Young Girl Sex Kahani
मैं आपको अपनी ज़िंदगी की सबसे बड़ी सेक्स की घटना बता रहा हूँ। बात तब की है जब मैं 12वीं में पढ़ रहा था। मेरी क्लास में एक लड़की थी जिससे मैं बहुत प्यार करता था। उसका नाम सीमा था, लेकिन वो मुझे इग्नोर करती थी। मुझे मालूम था कि उसकी लाइफ में कोई नहीं था। Young Girl Sex Kahani
एक दिन मैंने उसे स्कूल से जाते वक्त रोक कर कहा कि मैं उसे प्यार करता हूँ। उसने मुझे धक्का मारा और वहाँ से भाग गई। तब मैंने एक प्लान बनाया। प्लान के मुताबिक मैं क्लास में जाता और उसकी तरफ देखता भी नहीं। कई दिनों तक ऐसा चलता रहा। फिर उसने मुझसे पूछा, “तुम आजकल मुझसे बात क्यों नहीं करते? उस दिन का जवाब जानना नहीं चाहते क्या?”
और उसने मुझे पहली बार “आई लव यू” कहा। मैं तो जैसे पागल हो गया। फिर क्या था, रोज़ हम किसी न किसी बहाने से मिला करते थे। हमारे घरवालों को पता नहीं था। एक दिन उसके भाई ने हमें एक-दूसरे की बाहों में देख लिया। वो हमारी तरफ आया और सीमा का हाथ पकड़ कर उसे ले गया। कुछ दिन हम नहीं मिले।
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एक दिन सीमा ने मुझे फोन किया और कहा कि उसके घरवाले दो-तीन दिन के लिए शादी में जा रहे हैं। मैं समझ गया। उस दिन मैं रात को उसकी खिड़की के नीचे खड़ा था। उसने कहा, “पाइप में चढ़ कर ऊपर आओ।” मैं ऊपर गया तो वो मेरी बाहों में आकर लिपट गई। मैंने भी ज़ोर से उसे पकड़ लिया।
उसने कहा कि आज कोई नहीं है, हम एक-दूसरे को मन से अपना मान चुके हैं, क्यों न आज तन से भी एक हो जाएँ। मैंने भी हाँ कर दी। उसने धीरे-धीरे मेरी शर्ट के बटन निकाले और मेरे निप्पल को काटने लगी। फिर क्या था, मैंने भी उसका ऊपरी टॉप निकाला। उसने ब्लैक ब्रा पहनी थी।
फिर मैंने उसके ब्रेस्ट को दबाया और उसके निप्पल को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा। उसके निप्पल बिलकुल ब्लू फिल्म की मॉडल जैसे थे – एकदम लाइट पिंक। करीब बीस मिनट तक मैंने उसके निप्पल चूसे। फिर उसने मेरे लण्ड पर हाथ रखा। जैसे ही उसने हाथ रखा, मेरा लण्ड एकदम तन गया।
उसने पहली बार मेरे लण्ड को अपने मुँह में लिया। मैं तो जन्नत में पहुँच गया। चूसते-चूसते मैंने उसके मुँह में अपना माल गिरा दिया। उसने “उउउउ म्म्म्म” किया और कहा, “इतना गाढ़ा माल, मैं तो पागल हो गई।” उसने कहा कि हमारी शादी होने तक तुम मुझे रोज़ अपना माल पिलाओगे ना? प्लीज़ प्रॉमिस करो। मैंने हाँ कर दी।
फिर मैंने उसकी जींस उतारी तो देखा कि उसकी पैंटी एकदम फूली हुई थी। मैंने पूछा कि ये क्या है? उसने कहा कि उसके पीरियड चल रहे हैं। मैंने आज तक किसी लड़की को व्हिस्पर पहने हुए नहीं देखा था और किसी लड़की की चूत में से खून निकलते नहीं देखा था।
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मैंने कई ब्लू फिल्में देखी थीं, यहाँ तक कि बूब्स से दूध निकलते हुए और लड़की को दूसरी लड़की की पॉटी खाते हुए देखा था। मैंने उससे रिक्वेस्ट की कि वो मुझे दिखाए। उसने अपनी पैंटी उतारी और उसका व्हिस्पर उसकी पैंटी में चिपका था। वो खून से भीगा हुआ था। मैंने उसकी पैंटी उठाई और उसे सूँघने लगा।
उसमें भिनभिनी खुशबू आ रही थी – ऐसी खुशबू जो मदहोश कर दे। फिर उसने अपनी टाँगें फैलाईं। उसकी पुस्सी एकदम पिंक कलर की थी। उसकी पुस्सी एकदम शेव्ड थी, एक भी बाल नहीं था। उसने अपनी पुस्सी को हाथ की उँगली से फैलाया और उसमें उँगली डालने लगी। मैंने देखा कि उसकी पुस्सी में से धीरे-धीरे खून निकल रहा था। मैंने ऐसा नज़ारा पहली बार देखा था।
मैंने फिर उसकी पुस्सी एक कपड़े से साफ की और चाटने लगा। उसके मुँह से “आआआआ उउउउउउउ ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह गॉड मर गई” की आवाज़ आ रही थी। मैंने अपने लण्ड पर वैसलीन लगाई और थोड़ी सी उसके चूत पर लगाई। जैसे ही लण्ड डाला वो चीख उठी, “बस करो, दर्द हो रहा है।”
मैंने कहा कुछ नहीं होता। मैंने और ज़ोर लगाया और अपना नौ इंच का लण्ड उसकी चूत में डाल दिया और ज़ोर से आगे-पीछे करने लगा। करीब तीस मिनट तक अलग-अलग पोज़िशन में मारा और मेरे लण्ड से कम निकल कर उसकी चूत में चला गया। ये देख कर उसने अपनी पुस्सी के अंदर से ऐसा धक्का मारा कि मेरा सारा कम और खून बिस्तर पर गिर गया।
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उसके बाद हम दोनों ने फिर चुदाई शुरू कर दी और करीब सुबह तीन बजे तक सेक्स करते रहे। फिर मैंने कहा कि अब मैं चलता हूँ, मुझे घर जाना होगा नहीं तो किसी को पता चल जाएगा। अभी अँधेरा है, मैं चुपचाप निकल जाऊँगा। आज रात फिर मिलेंगे। उसने मेरे लिप को अपने लिप से चूसने लगी।
मैंने भी उसे चूमा और खिड़की से उतर कर घर चला गया। रात भर सेक्स करते हुए मैं थक गया था और घर के पीछे के दरवाज़े से अंदर गया और चुपचाप अपने कमरे में सीमा के हसीन सपने देखते हुए सो गया। सुबह आठ बजे मामी मेरे कमरे में आईं और बोलीं कि स्कूल नहीं जाना क्या?
मैंने कहा आज मेरी तबीयत ठीक नहीं है। वो बोलीं ठीक है, सो जाओ, मैं घर का सारा काम कर लेती हूँ। उस दिन मैं करीब शाम सात बजे तक सोया। शाम को पापा मेरे कमरे में आए और बोले कि क्या हुआ, ठीक तो हो? मैंने कहा कि ठीक हूँ, कल बहुत रात तक पढ़ता रहा, एग्ज़ाम आ रहे हैं ना इसलिए। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
पापा ने कहा कि पढ़ाई के चक्कर में अपनी तबीयत मत बिगाड़ लेना। पापा कमरे से चले गए। रात को डाइनिंग टेबल पर खाना खाने के बाद मैंने पापा से कहा कि आज रात मैं अपने फ्रेंड के घर पढ़ने जा रहा हूँ। उन्होंने कहा जाओ लेकिन अपना खयाल रखना। मैंने सीमा को फोन किया, उसने लाइन क्लियर का इशारा किया।
मैं खिड़की से ऊपर गया तो देखा वो बिस्तर पर लेटी हुई थी। मैंने पूछा कि क्या हुआ तुम्हें? वो बोली कि कल रात की थकान है। मैंने कहा कि कोई बात नहीं, मैं सारी थकान मिटा दूँगा। ये कह कर मैं उसकी पुस्सी को फिंगर मसाज देने लगा। उसे मज़ा आ रहा था।
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फिर मैंने ऑइल से उसकी सारी बॉडी की मालिश की। फिर क्या था, उसमें जोश आ गया और बोली, “आज मेरी गांड मारो प्लीज़।” मैंने उसे डॉगी स्टाइल में बिठाया और गांड में वैसलीन लगाई और अपने लण्ड में भी और डालने लगा। उसकी गांड बहुत टाइट थी। उसे दर्द हो रहा था। थोड़ी देर बाद उसे मस्त लगने लगा। खूब देर तक करने के बाद मैंने अपना सारा कम उसके मुँह में उड़ेल दिया। वो मस्ती से मेरे लण्ड को चाटने लगी। फिर मैंने उसके चूत को चूसने लगा। उसका पीरियड बंद हो चुका था।
मैंने फिर चूसना चालू किया। थोड़ी देर बाद उसके पुस्सी से सफ़ेद-सफ़ेद गरम नमकीन पानी निकलने लगा। मैं पीने लगा, मज़ा आ गया मुझे। फिर क्या था, सारी रात हम एक-दूसरे को प्यार करने लगे। फिर दूसरे दिन भी ऐसा ही चलता रहा। फिर दूसरे दिन उसके घरवाले आ गए। फिर हम दोनों स्कूल के बाद स्टडी के नाम पर मेरे दोस्त के होटल के कमरे में मिलते रहे। फिर हमारी एग्ज़ाम शुरू हुई, फिर हमने मिलना थोड़ा कम कर दिया। फिर एक दिन क्या हुआ वो मैं बाद में बताऊँगा।