Family Hot Sex Story
मेरा नाम अमित है, हम लोग मुंबई में रहते हैं। घर में हम चार लोग हैं – मैं, मेरे पापा, मेरी माँ और मेरी छोटी बहन। मैं 20 साल का हूँ। मेरी माँ सिर्फ़ 37 साल की हैं, उनका नाम कामिनी है। मम्मी-पापा की शादी बहुत जल्दी हो गई थी, इसलिए मैं 18 साल में ही हो गया था। मेरी छोटी बहन का नाम कोमल है, वो 18 साल की है। Family Hot Sex Story
पापा सेल्स एग्ज़ीक्यूटिव हैं, इसलिए हमेशा घर से बाहर रहते हैं – महीने में 20-25 दिन। बात उन दिनों की है जब पापा को दो महीने के लिए साउथ इंडिया टूर पर जाना पड़ा। जाते वक़्त उन्होंने मुझे कहा, “अपनी माँ और बहन का ख़याल रखना।”
मेरी माँ और बहन दोनों बहुत सेक्सी हैं। दोनों की ख़ास बात हैं उनके सुडौल ब्रेस्ट और बड़ी-बड़ी गांड। कोमल काफ़ी मॉडर्न है, दिन भर लड़कों और फैशन की बातें करती रहती है। एक दिन घर में कोई नहीं था। मेरे कॉलेज की छुट्टियाँ थीं, मैं दोस्तों के साथ मूवी देखने गया था।
माँ किसी रिश्तेदार के यहाँ खाना खाने गई थीं। जब मैं घर लौटा तो देखा हॉल की लाइट जली हुई है। हॉल में गया तो हैरान रह गया – मेरी बहन कोमल ब्लू फ़िल्म देख रही थी और अपनी चार उंगलियाँ अपनी बुर पर रगड़ रही थी। मुझे देखते ही वो बहुत घबरा गई और जल्दी से कपड़े पहन लिए।
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मुझे भी समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूँ। हम दोनों ने इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया कि ब्लू फ़िल्म अभी भी चल रही थी। उसमें दो आदमी मिलकर एक औरत को दोनों तरफ़ से चोद रहे थे और वो “फ़क मी… फ़क मी…” चिल्ला रही थी।
ये सब देखकर मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया। मैंने कोमल से छुपाने की कोशिश भी नहीं की। कोमल भी वहीं खड़ी रही और अपनी चूत पर हाथ फेरने लगी। ये देखकर मेरा साहस बढ़ गया। मैं कोमल के सामने ही नंगा हो गया और मुठ मारने लगा।
कोमल मेरा 8 इंच का लंड देखकर बहुत उत्तेजित हो गई और मेरे पास आकर खड़ी हो गई। अब मेरी हिम्मत और बढ़ गई। मैंने उसके बूब्स दबाने शुरू कर दिए। थोड़ी देर में हम दोनों पूरी तरह उत्तेजित हो चुके थे। वो ज़ोर-ज़ोर से कहने लगी, “प्लीज़ भैया, मुझे चोदो… मुझे चोदो!”
ये सुनकर मैं पागल हो गया। मैंने उसके सारे कपड़े फाड़ दिए और उसके पूरे बदन को चूमने लगा। काफ़ी देर तक उसके बूब्स और होंठों के साथ खेलने के बाद मैं उसे अपने कमरे में ले गया। उसने मेरा लंड मुँह में लिया और कैंडी की तरह चूसने लगी। मैं भी उसकी चूत चाटने लगा।
फिर मैंने उसकी चूत में अपना 8 इंच का काला लंड डाल दिया। उसकी चूत बहुत टाइट थी। मैं ज़ोर-ज़ोर से ऊपर-नीचे होने लगा। 10 मिनट में मैंने अपना पूरा माल उसकी गर्म चूत में डाल दिया। जब हम काम करके ख़त्म हुए तो दरवाज़े पर माँ खड़ी थीं और हमें देख रही थीं।
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हम दोनों डर गए, जल्दी-जल्दी कपड़े पहने और अपने-अपने कमरों में जाकर सो गए। अगले पूरे दिन माँ ने हमसे कुछ नहीं कहा। रात को खाना खाने के बाद माँ ने हमें अपने कमरे में बुलाया। माँ अपनी नाइटी में थीं। उनकी नाइटीज़ बहुत सेक्सी होती हैं। उस दिन उन्होंने ब्लैक कलर की नाइटी पहनी थी जिसमें जाँघ तक कट था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मुझे देखकर मैं उत्तेजित हो गया, लंड खड़ा हो गया। मैंने छुपाने की बहुत कोशिश की, पर लुंगी में था तो कुछ कर नहीं सका। मैंने माँ से माफ़ी माँगी और उनके पैरों में गिर गया। ये देखकर माँ और मेरी बहन ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगे। मुझे बहुत हैरानी हुई। माँ ने कहा कि वो ये बात पापा से नहीं कहेंगी, पर बदले में मुझे उनकी बात माननी पड़ेगी।
मैंने कहा, “कुछ भी करूँगा।”
फिर जो माँ ने कहा, सुनकर मैं पागल हो गया।
वो बोलीं, “ठीक है, तुझे अपनी बहन को मेरे सामने चोदना होगा।”
फिर माँ ने कहा, “पहले मेरे लिए एक पैग बना।”
मैंने व्हिस्की का पैग बनाया और उन्हें दिया। फिर हम तीनों ने एक साथ व्हिस्की के पैग लिए। फिर मैं और कोमल नंगे हो गए, पर दोनों घबरा रहे थे। तभी माँ उठीं और कोमल के पास जाकर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। माँ-बेटी 15 मिनट तक एक-दूसरे को चूमती रहीं।
फिर माँ ने धीरे-धीरे उसके बूब्स दबाने शुरू किए और उसकी चूत में उंगली डालने लगीं। मैं दूर से ये सब देखकर अपना लंड हिलाने लगा। अब दोनों बहुत उत्तेजित हो चुकी थीं। मैंने कोमल को डॉगी स्टाइल में माँ के सामने चोदना शुरू कर दिया। माँ अपने बूब्स दबा रही थीं।
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वो बोलीं, “अब अपनी माँ को भी चोद दे, मैं तेरे लिए कुछ भी करूँगी।”
मैंने कहा, “मेरी फैंटसी है कि किसी को गालियाँ देते हुए चोदूँ।”
माँ बोलीं, “मादरचोद, तो अपनी रंडी माँ को क्यों नहीं चोदता? देख, उसकी चूत से पानी निकल रहा है, जल्दी चोद!”
मैं बोला, “पहले अपनी बेटी को तो चुदने दे।”
मैंने स्पीड बढ़ा दी और कोमल को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। माँ धीरे-धीरे पूरी नंगी हो गईं और अपनी बुर रगड़ने लगीं। कोमल भी अब मुझे गालियाँ देने लगी, “भेनचोद, जल्दी चोद, फाड़ दे अपनी बहन की चूत को, दबा दे उसके बूब्स को, चोद… चोद… भेनचोद हरामी… ओह्ह्ह्ह… तेज़… और तेज़…!”
माँ बोलीं, “चोद दे इस रंडी को, जल्दी चोद मादरचोद, अपनी माँ को कितना इंतज़ार कराएगा, जल्दी चोद!”
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मैं बोला, “मैं ख़त्म होने वाला हूँ।” माँ और बहन एक साथ मेरे लंड के पास आईं। बहन ने लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू किया। थोड़ी देर में मैंने अपना पूरा माल बहन और माँ के बूब्स पर डाल दिया। माँ रंडी की तरह अपनी बेटी के बूब्स से मेरा माल चाट रही थीं और बोल रही थीं, “रंडी, ये माल मेरे बेटे का है, मेरे यार का है, इसे तो सिर्फ़ मैं चाटूँगी!” और ज़ोर-ज़ोर से बहन के बूब्स दबाने लगीं। थोड़ी देर बाद माँ मेरे पास आईं और मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगीं।
एक मिनट में ही मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। उस दिन मैंने अपनी माँ को 5 बार चोदा। फिर माँ-बेटी मेरे सामने एक-दूसरे की चूत चाटने लगीं और हम तीनों मज़े करते रहे। अब भी हम तीनों घर में नंगे घूमते हैं। मेरी कामिनी माँ मुझे हमेशा “मादरचोद” और “हरामी” कहकर बुलाती हैं। मैं भी अपनी माँ और बहन को “रंडी” कहकर ही बात करता हूँ। अब मैं उन दोनों को कहीं भी चोद देता हूँ या वो दोनों एक-दूसरे को चोद लेती हैं। हम पूरी रात एक-दूसरे को चोदते रहते हैं – रोज़।
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