Group Sex Kahani
मेरा नाम मिनी है। मेरी उम्र 19 साल की है और मैं बहुत ही खूबसूरत हूँ। मेरी दो सहेलियाँ हैं जिनका नाम निशा और उषा है। वो दोनों मेरे साथ ही कॉलेज में पढ़ती थीं। हम तीनों ही बहुत सेक्सी थे। कॉलेज में ही हमारा ढेर सारे लड़कों से संबंध था। हम तीनों ही उनसे खूब चुदवाते थे। Group Sex Kahani
उषा चुदवाने में सबसे ज्यादा तेज़ थी। उषा हमेशा ही खूब लंबे और मोटे लंड की तलाश में रहती थी। निशा को कई लड़कों से एक साथ चुदवाने में ज्यादा मज़ा आता था लेकिन उसे ज्यादा लंबा और मोटा लंड पसंद नहीं था। जहाँ तक मेरा सवाल है तो मुझे एक साथ चूत और गाँड दोनों में लंड लेना पसंद था।
पढ़ाई खत्म होने के बाद निशा और मैं दो साल के लिए दूसरे शहर में पढ़ने चले गए। हमारे जाने के छह महीने बाद ही उषा की शादी उसी शहर में जय के साथ हो गई थी। जय बहुत अमीर आदमी था और ऐय्याश भी। उषा ने हम दोनों को भी शादी में बुलाया लेकिन हम उसकी शादी में नहीं आ सके।
उषा ने अपनी शादी की दूसरी सालगिरह पर हम दोनों को बुलाया। मैं निशा के साथ उषा के पास आ गई। उषा ने हम दोनों को देखा तो बहुत खुश हो गई। हम सबने आपस में खूब बातें कीं। उषा ने मुझे बताया कि वो शादी के बाद से और ज्यादा सेक्सी हो गई थी और वो कई आदमियों से चुदवा चुकी थी।
उसकी एक दलाल से जान-पहचान हो गई थी जो अमीर औरतों को आदमी सप्लाई करता था। मैं जानती थी कि ये मुंबई के लिए आम बात है। उषा ने हम दोनों को लगभग 150 आदमियों के फोटो दिखाए और बोली, “मैं इन सब से चुदवा चुकी हूँ।” वो सभी आदमी फोटो में एकदम नंगे थे।
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उन सब आदमियों का लंड एक से बढ़कर एक था। किसी का लंड 8 इंच से कम लंबा नहीं था। मैंने उषा से कहा, “इन सबका लंड तो बहुत ही लंबा और मोटा है।” वो बोली, “तू तो जानती ही है कि मुझे तो खूब मोटा और लंबा लंड ही पसंद आता है और उसी से चुदवाने में मुझे मज़ा भी आता है। आज मैंने एक पार्टी रखी है। आज हम सब सारी रात चुदाई का पूरा मज़ा उठाएँगे।”
उषा ने 6 मर्दों के फोटो हमारे सामने रखते हुए कहा, “मैं आज इन सबको बुलाया है।”
मैंने पूछा, “अगर जय आ गया तो?”
वो बोली, “वो तो महीने के 25 दिन बाहर ही रहता है। इसी लिए तो मैंने दूसरे आदमियों से चुदवाना शुरू किया है।”
मैंने कहा, “जय तुझे कुछ कहता नहीं?”
वो बोली, “वो भी तो ऐय्याश है और तमाम लड़कियों को चोदता रहता है। मैं उसके सामने भी कई बार चुदवा चुकी हूँ।”
मैंने कहा, “तो फिर तूने आज 6 मर्दों को क्यों बुलाया है?”
उषा बोली, “क्या तुम सबको चुदवाना नहीं है?”
मैंने कहा, “चुदवाना तो है लेकिन 6 मर्द एक साथ?”
वो बोली, “तो क्या हुआ, तभी तो चुदाई का असली मज़ा आएगा।”
मैंने कहा, “इन सबका लंड 11 इंच से कम नहीं है।”
वो बोली, “इसी लिए मैं केवल इन्हीं को बुलाया है। मैं तो आज रात इन सब से कम से कम एक बार ज़रूर चुदवाऊँगी।”
निशा बोली, “उषा, तू तो जानती है कि मुझे कई मर्दों से एक साथ चुदवाना पसंद है लेकिन मैं ज्यादा लंबा और मोटा लंड पसंद नहीं करती।”
उषा बोली, “छोड़ यार, तूने लंबे और मोटे लंड का मज़ा कभी लिया ही नहीं फिर तू क्या जाने कि खूब लंबे और मोटे लंड से चुदवाने का मज़ा क्या होता है। आज तो आज मैं तुझे इन सबसे ज़रूर चुदवाऊँगी।”
निशा बोली, “तब मेरी हालत एकदम खराब हो जाएगी क्योंकि इसमें से किसी का लंड 11 इंच से कम लंबा नहीं है। मैं तो सुबह तक बिस्तर से हिलने-डुलने के काबिल ही नहीं रहूँगी।”
उषा बोली, “क्यों तुझे कल सुबह कहीं जाना है क्या?”
निशा बोली, “नहीं यार, कहीं नहीं जाना है। हम दोनों तो तेरे पास कम से कम 10 दिन तक रहेंगी।”
उषा बोली, “फिर सारा दिन तू बिस्तर पर ही आराम करना।”
उसके बाद उषा ने मुझसे कहा, “तेरा क्या खयाल है, मिनी?”
मैंने कहा, “तू तो जानती ही है मुझे एक साथ दो लंड अंदर लेना पसंद है। मुझे तो कोई दिक्कत नहीं है। मैं पहले भी 11 इंच लंबा लंड अंदर ले चुकी हूँ। मैं तो इन सब से कम से कम दो बार ज़रूर चुदवाऊँगी।”
उषा बोली, “फिर ठीक है। आज रात हम सबको चुदवाने में खूब मज़ा आएगा।”
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सारा दिन हम गपशप करते रहे। रात के 8 बजे एक स्कार्पियो आकर खड़ी हुई। उसमें से 6 हट्टे-कट्टे जवान मर्द बाहर आए। मैं उन्हें देखकर खुश हो गई। निशा उन्हें देखकर थोड़ी उदास हो गई।
उषा ने निशा से पूछा, “तू क्यों उदास है?”
वो बोली, “इन सबके लंड के बारे में सोचकर मैं परेशान हूँ।”
उषा बोली, “फिर तो आज सबसे पहले मैं तेरी ही चुदाई करवाऊँगी।”
निशा बोली, “नहीं, मैं सबसे बाद में चुदवाऊँगी।”
उषा ने कहा, “तू लाख कोशिश कर ले लेकिन आज मैं सबसे पहले तुझे ही इन सबके हवाले करूँगी। ये सब तेरी चुदाई कर-करके तेरी चूत को एकदम चौड़ा कर देंगे।”
निशा बोली, “इसका मतलब आज तू मेरा कत्ल करवाने पर तुली है।”
उषा बोली, “कुछ ऐसा ही समझ ले।”
निशा बोली, “ये सब मेरी चूत की हालत खराब कर देंगे और साथ में मेरा भी।”
उषा बोली, “मुझसे शर्त लगा ले। कल सुबह के पहले अगर तूने खुद ही इन अनिल से दोबारा नहीं चुदवाया तो मैं अपना नाम बदल दूँगी।”
निशा बोली, “ये अनिल कौन है?”
उषा बोली, “अनिल सबसे ज्यादा देर तक चोदता है और बहुत ताकतवर भी। मैं सबसे पहले उसी से तेरी चुदाई करवाऊँगी।”
निशा चुप हो गई। वो सभी अंदर आ गए।
उषा ने कहा, “तुम सब कुछ पीओगे?”
उनमें से एक बोला, “आज रात बहुत मेहनत करनी है। हो सके तो कुछ ड्रिंक पिला दो।”
उषा ने उन सबको एक-एक बोतल शराब लाकर दे दी। वो सब शराब पीने लगे।
उषा ने निशा की तरफ इशारा करते हुए अनिल से कहा, “ये मेरी सहेली निशा है। आज तक इसने 7 इंच से ज्यादा लंबे लंड से नहीं चुदवाया है। तुम सबसे पहले इसकी चुदाई करो। मैं नहीं चाहती कि इसे बार-बार तकलीफ उठानी पड़े। तुम इसकी चूत में एकदम बेरहमी से अपना लंड घुसा देना।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अनिल बोला, “मैडम, फिर तो ये बहुत चिल्लाएगी।”
उषा ने कहा, “तो क्या हुआ। एक बार ही तो चिल्लाएगी। उसके बाद इसे इन सब से चुदवाने में मज़ा आएगा।”
वो बोला, “ठीक है मैडम, मैं एकदम रेडी हूँ, आप कहें तो मैं शुरू कर दूँ।”
उषा बोली, “हाँ, शुरू कर दो।”
निशा ने उषा से कहा, “तू मुझे मरवाएगी क्या?”
उषा बोली, “नहीं यार, मैं एक बार में ही तेरा काम तमाम कर देना चाहती हूँ जिससे हम सब एक साथ मज़ा ले सकें। इसी लिए तो मैं सबसे पहले अनिल से ही तेरी चुदाई करवाने को कह रही हूँ।”
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तब तक अनिल निशा के पास आ गया। उसका लंड एकदम टाइट हो चुका था। उसका लंड लगभग 11 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था और वो बहुत ताकतवर भी लग रहा था। उसने निशा के सारे कपड़े उतार दिए और उसे बेड के किनारे लिटा दिया। उसके बाद वो निशा के पैरों के बीच ज़मीन पर खड़ा हो गया। उसने निशा की चूत के मुँह को फैलाकर अपना लंड बीच में रख दिया।
उषा ने बाकी के आदमियों को इशारा कर दिया तो वो सभी निशा के पास आ गए। उन सबने निशा के हाथ-पैर जोर से पकड़ लिए। एक ने अपना लंड निशा के मुँह में दे दिया। निशा उसका लंड चूसने लगी। तभी अनिल ने एक धक्का मारा। निशा ने उस आदमी का लंड अपने मुँह से बाहर निकाल दिया और जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उस आदमी ने दूसरा धक्का लगाया तो निशा बुरी तरह से चीखने लगी।
उषा बोली, “तू इतना चीख क्यों रही है? 7 इंच लंबा लंड तो तू पहले ही अंदर ले चुकी है। इसका लंड तो अभी तेरी चूत में केवल 5 इंच ही घुसा है।”
निशा बोली, “इसका मोटा भी तो बहुत है।”
अनिल जैसे ही रुका तो उषा ने उसे जोर से डाँटा, “क्यों बे, रुक क्यों गया? घुसा अपना पूरा लंड इसकी चूत में।”
अनिल बोला, “गलती हो गई मैडम। अब मैं नहीं रुकूँगा।”
अनिल ने पूरे ताकत के साथ बहुत ही जोरदार दो धक्के लगाए। इन दो धक्कों के साथ ही उसका लंड निशा की चूत में 8 इंच तक अंदर घुस गया। निशा की चूत से खून निकलने लगा और वो बहुत ही बुरी तरह से चिल्लाने और तड़पने लगी। निशा का सारा बदन पसीने से लथपथ हो चुका था। अनिल ने एक गहरी साँस लेते हुए दो बहुत ही जोरदार धक्के और लगा दिए।
इन दो धक्कों के साथ ही उसका लंड निशा की चूत में 10 इंच तक अंदर घुस गया। निशा की चूत बुरी तरह से फैल चुकी थी। उसकी चूत ने अनिल के लंड को बुरी तरह से जकड़ रखा था। तभी अनिल ने पूरे ताकत के साथ बहुत ही जोर का धक्का मारा। इस धक्के के साथ ही उसका पूरा का पूरा लंड निशा की चूत में समा गया। उसके बाद अनिल ने निशा की चुदाई शुरू कर दी।
उषा ने निशा से कहा, “आखिर तूने इसका 11 इंच लंबा लंड अंदर ले ही लिया। अब तो तुझे खूब मज़ा आ रहा होगा।”
वो बोली, “मैं दर्द के मारे मरी जा रही हूँ और तुझे मज़ाक सूझ रहा है।”
उषा बोली, “मेरी जान, बस 10 मिनट में ही तू एकदम पक्की चुदक्कड़ बन जाएगी और तुझे वो मज़ा आएगा कि तू भी मेरी तरह कभी छोटा और पतला लंड पसंद ही नहीं करेगी।”
वो बोली, “ये तो है। लंबा और मोटा लंड अंदर लेने के बाद छोटा लंड भला किसे पसंद आएगा।”
अनिल निशा को चोदता रहा और निशा चिल्लाती रही। 10 मिनट की चुदाई के बाद जब निशा शांत हो गई तो उषा ने अनिल से कहा, “अब तू रहने दे।”
निशा बोली, “अब मुझे मज़ा आ रहा है तो तू इसे मना क्यों कर रही है।”
उषा बोली, “अब तुझे रमेश चोदेगा फिर उसके बाद राज। जब तक मैं नहीं कहूँगी तब तक कोई भी अपने लंड का जूस तेरी चूत में नहीं निकालेगा।”
निशा बोली, “तू ऐसा क्यों कर रही है?”
उषा बोली, “बस, तू केवल देखती जा।”
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अनिल हट गया तो रमेश निशा को चोदने लगा। 15 मिनट की चुदाई के बाद राज ने निशा को चोदना शुरू किया। उसने भी लगभग 15 मिनट तक निशा की चुदाई की। उसके बाद कमल, केशरी और शिव ने निशा को लगभग 15-15 मिनट तक चोदा। निशा को अब मज़ा आने लगा था और उसे अब ज़रा सा भी दर्द नहीं हो रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उषा ने सबको मना कर रखा था इसलिए किसी ने अपने लंड का जूस उसकी चूत में नहीं निकाला। उषा ने अनिल और रमेश से मुझे चोदने को कहा। उन दोनों का लंड एक ही साइज़ का था। मैं अनिल के ऊपर आ गई और उसका लंड अपनी चूत में डाल लिया। रमेश मेरे पीछे आ गया और उसने अपना लंड मेरी गाँड में डाल दिया।
उसके बाद वो दोनों मुझे चोदने लगे। राज उषा को चोदने लगा। उषा भी खूब मज़े ले-लेकर चुदवा रही थी। मुझे भी खूब मज़ा आ रहा था। बहुत दिनों के बाद मुझे बहुत अच्छे लंड से एक साथ चुदवाने का मौका मिला था। मैंने जोर-जोर से सिसकारियाँ भरते हुए उन दोनों के जोश को बढ़ा रही थी।
वो दोनों भी बहुत ताकतवर थे और बहुत ही जोर-जोर के धक्के लगा रहे थे। उधर निशा पूरी मस्ती के साथ कमल, केशरी से चुदवा चुकी थी। अब उसे शिव चोद रहा था। उसे चुदवाते हुए लगभग 1 घंटा हो चुका था। वो अब तक कई बार झड़ भी चुकी थी।
अनिल और रमेश भी मुझे लगभग 30 मिनट तक चोद चुके थे। उन दोनों के हट जाने के बाद कमल और केशरी मुझे चोदने लगे। वो दोनों मेरी चूत और गाँड की बुरी तरह से धुनाई कर रहे थे। मैं भी एकदम मस्ती के साथ चुदवा रही थी।
उषा ने सबको मना कर रखा था कि किसी के लंड से जूस नहीं निकलना चाहिए। वो सभी जब झड़ने वाले होते तो हट जाते थे। जब थोड़ी देर में उनका जोश कुछ ठंडा पड़ जाता तो वो फिर से शुरू हो जाते थे। वो सभी बारी-बारी से हम तीनों की चुदाई कर रहे थे। 3 घंटे तक हम सब की चुदाई चलती रही।
उषा ने उन सब से कहा, “अब तुम सब रुक जाओ।”
वो सब हमारी चूत से अपना लंड बाहर निकाल कर खड़े हो गए तो उषा ने कहा, “अनिल, अब तुम्हें मेरी गाँड मारनी है।”
अनिल बोला, “मैडम, आपने आज तक कभी गाँड नहीं मरवायी है।”
वो बोली, “तो क्या हुआ। आज मेरे साथ मेरी सहेलियाँ भी हैं इसलिए आज मैं गाँड भी मरवाऊँगी। तुम मेरी गाँड मारना शुरू कर दो। मुझ पर ज़रा सा भी रहम मत करना और पूरा का पूरा लंड मेरी गाँड में घुसेड़ कर ही दम लेना।”
वो बोला, “ठीक है मैडम।”
उसके बाद उषा ने रमेश से कहा, “रमेश, तुम निशा की गाँड मारो और अपना पूरा लंड उसकी गाँड में ही घुसा कर ही रुकना। नहीं तो समझ लो कि मैं तुम्हारे साथ क्या सलूक करूँगी।”
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वो बोला, “मैडम, मैं कोई गलती नहीं करूँगा।”
निशा बोली, “तू मुझे क्यों मरने पर तुली हुई है।”
उषा बोली, “मैंने इसी लिए 6 आदमियों को बुलाया था। अब तू रमेश का लंड अपनी गाँड के अंदर लेगी और मिनी राज से गाँड मरवाएगी। उसके बाद हम सबको 2-2 आदमी एक साथ चोदेंगे।”
अनिल ने उषा की गाँड में अपना लंड घुसाना शुरू कर दिया। उषा बहुत जोर-जोर से चिल्ला रही थी। रमेश भी अपना लंड का सुपड़ा निशा की गाँड के छेद पर रख चुका था। निशा ने उषा से कहा, “खुद तो दर्द के मारे मरी जा रही है और मुझे भी फँसा दिया।”
तभी रमेश का बहुत जोर का धक्का लगा। निशा जोर-जोर से चीखने लगी। मैं खड़ी होकर तमाशा देख रही थी। अनिल और रमेश पूरे ताकत के साथ जोर-जोर के धक्के लगा रहे थे। सारा रूम चीखों से गूँज रहा था। तभी राज ने मुझसे कहा, “मैडम मैं भी शुरू कर दूँ?”
मैंने कहा, “मैं तो आदी हूँ। ज़रा इन दोनों की गाँड में पूरा लंड तो घुस जाने दो उसके बाद तुम मेरी गाँड मारना।”
5 मिनट में ही उषा और निशा की गाँड में उन दोनों का पूरा का पूरा लंड समा चुका था। वो दोनों अब उनकी गाँड मार रहे थे। मैंने राज से कहा, “चलो अब तुम भी शुरू हो जाओ।” राज ने मेरी गाँड मारनी शुरू कर दी। उषा और निशा अभी भी बहुत जोर-जोर से चीख रही थीं।
राज बहुत ही जोर-जोर के धक्के लगाता हुआ मेरी गाँड मार रहा था। मुझे खूब मज़ा आ रहा था। 10 मिनट के बाद उषा और निशा शांत हो गईं। अब उन दोनों की गाँड में अनिल और रमेश का लंड सटा-सट अंदर-बाहर होने लगा था। उन दोनों ने 10 मिनट तक और गाँड मरवाई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उसके बाद उषा बोली, “अनिल और रमेश अब तुम दोनों रुक जाओ।”
उन दोनों ने अपना लंड उनकी गाँड से बाहर निकाला और हट गए।
उषा बोली, “रमेश तुम लेट जाओ। मैं तुम्हारे ऊपर आकर तुम्हारा लंड अपनी चूत में डाल लेती हूँ और कमल पीछे से मेरी गाँड मारेगा।”
उसके बाद उषा ने अनिल से कहा, “तुम भी लेट जाओ। निशा तुम्हारे ऊपर आकर तुम्हारा लंड अपनी चूत में डाल लेगी और केशरी उसके पीछे आकर उसकी गाँड मारेगा।”
उसके बाद उषा ने शिव से कहा, “मिनी राज का लंड अपनी चूत में डाल लेगी और तुम पीछे से उसकी गाँड मारना। इस बार तुम सब हमारी चूत और गाँड को अपने लंड के जूस से भर देना।”
वो सब बोले, “ठीक है मैडम।”
उषा ने जैसा कहा था ठीक उसी तरह से हम सब की चुदाई शुरू हो गई। लगभग 1 घंटे तक हमारी खूब जम कर चुदाई हुई। निशा ने पूरी मस्ती के साथ 2-2 लंड का एक साथ मज़ा लिया। उषा ने भी पहली बार गाँड मरवाने का पूरा मज़ा उठाया।
उषा ने निशा से पूछा, “क्यों बेबी, मज़ा आया?”
निशा मुस्कुराते हुए बोली, “कसम से बहुत मज़ा आया। मैं ज्यादा लंबे और मोटे लंड से बहुत डरती थी लेकिन आज मेरा सारा डर खत्म हो गया। अब तो मैं हमेशा केवल खूब लंबे और मोटे लंड से ही चुदवाऊँगी। तुम इन सब से कह दो कि बिना रुके ही खूब जम कर मेरी चुदाई करें और मेरी चूत और गाँड को अपने लंड के जूस से एकदम भर दें।”
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उषा बोली, “ऐसा ही होगा, रानी जी।”
उषा ने उन सब से कहा, “तुमने सुना कि ये क्या कह रही है। अब तुम सब शुरू हो जाओ और मेरी सहेली को एकदम मस्त कर दो। ये जब तक मना न करे तुम सब इसे खूब जम कर चोदना।”
उन सबने सुबह होने तक निशा को तरह-तरह के स्टाइल में खूब जम कर चोदा और उसकी गाँड मारी। सुबह को निशा ने उन सबको खुद ही मना कर दिया। वो एकदम मस्त हो चुकी थी और थक कर चूर भी। उसके बाद उषा ने उन सब से कहा, “तुम सब 1-2 घंटे आराम कर लो। उसके बाद मिनी को भी इसी तरह से चोदना।”
मैंने उषा से कहा, “क्या तू ऐसे ही रहेगी?”
उषा बोली, “मेरा क्या, मैं तो हमेशा ही चुदवाती रहती हूँ। तुम दोनों मेरी सहेली हो और मेहमान भी। पहले तुम दोनों का अच्छी तरह से स्वागत होना चाहिए।”
उन सबने 2 घंटे तक आराम किया और फिर उसके बाद वो सब मुझ पर टूट पड़े। उन्होंने 5 घंटे तक लगातार खूब जम कर मेरी चुदाई की और मेरी गाँड भी मारी। मैं भी निशा की तरह एकदम मस्त हो गई। मुझे बहुत दिनों के बाद चुदाई का मज़ा मिला और वो भी जी भर के।
दोपहर के 3 बजे वो सब जाने लगे तो उषा ने अनिल, रमेश और राज से कहा, “तुम तीनों रात के 8 बजे आ जाना।”
उसके बाद वो सब चले गए।
निशा ने उषा से कहा, “अब जब मुझे चुदाई का असली मज़ा मिल गया है तो तूने आज केवल तीन को ही क्यों बुलाया है?”
उषा बोली, “मेरी रानी, देखती जा।”
उषा ने अपने दलाल को फोन किया और उससे कहा कि रात के 8 बजे 6 आदमियों को और भेज देना लेकिन एक बात का ध्यान रखना कि उन सबका लंड 11 इंच से कम न हो और साथ में खूब मोटा भी होना चाहिए। दलाल ने कहा कि भेज दूँगा। रात के 8 बजे स्कार्पियो से 9 लोग आ गए। उन सबका लंड एक से बढ़कर एक था। उनमें से एक का नाम जयंत था। उसका लंड देखते ही निशा बहुत खुश हो गई।
उषा ने निशा से पूछा, “क्या बात है, तू जयंत को देखकर बहुत खुश हो रही है?”
निशा बोली, “मुझे इसका लंड बहुत ही शानदार लग रहा है। मैं तो आज सबसे पहले इसी से चुदवाऊँगी।”
उषा ने कहा, “तू तो ज्यादा लंबे और मोटे लंड से बहुत डरती थी। आज तुझे क्या हो गया?”
निशा बोली, “तूने खूब लंबे और मोटे लंड से मेरी चुदाई कर मेरी चूत और गाँड में आग लगा दी है। अब तो मुझे इस आग को बुझाना ही है।”
उषा बोली, “शाबाश बेबी, आखिर तू जान ही गई कि असली मज़ा क्या होता है।”
जयंत का लंड लगभग 12 इंच लंबा था और उन सबके लंड से बहुत मोटा भी। जयंत ने निशा की चुदाई शुरू कर दी। निशा जोर-जोर से चीखने लगी। लेकिन आज वो ज्यादा नहीं चीखी और थोड़ी ही देर में शांत हो गई। उसे जयंत से चुदवाने में खूब मज़ा आया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
जयंत से चुदवाने में मैं भी बहुत चीखी और चिल्लाई लेकिन बाद में मुझे भी खूब मज़ा आया। उषा का भी वही हाल हुआ। वो भी बहुत चीखी और चिल्लाई लेकिन बाद में उसे भी खूब मज़ा आया। सुबह तक उन सबने हमारी खूब जम कर चुदाई की और गाँड भी मारी।
हम सब पूरी तरह से मस्त हो चुके थे। उसके बाद वो सब चले गए। मैं निशा के साथ उषा के पास 10 दिनों तक रही। हम सबने खूब जम कर चुदाई का मज़ा लिया। एक दिन तो उषा ने एक साथ 15 आदमियों को बुला लिया था। उन सबने तो हमारा चोद-चोद कर बुरा हाल कर दिया।
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वो सब रात के 8 बजे आए थे, उन्होंने दूसरे दिन दोपहर तक हमारी खूब जम कर चुदाई की और गाँड भी मारी। उन सबने उस दिन हम तीनों को चोद-चोद कर और हमारी गाँड मार-मार कर ऐसा बुरा हाल कर दिया था कि उनके जाने के बाद हम तीनों शाम तक बिस्तर से उठने के काबिल ही नहीं रहे थे। मेरी चूत और गाँड का मुँह पहले से भी ज्यादा चौड़ा हो चुका था। निशा का तो पूछो मत, उसकी चूत और गाँड भी एकदम चौड़े साइज़ की हो चुकी थी। उसे ही सबसे ज्यादा मज़ा आया।
उसके बाद मैं निशा के साथ वापस चली आई। वापस आते समय उषा ने कहा, “जब कभी भी इच्छा हो आ जाना।” मैंने कहा, “मैं ज़रूर आऊँगी।” निशा बोली, “क्या तू मुझे अपने साथ नहीं ले आएगी?” मैंने निशा से मज़ाक किया, “तुझे तो ज्यादा लंबा और मोटा लंड पसंद ही नहीं है। फिर तू आकर क्या करेगी?” निशा ने मेरे गाल काट लिए और बोली, “मेरी चूत और गाँड में तो अभी भी आग लगी हुई है।” मैंने कहा, “चल मैं तेरे लिए फायर ब्रिगेड बुला दूँगी।” मेरी बात सुनकर वो जोर-जोर से हँसने लगी।
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