Chudasi Girl Chut XXX
मेरा नाम अनीश है, मैं हट्टा-कट्टा उनतीस साल का लड़का हूँ। मैं आज अपना एक सेक्स अनुभव आपको सुनाना चाहता हूँ, जो तब की बात है जब मैं अपनी इंजीनियरिंग की मास्टर डिग्री कर रहा था। तब मैं हॉस्टल में रहता था और मेरे बहुत सारे दोस्त थे। मेरे सब दोस्त लड़के ही थे क्योंकि मैं लड़कियों से बात करने में डरता था। Chudasi Girl Chut XXX
मैं पढ़ाई में बहुत होशियार था। मेरी नोट्स के सब कॉपी करते थे। एक दिन जब मैं कॉलेज के मैदान में अकेला पढ़ रहा था, तब एक लड़की मेरे पास आई। उसने अपना नाम आकृति बताया। वो मुझसे सीनियर थी। उनकी एक फर्स्ट सेम की एक एग्जाम देनी बाकी थी, जिसकी नोट्स वो मुझसे माँगने आई थी, जो उस वक्त मेरे साथ नहीं थी।
तो मैंने उसे दूसरे दिन का वादा किया। आकृति देखने में बहुत गोरी नहीं थी पर सिंपल थी, मगर उसकी स्माइल बहुत सेक्सी थी जो उसकी आँखों से छलकती थी। कपड़ों से तो वो एकदम मिडिल क्लास की लड़की लगती थी। दूसरे दिन मैं याद करके नोट्स लेकर गया।
मैं जब दोस्तों के साथ कैंटीन में चाय पी रहा था, तब आकृति कैंटीन में आकर मेरे पास बैठ गई। मैं समझ गया कि आकृति नोट्स माँगने आई है, इसलिए मैंने वो नोट्स आकृति दे दी। आकृति ने थैंक्स कहा और एक स्वीट सी स्माइल देकर चली गई।
दोस्तों ने मेरा बहुत मजाक उड़ाया, सब कहने लगे “यार सीनियर लड़की ने तेरे से नोट्स माँगी यार, क्या बात है?” मैं भी खुश हो रहा था। तब से कुछ दिन तक आकृति कॉलेज में आती नहीं थी, मुझे किसी से पूछने की हिम्मत नहीं थी तो मैंने ये समझ लिया कि शायद आकृति अपनी एग्जाम्स में बिजी होगी।
एक दिन कैंटीन में सीनियर स्टूडेंट्स की बातों से पता चला कि उन सब की एग्जाम्स चल रही थीं, शायद आकृति आती तो होगी पर मैं एग्जाम्स के टाइम पर अपनी क्लास में होता था। कुछ दिनों बाद एक दिन आकृति अपने फ्रेंड्स के साथ कैंटीन में बैठी थी।
इसे भी पढ़े – छोटी बहन की चूत से भी हवस बुझाई
मैं वहाँ चाय के लिए पहुँचा तो मुझे देख के वो मेरे पास आई। आते ही उसने मुझे कहा, “सॉरी अनीश, मैं एग्जाम्स के कारण बिजी थी तो तुझसे मिल नहीं पाई। तेरी नोट्स मुझे बहुत काम में आईं, लेकिन वो इस वक्त घर पर हैं तो तू मेरे साथ चल, मैं अभी तुझे दे दूँगी।”
मैंने कहा, “इट्स ओके, तुम कल ले के आना।”
आकृति ने कहा, “नहीं अभी चलो, मुझे मालूम है कि तुझे भी उस नोट्स की जरूरत होगी और बहुत दिन हो गए हैं तो अब देर नहीं करनी चाहिए।”
आकृति को पता था कि मेरे पास कोई व्हीकल नहीं था तो उसने अपनी स्कूटी मुझे चलाने को कहा। पूरा रास्ता वो बातें करती रही और उसके हाथ मेरे सीने को छू रहे थे। मुझे मजा आया इसलिए मैंने स्पीड बढ़ा दी तो आकृति मुझसे पीछे से दोनों हाथों लिपट गई और कहा, “स्पीड कम करो, डर लगता है।”
मैंने स्पीड कम कर दी और फिर आकृति मुझे घर तक का रास्ता बताती गई और हम एक अपार्टमेंट के पास आकर रुके। आकृति का घर सिक्स्थ फ्लोर पर था। हम लिफ्ट में ऊपर जाने लगे तो लिफ्ट में वो मेरे सामने देख कर सेक्सी स्माइल देने लगी तो मेरा डर चला गया। तो मैंने उसके कंधे पर हाथ रख कर दबाया तो वो “ओहो… स्मार्ट एंड नॉटी…?? कहके पीछे हट गई।
हम सिक्स्थ फ्लोर पर आ गए। जब उसने बैग में से चाबी निकाली तो मैंने उसके सामने देखा तो बोली, “पापा और मॉम जॉब करते हैं और मैं स्टडी……” और फिर वही स्माइल…… अब मुझे कुछ-कुछ होने लगा था। हम अंदर गए तो मैं एक सोफे पर जाकर बैठ गया। वो मेरे लिए पानी लाई और बोली, “क्या पीयेगा?”
मैं अब मूड में था तो मैंने कहा, “दूध”। मेरा जवाब शायद उसके लिए नया था तो वो आँखें फाड़कर बोली, “क्या?” फिर हँसने लगी तो मैं समझ गया कि वो भी मेरा इशारा समझ गई है। थोड़ी देर बाद आकृति कोल्ड ड्रिंक लेकर आई तो मैंने कहा, “कोल्ड क्यों लाई डियर? कुछ हॉट लाना था ना।”
तो आकृति बोली, “ओह सॉरी चलो मेरे साथ, मैं तुझे हॉट देती हूँ” और वो मुझे उनके बेडरूम में ले गई।
“अब क्या हॉट चाहिए तुझे?”
मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैंने उसकी कमर पकड़ ली। आकृति ने शॉर्ट शर्ट पहना था इसलिए मेरा हाथ सीधा उसकी कमर की स्किन को छूने लगा। मैंने मेरे होठों को आकृति के होठों पर कस के रख दिए। आकृति भी किसिंग का मजा लेने लगी। आकृति के हाथ मेरी शर्ट के बटन खोलने लगे तो मैं भी उसकी शर्ट खोलने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
जैसे ही उसकी शर्ट खुली तो शॉर्ट ब्रा में ढके उसके दो ब्रेस्ट्स बड़े सुंदर दिख रहे थे। मैंने उसकी ब्रा का हुक पीछे से निकाल दिया तो अब ऊपर से वो पूरी नंगी हो चुकी थी। मैंने भी अपनी पूरी शर्ट निकाल दी और आकृति के बूब्स को पूरे जोश से दबाने लगा। अचानक मैंने उँगलियों से निप्पल को जोर से दबाया तो आकृति कराह उठी और बोली, “दर्द करता है अनीश, धीरे से दबाओ।”
इसे भी पढ़े – कुंवारी कामवाली साथ चुदाई का खेल
मैंने पूछा, “अब दूध मिलेगा?”
तो वो मुस्कुराकर बोली, “अब तो पूरी डेयरी तेरे सामने है, फिर भी पूछता है?”
और उसने उसका एक पूरा ब्रेस्ट मेरे मुँह में डाल दिया। बहुत बड़ा नहीं था पर टाइट बहुत था। मैं अपने दाँत, जीभ और होठों से पूरा मजा लेने लगा। तब तक वो मेरी पैंट खोल चुकी थी। इस तरह हम दोनों पूरे नंगे हो गए।
आकृति ने मुझे पूछा, “तेरा पहली बार का है?”
मैं उसकी भाषा सुनके शर्मा गया पर फिर बोला, “हाँ”।
तो मैंने उससे पूछा, “तुमने इससे पहले कभी ऐसा किया है?”
तो वो हँस के बोली, “अब तेरा कितना नंबर है वो भी याद नहीं।”
आकृति ने मुझसे पूछा, “तुझे मजा आ रहा है?”
मैंने कहा, “हाँ, मगर अभी तक वो असली मजा नहीं आया।”
तो आकृति बोली, “तो ला तुझे मैं असली मजा देती हूँ” और वो मेरे टाइट हो चुके 7 इंच के लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। मैं पागल हो गया, क्या ट्रिक थी उसकी, पूरा लंड उसके मुँह में अंदर-बाहर कर रही थी तो जैसे मैं तो स्वर्ग में पहुँच गया था। उसने थोड़ी स्पीड बढ़ा दी तो मैं भी पूरे जोश से स्ट्रोक देने लगा।
थोड़ी देर बाद मेरे लंड से एकदम से पीला गाढ़ा लिक्विड निकलने लगा। मेरा ये पहला एक्सपीरियंस था तो मैं समझ नहीं पाया कि मैं क्या रिस्पॉन्स दूँ। मेरे मुँह से “आआह्ह्ह्ह” की आवाज निकलने लगी तो आकृति समझ गई कि मुझे बहुत मजा आया है। आकृति मेरा पूरा लिक्विड पी गई।
मेरा लंड अब छोटा होने लगा तो मैं डर गया क्योंकि अभी तक वो नहीं किया जो मैंने पोर्नो मूवी में देखा था। मेरे चेहरे से आकृति मेरी मुश्किल समझ गई तो वो बोली, “चल जानेमन अब 69 हो जाते हैं।” तो मैं समझा नहीं पर उसके बताने पर समझ गया कि अब मैं आकृति की चूत चाटूँगा और वो मेरा लंड चाटेगी। तो हम 69 हो गए।
“अब तू मेरी चूत को चैन से चाट और मैं तेरे लंड को दुबारा पूरा टाइट करती हूँ।”
मैं आकृति के ऊपर था, वो मेरे नीचे थी। जैसे ही मैंने आकृति की चूत को अपनी जीभ से छुआ तो वो तो जैसे पागल सी हो गई और “आय्य्योओओ ओह्ह्ह” आवाज निकाल कर बार-बार मेरे लंड को मुँह में लेने लगी। थोड़ी देर में मेरा लंड पूरा 7 इंच का हो गया।
इसे भी पढ़े – बहु को जबरदस्ती पेला जेठ जी ने
मेरी जीभ के कमाल से अब आकृति पूरी पागल हो चुकी थी तो वो बोली, “अनीश डियर अब रहा नहीं जाता, अब असली मजा दे दे मुझे, चढ़ जा मेरे ऊपर और मुझे खत्म कर दे अपने 7 इंच के छुरे से, ह्ह्हा मार डाल मुझे, आ जा ना मेरी जान ओओह्ह्ह” “आज्ज्जा”। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो मैं समझ गया अब असली मजा आने वाला है तो मैं आकृति के ऊपर चढ़ गया। उसने अपने पूरे पैर फैला दिए। मैंने पहले तो मेरा लंड आकृति की चूत पर घिसा तो वो बोली, “क्या करता है साले डाल ना पूरा अंदर” और आकृति ने अपनी चूत को पूरा खोल दिया। मैंने अपना लंड थोड़ा सा डाला कि अब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो एकदम एक ही धक्के में पूरा डाल दिया तो आकृति से सहा नहीं गया।
वो बोली, “ओये क्या एक ही बार में मार डालेगा? धीरे चोद ना।”
पर मैं कहाँ सुनने वाला था, मैंने तो अपने आप पर से कंट्रोल गँवा दिया था तो मैं पूरे जोश से मेरा लंड आकृति की चूत में अंदर-बाहर कर रहा था। आकृति पेन से पागल होकर “धीरे जान धीरे……… मार डालोगे तो दूसरी बार किसको चोदोगे……… धीरे डाल…… मुझे भी थोड़ा मजा लेने दे साले”।
पर मेरा ये पहला एक्सपीरियंस था तो मुझे कंट्रोल करना नहीं आता था। थोड़ी देर बाद आकृति का पेन कुछ कम होने लगा था, अब वो पूरे जोश से मुझे रिस्पॉन्स दे रही थी, “अब डाल…… तुझमें जितनी ताकत है उतनी जोर से डाल, आज मुझे चेक करना है तुझे…… अब स्पीड कम मत करना।”
आकृति की बातों से मुझे और जोश आता था, मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब मेरे मुँह से भी “आह्ह्ह्ह आकृति मना मत करना…… मैं तुझे फाड़ डालूँगा……”। मैंने अब उसके बूब्स को पूरे जोश से पकड़ के रखा था और दबाता जाता था। वो तो जैसे पागल ही हो गई थी मेरी तरह।
वो भी चिल्लाने लगी, “आजाज्ज्जा पूरा अंदर आजाज्ज्ज तेरा लंड भी कम पड़ता है, एक काम कर पूरा अंदर घुस जा मुझमें, तेरा पैर हाथ सब डाल दे मेरी चूत में। मुझे फाड़ के चोद…… तेरे कँवारे लंड को मैं पूरा मजा दूँगी, तू मुझे पूरा मजा दे दे।”
अब मैं फिर से मेरा लिक्विड छोड़ने वाला था तो मैं बोला, “क्या तुझे मेरे पानी से नहला दूँ?” तो वो समझ गई और बोली, “हाँ अंदर ही डाल दे, मुझे वही तो चाहिए……”। वो भी अब पूरे जोश से मुझे सामने से धक्के मार रही थी तो अचानक मेरे मुँह से “आआह्ह्ह्ह ओओह्होओओ मैं गया” की आवाज निकलने लगी।
अब मेरा लिक्विड आकृति की चूत में बाढ़ की तरह छूट रहा था। आकृति चिल्ला-चिल्ला कर हँस रही थी। हम दोनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा था। “ओओह्ह्ह अनीश द ग्रेट…… डाल दिया पूरा ओह्ह्ह येस साले तू तो पूरा खलास हो गया और मुझे भी खलास कर दिया।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – शादीशुदा औरत और कॉलेज लड़के का प्रेम प्रसंग
मैं भी खुश होके बोलने लगा, “साली तूने ही तो बोला था डाल दे।”
मैंने अभी आकृति के बूब्स को पकड़के रखा था। जैसे-जैसे पानी की पिचकारी आकृति की चूत में छोड़ता था तब-तब मैं आकृति के बूब्स को पूरे जोश से दबाता था…… “आआह्ह्ह कितना मजा आ रहा है व्वोओव्व”। आकृति ने मुझे अपने हाथों से कस लिया। हम दोनों कुछ देर तक एक-दूसरे की बाहों में पड़े रहे। थोड़ी देर बाद हम दोनों अलग हुए तो मैंने देखा कि मेरी तरह आकृति भी खुश लग रही थी। वो बोली, “बाहर जाना है तो कपड़े तो पहनने पड़ेंगे” और हँसने लगी, मैं भी हँसने लगा। हमने अपने कपड़े पहन लिए……
अब हम हॉल में आ गए तो उसने मुझे मेरी नोट्स दी और कहा, “नोट्स के लिए थैंक्स और आज की बेडरूम गेम के लिए भी।” मैंने कहा, “तो इसका मतलब तुझे चोदने के लिए मुझे नोट्स देनी होगी?” तो आकृति बोली, “मुझे कौन चोदेगा और कब वो मैं तय करती हूँ, पर क्या मैं बोलूँगी तो तुम आओगे?” मैंने कहा, “जब तुम हुकुम करो” और मैं अपने हॉस्टल जाने के लिए वहाँ से निकल गया। अब जब भी आकृति मुझसे बोलती है तो मैं उसके घर जाता हूँ और हम दोनों बहुत मजे करते हैं।
मेरा नाम अनीश है, मैं हट्टा-कट्टा उनतीस साल का लड़का हूँ। मैं आज अपना एक सेक्स अनुभव आपको सुनाना चाहता हूँ, जो तब की बात है जब मैं अपनी इंजीनियरिंग की मास्टर डिग्री कर रहा था। तब मैं हॉस्टल में रहता था और मेरे बहुत सारे दोस्त थे। मेरे सब दोस्त लड़के ही थे क्योंकि मैं लड़कियों से बात करने में डरता था।
मैं पढ़ाई में बहुत होशियार था। मेरी नोट्स के सब कॉपी करते थे। एक दिन जब मैं कॉलेज के मैदान में अकेला पढ़ रहा था, तब एक लड़की मेरे पास आई। उसने अपना नाम आकृति बताया। वो मुझसे सीनियर थी। उनकी एक फर्स्ट सेम की एक एग्जाम देनी बाकी थी, जिसकी नोट्स वो मुझसे माँगने आई थी, जो उस वक्त मेरे साथ नहीं थी।
तो मैंने उसे दूसरे दिन का वादा किया। आकृति देखने में बहुत गोरी नहीं थी पर सिंपल थी, मगर उसकी स्माइल बहुत सेक्सी थी जो उसकी आँखों से छलकती थी। कपड़ों से तो वो एकदम मिडिल क्लास की लड़की लगती थी। दूसरे दिन मैं याद करके नोट्स लेकर गया।
मैं जब दोस्तों के साथ कैंटीन में चाय पी रहा था, तब आकृति कैंटीन में आकर मेरे पास बैठ गई। मैं समझ गया कि आकृति नोट्स माँगने आई है, इसलिए मैंने वो नोट्स आकृति दे दी। आकृति ने थैंक्स कहा और एक स्वीट सी स्माइल देकर चली गई।
दोस्तों ने मेरा बहुत मजाक उड़ाया, सब कहने लगे “यार सीनियर लड़की ने तेरे से नोट्स माँगी यार, क्या बात है?” मैं भी खुश हो रहा था। तब से कुछ दिन तक आकृति कॉलेज में आती नहीं थी, मुझे किसी से पूछने की हिम्मत नहीं थी तो मैंने ये समझ लिया कि शायद आकृति अपनी एग्जाम्स में बिजी होगी।
एक दिन कैंटीन में सीनियर स्टूडेंट्स की बातों से पता चला कि उन सब की एग्जाम्स चल रही थीं, शायद आकृति आती तो होगी पर मैं एग्जाम्स के टाइम पर अपनी क्लास में होता था। कुछ दिनों बाद एक दिन आकृति अपने फ्रेंड्स के साथ कैंटीन में बैठी थी।
मैं वहाँ चाय के लिए पहुँचा तो मुझे देख के वो मेरे पास आई। आते ही उसने मुझे कहा, “सॉरी अनीश, मैं एग्जाम्स के कारण बिजी थी तो तुझसे मिल नहीं पाई। तेरी नोट्स मुझे बहुत काम में आईं, लेकिन वो इस वक्त घर पर हैं तो तू मेरे साथ चल, मैं अभी तुझे दे दूँगी।”
इसे भी पढ़े – बूढ़े ससुर को बुर का मजा दिया बहु ने
मैंने कहा, “इट्स ओके, तुम कल ले के आना।”
आकृति ने कहा, “नहीं अभी चलो, मुझे मालूम है कि तुझे भी उस नोट्स की जरूरत होगी और बहुत दिन हो गए हैं तो अब देर नहीं करनी चाहिए।”
आकृति को पता था कि मेरे पास कोई व्हीकल नहीं था तो उसने अपनी स्कूटी मुझे चलाने को कहा। पूरा रास्ता वो बातें करती रही और उसके हाथ मेरे सीने को छू रहे थे। मुझे मजा आया इसलिए मैंने स्पीड बढ़ा दी तो आकृति मुझसे पीछे से दोनों हाथों लिपट गई और कहा, “स्पीड कम करो, डर लगता है।”
मैंने स्पीड कम कर दी और फिर आकृति मुझे घर तक का रास्ता बताती गई और हम एक अपार्टमेंट के पास आकर रुके। आकृति का घर सिक्स्थ फ्लोर पर था। हम लिफ्ट में ऊपर जाने लगे तो लिफ्ट में वो मेरे सामने देख कर सेक्सी स्माइल देने लगी तो मेरा डर चला गया। तो मैंने उसके कंधे पर हाथ रख कर दबाया तो वो “ओहो… स्मार्ट एंड नॉटी…?? कहके पीछे हट गई।
हम सिक्स्थ फ्लोर पर आ गए। जब उसने बैग में से चाबी निकाली तो मैंने उसके सामने देखा तो बोली, “पापा और मॉम जॉब करते हैं और मैं स्टडी……” और फिर वही स्माइल…… अब मुझे कुछ-कुछ होने लगा था। हम अंदर गए तो मैं एक सोफे पर जाकर बैठ गया। वो मेरे लिए पानी लाई और बोली, “क्या पीयेगा?”
मैं अब मूड में था तो मैंने कहा, “दूध”। मेरा जवाब शायद उसके लिए नया था तो वो आँखें फाड़कर बोली, “क्या?” फिर हँसने लगी तो मैं समझ गया कि वो भी मेरा इशारा समझ गई है। थोड़ी देर बाद आकृति कोल्ड ड्रिंक लेकर आई तो मैंने कहा, “कोल्ड क्यों लाई डियर? कुछ हॉट लाना था ना।”
तो आकृति बोली, “ओह सॉरी चलो मेरे साथ, मैं तुझे हॉट देती हूँ” और वो मुझे उनके बेडरूम में ले गई।
“अब क्या हॉट चाहिए तुझे?”
मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैंने उसकी कमर पकड़ ली। आकृति ने शॉर्ट शर्ट पहना था इसलिए मेरा हाथ सीधा उसकी कमर की स्किन को छूने लगा। मैंने मेरे होठों को आकृति के होठों पर कस के रख दिए। आकृति भी किसिंग का मजा लेने लगी। आकृति के हाथ मेरी शर्ट के बटन खोलने लगे तो मैं भी उसकी शर्ट खोलने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
जैसे ही उसकी शर्ट खुली तो शॉर्ट ब्रा में ढके उसके दो ब्रेस्ट्स बड़े सुंदर दिख रहे थे। मैंने उसकी ब्रा का हुक पीछे से निकाल दिया तो अब ऊपर से वो पूरी नंगी हो चुकी थी। मैंने भी अपनी पूरी शर्ट निकाल दी और आकृति के बूब्स को पूरे जोश से दबाने लगा। अचानक मैंने उँगलियों से निप्पल को जोर से दबाया तो आकृति कराह उठी और बोली, “दर्द करता है अनीश, धीरे से दबाओ।”
मैंने पूछा, “अब दूध मिलेगा?”
तो वो मुस्कुराकर बोली, “अब तो पूरी डेयरी तेरे सामने है, फिर भी पूछता है?”
इसे भी पढ़े – सेक्सी रील्स वाली लड़की का नंगा जिस्म
और उसने उसका एक पूरा ब्रेस्ट मेरे मुँह में डाल दिया। बहुत बड़ा नहीं था पर टाइट बहुत था। मैं अपने दाँत, जीभ और होठों से पूरा मजा लेने लगा। तब तक वो मेरी पैंट खोल चुकी थी। इस तरह हम दोनों पूरे नंगे हो गए।
आकृति ने मुझे पूछा, “तेरा पहली बार का है?”
मैं उसकी भाषा सुनके शर्मा गया पर फिर बोला, “हाँ”।
तो मैंने उससे पूछा, “तुमने इससे पहले कभी ऐसा किया है?”
तो वो हँस के बोली, “अब तेरा कितना नंबर है वो भी याद नहीं।”
आकृति ने मुझसे पूछा, “तुझे मजा आ रहा है?”
मैंने कहा, “हाँ, मगर अभी तक वो असली मजा नहीं आया।”
तो आकृति बोली, “तो ला तुझे मैं असली मजा देती हूँ” और वो मेरे टाइट हो चुके 7 इंच के लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। मैं पागल हो गया, क्या ट्रिक थी उसकी, पूरा लंड उसके मुँह में अंदर-बाहर कर रही थी तो जैसे मैं तो स्वर्ग में पहुँच गया था। उसने थोड़ी स्पीड बढ़ा दी तो मैं भी पूरे जोश से स्ट्रोक देने लगा।
थोड़ी देर बाद मेरे लंड से एकदम से पीला गाढ़ा लिक्विड निकलने लगा। मेरा ये पहला एक्सपीरियंस था तो मैं समझ नहीं पाया कि मैं क्या रिस्पॉन्स दूँ। मेरे मुँह से “आआह्ह्ह्ह” की आवाज निकलने लगी तो आकृति समझ गई कि मुझे बहुत मजा आया है। आकृति मेरा पूरा लिक्विड पी गई।
मेरा लंड अब छोटा होने लगा तो मैं डर गया क्योंकि अभी तक वो नहीं किया जो मैंने पोर्नो मूवी में देखा था। मेरे चेहरे से आकृति मेरी मुश्किल समझ गई तो वो बोली, “चल जानेमन अब 69 हो जाते हैं।” तो मैं समझा नहीं पर उसके बताने पर समझ गया कि अब मैं आकृति की चूत चाटूँगा और वो मेरा लंड चाटेगी। तो हम 69 हो गए।
“अब तू मेरी चूत को चैन से चाट और मैं तेरे लंड को दुबारा पूरा टाइट करती हूँ।”
मैं आकृति के ऊपर था, वो मेरे नीचे थी। जैसे ही मैंने आकृति की चूत को अपनी जीभ से छुआ तो वो तो जैसे पागल सी हो गई और “आय्य्योओओ ओह्ह्ह” आवाज निकाल कर बार-बार मेरे लंड को मुँह में लेने लगी। थोड़ी देर में मेरा लंड पूरा 7 इंच का हो गया।
मेरी जीभ के कमाल से अब आकृति पूरी पागल हो चुकी थी तो वो बोली, “अनीश डियर अब रहा नहीं जाता, अब असली मजा दे दे मुझे, चढ़ जा मेरे ऊपर और मुझे खत्म कर दे अपने 7 इंच के छुरे से, ह्ह्हा मार डाल मुझे, आ जा ना मेरी जान ओओह्ह्ह” “आज्ज्जा”। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – छोटी मुमानी की प्यास बुझा दी मैंने
तो मैं समझ गया अब असली मजा आने वाला है तो मैं आकृति के ऊपर चढ़ गया। उसने अपने पूरे पैर फैला दिए। मैंने पहले तो मेरा लंड आकृति की चूत पर घिसा तो वो बोली, “क्या करता है साले डाल ना पूरा अंदर” और आकृति ने अपनी चूत को पूरा खोल दिया। मैंने अपना लंड थोड़ा सा डाला कि अब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो एकदम एक ही धक्के में पूरा डाल दिया तो आकृति से सहा नहीं गया।
वो बोली, “ओये क्या एक ही बार में मार डालेगा? धीरे चोद ना।”
पर मैं कहाँ सुनने वाला था, मैंने तो अपने आप पर से कंट्रोल गँवा दिया था तो मैं पूरे जोश से मेरा लंड आकृति की चूत में अंदर-बाहर कर रहा था। आकृति पेन से पागल होकर “धीरे जान धीरे……… मार डालोगे तो दूसरी बार किसको चोदोगे……… धीरे डाल…… मुझे भी थोड़ा मजा लेने दे साले”।
पर मेरा ये पहला एक्सपीरियंस था तो मुझे कंट्रोल करना नहीं आता था। थोड़ी देर बाद आकृति का पेन कुछ कम होने लगा था, अब वो पूरे जोश से मुझे रिस्पॉन्स दे रही थी, “अब डाल…… तुझमें जितनी ताकत है उतनी जोर से डाल, आज मुझे चेक करना है तुझे…… अब स्पीड कम मत करना।”
आकृति की बातों से मुझे और जोश आता था, मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब मेरे मुँह से भी “आह्ह्ह्ह आकृति मना मत करना…… मैं तुझे फाड़ डालूँगा……”। मैंने अब उसके बूब्स को पूरे जोश से पकड़ के रखा था और दबाता जाता था। वो तो जैसे पागल ही हो गई थी मेरी तरह।
वो भी चिल्लाने लगी, “आजाज्ज्जा पूरा अंदर आजाज्ज्ज तेरा लंड भी कम पड़ता है, एक काम कर पूरा अंदर घुस जा मुझमें, तेरा पैर हाथ सब डाल दे मेरी चूत में। मुझे फाड़ के चोद…… तेरे कँवारे लंड को मैं पूरा मजा दूँगी, तू मुझे पूरा मजा दे दे।”
अब मैं फिर से मेरा लिक्विड छोड़ने वाला था तो मैं बोला, “क्या तुझे मेरे पानी से नहला दूँ?” तो वो समझ गई और बोली, “हाँ अंदर ही डाल दे, मुझे वही तो चाहिए……”। वो भी अब पूरे जोश से मुझे सामने से धक्के मार रही थी तो अचानक मेरे मुँह से “आआह्ह्ह्ह ओओह्होओओ मैं गया” की आवाज निकलने लगी।
अब मेरा लिक्विड आकृति की चूत में बाढ़ की तरह छूट रहा था। आकृति चिल्ला-चिल्ला कर हँस रही थी। हम दोनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा था। “ओओह्ह्ह अनीश द ग्रेट…… डाल दिया पूरा ओह्ह्ह येस साले तू तो पूरा खलास हो गया और मुझे भी खलास कर दिया।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं भी खुश होके बोलने लगा, “साली तूने ही तो बोला था डाल दे।”
इसे भी पढ़े – आंटी साथ हार्डकोर चुदाई का सेशन
मैंने अभी आकृति के बूब्स को पकड़के रखा था। जैसे-जैसे पानी की पिचकारी आकृति की चूत में छोड़ता था तब-तब मैं आकृति के बूब्स को पूरे जोश से दबाता था…… “आआह्ह्ह कितना मजा आ रहा है व्वोओव्व”। आकृति ने मुझे अपने हाथों से कस लिया। हम दोनों कुछ देर तक एक-दूसरे की बाहों में पड़े रहे। थोड़ी देर बाद हम दोनों अलग हुए तो मैंने देखा कि मेरी तरह आकृति भी खुश लग रही थी। वो बोली, “बाहर जाना है तो कपड़े तो पहनने पड़ेंगे” और हँसने लगी, मैं भी हँसने लगा। हमने अपने कपड़े पहन लिए……
अब हम हॉल में आ गए तो उसने मुझे मेरी नोट्स दी और कहा, “नोट्स के लिए थैंक्स और आज की बेडरूम गेम के लिए भी।” मैंने कहा, “तो इसका मतलब तुझे चोदने के लिए मुझे नोट्स देनी होगी?” तो आकृति बोली, “मुझे कौन चोदेगा और कब वो मैं तय करती हूँ, पर क्या मैं बोलूँगी तो तुम आओगे?” मैंने कहा, “जब तुम हुकुम करो” और मैं अपने हॉस्टल जाने के लिए वहाँ से निकल गया। अब जब भी आकृति मुझसे बोलती है तो मैं उसके घर जाता हूँ और हम दोनों बहुत मजे करते हैं।
प्रातिक्रिया दे