Village Lesbian Porn
हेलो फ्रेंड्स, एक एक्साइटिंग लेस्बियन स्टोरी के साथ मैं आपकी दोस्त कविता। मेरी भाभी अपने घर जा रही थीं कुछ दिनों के लिए। मैं उदास हो रही थी और भाभी से कह रही थी, “प्लीज मत जाओ ना। जब तक मैं हफ्ते में 3 से 4 बार भाभी से सेक्स न कर लूँ, मुझे तो अजीब सा फील होता है।” Village Lesbian Porn
मगर भाभी ने कहा, “बहुत महीना हो गया है, प्लीज जल्दी वापस आ जाऊँगी।” मैं उन्हें रोक तो सकती नहीं। फिर वो चली गईं। अगले दिन मैं कपड़ा धोकर छत पर डालने गई तो मुझे पड़ोस की लड़की की आवाज आई बाहर की तरफ से। वो किसी से बात कर रही थी, “आज नहीं, आज सब घर का है, प्लीज तुम जाओ।”
मैंने जब छत पर से देखा तो वो गाँव की ही लड़की था, जिसे मैं अच्छी तरह जानती थी। मुझे आईडिया आया। मैं कपड़ा धोकर उसके घर चली गई। उसके घर में सब थे। उसकी उम्र 22 थी, नाम शिखा। और मुझे तो आप फ्रेंड्स जानते हो, मैं कविता।
मैंने उसकी माता को नमस्ते किया और पूछा, “कहाँ है शिखा?” उसकी माता जी ने बताया कि वो उधर कमरे में आराम कर रही है। मैं जब उस कमरे में गई तो उसकी आँखें बंद थीं। मैंने उसके बूब्स पर चींटी काट दी, जिससे वो घबरा कर उठ गई। गुस्से में बोली, “दीदी, ये कैसा मजाक है?”
इसे भी पढ़े – जीजू ने कुंवारी साली के स्तनों से दूध निकाला
“वैसा ही जो तू बाहर अपने बॉयफ्रेंड से कर रही थी।”
“क्या मतलब? मैं समझी नहीं।”
“नहीं आज नहीं, आज घर में सब हैं, कल आना प्लीज, अब तुम जाओ।”
वो डर गई और मुझे देखने लगी।
मैंने कहा, “चलो मेरे साथ, मेरे घर में कोई नहीं है।”
“मगर माता जी?”
“मैं उन्हें समझा देती हूँ।”
वो मेरे पीछे-पीछे आ गई।
मैंने उसकी माता से कहा, “मैं इसे घर ले जा रही हूँ, कोई काम हुआ तो मैं इसे भेज दूँगी।”
फिर वो मेरे साथ मेरे घर आ गई और मैंने उसे नीचे जमीन पर बिठा दिया।
फ्रिज से केला निकाला और अपनी फुद्दी पर मसलता हुआ कहा, “बोल, कहाँ गई?”
“नहीं दीदी, तुमने मेरी बातें किसी को बताईं?”
“नहीं अभी तो नहीं, मगर तुम मेरा काम नहीं करोगी तो तुम्हारे पिता जी को बता सकती हूँ।”
“कैसा काम?”
“बताती हूँ, तू बता ना, कुछ खाएगी?”
“नहीं।”
“तेरी मर्जी।”
इसे भी पढ़े – मकान मालकिन और उसकी जवान बेटियों को चोदा
मैं उसके साथ जमीन पर बैठ गई और केला अपनी चूत से मसलने लगी। और वो मुझे बहुत घूर-घूर के देख रही थी कि मैं क्या कर रही हूँ। मैंने वो केला उसकी चूत पर रखा तो वो थोड़ी पीछे हो गई। फिर मैंने उससे पूछा, “तेरा फ्रेंड का कितना बड़ा लंड है?”
वो शर्मा कर बोली, “इससे थोड़ा बड़ा।” (केले से)
“कब से चुद रही है?”
“2 महीने से।”
“कितनी बार?”
“5 या 6 बार।”
“मजा आता है?”
“हाँ मगर उसका लंड जल्दी पानी निकाल देता है।”
“अच्छा, तो तुझे मजा नहीं देता अच्छी तरह वो। मेरे साथ करेगी तो तुझे कंपलीट मजा दूँगी। बोल, क्या कहती है?”
कुछ नहीं बोली।
मैं पहले उसके साथ बैठी थी, अब उसके सामने आकर उसकी बूब्स और चुचियाँ दबाने लगी।
“ऐसा वो करता है?”
“हाँ।”
“फिर तो चूसता भी होगा?”
“नहीं, सिर्फ दबाता है।”
“तुम पूरे नंगे होते हो?”
“नहीं, सिर्फ सलवार थोड़ी सी नीचे करते हैं।”
इसे भी पढ़े – शर्मीला भाभी ने मेरी शर्म दूर की
“और वो?”
“वो भी मेरी तरह।”
“गांड भी चुदवाती है?”
“नहीं।”
“क्यों?”
“दर्द होता है।”
“तुझे कैसा पता लगा?”
“मेरी कजिन ने बताया था।”
“चल, अपना सारा कपड़ा खोलकर मुझे देखा।”
“वो नहीं, मैं ये वो वो वो…”
“ठीक है, मैं तेरे पिता को बता दूँगी।”
“नहीं, उतारती हूँ।”
फिर उसने जल्दी से कपड़ा उतार दिया। पैंटी और ब्लाउज भी उतार दिए।
“तुम मेरे भाई की शादी पर अच्छा नाची थी, मुझे नाच के दिखा वैसा ही।”
वो नाचने लगी। अपना बूब्स को हिला रही थी, पीछे से कूल्हे और गांड भी हिला-हिला कर दिखा रही थी। मैंने उसका ब्लाउज उठाया तो उस पर साइज 34 लिखा था। गांड उसकी नॉर्मल 35 या 36 लग रही थी। 20 मिनट तक नाचती रही तो वो थक गई। तो मैंने उसे बालों से पकड़कर बेड पर ले आई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
“दीदी दर्द हो रही है।”
“अच्छा, चुदवाते हुए नहीं होती और इसी बीच केला जोर लगाकर आधा फुद्दी में डाल दिया।”
“अब मजा आया।”
इसे भी पढ़े – मेरी बीवी को जिस्म की गर्मी दी मेरे दोस्त ने
और केला उसकी फुद्दी में हिलाने लगी। उसने आँखें बंद कर लीं। फिर मैंने उसके बूब्स को जोर-जोर से दबाना शुरू किया और केले से उसकी फुद्दी मारने लगी। उसकी चूत गीली हो गई। फिर मैंने अपनी जुबान उसकी फुद्दी पर मारने लगी। उसकी फुद्दी बालों से भरी थी।
मैंने बोला, “रंडी, तू चूत को साफ नहीं करती?”
वो कुछ नहीं बोली। मैं उसकी फुद्दी में केला सारा अंदर करके उसकी फुद्दी को चाट रही थी, उसके बूब्स दबा रही थी। 6-7 मिनट में ही उसकी सिसकारियाँ निकलने लगीं। मैं समझ गई कि बस अब ज्यादा समय नहीं है। मैंने जोर-जोर से उसकी फुद्दी में केला हिलाना शुरू किया, उसके बूब्स जोर-जोर से दबाने लगी।
और उसने अपनी लिप्स को जुबान-दाँतों के नीचे दबा लिया। उसे बहुत मजा आ रहा था। मैंने पूछा तो कुछ नहीं बोली। फिर मैंने उसकी फुद्दी में से केला निकाल दिया और उसके ऊपर लेट गई। फुद्दी से फुद्दी मिलाकर, जैसा मेरी रानी भाभी मुझ पर और मैं रानी भाभी पर। फिर मैंने उसकी चूत का घिस्सा लगाना शुरू किया।
उसके लिप्स को अपने लिप्स के साथ जोड़कर प्यार करने लगी। मैंने अपनी जुबान बाहर निकाल ली और उसकी चीक और लिप्स पर फेरने लगी। अपनी चीक्स को उसकी चीक्स पर रखकर रगड़ने लगी। उसकी चीक्स को बीच में हाथों से भी खींच देती थी। मगर फुद्दी के साथ फुद्दी मिलाकर उसकी खूब चुदाई कर रही थी। जोर-जोर से उसकी फुद्दी पर घिस्सा मारती रही।
उसने भी हिलना शुरू किया और मुझे कमर से जोर से पकड़ लिया और फुद्दी को मेरी फुद्दी के साथ रगड़ती रही। अब वो फुल एरिक्ट हो गई थी। मैं उसके बूब्स को जोर-जोर से दबाती रही, उसकी निप्पल्स जो ब्राउन कलर की थीं, उँगलियों के बीच रखकर मसलती रही।
मैंने 10 मिनट उसकी फुद्दी को खूब चस्का लिया, घिस्सा मारती रही। टोटल 20 मिनट हो गए। मुझे उसके शरीर के साथ जिससे उसकी फुद्दी ने पानी का दरिया बाहर निकाल दिया, जो हिलने की वजह से मेरी सलवार पर लग गया।
“रंडी, तूने मेरी सलवार गंदी कर दी है। चल अब इसे चाटकर साफ कर।”
इसे भी पढ़े – हगने के बहाने नदी किनारे चुदवाने आई भाभी
वो अपना पानी चाटने लगी, जिससे उसे कहा गया। थोड़ी देर बाद वो नॉर्मल हो गई। उसने बाथरूम में जाकर मुँह साफ किया और वापस आ गई। मैंने उसे इस बार अपने ऊपर लेटा दिया और कहा, “मेरे लिप्स का जूस पी, मेरी जुबान को सक कर, मेरी चीक्स के साथ अपनी चीक्स को रगड़। ऐसा करने से मुझे बहुत मजा लगता है।”
फिर मैंने उससे ये सब करीब 25 मिनट तक करवाया। फिर मैंने अपनी कमीज उतार दी और ब्लाउज भी खोल दिया। उसका मुँह अपने बूब्स के बीच में डालकर उसकी साँस बंद कर दी। थोड़ी देर बाद छोड़ती फिर पकड़ लेती।
मैंने उससे कहा, “अपने बूब्स मेरे बूब्स से जोड़कर रगड़ो, और मेरी जुबान को अपने लिप्स से चूसती रहो।”
उसने ऐसा ही किया।
फिर मैं बोली, “चल अब मेरी सलवार खींच दे।”
मैंने पैंटी नहीं पहनी थी।
फिर कहा, “जैसा तेरी फुद्दी में केला डालकर तेरी फुद्दी को चोदा और चाटा साथ था, तू भी ऐसा कर।”
मैंने अपनी लेग्स को थोड़ा ऊपर कर लिया और कहा, “अपनी फिंगर मेरी गांड में डालकर हिला।”
वो बिल्कुल वैसा ही कर रही थी जैसा मैं कह रही थी। और मैं अपने बूब्स दबा रही थी जोर-जोर से। फिर मैं उल्टी लेट गई और केला गांड में लेकर गांड चुदवाने लगी। करीब 25 मिनट से मैं चुदाई करवा रही थी मगर आराम-आराम से। फिर मैं सीधी हो गई और उससे बोली, “अब तूने मेरी फुद्दी को खोलकर जुबान अंदर फुद्दी में डाल, अपनी जुबान से थूक इसमें डालकर चाट।”
उसने अपना थूक डाला।
फिर मैंने कहा, “अब तू अपने नोज को मेरी फुद्दी में डालकर चोद।”
जब उसने अपनी नोज मेरी फुद्दी में डाली तो वो पहली बार बोली, “बहुत बू आ रही है।”
“रंडी, ये बू नहीं, इसे सेक्स की नजर से देख। तुझे इससे अच्छा परफ्यूम कहीं नहीं मिलेगा।”
और वो वापस नोज मेरी फुद्दी में डालकर नोज को हिलाने लगी। अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और मैंने कहा, “अब तू केला डालकर जितनी तेजी से चुदवाती है, उसी तेजी से मुझे चोद दे। और अपनी जुबान से भी मेरी फुद्दी को चाट।” उसके तेज-तेज चुदाई करने से मेरी फुद्दी ने भी पानी का दरिया उसके फेस और मुँह के अंदर निकाल दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – सेक्स की प्यासी सिया ने सील तुड़वाई
मैं बोली, “रंडी, सारा पानी पी जा वरना मैं तेरे पिता को बता दूँगी।”
उसने सारा पानी पी लिया।
मैं थोड़ी देर शांत रही, फिर पूछा, “मजा आया?”
वो बोली, “हाँ आया।”
“रंडी, अब तू इससे चुदवाएगी या मेरे साथ सेक्स करेगी?”
“मुझे आपके साथ दीदी ज्यादा मजा आया है। वो तो बस ऐसे ही अपना पानी निकालकर चला जाता है। मैं आपके पास आया करूँगी।”
“अच्छी बात है।”
“इसीलिए तुझे आज छोड़ रही हूँ। कल तेरी गांड की जोरदार चुदाई करूँगी और ये देख, इस से बड़ी कैंडल है, वो तेरी गांड में दूँगी पूरी।”
वो घबरा गई।
मैं बोली, “घबरा मत, प्यार से करूँगी, तुझे डर थोड़ी होगी और मजा ज्यादा।”
फिर उसने कपड़ा पहना और अपने घर की ओर चली गई। जब भाभी वापस आईं तो मैंने रानी भाभी को शिखा रंडी की फुद्दी का मजा चखाया। वो बहुत सरप्राइज हुईं, “तूने ये सब कैसे किया?” और जैसी मेरी रानी भाभी बोलती, शिखा रंडी वैसी ही मेरी भाभी की चुदाई करती। हम दोनों को तो एक रखैल मिल गई थी, जो अच्छा नाचती भी थी और हमारे पिस से क्रीम तक हर ड्रिंक पीती भी थी। मगर हम उसे भी इक्वली सैटिस्फाई करती थीं, ताकि वो ये न समझे कि हम उसे इस्तेमाल करती हैं।
प्रातिक्रिया दे