही हो?”
सुधा बोली, “कुछ नहीं, ऐसे ही।”
मैंने कहा, “जरूर कोई बात है।”
सुधा बोली, “अभी थोड़ी देर में मालूम हो जाएगा।”
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मुश्किल से 1 किमी जाने के बाद सुधा ने एक घर के सामने ऑटो को रुकवा दिया और बोली, “मेरी एक सहेली अंकिता यहाँ रहती है। वो भी पिक्चर देखने जाना चाहती है। आओ, अंदर चलकर उसे भी साथ ले लेते हैं।” मैंने ऑटो वाले को पैसे दिए और अनीता और सुधा के साथ अंकिता के घर चला गया। अंकिता ने सुधा को देखा तो मुस्कुराते हुए बोली, “ले आई तुम जीजू को।”
सुधा ने कहा, “हाँ, मैं ले आई हूँ।”
सुधा और अनीता अंकिता के पास सोफे पर बैठ गईं। सुधा और अंकिता ने गपशप शुरू कर दी। अंकिता की उम्र भी लगभग 18 साल की थी। वो सुधा की सहेली थी। 15 मिनट गुजर गए तो मैंने सुधा से कहा, “पिक्चर नहीं जाना है क्या? बहुत देर हो रही है।”
वो बोली, “जीजू, असली शो तो यहाँ होगा। पिक्चर तो एक बहाना था। असल में तो हम तीनों को आपसे चुदवाना था।”
मैं सक्ते में आ गया, लेकिन अंदर ही अंदर बहुत खुश था। आज मुझे एक ही दिन में तीन चूतों को चोदने का मौका मिलने वाला था। उन तीनों ने ब्लाउज और मिनी स्कर्ट पहन रखा था। चुदाई के बारे में सोचकर मेरा लंड पैंट के अंदर ही खड़ा हो गया। मैंने उसे दबाना चाहा तो अंकिता बोली, “जीजू, पैंट के अंदर क्या छुपा रहे हैं? जरा देखूँ तो।”
वो मेरे पास आई और मेरी पैंट की चेन खोलने लगी। मैंने आज अंदर चड्डी नहीं पहनी थी। चेन खोलने के बाद उसने मेरे लंड को अपने हाथों में पकड़ लिया और बोली, “आपका तो बहुत बड़ा है। आज तो खूब मजा आएगा।” मेरा पूरा लंड अभी बाहर नहीं निकला था।
मैंने कहा, “अगर तुम तीनों को मुझसे चुदवाना है तो पहले तुम तीनों अपने कपड़े उतार दो और एकदम नंगी हो जाओ।”
वो तीनों बहुत जोश में थीं। सुधा बोली, “हम सभी अपने कपड़े अभी उतार देते हैं।” वो तीनों अपने कपड़े उतारने लगीं और 2 मिनट में ही मेरे सामने एकदम नंगी हो गईं। नंगी होने के बाद वो तीनों किसी मॉडल की तरह अलग-अलग स्टाइल में अपने बदन को मुझे दिखाने लगीं। मेरा लंड एकदम तन गया।
उन तीनों की चूतें एकदम गुलाबी थीं और उन पर एक भी बाल नहीं था। उन सब ने पूरी तैयारी कर रखी थी। मैं उन तीनों को चोदने के सपने देखने लगा। सुधा बोली, “जीजू, अब तुम भी अपने कपड़े उतारो और अपने पूरे लंड के दर्शन कराओ।” मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और एकदम नंगा हो गया।
मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा था। मेरे लंड को देखकर सुधा बोली, “जीजू, तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है।” उसके बाद सुधा ने मुझे बेड के किनारे पर बिठा दिया और मेरी गोद में बैठ गई और अपनी चूत से मेरे लंड को दबाते हुए मेरे होंठों को चूमने लगी। अंकिता भी मेरे बाएँ तरफ आकर बैठ गई और मेरे गालों को जोर-जोर से चूमने लगी।
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अंकिता अपनी चूचियाँ मेरे बदन पर रगड़ने लगी। उसके दोनों निप्पल एकदम टाइट हो गए थे। अनीता आकर मेरे दाएँ तरफ बैठ गई और मेरा लंड सहलाने लगी। मेरा लंड तनकर एकदम लोहे की तरह हो गया। अंकिता ने मेरा हाथ अपनी चूचियों पर रख दिया और मैं उसकी निप्पल्स को मसलने लगा।
अनीता अभी भी मेरा लंड सहला रही थी। मैंने एक हाथ से बारी-बारी से उनकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया। सुधा बहुत ही ज्यादा जोश में आ गई थी। उसने मेरी उंगली पकड़कर अपनी चूत में डाल दी तो मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में अंदर-बाहर करनी शुरू कर दी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
सुधा मुझे बहुत जोर-जोर से चूमने लगी। वो एकदम जोश से पागल हो रही थी। उसने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे लंड को चूसने लगी। अंकिता और अनीता एक-दूसरे को चूमने लगीं और एक-दूसरे की चूत को सहलाने लगीं। वो दोनों भी एकदम जोश में आ गई थीं।
सुधा मेरे ऊपर 69 की पोजीशन में हो गई और मेरे लंड को बहुत तेजी के साथ चूसने लगी। मैंने अपनी एक उंगली सुधा की चूत में डाल दी। उसकी चूत एकदम गीली हो गई थी और मेरी उंगली एकदम भीग गई। मैंने अपनी उंगली उसकी चूत से निकालकर उसकी गांड में डाल दी तो उसे थोड़ा दर्द हुआ।
उसने मुझसे अपनी उंगली गांड से निकालकर चूत में डालने को कहा। मैंने अनीता से सुधा की चूची को चूसने को कहा जिससे उसे दर्द का एहसास न हो। अनीता ने सुधा की चूची को चूसना शुरू कर दिया और सुधा शांत हो गई। अंकिता भी सुधा के पास आ गई और उसकी चूचियों को मसलने लगी।
सुधा की चूत एकदम गीली हो गई थी। मैंने सबसे पहले सुधा को चोदने का मन बनाया। मैंने सुधा को बेड पर लिटा दिया और उसकी टाँगों के बीच आ गया। मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। वो और जोश में आ गई और बोली, “जीजू, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है। जल्दी डालो अपना लंड मेरी चूत में। खूब जोर-जोर से चोदो मुझे।”
मैंने उसके चूतड़ के नीचे दो तकिए रख दिए तो उसकी चूत एकदम ऊपर उठ गई। मैंने अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के बीच रखकर अंदर दबाया तो उसकी आँखों में आँसू आ गए तो मैं रुक गया। उसकी चूत बहुत टाइट थी। मैंने अनीता और अंकिता से सुधा की चूची को चूसने और मसलने के लिए कहा।
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अनीता और अंकिता ने उसकी चूची को चूसना और मसलना शुरू कर दिया। सुधा और ज्यादा जोश में आ गई और बोली, “जीजू, अपना पूरा लंड घुसा दो मेरी चूत में। खूब जोर-जोर से चोदो मुझे। तुम रुकना मत और मेरे चिल्लाने की कोई परवाह मत करना।” मैंने अपना लंड सुधा की चूत में घुसाना शुरू कर दिया।
थोड़ा जोर लगाने के बाद मेरा आधा लंड सुधा की चूत में घुस गया। सुधा मुझे रोकने लगी लेकिन मैं रुका नहीं और एक जोरदार झटका दिया तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। वो रोने और चिल्लाने लगी तो अनीता और अंकिता ने उसकी चूचियों को और जोर-जोर से मसलना शुरू कर दिया।
वो थोड़ा शांत हुई तो मैंने धीरे-धीरे धक्का लगाना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर की चुदाई के बाद वो अपना दर्द एकदम भूल गई और अपना चूतड़ उठाने लगी। उसे चूतड़ उठाता देखकर मैंने उसे तेजी के साथ चोदना शुरू कर दिया। उसे बहुत मजा आ रहा था।
वो बोली, “जीजू, जोर-जोर से धक्के लगाओ। फाड़ दो मेरी चूत को आज। खूब तेजी के साथ चोदो मुझे। आह्ह… तुमने आज के पहले मुझे क्यों नहीं चोदा।”
मैंने कहा, “तुमने कभी मौका ही नहीं दिया। आज मौका मिला है तो मैं तुम तीनों को खूब चोदूँगा।”
मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी। वो अपना चूतड़ उठा-उठाकर मेरा साथ देते हुए चुदवा रही थी। 15 मिनट की चुदाई के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया। सुधा भी इस बीच 2 बार झड़ चुकी थी। सुधा उठी और उसने मेरा लंड देखा। मेरे लंड पर कुछ खून भी लग गया था।
वो मुझे बाथरूम ले गई और मेरे लंड को साबुन लगाकर साफ किया और उसके बाद उसने अपनी चूत को साफ करने लगी। थोड़ी देर में हम दोनों बाथरूम से वापस आ गए। अनीता और अंकिता एक-दूसरे की चूत को चाटने में मस्त थीं। मुझे देखते ही उन दोनों ने मुझे पकड़कर बेड पर लिटा दिया। वो दोनों बहुत ही जोश में थीं और दोनों ने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया।
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अंकिता ने मुझसे कहा, “जीजू, अब आप मुझे चोदो।”
अनीता बोली, “पहले मैं चुदवाऊँगी।”
अंकिता बोली, “ठीक है, पहले तुम ही चुदवा लो।”
सुधा ने अनीता से मेरे ऊपर 69 की पोजीशन में होने को कहा। अनीता मेरे ऊपर 69 की पोजीशन में हो गई और मेरे लंड को सहलाने लगी। उसकी चूत एकदम मेरे मुँह के पास थी। सुधा ने अनीता से मेरा लंड चूसने को कहा तो अनीता ने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया। अनीता ने अपने मुँह से मेरा लंड बाहर निकाला तो सुधा मेरे लंड को चूसने लगी।
दोनों बारी-बारी से मेरा लंड चूसने लगीं। अंकिता बैठकर एक हाथ से अपनी चूत को सहला रही थी और दूसरे हाथ से अपनी चूचियों को मसल रही थी। मैं अनीता की चूत को चाटने लगा। सुधा और अनीता मेरा लंड चूस रही थीं। मैं भी पहली बार एक साथ दो लड़कियों से अपना लंड चुसवाने का मजा ले रहा था।
मैंने अपनी एक उंगली अनीता की चूत में डालने की कोशिश की। उसकी चूत बहुत ही टाइट थी। मेरी उंगली उसकी चूत में केवल 1 इंच ही घुस पाई। मैं समझ गया कि अनीता को चोदने में मुझे ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। मैंने अपनी उंगली उसकी चूत से निकाल ली और अपने मुँह में डालकर एकदम गीला कर दिया।
उसके बाद मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डालने की कोशिश करने लगा। अनीता मेरा लंड चूसते हुए अपने चूतड़ को आगे-पीछे कर रही थी। वो भी मेरी उंगली को अपनी चूत के अंदर लेना चाहती थी। मैंने अपनी उंगली पर थोड़ा सा जोर दिया तो मेरी आधी उंगली उसकी चूत में घुस गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अनीता को दर्द हुआ तो वो चिल्लाने लगी। मैंने अपनी आधी उंगली उसकी चूत में धीरे-धीरे अंदर-बाहर करनी शुरू कर दी तो वो जोश में आ गई और शांत हो गई। वो जैसे ही शांत हुई तो मैंने अचानक अपनी पूरी उंगली उसकी चूत में घुसा दी। वो जोर से चीख उठी तो मैं रुक गया।
थोड़ी देर बाद जब वो कुछ शांत हुई तो मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में अंदर-बाहर करनी शुरू कर दी। वो और ज्यादा जोश में आ गई। वो सिसकारियाँ भरते हुए मेरे लंड को तेजी के साथ चूसने लगी। अनीता की चूत एकदम गीली हो चुकी थी और वो चुदवाने के लिए तैयार हो गई।
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सुधा ने अनीता से कहा, “अब तू अपनी चूत के अंदर जीजू का लंबा और मोटा लंड लेने के लिए तैयार हो जा। थोड़ा दर्द होगा, बर्दाश्त कर लेना। ज्यादा चिल्लाना मत।”
अनीता बोली, “ठीक है। जीजू, जरा धीरे-धीरे डालना, प्लीज।”
अनीता की चूत बहुत ज्यादा टाइट थी। मैं जानता था कि उसकी चूत में लंड घुसाने के लिए उसकी चूत और मेरे लंड को एकदम गीला करना पड़ेगा। मैंने सुधा और अंकिता से कहा कि तुम दोनों अपने थूक से मेरा लंड और अनीता की चूत को एकदम गीला कर दो। उन दोनों ने वैसा ही किया।
मैंने अनीता की चूत के बीच अपना लंड रखा और अंदर दबाने लगा। मैंने बहुत थोड़ा सा ही दबाया कि वो बहुत जोर-जोर से चिल्लाने लगी। सुधा मुझसे बोली, “जरा धीरे-धीरे करो। इसकी उम्र अभी कम है। इसकी चूत भी बहुत टाइट है।” मैंने थोड़ा और दबाया तो अनीता रोने लगी। मैं रुक गया। मेरा लंड अभी अनीता की चूत में केवल 2 इंच ही घुसा था।
मैंने सुधा और अंकिता से कहा कि तुम दोनों इसकी चूचियों को चूसो और मसلو, तब ये शांत होगी। वो दोनों उसकी चूचियाँ चूसने और मसलने लगीं। वो थोड़ी देर में कुछ शांत हो गई। मैंने अपना लंड धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। जब मेरा लंड उसकी चूत में 2 इंच तक आराम से अंदर-बाहर होने लगा तो मैंने थोड़ा सा और अंदर दबा दिया।
वो फिर चीख उठी और रोने लगी। अब तक उसकी चूत ने मेरा लंड 4 इंच तक निगल लिया था। मैंने फिर धीरे-धीरे अपना लंड 4 इंच ही अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। 5 मिनट बाद उसका दर्द जाता रहा और वो मस्त होकर चुदवाने लगी। मैंने अब ज्यादा देर करना ठीक नहीं समझा और पूरी ताकत लगाते हुए एक बहुत ही जोरदार धक्का लगा दिया।
मेरा लंड एकदम जड़ तक उसकी चूत में समा गया। वो बहुत तेज-तेज चिल्लाने और रोने लगी। वो अपना हाथ भी पटकने लगी। सुधा ने मुझसे कहा, “तुमने ये क्या कर दिया? ये अभी कमसिन है और इसकी चूत बहुत छोटी है। मैंने तुमसे धीरे-धीरे डालने को कहा था। लेकिन तुमने एक झटके से ही अपना पूरा लंड इसकी चूत में डाल दिया।”
मैंने कहा, “जब वो मेरा लंड 4 इंच तक अंदर ले चुकी है तब ज्यादा देर करना ठीक नहीं था, वरना ये मेरा पूरा लंड अपनी चूत के अंदर नहीं ले पाती। अब जब ये मेरा पूरा लंड अपनी चूत में ले चुकी है तो इसका सारा दर्द अभी थोड़ी ही देर में खत्म हो जाएगा।”
मैंने धीरे-धीरे धक्का लगाते हुए उसे चोदना शुरू कर दिया। 10 मिनट की चुदाई के बाद ही वो एकदम शांत हो गई और वो अपना सारा दर्द भूल गई। अब वो अपना चूतड़ उठा-उठाकर मेरा साथ देने लगी। मैंने अपनी स्पीड थोड़ा और तेज कर दी तो वो अपना चूतड़ और तेजी के साथ ऊपर उठाने लगी।
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अब वो मेरे हर धक्के का जवाब दे रही थी। मैंने उसे साथ देते देखा तो अपनी स्पीड बहुत तेज कर दी और उसे एक आंधी की तरह चोदने लगा। सुधा उसकी चुदाई देखकर बहुत खुश थी। वो अनीता के चूचियों को चूसने और मसलने लगी। अनीता भी बहुत जोश में आकर चुदवा रही थी। वो अपने हाथ से मेरा सिर पकड़कर मेरे बालों को सहला रही थी।
कुछ देर बाद उसने मुझे बहुत जोर से पकड़ लिया तो मैं समझ गया कि वो अब झड़ने वाली है। मैंने खूब तेज धक्का लगाना शुरू कर दिया। 8-10 धक्के के बाद ही वो झड़ गई। झड़ने के बाद वो कुछ देर के लिए सुस्त हो गई लेकिन मैंने उसकी चुदाई जारी रखी।
मैंने अनीता को लगभग 30 मिनट तक चोदा और उसकी चूत में ही झड़ गया। इस दौरान वो 3 बार झड़ चुकी थी। अनीता की चूत में झड़ने के बाद मैं हट गया। सुधा अनीता की चूत को देखने लगी। उसकी चूत एकदम चौड़ी हो चुकी थी।
सुधा अनीता की चूत को सहलाते हुए बोली, “दर्द हो रहा है?”
अनीता बोली, “दीदी, आज मुझे जो मजा आया उसके आगे ये दर्द कुछ भी नहीं है। मैं नहीं जानती थी कि चुदवाने में इतना मजा आता है। पहले जब थोड़ा सा दर्द हुआ तो मैं घबड़ा गई थी। तुमने आज मुझे जिंदगी का वो मजा दिलाया है कि मैं जिंदगी भर नहीं भूल पाऊँगी।”
अनीता फिर मुझसे बोली, “जीजू, मुझे ये मजा लेने के लिए दीदी ने राजी किया था। आपने ही मुझे ये मजा दिया है। मैं आपको जिंदगी भर याद रखूँगी। आप ही मेरे पहले पति हैं।”
मैं 15 मिनट तक बैठकर आराम करता रहा। उसके बाद मैंने अंकिता से कहा, “अब तुम्हारी बारी है। पहले बाथरूम चलकर मेरा लंड साबुन से साफ करो। उसके बाद मैं तुम्हारी चुदाई करता हूँ।” अंकिता मेरे साथ बाथरूम गई। उसने मेरे लंड पर साबुन लगा दिया और खूब रगड़-रगड़कर साफ किया।
इस बार मेरे लंड पर कुछ ज्यादा ही खून लगा था। मैं अंकिता के साथ बाथरूम से वापस आया। साबुन लगाकर खूब रगड़ने की वजह से मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था। मैं बेड पर बैठ गया। अंकिता मेरी टाँगों के बीच बैठ गई और मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी। 5 मिनट चूसने के बाद मेरा लंड एकदम तन गया।
मैंने अंकिता को बेड पर लिटा दिया और उसके ऊपर 69 की पोजीशन में हो गया। मैंने अंकिता की चूत को चाटना शुरू कर दिया और वो मेरा लंड चूसने लगी। थोड़ी देर तक उसकी चूत को चाटने के बाद मैंने एक उंगली अंकिता की चूत में डाल दी। उसकी चूत भी एकदम टाइट थी लेकिन अनीता की तरह नहीं। मेरी उंगली उसकी चूत में पूरी घुस गई और मैंने अपनी उंगली अंदर-बाहर करनी शुरू कर दी।
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2 मिनट में ही उसकी चूत एकदम गीली हो गई। वो अब चुदवाने के लिए तैयार हो चुकी थी। मैं उसके ऊपर से हट गया और उसकी टाँगों के बीच आ गया। अंकिता बोली, “जीजू, आप लेट जाओ। मैं आपका लंड अपनी चूत में घुसाऊँगी।” मैंने कहा, “ठीक है।” मैं बेड पर लेट गया।
अंकिता मेरे ऊपर आ गई। उसने मेरे लंड के सुपाड़े को अपनी चूत के बीच रखा और धीरे-धीरे रगड़ने लगी। थोड़ी देर तक वो अपनी चूत को मेरे लंड पर रगड़ती रही। उसके बाद वो अपने पूरे बदन का भार डालते हुए एक झटके से ही मेरे लंड पर बैठ गई।
उसके मुँह से एक जोरदार चीख निकली और वो अपने सिर का बाल नोचने लगी। मैं अंकिता को देखता ही रह गया। मेरा लंड उसकी चूत में एकदम जड़ तक घुस चुका था। सुधा और अनीता भी अंकिता को देखती ही रह गईं। उसकी चूत से खून निकल आया था।
सुधा ने अंकिता से कहा, “तू जीजू के लंड पर एक झटके से क्यों बैठ गई? तुझे धीरे-धीरे अंदर लेना चाहिए था।”
अंकिता बोली, “तुम दोनों को चुदवाते हुए देखकर मैं जोश के कारण बेकाबू हो गई थी। मैं जीजू का लंड एक झटके से ही अंदर लेना चाहती थी, इसलिए अचानक उनके लंड पर बैठ गई। दर्द तो बहुत हो रहा है लेकिन ये अब खत्म हो जाएगा।”
थोड़ी देर अंकिता मेरे लंड पर बैठी रही और उसके बाद उसने मेरा लंड अपनी चूत में धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। कुछ देर के बाद जब उसकी चूत में मेरे लंड की जगह बन गई तो उसका दर्द कम हो गया। अंकिता ने थोड़ा तेज धक्का लगाना शुरू कर दिया और 2 मिनट बाद ही वो झड़ गई।
झड़ने के बाद वो मेरे ऊपर से हट गई और बोली, “जीजू, अब आप मेरी चुदाई करो।” अंकिता बेड पर घोड़ी की तरह बन गई और मुझसे पीछे आकर चोदने को कहने लगी। सुधा और अनीता दोनों अंकिता को देख रही थीं। मैं अंकिता के पीछे आ गया। मैंने उसकी चूत में अपना लंड डालकर अंकिता की चुदाई शुरू कर दी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
घोड़ी की तरह होने से उसकी चूत एकदम चिपक गई थी इसलिए उसे थोड़ी देर दर्द हुआ। लेकिन 2 मिनट की ही चुदाई के बाद उसका सारा दर्द खत्म हो गया और वो अपने चूतड़ को आगे-पीछे करते हुए मुझसे चुदवाने लगी। उसे बहुत मजा आ रहा था। वो सिसकारियाँ भरते हुए मुझसे चुदवा रही थी।
5 मिनट तक चुदवाने के बाद वो दूसरी बार फिर झड़ गई। अंकिता ने अनीता और सुधा से कहा, “तुम दोनों ने जीजू से पहले ही चुदवाया है। मैंने बहुत सब्र इसलिए किया कि जब जीजू तुम दोनों को चोद लेंगे तो जल्दी झड़ेंगे नहीं और मैं खूब मजा लूँगी। अब तुम दोनों बैठकर मेरी चुदाई देखो।”
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अंकिता बहुत ही चालू थी। मैं 1 घंटे में 2 बार झड़ चुका था इसलिए इस बार मेरा पानी जल्दी कहाँ निकलने वाला था। मैंने अंकिता को चोदना जारी रखा। वो खूब मजे ले-लेकर मुझसे चुदवाती रही। लगभग 1 घंटे तक चोदने के बाद मैं अंकिता की चूत में ही झड़ गया। इस दौरान वो 3 बार और झड़ चुकी थी। अंकिता की चूत में पूरा पानी निकलने के बाद मैं हट गया। अंकिता ने इस बार मेरा लंड अपनी जीभ से चाट-चाटकर साफ किया, साबुन से नहीं। अब तक शाम के 6 बज चुके थे। पिक्चर के शो के खत्म होने का समय हो गया था।
अनीता ने सुधा से कहा, “मैं एक बार जीजू से और चुदवाना चाहती हूँ।” सुधा ने कहा, “जब तक जीजू यहाँ हैं, हम डेली पिक्चर देखने जाएँगे।” मैं समझ गया कि जब तक मैं यहाँ हूँ, मुझे रोज ही इन तीनों को चोदने का मजा मिलेगा। हम सबने चाय पी और उसके बाद वापस घर आ गए। मैं 7 दिनों तक ससुराल रहा और डेली पिक्चर देखने जाने के बहाने उन तीनों को चोदता रहा। मैं आज भी उन तीनों को चोदने का कोई मौका नहीं छोड़ता। जब कभी मौका मिलता है, मैं उन्हें चोद देता हूँ और वो मुझसे बड़े प्रेम से चुदवाती हैं।