Bahan Hardcore Chudai
हाय दोस्तो, मेरा नाम जाला भाऊ है। मैं महाराष्ट्र से रहने वाला हूं। आज में आपको मेरी सगी बड़ी बहन रत्ना दीदी जिसकी सेक्स की सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं। मुझे 3 सगी बहनों मैसे रत्ना बहन सबसे बड़ी उमर 25 साल की, जवान,सुन्दर सुडौल गोरा बदन, उसके मस्त लम्बे बाल हैं, गदराया हुआ फिगर हर कोई देखे दीवाना हो जाएगा। बड़े बड़े स्तन, कमर और गांड़ की मस्त साइज। Bahan Hardcore Chudai
में हमेशा से ही उसके बदन का दीवाना रहा हूं। उसका नेचर काफी मादक, मोहक और वासना से भरा हुआ है। उसे सेक्स में काफी रुचि है। आज में उसकी सेक्स की कहानी यहां पेश करने वाला हूं जो सच्ची घटना से हुई थी। रत्ना दीदी की नई नई शादी हुई थी।
तब वो सिर्फ 20 साल की थी। रत्ना दीदी बहुत शर्मीली थी। नाजुक बदन से नवाजा हुआ उसे काफी खूबसूरत लग रही थी। हमारा घर छोटा होने के कारण एक ही घर में बाथरूम, बेडरूम और हॉल था। बाथरूम जिसका कोई दरवाजा नहीं था। कोई नहाए या कपड़े बदले तो सबको दिखाई देता था।
इसी दौरान बहन रत्ना घर मायके आइ थी। हमारे घर से ही एक पुराने दरवाजे से जुड़कर, शब्बीर मनिहार चूड़ी वाले चाचा उमर 56 साल के, किराए पर रहते थे। उनके 5 बच्चे थे। पत्नी का देहांत होकर 6, 7 साल हो चुका था। शब्बीर चाचा काफी ठर्की किस्म का आदमी था।
इसे भी पढ़े – जोर जोर से गांड मारा अपने बुआ की
उसके यहां चूड़ी पहनने आने वाली औरतों को चूड़ी के बहाने छेड़ता था। लेकिन काला बुढ़ा और शैतान जैसा अंग होने के कारण कोई भी औरत उसके पास नहीं जाती थी। सभी औरते उससे डरती थी। दिवाली के त्यौहार में मेरी बहन रत्ना घर आइ थी।
मां ने उसे चूड़ियाँ पहने के लिए शब्बीर चाचा के पास भेज दिया। मेरी रत्ना बहन मांग में सिंदूर भरा हुआ, ओठो में लाल लिपस्टिक, गले में मंगलसूत्र, एक पतली सफेद ड्रेस पहना जिसमे उसने ब्रा नहीं पहनी थी। ब्रा नाही होने के कारण उसके काले चूचे साफ नजर आ रहे थे। मां ने उसे दुपट्टा लेने को कहा।
लेकिन रत्ना दीदी ने कहा, “मैं कहा दूर जा रही हूं घर के पास ही हु।” कहकर अपने बड़े बड़े स्तन लेकर शब्बीर चाचा के पास चूड़ी भरने चली गई। रत्ना दीदी ने शब्बीर चाचा का दरवाजा खटखटाया। शब्बीर चाचा ने दरवाजा खोला देखा तो, देखते ही रह गया। उसके घर खूबसूरत लड़की बड़े स्तन लेकर खड़ी थीं।
चाचा काफी खुश हो गया आज उसकी तो समझो लॉटरी लगी हो। रत्ना बहन ने चाचा से कहा, उसे हरे रंग की चूड़ियाँ पहनी है। शब्बीर चाचा ने मेरी बहन को नीचे बैठने को कहा। रत्ना दीदी जैसे बैठने के लिए नीचे झुकी, उसके गोरे गोरे स्तन शब्बीर चाचा ने देख लिए। शब्बीर चच्चा का लन्ड टाइट हो गया था।
चाचा अब मेरी बहन रत्ना के नाजुक से हाथों में चूड़ी भरने लगा। चूड़ियां की साइज हटकसे कम लिया। जिससे मेरि बहन रत्ना को। चूड़ी पहनते वक्त दर्द हो रहा था। वो कराह रही थी। आह!उई मां! “चाचाजी दर्द हो रहा है” धीरे से आह। मां हाय राम। मर गई।! ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – घर के चिराग के लिए ससुर ने मुझे पेलवाया पहलवान से
शब्बीर चाचा ने ये मीठे दर्द भरी आवाज सुनकर, काफी कुछ सोच लिया था। उसके सामने बैठी रत्ना दीदी के बड़े बड़े स्तन के चूचे चाचा काफी देर से देख रहा था। मानो शब्बीर चाचा का बड़ा लंबा लन्ड रत्ना बहन की चूत को सलामी देने लगा। कब वो उसकी गुलाम बनेगी, उसका स्वाद चखेगा। रत्ना ने शब्बीर चाचा को देखा। शब्बीर चाचा के निगाहे रत्ना दीदी के बड़े स्तन पर टिकी हुई थी।
रत्ना समझ गई। और बोली, “शब्बीर चाचा में तुम्हारी बेटी की उमर की हु कुछ तो लिहाज करो।”
शब्बीर चाचा ने कहा, “तो क्या हुआ रत्ना कुछ बाते उम्र की मोहताज नहीं होते।”
रत्ना बहन मुस्कुराई और बोली, “कितने पैसे हुए आपके।”
चाचा ने कहा, तुमसे पैसे लूंगा तो ये तुम्हारी खूबसूरती का अपमान होगा रत्ना।
रत्ना बहन बोली, अच्छा ऐसा है चाचा।
शब्बीर चाचा, मुझे सिर्फ शब्बीर बोल रत्ना। तो क्या सोचा रत्ना।
रत्ना बहन ने कहा, किस बारे में।
शब्बीर चाचा ने कहा तुम और मैं.
रत्ना को लगा ये प्यार के बारे में बात कर रहा है। लेकिन वो तो उसे चुदवाने की सोच रहा था।
रत्ना ने कहा, शब्बीर तुम देखो और मुझे देखो, में तुम्हारे बगल के नीचे लग रही हु। तुम इतने लंबे, मोटे ; उम्र देखो में 20 साल की, तुम 56 साल के काले कौए। मैं गोरी जवान खूबसूरत।
शब्बीर चाचा ने कहा, चुदवाने के लिए सिर्फ लन्ड चाहिए रत्ना जो मेरे पास है।
रत्ना गुस्सा हो गई और बोली, शब्बीर चाचा ढंग से बोलो वरना मैं सबको बता दूंगी।
इसे भी पढ़े – माँ को फूफा से चुदवाते देख मैं भी चुदवाई
रत्ना वहां से निकल गई। और घर आ गई। रत्ना को चाचा की नीयत पता चल गई थी। वो हर लम्हा उसी के बारे में सोच रही थी। दूसरे दिन रत्ना नहाने चली जाती है। वो साड़ी, निकाल रही थी। सामने ही शब्बीर चाचा दरवाजे के होल से ये सब देख रहा था।
अब रत्ना ने ब्लाउज निकाला, रत्ना दीदी के बड़े स्तन देख कर चाचा उत्तेजित हो गए। वो वही दरवाजे पर मूठ मार रहा था। रत्ना पूरी नंगी होकर नहा रही थी। बहन नहाकर जैसे बाहर निकल आईं दरवाजे से कुछ आवाजें आयी। आवाज सुनकर रत्ना ने अपने स्तन ढक लिए।
और दरवाजे के पास कौन है देखने लगी। जैसे बहन नजदीक गई, शब्बीर चाचा ने दरवाजा खोल दिया। रत्ना बहन अब शब्बीर चाचा के सामने पूरी नंगी खड़ी थी। इसका फायदा लेते हुए शब्बीर चाचा ने मेरी प्यारी बहन रत्ना को बाहों में लिपट लिया। इस शैतान के सामने मेरी बहन गुड़िया जैसे लग रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
रत्ना बहन बोली, “चाचा ये क्या कर रहे हो में तुम्हारी पत्नी थोड़ी हु छोड़ो मुझे।”
चाचा ने वही से कुमकुम लिया और बहन रत्ना की मांग भर दी। और बोला, ” अब तो बन गई ना मेरी प्यारी पत्नी रत्ना।”
शब्बीर चाचा ने बहन को, पलटा लिया और बहन रत्ना के बड़े बड़े स्तन जोर जोर से दबाने लगा, मसलने लगा। मुंह में लेकर चूचे चूसने लगा। रत्ना काफी उसे धक्के देकर, उसे खुद से दूर करने लगी, लेकिन ताकतवर कोने के कारण रत्ना कुछ कर नहीं पा रही थी।
फिर शब्बीर चाचा ने। बहन के गुलाबी ओठ चूमने लगा। रत्ना दीदी के बदन को शब्बीर चाचा चूमने लगा। रत्ना दीदी अब मोहक हो गई थी। वो अब शब्बीर के हवाले खुद को परोसने वाली थी। शब्बीर चाचा अब अपने लन्ड की भड़ास मेरी खूबसूरत बहन रत्ना की चूत पर निकालने वाला था।
इसे भी पढ़े – मेरे भाई ने मेरी गर्लफ्रेंड को नशे में करके चोदा
7 सालों से सेक्स के बिना रहने वाला 56 साल का शब्बीर चाचा, आज एक नवजवान 20 साल की संस्कारी रत्ना को बेदर्दी से पेलने वाला था। शब्बीर चाचा ने लूंगी उतारी, लन्ड देखते ही रत्ना बहन के पसीने छूट गए। उसका लन्ड 11 इंच लंबा 4 इंच मोटा काला सांड की तरह था।
इसे मुंह में ले रत्ना जान मेरी खूबसूरत पत्नी। पहले रत्ना ने ना कहा। लेकिन शब्बीर ने उसे नीचे बिठाकर उसके गुलाबी ओठो में अपना काला लन्ड घुसेड़ दिया। और रत्ना के गले तक लन्ड डाल दिया। मेरी बहन रत्ना के मुंह से छाछ जैसा फेस निकलने लगा। खोख! गॉग!उम! अहम! जैसे आवाजे आने लगी।
शब्बीर चाचा, “आह खुदा आज तो मेरे भाग खोल दिए. आह क्या मस्त चूस रही है। आह ये।”
फिर शब्बीर चाचा ने रत्ना बहन को खटिया पर सुलाया उसके टांगे कंधे पर ले लिए और स्तन हाथों में दबा कर लन्ड बहन रत्ना की चूत में डालने लगा। बहना दर्द से कराहने लगी। आह! मां हाय राम !ओह !नहीं इतना बड़ा, आज तो मैं मर गई ! आह मां! शब्बीर चाचा फिर बहन रत्ना पर बेदर्द से टूट पड़ा, जोर जोर से चोदने लगा, अपने कड़क हत्यार से गहराई तक पेलने लगा। बहना इधर अधमर हो गई।
रत्ना बोली आह मर गई “शब्बीर चाचा धीरे धीरे से आह! आह! मां.”
शब्बीर चाचा, माशाल्लाह क्या माल चोद रहा हूं। आह! मेरी प्यारी रत्ना, आज मैं तुझे मां बनाके छोडूंगा। जान, मेरी लन्ड की रानी रत्ना।
इसे भी पढ़े – आंटी की चूत जीभ से चाट कर गीला किया
शब्बीर चाचा ने रत्ना के नाभि की गहराई तक अपना सांड जैसा लन्ड घुसेड़ कर चोद रहा था। स्तन दबा दबा कर लाल कर दिये थे। फिर शब्बीर चाचा ने रत्ना बहन को घोड़ी बनने के लिए कहा। बोला, “अब मैं तेरी गांड़ मारूंगा रत्ना।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
रत्ना बहन बोली, “शब्बीर मैने कभी गांड़ नहीं मरवाई है। दर्द होगा जी मत करो।”
लेकिन शब्बीर चाचा कहा मानने वाले थे। आज वो सिर्फ रत्ना के बदन को रगड़ने वाला था। शब्बीर ने 7 सालों से जो अरमानों को दबाए रखा था, आज मेरी बहन रत्ना पर निकाल रहा था। घोड़ी बनाने के बाद, शब्बीर ने रत्ना के लंबे बालो की चोटी हाथों में पकड़ी, अपना लन्ड रत्ना बहन की गांड़ में डालने लगा। और धीरे धीरे धक्का देने लगा। फिर जोर से धक्का देकर पूरा लन्ड बहन की गांड़ के पार हो गया।
बहन, उई मां ! मेरी गांड़ फाड़ दी हाय! आह! मां ओह ! मर गई, छोड़ो मुझे जाने दो शब्बीर अह!
हा रत्ना झेल ले आह सुकून मिला आज। ऐसी खूबसूरत नवजवान लड़की चोदने मिली। मैं सच में खुशनसीब हूं। आह.
अब शब्बीर रत्ना को बाहों में भर कर लन्ड पे बिठाकर ऊपर नीचे उछालने लगा जिससे सारा लन्ड रत्ना दीदी की चूत में जाने लगा। शब्बीर चाचा इतनी बेदर्दी से बहन को पेल रहा था। मैं ये सब खिड़की से झांक कर देख रहा था। आज मेरी बहन, जिसने कभी सेक्स नहीं किया आज वो एक बड़ा लन्ड ले रही थी।
इसे भी पढ़े – जिस्म को पा लेने की वासना में चुद गई
आखिर में शब्बीर चाचा ने रत्ना बहन को नीचे सुलाया, उसके टांगे खुद के कमर में लिए, और रत्ना दीदी के ऊपर चढ गया। रत्ना दीदी के चूत में लन्ड काफी टाइट फंस चुका था। हलका सा खून चूत में से निकल रहा था। मानो अब चूत रो रही हो। अब सब्बीर चाचा की रफ्तार बढ़ने लगी। शब्बीर चाचा अब झड़ने वाला था। रत्ना दीदी बहुत कराह रही थी। सब्बीर चाचा ने पूरा वीर्य मेरी सुंदर, सुशील बहन रत्ना दीदी के चूत में छोड़ दिया। और ओंठ चूमने लगा, उसने मेरी बहन की हालत बहुत खराब कर दी। उसने अपना लन्ड बहन की चूत से निकाला।
चाचा ने बहन को बोला, “कैसा लगा रत्ना मेरा लन्ड मजा आया ना”। मुझे तो बहुत मजा आया तुझे चोदकर, आह! क्या मस्त माल हो तुम रत्ना जान। मजा ही आगया।
रत्ना बहन बोली, मेरी इतनी चूदाई पहली बार हुई है। शब्बीर चाचा। तुम कैसे इंसान हो, पूरा बदन दर्द कर रहा है। पता नहीं तुम्हारी बीवी तुम्हे कैसे झेल लेती थी।
सब्बीर चाचा ने कहा, अब कपड़े पहन ले नहीं तो कोई आ जाएगा। मैं तुझे कल और चोदूंगा रानी रत्ना।
रत्ना बहन बोली, नहीं अब नहीं, मेरी हालत खराब कर दी तुमने। जाओ अब निकलो।
सब्बीर चाचा वहाँ से निकल गए। मेरी बहन ने भी कपड़े पहन लिए और सो गई। ये सब देख कर मैने भी बाथरूम में जाकर मूठ मारी। कैसी थी मेरी बहन रत्ना की चुदासी की कहानी।
प्रातिक्रिया दे