Maa Vasna Chudai Story
मेरी माँ का नाम कुसुम यादव है वो 42 साल की है पर आज भी व काफी जवान और खूबसूरत लगती है गाँव से है तो हमेशा साड़ी मे ही रहती है पर अब जब से शहर मे आकर रहने लगी है तब से वह थोड़ा मॉर्डन हो गयी है ब्लाउज स्लीवलेस बैकलेस डीप नेक वाले ही ज्यादा पहनती है साड़ी भी ऐसी पहनती है. Maa Vasna Chudai Story
जो पारदर्शी होती है जिससे उनकी गोरी चिकनी पेट, कमर, ब्लाउज मे कैद चूची साफ दिखाई देती है इतनी हॉट एण्ड सेक्सी होने के बाद भी माँ बहुत ही संस्कारी और धार्मिक है खूब पूजा-पाठ करती है पतिव्रता है माग मे हमेशा लाल सिंदूर गले मे मंगलसूत्र जो उनकी चूची पर लटका हुआ रहता है हाथ मे चुड़ी पाव मे पायल सब पहने रहती है.
जब व लाल पारदर्शी साड़ी पहन लेती है तो सेक्सी दुल्हन लगती है उन्हे श्रृंगार करना बहुत अच्छा लगता है इसलिए हमेशा सजी धजी सी रहती है माँ को देखकर लगता ही नही है चार बच्चो की माँ है वह गदराई पर छड़हरी बदन वाली लड़की जैसी लगती है इसलिए वह जब बाहर निकलती है.
जवान और कम उम्र के लड़के माँ को बहुत ही ललचायी नजरो से देखते है उनके चेहरे और बदन से नजरे ही नही हटा पाते है सब उनको गंदी नजरो से देखते है पर वह इतनी भोली और मासूम है की उनसे कोई भी अच्छे से बात करता है तब वह उनके साथ धूल मिल जाती है यही कारण है की माँ संस्कारी है पर उनको बहुत लड़के और मर्दो ने फंसा रखा है हमारे रिश्तेदार मे ही बहुत से फंसी हुई है जो माँ के जिस्म का मजा लेते है.
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मेरे पापा शुरू से ही काम के सिलसिल मे घर से बाहर रहते आए है इसलिए वह माँ को जिस्मानी सुख नही दे पाए तो माँ को जिनसे वह सुख मिला वह बिना शर्म के लेने लगी लेकिन कहते है ना हर चीज की एक सीमा होती है माँ ने वह सीमा तोड़ा दिया था पहले जब तक माँ परिवार के लोगो के साथ सोई किसी को पता नही लगा.
पर वह जैसे ही गाँव के मर्दो से चुदने लगी गाँव मे बात फैलने लगी अगर ये बात यही तक रहती तब तो यह कहानी मुझे पता ही नही लगता पर बात बहुत आगे निकल गयी थी उनका एक विडियो मुझे फोन पर आया जहाँ वह गाँव के बदमाश गुंडे लड़के से चुद रही थी तभी वहाँ गाँव के कुछ लड़के आ गये और माँ का विडियो बनाने लगे.
ये बात माँ को पता नही लगा की कोई उनका विडियो बना रहा है वो चुदने मे मस्त थी पर जैसे ही वह अपना पोज़िशन बदली वैसे ही व उन लड़को को देखली त अपने बदन को उनसे छुपाने की नाकाम कोशिश करने लगी वह अपने कपड़े खोजने लगी पर लड़को ने तो पहले ही उनके कपड़े हटा दिये थे.
तब माँ उनके सामने हाथ जोड़ कर रोने लगी बोलने लगी मेरे साथ जो करना है कर लो पर किसी को कुछ मत बताओ नही तो मै बदनाम हो जाऊगी मेरे बच्चे है वो मेरे बारे मे क्या सोचेगे लड़को को भी माँ के बदन ही चाहिए था तो उन सब ने माँ को बारी बारी से लिया तब घर जाने दिया.
उस दिन के बाद माँ कुछ दिन किसी से नही मिली पर उनके अंदर की आग उनको घर से बाहर ले ही गयी और वह रात मे फिर से बाहर जाने लगी और गाँव के बगीचे टूटे झोपड़ी खेत इन जगहो पर लड़के माँ को ले जाकर चोदने लगे लड़के माँ को पूरी रात बाहर ही रखते थे और चोदते थे गाँव मे बात तो फैल ही गयी थी ये बात घर के लोगो को भी पता लग गया ।
तब माँ को हमारे घर के लोग पापा के पास भेज दिये जहाँ मै भी उनके ही साथ रहकर पढ़ता था पापा को यह बात पता चल गया था की माँ गाँव मे क्या कांड करके आयी है पर वह माँ को ज्यादा कुछ नही बोले क्योकि उनको अपनी गलती का भी पता था माँ बहुत बार पापा से बोल चुकी थी की वह उनको भी अपने साथ रखे पर पापा उनको दादा दादी की सेवा करने के लिए गाँव मे छोड़े हुए थे.
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जिससे वह सब हो गया माँ जब हमारे पास आ गयी तब वह खुश थी पर धीरे धीरे उनकी खुशी कम होने लगी वह उदास रहने लगी मुझे पता नही था की ऐसा क्या हुआ की वो खुश रहते रहते उदास क्यो रहने लगी मै उस समय 11वी मे पढ़ता था तो एक दिन दोपहर मे स्कूल से घर आया घर का दरवाजा ऐसे ही लगाया हुआ था बंद नही था. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो मै घर के अंदर चला गया जैसे ही मै रूम मे गया देखा माँ बेड पर ड्रेसिंग टेबल के तरफ मुँह करके बैठी हुई कुछ कर रही थी मै रूम मे घुसते ही उनको आवाज दिया तो वह झट से खड़ी हो गयी और मेरे तरफ मुडकर मुझे हैरानी से देखते हुए अपने उपर के नंगे बदन को साड़ी से ढ़कने लगी पर तब तक मैने देख लिया.
माँ जैसे ही खड़ी हुई उनके साड़ी के अंदर से एक बड़ा सा काला लम्बा बैंगन गिरा जिसपर कंडोम चढ़ा हुआ थ उसके गिरते ही माँ झट से उठायी और मुझे डाटते हुए बोली तुम यहाँ क्या कर रहे हो जाओ यहाँ से मै सब कुछ समझ गया था पर अब मै क्या बोलता वह मेरी माँ थी उनको कुछ बोलता भी तो क्या इसलिए चुपचाप बाहर आ गया.
उस घटना के बाद मेरे अंदर एक बेचैनी सी छा गयी मुझे उस समय तक माँ के गाँव के कांड का पत नही था इसलिए मै सोच रहा था माँ जैसी सीधी और संस्कारी यह क्या कर रही थी पर मुझे क्या पता था की मेरी संस्कारी माँ आधा गाँव का लण्ड खाकर आयी है.
उस घटना के बाद माँ मुझसे थोड़ा डरी सहमी सी रहती थी मै भी उनसे नजरे नही मिला पाता था यह सब ऐसे ही चल रहा था जहाँ मे किराए पर रहता था अपने पापा के साथ वहाँ एक लड़का रहता था रंजित मुझसे एक दो साल बड़ा था बहुत बदमाश था मुझे हर समय परेशान करते रहता था वह मेरे पापा के साथ दारू पीता था दारू चखना हमेशा पापा ही खरीदते थे.
फिर भी वह नशे मे पापा को खूब गाली देता था कितनी बार नशे मे वह पापा को रूम पर छोड़कर जाता था. जब माँ रूम पर रहने आयी तब उसकी नजर माँ पर पड़ी तो वह माँ को पाने के लिए तड़पने लगा पहले वो रूम पर नही आता था पर जब से माँ रूम पर रहने आयी.
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वह हमारे घर हर रोज आने जाने लगा माँ से खूब हँस हँस कर बाते करता मुझसे भी अच्छे से वर्ताव करता वह अब देर रात तक हमारे घर पर ही दारू पीता माँ पापा और रंजित के घर चिकट और पनीर पकोड़े चखना मे बनाती और उनको खाने के लिए देती मै तब रूम मे पढ़ रहा होता पर रूम से उसकी आवाज सुनता रहता.
वह पापा को चाचा और माँ को भाभी कहता था वह माँ को कहता अरे कुसुम भाभी आप हमारे पास बैठिए हम आपके लिए ही आते है और आप है की मुझसे ही दूर रहती है मुझे भी कुछ गलत नही लगता था क्योकि मैने कुछ गलत बोलते या करते नही देखा था फिर वह बैगन वाला कांड हो गया.
तब माँ पर मेरी नजर टिकने लगी मै भी छुप छुप के माँ को देखने लगा हर समय मुझे माँ का अपने बूर मे बैगन करते हुए वाला सीन याद आता तो लण्ड खड़ा हो जाता मुझे तब माँ इतनी अच्छी लगती की क्या बताऊ मै माँ को नंगा देखने के लिए रात मे कई बार उनके कमरे मे छुपकर देखता था कही माँ पापा सेक्स तो नही कर रहे है ना.
क्योकि जब माँ पहले दिन रूम पर आयी थी उसी रात मे मैने पापा औय माँ को सेक्स करते हुए देख लिया था पर मै वह शर्म और लाज के कारण एक सेकेंड भी सही से नही देखा और अपने कमरे मे आकर सो गया था पर उस बैगन वाले कांड ने मेरे अंदर उनके प्रति वासना भर दिया था.
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मै तो हर समय उनके बारे मे सोचता था पर माँ को इसका अहसास नही होने देता था वैसे भी माँ मुझपर कहाँ ध्यान देती थी उनका सारा ध्यान रंजित पर था माँ जब गाँव से आयी थी तो उनके पास एक कीपैड मोबाइल था पर शहर आते ही उन्होने अपने पैसे से स्मार्ट फोन ले लिया था.
उसी पर माँ रंजित से दिन भर बात करती थी यह बात पापा या मुझे पहले नही पता था मेरे घर पर रहने पर माँ फोन पर कम बात करती थी नही रहने पर खूब बात करती थी मैने यह बात उनके कॉल डिटेल से पता किया पर मैने रंजित और माँ को रात मे चुदाई करते हुए देखा. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तब मैने फोन चेक किया तो पता लगा रंजित माँ को शुरू दिन से ही पटाने मे लगा हुआ था वह माँ से घंटो बाते करता था रंजित को माँ बहुत आसानी से फंसा लिया वह रोज देर रात तक हमारे ही घर पापा के साथ दारू पीता था इस दौरान वह माँ पर लाइन मारता था.
माँ भी लण्ड के लिए तड़प ही रही थी वह भी लाइन देने लगी पर यह बात ना मुझे पता चला और ना पापा को मुझे तो लगता था मेरी माँ बहुत संस्कारी है वह कभी किसी के चक्कर मे नही आएगी वह तो बैगन वाले कांड के बाद मै उनपर ध्यान देने लगा जब मन होता उनको घूरने लगता.
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उस रात मै पढ़ते हुए सो गया था अचानक रात मे नींद खुला देखा घर मे सन्नाटा है तो लगा सब सो गये है तो मै उठकर अपने किताब समेट के एक तरफ रखकर फिर सोने से पहले बाथरूम जाने का सोच के रूम से निकल के जैसे ही हॉल मे आया देखा पापा दारू के नशे मे धूत वही वही हॉल मे फर्श पर लेटे हुए थे वही उनके रूम की लाइट जल रही थी और अंदर से किसी के फुसफुसाहट जैसी आवाज मुझे सुनायी दिया तो मै अंदर रूम के तरफ गया और जैसे ही अंदर देखा मेरी आँखे फटी की फटी रह गयी.
अंदर मेरी माँ बेड पर लेटी हुई थी और रंजित उनके उपर चढ़ा हुआ चोद रहा था माँ अहह अहहह अहह करके चुद रही थी माँ को पुरी ताकत लगा के चोद रहा था दोनो चुदाई के मजे ले रहे थे माँ बीच बीच मे बोल रही थी अहहह रंजित जी जल्दी किजिए नही तो कोई जाग गये तो हम पकड़े जाएगे तब रंजित बोला चिंता मत कर कुसुम रानी मै हूँ ना कोई कुछ नही करेगा इसी तरह से रंजित उस दिन मेरी माँ को हमारे ही रूम पर सुबह पाँच बजे तक पेला उसके बाद वह सुबह चला गया.
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