Malkin Naukar XXX
मैं आसिफ लाहौर पाक से हूँ। मैं जो स्टोरी आपको बता रहा हूँ, ये मेरी ज़िंदगी का कड़वा सच है। मेरी शादी 3 साल पहले सना से हुई थी। मेरे घर वाले इस शादी के खिलाफ थे, इस वजह से मैं अपने घर वालों से अलग हो गया और मैं सना को बहुत चाहता था। सना बहुत ही खूबसूरत, गोरी चिट्टी, नीली नशीली आँखें, इसका फिगर 36-28-38 था, जो देखे दीवाना हो जाए। Malkin Naukar XXX
सना बहुत सेक्सी थी, वो रोज़ ही चुदे बगैर नहीं सोती। हमने एक बंगला किराए पर ले लिया था और एक बूढ़ा नौकर काम पर रखा था। पहले 2 महीने अच्छे गुज़र गए, फिर मैं काम ज़्यादा होने की वजह से रात देर से घर आता और सुबह जल्दी चला जाता। थकान की वजह से 10-10, 15-15 दिन तक मैं सेक्स नहीं करता।
सना इस वजह से मुझसे नाराज़ रहती। इसी तरह दो-ढाई साल गुज़र गए। एक दिन हमारा नौकर बीमार हो गया और उसकी जगह उसने अपने लड़के को भेज दिया, जो 22-23 साल का लंबा चौड़ा काला सा नौजवान, नाम गनी था। उसका जिस्म पहलवानों जैसा था।
उसे देखकर सना की आँखों में अजीब सी चमक आ गई। उसे काम समझाने के बहाने उसके करीब-करीब जाती। उस वक़्त दो छुट्टियाँ थीं और मैं घर पर ही था, फिर भी सना की तवज्जो मेरे बजाय उसकी तरफ थी। मुझे अजीब सा लगा, मगर मैंने ज़ाहिर नहीं किया और चुपचाप देखता रहा।
गनी भी मौके का पूरा फायदा उठा रहा था, वो बहाने से कभी सना की गांड पर तो कभी छाती पर हाथ टच करता और सना मुस्कुरा देती। फिर छुट्टियाँ ख़त्म होने पर मैं रोज़ की तरह सुबह सना के उठने से पहले घर से निकल गया। जाते वक़्त गनी मुझे देख रहा था, मगर मैं समझ गया कि अब ये कुछ करेंगे।
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इस लिए मैं थोड़ी देर बाद वापस आया और चाबी से लॉक खोलकर धीरे पाँव घर में घुसा और यहाँ-वहाँ देखा। गनी कहीं नज़र नहीं आया। फिर मैं बेडरूम के साथ वाले रूम में गया, जहाँ ऊपर की तरफ एक विंडो है, जिससे मैं अपने बेडरूम में झाँका तो देखा सना सो रही थी।
उसने बारिक सी सेक्सी नाइटी पहनी हुई थी, जिससे उसका जिस्म साफ़ नज़र आता था और गनी उसके पास खड़ा होके घूरते हुए सलवार में से अपने लंड को मसल रहा था। उसका लंड सलवार में से भी काफी बड़ा लगता था। और एक करवट बदलते हुए सना की आँख खुल गई और उसने चौंकते हुए पूछा, “तुम?”
गनी हड़बड़ाता हुआ बोला, “भाभीजी, वो साहब जाते हुए आपको जगाने का कह गए थे।”
“साहब कह गए थे?” सना ने कुछ सोचते हुए बोला, फिर वो मुस्कराई और बोली, “और क्या कह गए?”
गनी बोला, “बस जी, वो इतना ही कहा था।”
“अच्छा, मेरे तो बहुत सिर में दर्द है और जिस्म में भी लगता है बुखार हो गया है। तुम एक काम करोगे?”
“जी भाभीजी?”
“तुम मेरा सिर दबा दो प्लीज।”
गनी हिचकिचाते हुए बोला, “मैं भाभीजी?”
सना मुस्कुराते हुए बोली, “हाँ तुम, यहाँ बैठ जाओ।”
अपने पीछे जगह देते हुए बोली। गनी की आँखों में चमक आ गई और वो उसके पीछे बैठ कर सिर दबाने लगा। कुछ देर बाद उसका हाथ नीचे शोल्डर तक आने लगा, जिससे सेक्स की भूखी सना गर्म होने लगी और कहा, “मेरे शोल्डर और कमर भी दबा दो।”
और फिर गनी के हाथ शोल्डर, कमर के साथ मोटे बूब्स को भी टच करने लगे। जब सना मोन करने लगी, ये देखकर गनी ने उसके बूब्स मसलने लगा और सना उसकी गर्दन में हाथ डाल कर उसे किस करने लगी। फिर तो गनी जैसे पागल हो गया और उसकी नाइटी उतार दी और फिर लेटा कर बूब्स चूसना शुरू कर दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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फिर पैंटी भी उतार दी और उसकी गुलाबी चूत देखकर कुत्ते की तरह चूसने लगा। मैंने तो कभी भी इसकी चूत नहीं चाटी। सना भी पागल सी हो गई, उह उह्हो अह अह चीख रही थी। गनी ने चूत चूसते हुए अपनी कमीज भी उतार दी, उसके पूरे जिस्म में बाल-बाल थे।
सना ने हाथ आगे बढ़ा कर जैसे ही उसका लंड पकड़ा, वो हड़बड़ा कर उठ गई और कहा, “ये क्या है?” गनी ने अपनी सलवार उतार दी और उसका लंड देखकर मैं घबरा गया, 11″ से भी लंबा होगा और बहुत मोटा, जैसे किसी गधे का हो। सना की आँखें फटी की फटी रह गईं और वो भी घबरा गई क्योंकि मेरा लंड तो सिर्फ 4″ का है और बहुत पतला सा है।
सना ने उसे चुदवाने से मना करने लगी, मगर अब गनी कहाँ मानने वाला था। गनी ने उसे ज़बरदस्ती बालों से पकड़कर अपना लंड उसके मुँह में दे दिया। सना की आँखें उबलीं और आँसू आने लगे। फिर उसे लेटा कर टाँगें उठा दी। सना रोने और गिड़गिड़ाने लगी, मगर वो ज़ालिम नहीं माना।
मैंने पहले सोचा कि इसे बचाऊँ, मगर फिर मैंने सोचा कि अच्छा हुआ, इस कुतिया की बेवफाई की सज़ा है और संगदिल बनकर देखता रहा। गनी ने अपने लंड पर थूक लगाकर टोपा चूत पे रखा और एक झटका मारा तो 2″ लंड अंदर घुस गया। सना चीखी और ज़ोर लगा कर नीचे से निकलने की नाकाम कोशिश की, मगर कहाँ नाज़ुक सी सना और कहाँ वो पहलवान।
गनी ने एक और झटका लगाकर उसके होंट पे अपना गधे जैसा मुँह रख दिया। गु गु की आवाज़ के साथ सना मछली की तरह तड़पने लगी और लंड 3″ और अंदर चला गया। गनी कुछ देर रुक गया। सना थोड़ी ठंडी हुई तो उसने थोड़ा सा लंड बाहर निकालकर बहुत तेज़ी के साथ 4-5 झटके लगातार मारे और सना दर्दनाक चीखों के साथ बेहोश हो गई।
गनी का तकरीबन पूरा लंड उसकी नाज़ुक कोमल सी चूत फाड़ कर अंदर घुस चुका था। चादर भी खून से लथपथ थी। फिर भी उस ज़ालिम ने उसे छोड़ा नहीं बल्कि झटके मारने लगा। सना बेहोशी की हालत में भी चीखती रही। कुछ देर बाद उसने लंड बाहर निकाला जो खून से भरा था, उसे नाइटी से साफ़ किया और चूत को भी साफ़ करके फिर लंड पे थूक लगाया।
हैरत की बात ये थी कि उसका लंड इतना लंबा होने के बावजूद भी एक दम कड़क था। फिर चूत पे लंड का टोपा रख कर पहले थोड़ा दबाया तो टोपा अंदर चला गया। फिर हल्के-हल्के अंदर-बाहर धक्के लगाने लगा। कुछ ही धक्कों में लंड आधे से ज़्यादा अंदर घुस चुका था।
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सना बेहोश ही की हालत में कराह रही थी। फिर उसके धक्कों में तेज़ी आ गई और देखते ही देखते उसका लंड पूरी चूत को चीरता हुआ अंदर घुस के चोदने लगा। सना को थोड़ा होश आने पर फिर चीखने-चिल्लाने लगी और उसे छुड़ाने के लिए गिड़गिड़ाने लगी पर उस ज़ालिम ने और स्पीड तेज़ कर दी।
कुछ और मज़ीद 5 मिनट चोदने के बाद लंबे-लंबे झटके मारते हुए रुक गया। और कुछ देर बाद गनी ने लंड चूत से बाहर निकाला तो लंड पे खून और मणि लगी थी। सना की चूत बुरी तरह से कट-फट और सूज गई थी। गनी बाथरूम में चला गया। कुछ देर बाद वापस आया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
सना वैसे ही पड़ी रो रही थी। गनी ने सना की पैंटी उठाई और चूत को साफ़ करने लगा तो सना ने अपनी दोनों टाँगें बंद कर लीं। गनी भी उसके साथ लेट गया। 20 मिनट बाद सना उठने लगी तो उसे दर्द की वजह से उठा भी नहीं जा रहा था। फिर गनी उसे उठा कर बाथरूम ले गया।
मैं दूसरे रूम के बाथरूम की छोटी सी विंडो से देखने लगा। गनी ने सना को शावर के नीचे लेटा दिया और गर्म पानी खोल दिया। पानी के छींटे लगते ही सना को जलन हुई और उसने अपनी टाँगें बंद कर लीं। कुछ देर बाद टाँगें खोलीं और 20 मिनट तक चूत की सिकाई की।
फिर गनी उसे वापस बेड पर लेके लेटा दिया और खुद नंगा ही रूम से बाहर चला गया। कुछ देर बाद वो वापस आया तो उसके हाथ में दूध का ग्लास था जिसमें शायद हल्दी डाली हुई थी और सना को पीने का कहा। सना ने मना किया तो उसने ज़बरदस्ती उसे पिला दिया और खुद सना के साथ में लेट गया।
1 घंटे बाद वो बैठ गया और सना के नंगे बदन को घूर से देखने लगा और अपना लंड मसलने लगा। सना भी ये सब देख रही थी। फिर उसने एक हाथ सना के बूब्स पर रख के सहलाने लगा और दूसरा हाथ चूत पर रख दिया। सना मना करने लगी पर उसकी बात का गनी पर कोई असर नहीं हुआ.
और गनी ने एक तकिया सना की गांड के नीचे रखा और उसकी टाँगों के बीच में आकर उसकी चूत चाटने-चूसने लगा और बूब्स मसलने लगा। 30 मिनट बाद सना भी गर्म होने लगी और गनी के बालों में उँगलियाँ फेरने और चूत उछालने लगी। ये देखकर गनी और जोश में आ गया, खूब चूसम-चाटी करने लगा।
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फिर उसने अपना लंड सना के होंटों पर रख दिया तो सना लंड चाटने लगी। 10 मिनट बाद वो उसकी टाँगों के बीच में बैठ कर चूत पर लंड रखा तो सना बोली, “प्लीज थोड़ा सा क्रीम लगा लो, नहीं तो फिर दर्द होगा।” तो गनी मेज़ पे रखी क्रीम लाया और सना को दे दी।
सना ने गनी के लंड पर बहुत सारी क्रीम लगा दी और 2 उँगलियाँ भर के अपनी चूत में भी लगा ली और कहा, “प्लीज आहिस्ता से करना।” गनी ने लंड उसकी चूत पर रख के फेरने लगा तो सना मस्ती में आ गई और उछलने लगी तो गनी ने लंड अंदर दबा दिया और टोपा चूत में घुस गया।
सना की चीख निकल गई। गनी ने थोड़ा और ज़ोर लगा कर 2″ और अंदर घुसा दिया। सना चीखती रही और गनी ने आहिस्ता-आहिस्ता पूरा लंड चूत में डाल दिया और कुछ देर रुकने के बाद हल्के-हल्के अंदर-बाहर करने लगा। कुछ देर में सना का दर्द कम हुआ तो वो भी ओह अह करते हुए नीचे से धक्के मारने लगी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो गनी ने भी अपनी स्पीड तेज़ कर दी और सना ओह ओह अह उम्म्ह अह और और तेज़ अह करने लगी। 10 मिनट बाद सना शायद झड़ गई थी तो गनी ने उसे घोड़ी बनने को कहा तो वो घोड़ी बन गई। गनी ने पीछे से उसकी चूत में लंड घुसा दिया और बहुत तेज़ धक्के लगाने लगा और उसकी गांड में एक उंगली डालके चोदता रहा।
10 मिनट बाद गनी उसकी चूत में ही फारिग हो गया। फिर दोनों एक साथ सो गए। 2 घंटे बाद उठे, बाथरूम में जाके दोनों एक साथ नहाए। उस वक़्त तक शाम के 6 बज चुके थे। सना ने कहा, “मुझे शाम का खाना भी बनाना है और मुझसे तो खड़ा भी नहीं हो रहा है और वैसे भी आजकल आसिफ जल्दी घर आ जाते हैं।”
तो गनी बोला, “तुम फिकर नहीं करो, आज खाना मैं बना लूँगा।” ये कहकर वो रूम से बाहर चला गया और मैं भी मौका देख कर चुपचाप बाहर आ गया और थोड़ी देर बाद रोज़ की तरह वापस घर आ गया। गनी भी खाना बना चुका था और मैं अपने बेडरूम में चला गया।
सना लेटी हुई थी तो मैंने अनजान बन के पूछा, “क्या हुआ?” तो वो बोली, “कुछ नहीं, बस कुछ तबीयत ठीक नहीं।” और उसने खाना भी बेड पर खाया और सो गई। सुबह सना के उठने से पहले ही मैं घर से निकल गया। आज गनी मुझे जाता देख कर मुस्कुराया और मैं वापस चुपके से साथ वाले रूम में आ गया।
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गनी सना को बेड पर ही नाश्ता करवा चुका था। और अब दोनों ही मस्ती में मगन किसिंग कर रहे थे। फिर दोनों ने एक-दूसरे के कपड़े उतारे और सना ने झट से गनी का लंड अपने मुँह में ले लिया। लंड तो इतना मोटा था कि सना के मुँह में नहीं आता। फिर वो उसे चाटने लगी और कहने लगी कि “मुझे तो तुमने ही औरत बनाया है और तुमसे ही चुदवाने से मुझे मज़ा आया है।”
गनी बोला, “अभी तुम कहाँ औरत बनी हो, अभी तो एक चीज़ बाकी है।”
सना चौंकते हुए बोली, “वो क्या?”
तो गनी बोला, “आज पता लग जाएगा और सुनो, मुझे क्रीम लगा के चुदने में मज़ा नहीं आता है।”
तो सना बोली, “तुम्हारा इतना लंबा मोटा लंड अंदर कैसे जाएगा?”
फिर गनी ने सना की चूत चाटी और फिर सना की टाँगें उठा कर क्रीम लगा कर लंड का टोपा चूत पर रख के फेरने लगा। कुछ देर में सना मस्त हो गई और चूत उछालते हुए बोली, “बस अब जल्दी से अंदर डाल दो।” गनी के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था तो उसने कहा, “तुम घोड़ी बन जाओ।”
तो सना बहुत गर्म हो चुकी थी इसलिए वो घोड़ी बन गई। गनी ने पीछे से उसकी चूत में लंड का टोपा रख कर दबाया तो सना की स्स्ह्ह्ह से आवाज़ निकल गई। गनी ने एक झटका ज़ोर से लगाया तो आधा लंड चूत में घुस गया। सना की चीखें निकल गईं।
गनी ने अपनी गिरफ्त टाइट की और लगातार झटके मारने लगा। 3-4 झटकों में ही लंड पूरा चूत में घुस चुका था। सना चीखते हुए बोली, “क्या मार डालोगे आज तो?” गनी रुक गया। कुछ देर में सना थोड़ी ठंडी हुई तो गनी ने फिर चोदना शुरू कर दिया तो कुछ देर में सना को भी मज़ा आने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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गनी एक उंगली सना की गांड में डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा। सना को और मज़ा आने लगा। गनी ने दो उँगलियाँ थूक लगा कर गांड में डाल दी। सना को कुछ दर्द हुआ फिर वो मज़ा लेने लगी। फिर गनी ने कहा, “अब मैं तुम्हारी गांड भी मारूँगा।”
तो सना डर गई और कहा, “नहीं, ऐसा नहीं करना, मैं तो मर ही जाऊँगी।” मगर गनी कहाँ मानने वाला था। उसने अपना लंड चूत से निकाला तो सना समझ गई और आगे की तरफ भागने की नाकाम कोशिश की मगर उस ज़ालिम ने उसे पकड़कर लंड का टोपा उसकी गांड पे रख कर दबाया।
सना ने चीखते हुए गिड़गिड़ाया, “नहीं गनी, प्लीज, ये मत करो, मेरी गांड फट जाएगी!” लेकिन गनी ने कोई रहम नहीं किया। उसने थूक लगाकर लंड का टोपा गांड के छेद पर जोर से दबाया और एक तेज झटका मारा। सिर्फ टोपा ही अंदर गया, लेकिन सना की ऐसी चीख निकली जैसे उसका जिस्म फट रहा हो।
वो रोने लगी, “आह्ह्ह… निकालो इसे, मैं मर जाऊँगी!” गनी ने उसके बाल पकड़े और दूसरे हाथ से उसकी कमर जकड़ ली। फिर धीरे-धीरे झटके मारते हुए आधा लंड गांड में घुसा दिया। सना तड़प रही थी, उसके आँसू बह रहे थे, और वो बार-बार मिन्नत कर रही थी।
लेकिन गनी ने रुकने का नाम नहीं लिया। उसने कुछ देर रुककर सना को थोड़ा संभलने दिया, फिर फिर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। अब लंड पूरा अंदर था, और सना की गांड से खून रिसने लगा। गनी की स्पीड बढ़ गई, वो जोर-जोर से चोद रहा था, और सना की चीखें अब कराहों में बदल गईं।
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शुरू में दर्द था, लेकिन धीरे-धीरे सना को भी एक अजीब सा मज़ा आने लगा। वो नीचे से अपनी गांड हिलाने लगी। गनी ने उसके बूब्स पकड़ लिए और तेज़ी से चोदता रहा। करीब 15 मिनट बाद गनी ने लंबे झटके मारते हुए सना की गांड में ही अपना माल गिरा दिया। दोनों थक कर गिर पड़े। उसके बाद गनी ने सना को उठाया और बाथरूम ले गया। वहाँ फिर से शावर के नीचे सना की गांड और चूत की सिकाई की। सना अब पूरी तरह से गनी की हो चुकी थी।
वो कहने लगी, “तुमने मुझे आज असली औरत बनाया है, आसिफ तो कभी ऐसा नहीं कर पाया।” गनी मुस्कुराया और बोला, “अब तुम रोज़ मेरी हो।” मैं ये सब देखकर टूट चुका था, लेकिन चुप रहा। अगले दिनों में सना और गनी रोज़ चुदाई करते, और मैं छिपकर देखता। आखिरकार मैंने फैसला किया कि अब अलग हो जाना चाहिए। मैंने सना से तलाक ले लिया और अकेला रहने लगा। ये मेरी ज़िंदगी का सबसे कड़वा सच था, लेकिन शायद यही हकीकत थी।
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