Bahan Garam Chut Kahani
मेरा नाम मुजीब उम्र 24 है. मुझे से बड़ी चार बहन है. हम बहन भाई आपस में बहुत प्यार मोहब्बत से रहते है. मैंने कभी अपनी बहन के बारे में गलत नहीं सोचा था. बट ना जाने कैसे मैं उनका आशिक़ हो गया. मेरी सबसे बड़ी बहन को महविश बाजी बोलता हु. महविश का उर्दू मीनिंग हस्ती मुस्कुराती लड़की होता है. Bahan Garam Chut Kahani
महविश बाजी असल में भी बहुत जॉली नेचुरल की थी. दूसरी बहनों से ज्यादा मेरी दोस्ती महविश बाजी से थी. लेकिन एक दिन अनजाने में मैंने उनको चेंज करते हुए देखा तो सारी रात मुझे नींद नहीं आयी. उनको फुल नंगी देखने का दिल करने लगा.
वैसे मेरी सभी बहन के बूब का साइज 36 है. लेकिन महविश बाजी के सेक्सी फिगर का जवाब नहीं था. मैंने उनके बारे में ही सोचता रहता. वैसे उनकी उम्र 30 की हो गई थी मगर शादी नहीं होने से उनका फिगर यंग गर्ल्स को भी मात कर देता था.
कहते है जहाँ चाह होती है वहाँ राह निकल आती है. ऐसा ही कुछ मेरे साथ हुआ एक दिन महविश बाजी कंप्यूटर पर कोई काम कर रही थी. उसमे उनको कोई प्रॉब्लम आयी तो उन्होंने मुझे बुलाया. मैं उनके पीछे खड़ा होकर उनको गाइड करने लगा.
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अनजाने में मेरा लंड उनके बैक से टच हुआ तो मुझे कर्रेंट सा लगा. फिर मैंने आईडिया से उनके बैक पर अपना लंड छुआने लगा. मुझे फील हुआ महविश बाजी को भी मज़ा आ रहा है सो मैंने अपने लंड को फुल हार्ड करके उनको मज़ा देता रहा.
अचानक छोटी बहन साइस्ता के आने की वजह से अलग हो गया. इस हादसे के बाद रात दिन मुझे महविश बाजी ही नज़र आती. मैंने उनके नाम से कई बार मुठ मारता रहता. एक दिन मेरी सब फॅमिली एक शादी में गए थे घर पर मैं अकेला था सो मैंने सोचा महविश बाजी की अलमारी से उनकी पेंटी और ब्रा देख कर मुठ मारू. “Bahan Garam Chut Kahani”
मैंने अलमारी खोल कर उनके ब्रा और पेंटी खोज रहा था मगर मुझे एक ऐसा बॉक्स मिला जो मैंने ओपन किया तो सरप्राइज रह गया. उस बॉक्स में विदेशी कंडोम रखे थे. मुझे यकीन नहीं हो रहा था महविश बाजी को कंडोम की क्या ज़रुरत है. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मुझे कई लोगो पर शक हुआ जिसने महविश बाजी की दोस्ती है पर कैसे मालूम करू की महविश बाजी की किससे अफेयर है. मैंने उन पर नज़र रखने का इरादा किया. एक मंथ तक नज़र रखी पर कोई खास बात नज़र नहीं आयी, जिस पर शक करता वो सही निकलता.
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मगर एक दिन सब सच्चाई सामने आ गई. मिडनाइट के वक़्त मेरी नींद खुली तो मुझे ऐसा लगा ऊपर टैरेस पर कोई है सो मैंने हिम्मत करके ऊपर गया. तो देखा स्टोर रूम की लाइट ऑन है सो मैंने स्लो कदम से स्टोर रूम तक गया. अन्दर जो नज़ारा देखा तो मेरी हालत ख़राब हो गई.
मेरे मामा मजीद फुल नंगे है और महविश बाजी की चूत चाट रहे थे. पहले तो दिल में आया मामा की गांड पर किक मार के बोलू “नमक हराम हमारे घर में रहकर ही हमारी बहन चोद रहे हो.” मगर बाजी को फुल नंगी देख सब भूल गया और उनके कंडोम का राज भी खुल गया. “Bahan Garam Chut Kahani”
क्योकि मामा के लंड पर कंडोम था. मामा ने मस्ती से चूत चाट कर चुदाई शुरू कर दी. बाजी जिस तरह सपोर्ट कर रही थी मेरा दिल हो रहा था मैं जाकर चोद दू बट मजबूर था. अपने हाथ से मुठ मार कर सो गया. दुसरे दिन बाजी ने कपड़े धो करके ऊपर टैरेस पर धुप में गई. तो मैं भी पीछे गया और आईडिया से उनके गांड पर हाथ फेर दिया.
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पहले तो कुछ नहीं बोली मेरी हिम्मत बढ़ी. सो मैंने फिर उनसे टच हुआ तो बोली क्या “बात है. क्या इरादा है”. “वही इरादा जो मामाजी का कल रात में स्टोर रूम में कर रहे थे.” जैसे ही मैंने कहा तो बाजी के चेहरे के रंग उड़ गए वो घबरा गई. मुझे स्टोर रूम में ले गई और कहने लगी तुम किसी से मत बोलना जो तुम कहोगे वो तुम को मिल जाएगा. मैंने उस वक़्त बोल दिया मुझे आप को नंगी देखना है. बाजी ने पहले मना किया बट कुछ सोचकर बोली “सिर्फ एक बार.” मैंने हाँ में गर्दन हिला दी तो बोली तुम सीढ़ी का दरवाजा बंद करके आओ.
मैंने जल्दी से डोर बंद किया. वापस आया तो बाजी कुरता उतार चुकी थी ब्रा उतार कर बोली “बस.” मैंने सलवार पर इशारा किया तो बाजी शरमा कर सलवार भी उतार दी. फुल नंगी महविश बाजी को देख मेरा लंड खड़ा हो गया था. सो मैंने उनको किस करना चाहा तो बोली “तुमने नंगी देखने का बोला था.” पर मैंने उनकी बात अनसुनी करके बूब को मसलने लगा और एक हाथ से चूत में फिंगर भी डाल दी. बाजी फुल हॉट हो कर चुदाई को अग्री हो गई. फिर मस्त चुदाई को जो सिलसिला शुरू हुआ वो उनकी शादी के बाद ख़तम हुआ.
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