Cousin Brother Sister Porn
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अर्शिया है। मैं 19साल की एक खूबसूरत लड़की हूँ और ये मेरी सच्ची कहानी है जो मैं आपको सुनाने जा रही हूँ। ये मेरा पहला अनुभव है। आज से करीब 4महीने पहले की बात है। हम लोग छुट्टियों में घूमने के लिए हमारे मामा के घर इस्लामाबाद गए थे। Cousin Brother Sister Porn
वहाँ मेरे मामा अपने परिवार के साथ रहते हैं, मामी, लड़की मलाईका 13साल की, और लड़का अमन 21साल का। मामा का लड़का अमन दिखने में बहुत स्मार्ट है। मैं उसे भी भैया ही कहती थी, लेकिन इस बार जब मैंने उसे भैया कहा तो वो बोला कि मुझे भैया मत कहो, मुझे मेरे नाम से ही पुकारो। हम एक ही उम्र के तो हैं। मैंने कहा ठीक है।
हम तीनों मलाईका, मैं और अमन एक ही रूम में सोते थे। मैं और मलाईका पलंग पर और अमन नीचे ज़मीन पर बिस्तर लगाकर सोता था। एक रात की बात है। मुझे लगा कि मेरी छाती पर कुछ रेंग रहा है। मैं घबरा कर उठी तो देखा कि अमन मेरे पास खड़ा था और उसका हाथ मेरी छाती पर रखा हुआ था।
मैंने गुस्से से उससे पूछा, “ये क्या कर रहे हो?”
वो पहले तो घबराया, फिर बोला, “अर्शिया, तुम्हारे शरीर पर कॉकरोच घूम रहा था, मैं उसे भगा रहा था।”
मैं घबरा कर उठ खड़ी हुई और पूछा, “कहाँ है?”
उसने कहा, “शायद शर्ट के अंदर है।” (मैंने उस वक्त नाइट ड्रेस पहनी हुई थी।) मैंने घबरा कर शर्ट के ऊपर के दो बटन खोल दिए और अंदर झाँकने लगी, लेकिन कुछ भी नहीं था।
तभी वो मेरे पास आया और बोला, “देखूँ तो?”
मैंने बिना सोचे-समझे कहा, “हाँ, देखो तो।”
उसने मेरी शर्ट को ऊपर से फैलाया और अंदर झाँकने लगा। फिर उसने एक जोर की साँस ली और उसका एक हाथ मेरी शर्ट के नीचे से घुसेड़ कर उसने मेरे बाएँ ब्रेस्ट पर रख दिया। वो मेरे ब्रेस्ट को किसी पुरुष का पहला स्पर्श था। मुझे मानो करंट सा लग गया।
मैंने झट से उसका हाथ बाहर खींच लिया और लज्जा से पूछा, “क्या कर रहे हो?”
वो बोला, “कॉकरोच ढूँढ रहा था।”
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मैंने उसकी ओर देखा तो पाया कि उसकी नज़र पूरी तरह से ब्रा में से झाँकते हुए मेरे ब्रेस्ट पर है। मैंने झट से अपनी शर्ट को सीधा किया और बटन लगा लिए। मैं कॉकरोच के डर से ये भी भूल गई थी कि मैं किसी पुरुष को अपना ब्रेस्ट खोल कर दिखा रही हूँ। मैं बहुत शर्मा गई और उससे कहा, “कुछ नहीं है, लगता है भाग गया। अब तुम सो जाओ।”
फिर मैंने बाथरूम में जाकर कपड़े उतार कर अच्छी तरह चेक किया। अमन के स्पर्श की याद आते ही मैं रोमांचित होकर थोड़ी देर तक अपने ही हाथों से अपने स्तनों को दबाती रही। उस दिन के बाद अमन के मेरी ओर देखने की नज़र बदल गई थी। वो अक्सर मुझे छूने की कोशिश करता रहता था, लेकिन मैंने उसे कोई लिफ्ट नहीं दी।
लेकिन एक दिन मेरी भी नीयत डोल गई। हुआ यूँ कि एक रात को सोने के थोड़े देर बाद मेरी आँख प्यास लगने के कारण खुल गई। मैं उठ ही रही थी कि मेरी नज़र नीचे गई। वहाँ पर अमन एक ओर लेटकर कुछ पढ़ रहा था और उसका एक हाथ उसके पायजामे के अंदर घुसा हुआ था।
मैंने झट से लेटकर चादर अपने सिर तक ओढ़ ली और झीरी से झाँक कर देखने लगी। कुछ देर बाद वो सीधा हो गया और अपना हाथ बाहर निकाल लिया। मैंने देखा उसके पायजामे में एक तंबू की तरह उभार आ गया था। फिर उसने उठकर हम दोनों पर निगाह डाली और हमें सोता हुआ देखकर फिर लेट गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर उसने धीरे से अपना पायजामा जाँघों तक सरका दिया। उसने पायजामा सरकाते ही उसका लंड तन कर खड़ा हो गया। उसने नीचे से अंडरवियर नहीं पहनी थी। उसका लंड करीब 6इंच लंबा था और मोटा भी बहुत था। मैंने जीवन में पहली बार किसी मर्द का लंड देखा था। मैं आँखें फाड़-फाड़ कर उसे देखने लगी।
फिर उसने किताब हाथों में ली और उसमें के चित्रों को देखता हुआ धीरे-धीरे अपने लंड को सहलाने लगा। उसने जब चमड़ी को नीचे खींचा तो उसके लंड का गोल टमाटर जैसा भाग बाहर आ गया। वो इतना सुंदर दिख रहा था कि बस जी चाह रहा था कि झट से उसे अपने हाथों में पकड़ लूँ।
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फिर अचानक वो जोर-जोर से लंड को मुट्ठी में पकड़कर ऊपर-नीचे करने लगा। 5मिनट बाद ही उसने एकदम से हाथ रोककर जोर से लिंग को जकड़ लिया और उसके लंड में से तेज़ पिचकारी से छूटा वो गाढ़ा सा सफेद पदार्थ जो उसका वीर्य था, उसकी नाभि के पास गिरा। फिर धीरे-धीरे उसका लंड सिकुड़ने लगा।
फिर उसने पेपर से सब साफ किया और किताब अपनी बुक्स के बीच छुपा कर सो गया। तब मेरा ध्यान इस बात की ओर गया कि मैं अपने हाथ से अपनी चूत को सहला रही थी जो अब तक गीली हो चुकी थी। फिर उसे पोंछकर मैं भी सोने की कोशिश करने लगी।
दूसरे दिन अमन बाहर जाने के बाद मैंने वो किताब देखने बैठ गई। उस किताब में बहुत ही सेक्सी कहानियाँ और फोटो थे। वो कहानियाँ पढ़ने पर मैं भी उत्तेजित हो गई। फोटोज में तने हुए अलग-अलग लंड देखकर मुझे रात में देखा हुआ अमन का तना हुआ लंड याद आ गया। मैंने सोच लिया कि उसे आज ज़रूर छूकर देखूँगी।
रात को खाना खा के मैं जल्दी ही सोने चली गई। मैंने सोचा कि मुझे नींद में देखकर अमन ज़रूर कोई शरारत करेगा। थोड़े देर बाद मलाईका भी आकर मेरे पास सो गई। आधे घंटे के बाद अमन भी सोने के लिए आया। उसने रूम का दरवाज़ा बंद किया और पलंग के पास आकर मुझे घूरने लगा।
पर मैं सोने का बहाना करते रहे। वो 5मिनट खड़ा कुछ सोचता रहा और फिर अपने बिस्तर पर जाकर सो गया। मुझे बहुत मायूसी हुई। सोचा कि मैं ही उसके पास जाकर लिपट जाऊँ, पर हिम्मत ही नहीं हुई। बहुत देर तक करवटें बदलने के बाद न जाने कब मुझे भी नींद आ गई।
अगले दिन मैंने सोच लिया कि इसे कुछ नज़ारा दिखाना चाहिए तभी इसकी हिम्मत बढ़ेगी। उस रात को मैंने सोते वक्त चादर नहीं ओढ़ी और अपने नाइट ड्रेस के बजाय नाइटी पहन ली। उस दिन मलाईका कुछ जल्दी ही सो गई थी। मैंने सोने से पहले नाइटी के ऊपर के दो बटन खोल दिए और नीचे से भी घुटनों तक ऊपर उठाकर लेट गई।
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मैं जानती थी कि वो मेरी गोरी-गोरी नंगी पिंडलियों और नाइटी में से झाँकती काली ब्रा में कैद दूधिया उरोजों को देखकर ज़रूर कुछ करेगा। फिर मैं सोने का बहाना करने लगी। थोड़ी देर बाद अमन रूम में आया। पलंग के पास आने पर वो ठगा सा मुझे देखता रहा।
कुछ देर देखने के बाद उसने जाकर धीरे से दरवाज़ा बंद करके नाइट बल्ब जलाया और बत्ती बुझा कर पलंग पर आकर मेरे पास बैठ गया। मैं आँखों के बीच थोड़ी सी झीरी बनाकर ये सब देख रही थी। फिर उसने अपना एक हाथ मेरे दाएँ ब्रेस्ट पर रखकर धीरे-धीरे उसे सहलाने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं गहरी नींद में होने का बहाना करके पड़ी रही। थोड़ी देर बाद उसने अपना हाथ नाइटी में से अंदर सरकाकर ब्रा के ऊपर से मेरे बूब्स को दबाने लगा। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, पर वो ज़्यादा दबाव नहीं दे रहा था। उसे डर लग रहा होगा कि कहीं मैं जाग न जाऊँ। थोड़ी देर उन्हें सहलाने के बाद उसने दूसरे हाथ से मेरी नाइटी को ऊपर खींचा तो वो कमर तक ऊपर आ गई और मेरी जाँघें नंगी हो गईं।
वो फटी-फटी आँखों से देखता रहा। उसकी साँसें भारी हो रही थीं। फिर उसने अपना एक हाथ धीरे से अंदर सरका कर पैंटी के ऊपर से मेरी चूत पर रख दिया। मेरे पूरे बदन में एक मीठी सी लहर दौड़ गई। अब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने झट से अपनी आँखें खोली और उठकर बैठ गई। अमन घबरा कर एकदम से उठ खड़ा हो गया।
मैंने उससे कहा, “क्या कर रहे थे?” वो सहमी निगाहों से मुझे देखता रहा।
मैंने फिर कहा, “क्या आज नीचे भी कॉकरोच घुस गया क्या?”
वो कुछ पल चुप रहा, फिर बोला, “अर्शिया, तुम्हारी नाइटी नींद में ऊपर हो गई थी, उसे सीधा कर रहा था और कुछ नहीं।”
मैंने मुस्कुराते हुए उसे कहा, “बहुत चालू हो तुम। तुमने क्या-क्या किया मुझे सब पता है क्योंकि मैं सोई ही नहीं थी बल्कि जाग रही थी, समझे?”
वो सकपका कर मेरी ओर हैरानी से देखने लगा। फिर वो हकलाते हुए बोला, “क्या तुम्हें बुरा नहीं लगा?”
मैंने कहा, “अरे बुद्धू, अगर बुरा लगता तो क्या मैं तुम्हारे सामने ऐसे ही बैठी रहती?”
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तो वो एकदम खुशी से भर गया और झट से मुझे पकड़कर खड़ा किया और अपनी बाहों में लेकर मुझ पर चुम्बनों की बरसात कर दी। मैंने भी उसे चूम लिया। फिर उसने झट से मुझे उठाकर अपने बिस्तर पर लिटा दिया और मेरी नाइटी को ऊपर करके उतार दी। अब मेरे तन पर ब्रा और पैंटी के सिवा कुछ नहीं था।
उसने मेरी ब्रा का हुक खोल के उसे भी उतार दिया और मेरे ब्रेस्ट को मसलने और दबाने लगा। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। अब मेरे निप्पल्स भी तन कर खड़े हो गए थे। उसने अचानक मेरे बाएँ निप्पल को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और दूसरे हाथ से दाएँ ब्रेस्ट को दबाने लगा। थोड़ी देर तक बारी-बारी से वो मेरे बूब्स को चूसता रहा। अब मेरी भी इच्छा उसका लंड देखने की हो रही थी।
मैंने उससे कहा, “तुम अपने भी कपड़े उतारो ना।”
तब अमन ने अंडरवियर छोड़कर अपने बाकी सब कपड़े उतार दिए। अंडरवियर में से उसका तना हुआ लंड साफ दिखाई दे रहा था। मैंने आगे बढ़कर उसके अंडरवियर को खींच कर उतार दिया। उसका केले जैसा लंड पूरी तरह से तना हुआ था।
मैंने अपने हाथों से उसे सहलाने लगी। 2इंच मोटा और लगभग 6-7इंच लंबा उसका लंड बहुत प्यारा लग रहा था। जब मैंने उसके आगे के लिंग मुंड को हाथों से सहलाया तो अमन उत्तेजना से सिसकारियाँ भरने लगा और बोला, “ओह्ह अर्शिया, और सहलाओ, बहुत अच्छा लग रहा है।”
फिर उसने कहा, “प्लीज़ इसे किस करो ना, चूसो ना।”
पर मैं थोड़ी देर तक उसका लिंग दोनों हाथों से सहलाती रही।
फिर उसने कहा, “तुम भी अपनी चड्ढी उतारो ना, मुझे भी तुम्हारा देखना है।”
मैंने कहा, “तुम ही उतारो” और बिस्तर पर लेट गई।
वो मेरी जाँघों के पास आकर बैठ गया और पहले ऊपर से ही मेरी चूत को सहलाने लगा। फिर धीरे से मेरी पैंटी को खींचने लगा। मैंने भी अपनी कमर थोड़ी से ऊपर उठा दी। तो उसने पैंटी निकाल कर मुझे बिल्कुल नंगा कर दिया। मेरे मोटे चिकने जाँघों के बीच बिछी हुई चूत को वो देखता ही रह गया।
फिर वो बोला, “तुम कितनी खूबसूरत हो अर्शिया। मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि तुम्हारा ये चिकना बदन मुझे हासिल हो सकेगा।”
फिर उसने मेरी चूत पर हाथ रख दिया और सहलाने लगा। उसने मेरी दोनों जाँघों को फैलाकर मेरी चूत के दोनों होंठों को अलग करके जब उँगली से सहलाया तो सच इतना मज़ा आया कि बस पूछो मत। फिर झुक कर उसने मेरी चूत को चूम लिया और जीभ निकालकर मेरी चूत को चाटने लगा। जब उसने मेरी क्लिट को चूसा तो मैं तो जैसे स्वर्ग में विहार करने लगी।
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अब वो मेरी चूत को जीभ अंदर डालकर चूस रहा था। मेरी चूत से अब पानी आने लगा था। उसे भी वो चाट रहा था। मैं अब आनंद के मारे तड़पने लगी थी। मैंने कहा, “ओह्ह्ह्ह्ह अमन, अब बस भी करो ना।” तो मेरी चूत को चूम के वो उठ खड़ा हुआ और बोला, “अर्शिया, तुम्हारी चूत तो बहुत जबरदस्त है। इसकी खुशबू भी बहुत अच्छी है। ऐसे लग रहा है कि ऐसे चूसता ही रहूँ। तुम्हारी चूत का रस भी बहुत स्वादिष्ट है।”
मैं शर्मा कर बोली, “हट बेशर्म कहीं के।”
फिर उसने कहा, “अब असली खेल हो जाए।”
मैंने कहा, “क्या?”
वो बोला, “अर्शिया, तुम भी मेरा लंड चूसो ना।”
ऐसे कहता हुआ वो मेरी छाती तक घुटनों के बल सरकता हुआ आ गया। मैंने उसका लिंग हाथों में पकड़ लिया और बोली, “नहीं, मुझे अच्छा नहीं लगता।” वो अपने लंड को मेरे ब्रेस्ट पर रगड़ते हुए बोला, “अरे बहुत मज़ा आता है, थोड़ा चूस के तो देखो।”
मैंने कहा, “फिर कभी।”
फिर उसने उठके टेबल पर से मसाज क्रीम की डिबिया ले आया और ढेर सारी क्रीम निकाल के अपने लंड पर लगा ली और अपनी एक उँगली क्रीम में डुबो के उसे मेरी चूत में घुसेड़ दी। उसकी उँगली चूत में दाखिल होते ही मुझे दर्द हुआ। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने उससे कहा, “ये क्या कर रहे हो?”
तो वो बोला, “पहली बार है ना, तुम्हें ज़्यादा दर्द न हो इसलिए ऐसे चिकना कर रहा हूँ।” और उसने धीरे-धीरे अपनी पूरी उँगली मेरी चूत में घुसेड़ दी।
मैं समझ गई कि वो अपना लंड मेरी चूत में घुसाने की तैयारी कर रहा है। मैं भी उसका लंड चूत में लेने को उतावली थी, पर अब डर भी लग रहा था।
मैंने कहा, “अमन, तुम्हारी उँगली से ही दर्द हो रहा है तो तुम्हारा इतना मोटा और लंबा लंड इसमें कैसे जा सकेगा?”
वो मुस्कुराता हुआ बोला, “डरो मत, पहली बार तो थोड़ा दर्द सभी को होता है। मैं बहुत धीरे-धीरे अंदर डालूँगा, तुम घबराओ मत।”
फिर उसने मेरी जाँघों को फैलाया और मेरी चूत को फैलाकर अपने लंड को मेरी चूत से सटा दिया। मुझे ऐसे लगा जैसे किसी ने आग का जलता हुआ गोला मेरी चूत पर रख दिया हो। फिर उसने झुककर मेरे होंठों को चूमा और बोला, “देखो, थोड़ा दर्द होगा पर तुम चिल्लाना मत, नहीं तो कोई जाग जाएगा।”
और फिर मेरी जाँघों को पकड़ के उसने एक जोर का झटका मारा तो उसका आधा लंड मेरी चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया। मुझे ऐसे भयानक पीड़ा हुई कि बता नहीं सकती। ऐसे लग रहा था जैसे किसी ने चूत को फाड़ के जलती हुई सलाख अंदर घुसेड़ दी हो। अगर मैंने अपने हाथों से मुँह न दबा लेती तो ज़रूर मेरी चीख से सारा घर जाग जाता।
मैं अमन को रोकते हुए बोली, “बस-बस, मुझे और नहीं करवाना, निकालो अपना लंड। नहीं तो मैं मर जाऊँगी।”
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उसने मेरी जाँघों को कस के पकड़ रखा था। पीड़ा के मारे मेरे आँखों से आँसू बहने लगे थे। उसने कहा, “बस, अब दर्द नहीं होगा।” और उसी पोज़ीशन में उसने झुकके मेरे ब्रेस्ट को चूसने लगा। थोड़ी देर बाद जब दर्द कम हुआ तो उठके उसने थोड़ा और जोर लगाया और धीरे-धीरे अपना लंड अंदर सरकाने लगा। दर्द तो अभी भी हो रहा था पर पहले जितना नहीं। आखिर उसने अपना पूरा लंड मेरी चूत के अंदर दाखिल कर दिया और मुझे आँख मारते हुए बोला, “अब कैसा लग रहा है, मेरी डार्लिंग?”
मैंने कहा, “दर्द तो बहुत हो रहा है पर थोड़ा-थोड़ा मज़ा भी आ रहा है।”
फिर उसने अपना लंड आधा बाहर निकाल के उसे फिर से अंदर घुसेड़ दिया और फिर धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। अब मुझे मज़ा आने लगा था। थोड़ी देर बाद इतना मज़ा आने लगा कि मैंने ही उसे तेज़ धक्के लगाने को कहा और मैं भी अपनी कमर को उचकाकर उसका साथ देने लगी।
अब उसकी धक्के मारने की गति बहुत बढ़ गई थी। मैं भी उछल-उछल के उसका साथ दे रही थी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मुझे ऐसा लगा कि मेरी चूत में से कुछ छूट रहा है। तभी अमन भी एकदम जोर के झटके मारता हुआ बोला, “ओह्ह आह्ह लो अर्शिया, अब मैं झड़ने वाला हूँ, आह्ह्ह” और वह कस के मुझसे चिपक गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उसके लंड ने गरम-गरम वीर्य से मेरी चूत को भर दिया। थोड़ी देर तक हम उसी पोज़ीशन में हाँफते रहे। उसने मुझे इतना मज़ा दिया था कि मैंने प्यार से उसे चूम लिया। फिर जब उसने अपना लंड बाहर निकाला और खड़ा हुआ तो मैंने देखा उसके लंड पर बहुत सा खून लगा हुआ था। मैंने झट से उठकर अपनी चूत को देखा तो घबरा गई। उसमें से अभी भी थोड़ा-थोड़ा खून मिश्रित पानी बह रहा था।
मैंने कहा, “ये क्या अमन, तुमने तो मेरी चूत को फाड़ ही डाला।”
उसने कहा, “घबराओ मत, पहली बार चुदवाने पर हर लड़की की चूत के अंदर का पर्दा फटता है और थोड़ा बहुत खून भी निकलता है। तुम ऐसे ही पड़ी रहो, मैं अभी साफ कर देता हूँ।”
फिर पानी में डेटॉल मिला के उसने अच्छी तरह से मेरी चूत को साफ किया। चूत साफ करते-करते उसका लंड फिर तनटना गया।
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वो मेरी ओर देखता हुआ बोला, “लो, हो गई एकदम चकाचक।” मैंने उठकर देखा, अब चूत एकदम साफ थी और खून भी नहीं आ रहा था, पर योनि के दोनों होंठ सूजे हुए थे। अमन अपना लंड सहलाते हुए बोला, “चलो अर्शिया, एक बार और करते हैं।” मैंने कहा, “पागल तो नहीं हुए हो? मेरी चूत अभी भी बुरी तरह दुख रही है। अब कल देखेंगे। चलो कपड़े पहनो और सो जाओ, रात भी बहुत हो चुकी है।” मैंने भी अपने कपड़े पहन लिए। चादर पर भी खून का दाग लग गया था। मैंने कहा, “अब इसका क्या करें?”
अमन बोला, “कुछ नहीं, ऐसे में अपने पास तुम्हारी यादगार बना के रखूँगा। अब तुम सो जाओ और हाँ सुनो, मैं तुम्हें हेयर रिमूवर लाकर दूँगा। तुम अपनी चूत के बाल साफ कर लेना क्योंकि मैं कल उसे शहद लगाकर चाटने वाला हूँ।” मैं शर्मा के बोली, “हट बेशर्म, ये सब मुझे नहीं आता। मैंने कभी नहीं किया।” तो वो बोला, “ठीक है, मैं साफ कर दूँगा। कैसे करूँगी, रेज़र से या क्रीम से?” मैंने कहा, “तुम जैसा चाहो कर लेना।” और जा कर मलाईका के बगल में जाकर लेट गई।
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