• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer

HamariVasna

Hindi Sex Story Antarvasna

  • Antarvasna
  • कथा श्रेणियाँ
    • Baap Beti Ki Chudai
    • Desi Adult Sex Story
    • Desi Maid Servant Sex
    • Devar Bhabhi Sex Story
    • First Time Sex Story
    • Group Mein Chudai Kahani
    • Jija Sali Sex Story
    • Kunwari Ladki Ki Chudai
    • Lesbian Girl Sex Kahani
    • Meri Chut Chudai Story
    • Padosan Ki Chudai
    • Rishto Mein Chudai
    • Teacher Student Sex
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Hindi Sex Story
  • माँ बेटे का सेक्स
  • अपनी कहानी भेजिए
  • ThePornDude
You are here: Home / Bhai Bahan Sex Stoy / भाई जान के लंड पर चढ़ाया अम्मी ने

भाई जान के लंड पर चढ़ाया अम्मी ने

मार्च 13, 2026 by hamari Leave a Comment

Bahan Chut Chudai Story

मेरा नाम आमिर है और मेरी उम्र २० साल है। मेरी एक छोटी बहन शुमैला है। वह अभी सिर्फ़ सत्रह साल की है और कॉलेज में है। मॉम अब ४० की हैं। मॉम स्कूल में टीचर हैं और मैं यूनिवर्सिटी में हूँ। हम लोग कराची से हैं। पापा का २ साल पहले इन्तकाल हो गया था। Bahan Chut Chudai Story

अब घर में सिर्फ़ हम तीन लोग ही हैं। यह अब से ६ महीने पहले हुआ था। एक रात मम्मी बहुत उदास लग रही थीं। मैं समझ गया वह पापा को याद कर रही हैं। मैंने उनको बहलाया और खुश करने की कोशिश की। मम्मी मेरे गले लगकर रोने लगीं।

तब मैंने कहा, “मम्मी हम दोनों आपको बहुत प्यार करते हैं, हम लोग मिलकर पापा की कमी महसूस नहीं होने देंगे।”

शुमैला भी वहाँ आ गई थी, वह भी मम्मी से बोली, “हाँ मम्मी प्लीज़ आप दिल छोटा न करें। भाई जान हैं न हमारे दोनों की देखभाल के लिए। भाई जान हम लोगों का कितना ख़याल रखते हैं।”

“हाँ बेटी पर कुछ ख़याल सिर्फ़ तेरे पापा ही रख सकते थे।”

“नहीं मम्मी आप भाई जान से कहकर तो देखिए।”

ख़ैर फिर बात धीरे-धीरे नॉर्मल हो गई। उसी रात शुमैला अपने रूम में थी। मैं रात को टॉयलेट के लिए उठा तो टॉयलेट जाते हुए मम्मी के रूम से कुछ आवाज़ आई। १२ बज चुके थे और मम्मी अभी तक जाग रही हैं, यह सोचकर उनके रूम की तरफ़ गया।

मम्मी के रूम का दरवाज़ा खुला था। मैं खोलकर अंदर गया तो चौंक गया। मम्मी अपनी शलवार उतारे अपनी चूत में एक मोमबत्ती डाल रही थीं। दरवाज़े के खुलने की आवाज़ पर उन्होंने मुड़कर देखा। मुझे देख वह घबरा सी गईं। मैं भी शरमा गया कि बिना नॉक किए आ गया। मैं वापस मुड़ा तो मम्मी ने कहा, “बेटा आमिर प्लीज़ किसी से कहना नहीं।”

इसे भी पढ़े – दोस्त की रंडी माँ को चुदवाते पकड़ा मैंने

“नहीं मम्मी मैं किससे कहूँगा?”

“बेटा जब से तेरे पापा इस दुनिया से गए हैं तब से आज तक मैं..”

“ओह मम्मी मैं भी अब समझता हूँ। यह आपकी ज़रूरत है पर क्या करूँ अब पापा तो हैं नहीं।”

फिर मैं मम्मी के पास गया और उनके हाथों को पकड़ बोला, “मम्मी दरवाज़ा बंद कर लिया करिए।”

“बेटा आज भूल गई।”

फिर मैं वापस आ गया। अगले दिन सब नॉर्मल रहा। शाम को मैं वापस आया तो हम लोगों ने साथ ही चाय पी। चाय के बाद शुमैला बोली, “भाई जान बाज़ार से रात के लिए सब्ज़ी ले आओ जो खाना है।” मैं जाने लगा तो मम्मी ने कहा, “बेटा किचन में आओ तो कुछ और सामान बता दे लेटे आना।”

मैं किचन में गया बोला, “क्या लाना है मम्मी?”

मम्मी ने बाहर झाँका और शुमैला को देखते धीरे से बोली, “बेटा ५-६ बैंगन लेते आना लंबे वाले।”

मैं मम्मी की बात सुन पता नहीं कैसे बोल पड़ा, “मम्मी अंदर करने के लिए?”

मम्मी शरमा गईं और मैं भी अपनी इस बात पर झेंप गया और सॉरी बोलता बाहर चला गया। सब्ज़ी लाकर शुमैला को दी और ४ बैंगन लाया था जिनको अपने पास रख लिया। शुमैला ने खाना बनाया फिर रात को खा-पीकर सब लोग सोने चले गए।

तब करीब ११ बजे मम्मी मेरे रूम में आईं बोलीं, “बेटा बैंगन लाए थे?”

“हाँ मम्मी पर बहुत लंबे नहीं मिले और मोटे भी कम हैं।”

“कोई बात नहीं बेटे अब जो है सही है।”

“बहुत ढूँढा मम्मी पर कोई भी मुझसे लंबा नहीं मिला।”

“क्या मतलब बेटा।”

मैं बोला, “मम्मी मतलब यह कि इनसे लंबा और मोटा तो मेरा है।”

तब मम्मी ने कुछ सोचा फिर कहा, “क्या करें बेटा अब तो जो किस्मत में है वही सही।” फिर मेरी पैंट के उभार को देखते बोलीं, “बेटा तेरा क्या बहुत बड़ा है?”

“हाँ मम्मी ८ इंच है।”

“ओह बेटा तेरे पापा का भी इतना ही था। बेटा अपना दिखा दो तो तेरे पापा की याद ताज़ा हो जाए।”

“लेकिन मम्मी मैं तो आपका बेटा हूँ।”

“हाँ बेटा तभी तो कह रही हूँ। तू मेरा बेटा है और अपनी माँ से क्या शरम। तू एकदम अपने पापा पर गया है। देखूँ तेरा वह भी तेरे पापा के जैसा है या नहीं?”

तब मैंने अपनी पैंट उतारी और अंडरवियर उतारा तो मेरे लंबे तगड़े लंड को देख मम्मी एकदम से खुश हो गईं। वह मेरे लंड को देख नीचे बैठीं और मेरा लंड पकड़ लिया और बोलीं, “हाय आमिर बेटा तेरे पापा का भी एकदम ऐसा ही था। हाय बेटा यह तो मुझे तेरे पापा का ही लग रहा है। बेटा क्या मैं इसे थोड़ा सा प्यार कर लूँ?”

“मम्मी अगर आपको इससे पापा की याद आती है और आपको अच्छा लगे तो कर लीजिए।”

“बेटा मुझे तो लग रहा है कि मैं इस तेरा नहीं बल्कि तेरे पापा का पकड़े हूँ।”

फिर मम्मी ने मेरे लंड को मुँह में लिया और चाटने लगीं। यह मेरे साथ पहली बार हो रहा था इसलिए मेरे लिए संभालना मुश्किल था। ६-७ मिनट में ही मैं उनके मुँह में झड़ गया। १ मिनट बाद मम्मी ने लंड मुँह से बाहर किया और मेरे पास बैठ गईं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैं बोला, “सॉरी मम्मी आपका मुँह गंदा कर दिया।”

“आह बेटा तेरे पापा भी रोज़ रात मेरे मुँह को पहले ऐसे ही गंदा करते थे फिर मेरी च..” मम्मी इतना कह हुप हो गईं। मैं उनके चेहरे को देखते बोला, “फिर क्या-क्या करते थे पापा? मम्मी जो पापा इसके बाद करते थे वह मुझे बता दो तो मैं भी कर दूँ। आपको पापा की कमी नहीं महसूस होगी।”

मम्मी मेरे चेहरे को पकड़ बोलीं, “बेटा यह जो हुआ है एक माँ-बेटे में नहीं होता। लेकिन बेटा इस वक्त तुम मेरे बेटे नहीं बल्कि मेरे शौहर हो। अब तुम मेरे शौहर की तरह ही करो। वह मेरे मुँह में अपना झड़कर अपने मुँह से मेरी झाड़ते थे फिर मुझे..”

“मम्मी अब जब आप मुझे अपना शौहर कह रही हैं तो शरमा क्यों रही हैं। सबकुछ खुलकर कहिए न।”

“बेटा तू सच कहता है, चल अब मेरी चूत चाट और फिर मुझे चोद जैसे तेरे पापा चोदते थे।”

“ठीक है मम्मी आओ बिस्तर पर चलो।”

इसे भी पढ़े – जीजा साली ने स्टोर रूम में चुदाई किया

फिर मम्मी को अपने बेड पर लिटाया और उनको पूरा नंगा कर दिया। मम्मी की चूचियाँ अभी भी सख्त थीं। २-३ साल से किसी ने टच नहीं किया था। मैंने चूत को देखा तो मस्त हो गया। मम्मी की चूत कैसी लग रही थी। ४० की उम्र में मम्मी ३० की ही लग रही थीं।

मम्मी को बेड पर लिटा अपने कपड़े अलग किए फिर मम्मी की चूचियाँ पकड़ उनकी चूत पर मुँह रख दिया। चूचियों को दबा-दबा चूत चाट अपने झड़े लंड को कसने लगा। ८-१० मिनट बाद मम्मी मेरे मुँह पर ही झड़ गईं। वह अपनी गांड तेज़ी से उछका झड़ रही थीं। मैं मम्मी की झड़ती चूत में १ मिनट तक जीभ पेले रहा फिर उठकर ऊपर गया और चूचियों को मुँह से चूसने लगा।

“हाा आह बेटा चूस अपनी मम्मी की चूचियों को। हाय पियो इनको हाय कितना मज़ा आ रहा है बेटे के साथ।”

मेरा लंड अब फिर खड़ा था। ४-५ मिनट बाद मम्मी ने मुझे अलग किया और फिर मेरे लंड को मुँह से चूसकर खड़ा करने के बाद बोलीं, “बेटा अब चढ़ जा अपनी माँ पर और चोद डाल।” मैंने मम्मी को बेड पर लिटाया और लंड को मम्मी के छेद पर लगा गप से अंदर कर दिया।

अब मैं तेज़ी से चुदाई कर रहा था और दोनों चूचियों को दबा-दबा चूस भी रहा था। मम्मी भी नीचे से गांड उछाल रही थीं। मैं धक्के लगाता बोला, “मम्मी शाम को जब आपने बैंगन लाने को कहा था तब ही से दिल कर रहा था कि काश अपनी मम्मी को मैं कुछ आराम दे सकूँ। मेरी आरज़ू पूरी हुई।”

“बेटा अगर तू मुझे चोदना चाहता था तो कोई गोली लेता आता। अब तू मेरे अंदर मत झड़ना। आज बाहर झड़ना फिर कल मैं गोली ले लूँगी तो खतरा नहीं होगा तब अंदर डालना पानी। चूत में गरम पानी बहुत मज़ा देता है।”

करीब १० मिनट बाद मेरा लंड झड़ने वाला हुआ तो मैंने उसे बाहर किया और मम्मी से कहा, “हााह मम्मी अब मेरा निकलने वाला है।”

“हाय बेटा ला अपने पानी से अपनी मम्मी की चूचियों को भिगो दे।”

फिर मैं मम्मी की चूचियों पर पानी निकाला। झड़कर अलग हुआ तो मम्मी अपनी चूचियों पर मेरे लंड का पानी लगाती बोलीं, “बेटा तू एकदम अपने बाप की तरह चोदता है। वह भी ऐसा ही मज़ा देते थे। आह बेटा अब तू सो।”

फिर मम्मी अपने रूम में चली गईं और मैं भी सो गया। अगले दिन मम्मी बहुत खुश लग रही थीं। शुमैला भी मम्मी को देख रही थी।

नाश्ते पर उसने पूछ ही लिया, “मम्मी आप बहुत खुश लग रही हो?”

“हाँ बेटी अब मैं हमेशा खुश रहूँगी।”

“क्यों मम्मी क्या हो गया?” वह भी मुस्कुराती बोलीं।

“कुछ नहीं बेटी तुम्हारे भाई जान मेरा खूब ख़याल रखता है ना इसलिए।”

“हाँ मम्मी भाई जान बहुत अच्छे हैं।”

फिर वह कॉलेज चली गई और मैं यूनिवर्सिटी। उस रात मम्मी ने गोली ले ली थी और अपनी चूत में ही मेरा पानी लिया था। हम दोनों माँ-बेटे १ महीने इसी तरह मज़ा लेते रहे।

एक रात जब मैं मम्मी को चोद रहा था तो मम्मी ने मुझसे पूछा, “आमिर बेटा एक बात तू बता।”

“क्या मम्मी”

“बेटा अब शुमैला बड़ी हो रही है उसकी शादी करनी है। इस उम्र में लड़कियों की शादी कर देनी चाहिए वरना अगर वह कुछ उल्टा-सीधा कर ले तो बहुत बदनामी होती है।”

“मम्मी आप सही कह रही हैं। अब उसके लिए कोई लड़का देखना होगा।”

“हाँ बेटा, अच्छा एक बात तू बता तुमको शुमैला कैसी लगती है?”

“क्या मतलब मम्मी?”

“मतलब तुझे अच्छी लगती है तो इसका मतलब वह किसी को भी अच्छी लगेगी और उसे कोई लड़का पसंद कर लेगा तो उसकी शादी कर देंगे।”

“हाँ मम्मी शुमैला बहुत खूबसूरत है।”

“तू उसे कभी-कभी अजीब सी नज़रों से देखता है?”

मैं अपनी चोरी पकड़े जाने पर घबरा कर बोला, “न्न नहीं मम्मी ऐसी बात नहीं?”

“कल तू उसकी चूचियों को घूर रहा था।”

“नहीं मम्मी।”

“पगले मुझसे झूठ बोलता है। सच बता।”

मैं शर्माता सा बोला, “मम्मी कल वह बहुत अच्छी लग रही थी। कल वह छोटा सा कसा कुर्ता पहने थी जिससे उसकी चूचियाँ बहुत अच्छी लग रही थीं।”

इसे भी पढ़े – पति ने धोखा दे अपने जीजा से चुदवाया मुझे

“तुझे पसंद है शुमैला की चूचियाँ?”

मैं चुप रहा तो मम्मी ने मेरे लंड को अपनी चूत से जकड़ कहा, “बताओ ना वह थोड़े न सुन रही है?”

“हाँ मम्मी।”

“उसकी चूचियों को कभी देखा है?”

“नहीं मम्मी।”

“देखेगा?”

“कैसे?”

“पगले कोशिश किया कर उसे देखने की जब वह कपड़े बदले तब या जब वह नहाने जाए तब।”

“ठीक है मम्मी पर वह दरवाज़ा बंद करके सब करती है।”

“हाँ पर तू जब भी घर पर रहा कर तब तहमद पहना करो और नीचे अंडरवियर नहीं। अपने लंड को तहमद में खड़ा कर उसे दिखाया करो और सote में लंड को तहमद से बाहर निकाले रखना। मैं उसको तुम्हारे रूम में झाड़ू लगाने भेजूँ तो उसे अपना दिखाया करो और तुम अब उसकी चूचियों को घूरा करो और उसे छूने की कोशिश किया करो।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैं मम्मी की बात मस्त हो उसे तेज़ी से चोदने लगा। वह तेज़ी से चुदती हाय-हाय करती बोली, “हाय बहन को देखने की बात सुन इतना मस्त हो गया कि मम्मी की चूत की धज्जियाँ उड़ाते दे रहा है।”

फिर मेरी कमर को अपने पैरों से कस बोली, “चोद अपनी मम्मी को हाा आज मुझे चोद कल से अपनी बहन पर लाइन मारो और उसे पटाकर चोदो।”

फिर ४-५ धक्के लगा मैं झड़ने लगा। झड़ने के बाद मैं मम्मी से चिपक बोला, “मम्मी शुमैला तो मेरी छोटी बहन है, भला मैं उसके साथ कैसे….?”

“जब तू अपनी माँ के साथ चुदाई कर सकता है तो अपनी बहन के साथ क्यों नहीं?”

“मम्मी आपकी बात और है।”

“क्यों?”

“मम्मी आप पापा के साथ सब कर चुकी हैं और अब उनके न रहने पर मैं तो उनकी कमी पूरी कर रहा हूँ। लेकिन शुमैला तो अभी अछू..”

“अनचुदी है, यही कहना चाह रहा है न?”

“हाँ मम्मी।”

“बेटा अब तेरी बहन १७ की हो गई है। इस उम्र में लड़कियों को बहुत मस्ती आती है। आजकल वह कॉलेज भी जा रही है। मुझे लगता है कि उसके कॉलेज के कुछ लड़के उसे फँसाने की कोशिश कर रहे हैं। पड़ोस के भी कुछ लड़के तेरी बहन पर नज़रें जमाए हैं। अगर तू उसे घर पर ही उसकी जवानी का मज़ा दे देगा तो वह बाहर के लड़कों के चक्कर में नहीं पड़ेगी और अपनी बदनामी भी नहीं होगी।”

“माँ आप सही कह रही हो मैं अपनी बहन को बाहर नहीं चुदने दूँगा। सच मम्मी शुमैला की बहुत मस्त चूचियाँ दिखती हैं। मम्मी तुम ही उसे तैयार करो।”

“करूँगी बेटा, मैं उसे भी यही सब धीरे-धीरे समझा दूँगी।”

इसे भी पढ़े – ब्रा पेंटी की दुकान में चुदवाया आँचल ने

फिर अगले दिन जब मैं सुबह-सुबह उठा तो देखा कि वह मेरे रूम में झाड़ू दे रही है। मैं उसे देखने लगा। वह कसी हुई कमीज़ पहने थी और झुककर झाड़ू देने से उसकी लटक रही चूचियाँ हिल-हिल बहुत प्यारी लग रही थीं। तभी उसकी नज़र मुझपर पड़ी।

मुझे अपनी चूचियों को घूरता पा वह मुड़ गई और जल्दी से झाड़ू पूरी कर चली गई। मैं उठा और फ्रेश होकर नाश्ता कर टीवी देखने लगा। उस दिन छुट्टी थी इसलिए किसी को कहीं नहीं जाना था। मम्मी भी टीवी देख रही थीं। शुमैला भी आ गई तो मैंने उसे अपने पास बिठा लिया।

मैं उसकी कसी कमीज़ से झाँकती चूचियों को ही देख रहा था। मम्मी ने मुझे देखा तो चुपके से मुस्कुराती इशारा करते कहा कि ठीक जा रहे हो। शुमैला कभी-कभी मुझे देखती तो अपनी चूचियों को घूरता पा वह सिमट जाती। आख़िर वह उठकर मम्मी के पास चली गई।

मम्मी ने उसे अपने गले से लगाते पूछा, “क्या हुआ बेटी?”

“कुछ नहीं मम्मी।” वह बोली।

“तू यहाँ क्यों आ गई बेटी जा भाई के पास बैठ।”

“मम्मी ww वह bb भाई जान।” वह फुसफुसाते हुए बोली।

मम्मी भी उसी की तरह फुसफुसाई, “क्या भाई जान।”

“मम्मी भाई जान आज कुछ अजीब हरकत कर रहे हैं।”

वह धीरे से बोली तो मम्मी ने कहा, “क्या कर रहा तेरा भाई?”

“मम्मी यहाँ से चलो तो बताऊँ।”

मम्मी उसे ले अपने रूम की तरफ़ गईं और मुझे पीछे आने का इशारा किया। मैं उन दोनों के रूम के अंदर जाते ही जल्दी से मम्मी के रूम के पास गया। मम्मी ने दरवाज़ा पूरा बंद नहीं किया था और पर्दे से छुपकर मैं दोनों को देखने लगा।

मम्मी ने शुमैला को अपनी गोद में बिठाया और बोली, “क्या बात है बेटी जो तू मुझे यहाँ लाई है?”

“मम्मी आज भाई जान मुझे अजीब सी नज़रों से देख रहे हैं जैसे कॉलेज के..”

“क्या पूरी बात बताओ शुमैला बेटी।”

“मम्मी आज भाई जान मेरी इनको बहुत घूर रहे हैं, जैसे कॉलेज में लड़के घूरते हैं।”

“इनको।” मम्मी ने उसकी चूचियों को पकड़ा तो वह शर्माती सी बोली, “ज्ज्ज जी मम्मी।”

“अरे बेटी अब तू जवान हो गई है और तेरी यह चूचियाँ बहुत प्यारी हो गई हैं इसलिए कॉलेज में लड़के इनको घूरते हैं। तेरा भाई भी इसलिए देख रहा होगा कि उसकी बहन कितनी खूबसूरत है और उसकी चूचियाँ कितनी जवान हैं।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

“मम्मी आप भी..” वह शर्माई।

“अरे बेटी मुझसे क्या शरम। बेटी कॉलेज के लड़कों के चक्कर में मत आना वरना बदनामी होगी। अगर तू अपनी जवानी का मज़ा लेना चाहती है तो मुझसे बताना।”

“मम्मी आप तो जाइए हटाइए।”

“अच्छा बेटी एक बात तू बता, जब भाई जान तेरी दोनों मस्त जवानियों को घूरते हैं तो तुझे कैसा लगता है?”

“मम्मी हटाइए मैं जा रही हूँ।”

“अरे पगली फिर शर्माई, चल बता कैसा लगता है जब तुम्हारे भाई जान इनको देखते हैं?”

“जी अच्छा तो लगता है पर..”

“पर क्या बेटी। अरे तुझे तो खुश होना चाहिए कि तुम्हारा अपना भाई ही तुम्हारी चूचियों का दीवाना हो गया है। अगर मैं तेरी जगह होती तो मैं तो बहाने-बहाने से अपने भाई को दिखाती।”

“मम्मी।”

“हाँ बेटी सच कह रही हूँ। क्या तुझे अच्छा नहीं लगता कि कोई तेरा दीवाना हो और हर वक्त बस तेरे बारे में सोचे और तुझे देखना चाहे। तुझे चोदना चाहे।”

“मम्मी आप भी।”

“अरे बेटी कोई बात नहीं जा अपने भाई को बेचारे को दो-चार बार अपनी दोनों मस्त जवानीयों की झलक दिखा दिया कर। वैसे उस बेचारे की गलती नहीं, तू है ही इतनी कड़क जवान कि वह क्या करे। देख न अपनी दोनों चूचियों को लग रहा है अभी कमीज़ फाड़कर बाहर आ जाएँगी। जा तू भाई के पास जाकर टीवी देख और बेचारे को अपनी झलक दे मैं खाने का इन्तज़ाम करती हूँ। खाना तैयार होने पर तुम दोनों को बुला लूँगी।”

खाना तैयार होने पर मम्मी ने हमें आवाज़ दी। हम तीनों डाइनिंग टेबल पर बैठे। शुमैला आज थोड़ी चुप-चुप सी थी। कभी-कभी मेरी तरफ़ देखती, फिर नज़रें झुका लेती। मैं भी उसकी हर हरकत पर ग़ौर कर रहा था। मम्मी सब देख रही थीं और चुपके-चुपके मुस्कुरा रही थीं।

खाने के बाद शुमैला बर्तन धोने चली गई। मैं उठकर किचन की तरफ़ गया। वहाँ जाकर मैंने देखा कि वह झुकी हुई बर्तन माँज रही है। उसकी कमीज़ पीछे से थोड़ी ऊपर चढ़ गई थी और उसकी कमर और निचले हिस्से की लाइन साफ़ दिख रही थी। मैं चुपके से पीछे खड़ा हो गया और धीरे से बोला,

इसे भी पढ़े – भाई बहन का सेक्सी रील विडियो

“शुमैला, हाथ में साबुन लगा है क्या?”

वह चौंककर मुड़ी, “हाँ भाई जान… क्यों?”

मैंने आगे बढ़कर उसके पास जाकर कहा, “देखो तो, तुम्हारे गाल पर कुछ लगा है।”

मैंने अपना हाथ उसके गाल पर रखा और हल्के से सहलाया। वह शरमा गई और पीछे हटने लगी, लेकिन किचन की दीवार से टकरा गई। मैंने उसे और करीब खींचा और धीरे से कहा, “डरो मत, बस साफ़ कर रहा हूँ।”

मेरा हाथ उसके गाल से नीचे गले की तरफ़ सरक गया। उसकी साँसें तेज़ हो गईं। वह कुछ बोल नहीं पाई। तभी मम्मी की आवाज़ आई, “शुमैला, ज़रा इधर आना।” वह जल्दी से मेरे पास से निकली और बाहर चली गई। मैं भी किचन से निकला। मम्मी ने मुझे आँख मारी और कहा, “बेटा, तुम थोड़ा आराम कर लो। मैं शुमैला से बात करती हूँ।”

रात को करीब १० बजे मैं अपने रूम में लेटा था। तहमद पहना था, नीचे कुछ नहीं। लंड आधा खड़ा था। मैंने दरवाज़ा थोड़ा खुला छोड़ दिया था। थोड़ी देर बाद शुमैला पानी पीने आई। वह मेरे रूम के सामने से गुज़री। मैंने जानबूझकर तहमद थोड़ा सरकाया ताकि लंड का ऊपरी हिस्सा दिख जाए।

वह रुक गई। उसकी नज़र मेरे लंड पर पड़ी। वह कुछ सेकंड तक घूरती रही, फिर तेज़ी से पानी लेकर चली गई। मैं समझ गया कि उसने देख लिया है। अगले दिन सुबह। मैं उठा तो देखा शुमैला पहले से नाश्ता बना रही है। आज उसने बहुत पतली और टाइट टी-शर्ट पहनी थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

ब्रा की लाइन साफ़ दिख रही थी और चूचियाँ उभरी हुई लग रही थीं। मैं टेबल पर बैठ गया। वह मेरे सामने प्लेट रखते हुए झुकी। उसकी चूचियाँ मेरे सामने ही लटक रही थीं। मैंने सीधे उनको देखा। वह शरमाई लेकिन इस बार जल्दी नहीं हटी। थोड़ी देर तक झुकी रही।

मैंने धीरे से कहा, “शुमैला, आज तुम बहुत अच्छी लग रही हो।”

वह मुस्कुराई और बोली, “थैंक्यू भाई जान।”

मम्मी पास में थीं। उन्होंने कहा, “हाँ बेटी, सच में बहुत प्यारी लग रही है। भाई जान को भी अच्छा लग रहा है न?”

शुमैला ने शरमाते हुए कहा, “मम्मी…”

दोपहर में मम्मी ने कहा कि उन्हें स्कूल जाना है कुछ काम से। शाम तक आएँगी। शुमैला को भी कॉलेज में लेक्चर था लेकिन आज छुट्टी थी। मम्मी जाते-जाते मुझे कान में बोलीं, “बेटा, मौका है। धीरे-धीरे आगे बढ़ना। उसे डराना मत।” मम्मी चली गईं। घर में सिर्फ़ मैं और शुमैला।

मैंने टीवी ऑन किया और उसे बुलाया, “शुमैला, इधर आओ ना। साथ में कुछ देखते हैं।” वह आई और मेरे पास सोफ़े पर बैठ गई। आज उसने शॉर्ट्स पहने थे। उसकी जाँघें चिकनी और गोरी दिख रही थीं। मैंने अपना हाथ धीरे से उसकी जाँघ पर रख दिया। वह सिहर गई लेकिन हटाई नहीं।

मैंने कहा, “शुमैला, तुम्हें पता है तुम बहुत खूबसूरत हो?”

वह शरमाई, “भाई जान… ऐसा मत कहिए।”

“क्यों? सच तो है। तुम्हारी ये…” मैंने अपनी उँगली से हल्के से उसकी चूची की तरफ़ इशारा किया, “बहुत अच्छी हैं।”

वह लाल हो गई। “भाई जान… प्लीज़…”

मैंने उसे अपनी तरफ़ खींचा। वह मेरी गोद में आ गई। मैंने उसके होंठों पर हल्का सा किस किया। वह पहले तो चौंकी, फिर आँखें बंद कर लीं। मैंने उसे गले लगाया। मेरी उँगलियाँ उसकी पीठ पर सरक रही थीं। धीरे-धीरे मैंने उसकी टी-शर्ट के नीचे हाथ डाला। उसकी चिकनी कमर को सहलाया।

वह धीरे से बोली, “भाई जान… ये ग़लत है…”

“शुमैला, प्यार में कुछ ग़लत नहीं होता। मैं तुम्हारा भाई हूँ, तुम्हारी हिफ़ाज़त भी करूँगा। बस तुम्हें खुश रखना चाहता हूँ।”

वह चुप रही। मैंने धीरे से उसकी टी-शर्ट ऊपर की। उसकी ब्रा दिखी। मैंने ब्रा के ऊपर से चूचियों को दबाया। वह सिसकारी। “भाई जान… आह…” मैंने ब्रा खोली। उसकी गोरी-गोरी चूचियाँ बाहर आ गईं। गुलाबी निप्पल खड़े थे। मैंने एक को मुँह में लिया और चूसने लगा। वह मेरे बालों में उँगलियाँ फेर रही थी।

“हाय… भाई जान… कितना अच्छा लग रहा है…”

मैंने दूसरी चूची भी चूसी। फिर नीचे हाथ सरकाया। शॉर्ट्स के ऊपर से उसकी चूत को सहलाया। वह काँप रही थी।

“शुमैला, तुम गीली हो गई हो।”

वह शरमाकर बोली, “भाई जान… प्लीज़… धीरे…”

मैंने उसका शॉर्ट्स और पैंटी उतारी। उसकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे। मैंने जीभ से चाटना शुरू किया। वह चीख पड़ी, “आह… भाई जान… हाय… क्या कर रहे हैं…” मैंने अच्छे से चाटा। वह झड़ गई। उसका पहला ऑर्गेज़्म था। वह हाँफ रही थी। फिर मैंने तहमद उतारा। मेरा ८ इंच का लंड खड़ा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

इसे भी पढ़े – होली का सेक्सी खेल खेला भाभियों साथ

वह उसे देखकर डर गई, “भाई जान… ये… बहुत बड़ा है…” “डरो मत। मैं धीरे करूँगा।” मैंने उसे सोफ़े पर लिटाया। लंड को चूत पर रगड़ा। फिर धीरे से अंदर डाला। वह दर्द से कराह उठी, “आह… दर्द हो रहा है…” मैं रुक गया। फिर धीरे-धीरे अंदर डालता गया। आख़िरकार पूरा अंदर चला गया। मैंने धीरे-धीरे धक्के मारे। कुछ देर बाद वह भी नीचे से कमर हिलाने लगी। “भाई जान… अब अच्छा लग रहा है… तेज़…” मैंने रफ़्तार बढ़ाई। वह चीख रही थी, “हाय… भाई जान… चोदो मुझे… आपकी हूँ मैं…”

करीब १५ मिनट बाद मैंने कहा, “शुमैला… निकलने वाला है…” वह बोली, “अंदर… अंदर डाल दो… मुझे आपका पानी चाहिए…” मैंने जोर से धक्का मारा और अंदर ही झड़ गया। हम दोनों थककर लेट गए। तब तक शाम हो गई। मम्मी आने वाली थीं। हम जल्दी से साफ़ हुए। रात को मम्मी आईं। उन्होंने हमें देखा और मुस्कुराईं। “कैसा रहा दिन?” मैंने कहा, “बहुत अच्छा।” शुमैला शरमाकर नीचे देख रही थी। मम्मी ने कहा, “अब तीनों मिलकर खुश रहेंगे। कोई कमी नहीं रहेगी।”

ये Bahan Chut Chudai Story आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे……………

अपने दोस्तों के साथ शेयर करे-

Related posts:

  1. बहन की हिस्टीरिया का इलाज भैया के लंड से
  2. बड़े भाई ने बहन के बुर की सील तोड़ी
  3. भैया का पप्पू बहन की छोटी सी मुनिया में 1
  4. भैया का पप्पू बहन की छोटी सी मुनिया 2
  5. बहन के साथ फोरेप्ले किया भाई ने
  6. प्यासी कुंवारी कजिन के साथ सेक्स

Filed Under: Bhai Bahan Sex Stoy Tagged With: Blowjob, Boobs Suck, Family Sex, Hardcore Sex, Hindi Porn Story, Horny Girl, Kamukata, Kunwari Chut Chudai, Mastaram Ki Kahani, Non Veg Story, Pahli Chudai, Sexy Figure

Reader Interactions

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

कहानियाँ सर्च करे……

नवीनतम प्रकाशित सेक्सी कहानियाँ

  • Gadi Me Chudwa Liya Bhabhi Ne
  • भाई जान के लंड पर चढ़ाया अम्मी ने
  • Randi Maa Beti Ki Chudai Ka Josh
  • माँ की चूत चाट चाट कर संतुष्टि देता
  • चुदाई का डर भगा दिया

Desi Chudai Kahani

कथा संग्रह

  • Antarvasna
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Desi Adult Sex Story
  • Desi Maid Servant Sex
  • Devar Bhabhi Sex Story
  • First Time Sex Story
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Group Mein Chudai Kahani
  • Hindi Sex Story
  • Jija Sali Sex Story
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Girl Sex Kahani
  • Meri Chut Chudai Story
  • Padosan Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Teacher Student Sex
  • माँ बेटे का सेक्स

टैग्स

Anal Fuck Story Bathroom Sex Kahani Blowjob Boobs Suck College Girl Chudai Desi Kahani Family Sex Hardcore Sex Hindi Porn Story Horny Girl Kamukata Kunwari Chut Chudai Mastaram Ki Kahani Neighbor Sex Non Veg Story Pahli Chudai Phone Sex Chat Romantic Love Story Sexy Figure Train Mein Chudai

हमारे सहयोगी

क्रेजी सेक्स स्टोरी

Footer

Disclaimer and Terms of Use

Privacy Policy

HamariVasna - Free Hindi Sex Story Daily Updated