Sex Ka Gyan Hindi Kahani
मेरा नाम संजय है.. आज मैं आपके लिए फिर एक मस्ती भरी स्टोरी लेकर आया हूँ… जो 4 साल पहले की बात है… मेरे सारे घरवाले बारीपदा में थे मैं एडवांस स्टडीज के लिए बालासोर में अपने बिग ब्रदर के पास गया हुआ था… वहाँ मेरा ब्रदर सुबह काम को जाता था… और मैं स्कूल जाता था… Sex Ka Gyan Hindi Kahani
मैं स्कूल से तक़रीबन 2 बजे आ जाता था.. भाई शाम को 5 बजे आता था.. इसलिए मैं घर में अकेला ही होता था… मेरी उम्र उस वक्त 18 ईयर्स की थी और मैं 10th क्लास में पढ़ता था.. एक दिन मैं स्कूल से आया और खाना खा कर बैठा था कि डोर बेल रिंग हुई..
मैंने जाकर खोला तो क्या देखता हूँ कि सामने एक खूबसूरत औरत खड़ी है… फेस से बिल्कुल प्रीटी… उमर कोई 26-27 साल की होगी… गोल गोल मम्मे… मेरे पूछने पर उसने बताया कि वो पड़ोस में रहती है… और न्यू न्यू आई है… इसलिए पड़ोसियों से मिलने आई थी. उसने कहा कि अंदर आ सकती हूँ.. तो मैंने आने दिया…
थोड़ी देर बैठ कर गपशप लगाती रही… तो 4:30 बज गए.. मैंने उसको कहा है मेरा भाई आ जाएगा तो उस दिन वो चली गईं… और प्यार से मुझे राजा कह कर चली गई, दूसरे दिन फिर आई और गपशप की… अब वो रोज़ रोज़ आने लगी थी.. और उसकी और मेरी अच्छी गप शप हो गई थी…
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उसने मुझे बताया कि उसका पति रात को 1:00 बजे घर आता है क्योंकि वो कॉल सेंटर में काम करता है इसलिए उसको इसके साथ गपशप का मौका नहीं मिलता है इसलिए वो मेरे पास आती है… मैंने भी कहा कि ठीक है.. और मैंने भी उसको अपने बारे में सब कुछ बताया…
आंटी रोज़ सुबह मुझे स्कूल जाते हुए देखती थी.. उनका घर मेरे घर के बिल्कुल सामने था… क्योंकि हम लोग फ्लैट में रहते थे… एक दिन मैं स्कूल जाने को मूड नहीं किया… आंटी ने सोचा कि कोई घर पर है… जब मेरा भाई चला गया तो वो मेरे घर आई और पूछा कि आज स्कूल क्यों नहीं गए..
मैंने कहा कि मेरी तबीयत खराब है इसलिए नहीं गया… और मैं सो गया… आंटी मेरे पास ही बैठी थी… थोड़ी देर बाद मेरी आँख खुली.. तो मैंने देखा कि आंटी मेरी पैंट पर लंड को चूस रही थी और हाथ फेर रही है… मैं हैरान रह गया… कि आंटी ये क्या कर रही है. मैंने भी सोने का बहाना बनाए रखा और लेटा रहा.
कुछ देर बाद जब आंटी ने देखा कि मैं कोई हरकत नहीं कर रहा हूँ… तो उन्होंने आराम से मेरे लंड के साथ खेलने लगी… मेरा लंड खड़ा हो कर डंडा बन गया था…. आंटी ने ये देखा तो खुश हो गईं… और उसको पकड़ कर उसको रगड़ने लगी… उस वक्त मेरा लंड इतना बड़ा नहीं था… आज तो मेरा लंड उससे भी बड़ा है… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो आंटी ने उसको पकड़ा और मेरे टोपे को हाथ में पकड़ कर दबाने लगी… मुझे मजा आ रहा था… आंटी एक हाथ से मेरे लंड को मसल रही थी और उसका दूसरा हाथ उसकी टांगों के बीच में था… थोड़ी देर के बाद आंटी ने अपना मुँह मेरे लंड के करीब लाया और उसको एक किस किया.. मुझे मजा आ रहा था…
मुझे पता नहीं था कि वो क्या कर रही है… पर मुझे बहुत मजा आ रहा था… उनके मुँह में जाते ही वो झटके से मेरे लंड को अपने मुँह में आगे पीछे करने लगी… और मुझे बहुत मजा आ रहा था… फिर थोड़ी देर के बाद मेरे लंड से गरम पानी निकल पड़ा… मैं समझा कि पेशाब है..
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पर मुझे बाद में पता चला कि वो स्पर्म है जो मर्द को जोश ठंडा करने के लिए निकलती है… उसके बाद मैं ठंडा पड़ गया था.. आंटी ने अभी भी मेरा लंड नहीं छोड़ा था.. और मुँह में लिया हुआ था.. और मेरी सारी स्पर्म उनके मुँह से निकल रही थी… फिर उन्होंने मेरे लंड को जीभ से साफ किया और ज़िप बंद कर दी…
और उसके बाद वो अपने घर चली गईं… फिर शाम के टाइम आई तो मेरी तरफ देख कर शरमा रही थी… मैं भी उनको दूसरी नज़रों से देख रहा था… फिर मेरे पास आ कर बैठ गईं और मुझसे कहा… संजय तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है.. मैंने कहा नहीं है… तो उन्होंने कहा कि आज से मैं तुम्हारी गर्ल फ्रेंड हूँ…
ये कह कर उन्होंने मुझे सीने से लगा लिया… और मैं उनके बड़े बड़े मम्मों का मजा ले रहा था… थोड़ी ही देर बाद वो मुझे पागलों की तरह किस करने लगी… मैंने कुछ न कहा पहले तो वो मेरे चेहरे को किस कर रही थी.. उसके बाद मेरे होंठों को किस करना शुरू कर दिया.
और उसके बाद उन्होंने मेरे मुँह में मुँह डाल कर अपनी जीभ मेरी जीभ के साथ मिला कर मेरी जीभ को चूसने लगी… मुझे मजा आ रहा था जिसकी वजह से मेरा लंड खड़ा हो गया था जो उनकी टांगों के बीच में लगा तो उन्होंने कहा राजा मेरी टांगों के बीच में क्या लग रहा है मैं शर्मिंदा सा हो गया..
फिर उन्होंने किसिंग छोड़ कर मेरी ज़िप खोल दी और मेरा लंड बाहर निकाल लिया और मुझसे कहने लगी संजय तुम्हारा लंड बहुत अच्छा है. मैं शरमा गया.. फिर उन्होंने मेरी पैंट उतार दी मैं आराम से खड़ा हुआ था उसके बाद मेरी शर्ट भी उतार दी और मैं उनके सामने नंगा खड़ा हुआ था…
मुझे शरम आ रही थी… फिर उन्होंने मेरा एक हाथ लिया और अपने मम्मे पर रख दिया और कहा इसको दबाओ.. मैं उसको दबाने लगा.. मुझे मजा आ रहा था… जिसकी वजह से लंड और भी तन गया था.. फिर उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया… और उससे खेलने लगी..
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उसके बाद उन्होंने अपने कपड़े भी उतारने शुरू कर दिए पहले उन्होंने अपनी कमीज उतारी नीचे ब्रा पहनी हुई थी वो भी उतारी फिर मुझे कहा कि अब इस से खेलो… मैं उनके मम्मों को पकड़ कर खेलने लगा और वो मुझे साथ में गाइड करने लगी फिर थोड़ी देर के बाद उन्होंने मुझे एक टैबलेट दी जो मैंने खा ली…
ये मेरे ख्याल से लॉन्ग टाइम (जिससे मर्द देर से छूटता है) थी… फिर उन्होंने मुझे कहा कि मेरे मम्मों को चूसो तो मैं बच्चों की तरह मम्मों को चूसने लगा… कभी एक निप्पल को मुँह में लेता कभी दूसरी को उनके निप्पल बड़े बड़े थे और सही कड़े हुए थे… ब्लैक रंग की निप्पल्स थी…
मैं उनको चूस रहा था और वो मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर मसल रही थी फिर उन्होंने अपनी सलवार उतारी और पैंटी भी उतारी मैंने देखा कि उनकी टांगों के बीच में काफी बाल थे… फिर वो टांगें खोल कर लेट गईं और उन्होंने मुझे अपनी चूत दिखाते हुए बोला कि इसको चाटो…
मैंने हुक्म सुनते ही उसको चाटना शुरू कर दिया.. उनके मुँह से बहुत अजीब सी आवाजें निकल रही थी अह्ह्ह्ह संजय मज़ा आ रहा है फिर वो भी उल्टी हो गईं और मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और उनकी चूत मेरे मुँह पर थी वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उनकी चूत चाट रहा था…
तब ही उन्होंने कहा कि संजय इसमें उंगली करो… मुझे पता नहीं था कि कहाँ उंगली करो.. मैंने पूछा कहाँ तो फिर उन्होंने अपनी चूत में मेरी उंगली डाल कर बताया कि यहाँ… फिर मैं उनकी कुस में उंगली करना शुरू हो गया और वो मेरा लंड चूस रही थी.. थोड़ी देर के बाद उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया जब पानी छोड़ा तो मैंने अपना मुँह परे कर लिया..
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और कहा कि “आंटी मेरे मुँह में पेशाब कर दिया आपने… तो उन्होंने कहा पेशाब नहीं है ये मेरी गर्मी थी जो निकल गई है मैंने कहा ओके.. फिर थोड़ी देर बाद वो बेड पर लेट गईं और मुझे खड़ा होने को कहा… मैं उनकी चूत के पास खड़ा हो गया… उन्होंने टांगें उठा कर अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत में डाला और कहा संजय अब आराम से आगे हो मैं आराम से आ गया तो मेरे लंड का टोपा उनकी चूत में चला गया…
उनकी चूत इतनी गरम थी कि जिस तरह कोई चीज़ आग से नीचे उतारी हो मैंने कहा आंटी ये तो बड़ी गरम है उन्होंने कहा ये इसी तरह होती है उनके मुँह से आह की आवाज निकली और मेरे लंड को पकड़ कर और अंदर किया.. आहिस्ता आहिस्ता मेरा पूरा लंड उनकी चूत में चला गया..
और फिर आंटी ने कहा कि अब आराम से आगे पीछे हो पर लंड चूत से न निकले मैं आराम से झटके मारने लगा मुझे बहुत मजा आ रहा था… और इस तरह लग रहा था कि मैं हवा में उड़ रहा हूँ अब आंटी ने अपने हाथ हटा दिए और कहा हाँ संजय इसी तरह झटके मारो… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
थोड़ी देर बाद मैं झटके मारते मारते थक गया और मैंने कहा आंटी मैं झटके मार मार के थक गया हूँ तो उन्होंने मुझे लिटा दिया और मेरे ऊपर आ गईं और अपनी चूत को मेरे लंड के ऊपर रखा और पूरा लंड चूत में ले लिया.. और अब वो ऊपर नीचे होने लगी…
तक़रीबन 45 मिनट वो इस तरह हुई और उनकी चूत से पानी निकल रहा था फिर उन्होंने मुझे कहा कि उनकी निप्पल्स को हाथ में पकड़ कर चूसने के लिए मैंने ऐसा ही किया उसके बाद जब वो थक गईं तो फिर मुझे खड़ा किया और खुद बेड पर लेट गईं और अपनी टांगें मेरे कंधे पर रख ली और मुझसे कहा कि झटके मारो मैंने झटके मारने शुरू कर दिए.
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अब मैंने आंटी से कहा कि मुझे पेशाब आ रही है वो समझ गईं कि मैं छोड़ने वाला हूँ तो आंटी ने कहा मेरी चूत पे छोड़ दो फिर जब मैं पूरी तरह छूट गया तो आंटी ने अपनी जीभ से मेरे लंड को साफ किया…. फिर थोड़ी देर हम इसी तरह पड़े रहे मैंने देखा कि 5 बजने वाले हैं… मैंने आंटी से कहा भाई के आने का वक्त हो गया है आप जाओ उन्होंने कपड़े पहने और चली गईं… रात को मैं उन्हीं के बारे में सोचता रहा… सुबह भाई ने जबरदस्ती स्कूल भेजा… स्कूल से आया तो फिर आंटी मेरे घर आई और फिर उसको चोदा…
ये सिलसिला तक़रीबन 2 साल चलता रहा और मैंने 12th पास कर ली और भाई ने मुझे बारीपदा भेज दिया… अब मैं बारीपदा में हूँ और यहाँ कोई लड़की चोदने के लिए ढूंढ रहा हूँ…. इसे आंटी के साथ मैंने पहली बार चूत चाटी थी और उन्होंने अचानक जब मैं चूत चाट रहा था तो उनका पेशाब भी निकल गया या उन्होंने जान कर कर दिया तो मुझे नमकीन पानी बहुत अच्छा लगा और आंटी को भी अच्छा लगा और आंटी जब भी सेक्स करवाने के लिए आती तो मुझसे गांड मरवाती थी.
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