Long Dehati Sexy Kahani
मेरा नाम अंशु है मै शहर मे रहता हूं और मेरा घर गांव मे भी है जहां मै पहले रहता था अब पुरे परिवार के साथ शहर के घर मे ही रहता हूं। कहानी तब शुरु हुई जब मै 24 का हुआ था। मेरा शहर मे उस टाईम घर बन ही रहा था और मेरा जॉब भी होने वाला था। मै कभी शहर चला जाता घर बनते हुए देखने वैसे गांव मे ही रहता था। Long Dehati Sexy Kahani
उस टाईम मै अपना एक नया फार्म बना रहा था मुझे पेड़ पौधे लगाना बहुत पसन्द है मेरे पास जमीन भी गांव मे है तो मै अपने पुराने बाग के बगल मे ही नया पेड़ लगा रहा था। मुझे याद है अच्छे से की वो गर्मी का टाइम था आम भी बड़ा हो चुका था लेकिन पक्का नही था, मै नए वाले बाग मे कुछ दोपहर मे साफ सफाई कर रहा था और छोटे पौधों को पानी डाल रहा था।
वहीं पास मे ही एक पड़ोसन अपने खेत मे कुछ कर रहीं थीं उनका नाम अंजू था। वो चलते हुए मेरे बाग मे आई। और कुछ आम तोड़ने बोली। उन्हे खाने का मन था। वो भी मीठा वाला। मेरे पुराने बाग मे एक बहुत पुराना आम का पेड़ है जो कच्चा ही मीठा लगता है वो बहुत बड़ा पेड़ था और आम भी ऐसे पेड़ मे कम ही आते हैं, कभी आते हैं कभी नही के बराबर।
अब पेड़ पर चढ़ कर तोड़ने के सिवा कोई और रास्ता ना था आखिर इतनी सुन्दर पड़ोसन ने जो कहा था मै भी जोश जोश मे चढ़ गया। सोचा मन मे की आज पेड़ पर चढूंगा तभी तो कल पड़ोसन पर चढूंगा। अब मै चढ़ा तो एक पुरानी डाली के कारण गिर गया पीठ और बाई हाथ के बल।
हाथ टूट गया पड़ोसन आवाज दे आस पास से लोग बुलाने लगी लेकीन शायद कोई था नही और पीठ के बल गिरने से मेरी आवाज़ भी नही निकल रही थी। बेहोश भी हो गया मै। अब होश आया तो घर पर था सब ठीक था बस हाथ टूटा था। अब कुछ दिन मे मै ठीक हुआ तो घर से निकलने लगा पड़ोसन देखने आती थी और सहमी हुई सी रहती थी। कुछ दिन बाद एक दोपहर मै बाग मे गया था अंजू भी आई थी वहां आस पास कोई नही था वो धीरे से डरते सहमते हुए मेरे पास आईं।
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अंजू: कैसे हो अब!
मै: ठीक हूं।
अंजू: सॉरी मेरी वजह से तुम गिर गए।
मै: अरे ऐसा नही है जो होना होता है वो होकर ही रहता है।
हमने थोड़ी बात करी वो कुछ काम कर रही थीं, अब मुझे पॉटी लगने लगी तो मै उठ कर घर आने लगा।
अंजू: क्या हुआ थोड़ी देर बैठो ना और बात करते हैं।
मै: मुझे बाथरुम लगा है इसलिए जा रहा हूं।
अंजू: तो यहीं खुले मे कर लो। कौन देख रहा है पानी भी है ही।
मै: अरे धुलेगा कैसे एक ही हाथ है पानी कैसे लूंगा।
मै उन्हे अपना प्लास्टर वाला हाथ दिखाते हुए वोला।
अंजू: घर पर कैसे करते हैं।
मै: वहां तो पहले नल मे पाइप लगा दिए थे अब जेट स्प्रे लगा है।
अंजू: (हंसते हुए) मै डाल दूंगी पानी ठीक है।
मुझे जोर लगने लगा तो मै भी वहीं कर दिया साईड मे वो पानी डाली और मै धो लिया। वो मंद मंद मुस्करा रहीं थीं। हम एक पेड़ के नीचे बैठ गए।
मै; इतना हंस काहे रही हैं।
अंजू: हाथ नही है तो बहुत कुछ करने मे नही बनता होगा।
मै: क्या बहुत कुछ।
अंजू: तुम्हें पता नही है क्या!
मै: पता है पर आप बता दो।
अंजू: (हंसते हुए) वो ही।
मै: क्या?
वो हंस कर बात टालने लगीं।
अंजू : अच्छा, घास बहुत उग आया तुम्हारे खेत मे।
मै: हां, हाथ टूटा है ना ठीक होते ही साफ करुंगा। वैसे आपका खेत कैसा है।
अंजू: मेरा तो साफ कर दी हुं कल ही दिख नही रहा है क्या?
मै: मै कहां दिख रहा है? दिखाओगी तो ना दिखेगा।
मै उनकी जांघों की तरफ देखते हुए बोला। वो मजाक मे मेरे बाजू पर चूंटी काटते हुए बोली।
अंजू: मै खेत खेत की बात कर रही हूं।
दोनों हंसने लगे। कुछ देर चुप रहे।
अंजू: घास तो साफ नही किए हो तुम लेकिन अपने पेड़ को पानी डाले हो की नही।
मै: कहां डाला हूं, वो भी बेचारा कुएं की तलाश कर रहा है। लेकीन कुएं वाली इतनी बेदर्द है कि पानी पिलाती ही नही।
अंजू: (हंसते हुए) प्यासे को कुएं के पास जाना पड़ता है कुआ प्यासे के पास नही जाता।
मै: प्यासा चला तो जाए लेकिन कुएं वाली ने मना कर दिया तो।
अंजू: प्यार से पूछने पर नही मना करेगी।
मै: ठीक है प्यार से पुछ लेते हैं, पानी पिलाइएगा इस प्यासे को।
वो खिलखिला कर हंसने लगी। दोपहर का समय था दूर दूर तक कोई था नही मै उनके और करीब बैठ गया और उनकी कमर पर हाथ रख दिया वो कुछ नही बोली। मै बात करते हुए ही उनकी कमर को सहलाने लगा कुछ देर मे अपने हाथ को उनके सीने पर रख दिया तो वो हटा दी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अंजू: (हंसते हुए) पहले हाथ तो ठीक हो जाने दो।
वो उठ कर जाने लगी तो मै उनका हाथ पकड़ लिया उठते हुए ही जिसे वो नीचे बैठ गई मै उनके होंठ पर होंठ लगा चूसने लगा कुछ देर तो उन्होंने कुछ नही किया बाद मे स्मूच करने लगी शायद पहली बार स्मूच कर रही थीं।
अंजू: (शर्माते हुए) हाथ ठीक हो जाने दो।
वो उठ कर चली गई। अब मै आपको अंजू भाभी के बारे मे बताता हूं। वो एक 34, 35 साल की जबरदस्त माल हैं कद 5 फूट 3 इंच होगी। फिगर ज्यादा खास नही है चूचे छोटे टाइप के हैं कमर पतली है और गान्ड भी ज्यादा निकली नही है ठीक ठाक भराव है सभी जगह पर। नयन नक्श काफी मोहक है लम्बे बाल गान्ड तक आती है।
उनके पति बाहर रहते हैं, उनकी एक 18 साल की बेटी रिया और एक बेटा 12 साल का है । अब कुछ हफ्तों मे मेरा हाथ ठीक हो गया मै घर पर ही रहता था ज्यादा टाईम एक सुबह वो मेरे घर आई जो की ज्यादा तर आती ही रहती थीं मम्मी से गप करने। मुझे इशारा करी और दोपहर मे बाग की तरफ चलने को बोली।
मै दोपहर मे बाग मे गया वो उधर पहले से ही बैठी थीं बहुत सारे सरसों के सुखे हुए डंठल रख रखा था उन्होंने मेरे बाग के एक कोने मे। मै: ये आपका डंठल है? अंजू: हां! वो मुझे उधर ही ले गई एक चटाई बिछा रखी थी उन्होंने, देख कर लग रहा था सब इंतजाम कर रखा था मुझसे अपनी बुर चुदवाने का।
बाग मे किसी के आने का कोई डर नही था इस वक्त और डंठलों के बीच मे कोई दूर से भी नही देख सकता था। वो मुझे वहां ले गई पेड़ की घनी छाया थी। हम बैठ गए मै उनके गाल सहलाने लगा और उनके होंठ से होंठ मिला स्मूच करने लगा। उनके कान गले गर्दन सीने पर चूसा वो मदहोश हो गई, होंठ उनके बहुत रसीले थे।
अब उनके ब्लाउज खोलने लगा तो वो खुद सिर्फ दो बटन खोल ऊपर से चूंची निकाल कर चूसने दी मै बारी बारी से दोनो को चूसा। अब उनका हाथ पकड़ अपने लन्ड पर रखा जो पहले से ही खड़ा था एक दो बार तो वो हटा ली पर अब वो पैंट में हाथ डाल लन्ड पकड़ ली और कुछ देर मे बाहर भी निकाल ली। शर्माते हुए मेरे लन्ड को देख रहीं थीं और सहला रही थीं अब मेरे लन्ड के स्किन को नीचे सरका दी मेरी आह निकल गई।
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अंजू: (शर्माते हुए) कभी किसी के साथ नही किए हैं ना!
मै: नही किए हैं, आप ही उद्घाटन करेंगी।
वो मेरे लन्ड को सहलाते हुए जब सुपाड़े को छु देती तो मेरा शरीर गंगाना जाता। अब वापस से मै उनके होंठ चूसने लगा उनके मम्मे पीने लगा। अब वो लेट गई और मै उनकी साड़ी उठा दिया कमर तक उनकी बुर एक दम चिकनी थी और गीली हो रखी थी वो बुर को हाथ से ढंक रखी थी मै उनका हाथ हटाया और बुर सहलाया एक ऊंगली डाली।
अंजू: ऊंगली मत डालो वो डालो।
वो मुझे अपने ऊपर लिटा ली और मेरे होंठ चुसने लगी। साथ ही वो मेरे लन्ड को अपनी बुर पर घिस रही थीं हल्की हल्की सिसकारी लेते हुए वो लण्ङ को घुसा रही थी। धीरे धीरे मैने भी कमर को दबाया और पूरा लन्ड उनकी चिकनी गीली बुर मे उतार दिया। मेरे मुंह से सीत्कार फुट पड़ी।
कुछ देर वो वैसे ही रहने बोली मै उनके गाल गले कान होंठ चूसता रहा वो भी चूम रही थीं। अब वो धक्के लगाने बोली मै धीरे धीरे धक्के लगाने लगा और उनकी चूदाई करने लगा, वो धीमे धीमे सिसक रही थीं। वो मेरे कभी गाल चूमती कभी होंठों मैं उनके मुंह मे जीभ डाल उनकी जीभ चूसने लगता वो भी मेरे जीभ चूस रही थीं।
कुछ देर मे मै घुटने के बल बैठ चूदाई करने लगा लेकिन उन्होंने मुझे अपने ऊपर ही खींच लिया उन्हें शायद मिशनरी ही पसन्द थी। कुछ देर मे उन्होंने स्पीड बढ़ाने को बोला तो मै बढ़ा दिया तो ठप ठप की आवाज आने लगी मै और स्पीड बढ़ा दिया.
उनकी बुर पानी फेंक फेंक गीली हो गई थी वो जोर से हांफने लगी और मुझे कस कर जकड़ ली। मेरा भी लण्ङ पिघल गया और मै उनके ही अन्दर झड़ गया। कुछ देर उनके ही ऊपर लेटा रहा। फिर साईड मे उतर लेट गया। वो मेरे सर को सीने मे छुपा ली।
अंजू; कैसा लगा।
मै: बहुत अच्छा, आपको।
अंजू: बहुत मजा आया।
कुछ देर हम बात किए एक दूसरे को सहलाया और अपने कपड़े सही कर घर आ गए। अब मेरी और अंजू भाभी की रेगुलर चूदाई चलने लगी, हमे जब भी मौका मिलता हम चुपके से कभी खेत कभी खलिहान कभी बाग मे चूदाई कर लेते। घर मे कभी मौका नहीं मिला था। जब बरसात का सीजन शुरु हुआ तो खेत बाग मे पानी भर गया तो हमारा अकेले मिलना बन्द रहा 3, 4 महीने।
अब सर्दी आई तो एक दिन भाभी इशारा करी कि शाम को खलिहान के तरफ आ जाना। मै शाम को खलिहान के तरफ गया अभी अंधेरा होने मे काफी वक्त था तब तक मै चूदाई के लिए जगह ढूंढने लगा खलिहान मे कोई नही था, । मैने दो धान के गांज (पिंज) के बीच जो थोड़ी जगह थी वहां ढेर सारा पुआल रखा हुआ देखा, उन्हीं पुआल के नीचे मैने दो चार आम के लकड़े घुसा दिया जिससे थोड़ी जगह बन गई।
थोड़ी ही देर मे भाभी आ गई हम दोनो पुंज के दूसरी तरफ से अन्दर आ गए और उधर भी थोड़ा पुआल लगा दिया। अन्दर थोड़ी बैठने की जगह बन गई थी। अब हम दोनो शुरु हो गए दोनो स्मूच करने लगे मै उनके गाल होंठ गले कान गर्दन सीने पर सब जगह चूसा।
वो अपना ब्लाउज खोल मम्मे चुसवाने लगी मै जी भर कर दोनो को चूसा अब वो लेट कर मुझे अपने ऊपर लिटा ली मै साड़ी उनके कमर तक उठा बुर पर हाथ फिराने लगा उनकी गान्ड दबाने लगा। उनकी बुर पानी से भर गई थी वो मेरा लण्ङ पकड़ मेरे पेंट से निकाल ली और अपनी बुर पर घिसने लगी।
कुछ देर मे लौंडा पूरे उनके बुर से उतार दिया हमारी चूदाई शुरु हो गई थी, कि तभी हमे कुछ आवाज सुनाई दी। कोई तो खलिहान मे आ गया था, हम वैसे ही पड़े रहे वैसे भी पुआल के नीचे हम थे। आवाज आना अब ज्यादा बढ़ गया था सिर्फ लड़कियों की आवाज आ रही थी कुल चार आवाज थी।
अंजू मेरा मुंह अपने हाथ से बन्द कर दी क्योंकि मेरी आह बहुत निकलती थी मै भी अपना हाथ उनके मुंह पर रख दिया। मेरा लण्ङ उनकी बुर मे पूरा घुसा था जड़ तक, लेकिन हम हिल भी नही सकते थे। अब चारों लड़की हमारे पुआल के पास ही आ कर बैठ गई थी एक तो पुआल पर ही बैठ गई जिससे थोड़ा सा पुआल मेरे ऊपर आ गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
रिंकी: अरे बाप से ई तो अभी घुस जाता। साला लकड़ी कौन रखा है पुआल मे।
शायद रिंकी ही पुआल पर बैठी थी जिससे आम की लकड़ी उनके वहां चुभ गई थी।
नीलू: ठीक होता जो बुर मे घुस जाता, तो फट जाता।
जूली: फट नही जाता, इतना तो घुस जाता आराम से, नही रिंकी।
रिंकी: हां, साली ले तू ही घुसा ले। तुझमे भी तो घुस ही जाएगा।
जूली: अरे मै तो बस कह रही थी कि इतना तो चौड़ा तेरा हो ही गया होगा रोज करवा के।
रिंकी: हां रण्डी साली, रोज करवा रही हुं जैसे की मेरा भतार है, महीने मे दो चार बार मौका भी नही मिलता है। तू ही रोज करवाती होगी।
जूली: मै तो करवा लेती हूं नानी घर जाती हूं तो।
सभी हंसते हैं।
रिंकी: नीलू रानी के अभी मजे हैं, जीजू से खूब मसालवा रही है।
नीलू: चुप कुति,।
जूली: सच बता ना कभी रात मे देखी कि नही अपने दीदी जीजू को करते हुए।
नीलू: भक पागल:!
रिंकी: बता ना, बता ना प्लीज़।
नीलू: अच्छा, सुन कुत्ति, कल रात देखी थी।
रिंकी: ओ, ओ। जूली: पूरा बता।
नीलू: क्या बताऊं, बस इतना ही की कमरे मे अंधेरा था तो क्या दिखेगा।
रिंकी: बस।
नीलू: हां और क्या!
जूली: अच्छा आज जीजू से नजर मिलाई तो हंसी नही आई या लाज नही आई।
नीलू: आज सुबह सुबह तो कमिने ने मूड खराब कर दिया!
रिंकी: क्या किया?
नीलू: आज सुबह जब चाय देने गई तो साले ने मेरी चूंची दबा दी।
सभी हंसने लगे।
नीलू: बहिनचोद, अचानक से पकड़ लिया और दोनो को दबा दिया कस के।
जूली: अच्छा तो तू क्या बोली?
नीलू: मै क्या बोलती, हाथ छुड़ा कर भाग गई। सुबह से बात नही करी हूं कुत्ते से तो बार बार बहाने से बात करने की कोशिश कर रहा है।
रिंकी: अच्छा, वो छोड़, जब उसने दबाया तो कैसा लगा।
नीलू: कैसा लगेगा ला तेरा दबा देती हूं। पता चल जाएगा।
जूली: अच्छा है कुछ दिन मे तू भी अपने जीजू से सिल तुड़वा लेगी। बस बच जायेगी हमारी प्यारी रिया।
नीलू: ओ मेरी प्यारी रिया बेटी तू अपनी सिल कब तुड़वाएगी।
रिया: क्या करूं बुआ मै अभी छोटी हूँ ना।
रिंकी: तू छोटी नही है तेरे छोटे हैं।
जूली: रिया तू तो इतनी हॉट हो जाएगी जब तेरे ये मम्मे थोड़े बड़े हो जाएंगे कि सारे लड़के तुझे देख के अपने पैंट में ही झड़ जाएंगे।
सब हंसते हैं।
नीलू: हां, कह तो तू ठीक रही है, लेकिन इसके बड़े हो क्यों नहीं रहे हैं हम सब एक ही एज के हैं हमारे तो मौसमी जैसे हो गए हैं इसके अभी उगे भी नही हैं।
रिंकी: रिया तू किसी से तेल लगवाया कर या खुद ही मसाज कर।
नीलू: कहां जा रही है, तेरी यहीं प्रॉब्लम है कोई सलाह देता है तो तू नाराज हो जाती है।
रिया: पेशाब करने जा रही हुं मेरी मां।
नीलू: अच्छा जा।
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मै पाठकों को बता दूं कि ये रिया अंजू भाभी की ही बेटी है जो 18 साल की थी और नीलू उसकी चचेरी बुआ लगती है और बाकि दो सहेली है सभी हम उम्र ही थे। और सबका घर आस पास ही है। इधर मेरा लण्ङ भाभी की बुर मे कसा हुआ था और लड़कियों की गरमा गर्म बातें सुन फूल रहा था।
अब ऊपर से रिया पुंज के पीछे ही हमारे निकलने के रास्ते पर ही बैठ मूतने लगी मैने सर उठा देखा तो उसकी बुर सामने थी जिससे पेशाब की पतली धार निकल रही थी। पुआल सामने होने की वजह से साफ से दिखा नही। अब रिया जा उनके पास बैठती है। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
जूली: तेरे वहां पर बाल उगे हैं कि नही रिया।
रिया: नही रि।
नीलू: मेरे तो बहुत उग आया है बहुत नोचता है।
रिंकी: गान्ड मे साला उग आया है बहुत गड़ता है यार।
जूली: हां बहुत गड़ता है।
रिंकी: सामने वाला तो फिर भी साफ कर ले सकते हैं पीछे वाला कैसे करें।
सभी हंसते हैं।
नीलू: अब चल घर चलते हैं।
जूली: अच्छा रुक पेशाब कर के आती हूं।
जूली भी वहीं पर आकर मूतने लगती है। और अपनी बुर सहलाती है।
रिंकी: जरूर ये बुर सहला रही होगी, जल्दी आ।
जूली पेशाब कर जाती है। अब रिंकी भी आ कर मूतने लगी। वो जल्दी से आ वहीं बैठी थी। उसके मुंह से आह निकल गई। रिंकी भी पेशाब कर वापस गई।
जूली: क्या हुआ चिल्लाई क्यों थी?
रिंकी: बैठे तो पुआल का ये चुभ गया।
सब हंसने लगीं। अब नीलू भी पेशाब करने वहीं आई और पेशाब कर उसने अपनी बुर मे पुआल का एक तिनका अपनी बुर मे घुसाती है और अपनी पर फिरा सिसकती है। फिर उठ कर चली जाती है। सबकी बुर मैने और अंजू भाभी ने देखी थी हल्की हल्की। रिया: चल अब अंधेरा हो रहा है। वो सभी चली गई थी।
इधर मेरा लण्ङ भाभी की बुर मे फटा जा रहा था इतनी देर होने के कारण। मेरे नाक मे सबकी पेशाब की खुश्बू आ रही थी। अंजू भाभी मुझे बाहों मे पहले ही दबोच रखी थी अब नीचे से कमर उचकाने लगीं। मै भी अब धक्के लगाने लगा दोनो स्मूच भी कर रहे थे और काफी गर्म हो गए थे दोनो तो तो कस कस कर चूदाई करने लगे और जल्दी ही दोनों झड़ अलग हुए और बिना कुछ बोले कपड़े सही कर घर आ गए।
अब पूरी ठंड खलिहान मे छुप कर हमने चूदाई करी। अब अगले साल मेरी शादी हो गई फिर भी भाभी से मेरा रिश्ता बना रहा मेरी बीबी निशा का भरा पूरा बदन था मै उसकी खूब चूदाई करता था वो बहुत मस्त लड़की थी और बिंदास भी। मेरा पूरा परिवार अब शहर वाले घर पर ही रहते थे.
मै एक कॉलेज मे प्रोफेसर था तो टाईम नही मिलता था गाँव जाने का लेकिन मै हर सैटरडे शाम को गांव चला जाता और सन्डे शाम को वापस आ जाता था। मेरे खाने की जिम्मेदारी अंजू भाभी ही संभालती थीं। कभी मौका मिलता तो सन्डे की दोपहर को बाग मे भाभी की चूदाई भी जरूर करता।
घर मे किसी के ना रहने के बावजूद भी घर मे कभी चूदाई ना की हमने क्यूंकि गली मे बहुत लोग होते थे। मेरी बीबी को मैने अंजू भाभी के बारे मे नही बताया था लेकिन एक दिन उसे पता चल ही गया। दरअसल हुआ यूं कि एक सन्डे को गांव से शहर आना था.
अंजू भाभी को शहर मे कुछ काम था तो वो सुबह ही कह गई थीं कि उन्हें भी जाना है, तो हम घर से 10 बजे निकल गए मै और अंजू भाभी अपनी गाड़ी से। मेरे पास फोर व्हीलर थी जिससे मै गांव जाया करता था या कॉलेज जाता था। अब गाड़ी मे बैठ गए दोनो भाभी इतनी हॉट लग रही थीं कि मैं बार बार उन्हें ही देखे जा रहा था।
अंजू भाभी: क्या देख रहे हो खा जाओगे।
मै: मन तो कर रहा है खा जाऊं भाभी आपको, लेकिन अभी काम कर लेते हैं।
अंजू भाभी: पहले खा ही लो काम तो कल का ही है।
मै तो वहीं गाड़ी मे भाभी को स्मूच करने लगा लेकिन फिर देखा कि कोई देख लेगा तो मै गाड़ी सीधा चलाते हुए कॉलेज ले गया और कहीं साईड मे लगा दिया। सन्डे कि वजह से कोई था नही हम गाड़ी मे ही शुरु हो गए। हम पिछली सीट पर आ गए और मै उन्हें बाहों मे भर लिया और स्मूच करने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मै: भाभी एक बात बोलूं।
अंजू: हां बोलो!
मै: हमेशा तो हम जैसे तैसे चूदाई करते ही हैं जल्दीबाजी मे, आज मै आपको बिना कोई कपड़े के चूदाई करना चाहता हूं।
अंजू: (शर्माते हुए) भक पागल। नही ऐसे ही करो।
मै: प्लीज भाभी।
अंजू: नही अंशु अच्छा नही लगता।
मै: प्लीज भाभी, इससे आपका कपड़ा भी खराब नही होगा।
अंजू: नही।
मै: अगर कपड़ा खराब हो जाएगा तो क्या करोगी।
वो कुछ देर मनाने पर मान गई। अब मै उनके सारे कपड़े उतारने लगा और वो मेरे आज वो ब्रा पैंटी पहनी थी वरना गांव मे तो नही ही पहनती थीं। हम दोनो नंगे हो एक दूसरे को सहला और चूम चूस रहे थे। फिर हमने चूदाई शुरु करी पहले एक राउंड फिर दूसरा, तीसरा। शाम 6 बजे तक हमने 6 बार चूदाई करी सारा माल उनकी बुर मे भर रहा था क्योंकि उनका ऑपरेशन हो रखा था।
दोनो की हालत पस्त हो गई भाभी तो मस्त हो गई थी। पहले दूसरे राउंड तक मेरा लण्ङ खड़ा ही रहा था तीसरा भी अपने आप खड़ा हो काफी लंबा चला था। चौथे राउंड के लिए भाभी हाथ से सहला खड़ा की पांचवें और छठे राउंड के लिए भाभी को थोड़ी हाथ से मेहनत करनी पड़ी। अब हम कपड़े सही कर कुछ देर मे घर आ गए।
अब रात को खाना खा भाभी मम्मी के साथ सो गई और मै अपने कमरे मे निशा के साथ। बेड पर जाते ही निशा मेरे साथ अठखेलिया करने लगी मै बहुत थका हुआ था फिर भी उसके साथ लग गया। उसे आज चूदाई करवानी थी तो मुझे स्मूच करने लगी मै भी साथ दिया।
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मै: यार आज मै बहुत थक गया हूं कल करेंगे।
निशा (मेरी तरफ देखती है): आज के पहले तो कभी तुमने ऐसा नही कहा।
मै: आज सच मे थक गया हूं बहुत।
निशा: मै सारी थकान निकाल दूंगी।
वो मुझे पीठ के बल लिटा दी और मेरी मालिश करने लगी मेरे सारे कपड़े खोल दी सिर्फ बॉक्सर मे मै था। वो मेरे हाथ पैर सीने सब जगह मालिश करी और दबाई।
निशा: आज तुम्हारा ये शेर क्यों सोया है रोज तो दहाड़ता रहता है।
मै: ट्रैफिक मे फंसा था तो पूरा शरीर दर्द कर रहा है।
निशा: लाओ इसकी भी मालिश कर देती हूं।
मै: रहने दो ना सो जाओ।
वो कभी मेरे लण्ङ को नही छुई थी ना सहलाई थी लेकिन आज मालिश कर रही थी। वो मालिश करने लगी लण्ङ की।
निशा: आज हुआ क्या है इसे एक दम मुरझाया हुआ क्यों है।
मै कुछ नही बोला।
निशा: कुछ छुपा रहे हो ना तुम मुझसे।
मै: नही यार, क्या छिपाऊंगा।
निशा: मेरी आंखों में देख कर बोलो कि मुझसे कुछ नही छुपा रहे हो।
मै उससे नजर हटा लिया वो पलट कर सो गई उसकी आंखों मे आंसू भर आए थे। मुझे भी नींद कस कर दबोच ली। अब अगले दिन भाभी मां के साथ कहीं गई थी, और शाम को जब मै कॉलेज से वापस आया तो वो जा चुकीं थीं। रात को निशा और मै कमरे मे थे वो मुझसे बात नही कर रही थी। मै बेड पर गया और उसे बाहों मे भर लिया वो मुझसे छुटने लगी।
मै: रुको, एक बात बतानी है तुम्हें, प्लीज माफ कर देना।
निशा: क्या?
मै: मेरा और अंजू भाभी का चल रहा है शादी के पहले से और कल भी हमने किया था इसलिए मै थका हुआ था, प्लीज मुझे माफ कर दो।
मै एक ही सास मे बोल दिया। थोड़ी देर दोनो कुछ नही बोले।
मै: जिन्दगी मे मैने सिर्फ तुमसे यहीं एक बात छुपाई है प्लीज माफ कर दो।
मै उसके सीने मे सर छुपा लिया। वो मेरे बाल सहलाते हुए बोली कोई बात नही।
मै: मै उनसे रिश्ता शादी के समय ही खत्म करने वाला था लेकिन उनका दिल टूट जाएगा यहीं सोच के नही किया लेकिन अब मै उन्हे मना कर दूंगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
निशा: कोई जरूरत नही है इसकी।
मै: नही अब और तुम्हारा दिल नही दुखा सकता।
निशा: नही, रहने दो पर भाभी से मेरा एक काम करवाना होगा।
मै: कैसा काम?
निशा: दरअसल मैने भी तुमसे एक बात छुपाई है।
मै: कैसी बात? बताओ मुझे, मै कुछ नही कहूंगा।
निशा: पहले तुम बताओ भाभी को कैसे पटाया।
मै उसे सबकुछ बताया चूदाई का एक एक पल सब बताया वो बड़े मजे ले सुन रही थी और हम एक दूसरे के अंगों को पूरे बदन को सहला रहे थे। मै: अब तुम बताओ। निशा: पहले चोदो मुझे। मै साड़ी मे घुस उसकी बुर चाटने लगा वो इतनी गर्म थी कि तुरन्त ही झड़ गई अब दोनो ने एक दूसरे के सारे कपड़े उतार दिए। मै उसके गाल गले कान चूसा उसके दोनो मम्मे चूसे और बुर मे लण्ङ डाल चूदाई करने लगा। कुछ ही देर मे दोनो झड़ गए। हम दोनो एक दूसरे को बाहों मे जकड़े थे।
मै: अब बताओ क्या बताना है।
निशा: दरअसल मै और मेरी दीदी शादी से पहले लेस्बियन सेक्स करते थे इसलिए जब मै कोई हॉट लड़की या भाभी देखती हूं तो लगता है उसपे चढ़ जाऊं।
मै हंसने लगा।
मै: मुझे विश्वास नही होता कि तुम्हारी संस्कारी दीदी ऐसा करतीं होंगी। शुरु से बताओ हुआ कैसे, शुरुआत किसने की।
निशा: मै और दीदी ना पहले बहुत झगड़ा करते थे, मै जब 18 की थी दीदी 19 की तब मुझे उसके मोटे मोटे मम्मे देख लालच आता रहता था। एक बार जब हमे पार्टी मे कहीं जाना था लेकिन घर पर किसी ना किसी को रुकना था मेरे और दीदी मे से कोई एक को।
लेकिन जल्दी जल्दी दोनो तैयार होने लगीं, मम्मी पापा चाहते थे कि दीदी घर पर रुके क्योंकि वो बड़ी थी और दीदी चाहती थी मै रुकूं। पहली बार तब ही हुआ था जब मेरा उससे कुछ समान को लेकर झगड़ा हो रहा था मै उसके कन्धे पर दांत से कस कर काट ली, फिर उसने जैसे तैसे छुड़ाया और मेरे गाल पर काट ली और निशान दे दी।
दीदी बोली: ले अब गाल पर निशान दे दी मै नही जाऊंगी तो तू कैसे जाती है देखती हूं।
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दीदी मेरे गाल पर काट कर सोची कि निशान के वजह से मै नही जाऊंगी तो वो चली जाएगी। मै ड्रेस चेंज कर घर के नॉर्मल कपड़ों मे आ गई तो दीदी खुश हो गई और जल्दी से तैयार हो गई। जाते टाईम वो मुझसे पूछने आई कैसी लग रही हुं मै उसके काजल सही करने के बहाने उसके पास गई और उसके गाल पर कस कर काट ली तब तक काटती रही जब तक मम्मी छुड़ाने नही आई।
अब उसके भी गाल पर काटने का निशान बन गया था मेरे गाल पर से ज्यादा तो वो भी नही जा सकती थी मम्मी ने मुझे डांटा थोड़ा पिटाई की और वो सब चले गए। अब घर मे सिर्फ मै और दीदी ही थी। दीदी कमरे मे ड्रेस चेंज करने गई मै भी उसके पीछे गई और उसे बेड पर धक्का दे उसके ऊपर चढ़ गई और उसके होंठ को दांतों के बीच भींच ली।
वो छुटने की कोशिश कर छूट गई। वो मुझे धक्का दे उठ कर बैठ गई मै उसके गोद मे दोनो ओर पैर कर बैठी थी वो अपने ओंठ टटोलते हुए मुझे कमिनी बोली। उसके होंठ पर भी मै काट ली थी। तो अब उसने भी पकड़ मेरे होंठ दांतों मे भींच ली लेकिन काट नही रही थी स्मूच कर रही थी मुझे अच्छा लग रहा था उसका मेरे यूं होंठ चूसना, मै भी चूस लेती थी।
अब मेरा हाथ उसके चोली के ऊपर से उसके आम जैसे मम्मे पर चले गए जिसे मैं दबा दी, जिससे उसकी आह निकल गई। वो बोली हट कमिनी तेरे नही हैं खुद के दबा। तो मै बोली तू दबा दे वो मेरे चीकू जैसे मम्मे दबा दी मेरी सिसकारी निकल गई। वो अब उठ कर चली गई और अपने कपड़े चेंज करने लगी मै वहीं खड़ी रही जैसे ही उसने चोली उतारी और सिर्फ ब्रा मे हुई मै उसे सामने से पकड़ ली और उसके मम्मे के बीच मुंह लगा सीने को चूसने लगी।
थोड़ी देर तो वो मुझे हटाने की कोशिश करी मेरे बाल खिंची मेरे पीठ पर मारी मम्मी को बताने की धमकी दी लेकिन मै नही मानी और उसके गले गर्दन सिने सब जगह चूसती चूमती रही तो वो कुछ देर मे सिसकारी मारते हुए हटने को कहने लगी और साथ ही बालों मे हाथ फिराने लगी।
कुछ देर मे मै उसे छोड़ी और उसके होंठ चुसने लगी जिसमे वो भी साथ दे रही थी। अब उसकी ब्रा खोल पूरे मम्मे दबोच ली वो हटाती रही लेकिन मै उन्हें मुंह मे भर चूसने लगी वो सीत्कार उठी, मै उसके निप्पल चूसने लगी वो आह आह करने लगी। इधर मै निशा को बाहों मे भर उसके मम्मे चूसते हुए और उसकी गान्ड दबाते हुए उसकी कहानी सुन रहा था।
निशा: (मेरा लन्ड बुर मे घुस ली) आह ऐसे ही धीरे धीरे चोदते भी रहो।
मै उसकी गान्ड पकड़ दबाते हुए लण्ङ अन्दर बाहर भी कर रहा था।
मै: अब वापस शुरु करो उसके बाद।
निशा: दीदी आह आह कर रही थी मै उसके दोनो मम्मे चूस चूस लाल कर दी जब वो बोली रहने दे अब दर्द हो रहा है तो छोड़ी। वो मम्मी को बताने की धमकी भी दे रही थी लेकिन मम्मी आई तो वो कुछ नही बोली। अब हम दोनो एक ही साथ सोती थीं रोज ही एक दूसरे को लिप किसी करने लगी मै कभी कभी उसके मम्मे भी पी लेती थी।
हम अब झगड़ा नही करतीं थीं। एक ठंड की रात मे हम चिपक कर सोई थी हम स्मूच पहले ही कर मस्त हो गई थीं वो आज पहली बार मेरे मम्मे चूस रही थी उसका घुटना मेरी बुर मे लगा तो मेरी सिसकारी निकल गई मै भी अपना घुटना उसके बुर पर दबा दी वो भी सीत्कार उठी तब हमारा एक दूसरे की बुर को दबाना शुरू हुआ और शायद उसी दिन दोनो कपड़े के ऊपर से एक दूसरे की बुर को दबाते हुए पहली बार झड़ी थीं।
दोनो की सलवार गीली हो गई थी और बेडशीट भी। दीदी बोली कि छी सब गन्दा हो गया मम्मी दिखेगी तो मारेगी। तो दीदी अपनी सलवार खोल अपनी बुर पोंछने लगीं अपनी पैंटी से मै पहली बार बुर देख रही थी एक दम सुन्दर गोर हल्की फूली हुई।
मै उनकी बुर छू दी वो हटाई पहले फिर मेरी भी सलवार खोल मेरी बुर भी हाथ से सहलाने लगी. कभी दोनो पतली वाली ऊंगली भी डाल देती थीं एक दूसरे कि बुर मे और ऐसे करते करते दोनो की सांसे भारी होने लगी और दोनो झड़ गई बेडशीट हम बदल दिए और कपड़े भी और सो गए। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मै: (बीच मे टोकते हुए) बस इतना ही बुर चूसना वैगैरह नही हुआ।
निशा: सुनो तो पहले बुर चुसाई हुई उनकी पहली बार उनके सुहागरात पर जीजा जी से। हमे तो ये सब पता भी नही था कि बुर भी चूसा जाता है वो तो जब दीदी शादी के बाद घर आईं जीजा जी चले गए तो हम दोनो अपने कमरे मे थीं। दीदी मुझे अपनी सुहागरात की सारी बात बता रही थीं.
मै जी भर कर उनके मम्मे चूस रही थी तब दीदी ने मुझे अपनी बुर चाटने को कहा मै मना कर दी फिर दीदी मेरी बुर चाटने लगी और मै झड़ गई मुझे इतना मजा आया कि मै भी दीदी की बुर चाटने चूसने लगी और वो दो तीन बार झड़ी। दूध तो मै उसका खूब पी हूं बेबी हुआ है जब से, उसके बेबी से ज्यादा तो मै पी लेती हूं।
मै: तू खूब पी ऐसा नही हुआ तुझसे कि मुझे भी पिला दे।
निशा: (हंसते हुए) आपने भी पिया है एक शाम याद है आपको स्पेशल कॉफी बोलकर दीदी कॉफी दी थीं।
मै: हां, और खूब हंस भी रही थी तुम दोनो बहने।
निशा: हां, वो कॉफी उनके दूध की ही बनी थी। पूरा उनका नही था, आधा गाय का था और आधा उनका।
हम दोनो खूब हंसे और मै निशा के पूरे बदन को चूसा उसके मक्खन जैसी चूतड़ों को चूस कर लाल कर दिया और बुर चूदाई रात भर चली हमारी।
निशा: अच्छा एक काम करना पड़ेगा अब तुम्हें।
मै: क्या?
निशा: अंजू भाभी की मुझे दिलवानी पड़ेगी।
मै: (हंसते हुए) बोल ऐसे रही है जैसे लड़का है, कैसे लेगी तू ऐसे।
निशा: हंस कर बात मत घुमाओ, दिलवानी पड़ेगी तो पड़ेगी, मै उनकी चूंचियों का रस पीना चाहती हूं।
मै: सुन पहले बात सुन वो गांव की सीधी साधी महिला है उन्हे ये सब अच्छा लगेगा, तू खुद सोच।
निशा: मुझे वो सब नही पता।
मै: अच्छा मै कोशिश करुंगा कभी मौका मिला तो।
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अब यूँही चलने लगा मै अब गांव महीने मे एक दो बार ही जाता था और अगर मौका खलिहान या खेत मे मिल जाता तो अंजू भाभी की चूदाई भी कर लेता था। एक बार क्या हुआ कि मुझे दो दिन का काम था गाँव के ब्लॉक मे तो गांव गया था और सुबह सुबह गाड़ी से ब्लॉक जा रहा था।
तभी रिया और उसकी सहेलियां जूली, रिंकी, नीलू और निधि भी पढ़ने जा रही थीं वो सब 12थ मे पढ़ती थीं।। मै गाड़ी निकाल रहा था और मुझे भी वहीं जाना था तो वो मेरी गाड़ी मे बैठ गई रिया आगे बैठी थी और बाकि सब पीछे। अभी उनसे बातचीत होती हुई गाड़ी आधे रास्ते पहुंची थी कि तभी वायरलेस चार्ज मे रखा मेरा फोन बजा जो रिया की मम्मी का था मैने झट से साइलेंट कर स्क्रीन के बल फोन पलट कर रख दिया।
लेकिन शायद रिया ने देख लिया था। अब पहुंचे गए तो रिया दरवाज़ा खोल चली गई और बाकि सब भी। मै अंजू भाभी को कॉल बैक किया तो उन्होंने पूछा कि मै खाना लाई थी कहां गए। तो मै बोला कि काम था तो ब्लॉक का तो जल्द आ गया।
अंजू भाभी: ठीक है, शाम को तो रहोगे ना, मै खाना बना दूंगी।
मै: हां रहूंगा अगर आज काम ना हुआ तो। अगर हो गया तो चला जाऊंगा।
अंजू भाभी: नही कल शाम को जाना।
मै: ठीक है।
अब काम होते होते 3 बज गया मै गाड़ी ले निकला ब्लॉक से तो सामने रिया थी रोड पर उसकी भी छुट्टी उसी टाईम हुई थी। मै गाड़ी साईड मे लगाया और उसके पास जा पूछा।
मै: घर चल रही हो, बाकि सब कहां हैं।
रिया: सब्जी खरीदने गई हैं।
मै: ठीक है तो गाड़ी मे बैठो तब तक मै भी कुछ खरीद लेता हूं।
वो गाड़ी मे बैठी और मै कुछ मिठाई वगैरह खरीदने चला गया और कुछ देर मे गाड़ी मे आया और बैठा अभी भी उसकी सहेलियां नही आईं थीं। रिया चुप चाप अकेली बैठी थी।
मै: क्या हुआ इतनी चुप क्यूं हो?
रिया: (थोड़ा रुक कर) आप मेरी मम्मी के साथ गलत काम करते हैं?
मै सकपका गया कि ये क्या बोल रही है। मेरी घिग्घी बंध गई मै झूठ बोलने की कोशिश करने लगा।
मै: तुम गलत समझ रही हो ऐसा कुछ नही है।
वो मेरा फोन उठाई और उसमे लॉक खोल फोटो दिखाने लगी जो मेरी और उसकी मम्मी की थी जो उसकी मम्मी ने ही कार मे मेरे साथ खिंची थी। कोई अंतरंग फोटो नही था बस कन्धे पर सर रखा हुआ मेरे गोद मे बैठी हुई और गाल से गाल चिपकाया फोटो। मै जल्दी से उससे फोन ले लिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मै: रिया देखो ऐसा कुछ नही है। मै अब भी झूठ बोलने की कोशिश कर रहा था। रिया मेरे गाल पर एक थप्पड़ लगा दी और रोने लगी मेरा तो दिमाग झनझना गया जोर का थप्पड़ लगा था मुझे मै चुप हो गया। रिया अपना चेहरा दुपट्टे से ढंक रोने लगी।
कुछ देर मे अपनी सहेलियों को सामने से आता देख चुप हो गई, और अपने आंसू पोंछ ली सब आकर बैठ गई और हम घर की तरफ चल दिए। मै घर के पास गाड़ी लगाया वो सब उतर कर अपने अपने घर गई मै भी अपने घर आया और अपने कपड़े पैक कर घर बन्द कर शहर जाने लगा। रास्ते मे अंजू भाभी दिखी वो भी मुझे देखी जाते हुए थोड़ी देर बाद ही उनका कॉल आया।
अंजू भाभी: जा रहे हैं क्या?
मै: हां भाभी काम हो गया तो जा रहा हूं।
अंजू: इतना उदास क्यों हैं आवाज भारी लग रहा है।
मै: कुछ नही भाभी!
अंजू: सुबह तो बोले थे रुकेंगे, रुक जाओ ना।
मै: नही भाभी कल कॉलेज भी जाना है।
अंजू: झूठ मत बोलो तुम दो दिन कि छुट्टी लिए थे।
वो कैसे भी कर मुझे वापस बुला ली मै भी आ गया। अब रात को खाना देने उनका बेटा आया था। मै उससे थोड़ा बात किया उसकी पढाई लिखाई के बारे मे फिर उसने बताया कि रिया दीदी मम्मी से झगड़ा कर रही है, इसलिए मै खाना लेकर आया हूं।
मै पूछा किस बात पर तो उसने कहा उसे नही पता। फिर वो मुझसे गाड़ी सीखने को कहा तो मै उसे सुबह गाड़ी चलाने ले गया। अब दस बजे दिन के आस पास अंजू भाभी खाना लेकर आई। मै खाना खाने लगा वो बहुत दुःखी लग रही थीं मै भी काफी दुखी था।
अंजू भाभी: क्या हुआ कल रिया ने कुछ कहा था क्या?
मै: नही।
वो पूछी लेकिन मै जल्दी से खाना खा निकल गया बाग मे कुछ साफ सफाई करने। कुछ देर मे अंजू भाभी भी उधर आ गई।
भाभी: क्या हुआ है इतने उदास क्यों हो कल से।
मै: उदास तो आप भी हो।
हम दोनो वहीं मेरे बाग मे लगे सरसों के खेत मे एक जगह बैठ गए सरसों के फूल लगे हुए थे।
अंजू भाभी: झगड़ा हुआ था क्या रिया से कल।
मै: नही तो।
अंजू भाभी: देखो झूठ मत बोलो, उसने कहा कि वो तुम पर हाथ चला दी थी।
मै: नही तो। अंजू भाभी; उसकी तरफ से मै माफी मांगती हूं।
मै: अरे भाभी क्या कर रही हो आप।
वो रोने जैसी हो गई।
मै: भाभी एक बात बोलूं, अब बच्चे बड़े हो गए हैं आपके मुझे लगता है कि अब हमे नही मिलना चाहिए।
अंजू भाभी: ऐसा बोलोगे तो मै खुद को कुछ कर लूंगी। मै उनके होंठ पर अपनी ऊंगली रख दिया।
मै: भाभी दोबारा ऐसी बात सोचना भी मत।
अंजू भाभी: तो तुम भी दोबारा ऐसी बात मत करना।
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वो रोने लगीं मै उन्हें सीने से लगा लिया। मेरे भी आंसू निकल गए। मै उन्हें चुप कराया तो उनका मन हल्का हुआ। अब हम घर आ गए और शाम को मै शहर आ गया। अब यूंही महीने मे एक दो बार गांव आता और अगर मौका मिलता तो भाभी मुझे चुत दे देती। अब उस घटना को एक साल होने को थे।
एक शाम मै घर आया तो रिया आई हुई थी मेरी मम्मी कुछ दिन पहले गांव गई थी और उसे अपने साथ लाई थी। रिया का 12थ का एग्जाम सेन्टर हमारे ही शहर मे पड़ा था। तो उसे मां यहां ले आई थी। उस टाईम मेरी बीबी मायके गई थी। अब ना मै रिया को देखता ना वो मुझे।
मेरा बस काम था सुबह उसको सेन्टर पर छोड़ना जो 12 km दूर था वापस वो खुद ऑटो से आ जाती थी। एग्जाम गैप गैप करके था। कभी दो दिन गैप तो कभी तीन दिन। तीन पेपर हुए थे कि मेरे नानी घर मे मामी सीढ़ी से गिर गई तो मां को जाना पड़ा नानी घर। अब घर मे सिर्फ मै और रिया ही थे मै शाम को आया तो खाना बनाने लगा। रिया मुझे खाना बनाते देख किचेन के दरवाजे पर आई।
रिया: मै बना देती हूं आप हटिए।
मै कुछ देर चुप रहा फिर बोला।
मै: मै बना लूंगा तुम जाकर पढ़ाई करो।
वो चली गई मै खाना बना रहा था वो सामने ही सोफे पर पढ़ने लगी। खाना मै टेबल पर लगा उसे बुलाया खाने को वो आई हमने खाना खाया चुप चाप। प्लेट धुलने के लिए मै धो दूंगी मै धो दूंगा चला हमारे बीच फिर मै ही धोया। अब वो वापस पढ़ाई करने लगी और मै अपने कमरे मे जा कुछ पढ़ते हुए सोने की कोशिश करने लगा। कुछ देर मे वो कमरे मे नॉक करी।
मै: क्या हुआ?
रिया: अकेले सोने मे मुझे डर लग रहा है क्या मै यहां सो जाऊं।
मै कुछ देर सोचा।
मै: ठीक है आ जाओ! अब हम एक ही बेड पर सोए थे ठंड अभी भी लगती थी तो कंबल भी ओढ़ना पड़ता था जब फैन चलती थी तब। हम कम्बल मे फैन चालू कर सो गए। अब मुझे लगा कि मै नींद मे हूं और निशा मेरे होंठ पर चूम रही है मै भी उसके दोनो होंठों को अपने होंठों मे भर लिया और उसको पूरा बाहों मे भर लिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अचानक मुझे लगा कि अरे निशा इतनी दुबली कैसे हो गई मै आधी नींद से जागने की कोशिश कर रहा था और अचानक जागा। देखा तो ये तो रिया थी मै जल्दी से उससे दूर हुआ और बाहर हॉल मे आ गया। सुबह होने ही वाली थी मै बाथरुम जा फ्रेश हुआ और सोफे पर बैठ गया और सोचने लगा कि क्या हो गया अभी कहीं वो मेरी मम्मी को ना बता दे कुछ। ले
किन मन मे ये भी था कि पहले मुझे मेरे होंठ पर गिला लगा था कही उसने तो पहले नही चूमा मुझे। मेरे मन मे बहुत डर लग रहा था। कुछ देर बाद रिया भी उठ गई मै खाना बनाया और आज उसका पेपर भी था तो उसे एग्जाम सेन्टर छोड़ा। अब शाम को घर आया तो आज वो ही खाना बना ली थी मेरे मन मे अब भी वो सब ही चल रहा था।
मै अपने कमरे मे गया फ्रेश हो और लेट कर टीबी देखने लगा, हल्की मेरी आँख लग गई थी मुझे लगा मेरे चेहरे पर कोई मोरपंख लगा रहा है फिर मेरे नाक मे गुदगुदी हुई तो मेरी नींद खुल गई। सामने रिया थी जो हड़बड़ा कर बोली कि खाना लग गया है खा लीजिए। मै उठा और बिना मुंह कान धोए खा लिया मुझे अभी भी नींद कस कर आ रही थी।
जिसके कारण खा कर मै सीधा बेड पर आ लेटा टाईम देखा तो 8 बजे थे मै फिर कंबल ओढ़ सो गया। रिया पढ़ाई कर रही थी हॉल मे। अब कुछ देर बाद मुझे वापस से वैसा ही लगा मै इस बार अचानक जागा नही मै लेटा रहा आंखें बंद करके कमरे की लाइट चालू थी। मै आंखें बन्द कर महसूस कर रहा था कि रिया बेड पर बैठी है और अपनी बालों की चोटी से मेरे चेहरे को सहला रही है।
मै समझ गया कि खाने के लिए उठाने आई थी तो भी इसने ऐसा ही किया होगा। मै वैसे ही पड़ा रहा उसने धीरे से मेरे गाल पर चूम लिया एक बार मे मै कुछ नही किया लेकिन दूसरी बार उसने जब चूमा तो मै उठ गया। वो डर गई। मै: क्या कर रही थी? रिया: कुछ नही! मै उसे डांटना नही चाहता था तो मुस्कुरा कर बोला।
मै: कुछ तो कर रही थी।
मेरी मुस्कुराहट को उसने ग्रीन सिंगनल समझ लिया और शरमाते हुए मेरी एक बाह पकड़ मेरे से चिपक गई। मै जल्दी से उससे दूर हुआ और उठ कर उसे डांट लगाया इसके लिए वो चुप रही मै कमरे से बाहर चला गया और छत पर जा उसकी मम्मी को कॉल किया। थोड़ी देर इधर उधर की बात कर रहा था मै सोच रहा था कि अभी जो हुआ वो मै उनको बताऊं या ना बताऊं।
मै कॉल तो बताने के लिए ही किया था लेकिन बताऊं कैसे समझ नही आ रहा था। अब हमारी बात रिया पर आ गई वो पूछने लगी कि वो पढ़ाई करती है या नही एग्जाम कैसा गया उसका मेरी मम्मी नही है तो खाना का क्या सिन है वैगैरह वैगैरह। अब उसकी शादी की बारे मे बात होने लगी वो बताने लगीं कि दो चार जगह बात चली थी लेकिन।
वो इतना कह रुक गई। मै पूछा कि क्या तो बोली कि रिया के अभी हुए नही हैं सब उसे लड़का जैसा समझते हैं। फिर हमारी थोड़ी देर बात इसपर ही चली फिर मैने हिम्मत कर बोल ही दिया कि रिया कुछ अलग बिहेव कर रही है। मै तो डर रहा था। लेकिन भाभी हंसने लगी जब मैने उन्हें पूरी बात बताई।
अंजू भाभी हंसते हुए बोली कि मुझसे झगड़ा कर के गई थी और यहीं कह रही थी कि तुम्हें मुझसे छीन लेगी। मै पूछा ऐसा क्यों तो उन्होंने बताया कि जब से वो सब हुआ था उसे हमारे बारे मे शक तब से वो मुझसे बात नही करती है लेकिन जब एग्जाम की बारी आई तो वो पहले तुम्हारे यहां जाना नही चाहती थी वो तो तुम्हारी मम्मी जबरदस्ती उसे ले गई हैं।
और जाने से दो दिन पहले ही मुझसे झगड़ा करी थी और धमकी दे कर गई है कि तुम्हें या तो मुझसे छीन लेगी या तेरी बीबी को सब बता देगी। मै भाभी को नही बताया था कि निशा को हमारे बारे मे पता है। अब मै उनसे बोला कि आप कुछ करो उसे समझाओ कि वो ऐसा कुछ ना करे।
भाभी बोली कि मै कुछ नही कर सकती। फिर भाभी बोली कि अगर उसने शुरुआत कर ही दी है तो तुम क्यों डर रहे हो। मै उनकी बात सुन चौंक रहा था। उनसे कहा कि आप उसकी मां होकर मुझे ऐसा कह रही हैं। वो थोड़ा संजीदगी से बोली कि। रिया बहुत परेशान रहती है सब उसकी सहेली का इतना बड़ा बड़ा हो गया है उसका कुछ नही है।
सब उसे चिढ़ाती हैं। मै भी परेशान हो जाती हूं। मै बोला कि मालिश नही करती क्या। तो वो बोली कि पता नही है उन्हे क्योंकि वो उनसे बात नहीं करती है। और फिर कहने लगी कि अगर तुम कुछ कर सको तो। मै थोड़ा आनाकानी किया फिर मान गया। अब मै नीचे आया तो रिया बिना कम्बल ओढ़े सो रही थी मै उसे कंबल से ढकने नजदीक गया तो उसके सिसकने की आवाज सुना तो लाइट जला देखा वो लेटी थी और रो रही थी लाइट जलाने पर उठ बैठी और सिसकती रही।
मै: क्या हुआ रो क्यों रही है?
वो कुछ नही बोली बस सुबकते रही।
मै: अच्छा मैने डांटा इसके लिए सॉरी, माफ कर दो मुझे।
वो दूसरी तरफ मुंह कर लेट गई। मै भी लेट गया और उसे कम्बल से ढंक दिया जिसे वो हटा दी। मै एक दो बार और ढका तो वो वापस हटा दी मै उसे खींच लिया और अपने सिने से चिपका लिया वो हटने की कोशिश करती है। तो अपना एक पैर उसके एक पैर के ऊपर रख देता हूं। वो छूट नही पाती है। अब हम दोनो एक दूसरे के सिने से लगे हुए थे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मै: अच्छा अब रोना बन्द कर।
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मै हम दोनो को कम्बल मे ढंकता हूं हमारा सिर बाहर था उसका सर मेरे बाजू पर था जिससे मैं उसके गले से पकड़ा था। वो चुप नही हो रही थी तो उसके चेहरे को सहलाता और आंसू पोंछता हूं। उसके माथे पर चूमता हूं। अब उसके गाल पर चूमता हूं।
मै: (उसके गाल पर दांत लगाते हुए) अब चुप हो नही तो काट लूंगा।
साथ ही उसे गुदगुदी भी कर रहा था तो वो हंसने लगी रोते हुए ही।
मै: देख कितनी प्यारी लग रही है हंसते हुए।
मै उसका चेहरा उठा उसकी आंखों मे देखता हूं। वो भी देखती है। अब मै आपको रिया के बारे मे बता देता हूं वो 19 साल की बहुत ही सुन्दर लड़की है बस उसका फिगर अभी उभरा नही है वरना सुन्दर तो बहुत है और बाल तो उसके गान्ड तक लम्बे हैं जिसे वो चोटी बना रखती थी। नयन नक्श उसके कमाल के थे। मै ऐसे ही उसे चिपकाए था कि वो होंठ मेरे होंठ की ओर बढ़ाने लगी जिसे मै रोक दिया।
मै: हे हे ये क्या कर रही थी।
वो थोड़ा चुप रहती है मेरी आंखों मे देखती है। मै उसे ढील देता हूं।
मै: ठीक है चल अब सो जा 10 बजने वाला है।
वो दूसरी तरफ पलट जाती है।
रिया: ठीक है मै भाभी को सब बता दूंगी।
मै: क्या बताएगी।
रिया: यहीं कि आप गांव जा क्या क्या करते हो।
मै थोड़ी देर चुप रहा।
रिया: क्या हुआ हवा टाइट हो गई।
मै: अच्छा ना बताने का क्या लेगी।
वो थोड़ा चुप रही।
मै (उसको अपनी तरफ घुमाया): बोल क्या लेगी।
वो मेरे होंठ पर झटके से चूम ली।
मै: तू भी अपनी सारी सहेलियों की जैसी बिगड़ गई है।
रिया: मेरी कोई सहेली बिगड़ी नही है समझे आप।
मै: हां चल झूठी। तेरी नीलू का अपने जीजा से चल रहा है रिंकी का भी बॉय फ्रेंड है और जूली का भी बस तेरा नही है।
मेरे मुंह से निकल गया कि उसका ब्वॉयफ्रेंड नही है।
रिया: (थोड़ा चुप रही) आपको कैसे पता की मेरा ब्वॉयफ्रेंड नही है।
मै चुप रहा। रिया: बोलिए।
मै: बस अंदाजा लगाया।
रिया: हां मै सुन्दर नही हूं तो आप सोचे होगें कि इसको कौन अपनी जीएफ बनाएगा।
मै: नही मेरा वो मतलब नही है।
रिया: क्या मतलब है आपका।
मै; अच्छा है कि नही ये बता!
रिया: नही है मुझे जैसी को कौन जीएफ बनाता है।
मै: क्यों, इतनी सुन्दर तो तुम हो।
रिया: सुन्दर होती तो क्या आप भागते।
मै चुप रहा कुछ देर।
मै: अरे नही ऐसा नही है तू तो इतनी सुन्दर है कि तुझे पता भी नही है।
रिया: चलिए झूठ मत बोलिए।
मै: अच्छा तुझे क्या कमी लगती है तुझमे।
रिया: कमी ही कमी है?
मै: क्या?
रिया कुछ देर चुप रही।
मै: तेरी सहेलियां तेरे मन मे भर दी है सब वरना एज के हिसाब से सब ठीक है।
मेरे मुंह से निकल गया ये सब।
रिया: अच्छा आपको लगता है है ना कि सब ठीक है सुनना तो मुझे पड़ता है।
मै: क्या सुनना पड़ता है।
रिया: सब मुझे टॉम बॉय कहते हैं और लड़के गाना गाते हैं कुछ भी नही है आगे तुम्हारे, और डायलॉग भी बोल चिढ़ाते हैं झांटे ना चूंची बातें ऊंची ऊंची।
वो एक ही सांस मे बोल दी सब। मुझे हंसी आ गई। रिया: आपको भी हँसी ही आ रही है ना। वो थोड़ा नाराज और उदास हो बोली। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मै: (उसके गाल चूमते हुए) नही हंस नही रहा हूं।
मै: अरे तू दूसरों की बातों पर ध्यान मत दे तू बहुत सुन्दर है।
रिया: अगर कोई सुन्दर लड़की होती ना तो इतनी देर मे तो आप….
मै: क्या बोली तू!
रिया: और नही तो क्या आखिर आपको भी तो वो ही पसन्द है ना जिसके बड़े बड़े हो।
मै: पागल है तू एक नंबर की।
रिया: हां अब पागल भी हो गई।
मै कुछ देर सोचा। मै: अच्छा तू दिखा कैसे हैं तेरे।
रिया: नही मै नही दिखाने वाली।
मै उसे कस कर बाहों मे भर लेता हूं और उसके होंठों को अपने होंठों मे भर चूसने लगता हूं वो थोड़ा कसमसाती है मै उसके पतली नाजुक होंठों का रस पान करने लगा और उसके पीठ चूतड सब सहलाने लगा और दबाने लगा मेरा लण्ङ उसकी बुर से थोड़ा नीचे उसकी जांघों मे चोट कर रहा था क्योंकि वो थोड़ा ऊपर की ओर थी और मेरे से हाइट भी कम थी। वो आह उह करने लगी थी तब मै उसे छोड़ा। कुछ देर उसने अपनी सांसे सही करी और मेरे होंठ से होंठ मिला चूमने लगी मै भी फूल साथ दे रहा था उसके मुंह मे जीभ दे दिया और उसकी जीभ चूसने लगा।
मै: अच्छा जैसा मैं कहूंगा वैसा करोगी।
रिया: हां करूंगी।
मै: मैं तुम्हें पूरे कपड़े उतारने बोलूंगा तो उतरोगी।
वो पूरी शर्मा आई।
रिया: पर आपको भी अपने उतारने होंगे।
मै: ठीक है।
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अब हम दोनों अपने-अपने कपड़े उतार दिए वह मेरे सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी और मैं उसके सामने बिल्कुल नंगा। उसके मम्मे बिल्कुल छोटे थे एकदम छोटे इडली की तरह दोनों सीने से लगे हुए थे। बुर भी एकदम छोटी जांघों के बीच छुपी हुई थी जिस पर बिल्कुल भी बोल नहीं थे वह मेरे खड़े-कड़क लन्ड को देखे जा रही थी और शर्मा कर नज़रे नीचे की हुई थी।
हम दोनों बेड पर लेट गए और मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया मैं उसके होंठ कान गाल गर्दन सीने सब जगह चूमन चूसने लगा उसके मुंह में जीभ डाल उसकी जीभ चूसने लगा। वह मदहोश होने लगी थी। मैं उसके दोनों चूचियों को हाथ से पकड़ लिया और मुंह से चूसने लगा उसकी चूचियों को मैं हल्के हल्के चलता मसाज करता और निप्पल को चुस्ता।
मैं अपने पूरे मुंह में उसकी चूचियों को भर लेता था। वो आह आह ओह ओह करने लगी। अब मैं उसके पेट को चूमना चूसने लगा उसके पैरों को चूस चुम्मा धीरे-धीरे नीचे आते हुए उसके टांगे फैलाई और बुर की दरार पर जीभ फिराने लगा। उसे बहुत गुदगुदी हो रही थी मैं उसकी दरारों में जीव को ऊपर नीचे कर रहा था उसके भगनसे को मैं होंठ में दबाने लगा।
मैं उसकी पूरी बुर को अपने जीभ से ढक लेता कभी पूरा मुंह में भर लेता। उसकी बुर का स्वाद मुझे काफी अच्छा लग रहा था उसकी बुर रस छोड़ने लगी थी। मैं उसको पूरे रस को पी रहा था। वह तड़प रही थी और सर इधर-उधर पटकने लगी। और उसकी कमर भी मचलने लगी थी अब। अब मैं और उसकी बुर को चूसना चाटने लगा। कुछ मिनट में वह मेरे मुंह में झड़ गई मैं उसक सारा रस पी गया। वह हाँफने लगी थी।
मै: कैसा लगा?
रिया: (शरमा कर) बहुत अच्छा!
मै: मजा आया।
रिया: बहुत मजा आया।
मै: और मजा लेना है.
रिया: हां।
मै उसकी तरफ अपना लन्ड किया। मैं बेड पर खड़ा हो गया और वह घुटने के बाल पेट पर बैठी थी उसके मुंह के सामने मैं अपना लन्ड कर दिया और उसके होठों पर अपना लन्ड घिसने लगा। कुछ देर वह मेरी आंखों में देखती रही फिर धीरे से मैं उसका गाल दबा उसका मुंह खोल लिया।
मैं: चूमो चूसो इसे।
उसने मेरे लन्ड को एक दो बार चुम्मा, मै अपना लन्ड उसके मुंह में घुसा दिया।
मै: लॉलीपॉप की तरह चूसो।
उसने थोड़ा चूस बाहर निकाल लिया। मै अब उसे बेड सिरहाने तकिया लगाकर बैठा दिया और उसकी टांगें खोल मैं उसके बीच में घुटने के बल बैठ गया और अपना लन्ड उसकी छोटी सी बुर पर घीसने लगा। मैं उसे अपने हाथ से अपनी बुर को फैलाने बोला। उसने वैसा ही किया। मैं काफी देर उसकी छोटी बुर पर अपना लन्ड रगड़ता रहा।
अब मैं थोड़ा दवाब दे बुर में लन्ड घुसाने की कोशिश करा। उसे थोड़ा दर्द हुआ पर मेरा थोड़ा लन्ड घुस गया एक झटका मार मैंने आधा लन्ड उसकी बुर में उतार दिया। बहुत दर्द से छटपटाने लगी। मैं उसे पकड़ लिया और उसके हॉट चूसने लगा उसके होंठ को अपने होठों से दबा उसके मुंह को बंद किया नहीं तो वह चीख पड़ती।
थोड़ी देर में उसे वैसा ही पकड़ कर चूमता चूसता रहा और प्यार करता रहा कुछ 5-10 मिनट बाद को शांत हुई उसका दर्द भी काम हो गया था और वह अपनी गांड भी उठाने लगी थी। मैं अपना खुद का वजन घुटनों पर लिया और वैसे ही आधा लन्ड उसकी बुर में आगे पीछे करने लगा। वह आहे भरने लगी।
करीब 10 मिनट तक मैं उसे चोदता रहा वैसे ही मेरे लन्ड जैसे सफेद क्रीम लग गया था। वह मजे से अपनी आंखें बंद किए हुए। मै उसके होंठ को अपने होंठ से बंद किया और एक जोरदार धक्का लगा पूरा लन्ड उसकी बुर में उतार दिया। वो दर्द से रो दी मै उसे पकड़ कर चुप कराने लगा।
मैं उसके नीचे देखा उसकी बुर से खून की धारा बहने लगी थी। मैं कुछ देर उसे वैसे ही प्यार करता रहा उसके गाल को चूसा होंठ को चूसा गले गर्दन और कान को चूसा। उसकी दो दो छोटी-छोटी चूचियों को खूब प्यार किया उन्हें चूस चूस कर लाल कर दिया। कुछ 10 मिनट बाद को शांत हुई और अपनी गांड उठने लगी मैं भी धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा वो सिसकारियां भरने लगी और आह आह ओह ओह करने लगी।
5 मिनट की और चूदाई में वह झड़ गई वो अब बस बस करने लगी उसे अब दर्द होने लगा था। मैं भी अपना लन्ड निकाल लिया मेरा लन्ड उसके खून से एकदम लाल हो गया था। उसने अपनी बुर की हालात देखी। वह भी खून से लाल हो चुकी थी और फूल गई थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
रिया: आह बहुत दर्द हो रहा है।
मै: कोई बात नहीं ठीक हो जाएगा मैं गर्म पानी से सिकाई कर देता हूं।
मैं बाथरूम जो खुद का लन्ड साफ किया और किचन से गर्म पानी ले आया और एक कपड़े से उसकी बुर को सेंकने लगा वह सिहर गई। उसे अब थोड़ा अच्छा लग रहा था। मेरा लन्ड अभी भी खड़ा था। रिया मेरे लन्ड की और ही देख रही थी.
मै: इसे पकड़ो रिया और प्यार करो।
मैं बेड पर खड़ा हो गया वह घुटने के बाद बेड पर बैठी थी मैं उसके मुंह में लन्ड दे दिया। वो इस बार को अच्छे से चूस रही थी। मेरा लन्ड एकदम कड़क हो गया था उसके छोटे मुंह में जाकर।
मै: रिया इसमें से कुछ निकलेगा, तुम पी लेना तुम्हारे मम्मे के ग्रोथ में हेल्प करेगा।
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रिया हां मे सर हिलाती है। मैं उसके चेहरे को पकड़ लन्ड एक दो बार उसके गले तक उतार दिया उसे खांसी जैसी होने लगी वो मेरा लन्ड निकाल कर चूमने लगी। रिया थोड़ा जोर से चूसो जीभ का इस्तेमाल करो। रिया अब जोर से चूसने लगी। मैं अब झरने वाला था मेरे मुंह से आह निकल गई। मैं अब अपने लन्ड की पिचकारी उसके मुंह में मारने लगा उसने सारा मेरा गाढ़ा रस अपने मुंह में भर लिया।
मै: पी जाओ।
वह मेरा सारा रस पीने की कोशिश करने लगी उसके होठों से मेरा रस टपक रहा था जिसे मैं अपनी उंगलियों से साफ कर उसके मुंह में डाल दिया।
मै: कैसा लगा!
रिया: कड़वा।
मै: बहुत फायदा करेगा।
उसे शायद मेरा रस पसंद आया था वह मेरे लन्ड को चूस कर साफ करने लगी। मेरा लन्ड वापस से उसके चूसने से कड़क होने लगा था.
मैं: छोड़ दो इसे नहीं तो फिर खड़ा हो जाएगा।
उसने एक दो बार और चूस साफ किया और छोड़ दिया। मैं उसे सहारा दे बाथरूम ले गया और उसके मुंह और बुर को साफ करवाया। अब हम वापस आज सो गए मैं हम दोनों नंगे ही एक चादर ओढ़ सो गए। अब अगले दिन संडे था तो मेरी भी छुट्टी थी हमने खाना बनाया मिलकर और खाया 11: 00 बज गए थे हम दोनों नहा कर छत पर धूप सेंक रहे थे।
मै सीढ़ी के मिड लैंडिंग पर एक चटाई और बेडशीट बिछा दिया वहां धूप अच्छी आ रही थी और हमें दूसरे छात्रों पर से किसी के देखने का भी डर नहीं था मैं उससे पूरे कपड़े उतार कर लेटने को कहा वो शर्मा रही थी। पर मेरे कहने पर वह अपने पूरे कपड़े उतार दी और मेरे भी उतार दी.
अब हम दोनों ही दिन के उजाले में बिल्कुल नंगे धूप में बैठे थे मैं कटोरी में तेल ले आया और उसके पूरे बदन की मालिश करने लगा उसे पीठ के बल लिटा दिया और उसकी चूचियों को मसल मसल कर तेल से खूब मालिश किया। उसने बताया कि उसकी बुर अभी भी दर्द कर रही है.
मैं उसकी बुर को तेल से खूब मालिश किया उसके नाभि में तेल डाल खूब मसाला उसके पेडू को खूब सहलाया तेल से उसे सीने के बल लेटा उसके पीठ पर तेल लगाने लगा अब उसके चूतड, कमर के खूब मालिश कि उसकी जांघ की मालिश की पैरों की मालिश की तलवों की मालिश हर एक अंग को मैंने उसके छू लिया था।
उसकी छोटी गांड में दोनों हाथों में आ जाती थी मैं उसे मसल मसल कर खूब मालिश किया। तेल से वो चमक रही थी। बुर में तेल लगाने की वजह से वो झड़ चुकी थी। अब वह मुझे लेटा मेरी मालिश करने लगी वह मेरी जांघ पर बैठी थी। और मेरे सीने पर मालिश कर रही थी मेरे पीठ मेरी जांघ पैर मेरे पेट चूतड सब जगह मालिश की वो।
मेरा एकदम तन कर खड़ा था। मेरे कहने पर रिया मेरे लन्ड को चूसने लगी। आधे घंटे की लन्ड चुसाई के बाद मै उसके मुंह मे झड़ गया। वह मेरा रस पी गई और मेरे लन्ड को चाट कर साफ कर दी। मै उसे खुद के ऊपर लिटा वैसे ही सो गया। कुछ देर बाद उठा हम अपने कपड़े पहने उसमें थोड़ी पढ़ाई की और मैं रात का खाना बनाया खाना खा भोपाल में चली गई और मुझे निशा का फोन आया तो मैं छत पर चला गया बात करने।
निशा: कैसे हो?
मै: तुम्हारे लिए एक सरप्राइज है कल अगर आओगी तो मिलेगा नहीं तो नहीं मिलेगा।
निशा: क्या सरप्राइज है?
मै: घर पर एक कमसिन लड़की है मम्मी भी नहीं है तुम अगर पटा लोगी तो तुम्हारा फायदा हो जाएगा।
निशा काफी खुश हो गई उसे पता तो था कि रिया आई हुई है लेकिन मैं ऐसी बात रिया के बारे में बोलूंगा है उसे अंदाजा नहीं था।
निशा: वर्जिन है ना?
मै: मुझे क्या पता?
निशा: मैं कल आ रही हूं।
हमने थोड़ी ओर बात करी और मै नीचे सोने आ गया कल उसका लास्ट पेपर था तो हम सो गए। अगले दिन जब मैं अपने कॉलेज से शाम को आया तब तक निशा और रिया दोनों घर आ चुकी थी। अब रात का खाना निशा बना रही थी मैं किचन में गया और पीछे से उसकी दोनों चूचियों को पकड़ मसलने लगा सामने ही हाल में रिया बैठी थी।
निशा: क्या कर रहे हो रिया देख लेगी।
मै: तो देखने दो।
वो मुझे पीछे मुक्के से मारते हुए किचन से बाहर निका ली। मैं अपने कमरे में गया, पीछे से रिया भी आ गई मैं उसे बाहों में भर गाल पर चूमने लगा वह भी छूट कर भागने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
रिया: क्या कर रहे हैं दीदी देख लेगी।
मै: दीदी?
रिया: (हँसते हुए) हां।
मै: तो मैं कौन हुआ।
रिया: मेरे सजन।
मै: अच्छा जी, तो अपने साजन से दूर भागोगी।
वो छूट कर जाने लगी। मैं उसका हाथ पकड़ लिया।
मै: अच्छा निशा कैसी लगी तुम्हें।
रिया: बहुत अच्छी हैं।
मै: और उसके ये।
मै रिया के मम्मे मसलते हुए बोला।
रिया: (शरमाते हुए) बहुत बड़े हैं। कैसे हुए उतने बड़े।
मै: जाकर पूछ लो।
बो हंसने लगी।
मैं: अच्छा सुनो निशा एक गेम खेलेगी आज रात को जैसा वो बोले गेम में वैसे करना खूब मजा आएगा। मै जाता हूं किचन में उसके साथ छेड़खानी करने तुम छूप कर देखना।
मैं अब किचन में गया निशा रोटियां बना रही थी मैं उसकी चूचियों को मसलने लगा उसके गले गार्डन को चूमने चूसने लगा वह पहले तो मना करी पर मैंने उसे आज रात गेम खेलने को कहा ट्रुथ एंड डेयर। मैं उसे अपनी तरफ घूम लिय और उसकी चूचियों को ब्लाउज़ के ऊपर से निकाल कर चूसने लगा उसकी 36 की चूचियों को मैं खूब कस कर चूस रहा था।
फिर वह मुझे जाने को बोली मैं बाहर आ गया रिया छुप कर देख रही थी। कुछ देर बाद सब ने खाना खाया और निशा ओर रिया मेरे कमरे मे जा बाते कर रही थी। मै थोड़ा लैपटॉप पर हाल में काम कर रहा था। 1 घंटे बाद निशा मुझे बुलाने आई।
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निशा: चलिए ना आप अभी गेम खेलिए।
मै कमरे मे आ गया हम तीनो बेड पर बैठ गए जहां एक कांच की बोतल पहले से ही रखी हुई थी शायद निशा और रिया खेल रहे थे।
मै: (अनजान बनते हुए) कौन सा खेल।
निशा: ट्रुथ एंड डेयर।
मै: रिया तुमने खेला है ये गेम।
निशा: हां हम अभी खेल रहे थे मैंने इसे सारे नियम समझा दिए हैं।
मै: ठीक है पहले मैं बोतल घुमाऊंगा।
मैंने बोतल घुमाया तो उसका मुंह निशा की तरफ हुआ। निशा ने ट्रुथ चुना।
मै: अच्छा बताओ तुम्हारे इतने बड़े कैसे हुए।
मै निशा की चूचि की ओर इशारा कर पूछा।
निशा: ये कैसा सवाल है।
मै: रूल्स और रूल्स तुमने ट्रुथ चुना है तो बताना होगा.
निशा: ठीक है तुमने ही तो किया है।
रिया शर्मा और हंस रही थी। अब बोतल रिया घुमाई। जिसका मुंह मेरी तरफ हुआ मैं डेयर चुना, तो रिया ने मुझे नाच कर दिखाने कहा। मै ठुमका लगा बेड पर बैठ गया। अब बोतल निशा ने घुमाया जिसका मुंह फिर मेरी तरफ हो गया तब निशा ने मुझे अपना एक कपड़ा उतारने बोला मैं अपना शर्ट उतार दिया और एक चादर औढ बैठ गया।
अब बोतल मैं घुमाया जिसका मुंह रिया की तरफ गया उसने ट्रुथ चुना। जिस पर मैंने पूछा कि उसका कोई बॉयफ्रेंड है कि नहीं उसे पर उसने कहा कि उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं है! अब रिया ने घुमाया बोतल जिसका मुंह मेरी और आ गया जिस पर निशा और भैया ने हंसते हुए कहती अपना ट्राउजर भी उतार दो मैं सिर्फ चड्डी में चादर और है बेड पर बैठ गया।
अब बोतल निशाने घुमा जिसका मुंह रिया की तरफ हुआ इस बार रिया ने भी डेयर चुना, जिस पर निशा ने मुझे किस करने का डेयर दिया। रिया थोड़ा संकुचित उसके बाद उसने मेरे गाल पर चूम लिया। अब बोटल मैंने घुमाई इसका मुंह हमेशा की ओर गया और उसने डेयर चुना, मैने निशा को लिप टू लिप किस देने का डेयर दिया।
रिया मेरी तरफ देखी और शरमाई निशा रिया के करीब आ गई और उसके होंठ से होंठ लगा ली और चूसने लगी। कुछ 1 मिनट तक को दोनों एक दूसरे के होंठ चुस्ती रही। अब बोतल रिया ने घुमाई और उसका मुंह निशा की तरफ हुआ जिस पर उसने डेयर चुना तो रिया ने निशा को मेरे होंठ चूसने का डेयर दिया।
मै और निशा एक दूसरे के होंठ चूसने लगे। अब बोतल निशा घुमाई जिसका मुंह मेरी तरफ हुआ जिस पर मैंने डेयर चुना। तो निशा ने मुझे मेरी चड्डी भी उतरने बोला। मै: नहीं, मैं पूरा बिना कपड़े का हो जाऊंगा। रिया और निशा दोनों साथ में बोली रूल्स आर रूल्स। मैं चादर के अंदर से ही अपना चड्डी उट और दिया और झाक कर बैठ गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
रिया और निशा हंस रही थी। मै: मेरी बारी आएगी तो मैं भी तुम लोगों के कपड़े उतरवा दूंगा। अब बोतल मैं घुमाई जिसे मोह रिया की तरफ गया उसने डेयर चुना तो मैं उसे अपना सूट उतरना बोला वह अपना सूट उतार दी वह सिर्फ ऊपर एक पतली टेप पहनी थी। अब बोतल रिया ने घुमाई जिसका मुंह मेरी तरफ ही आ गया तो मैं डेयर चुना जिस पर रिया ने मुझे निशा का ब्लाउज और ब्रा उतारने का डेयर दिया।
मैं निशा का ब्लाउज का बटन सामने से खोलकर ब्लाउज उतार दिया और हाथ पीछे ले जा उसके ब्रा भी खोल दी। निशा ऊपर से बिल्कुल नंगी थी और वह अपनी बड़ी-बड़ी चूचियों को हिला रही थी तीनों ही हंस रहे थे। अब बोतल निशा ने घुमाई जिसे मोह रिया की तरफ हो गया रिया ने भी डेयर लिया, जिस पर निशान ने प्रिया को मुझे लिप टू लिप किस करने को कहा।
रिया मेरे पास आई और 1 मिनट तक मेरे लिप पर किस किया। अब बोतल मैं घुमाई जिसका मुंह रिया की तरफ हो गया। रिया ने भी डेयर लिया, मैंने उसे निशा की चूचियों को 1 मिनट तक चूसने कहा। रिया निशा की और गई और उसकी चूचियों को चूसने लगी। सभी हंस रहे थे।
अब बोतल रिया ने घुमाई जिसका मुंह निशा की ओर गया निशा ने भी डेयर लिया, तू रया ने निशा को अपनी चूचियां मेरे मुंह में दे मुझे चूसने बोला निशा मेरे सामने घुटने के बाल खरी थी और मेरी मुंह में चूंची डाल चुसने दी। मैं बच्चों की तरह निशा की चूचियां चूसने लगा। अब बोतल निशा ने घुमाई जिसका मुंह मेरी तरफ हुआ मैं डेयर लिया जिस पर निशाने मुझे रिया की सलवार उतरने को कहा।
मैं रिया की ओर देखा वह शरमाते हुए हंसने लगी। मैं उसकी गोद में हाथ बढया और उसकी नंगी पेट के नीचे उसकी डोरी खोजने लगा उसकी सलवार की डोरी पकड़ खींच दिया और उसकी सलवार पैरों से उतार दे वह सिर्फ अब एक पेटी और टेप में थी। मेरा लंड चादर के अंदर टेंट बन चुका था रिया की नंगी गोर जांघें, टांगे देख कर।
अब बोतल मैं घुमाई जिसका मुंह निशा की तरफ गया उसने डेयर लिया जिस पर मैंने उससे अपनी साड़ी उतारने बोला। उसने अपनी साड़ी उतार दी वह सिर्फ अब पेटीकोट में थी शायद उसने चड्डी पहन रखा था । अब बोतल रिया ने घुमाई जिसका मुंह मेरी तरफ हुआ जिस पर मैने डेयर लिया।
जिस पर रिया ने मुझे निशा की चड्डी उतारने को कहा। रिया हंस रही थी निशा ने अपने टांगे फैला दी मेरी और करके मैं उसके पेटीकोट में अपना कर डाला और हाथ भी डाला उसने अपनी गांड थोड़ी सी उठाई तो मैं उसकी पैंटी पकड़ खींचा और उतार दीया। अब बोतल निशा ने घुमाई जिसका मुंह रिया की तरफ हुआ जिस पर रिया ने डेयर लिया, तो निशा ने रिया को मेरी गोद में बैठने को कहा।
रिया भी आकर मेरे गोद में बैठ गई मेरे सामने होकर वह सीधा मेरे लण्ङ पर आकर बैठी थी चादर के अंदर से मेरा लण्ङ उसके गांड पर ठोकर भी मार रहा था। एक मिनट बाद रिया उतर गई और अपनी जगह पर जाकर बैठ गई। अब बोतल मैंने घुमाई जिसका मुंह रिया की तरफ हुआ, जिस पर रिया ने डेयर लिया, मैंने उसे अपनी मम्मे निशा को चूसाने बोली।
रिया हंसते हुए नीशा की ओर गई निशा ने उसका टेप उतार दिया और रिया की इडली जैसी चूचियों को चूसने लगी निशा करीब 2 मिनट तक रिया की छोटी-छोटी चूचियों को चुस्ती रही। रिया भी ऊपर से बिल्कुल नंगी थी वह सिर्फ अब पैंटी में बैठी थी। अब बोतल रिया ने घुमाई जिसका मुंह निशा की तरफ हुआ जिस पर निशा ने डेयर चुना तो रिया ने निशा को मेरी गोद में बैठने को कहा।
रिया और निशा एक साथ बोली चादर नॉट एलाऊ चादर हटाना पड़ेगा वह दोनों मिलकर मेरा चादर हटा दी मैं बिल्कुल नंगा हो गया था मेरा लंड एकदम कड़क हो 90 डिग्री में खड़ा था दोनों हँसे जा रही थी। निशा मेरी और पीठ कर गोद में बैठ रही थी उसने पीछे से अपना पेटिकोट उठा लिया और मेरी गोद में बैठने लगी मेरा लंड सीधा उसकी चूत पर जा लगा.
मैं भी हाथ अंदर डाल लन्ड उसकी चूत में घुसा दिया वह चुपचाप आह कर बैठ गई। पेटीकोट से सामने से सब ढका हुआ था। निशा के आ करने पर रिया ने उससे पूछा क्या हुआ निशा ने है हंसतेहुए कहां कुछ नहीं। 1 मिनट में निशा मेरी गोद से उठ गए उसकी बुर के रस से मेरा लण्ङ चमक रहा था।
निशा अपनी जगह पर जाकर बठ गई अब बोतल निशा ने घुमाई जिसका मुंह मेरी तरफ आया जिस पर मैंने डेयर चुना तो निशा ने मुझे रिया की चड्डी मुंह से बिना हाथ लगाए उतारने का डेयर दिया। रिया और निशा दोनों ही हंसने लगे निशान है रिया को खड़ा होने को कहा रिया मेरे सामने पीठ करके खड़ी हो गई मैं अपने घुटने पर हुआ और रिया की चड्डी को मुंह से पकड़ने की कोशिश करने लगा.
थोड़ी कुर्सी के बाद उसके चड्डी की रबड़ मेरे दांत में आ गई जिसे मैं खींचते हुए नीचे निकलने लगा उसकी गांड की दरारों के पास से उसकी गांड की खुशबू आ रही थी मैं धीरे-धीरे खींचते हुए उसकी चड्डी उसकी जांघों से होते हुए उसके घुटने तक ला दिया और नीचे तक उतार दिया। रिया पूरी तरह नंगी हो गई थी और मैं भी पूरी तरह नंगा था.
अब सभी अपनी जगह पर बैठ गया सभी हंस रहे थे रिया बोली दीदी गेम में बहुत मजा आ रहा है निशान ने भी हां में हा मिलाया और कहा आगे और मजा आएगा। अब बोतल मैंने घुमाई जिसका मुंह रिया की तरफ हआ उसने डेयर लिया, मैं रिया को निशा के मुंह पर बैठने को कहा निशा पीठ के बल लट गई और रिया ने अपनी बुर उसके मुंह पर रख दिया और बैठ गई.
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निशा लपालप अपनी जीभ रिया के बुर पर चलाने लगी। रिया को जल्द ही गुदगुदी होने लगी तो बहुत जल्दी ही उतर गई और फिर सभी अपने जगह बैठ गए सभी हंस रहे थे रिया की बुर गीली हो गई थी और चमक रही थी। अब बोतल रिया ने घुमाई जिसका मुंह मेरी तरफ आ गया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं देर लिया तो रिया ने मुझे निशा की बुर पर चूमने का डेयर दिया, मैं निशा के पेटीकोट में घुस गया और उसकी बुर पर मुंह लगा चुमने चूसने लगा। निशा की आह निकल गई। मैं 1 मिनट बाद निकल गया। निशा ने कहां बहुत मजा आया दोनों ही हंस रही थी। अब बोतल निशा ने घुमाई जिसका मुंह भी मेरी ओर आ गया मैं डेयर लिया।
निशा ने मुझे रिया की चूचियों को चूसने कहा। मैं रिया के सीने पर झुक उसकी चूचियों को चूसने लगा करीब 1 मिनट तक उसकी चुचियों का धीरे-धीरे चूसा। अब बोतल मैं घुमाई जिसका मुंह निशा की ओर हो गया उसने देर लिया मैंने उससे मेरा लण्ङ मुंह में लेने को कहा। निशा मना करने लगी क्योंकि उसने कभी मुंह में लण्ङ नहीं लिया था।
तब रिया और मैंने बोला रूल्स आर रूल्स। रिया: दीदी ले लो ना अच्छा लगेगा। रिया हंसते हुए बोली। मैं निशा के मुंह के सामने बेड पर खड़ा हो गया मेरा कड़क लन्ड उसके मुंह के सामने लहरा रहा था और सलामी दे रहा था। रिया: (हँसते हुए) ले लो ना दीदी देखो कैसे सलामी दे रहा है तुम्हें। निशा बस दो चार बार मेरे लन्ड को चूमी। और बस बोली।
अब बोतल रिया ने घुमाई जिसका मुंह निशा की ओर हुआ निशा ने डेयर लिया जिस पर रिया ने निशा को अपना पेटिकोट उतारते को कहा निशा ने अपना पेटिकोट उतार दिया। अब हम तीनों ही पूरी तरह नंगे थे और सब हंस रहे थे। अब बोतल निशा ने घुमाई जिसे मुंह रिया की तरफ हुआ रिया ने डेयर लिया.
तो निशा ने रिया को मेरा लन्ड चूसने को कहा, रिया हंसते और शरमाते हए मुझे खड़ा होने को बोली, मैं उसके मुंह के सामने खड़ा हो गया उसने निशा की तरफ देखा और मेरे लण्ङ को मुंह में भर लिया। मेरे मुंह से आह निकल गई वह मेरे लन्ड को मुंह में रख रही करीब 20 सेकंड तक और मेरा लन्ड पूरा गीला हो गया, हम वापस अपनी जगह पर बैठ गए।
अब बोतल मैंने घुमाई जिसका मुंह निशा की ओर हो गया उसने डेयर लिया मैंने उसे रिया की बूर 1 मिनट तक चूसने को कहा, रिया अपनी टांगे फैला दी और निशा उसकी बुर को चुमने चूसने लगी पूरे 1 मिनट तक रिया की बुर बिल्कुल गीली हो गई थी वह वापस अपनी जगह पर बैठ गई। अब बोतल रिया ने घुमाई जिसका मुंह मेरी तरफ हुआ.
तो मैने डेयर लिया जिस पर रिया ने मुझे निशा की बुर चूमने चाटने को कहा 1 मिनट तक, निशा अपनी टांगें फैला लेट गई मैं उसकी बुर पर मुंह लगा चुमने चूसने लगा जीभ फिराने लगा वो सिसकारियां भरने लगी। अब हम वापस अपनी जगह पर बैठें गए। अब बोतल में निशा ने घुमाई जिसका मुंह मेरी तरफ हुआ मैं डेयर लिया तो निशाने मुझे रिया की बुर 1 मिनट तक चूमने चूसने को कहा।
रिया अपनी टांगे फैला लेट गई मैं उसकी बुर पर अपनी पूरी जीभ फिराने लगा और चूमने चूसने लगा वह हल्के हल्के सीसी करने लगी मैं पूरा उसके छोटी सी बुर को मुंह में भर लिया, उसके मुंह से आउच निकली। मेरे मुंह में रिया के रस का स्वाद आ गया था अब हम वापस अपनी जगह बैठ गए। अब बोतल मैंने घुमाई जिसका मुंह निशा तरफ गया.
उसने डेयर चुना जिस पर मैंने उसे मेरे लन्ड पर 20 बार कूदने बोला। सभी हंसने लगे मैं पीठ के बल लेट गया निशा मेरे लण्ङ पर बैठ गई और अपनी बुर मे मेरे लन्ड को पकड़ घुसा ली अब वो सिसकारियां भरते हुए मेरे लन्ड पर कूदने लगी रिया एक दो तीन गिनती गिनने लगी निशा भी 20 बार कुद कर उतर गई।
सभी हंस रहे थे और वापस अपनी जगह बैठ गए मेरा लन्ड निशा की बुर के रस से एकदम गीला हो गया था और चमक रहा था। अब बोतल रिया ने घुमाई जिसका मुंह निशा तरफ हुआ जिस पर निशा ने डेयर लिया तो रिया ने निशा को मेरे लन्ड को अपने मुँह मे 1 मिनट तक रखने को कहा।
मै निशा के सामने अपना लन्ड लहराते हुए खड़ा हो गया निशा उसे अपने मुंह में भर ली हंसते हुए 1 मिनट तक अपने मुंह में रख रही। अब बोतल घूमने की बारी निशा की थी उसने बोतल घुमाई जिसका मुंह रिया की तरफ हुआ रिया ने डेयर चुना। निशा ने रिया को मेरे लन्ड को अपनी बुर में घुसाने को कहा।
दोनों हंस रहे थे रिया उठी और मुझे लेट ने को बोली मैं लेट गया रिया अपनी बर मेरे लन्ड पर रख दबाने लगी रिया की छोटी सी बुर में मेरा कड़क मोटा लन्ड नहीं जा रहा था क्योंकि वह अभी एक ही बार चूदी थी उसकी बुर बहुत ही छोटी थी।
रिया: आह जा नही रहा है।
निशा उसकी हेल्प करी रिया को मै लिटा दिया और उसकी टांगें फैला उसकी बुर पर अपना लन्ड रख दिया उसकी गीली बुर मे मै धीरे धीरे दबाव दे लण्ङ घुसाने लगा रिया आह कर रही थी मै ज़ोर लगा आधा लन्ड घुसा दिया उसकी चीख निकल गई मै धीरे धीरे धक्के लगाने लगा और गिन कर 30 धक्के लगाया तो रिया ने रोका बस।
हम वापस अपनी जगह पर बैठ गए। अब बोतल मैंने घुमाई जिसका मुंह निशा तरफ हुआ तो निशा ने डेयर चुना जिस पर मैंने उसे रिया की बुर को तब तक चूसने को बोला जब तक रिया झड़ नहीं जाती। रिया अपनी टांग खोल लेट गई निशा उसकी बुर पर झुक गई और उसे चाटने लगी चूसने लगी निशा की गांड मेरी तरफ थी मैं उसके चूतड़ों को चूसने चाटने लगा और प्यार करने लगा।
मै निशा के पीछे से उसकी बुर पर मुंह लगा दिया और चूसने लगा उसकी बुर का स्वाद मेरे मुंह में आ रहा था मैं अब निशा की गांड के पीछे घुटने के बल हो गया। मै अपना लन्ड निशा की बुर मे घुसा दिया, और उसकी चुदाई करने लगा, निशा रिया की बुर चूस रही थी और मैं निशा को चोद रहा था रिया को बहुत अच्छा लग रहा था और मजा भी आ रहा था वो मेरे सामने ही थी और मुझे देख मुस्कुरा रही थी।
मैं दनादन निशा को चोदे जा रहा था रिया भी बुर चुसाई से आह आह कर रही थी शायद झड़ने वाली थी मै भी अपनी स्पीड बढ़ा दिया निशा की बुर से पच फच कि आवाज आने लगी थी निशा जैसे रिया की बुर को खा जायेगी वैसे चूस रही थी।
रिया निशा की बुर चुसाई बर्दाश्त नहीं कर पाई और झड़ गई निशा सारा रस उसका पी गई और इधर मै भी झड़ने वाला था और मेरे साथ निशा भी झड़ गई मै निशा के अन्दर ही झड़ गया। मैने टॉवेल से अपने लन्ड और निशा के बुर को साफ़ किया। सभी हंसने लगे। सब उठकर बैठ गए थे।
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मै: और खेलना है? दोनों एक साथ बोली हां।
सब हंसने लगे।
निशा: रुको मैं बाथरुम से आती हूं।
रिया: मैं भी चलती हूं।
वह दोनों उठकर बाथरूम चली गई और कुछ तीन-चार मिनट बाद वापस आई। अब मुझे भी पेशाब लगी थी तो मैं भी बाथरुम चला गया। मैं वापस कमरे में आया तो वह दोनों बेड पर बैठी थी उनके हाथ में कुछ पीने का था निशान मेरी तरफ एक गिलास बढ़ाई। उसमें जूस था हमने तीनों ने जूस खत्म किया और ग्लास साइड में रखा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
रिया: अब बोतल घूमाने की बारी मेरी है।
वह हंसते हुए बोली। रिया ने अब बोतल घुमाई जिसका मुंह निशा तरफ हुआ जिस पर निशा ने डेयर चुना तो रिया ने निशा को मेरा लन्ड चूसने को कहा।
निशा: (हँसते हुए) नहीं फिर से नहीं।
निशा मना करने लगी।
मै: अच्छा दोनों चूसो।
रिया तुम निशा को चूस कर दिखाओ। मैं बेड पर खड़ा हो गया और वह दोनों मेरे सामने घुटने के बल बैठ गई रिया पहले मेरा लण्ङ मुंह में ली और चूसने लगी चूमने लगी बोल फिर निशा की ओर की और उसे चूसने का इशारा किया निशा एक दो बार चूमी। रिया मेरे लन्ड को जीभ से चूस रही थी वो एक दो बार पूरा मुँह मे लेने का ट्राई करी रिया को देख निशा भी चूसने मे इंट्रेस्ट दिखाने लगी। अब दोनो मेरा लन्ड चूसने लगी थीं मेरा कड़क लन्ड एकदम तन कर पत्थर हो गया था।
मै: अब बस करो! अब सभी वापस अपनी जगह बैठ गए।
अब बोतल निशा ने घुमाई जिसका मुख मेरी तरफ हुआ मैं डेयर लिया जिस पर निशा ने मुझे रिया की चुदाई करने को कहा जब तक दोनों में से कोई एक झर ना जाए। रिया टांगे फैला लेट गई, मै उसके बुर पर अपना लन्ड घिसने लगा निशा मेरा लण्ङ पकड़ रिया की बुर मे धकेलने लगी मै धीरे से धक्का दे लण्ङ रिया की बुर मे घुसा दिया और चुदाई करने लगा.
धीरे धीरे मै उसपर लेट गया और उसके होंठ चूसने लगा और लण्ङ पूरा उसके बुर मे उतार दिया। अब घपा घप उसकी बुर चोदने लगा और उसकी चूचियों को पीने लगा। वो आह आह ओह ओह करने लगी। निशा हम दोनों की चूदाई वही लेट देख रही थी मैं कभी उसके होंठ चूसने लगता कभी उसके चूंची चूसने लगता।
कुछ 10 मिनट की दनादन चुदाई के बाद रिया झड़ गई और बस बस करने लगी। मै उस पर से हट गया और निशा लेटी थी तो उस पर चढ़ गया और उसके बुरे में लन्ड डाल दनादन चोदने लगा मैं निशा के कान गाल गर्दन सीने सब जगह चूसने चूमने लगा उसके मम्मे पीने लगा। कुछ 20 मिनट बाद निशा भी झड़ गई।
मैं भी झड़ने वाला ही था मैं लण्ङ रिया के मुँह के सामने कर दिया। रिया मेरे लन्ड को मुँह मे ले ली और चूसने लगी। इस बार उसे पता था उसे क्या करना है कुछ 5 मिनट बाद सीत्कारते करते हुए मै रिया के मुँह मे ही झड़ गया और वह मेरा रस पी गई। निशा आंखें फाड़ हुए रिया को मेरा रस पीते हुए देख रही थी।
निशा: तुम पी जाती हो।
निशा ने रिया से आश्चर्य से पूछा.
रिया: हाँ।
रिया ने अपने मुंह से मेरा लंड निकलते हुए, हंसते हुए जवाब दिया।
निशा: कैसा लगता है?
रिया: कड़वा लगता है लेकिन मुझे बहुत अच्छा लगता है।
हम तीनों ही हंसने लगे। रिया मेरा लण्ङ चूस चूस कर साफ कर दी। अब हम तीनों ही थक गए थे और रात भी काफी हो गई थी तो सब सोने का प्लान बना। निशा ने कहा की तीनों यहीं पर नंगे सोते हैं। फिर हम तीनों वहीं पर नगे सो गए मैं बीच में था और दोनों तरफ दो नंगी खूबसूरत जवान मालदार लड़कियां मुझे पकड़ कर सो गई थी।
अब अगले 5 दिन यही रूटीन रहा हम दिन भर नंगे ही रहते मैं कॉलेज से आता तो वह दोनों मुझे नंगी ही मिलती थी घर पर। हर रात हम चुदाई करते गेम खेलते हुए। रिया का एग्जाम खत्म हो गया था फिर भी मैंने उसकी मम्मी से बात कर उसे अपने यहां रोक लिया था।
पांच दिन बाद मेरी मम्मी नानी घर से आ गई तू ही रिया और निशा कपड़े पहन रहने लगी अब रात में सोने के लिए मम्मी और रिया एक कमरे में सोने वाली थी पर निशा ने रिया को अपने ही कमरे में सोने बोली और मुझे तीसरे कमरे में सोने को बोली। अब रात में हम तीनों एक ही कमरे में आ जाते और चुपके चुपके चुदाई करते थे।
अब ऐसे ही समय गुजरने लगा मैं बीच-बीच में गांव चला जाता था वहां मैं रिया की मम्मी ममता के साथ कभी-कभी खेतों में चुदाई कर लेता था। रिया भी अब गांव आ गई थी उसके रिश्ते उसके मम्मी के साथ अब सुधर गए थे मैंने उससे कहा कि अपनी मम्मी से अच्छे से बात करना।
1 महीने से ज्यादा दिन तक रिया हमारे साथ रही थी और मैंने इतनी चुदाई उसकी करी थी कि वह निखर गई थी जो उसकी मम्मी भी समझ गई थी पर ना उन्होंने मुझसे कभी पूछा और ना मैंने उन्हें कभी बताया। 12वीं के रिजल्ट के बाद मैं रिया का एडमिशन अपने ही कॉलेज में करवा दिया जिसके रिया हमारे साथ ही रहने आ गई उसके बाद खूब चुदाई हम तीनों ने मिलकर की।
इतनी चुदाई से निशा जल्दी ही प्रेग्नेंट हो गई मेरा बेटा जब 6 महीने का हुआ तो लॉकडाउन लग गया था मै माँ, निशा और अपने बेटे को ले गांव आ गया था क्योंकि कॉलेज बंद हो गया था गांव जाकर में रिया और उसकी सहेलियों को अपने घर पर ही पर पढ़ाता था। रिया को चोद चोद कर मै मस्त माल बना दिया था उसकी चूची 34 की हो गई थी कमर 28 की और गांड 36 की उसकी सहेलियां उसकी तारीफ किए हुए नही थकती थीं।
रिया को मिला मै कुल 11 लड़कियों को पढ़ाता था ऐसे ही मुफ्त मे क्योंकि मेरा भी मन नही लगता था। गाँव में सिर्फ मुझे निशा की बुर रात में मिल रही थी और कभी-कभी रिया की मम्मी की दोपहर में खेतों में चुदाई कर पाता था। रिया से मैं बहुत बार बोला कि अपने सहेलियों की बुर दिलवा दे पर उसने मुझे किसी की नहीं दिलाई. पर निशा को उसने सब की बुर चटवाई और धीरे-धीरे मुझे पता चल गया.
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उन दोनों के बिना बताए कि रिया और निशा रिया की सारी सहेलियों की बुर चाट चुकी थी और उनसे अपना बुर चटवा चुकी थी। वह दोनों मुझे मेरी ही स्टूडेंट के साथ लेस्बियन सेक्स कर रही थी इस बारे में नहीं बताई थी एक बार मैंने उन दोनों को मेरी एक 18 साल की स्टूडेंट के साथ देख लिया था घर पर मरते हुए तभी मुझे समझ आया था। उसके बाद लाकड़ौन खतम हो गया और रिया की ग्रेजुएट भी समाप्त हो गई कुछ सालों में। रिया ग्रेजुएशन तक हमारे साथ ही शहर में रही। मै रिया को उन तीन सालों में इतना चोदा था कि वह अपने पति से शादी के बाद उतना 10 साल में चुदेगी।
अब कहानी बहुत लंबी हो गई है इस बीच मैं निशा, रिया की मम्मी ममता और रिया के अलावा सिर्फ निशा की बड़ी बहन की चूत मारी वह भी निशा ने हिं दिलाई। उनके अलावा निशा और रिया ने किसी और लड़की की तरफ देखने भी नहीं दिया। इस कहानी को अगर आप पसंद करेंगे तो निशा की बड़ी बहन की चुदाई की कहानी मै किसी और भाग में लिखूंगा। कहानी पूरी पढ़ने के लिए धन्यवाद। अगर आपके कुछ सुझाव इस कहानी के प्रति या मेरी और कहानियों के प्रति है तो कमेंट जरुर करें। मेरी अन्य कहानियां पढ़ने के लिए मुझे मेल करें । lovesingh171099@gmail.com
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