Dehati Sex Affair
मेरा नाम आकाश है मै बिहार के एक गाँव मे रहता हूँ मै जब छोटा था तभी से गाँव मे फैले व्यभिचार के किस्से लड़को से सुनते आया हूँ. पर इस कहानी से पहले मैने कभी किसी को गलत करते नही देखा था तो मुझे यकिन नही होता था. पर जब एक बार देखा तब से मुझे उन बातो पर यकिन होने लगा। Dehati Sex Affair
यह बात तक की है जब मै दसवी मे पढ़ता था मेरे पापा उस समय ईट के भट्ठे पर मुंशी का काम करते थे तब मुझे हर रोज अपने गाय के लिए खेत से घास लाना पड़ता था. मै हर रोज सुबह मे ही घास ले आता था पर उस दिन मुझे देर हो गया मुझे दुसरे काम से कही और जाना पड़ गया.
इसलिए मै लगभग दोपहर को घास लाने गया गर्मी का दिन था तो उस समय दूर दूर तक कोई नजर नही आ रहा था. धूप बहुत तेज लग रही थी तो मै जल्दी से थोड़े स घास काट के बांधा और खेत पास जो पेड़ था वहाँ बैठ के सुस्ताने लगा. मै बैठा हुआ इधर उधर देख रहा था.
तभी देखा एक औरत मेरे ही तरफ आ रही है उसने अपने उपर घूंघट कर रखा था जिस कारण से मै उसे पहचान नही पाया की वह कौन है. पर मुझे शक हुआ की यह इस समय क्या करने आयी है इधर अब मै पहले से ही गाँव के अफेयर के बारे मे सुन चुका था तो उस औरत को देखकर मेरे लंड मे हरकत हुआ और मै पेड़ के आर मे छुप गया.
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औरत मेरे खेत से पहले जो रहर का बड़ा सा खेत था उसमे घुस गयी तब मुझे लगा शायद शौच करने आयी होगी तो मै निराश होकर पर सोचा चलो मै उसे चुदते नही तो हगते देख लेता हूँ. यही सोच के मै जैसे ही उठने को हुआ तभी देखा एक लड़का भी उधर आ रहा था.
उसे देखकर मेरा लण्ड पुरा खड़ा हो गया मुझे यह समझ आ गया आज असली का चुदाई देखने को मिलेगा. लड़का जैसे ही पास आया उसे मै पहचान लिया वह मेरे ही घर के पास मे रहता था वह मेरा दोस्त नही था पर मुझसे बात चीत होते रहती थी वह मुझसे एक दो साल बड़ा होगा.
बदमाश टाइप का था वह नशा करता था उसके बारे मे गाँव मे अफवाह उड़ा हुआ था की अपनी ही चाची को फंसाए हुए है जिस कारण से उसका अपने चचेरे भई से हमेशा झगड़ा होते रहता था. उसके रहर के खेत मे घुसते ही मै भी दबे पाव अंदर घुस गया.
वह लड़का खेत के बीच मे गया जहाँ उसका इंतजार वह महिला कर रही थी जो पहले घुसी थी. महिला उसे देखते ही पूछी किसे ने देखा तो नही तो लड़का बोला अरे अभी इधर कौन आ रहा है चलो डरो नही हम जो काम करने आये है करते है और चलते है.
यह बोलकर वह उस महिला का घूंघट हटाया तो मै देखकर हैरान रह गया की ये महिला तो सही मे उसकी चाची ही है. फिर दोनो एक दुसरे को किस करने लगे. लड़का ब्लाउज के उपर से ही अपनी चाची के बड़े तनी हुई चूची की पूरी ताकत से मसलने लगा साथ ही साड़ी के उपर से ही बूर को भी रगड़ रहा था. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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वही उसकी चाची पैट के उपर से लण्ड पर हाथ फेर रही थी. दोनो अपने काम क्रीड़ा मे लगे हुए थे. मै उसकी महिला के बारे मे सोच के लण्ड हिलाने लगा. वह महिला देखने मे बहुत अच्छी थी 40 के आसपास की थी तीन बच्चे थे पर वो काफी जवान लगती थी एक बेटी और दो बेटा थे.
उसका पति घर से बाहर दुसरी जगह रहता था वह मेरी माँ की बहुत अच्छी दोस्त थी घर हमारे बगल मे ही है इसलिए वह हमारे घर तो मेरी माँ उसके घर आती जाती रहती है. लड़का अपनी चाची के ब्लाउज को खोल के निकाल दिया जिससे मुझे उसके बड़ी गोरी चूची देखने का मौका मिला.
और चूची इतनी मस्त थी की मै उसे देखते ही वीर्य गिरा दिया वही वह लड़का चूची मुँह मे लेकर चुसने लगा एक को दबाने लगा. जब उसका चूची पीना हो गया तो वह अपनी चाची की नीचे बैठा दिया. चाची भी बिना ये पूछी की नीचे क्यो बैठा रहा है बैठ गयी और उसके पैंट से उसका लण्ड निकाल के मुँह मे लेकर चुसने लगी.
मै क्या बताऊ उसका लण्ड सही मे काफी तगड़ा लगा मुझे मेरे से बड़ा और मोटा था उसे उसकी चाची ने मुँह मे लेकर चुसना शुरू कर दिया. मुझे वह देखकर यकिन नही हो रहा था की सही मै वैसा होता है कैसे कोई लण्ड चुस सकता है मेरे लिए वह नया था पर मुझे भी व देखकर मजा आ रहा था.
उसकी चाची किसी पॉर्न स्टार की तरह चुस रही थी हलांकि उस वक्त मैने पॉर्न नही देखा था. वह लण्ड को बड़े मजे से चुस रही थी ऐसा लग रहा था जैसे उसको वैसा करने मे काफी मजा आ रहा हो. चाची ने उसके लण्ड को अपने बड़े चूची के बीच लण्ड को फंसा के उपर नीचे करके मजा दिया.
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लड़के को भी बहुत मजा आ रहा था उसने बोला अहह मेरी जान तुम तो एक नंबर की माल के साथ सेक्स का पूरा ज्ञान है, तुम जानती हो लड़के को कैसे खुश करना है बस अब रूक जाओ नही तो मेरा बिना तुम्हे चोदे ही निकल जाएगा अब मुझे चोदने का मन कर रहा है.
तब चाची रूक गयी फिर लड़के ने चाची की वही पर नीचे लेटा दिया साड़ी कमर से उपर उठाया और भक से मुझे उसकी चाची की गोरी चिकनी जाघ के साथ हल्के झाट से घिरी हुए बूर दिखी. उसकी बूर दिखी मैने पहली बार असली बूर देखा था क्या कमाल का लग रहा था मेरा मन हुआ मै भी बूर को छू पाता.
लड़का बूर देखते ही उसको चाटने और चुसने लगा. चाची अहहह अहहहह अहहहह अहहहह ओओओओहहहह की आवाज के साथ सिसकी ले रही थी. लड़का अपनी चाची के बूर से खेल रहा था चाची को बूर चुसवाने मे काफी मजा आ रहा था इस लिए वह लड़के के सर पर हाथ रखकर कभी दबा रहा थी.
तो वह कभी उसके बाल मे उगली फेर रही थी तो कभी अपनी चूची को खुद ही मसल रही थी आहह… सी… आहहह… सी… कर रही थी मै अपने सामने के कामूक नजारे को देखकर हैरान था पर मुझे वो मुझे भी मजा दे रहा था मै चुपचाप बिना कोई आवाज किये देख रहा था.
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मेरी नजर उसकी चुनी हुई टाइट चूची से हट ही नही रही थी मुझे भी मन कर रहा था की जाकर चुची को मुँह मे लेकर चुसने लगू क्या चूची थी. चाची की आज भी याद आता है तो लण्ड टाइट हो जाता है कुछ देर लड़का बूर चुसते रहा तब चाची बोली कितना बूर चुसेगा अब चोद भी दो मुझे कितने दिन हो गये चुदे हुए.
तब लड़के ने चाची पैर को घुटने तक मोड़कर फैला दिया खुद बीच मे जाकर बोला तुमको तो कितनी बार बुलाया रात मे भी बोला की जाओ एक बार कर लेते है पर तुम तो पता नही किस दुनिया मे खोए हुई थी. उसने अपने काले मोटे लण्ड को चाची के बूर पर रखा.
और वो धीरे से लण्ड अंदर करते हुए पूरा लण्ड बूर मे घुसा दिया चाची के मुँह से अहहह निकल गया. फिर लड़का चाची की चुदाई शुरू कर दिया दोनो के होठ जुड़ गये किस करते हुए चुदायी शुरू हो गयी वह बिना किसी की प्रवाह किये दोनो चुदने लगे लड़का ज्यादा कोई नया कुछ नही कर रहा था. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
बस चाची नीचे लेटी हुई थी पर वह उनके उपर चढ़ा हुआ चोद रहा था कभी उनको किस करता कभी चूची को चुसता तो कभी चूची मसलता वह गांड पर भी खूब हाथ फेर रहा था चाची की गार थी भी मस्त मेरा मन हुआ गांड के छेद को जीभ लगा के चाट लू.
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लड़का 20 मिनट तक चाची को कभी धीरे तो कभी तेज धक्का मार के चोदा और जैसे ही वीर्य निकलने वाला था वह लण्ड बाहर निकाल के अपने वीर्य को बाहर खेत मे गिरा दिया चाची कुछ देर वैसे ही लेटी रही फिर उठी अपने बूर को देखी पेटीकोट से पोछ के खड़ी हुई ब्लाउज मे चूची की डाल के सारे हुक लगा के साड़ी को अच्छे बाधी बाल ठीक करके बिना कुछ बोले जाने लगी तो लड़का बोला आज रात मे छत पर आओगी क्या मेरा मन अभी नही भरा है.
तो चाची बोली घर मे अभी कुछ नही कर सकते है किसी को भी पता चल जाएगा. तो लड़का बोला फिर कब मिलेगी तो चाची बोली मौका मिलेगा तो बोलूगी और वह चली गयी. लड़का भी दुसरी तरफ से निकल गया मै भी उनके निकलते ही निकल के घास उठाया और घर के तरफ चल दिया चाची मुझसे कुछ आगे जा रही थी सार पर घूंघट रखे वह चली जा रही थी मुझे लग रहा था मै भी दौड़का जाऊ और पीछे से पकड़कर गार मार लू. तो कैसी लगी कहानी अगर अच्छी लगी तो ऐसी और कहानी मै लेकर आता रहूंगा।
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