Rishto Me Chudai
ये कहानी में थोड़ा अलग है कि कैसे मैं एक साथ दो-दो चूत की चुदाई की। एक है मेरी कजिन मामी जी जो कि ट्यूशन पढ़ाती हैं, मालती और दूसरी है मेरी भाभी (बुआ जी की बहू) रिंकी। मेरी उम्र 20 साल है और मामी की उम्र लगभग 32 साल एवं भाभी की उम्र लगभग 26 साल की है। ये बात उससे ठीक 3 साल पुरानी है। Rishto Me Chudai
एक दिन मामी हमारे घर आईं और वो एक ब्लू कलर की नाइटी पहने हुई थीं। वो बैठ गईं और जैसे ही वो बैठ गईं, उनकी नाइटी के ऊपर से उनकी दूध की गोला (बूब्स) नजर में आ गया। मैं उनकी ऊपर से वो सब देख रहा था और उन्होंने मुझे देख लिया। उन्होंने अपनी नाइटी ठीक की और वहाँ से चली गईं।
उसी दिन से मैं सोच रहा हूँ कि कैसे उनको चोदा जाए। इसके ठीक 2 महीने बाद बुआ जी के घर मैं दोपहर को गया था। वहाँ का माहौल बिल्कुल सुनसान था क्योंकि घर में कोई नहीं था सिवाय भाभी और भैया के अलावा, सब गाँव गए थे। मैंने वहाँ के एक सीन को देखकर हैरान रह गया।
वो थे मेरी भाभी का दूध का गोला जो कि ब्लाउज के ऊपर से अच्छी तरह गोल-गोल दिख रही थीं और उनका साइज 36-28-36 था। उसके बाद मैंने मौके का इंतजार कर रहा था कि कब मुझे इन दोनों को चोदने को मिले और कैसे मैं इन दोनों की दूध की गोला (बूब्स) रस निचोड़ के पी जाऊँ।
इसे भी पढ़े – चुदाई का डर भगा दिया
ऐसे ही लगभग 2.5 साल चले गए। आखिर में दिसंबर को मुझे मौका मिल ही गया। हम सब पिकनिक गए हुए थे और पिकनिक प्लेस का नाम था हराभंगी। हमारी गाड़ी वहाँ 9:30 am पर पहुँच गई और हम सब उतरकर वहाँ एक जगह पर अपना सामान रख दिया जहाँ हमारा खाने और मौज करने का जगह था।
मेरी भाभी भी गई थीं क्योंकि मेरे भैया, भाभी और मेरे मामा-मामी की काफी जमती थी। मैंने वहाँ उतरकर कुछ इधर-उधर घूमने चला गया। जब मैं घूमकर आया तो देखा कि मामी जी और भैया ट्यूशन के बच्चों को लेकर डैम दिखाने चले गए। हमारे जगह पर मामी, भाभी और खाना पकाने वाली ही थीं।
मैंने मामी और भाभी से कहा कि चलो हम तीनों भी घूम आते हैं। तब वो दोनों पहले तो राजी नहीं थे पर भाभी ने मामी को कुछ कहने के बाद दोनों राजी हो गए। हम वहाँ दूर-दूर तक पहाड़ी और जंगल नजर आता था। हम तीनों रास्ते में जा रहे थे। तब मेरा हाथ भाभी की गांड को टच कर गया और भाभी ने मुझे कुछ नहीं बोला।
और मैंने मामी की गांड को टच किया तो वो भी कुछ नहीं बोलीं और कहीं कि “सब्र करो राजा, इतने उतावले क्यों हो रहे हो?” तो मेरे कुछ समझ में नहीं आया। कुछ दूर जाने के बाद हम तीनों ने वहाँ एक जगह पर रुक गए जहाँ कि सूरज की किरणों को पड़ने दिया था और मैंने उस वक्त मेरे हॉट कोट पर आ गया।
पहले मैंने मामी की दूध की गोला पर हाथ रखकर दबोच लिया तो वो “आउच” करके रह गईं और मैंने भाभी की दूध की गोला (बूब्स) को दबोचा तो भाभी भी “आउच” करके रह गईं। तब मेरी समझ में आया कि दोनों मुझसे चुदवाने के लिए ही मेरे साथ आई हैं।
इसे भी पढ़े – ताहिरा बाजी सलवार खोल कर लेट गई
मैंने जरा भी देर न करके उन दोनों की ब्लाउज के ऊपर से उनकी दूध की गोला को दबा रहा था और वो दोनों सिसकारियाँ भर रहे थे। मैंने धीरे से उन दोनों की ब्लाउज खोल दिए और उनके ब्रा के ऊपर से दूध की गोला को दबा रहा था। फिर मैंने उनकी साड़ी उतार दी और दोनों पेटीकोट और ब्रा में थे. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
और अब मैंने उनके पेटीकोट और ब्रा खोलकर बहुत दूर फेंक दिया और अब वो दोनों पूरी तरह से मेरे सामने नंगे थे। अब उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे भी नंगा कर दिया और मेरे 8″ के लंड को देखकर मामी घबरा गईं और ओड़िया में बोलीं, “अहिता कोन? लागुची अहिता कौ सांडो रो बांडा आउ।”
ये सुनकर भाभी हँस पड़ीं और बोलीं, “मुं कोहुथिली ना या बांडा बड़ा बोली।” तब मैंने पूछा कि भाभी आप मेरे लंड को कैसे परख लिया और वो बोलीं कि जब तुम हमारे घर में नहाते हो मैं तुम्हारे लंड को देख लिया था और तब से तुमसे चुदवाने का खयाल हुआ है। तब मैंने पूछा कब से तो उन्होंने जवाब दिया कि पिछले 2.5 साल से। तो मैं हैरान हो गया।
और पुरानी बातें भूलके अब मेरा 8″ का लंड मामी के मुँह में ठेल दिया और वो उसे चूसने लगीं। तब भाभी ने आके कहा कि वो तुम्हारा लंड चूस रही है और मैं तुम्हारी गांड चाटूँ तो मैंने कहा, “देर क्यों करते हो, फोरम शुरू हो जाओ।” तो वो मेरे गांड के छेद को चाटने शुरू हो गईं और अपनी जीभ से मेरी गांड मारने लग गईं।
हालाँकि मुझे दर्द नहीं हुआ लेकिन जोर-जोर से मामी के मुँह में अपना लंड डाल रहा था और वो बड़ी प्यार से मेरा लंड चूस रही थीं। अब मेरा लंड मामी के मुँह में, मेरी गांड में भाभी की जीभ और मेरे दोनों हाथ के दो-दो उँगलियाँ दोनों की चूत में थीं और वो दोनों चिल्ला नहीं पा रहे थे।
इसे भी पढ़े – भाभी को बड़े प्यार दुलार से चोदा
तब मैंने अपना पोजीशन बदल दिया। अब भाभी मेरे लंड को चूस रही थी, मैं मामी की चूत को चाटकर जीभ से चोद रहा था और मामी भाभी की चूत को चाट रही थीं। ऐसे ही करीब 1 घंटा बीत गया और मैंने झड़ना शुरू हो गया। हालाँकि उन दोनों ने दो-दो बार झड़ चुके थे।
जब मेरा पानी झड़ना शुरू हुआ तो मैंने दोनों से कहा कि कौन मेरे रस पीने की इच्छा रखता है तो भाभी ने बोला, “मैं।” और मैंने कहा, “ठीक है।” तब मैंने भाभी के मुँह में अपना पानी छोड़ दिया और थककर मैं वहाँ ही लेट गया। अब भाभी मेरे लंड की रस को पीने के बाद मेरे लंड को चूस-चूसकर साफ कर दिया और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।
तब मैंने मामी को बुलाया और उनको लिटाकर उनकी चूत की मुँह पर अपना लंड रख दिया और धक्का मारने लगा। जब मेरा लंड 2″ तक गया तो मामी को दर्द नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही मेरा लंड उनके चूत के अंदर 6″ का गया तो चिल्लाने लगीं। तब भाभी ने आके उनके मुँह पर अपना चूत देकर चूसने को कहा और वो चूस लिया।
जैसे ही मेरा लंड मामी की चूत के अंदर जा रहा था वैसे ही मामी की दर्द बढ़ रहा था और ऐसे ही करीब 45 मिनट तक चलता रहा और फिर मैंने मामी से पूछा कि मेरा लावा निकल रहा है, कहाँ पे छोड़ूँ तो उन्होंने कहा कि मेरी चूत के अंदर ही छोड़ दो।
तब मेरा ज्वालामुखी फटा और करीब सारा गर्म-गर्म लावा उनके चूत में छोड़ दिया और वैसा ही रहा गया। फिर मामी ने मेरे लंड को चूसके उसे साफ कर दिया और फिर मेरा लंड पूरा 8″ सा खड़ा हो गया। तब मैंने भाभी को बुलाया और उनको लिटाकर उनकी योनि में अपना लिंग ठेल दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – बहन की हिस्टीरिया का इलाज भैया के लंड से
तब मेरा लंड 3″ का गया तो वो कुछ नहीं कहीं लेकिन जब मेरा लिंग 4″ धक्के से गया तो चिल्लाने लगीं और फड़फड़ाके बोलीं, “साले भरा कर मो बिया भीतरु तो बांडा तो साले कोन भाभीचू मो बिया कु एइता कोन 8″ कोना जे तु मोरो बिया रे तो बांडा पुरैबु।”
तब मैंने उसकी एक न सुनी और मेरा लिंग को उसकी योनि में 5″ घुसा दिया तो वो चिल्लाने लगीं। तब मैं थोड़ा रुक गया और मामी से बोला, “अब तुम इसकी मुँह में अपना योनि चुसवाओ।” तो वो तैयार हो गईं और भाभी की मुँह के पास चली गईं। वो उसके बदन पर बैठकर उसकी मुँह में अपना योनि देकर चूसने को कहा और भाभी मान गईं।
और मामी ने उससे चुसवाया और अपने हाथ से उनके दूध की गोला को दबोचा तो उससे दूध निकल आए। तब मैंने मामी से कहा कि आप सिर्फ उससे चुसवाओ और कुछ मत करो। और मैं यहाँ धक्के पे धक्का मार जा रहा हूँ। अब मेरा लिंग भाभी की 7″ तक घुस गया था और 1″ बाकी था।
तब मैंने एक जोरदार धक्का लगाया और उनकी योनि में मेरा 8″ का लिंग चला गया और जैसे ही मेरा 8″ का लंड घुसा तो उनकी चूत फट गई और दर्द जोर से हुआ लेकिन चिल्ला नहीं पाईं। अब मैं थोड़ा रुक गया और 5 मिनट बाद उसकी चूत में अपना लंड अंदर-बाहर करने लगा और वो सिसकारियाँ भरने लगीं। अब उसको और भी मजा आ रहा था और बोल रही थीं,
“हाय मोरो सानो दियोरो तुमे तो अजी मोते संतुष्ट करि देला। अजी थारो मुं तुम थारु ही गेहिबि। आउ तुम भाई थो नुहो। आआह्ह्ह्ह्… ह्ह्ह्हाआउू गयी चल माते अहुरी गयी चल अजी मोते पूरा स्वर्ग रो भरमाना करै दियो अहुरी गयी चला आआह्ह्ह्। मोरो पानी आसुची मुं भरुची हुआ… हुआ… हुआ।”
इसे भी पढ़े – बॉस की क्यूट वाइफ साथ बेड रोमांस
ऐसी बोलके भाभी झड़ गईं और थककर चुपचाप पड़ी रहीं। ऐसे करीब 1 घंटा 15 मिनट तक चला। और मैं झड़ने का नाम नहीं ले रहा था। अब मैंने झड़ना शुरू तो उनसे कहा कि मैं झड़ने वाला हूँ और भाभी ने बोला कि “खबरदार जो तोले पोकेइबो तो, सबु गुड़ाको मोरो बिया भीतरे छाड़ो।” और मैं उनकी योनि में अपना सारा पानी छोड़कर उन पर पड़ा रहा और भाभी ने मेरा लंड को अपने मुँह में लिया और चूसकर उसे साफ कर दिया। अब काफी समय हो गए थे, करीब 1 ओ’क्लॉक हो गए थे।
तब भाभी और मामी ने बोला कि अब हमें जाना चाहिए। लेकिन मैंने कहा कि काम अधूरा छोड़कर तो उन्होंने कहा कि अधूरा! पूरा काम तो हुआ अब क्या। तो मैंने बोला नहीं पूरा कहाँ हुआ, अब जो तुम्हारी गांड मारना बाकी है। तो वो दोनों डर गए और बोले कि नहीं हमारे गांड मत मारना, हम चल नहीं पाएँगे और अब तुमने हमारे बुर को चोदकर उसे सूजा दिया है, अगर गांड मारोगे तो हम सह नहीं पाएँगे। तब मैंने कुछ न कहा और वो दोनों अपनी कपड़े ढूँढने लगे। पर मैंने उसी दिन और उसी जगह ही उनकी गांड मारी लेकिन ये अगली स्टोरी में।
प्रातिक्रिया दे