Indian Cuckold Chudai Story
मैं 28 वर्षीय अनुभवी सिंगल दिल्ली मेल हूँ। मैं 6 फीट लंबा, 70 किलो वजन का, क्लीन शेव्ड और एथलेटिक बॉडी वाला हूँ। मैं अब आपको जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ, वो एक सच्ची घटना है। मेरा पहला सेक्शुअल अनुभव 6 साल पहले एक कपल के साथ ही हुआ था। मैं उनके घर में पेइंग गेस्ट था। Indian Cuckold Chudai Story
तभी से मुझे सिर्फ थ्रीसम यानी 2 मेल 1 फीमेल में ही मज़ा आता है। मैं अब तक 4 कपल से मिल चुका हूँ। लेकिन कई दिनों से मेरी कोई कपल से मुलाकात नहीं हुई थी। मैंने नेट की मदद ली। मैंने कई लोगों को मेल किया और कई साइट्स पर अपना ऐड दिया।
जल्दी ही मेरे पास एक कपल का मेल आया। वो कपल शिमला का था। उसने मुझसे मेरा सेल नंबर मांगा, मैंने दे दिया। जल्दी ही हसबैंड का फोन आया। उसका नाम ऋषभ था। उसकी उम्र 32 वर्ष थी और उसकी वाइफ की 30 वर्ष। उसकी इच्छा थी कि कोई उसकी वाइफ को उसके साथ मिलकर चोदे। वो अपनी वाइफ को भी इस बात के लिए तैयार कर चुका था।
ऋषभ और मैं अक्सर फोन पर बात करने लगे। लेकिन वो शिमला में रहते थे और मैं दिल्ली में। एक दिन ऋषभ काम से दिल्ली आया। तब मैं उससे पहली बार मिला। ऋषभ साथ में अपनी वाइफ “पंखुड़ी” का फोटो भी लाया था। मैंने जब वो फोटो देखा तो मैं पागल हो गया। वो गज़ब की खूबसूरत लड़की थी।
इसे भी पढ़े – अपनी शर्मीली भाभी को चोद दिया
ऋषभ ने बताया कि पंखुड़ी की हाइट 5.7 है और उसका फिगर 38-28-38 है। वो एकदम गोरी थी। ऋषभ भी काफी स्मार्ट था। ऋषभ से मिलने और पंखुड़ी का फोटो देखने के बाद मेरा इंटरेस्ट उनसे मिलने में और बढ़ गया। बस दिक्कत ये थी कि वो शिमला में थे और मैं दिल्ली में। मैं बैंक में काम करता हूँ, मुझे छुट्टी नहीं मिल रही थी।
ऋषभ ने एक दिन मेरी पंखुड़ी से फोन पर बात करवाई। जल्दी ही हम काफी खुल गए। कई बार तो हम तीनों फोन पर ही सेक्सी बातें करके ग्रुप सेक्स करने लगे। पंखुड़ी की सबसे अच्छी बात ये थी कि वो बहुत ओपन थी। वो खुलकर रॉ वर्ड्स यानी चूत, लंड और गांड बोलती थी।
जब हम दोनों सेक्सी बात करते तो ऋषभ उसे स्पीकर फोन पर सुनकर मज़ा लेता था। मैं पंखुड़ी से मिलने को बेकरार हो रहा था तो ऋषभ और पंखुड़ी भी मुझसे जल्दी मिलना चाहते थे। ऋषभ ने तय किया कि वो पंखुड़ी को लेकर दिल्ली आएगा और हम मिलेंगे। मैंने उनके लिए दिल्ली में एक शानदार होटल बुक कर दिया।
पंखुड़ी और ऋषभ बस से दिल्ली पहुँचे। मैं उन्हें लेने बस स्टैंड पहुँचा। जैसे ही मैंने पंखुड़ी को देखा, मेरे तो सिर घूम गया। वो क्या चीज़ थी! उसकी आँखें ब्लू थीं, बाल कंधों तक थे और रंग गोरा था। उसके होंठ थोड़े मोटे थे जो बहुत सेक्सी लगते थे। वो टॉप और जींस पहने थी।
टॉप डीप नेक का था, उसमें से उसके 38 साइज़ वाले बूब्स कुछ-कुछ नज़र आ रहे थे। सबसे शानदार थी उसकी निकली हुई गांड। खैर, मैं ऋषभ और पंखुड़ी को अपनी कार में लेकर होटल पहुँचा। रूम शानदार था। शाम के 6 बज रहे थे। पंखुड़ी फ्रेश होने के लिए चली गई। ऋषभ और मुझे इस मौके की तलाश थी, हम प्लानिंग करने लगे।
ऋषभ ने कहा कि वो चाहता है कि पंखुड़ी को स्लट यानी रंडी की तरह हम दोनों इस्तेमाल करें। उसका कहना था कि ज़्यादा शराब पीकर पंखुड़ी रंडी जैसी हो जाती है। मैं भी यही चाहता था। तभी पंखुड़ी बाहर आ गई। उसने टाइट और थोड़ा लंबा स्कर्ट और टॉप पहन रखा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – बहन को चोदने के लिए दिमाग लगाया
स्कर्ट की साइड में एक बड़ा सा कट था, जिससे उसके मक्खन की तरह चिकने पैर दिखाई दे रहे थे। ऋषभ ने बताया था कि पंखुड़ी और उसका किसी तीसरे के साथ यानी ग्रुप सेक्स का पहला चांस है, इसलिए बिना शराब पिए पंखुड़ी के लिए बहुत मुश्किल होगा। यह बात मैं भी जानता था कि उसे खुलकर चुदने के लिए पंखुड़ी को खूब शराब पिलानी होगी।
मैंने रूम सर्विस को फोन किया और अपने व ऋषभ के लिए व्हिस्की का ऑर्डर दिया। पंखुड़ी से पूछा कि वो क्या पिएगी तो उसने बीयर के लिए कहा। मैंने मज़ाक में कहा कि क्या बच्चों का ड्रिंक पीती हो। असल में मैं उसे हार्ड ड्रिंक पिलाना चाहता था जिससे उसे अच्छा नशा हो जाए और वो रंडी की तरह बेड पर मज़ा दे।
पंखुड़ी मेरी बात सुनकर बोली, “अच्छा, वोडका पी लूंगी”… बार-बार डिस्टर्ब न हो इसलिए मैंने शराब की फुल बोतल का ऑर्डर दिया। शराब आ चुकी थी और हम तीनों पीने में जुट गए थे। पंखुड़ी और ऋषभ अपने सेक्स के किस्से बता रहे थे और मैं उन्हें अपने ग्रुप सेक्स के किस्से सुना रहा था। 2-2 पेग हो चुके थे, फिर भी अभी तक सिर्फ बातें ही हो रही थीं।
मैंने पंखुड़ी के चिकने पैर पर अपना पैर टच करना चाहा तो भी पंखुड़ी ने कोई रेस्पॉन्स नहीं दिया। तभी पंखुड़ी लू लेने गई तो ऋषभ बोला, “साली पंखुड़ी रंडी को अभी तक शराब चढ़ी नहीं है, नहीं तो अब तक तो साली कुतिया नंगी होकर हम दोनों के लंड चूसने लगती।”
अपनी पत्नी के लिए पति के मुँह से ऐसी बातें सुनकर मेरा भी लंड खड़ा हो गया। ऋषभ ने कहा कि पंखुड़ी रंडी को बड़े-बड़े पेग बनाकर देते हैं। पंखुड़ी को दो-दो लंड से चोदने का हमारा प्लान तैयार था। पंखुड़ी आ चुकी थी। मैंने और ऋषभ ने उसे बड़े-बड़े पेग बनाकर देने शुरू कर दिए। 2 पेग के बाद ही पंखुड़ी को शराब चढ़ गई।
ऋषभ पंखुड़ी के पास बैठा था। उसने पंखुड़ी को किस करना शुरू कर दिया और उसके हाथ पंखुड़ी के बूब्स को रगड़ रहे थे। मैं पास के सोफे पर बैठा था, मैंने भी अपना हाथ पंखुड़ी की जांघ पर रख दिया। ऋषभ ने अपनी जीभ पंखुड़ी के मुँह में डाल दी। पंखुड़ी उसकी जीभ को चूसने लगी।
इसे भी पढ़े – दीदी को वाटर पार्क ले जाकर चुदवाया
मैं नीचे बैठ गया और मैंने उसके स्कर्ट को ऊपर उठा दिया। उसके चिकने, मक्खन जैसी जांघें देखकर मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो गया। मैंने अपनी जीभ से उसकी जांघों को चाटना शुरू कर दिया। ऋषभ ने उसके टॉप को उतार दिया और उसके बूब्स पर किस करने लगा। मुझे जोश आ गया।
मैंने पंखुड़ी का स्कर्ट खींच दिया, साथ में उसकी पैंटी भी सरक गई। पंखुड़ी अब पूरी नंगी थी। उसके 38 साइज़ वाले बूब्स के साथ ऋषभ लगा पड़ा था। पंखुड़ी ने मेरे बाल पकड़कर मुझे भी ऊपर उठा लिया। अब मेरे और ऋषभ के बीच पंखुड़ी बैठी थी। मैंने उसके राइट बूब पर अपना हाथ रख दिया और ऋषभ उसके लेफ्ट बूब को चूसने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
पंखुड़ी ने मेरा सिर पकड़कर अपने राइट बूब पर रख दिया। मैं उसके इशारे को समझ गया और उसके बूब को चाटने लगा। फिर जब वो सिसकारियाँ भरने लगी तो मैंने उसका गुलाबी निप्पल अपने मुँह में भर लिया। पंखुड़ी बोली, “क्या मज़ा आ रहा है सालो, और ज़ोर से चूसो।” ये सुनकर मुझे और ऋषभ को जोश आ गया।
हमने और बुरी तरह से उसके मखमली बूब्स को चूसना शुरू कर दिया। ऋषभ ने तो उसके बूब को काट भी लिया। वो चिल्लाई, “हरामजादे, खा जाएगा क्या? मुझे दर्द हो रहा है।” गाली सुनकर मैंने भी उसके बूब पर दाँत गड़ा दिए। वो फिर बोली,
“तू भी साले हरामी है। मेरा पति तेरे सामने मुझे नंगा कर रहा है तो क्या तू मुझे अपने बाप का माल समझ बैठा है? चाटना है तो मेरी चूत को चाट।” मैंने तत्काल उसकी चूत पर कब्जा कर लिया। वो टाँगें फैलाकर बैठ गई और मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लगा दिया। मेरी जीभ अब उसकी चूत को कुरेद रही थी।
पंखुड़ी बोली, “साले पूरी जीभ अंदर डाल दे और मज़ा आएगा।”
मैंने कहा, “बाद पर चलो।” ऋषभ भी यही चाहता था।
पंखुड़ी उठी और लड़खड़ाती हुई बेड पर जाने लगी। उसकी गांड की थिरकन देखकर मैं हिल गया। मैंने पहली बार उसकी नंगी गांड देखी थी। एकदम गोरी और भारी-भारी सी। वो बेड पर टाँगें फैलाकर लेट गई। मैंने पहले उसकी चूत पर चाटना शुरू किया और फिर अपनी जीभ की नोक उसकी चूत में डाल दी। ऋषभ उसके बूब्स चूसने में लगा था।
इसे भी पढ़े – कचरे वाले ने भी चोद दिया चुदासी दीदी को
वो ऋषभ से बोली, “देख मदरचोद, चूत ऐसे चाटी जाती है, कुछ सीख इस से।”
ऋषभ ने मुझे देखा तो वो भी चूत के करीब आ गया। चूत पर मेरा कब्जा था तो उसने पंखुड़ी को करवट दिलवा दी और उसकी गांड के छेद में मुँह लगा दिया। पंखुड़ी पागल हो गई, “मेरे दोनों छेदों को खूब चाटो, प्लीज इसे थूक से भर दो, मेरी गांड में सूर-सूर हो रही है।”
मेरी इच्छा हुई कि मैं उसकी गांड का ओरल कैसे हो रहा है देखूँ। मैंने देखा कि ऋषभ ने दोनों हाथों से उसकी गांड को फैला दिया है और उसके गुलाबी छेद में जीभ की नोक से कुरेद रहा है। उसके बाल पूरी तरह साफ थे। मुझे जोश आ गया और मैंने पंखुड़ी की गुदगुदी गांड पर दाँत गड़ाने लगा तो वो चिल्लाई, “हरामजादे.. क्या कुत्ते की तरह काट रहा है?”
ऋषभ ने बोला, “मादरचोद बहुत बोल रही है, इसके मुँह में अपना लंड दे दे, साली कुतिया तब ही चुप होगी।”
मैं उठा और अपना 6.5 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा लंड उसके मुँह में डालने लगा। पंखुड़ी मस्त हो गई और ज़ोर-ज़ोर से मेरा लंड चूसने लगी। ऋषभ अब उसकी चूत चाटने में लग गया। 5 मिनट के बाद पंखुड़ी ने अपने मुँह से मेरा लंड निकाल के बोली, “प्लीज.. मुझे अब मत चाटो। दो-दो लंड हैं, कोई एक तो मेरी चूत में डालो।”
ऋषभ जैसे ही हटा, वो हॉर्स पोज़ में आ गई। मैंने ऋषभ से कहा कि पहले वो चोदे तो ऋषभ बोला, “डियर.. मैं इतनी दूर से अपनी बीवी तुमसे चुदवाने के लिए लाया हूँ। मैं तो इस रंडी को रोज ही चोदता हूँ। आज तुम चोदो। तुम्हारा लंड जाता हुआ देखकर मुझे ज़्यादा मज़ा आएगा।”
पंखुड़ी डॉगी स्टाइल में थी। मैं उसके पीछे आया तो ऋषभ ने मेरा लंड पकड़कर उसकी चूत में लगाया। एक झटके में मेरा पूरा अंदर चला गया। पूरी चूत मेरे और ऋषभ की थूक से भरी थी, ऊपर से पंखुड़ी का रस भी निकला हुआ था। मेरा लंड सटासट अंदर-बाहर होने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
ऋषभ आगे पहुँचा और उसने अपना लंड पंखुड़ी के मुँह में डाल दिया। मैंने पंखुड़ी के बाल पकड़ लिए और उन्हें मुट्ठी में भरकर धक्के लगाने लगा। ऐसा लग रहा था कि मैं हॉर्स राइडिंग कर रहा हूँ। मैं जैसे ही धक्का लगाता, ऋषभ का पूरा लंड पंखुड़ी के हलक में चला जाता। ऋषभ को कुछ नहीं करना पड़ रहा था। मेरे हर धक्के में उसे मज़ा आ रहा था।
इसे भी पढ़े – बीवी के साथ साली और सास को भी चोदा
वो बोला, “डियर और चोद साली इस रंडी को, ज़ोर से धक्के मार। साली को कुतिया बना-बना के रगड़। साली को मैं आज पक्की रंडी बनाना चाहता हूँ।”
मैं लगातार धक्के मार रहा था। अब थोड़ी देर में ऋषभ मुझसे बोला, “डियर तुमने मेरी बीवी को बहुत चोद लिया। प्लीज अब मुझे इसकी चूत में अपना लंड डालने दो।”
मुझे बड़ा अच्छा लगा कि बीवी ऋषभ की है और वो मुझसे परमिशन मांग रहा है। मैं वहाँ से हट गया। ऋषभ नीचे लेटा और पंखुड़ी को उसने अपने ऊपर बिठा लिया। पंखुड़ी उसके लंड पर ज़ोर-ज़ोर से उछलने लगी। ऋषभ भी नीचे से स्ट्रोक लगा रहा था।
मैं बेड पर खड़ा हुआ और अपने लंड को पंखुड़ी के मुँह में पेलने लगा। ऋषभ ने मुझसे पूछा, “डियर मज़ा आ रहा है कि नहीं?” मैंने कहा कि मुँह से ज़्यादा चूत के छेद में मज़ा आ रहा था। वो बोला, “कोई बात नहीं, साली के पास दूसरा छेद भी है।”
उसने उसकी गांड को दोनों हाथों से फैला कर कहा, “इस छेद में मैंने भी कभी लंड नहीं डाला। आज तू अपना लंड इसकी गांड में डाल दे। साली को जब रंडी ही बनाना है तो पूरा तरफ से बनाते हैं।” पंखुड़ी डर गई। वो बोली, “प्लीज मेरी गांड मत मारना, मुझे बहुत दर्द होगा। मैं रात भर तुम जैसे कहोगे वैसा चुवाऊंगी लेकिन मेरी गांड मत मारो।”
मैं तो उसकी गांड देखकर पहले ही पागल हो चुका था। अपने आप को रोकना मुश्किल था। मैंने उसे कहा कि अगर दर्द होगा तो मैं अपना लंड हटा लूँगा। मैंने समझाया तो वो मान गई और बोली, “बस एक पेग वोडका और दे दो, नशे में दर्द कम होगा। फिर भी तुम धीरे-धीरे मेरी गांड में लंड डालना।”
इसे भी पढ़े – सेक्सी रील्स वाली लड़की का नंगा जिस्म
मैंने उसे पेग बनाकर दिया। वो ऋषभ के लंड पर बैठी-बैठी सारा गिलास एक बार में खाली कर गई। पंखुड़ी जब शराब पी रही थी तो मैंने पास से क्रीम उठाकर ढेर सारी अपने लंड पर लगा ली। ऋषभ पंखुड़ी की गांड को फिर से फैला कर बोला, “ऐसा भड़वा पति कहीं नहीं मिलेगा जो अपनी वाइफ की चूत के साथ गांड भी किसी और से मरवा रहा है। डाल साली की गांड में।”
मैंने अपना लंड पंखुड़ी की गांड के छेद पर लगाया और साथ ही वहाँ थूक भी दिया। पहले ही झटके में मेरा सुपाड़ा अंदर चला गया। पंखुड़ी बोली, “प्लीज रुक जाओ, दर्द हो रहा है।” मैं रुक गया लेकिन ऋषभ को तो शराब चढ़ चुकी थी, उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। वो तो बस अपनी बीवी की गांड मरवाना चाहता था।
उसने नीचे से ज़ोर से झटका दिया। मेरा आधा लंड पंखुड़ी की गांड में घुस गया। पंखुड़ी दर्द से चिल्लाने लगी, “प्लीज मुझे छोड़ दो, मैं मर जाऊंगी।” मैंने उसे कहा कि चिंता मत करो, मैं अपना लंड और नहीं डालूँगा। बस तुम साथ दो। वैसे भी मैं और ज़्यादा उसकी गांड में अपना लंड नहीं डाल सकता था क्योंकि उसकी चूत में पहले से ही लंड था जिससे गांड का छेद भी टाइट हो गया था।
मैं अब धक्के लगा रहा था और नीचे से ऋषभ उसकी चूत को पेल रहा था। थोड़ी ही देर में मेरे और ऋषभ के बीच सही कोऑर्डिनेशन हो गया। हम दोनों के धक्के एक साथ पड़ने लगे। पंखुड़ी मस्त हुई जा रही थी। उसकी चूत में पूरा लंड था तो गांड में आधा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वो ज़ोर से बोली, “ऋषभ आई लव यू.. यू आर द बेस्ट हसबैंड इन दिस वर्ल्ड.. ओह आह.. यू गिव मी अ नाइस स्टड.. क्या लंड ढूंढा है मेरे लिए.. एक साथ दो लंड लेने की तमन्ना आज तुमने पूरी कर दी… और ज़ोर से चोदो.. मेरी चूत और गांड दोनों के छेदों को फाड़ दो…” 10 मिनट तक मैं और ऋषभ पंखुड़ी को रगड़ते रहे। पंखुड़ी अब थक चुकी थी।
इसे भी पढ़े – जोधपुर से दिल्ली वाली बस में चुदाई कांड
वो बोली, “प्लीज अब मुझे और मत चोदो, मेरी चूत और गांड छिल गई है.. मैं थक गई हूँ, दर्द हो रहा है। मेरे मुँह में दे दो, मैं चूस-चूस कर तुम दोनों का निकाल दूंगी… कहोगे तो स्पर्म भी पी लूंगी.. बस मेरे दोनों छेदों से लंड निकाल लो।” ऋषभ बोला, “भाई ये रंडी तो थक गई। तू क्या बोलता है? जैसा तू कहेगा वही होगा। ये रंडी है और तू इसका कस्टमर।” मैंने कहा इसके मुँह में देते हैं। हम दोनों ने लंड निकाल लिए। पंखुड़ी नीचे बैठ गई। अब वो बारी-बारी से हम दोनों का लंड चूसने लगी। जब वो ऋषभ का लंड चूसती तो मेरे लंड को हाथ से पकड़कर हिलाती।
जल्दी मेरा लंड उसके मुँह में झड़ गया। मैंने सारा स्पर्म उसके मुँह में डाल दिया। वो स्लट की तरह उसको पी भी गई। मेरा लंड उसके मुँह में ही था कि ऋषभ ने उसके चेहरे पर अपने लंड से पिचकारी छोड़ दी। उसके बाद हम तीनों बाथ लेने चले गए। फिर डिनर लिया। और 2 बार फिर चुदाई का खेल खेला। पंखुड़ी ने नंगी होकर डांस भी दिखाया और खूब चूत और गांड मरवाई। सुबह वो दोनों शिमला निकल गए। अब लगभग हर दो महीने में हम मिलते हैं और खूब सेक्स करते हैं।
प्रातिक्रिया दे