• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer

HamariVasna

Hindi Sex Story Antarvasna

  • Antarvasna
  • ThePornDude
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Hindi Sex Story
  • माँ बेटे का सेक्स
  • अपनी कहानी भेजिए
You are here: Home / माँ बेटे का सेक्स / अपने मॉम की चुदाई कैसे करी मैंने

अपने मॉम की चुदाई कैसे करी मैंने

मार्च 29, 2026 by hamari Leave a Comment

Free Incest Chudai Story

मैंने अपनी मॉम की चुदाई की. कैसे और क्यों? मेरी मॉम बहुत सेक्सी हैं. उनकी उठी हुई गांड बड़ी कामुक दिखती है. उनकी उभरी हुई चूचियां भी बड़ी दिलकश हैं. मेरे सभी दोस्तो, आपको मेरा नमस्कार. मेरा नाम अंकित है. मेरे परिवार में 7 लोग रहते हैं. मैं परिवार में सबसे छोटा हूँ. मुझसे 2 बड़े भैया और 2 बड़ी बहन हैं. Free Incest Chudai Story

तो सभी परिवारी जन गांव में एक ही जगह इकट्ठा होकर सब लोग मिल जुलकर कार्यक्रम में शामिल होते हैं. मैं एक छोटे से शहर में रहता हूं, जो मेरे गांव से 40 किलोमीटर की दूरी पर है. मेरे गांव में सिर्फ़ मेरे सबसे छोटे चाचा का परिवार रहता है. यह कहानी मेरे मम्मी की है. मैं अपने मॉम के बारे में बता देता हूं.

मेरी मॉम का नाम शालिनी है, वो 46 वर्ष की हैं. मेरी मॉम बहुत सेक्सी हैं. उनका सबसे सेक्सी अंग उनका पिछवाड़ा है. मेरी मम्मी की उठी हुई गांड बड़ी कामुक दिखती है. उनकी उभरी हुई चूचियां भी बड़ी दिलकश हैं. जिस औरत के ये दोनों अंग सेक्सी होते हैं, उसे कोई भी मर्द चोदना चाहता है. मेरी मां को भी कोई भी देखते ही सबसे पहले उनकी गांड मारने की सोचने लगता है.

मेरी मॉम थोड़ा पूजा पाठ में ज्यादा रुचि लेती हैं. गांव में चाचा के यहाँ कोई पूजा-पाठ का कार्यक्रम था, साथ ही मेरे खानदान में एक लड़की की शादी भी थी. इस कारण भैया के घर में आ जाने से मैं भाभी को चोद नहीं पाता था. मुझे बहन से ज्यादा भाभी को चोदने में मजा आता है. तो हुआ यूं कि पूजा-पाठ होने के कारण मॉम ने मुझसे कहा- अंकित कल गांव चलते हैं.

इसे भी पढ़े – दीदी चूत में लिपस्टिक घुसा रही थी

मैंने मॉम से कहा- ठीक है.

लेकिन मैं बस यही सोच रहा था कि यहां तो चोदने को बहन भी है, वहां पर लंड के लिए कौन मिलेगा.

मैंने एक बार कहा- प्रीति दीदी को भी साथ ले कर चलते हैं.

इस पर मॉम ने कहा- नहीं, प्रीति के एग्जाम चल रहे हैं, वो यहीं पर रहेगी. तुम्हारा कॉलेज बंद है. तुम्हीं बस चलो.

मैंने मायूस होकर कहा- ठीक है.

मैं रात में यही सोचता रहा कि गांव में दो हफ्ते किसे चोदूँगा. फिर मैंने सोचा कि आज की रात क्यों व्यर्थ जाने दूँ. मैंने मोबाइल में टाइम देखा, तो 11 बजने वाले थे. मैं तुरन्त बहन के रूम में घुसने को हुआ. देखा कि अन्दर से दरवाजा बंद था. मैंने दीदी को फोन किया, तो उसने तुरंत दरवाजा खोल दिया. मैं अन्दर गया तो देखा कि दीदी पहले से ही ब्रा और पेंटी में थी.

दीदी ने दरवाजा अन्दर से बंद करके पूछा- तुम उदास क्यों हो?

मैंने उनको सारी बात बताई, तो दीदी ने कहा- अरे यार, ये तो बड़ी दिक्कत है… यदि मेरे एग्जाम न होते, तो मैं साथ चलती… मुझे भी तो खुद रोज चुदवाने की आदत हो गई है. मुझे भी तो मेरी चुत के लिए लंड चाहिये.
मैं उसकी बात सुनता रहा.

दीदी ने कहा- बुरा न मानो, तो एक बात कहूँ?

मैंने कहा- हां बताओ.

दीदी ने कहा- तुम मॉम को पटाने का प्रयास करो. तुम भी मॉम की गांड को पेलना चाहते हो. मैंने तुम्हें मॉम की गांड को घूरते हुए देखा है.

मैं एक पल के लिए तो चौंक गया.

तभी दीदी ने आगे कहा- मैं चाहती हूँ कि अपने परिवार में सब लोग एक दूसरे को चोदें, तो कितना अच्छा होगा.

मैंने कहा- मॉम बुरा मान जाएगी.

दीदी ने कहा- मैंने सुना है कि गांव में रहने वाले सुरेश चाचा और मॉम के बीच में रिश्ता था. हम लोग गांव में जब रहते थे, तब मैंने सुना था कि सुरेश मॉम को चोदता था.

ये बातें सुनकर मुझे थोड़ा झटका लगा कि मॉम भी किसी से चुदती हैं. मैं ये सुनकर खुश हो गया कि अब मैं पक्का अपनी चालू मॉम की चौड़ी गांड पेलूँगा. उसके बाद दीदी को दो बार चोद कर उसी जगह दीदी से लिपट कर सो गया. सुबह जब नींद खुली, तो दीदी बाथरूम में थी. मैं अपने रूम में आ गया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

इसे भी पढ़े – भतीजे चाची के बीच चुदाई की कहानी

सुबह भैया ने मुझसे और मॉम से पूछा- कब जा रहे हो?

ये सुनकर मॉम ने कहा कि दोपहर में चले जाएंगे. तब भैया ने कहा कि इतनी गर्मी में दोपहर से अच्छा शाम को निकलना ठीक रहेगा. मॉम ने हामी भर दी. फिर मॉम ने मुझसे कहा कि पहले कुछ सामान खरीदना है. उसके बाद जब सामान खरीदकर आउंगी, तो चलेंगे.

मैंने कहा- ठीक है.

मॉम और भाभी दोपहर एक बजे शॉपिंग के लिए चली गईं. मैंने अन्तर्वासना पर मॉम की चुदाई की कई कहानी पढ़ी थी तो अपने मैं रूम में लंड हिलाता हुआ यही सोच रहा था कि मॉम को कैसे चोदा जाए. मैं ये भी जान चुका था कि मॉम तो पहले से किसी गैर मर्द से चुद चुकी हैं, तो उन्हें चोदना आसान होगा.

जब मॉम और भाभी शाम को 5 बजे आईं, तो मैं बरामदे में बैठा था. इस वक्त मैं अपनी मॉम की चौड़ी गांड को ही घूरे जा रहा था. जब मुझे गांड घूरते हुए भाभी ने देखा, तो उन्होंने इशारे से मुझे अपने रूम में बुलाया. मैं उनके रूम में गया. मुझे पहले से ही पता था कि भैया घर पर नहीं हैं. वे कहीं गए हुए थे. मॉम सामान लेकर रूम में जा चुकी थीं.

मैं भाभी के रूम में गया और तुंरत ही उनकी साड़ी उठाकर पेंटी को नीचे करके उनको बेड पर पटक दिया और उनकी चुत को दनादन पेलने लगा. भाभी मना करती ही रह गईं लेकिन मैं कहां मानने वाला था. मैं भाभी की मस्त बुर को चोदने लगा.

भाभी चुत चुदवाते हुए कहने लगीं- तुम्हारे भईया ने खुद मेरी बुर का भर्ता बना दिया था. बची खुची इस बुर का भोसड़ा बनाने की कसर तुमने पूरा कर दी.

भाभी बाजार से शॉपिंग क़रने से खुद थक चुकी थीं और इस चुदाई से और थक गई थीं.

फिर भाभी ने कहा- तुम एक नंबर के चोदू हो… अब अपने मॉम पर ही गन्दी नजर डाल रहे हो. भाभी बहन के चोदने के बाद मादरचोद भी बनना चाहते हो.

मैंने मॉम की सारी बात भाभी को बता दी.

ये सुनकर भाभी ने कहा- तब तो तुम अपनी चालू मॉम को चोद सकते हो. इस रंडी की चूत और गांड जल्दी से चोद ही दो.

मैंने भाभी से पूछा- कोई उपाय बताओ.

भाभी ने कहा कि तुम बस से जाओ और यहां से रात में निकलो. तीन घण्टे का सफ़र है. तुम पीछे वाली सीट लेना. उसके बाद खुद तुम जानते हो कि तुम्हें क्या करना है. ये बात सुनकर मैंने खुशी से भाभी की चूची जोर से दबा दी तो भाभी ने कहा- जाओ अपनी चालू मॉम शालिनी रंडी की चूची दबाना… उसके कुछ ज्यादा ही बड़े हैं. उसके बाद भाभी के होंठों को चूमकर मैं अपने कमरे में आ गया. कुछ समय बाद मैं मॉम के पास गया और बोला कि हम लोग रोडवेज से चलेंगे.

इसे भी पढ़े – विधवा मौसी चोदने बाद उनकी बेटी को भी चोदा 1

मॉम ने कहा- ठीक है, चाहे जिससे चलो.

हमारे गांव के लिए दो रोडवेज की बस जाती हैं. एक 6 बजे और एक 8 बजे. हम लोग 7:30 पर डिपो पहुंच गए. कुछ समय बाद डिपो पर बस आकर खड़ी हो गयी. मैं और मॉम बस में चढ़े. मैं पीछे से तीसरी वाली सीट पर जा कर बैठ गया. मैंने मॉम को खिड़की के बगल में बैठा दिया और खुद मॉम के बगल में बैठ गया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

बस में जो भी यात्री आता, वो आगे ही बैठता था. बड़ी मुश्किल से आधी बस भी नहीं भरी थी. यात्री कम होने के कारण बस कुछ लेट चली. लगभग सवा 8 बजे बस डिपो से चल दी. कुछ समय बाद मैं दो टिकट खरीद लिए और टिकट लेकर अपनी सीट पर आकर बैठ गया.

बस के ड्राइवर ने 30 मिनट बाद बस की लाइट बन्द कर दी. लाइट बन्द होने से पहले ही मैं सोने का नाटक करने लगा था. जब बस की लाइट ऑन थी, तब ही मैं अपना एक हाथ मॉम के जांघ पर रख चुका था. जब बस की लाइट बन्द हो गयी, तो मैंने अपना सर मॉम के कंधे पर रख दिया.

मैं मॉम की भीनी भीनी खुशबू को सूंघने लगा. जब बस किसी गड्डे में उछलती थी, तो मैं अपना हाथ मॉम के चुत की ओर ले जाता. कुछ देर तक यूं ही चला, जब मेरी मॉम ने विरोध नहीं किया, तो मैंने साड़ी के ऊपर से ही उनकी दोनों जांघों के बीच उंगली डालने का प्रयास किया.

मेरी मॉम ने वहां से मेरा हाथ हटा दिया. तब मुझे लगा कि मैं मॉम को नहीं चोद पाऊंगा. दस मिनट बाद मॉम की चुत में उंगली डाली, तो मॉम ने इस्स करते हुए अपनी टांगें चौड़ी कर दीं. मैं समझ गया कि मॉम खुद चुदने के लिए मचल रही हैं. मैंने उनकी तरफ देखा तो मॉम मुस्कुरा रही थीं.

ये देख कर मैं तुरंत ही बैठकर मॉम के रसीले होंठ चूसने लगा और मॉम का एक हाथ अपने लंड पर रख दिया. मैंने अपना लंड निकालकर मॉम के हाथ में रख दिया. मॉम ने जैसे ही लंड सहलाने शुरू किया, तभी ड्राइवर ने बस की बत्ती ऑन कर दी. मॉम ने मेरा लंड अपनी साड़ी से छुपा लिया. वो मुझसे अपनी आंखें मिला नहीं पा रही थीं. मॉम ने अपनी आँखें नीचे झुका लीं, लेकिन मैं बिल्कुल नहीं शर्मा रहा था.

इसे भी पढ़े – मेरी माँ असली चुद्दकड़ बन गई थी

मैं तुरन्त ही मॉम के कान में बोला- चल मेरी प्यारी रंडी मेरा लंड चूस ले. मैं यह भी जानता हूँ कि तुम कई लंड अपनी चुत में ले चुकी हो.मेरी मुँह से ऐसी बातें सुनकर मॉम ने कहा- ठीक है… लंड चूसती हूँ. मॉम ने अपने रसीले होंठों को लंड पर लगाया और लंड चूसने लगीं.

मॉम ने सोचा कि वो मेरे लंड को चूसकर ही पानी निकाल देंगी, लेकिन मैंने ऐसा होने नहीं दिया. कुछ देर बाद मैंने अपना लंड मॉम के मुँह से निकाल दिया और मॉम के मोटी मोटी चूचियों को जोर जोर से दबाने लगा. कुछ समय बाद हम लोगों का गांव आने वाला था.

रास्ते का पता ही नहीं चला कि कब 3 घण्टे का समय खत्म हो गया. मॉम ने अपनी साड़ी ठीक की और बस से उतर आए. हम दोनों कुछ समय बाद अपने गांव के बाजार में पहुंच गए थे. जब मैंने घड़ी में देखा, तो बारह बजने वाले थे. बाजार में चाचा पहले ही अपनी बोलेरो गाड़ी ले कर ख़ड़े थे. बाजार से अपना घर 3 किलोमीटर दूर था.

हम लोग 5 मिनट में घर पहुंच गए. हम लोगों का एक बड़ा सा घर था, जिसमें सभी परिवार के लोग जब गांव में आते थे… तो सभी लोग एक साथ रहते थे. चाचा ने कुछ जानवर भी पाल रखे थे. उनके लिए अलग से कर्कट का घर था, जो भूसा और जानवरों के रहने के लिए बना था.

मैं और मॉम अपने कमरे में चले गए. मैं तुरन्त ही थके होने के कारण सो गया. जब नींद खुली देखा, तो मेरी बगल में चाची का लड़का सोया हुआ था, जो अभी कम उम्र का था. मैं अपनी रंडी मॉम को सुबह से ही खोजने लगा. वो मुझे कहीं दिखाई नहीं दी.

मैंने चाची से पूछा- मॉम कहां हैं?

चाची ने कहा- वो मन्दिर गयी हैं पूजा क़रने.

मैंने सोचा कि कहीं अपनी चुत की पूजा करवाने नहीं चली गयी हैं. तभी मॉम घर आ गईं. मेरी रंडी मॉम ने अभी लाल साड़ी पहनी हुई थीं. वो बड़ी सेक्सी दिख रही थीं. जो भी उस समय मेरी मॉम को देखता, तो उसका मन यही करता कि उसी समय मॉम को पटक कर चोद दें. सच में उस समय मेरी मॉम इतनी सुंदर लग रही थीं. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

इसे भी पढ़े – पूरे गाँव की रंडी बन गई थी मेरी माँ

मैं अपनी चालू मॉम की चुदाई करना चाहता था तो तुरन्त मॉम के पास गया और कहा कि आप जल्दी से मेरे रूम आ जाओ. मैं अपने रूम में चला गया. दस मिनट के इंतजार करने के बाद जब मॉम नहीं आईं… तो मैं गुस्से से बाहर आया और देखा कि मॉम औऱ चाची गांव के पंडित से बात कर रही थीं. उस पंडित की नजर मॉम और चाची की चुचियों पर टिकी थीं. जब वह पंडित चला गया तो मैं और मॉम दोनों कमरे में आ गए. जैसे ही मॉम कमरे में आईं, मैंने मॉम की साड़ी उठाई और दो तीन चमाट लगा दीं.

मॉम ने कहा- ये क्या कर रहे हो?मैंने कहा- चुप रह रंडी… जो मैं कर रहा हूँ… मुझे क़रने दो, नहीं तो मैं अपने सारे दोस्तों से तुझे चुदवाऊंगा. इसलिए जो कर रहा हूँ, मुझे करने दे. अब चल रंडी मेरा लंड चूस.मेरी चालू मॉम हंसने लगीं और उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया. मेरी रंडी मॉम की गांड और चूत चुदाई की कहानी का अगला भाग और भी मस्त होगा. मैं आपके कमेंट्स का इंतजार कर रहा हूँ. दोस्तो… चुत और लंड सिर्फ चुदाई के लिए बने होते हैं, इसलिए आप अपनी झिझक खत्म करके मेरी चालू मॉम की चुदाई की कहानी पर अपने कमेंट्स बिंदास लिखिए, मुझे अच्छा लगेगा.

ये Free Incest Chudai Story आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे………….

अपने दोस्तों के साथ शेयर करे-

Related posts:

  1. बेटे के साथ रंगरेलियां मनाने लगी मैं
  2. माँ की मदमस्त जवानी से कामुक हुआ बेटा
  3. माँ बेटे ने टॉयलेट में डर्टी सेक्स किया
  4. सोई माँ के जिस्म से मजा लिया बेटे ने
  5. मम्मी ने दिया सेक्स का मजा
  6. चुदासी मम्मी चुदवाने के लिए मान गई 5

Filed Under: माँ बेटे का सेक्स Tagged With: Blowjob, Boobs Suck, Family Sex, Hindi Porn Story, Kamukata, Mastaram Ki Kahani, Non Veg Story, Sexy Figure

Reader Interactions

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

कहानियाँ सर्च करे……

नवीनतम प्रकाशित सेक्सी कहानियाँ

  • आजा राजा बजा दे बाजा
  • Girlfriend Ki Kunwari Chut Chod Di
  • अपने मॉम की चुदाई कैसे करी मैंने
  • जीजू ने कुंवारी साली के स्तनों से दूध निकाला
  • Ghar Me Maa Bahan Ko Choda

Desi Chudai Kahani

कथा संग्रह

  • Antarvasna
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Desi Adult Sex Story
  • Desi Maid Servant Sex
  • Devar Bhabhi Sex Story
  • First Time Sex Story
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Group Mein Chudai Kahani
  • Hindi Sex Story
  • Jija Sali Sex Story
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Girl Sex Kahani
  • Meri Chut Chudai Story
  • Padosan Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Teacher Student Sex
  • माँ बेटे का सेक्स

टैग्स

Anal Fuck Story Bathroom Sex Kahani Blowjob Boobs Suck College Girl Chudai Desi Kahani Family Sex Hardcore Sex Hindi Porn Story Horny Girl Kamukata Kunwari Chut Chudai Mastaram Ki Kahani Neighbor Sex Non Veg Story Pahli Chudai Phone Sex Chat Romantic Love Story Sexy Figure Train Mein Chudai

हमारे सहयोगी

क्रेजी सेक्स स्टोरी

Footer

Disclaimer and Terms of Use

Privacy Policy

HamariVasna - Free Hindi Sex Story Daily Updated