Sister Brother XXX Porn
मैं हूँ अंकुश। मैं 24 साल का लड़का हूँ, पश्चिम बंगाल से। मेरी एक छोटी बहन है चंदा, जो मुझसे करीब ४ साल छोटी है। वो दिखने में बहुत ख़ूबसूरत तो नहीं है, लेकिन उसकी फिगर किसी भी लड़के को हिला के रख देती है। हम दोनों भाई-बहन से ज़्यादा एक-दूसरे के दोस्त हैं। हमारे बीच ऐसी कोई बात नहीं जो छुपी हो। Sister Brother XXX Porn
यहाँ तक कि वो मेरे अफेयर के बारे में भी जानती है। हम दोनों एक ही कमरे में दो अलग-अलग बेड पर सोते हैं। रात को हम दोनों कोई अंडरवियर नहीं पहनते। मैं सिर्फ़ लुंगी और चंदा कुर्ती (चुड़ीदार का ऊपरी हिस्सा) पहनती है। रात में नींद में कभी-कभी कपड़ा इधर-उधर हो जाता है।
बाथरूम जाते वक़्त कई बार मैंने उसकी बिना झाँट वाली चिकनी चूत देखी है और वो भी मेरा लंड देख चुकी है। सुबह उठकर हम ये बात एक-दूसरे को बताकर हँसते हैं। कभी-कभी मैं रात को इंटरनेट करता हूँ तो चंदा मेरे पास ही बैठती है।
जब मैं कोई XXX साइट खोलता हूँ तो हम दोनों मिलकर नंगे लड़के-लड़कियों की तस्वीरें देखते हैं। एक बार एक साइट पर टीनएज लड़कियों की चूत की क्लोज़-अप तस्वीरें थीं। उनमें कई लड़कियों की चूत पियर्स करके उसमें तरह-तरह की रिंग्स पहनी हुई थीं।
इसे भी पढ़े – रक्षाबंधन में चुदाई का तोहफ़ा दिया
चंदा ने वो देखकर कहा, “भैया, ये सब क्या है?”
मैंने कहा, “इसे पुसी रिंग कहते हैं, जो लड़कियाँ अपनी चूत पर पहनती हैं। आजकल का नया फैशन है।”
थोड़ी देर चुप रहने के वो गौर से उन तस्वीरों को देखने लगी। थोड़ी देर बाद उसने कहा, “भैया, मुझे भी अपनी चूत पर ऐसी रिंग लगवानी है।”
मैंने कहा, “क्या? तू पागल हो गई है क्या? तू ये सब लगाएगी?”
उसने कहा, “क्यों, इसमें कोई ख़राबी तो नहीं है?”
मैंने कहा, “नहीं वो बात नहीं है, लेकिन ये सब कैसे होता है, कौन करता है, मुझे मालूम नहीं।”
तब उसने कहा, “कैसे होता है, आप नेट पर सर्च कर लो।”
फिर उसने कहा, “भैया, आपकी बहन आपसे कुछ माँग रही है और आप मना कर दोगे?”
मैं क्या करता, मैंने नेट पर सर्च करना शुरू किया—पुसी पियर्सिंग के बारे में जानकारी लेने और ये रिंग्स कहाँ मिलती हैं, ये जानने के लिए। उस रात करीब २ घंटे नेट सर्च करके सारी जानकारी ले ली। चूत पर ज़्यादातर पियर्सिंग क्लिटोरिस पर की जाती है। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – दीदी की गुलाबी चूत बस में चोद लिया भाई ने
क्लिटोरिस को छोड़कर पुसी लिप्स को भी पियर्स करवाया जाता है। कैसे छेद करना है, कहाँ पर, और ये रिंग कहाँ मिलेगी—ये सब जानकारी हमने ले ली। चंदा ने एक रिंग भी पसंद कर ली तस्वीर देखकर। रिंग कुछ ऐसी थी—एक रिंग में से दो आधा इंच लंबी चेन थी जिसके सिरों पर दो छोटे-छोटे मेटल बॉल लगे लगे हुए थे।
पूरी रिंग सिल्वर कलर की थी। कीमत करीब 1500-2000 रुपये होगी। दूसरे दिन मार्केट से ढूँढकर वैसी ही रिंग ख़रीद ली। पियर्स करने के लिए कुछ सर्जिकल नीडल्स और पियर्सिंग का दूसरा सामान भी ले लिया। रात को सबके सो जाने के बाद हम दोनों सारा सामान लेकर तैयार हो गए। चंदा ने अपने कपड़े उतारकर पूरी नंगी होकर बिस्तर पर दोनों तरफ़ पैर फैलाकर लेट गई।
मैंने उससे पूछा, “तू कहाँ पर पहनेगी ये रिंग?”
उसने हँसकर कहा, “मेरी छोटी-सी लंड पर।”
मैं भी हँस पड़ा। मैंने उसकी कमर के नीचे एक तकिया रख दिया ताकि उसकी चूत थोड़ी ऊपर की तरफ़ आ जाए।
मैंने कहा, “देख, जब मैं तेरी क्लिटोरिस पर छेद करूँगा तो तुझे बहुत दर्द होगा।”
उसने कहा, “कोई बात नहीं, आप करो।”
और उसने अपने मुँह पर एक तकिया रख लिया ताकि मुँह से कोई आवाज़ न निकले। मैंने पहली बार उसकी चूत पर हाथ रखा। एकदम अलग-सा अहसास था। मैं पहले भी अपनी गर्लफ्रेंड की चूत पर हाथ फेर चुका हूँ, लेकिन ये बिल्कुल अलग था। उसकी चूत बिल्कुल टाइट थी।
इसे भी पढ़े – गर्लफ्रेंड साथ हसीन रात में पहली चुदाई
मैंने पहले अपनी एक उंगली डाली। मेरी उंगली डालते ही चंदा का बदन एक बार काँप उठा। फिर मैंने दूसरी उंगली से उसकी पुसी लिप्स को थोड़ा खोलकर बीच में एक चौड़ा हार्ड प्लास्टिक का टुकड़ा ज़ोर से घुसा दिया ताकि चूत का मुँह खुला रहे। इससे थोड़ा ख़ून उसकी चूत से निकल आया।
फिर मैंने उसकी क्लिटोरिस को बाहर की तरफ़ खींचा, पहले स्पिरिट से पोछा। फिर उसकी चूत पर छेद करके एक मोटी-सी स्ट्रिंग उसमें बाँध दी ताकि छेद बंद न हो जाए। उसकी चूत से थोड़ा ख़ून निकला था, उसे साफ़ करके एंटीसेप्टिक लगा दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उसके बाद मैंने पूछा, “कैसा लग रहा है?”
देखा तो उसकी आँखों में पानी आ गया था।
उसने कहा, “दर्द हो रही है।”
मैंने कहा, “थोड़ा दर्द होगा, करीब 5-10 दिन तक। करीब एक महीने बाद तू अपनी रिंग पहन सकती है। अब सो जा।”
मैंने उसे एक पेनकिलर दे दी ताकि दर्द कम हो। वो पेनकिलर खाकर कपड़े पहनकर सो गई। दूसरी सुबह देखा तो वो ठीक से चल नहीं पा रही थी।
उसने कहा, “भैया, पैंटी या पैंट पहनने में बहुत दर्द हो रहा है।”
मैंने कहा, “एक काम करो, कुछ दिन पैंटी या पैंट मत पहनो, सिर्फ़ स्कर्ट पहनो, तकलीफ़ कम होगी।”
इसे भी पढ़े – मेरे जिस्म की जरुरत दीदी ने पूरी की
वो वैसा ही करने लगी। अच्छी बात थी कि उस वक़्त उसकी स्कूल में छुट्टी चल रही थी। मैं हर रात उसकी चूत पर एंटीसेप्टिक लगाता रहा। करीब 25 दिन बाद देखा कि उसकी क्लिटोरिस का छेद ठीक-ठाक हो गया है। अब उसमें रिंग पहनी जा सकती थी। चंदा उस दिन बहुत ख़ुश थी।
मैंने स्ट्रिंग काटकर बाहर निकाल दी और उसकी क्लिटोरिस के छेद में रिंग पहना कर लॉक कर दिया। उसकी चिकनी चूत पर वो रिंग सचमुच बहुत अच्छी लग रही थी। रिंग की वजह से उसकी क्लिटोरिस बाहर की तरफ़ ही रहने लगी थी। चंदा आइने के सामने खड़ी होकर बार-बार अपनी चूत देखने लगी। फिर उसने कहा, “भैया, आप अपनी डिजिटल कैमरा से मेरी चूत की भी एक तस्वीर ले लो ना।” मैंने उठकर अपनी डिजिटल कैमरा से उसकी चूत की दो-तीन तस्वीरें ले लीं।