Free Aunty Chudai Story
मैं गुजरात का रहने वाला हूँ। ये उन दिनों की बात है जब मैं कॉलेज खत्म करके अपने गाँव में आया था। उस समय मेरे अंकल के बेटे की शादी हो चुकी थी, जो कि मुझसे छोटा था। उसकी बीवी का नाम पुष्पा था। दिखने में कुछ खास नहीं थी, सांवली थी, लेकिन बदन देखो तो क्या गजब का था। Free Aunty Chudai Story
मैं उसके साथ कई बार ऐसे ही मजाक करता रहता था। एक दिन की बात है, मैं घर पर अकेला था और सो रहा था क्योंकि मेरे बदन में दर्द हो रहा था। मैं कराह रहा था। इतने में पुष्पा आई और पूछने लगी, “जेठ जी, क्या हुआ?” तो मैंने बताया कि पूरे बदन में दर्द हो रहा है।
उसने पूछा कि मेरे मम्मी-पापा कहाँ गए? मैंने बताया कि वे शादी में गए हैं और कल आएँगे। फिर मैंने पूछा कि क्या उसका घरवाला (मेरे अंकल का बेटा) घर पर है? अगर है तो डॉक्टर के पास मुझे ले चलता। उसने बताया कि वह किसी कंपनी में इंटरव्यू देने के लिए बाहर गया है और कल आएगा।
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अब मैं सोचने लगा कि मैं क्या करूँ? क्योंकि शाम के 7 बज चुके थे। पुष्पा ने थोड़ी सी दवाई लाकर दी और कहा कि रात का खाना वह अपने घर से लेकर आएगी। मैंने हाँ कहा। रात 9:30 बजे के बाद वह आई, तो मेरा दर्द बढ़ गया था। उसने कहा कि मैं बैठा रहूँ, वह मुझे खिला देगी।
मैंने मना किया क्योंकि वह मेरे छोटे भाई की जोरू थी और मैंने उसे कभी ऐसी नजर से नहीं देखा था। लेकिन जब मैं खाने लगा, तो गर्म-गर्म दाल मेरी पैंट पर गिर गई। मैं तुरंत खड़ा हो गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसने घबराकर तुरंत पानी का जग मुझ पर उड़ेल दिया, मेरा पूरा पैंट गीला हो गया। “Free Aunty Chudai Story”
मैंने उसे देखा तो वह मुस्कुरा रही थी। मैं शर्माकर दूसरे कमरे में जाकर कपड़े बदलने लगा। जल्दबाजी में बाथरूम से दूसरा अंडरवियर लाना भूल गया था। कमरे में जाकर पैंट और अंडरवियर निकाल दिया और मेरे पैरों में जाँघ के पास थोड़ी सी जलन हो रही थी, उसे देख रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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दरवाजा सिर्फ यूँ ही बंद किया था, अंदर से कुंडी नहीं लगाई थी। इतने में पीछे से पुष्पा तौलिया और अंडरवियर लेकर आई। मैंने आहट सुनकर पलटकर उसे देखा। उसने मुझे नंगा पाया तो “हाय राम” कहकर भाग गई। जब मैं कमरे के बाहर गया, तो हम दोनों शरमा रहे थे।
खाने के बाद वह चली गई। इधर मेरा बदन दर्द बढ़ने लगा। इतने में मेरे कराहने की आवाज सुनकर पुष्पा फिर मेरे कमरे में आई। तब रात के करीब 11 बजे थे। वह आई और मेरे पैर दबाने लगी, तो मुझे कुछ सुकून मिलने लगा। तभी उसने कहा कि अगर मैं अपने कपड़े निकालकर तौलिया लपेट लूँ, तो वह तेल से मालिश कर देगी। “Free Aunty Chudai Story”
मैं कमरे में जाकर कपड़े बदले और तौलिया लपेटकर वापस सो गया। वह तेल से मालिश करने लगी और मुझे भी नींद आने लगी। इतने में मैंने पाया कि मेरे लंड से उसकी उंगलियाँ टच कर रही थीं। उसके हाथ की आहट पाते ही मेरा लंड फनफना कर जाग उठा। तौलिये के ऊपर से उसने देखा कि कुतुब मीनार की चोटी खड़ी हो रही है, पर मैं सोने का ढोंग करता रहा।
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थोड़ी देर कुछ आहट न पाते हुए उसने मेरे लंड पर थोड़ा ज्यादा हाथ लगाया और मुझसे रहा नहीं गया। मैंने तुरंत उठकर उसे अपनी बाहों में भर लिया। वह फौरन मेरी बाहों में आ गई। मैंने उसे किस करना शुरू कर दिया। वह सिसकारियाँ ले रही थी और बोल रही थी, “कितने दिनों से मैं तुमसे चुदवाना चाहती थी, लेकिन मौका नहीं मिल रहा था, आज तो छोड़ दो मुझे।” मैंने भी कहा, “छोड़ दूंगा मेरी रानी।” और मैंने फौरन उसे नंगा कर दिया। उसने भी मुझे नंगा कर दिया। फिर मेरा लंड उसने अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।
मैं भी उसके बूब्स दबाने लगा। फिर उसे सुलाकर उसकी चूत को चाटा। फिर वह कहने लगी, “आओ मेरे राजा, मुझे छोड़ दो।” मैं फौरन उसके ऊपर चढ़ गया और उसके दोनों पैर मेरे कंधों पर रख दिए और चूत में एक ही झटके में लंड डाल दिया। वह जोर से चिल्लाई, “ऊऊय माँआआ, मार डाला रे, कितना बड़ा लंड है!” मैंने कहा, “रानी, आज तो तुम्हारी चूत फाड़ ही दूँगा।” ऐसे ही आधे घंटे तक चुदाई करता रहा। वह कई बार झड़ चुकी थी। आखिरकार मैं भी झड़ गया। तो दोस्तों, कैसी लगी ये मेरी पहली चुदाई की कहानी?
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