Sexy Wife Chudai XXX
जवानी में हमारा भी वक़्त आया, शादी हुई, बीवी आई, नॉर्मल सेक्स लाइफ एंजॉय की- बच्चे भी हुए। अब बच्चे बड़े होकर शादी करके बाहर चले गए। हम मियाँ-बीवी रह गए। मेरी उम्र 52 और बीवी की 47। बनिया होने की वजह से वजन बढ़ा हुआ, पेट आगे निकला हुआ, हाइट 5’5:, रंग साँवला, पेट 44, भारी गांड, लंड खड़ा होने पर 4” इंच। Sexy Wife Chudai XXX
बीवी गोरी, भरा हुआ बदन, हाइट 5 फुट, गदराए हुए स्तन 38डी, कमर 36, भारी-भारी गांड शायद 40। पहनने-ओढ़ने की शौकीन। अच्छी मटमैली, सेक्सी लगती है। हम अकेले ही घर में रहते हैं, ब्याज और किराए की अच्छी इनकम हो जाती है। जब बच्चे थे, तो उनमें ही व्यस्त रहते थे।
रात-बिरात मौका मिलता तो जल्दी-जल्दी चोद-चोदी कर ली, जल्दी निपटना पड़ता था, कहीं कोई जाग न जाए। अकेले रहने से खुली छूट मिल गई। पिछले 4-5 साल से जमकर चुदाई होती थी। ब्लू फिल्म सीडी टीवी पर चढ़ाकर देखते, ग्रुप सेक्स वाली सीडी जिसमें जोड़े पार्टनर बदल-बदल कर चोदते थे- एक-दूसरे के लंड-चूत चूसते, फिर ग्रुप चुदाई करते। लंड सबके बहुत बड़े-बड़े रहते थे।
बीवी बड़े लंड को ललचाई नजर से देखती थी। मेरा लंड छोटा होने की वजह से मैं भी बड़े लंड को उत्सुकता से देखता था। बीवी कहती- “कितने बड़े-बड़े लंड हैं… पार्टनर इतना बड़ा लंड चूत में कैसे ले लेती है? देखो कितना उछालकर ले रही है… इतना बड़ा लंड…”
ऐसा कहकर मुझसे चिपक जाती और मेरे अंडरवियर में हाथ डालकर मेरे लंड से खेलने लगती। मैं उसके स्तनों को मसलने लगता। फिर हम दोनों कपड़े उतार देते। मैं उसके स्तनों की निप्पल मुंह में लेकर चूसने लगता। वो मेरे छोटे से लंड को मुट्ठी में लेकर आगे-पीछे करती रहती।
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मैं उसके नाभि में जीभ घुमाता रहता, फिर नीचे जाकर उसकी चूत के दाने को मुंह में भरकर चुभलाता। वो मदहोश होकर सिसकारियां भरती और मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को चोदता रहता। कुछ देर बाद हम 69 के पोज में हो जाते। वो मेरा लंड मुंह में भरकर सुपाड़े को चाटती और मैं लंड पूरा उसके मुंह में घुसेड़कर आगे-पीछे करके माउथ फक करता।
साथ ही उसकी चूत को जीभ से फक करता। थोड़ी देर बाद वो सिसककर चूत का पानी छोड़ देती। फिर मैं उसे सीधा लिटाकर टांगें कंधे पर रखकर उसकी चूत में लंड पूरा घुसाकर जमकर धक्के लगाता। 5-7 मिनट में हम दोनों झड़कर शांत हो जाते।
अब इन दिनों लंड ढीला रहने लगा है, कभी-कभी ही खड़ा होता है। लेकिन बीवी उतनी की उतनी गरम है। मैंने सोचा क्यों ना इसको बड़े लंड का मजा दिलाऊं और मैं भी लंड को देखूं और हम दोनों मिलकर बड़े लंड से खेलें। वो भी चुदवाए और मुझे भी मजा आए।
इन दिनों हमारे पड़ोस में एक फैमिली रहने आई थी- यंग कपल, दोनों ही सर्विस करते थे। साथ में उनके पिता थे, जो विधुर थे (उनकी बीवी की 5 साल पहले मौत हो गई थी)। उम्र करीब 56-57, लंबे-चौड़े, 5”8”, गठीला बदन। एक बीएचके फ्लैट था। लड़का-बहू सर्विस करने चले जाते, बाबा अकेले रहते। हमसे दोस्ती हो गई। दिन में आ जाते थे- चाय-नाश्ता, प्लेइंग कार्ड चलते। धीरे-धीरे हंसी-मजाक भी होने लगा। नॉन-वेज जोक्स भी हो जाते।
एक दिन मेरे मुंह से निकल गया- “मैं ढीला लंड बनारसी दास का हूं।”
वो बोले- “आपका होगा ढीला लंड, यहां तो हमेशा तन्नाता रहता है।”
मैंने पूछा- “कितना बड़ा है?”
वो बोले- “पूरा एक बालिश्त का है। बीवी नहीं है, इसलिए मन मारकर रहना पड़ता है। रात भर बेटे-बहू के पलंग का चार-चार चू म्यूजिक चलता रहता है। क्या करें, लंड पर हाथ रखकर रहना पड़ता है। कभी मुठ भी मार लेता हूं।”
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मैंने कहा- “मैं व्यवस्था करूं?”
वो बोले- “कैसे?”
मैंने कहा- “मेरी बीवी जो है… मेरा लंड आजकल ढीला ही रहता है। दोनों मिलकर शेयर करेंगे।”
वो बोले- “भाभी मान जाएगी क्या?”
मैंने कहा- “मैं बात करता हूं। कल आप तैयार होकर आना।”
उसी वक्त भीतर जाकर बीवी को बाहों में लिया, चूमा-चाटा और चोदने के लिए बेड पर लिटा दिया। उसके कपड़े उतारे, खुद भी नंगा हो गया लेकिन लंड खड़ा नहीं हो रहा था।
बीवी बोली- “आपका खड़ा ही नहीं हो रहा है, क्या चोदोगे? ऐसे मजा नहीं आता। चोदने के लिए लंड तन्नाता रहना चाहिए, तब ही मजा आता है।”
मैंने कहा- “तुम चाहो तो तन्नाता लंड की व्यवस्था हो सकती है।”
वो बोली- “कैसे?”
मैंने कहा- “पड़ोसी लालाजी विधुर हैं और उनका लंड हमेशा तन्नाता रहता है।”
उसने पूछा- “आपको कैसे मालूम?”
मैंने कहा- “वो आज बोल रहे थे। वो कल आएंगे, तैयार रहना।”
वो बहुत खुश हुई। रात भर मेरे ढीले लंड से खेलती रही- कभी मुंह में लेती, कभी खींचती। धीरे-धीरे मेरा लंड भी खड़ा हुआ और हमारी जमकर चुदाई हुई। दूसरे रोज जैसे ही उनके बेटे-बहू काम पर गए, लालाजी हमारे यहां आ गए। बीवी ने उनके लिए चाय लाकर दी। फिर प्लेइंग कार्ड चले। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उसमें एक बार बीवी हार गई तो मैंने पेनल्टी में लालाजी के सामने ही उसे बाहों में भर लिया और किस किया। फिर एक बार लालाजी उससे जीत गए तो मैंने कहा- “लालाजी आप भी पेनल्टी वसूल करिए, चूकिए मत।” लालाजी ने बीवी को बाहों में भरा, जमकर किस किया।
बीवी ने भी अपनी बाहें उनके गले में डाल दीं और उनसे चिपक गई। लालाजी ने उसके स्तनों को मुट्ठी में भर लिया और ऊपर से ही मसलने लगे। बीवी ने भी अपना हाथ उनके पजामे पर ले जाकर लंड ऊपर से सहलाने लगी। ये देखकर मेरे शरीर में सनसनी फैल गई।
अब लालाजी ने बीवी को अलग किया और उसकी साड़ी खींचकर अलग कर दी। ब्लाउज के बटन खोल दिए। उसने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी। उसके कबूतर आजाद होकर झूल रहे थे। लालाजी ने उसकी पेटीकोट का नाडा खींचा और वो भी जमीन पर गिर गया। अब बीवी पूरी नंगी थी।
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उसका मांसल बदन देखकर लालाजी की आंखें फटी रह गईं। उनकी बीवी की मौत के बाद पहली बार उन्होंने किसी औरत को नंगा देखा था। उसने भी लालाजी का कुर्ता ऊपर खींचा। लालाजी ने कुर्ता अपनी बाहों से निकाल दिया। उन्होंने भी बनियान नहीं पहनी थी। उनको चौड़ा सीना देखकर बीवी की चीख निकल गई। फिर उसने उनके पजामे का नाडा खींचा, वो नीचे आ गिरा।
लालाजी केवल अंडरवियर में थे जिसमें उनका लंड बाहर निकलने को मचल रहा था। बीवी ने उसकी इलास्टिक में हाथ डालकर उसे भी खींचकर नीचे गिरा दिया। उनका फनफनाता लंड बाहर आ गया। क्या लंड था- पूरा 9 इंच और मोटा तकरीबन 2 इंच। पूरा एक बड़े केले की साइज का। बीवी ने पूरा पंजा चढ़ाकर उनके लंड पर रख दिया। लंड एकदम उसमें फिट बैठ रहा था। बीवी एकदम किलकारी भरकर बोली-
“हाय राम! आपका कितना बड़ा है… देखो जी, आपके लंड से एकदम डबल!”
लालाजी बोले- “कैसा है भाई तुम्हारा लंड, हमें भी तो दिखाओ। आप भी कपड़े खोल दो, स्वाद हम साथ ही लेंगे।”
मैंने भी अपने कपड़े उतारे और एकदम नंगा हो गया। मेरे छोटे नवाब भी सर उठाकर खड़े थे अपनी पूरी आधे बालिश्त की लंबाई में। हम दोनों ने बीवी को गोद में लिया और बेडरूम में ले जाकर बिस्तर पर लिटा दिया। लालाजी उसके स्तनों से खेलने लगे, मैंने उसके गाल हल्का-हल्का काटने लगे। लालाजी ने उसके स्तन की निप्पल मुंह में लेकर दांत से काटने लगे। उसके मुंह से सिसकारी निकली- “ओह मेरे राजा… मेरे दोनों स्तन मजे लेकर चूसो।”
लालाजी ने एक स्तन मुंह में भरकर चूसने लगे और दूसरे को मैं हाथ में लेकर मसलने लगा। लालाजी का शेर एकदम आसमान में मुंह उठाए झटके खा रहा था। लालाजी अपना मुंह बीवी की सुंडी में ले गए और जीभ से गुड़गुड़ी करने लगे। फिर नीचे जाकर उसकी चूत में मुंह डालकर चाटने लगे। बीवी बोल रही थी- “ओह्ह्ह राजा… और जोर से चूसो… ओह लालाजी… प्लीज और मजे देकर चूसो…”
कुछ ही देर में उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया। लालाजी उठे और बीवी की टांगों में आ गए। उसकी चूत के मुहाने पर अपना लंड का सुपाड़ा रखकर रगड़ने लगे। बीवी बिलकुल मदहोश हो रही थी और बोली- “लालाजी अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा… प्लीज लंड अंदर डालो ना।”
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लालाजी ने एक हल्का सा धक्का दिया, सुपाड़ा भीतर चला गया। फिर जोर से झटका मारा तो लंड 6 इंच भीतर चला जाकर चूत में फंस गया। बीवी के मुंह से हल्की सी कराह निकली और उसने दांत पर दांत जकड़ लिए ताकि चीख न निकले। फिर लालाजी ने एक जोर से धक्का लगाया- पूरा का पूरा लंड भीतर, सिर्फ गेंदें बाहर। बीवी के मुंह से आह निकली।
लालाजी ने सांस रोककर लंड बाहर खींचा और फिर जोर से धकेल दिया। इसी तरह हल्के-हल्के से लंड भीतर-बाहर करने लगे। अब बीवी को मजा आ रहा था। वो बोली- “ओह लाले… इसी तरह चोदे जाओ… पूरा मजा दो… पहली बार इतना थड़ लंड मिला है… किए जाओ मेरे राजा… आह्ह्ह… ओह्ह फाड़ दो मेरी चूत को… कोई कसर ना रहे…”
वो 15-20 स्ट्रोक्स में ही बोली- “ओह्ह्ह लाले मैं तो गई… ओह आह ओह आह… और जोर से… हाा आह्ह्ह हाा… मैं झड़ रही हूं… आह्ह्ह्ह…” और उसने चूत के रस से लालाजी के लंड को पूरा नहला दिया। लालाजी पूरे जोश में आ गए। उनकी कमर किसी इंजन के पिस्टन की तरह आगे-पीछे हो रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
एकदम फ्रंटियर मेल की स्पीड से धना-धन धक्के लगाए जा रहे थे। एकाएक बीवी के मुंह से फिर आवाज निकली- “ओह्ह्ह ओह लाले… तूने पूरा मजा दे दिया… अब चूत फाड़ेगा क्या… ओह ओह्ह्लग्ग्ग्ह आह्ह्ह… मैं तो फिर गई…” और एक बार उसकी चूत ने लाले के लंड को फिर अपने रस से नहला दिया। फिर लालाजी ने बीवी को नीचे उतारकर पलंग से उल्टा हाथ टिका कर घोड़ी बना दिया.
और अपने गधे जैसे लंड को पीछे से उसकी चूत में डाल दिया और जोर-जोर से धक्के लगाने लगे। बीवी जोर-जोर से चित्कार कर रही थी- “आह्ह्हा आह्ह्ह… मजा आ गया… अज्जी तुम कहां हो… देखो तो सही लालाजी कैसे धना-धन किए जा रहे हैं… अज्जी तो मजा आ गया… ही इसी तरह किए जाओ…” एक बार फिर उसकी चूत ने झटका खाया और फिर अपने बुर रस से लालाजी के लंड को सरोबार कर दिया।
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लालाजी ने फिर आसन बदला और बेड पर उसे डॉगी पोज में लाकर उसकी चूत में लंड पेलने लगे। मेरे लंड में भी सनसनी हो रही थी। मैं बीवी के मुंह की तरफ जाकर लेट गया तो उसने मेरे लंड को अपने मुंह में भरकर कैंडी की तरह चूसना शुरू कर दिया। उधर लालाजी के धक्कों से पूरा पलंग हिल रहा था। जोर-जोर से फकाफक किए जा रहे थे, जिसकी वजह से बीवी का मुंह भी हिल रहा था और मेरे लंड को पूरा मजा मिल रहा था। एकाएक लालाजी के धक्के जोर से बढ़ गए और उनके चेहरे पर पूरा खून जमा होकर लाल हो गया।
मैं समझ गया कि वो अब क्लाइमेक्स पर हैं। फिर एकाएक उन्होंने अपने लंड से पूरा शहद बीवी की चूत में फव्वारा छोड़ दिया। बीवी की आंखें मूंद गई थीं और उसकी चूत पूरी झील बन गई। मेरे सुपाड़े पर जैसे हनी आ गई और मैं भी झड़ गया। सारा शहद चूत में निकलकर गद्दे पर गिर रहा था। उस रोज दिन भर ये सिलसिला चलता रहा। मैं उनकी चुदाई देखकर मस्त हो गया। हमारा ये सिलसिला करीबन 2 साल चलता रहा। उनके बेटे का ट्रांसफर होने की वजह से वो साउथ इंडिया चले गए।
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