• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer

HamariVasna

Hindi Sex Story Antarvasna

  • Antarvasna
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Hindi Sex Story
  • माँ बेटे का सेक्स
  • अपनी कहानी भेजिए
  • ThePornDude
You are here: Home / माँ बेटे का सेक्स / बेटे की सेक्सी ख्वाहिशे पूरी कर दी

बेटे की सेक्सी ख्वाहिशे पूरी कर दी

अक्टूबर 17, 2026 by hamari Leave a Comment

Free Maa Beta Sex Story

मेरा नाम सुगंधा है और मेरी वर्तमान उम्र 40 साल हो चुकी है और इस समय मैं अपने पति गौतम और अपने 18 साल के जवान बेटे रेवंत के साथ सूरत शहर की एक बड़ी सोसाइटी के भीतर अपने सुंदर परिवार के साथ रहती हूं मैं पेशे से एक साधारण हाउसवाइफ हूं और घर की जिम्मेदारी संभालती हूं. Free Maa Beta Sex Story

और मेरे पति गौतम की उम्र इस समय 40 साल के करीब है और वह सरकारी टूरिस्ट विभाग के अंतर्गत एक अच्छे पद पर काम करते हैं. जबकि हमारा इकलौता बेटा रेवंत अभी अपनी स्कूल की 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है और यह कहानी मुख्य रूप से मेरे और मेरे इसी बेटे के इर्द गिर्द घूमती है.

इस बात की शुरुआत कुछ इस तरह से हुई कि मेरा बेटा और मेरे पति दोनों का स्वभाव आपस में और दूसरों के साथ भी बहुत ही ज्यादा फ्रेंडली और मिलनसार है. कहने का सीधा मतलब यह है कि वे दोनों आपस में बाप और बेटा कम लगते हैं और एक दूसरे के सच्चे दोस्त ज्यादा नजर आते हैं.

और हर दिन सुबह के समय अपने काम और स्कूल जाने से पहले और वहां से वापस लौट कर आने के बाद वे दोनों नियम से मॉर्निग और इवनिंग वॉक पर साथ में जाते हैं. अगर मैं पूरी सच्चाई के साथ कहूं तो मेरे पति वास्तव में बहुत ही ज्यादा दोस्ताना स्वभाव के मालिक हैं.

जिसके कारण उन दोनों के बीच आपस में बहुत ही बेहतरीन पटरी बैठती है और दोनों में काफी ज्यादा बनती है. वे दोनों अक्सर ही आपस में बैठकर हमारे पूरे मोहल्ले की लड़कियों और वहां रहने वाली दूसरी औरतों के बारे में तरह तरह की बातें करते रहते हैं और उनके बीच इसी तरह के विषयों पर लगातार चर्चा होती रहती है.

इसे भी पढ़े – बड़े घर की सेक्सी बहुरानी को चोदा

अगर मैं अपने पति के बारे में और गहराई से बताऊं तो मेरे पति तो यहां तक कि शारीरिक संबंधों और सेक्स के इस संवेदनशील मामले में भी बहुत ही ज्यादा खुले और आधुनिक विचारों वाले इंसान हैं और वह अपनी ही कज़न सिस्टर के बारे में उसकी गांड चूची की बात करते रहते है.

हमारे घर के भीतर बने हुए किचन और हमारे बेटे रेवंत के पढ़ाई करने वाले स्टडी रूम के बीच में मात्र केवल एक ही दीवार का फासला है जिसके कारण दोनों तरफ की बातें और गतिविधियां आसानी से पता चल जाती हैं. एक दिन अचानक मेरे पति ने इस बात को गहराई से नोट किया कि मेरा बेटा रेवंत किचन के अंदर मुझे खाना बनाते वक्त चुपचाप मेरी गांड को निहार रहा है और लगातार मेरी गांड को ही देखे जा रहा है.

फिर जब मेरे पति ने अचानक उसके पास जाकर बहुत ही सहजता से उससे पूछा कि रेवंत तुम इतनी देर से क्या देख रहे हो. तो वह अचानक पकड़े जाने के कारण बहुत ज्यादा बुरी तरह से डर गया और घबराकर रोने लग गया और तुरंत उनके पैर पकड़कर उनसे अपनी इस गलती के लिए बार बार माफी मांगने लगा.

बेटे रेवंत को इस तरह रोता और डरता देखकर गौतम ने उस समय उसे डांटने के बजाय गुस्सा थूक दिया और उसे कुछ भी नहीं कहा. और फिर वह तुरंत मुझे घर के एक बिल्कुल अलग कमरे में ले गए. वहां ले जाकर बहुत ही शांति से मुझे पूरी बात विस्तार से बताई.

कि मैंने पिछले कई दिनों से इस बात को बहुत ही गहराई से नोट किया है कि जब भी तुम घर का कोई काम करती हुई नीचे की तरफ झुकती हो तो ये तुम्हारी चूचियां गांड देखकर वासना से अपनी आंखें गर्म करता है. अपने पति गौतम की यह अजीब और चौंकाने वाली बात सुनकर मेरे मन में अचानक बहुत तेज गुस्सा आ गया और मारे गुस्से के मेरा पूरा शरीर कांपने लगा.

जैसे ही मैं अपने उस नासमझ बेटे को बहुत तेज डांटने और फटकार लगाने के लिए पैर पटकती हुई उसके कमरे में आने लगी. तो मेरे पति गौतम ने तुरंत मेरा हाथ पकड़कर और मुझे यह कहते हुए बहुत ही प्यार से समझाकर शांत करवाया.

कि वह अभी बहुत छोटा और नासमझ बच्चा है और अभी अभी जवानी की दहलीज पे नया नया उतरा है जिसके कारण उसमें इस तरह के शारीरिक बदलाव और खिंचाव आ रहे हैं. इस उम्र में अक्सर ही बच्चों से ऐसी नादान गलतियां हो जाती हैं इसलिए तुम उसे अभी कुछ भी ना कहना और मैं उसे एक पिता और दोस्त के नाते खुद अकेले में अच्छी तरह से समझाऊंगा.

अगले दिन सुबह के समय जब वे दोनों हमेशा की तरह घर से बाहर सुबह की सैर पे गए और वहां से घूमकर वापस आये तो घर लौटते ही गौतम ने मुझे अकेले में ले जाकर बहुत ही गंभीर आवाज में बताया कि-

सुगंधा अब हमारे बेटे रेवंत का तुम्हारे प्रति देखने का पूरा नज़रिया पूरी तरह से बदल गया है. वह अब तुम में एक मां कम और अपनी खुद की पत्नी की छवि ज्यादा देखता है और उसकी आंखों में तुम्हारे लिए एक अलग ही भाव नजर आता है इसलिए अब इस अजीब परिस्थिति में हम आगे क्या करे?

उनके मुंह से यह सब सुनने के बाद एक मां होने के नाते मेरा एक दिल तो कर रहा था कि मैं तुरंत उसके कमरे में जाऊं और उसकी इस शर्मनाक हरकत के लिए उसकी जमकर पिटाई करूं. लेकिन अपने पति के बार बार रोकने पे और उनके समझाने के कारण मैं भारी मन से रुक गई. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

इसे भी पढ़े – भैया आप मुझे चोदना चाहते हो ना

उस घटना के थोड़े दिन बाद घर में सब कुछ पूरी तरह से सामान्य और पहले जैसा हो गया. और फिर जब हमारे बेटे के स्कूल की गर्मियों की छुट्टियां पड़ीं तो हम सब मिलकर पहाड़ों की सुंदर वादियों में यानी दार्जिलिंग घूमने गए. वहां हम करीब एक हफ्ता एक बहुत ही अच्छे होटल में रहे.

और उस यात्रा के दौरान वहां भी मैंने खुद अपनी आंखों से इस बात को बहुत ही गहराई से नोट किया कि रेवंत का पूरा ध्यान वहां पे होटल और आस पास रुकी हुई दूसरी जवान लड़कियों की चूची और गांड पे ही लगातार लगा रहता है. जब मैंने रेवंत की इस हरकत को देखा और मेरी इस तरह से हैरान होकर देखने से गौतम भी अचानक मुझे देखकर धीरे से हंस दिया.

और फिर मेरी तरफ मुड़कर बड़े ही शांत भाव से बोला कि अब बोलो क्या अब भी तुम्हें मेरी पुरानी बात पर कोई शक है. क्योंकि यह लड़का अब सिर्फ आपके साथ ही नहीं बल्कि हर उस लड़की के साथ शारीरिक संबंध और सम्भोग के हसीन सपने अपने मन में संजोता है जो भी इसके चंचल मन को थोड़ी सी भी भाती है.

फिर वहां करीब एक हफ्ता बिताने के थोड़े दिन बाद हम सब वापस अपने शहर और घर आ गए. और अब तो घर लौटने के बाद बाप और बेटे में आपस में इतना ज्यादा खुलापन आ गया था कि वे दोनों डायरेक्ट चूत लंड की बातें करने लगे थे.

जब बाप और बेटे के बीच का यह खुलापन हद से ज्यादा बढ़ने लगा. तो मैंने तुरंत आगे बढ़कर गौतम को भी बहुत तेज डांट दिया कि तुम ही अपनी इस जरूरत से ज्यादा छूट के कारण इसे सिरे चढ़ा रहे हो और इसकी इन गलत आदतों को बढ़ावा दे रहे हो. इसलिए ध्यान रखना कि अगर कल को घर में या बाहर कोई भी गलत बात हो गई ना तो फिर बाद में आकर मुझे बिल्कुल भी दोष मत देना.

इस गंभीर चेतावनी पे गौतम ने मेरी तरफ बहुत ही प्यार से देखा और मुस्कुराते हुए कहा कि डियर पत्नी साहिबा हमारा यह बेटा अब तेजी से बड़ा हो रहा है और इस उम्र में उसको अभी समाज के सही गलत की पूरी पहचान नहीं है.

इसलिए मैं उसे एक कड़क पिता होने के नाते डांटने के बजाय सिर्फ एक सच्चा दोस्त बनकर उसके दिल के भीतर जो भी दबी हुई बातें या इच्छाएं हैं उन्हें बहुत ही प्यार से बाहर निकाल रहा हूं ताकि वह कोई गलत कदम ना उठा सके. गौतम ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए मुझसे कहा कि क्योंकि यदि मैं एक कड़क पिता बनके ये सब उस से पूछूंगा.

तो शायद ही कभी मेरी किसी बात का सच जवाब वो देगा और मुझसे सब कुछ छुपाने लगेगा. जबके एक सच्चा दोस्त बनकर मैं उसकी हर एक अच्छी बुरी बात और उसकी मन की इच्छा बहुत आसानी से जान गया हूं.

इसे भी पढ़े – चाची से लंड चुसवाने का मजा लिया

फिर कुछ दिनों बाद एक दिन घर की सामान्य सफाई के दौरान उन दोनों की आपस की गुप्त बातचीत मैं अचानक एक पेपर पे लिखी देखकर अंदर तक पूरी तरह हैरान रह गई. जिसमे उसके पिता उससे कुछ बेहद अजीब और निजी सवाल जवाब पूछ रहे थे.

उस पेपर पर साफ शब्दों में लिखा हुआ था जहां गौतम ने अपने बेटे से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि रेवंत क्या तुम्हे तुम्हारी मां अच्छी लगती है?

अपने पिता के उस सीधे सवाल को पढ़कर रेवंत ने बहुत ही सहजता से उस पेपर पर अपना जवाब लिखते हुए कहा कि हां मुझे मेरी मां बहुत ज्यादा अच्छी लगती हैं.

कागज पर आगे बढ़ते हुए गौतम ने अपने बेटे से एक और बहुत ही अजीब और सीधा सवाल पूछते हुए लिखा कि रेवंत तुम्हें अपनी मां के शरीर का कोनसा पार्ट सबसे ज्यादा अच्छा लगता है?

अपने पिता के इस बेहद निजी सवाल को पढ़कर रेवंत ने उस पेपर पर संकोच छोड़ते हुए आगे जवाब में लिखा कि मुझे मां की बड़ी गांड और चूचियां और पूरी कद काठी बहुत पसंद है.

कागज पर लिखे अगले सवाल में गौतम ने अपने बेटे की दबी हुई इच्छाओं को पूरी तरह टटोलने के लिए पूछा कि रेवंत क्या तुम कभी पूरी तरह से अकेले में मां के साथ रहना चाहोगे?

अपने पिता के उस सवाल का उत्तर देते हुए रेवंत ने उस पेपर पर आगे अपनी गहरी इच्छा को साफ लिखते हुए कहा कि हां मैं अपनी मां के साथ अकेले में समय बिताना चाहता हूं और भविष्य में एक पति बनकर उनकी पूरी केयर करना चाहता हूं. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

कागज पर लिखे अगले सवाल में गौतम ने बात को और आगे बढ़ाते हुए अपने बेटे रेवंत से एक बहुत ही सीधा और गंभीर सवाल पूछा कि यदि मां किसी कारणवश तुमसे शारीरिक संबंध ना बनाये तो तुम ऐसी स्थिति में क्या करोगे?

अपने पिता के उस सवाल का उत्तर देते हुए रेवंत ने उस पेपर पर अपनी जिद जाहिर करते हुए आगे लिखा कि तो भी मैं अपनी मां को ही चोदना चाहूंगा प्यार से ना तो जबरदस्ती ही सही और चाहे उन्हें प्यार से मनाना पड़े या फिर जबरदस्ती ही सही मैं उन्हें अपना बनाकर रहूंगा.

कागज पर आगे बढ़ते हुए गौतम ने अपने बेटे के इरादों को और गहराई से जानने के लिए एक और गंभीर सवाल किया कि रेवंत तुम्हारी इस तरह की हरकत से मां यदि बुरा मान गई तो?

अपने पिता के उस सवाल का उत्तर देते हुए रेवंत ने उस पेपर पर अपनी बेरुखी और जिद को साफ शब्दों में लिखते हुए कहा कि मां के बुरा मानने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मुझे तो बस अपना गरम लावा उसकी चूत में भरना है किसी भी तरह से अपना मकसद पूरा करना है.

इसे भी पढ़े – ओरिजिनल लंड के लिए तड़पती कामुक बहु

कागज के उस पन्ने पर लिखी ऐसी बातें पढ़कर मेरे तन बदन में गुस्से से आग लग गई और मैं भीतर तक पूरी तरह हिल गई फिर मैंने अपने मन में यह पक्का विचार किया कि बस अब बहुत हो गया और आज इन दोनों को घर वापस आने दो आज ही मैं इन दोनों की अच्छी तरह क्लास लगाती हूं.

फिर शाम को जब हमेशा की तरह दोनों बाप बेटे रात के खाने की टेबल पे इकट्ठे हुए तो मैंने बिना कोई देरी किए उन दोनों को बहुत तेज डांट दिया और उनसे साफ लफ्जों में यह वादा लिया कि आगे से मेरे सामने ऐसी कोई भी शिकायत या हरकत बिल्कुल नहीं आनी चाहिए.

उस दिन की डांट के बाद से वे दोनों आपस में छिपकर कुछ भी करते लेकिन मेरे सामने कभी भी ऐसी कोई बात शो नहीं करते. कुछ दिन बीत जाने के बाद फिर एक दिन गौतम ने मुझसे अकेले में बहुत ही गंभीर होकर बोला कि सुगंधा हमारे बेटे रेवंत की शादी तो अब इस छोटी उम्र में हम चाहकर भी नहीं कर सकते क्योंकि वह अभी बहुत नासमझ है.

लेकिन उसके भीतर सेक्स का एक बहुत बड़ा तूफान उमड़ रहा है जिसे संभालना बेहद जरूरी है इसलिए हम दोनों माता पिता मिलकर इसको अच्छी तरह से समझाते है और इसके लिए तुम ऐसा करो कि आज से इसे इसके कमरे में अलग नहीं सुलाना बल्कि रात को हमारे कमरे में ही हमारे बिस्तर पे एक साथ सुलाना.

अपने पति गौतम की यह अजीब और चौंकाने वाली बात सुनकर मैं अंदर से पूरी तरह से हैरान रह गई और मैंने तुरंत उनसे प्रति प्रश्न करते हुए पूछा कि भला वो क्यों? मेरी बात का उत्तर देते हुए गौतम ने मुझे समझाते हुए आगे कहा कि क्योंकि इसके सगे मां बाप होने के नाते इसके जीवन के अच्छे बुरे का हमेशा हमने ही सोचना है.

यह हमारी ही बड़ी जिम्मेदारी है इसलिए डर लगा रहता है कि कही यह लड़का अपनी इस नई जवानी के जोश में आकर कोई ऐसी बड़ी गलती ना कर दे के हमारा पूरी सोसाइटी में और समाज में नाम हमेशा के लिए बदनाम हो जाये. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

अपने पति गौतम की इस दलील को सुनने के बाद मेरे पास और कोई रास्ता नहीं बचा था इसलिए मैंने बहुत ही बेमन से उनकी बात पर अपनी सहमति जताते हुए कहा कि ठीक है. मेरी सहमति मिलने के बाद गौतम ने योजना को आगे बढ़ाते हुए मुझसे कहा कि-

ऐसा करो तुम एक मां होने के नाते लड़कियों वाली तमाम बाते और उनकी मर्यादा इसे अच्छी तरह समझाओ और मैं एक पिता होने के नाते लडको वाली जरूरी बातें और जिम्मेदारियां उसे अपनी तरफ से समझाता हूं.

इसे भी पढ़े – भतीजी को आम के बगीचे में चोद दिया

गौतम की बनाई हुई उस योजना के मुताबिक उस रात वो हमारा बेटा रेवंत हमारे बीच में आकर सो गया और अचानक हुए इस बड़े बदलाव के कारण उसे अपने दिमाग में कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि आज इतने सालों बाद माता पिता ने उसे अपने साथ में क्यों सुलाया है और वह मन ही मन इसी उलझन में पड़ा हुआ था.

आधी रात के समय जब सब सो रहे थे तब रात को अचानक उठकर वो चुपचाप हमारे बिस्तर से उतरा और अपने खुद के कमरे में सोने के लिए चला गया और फिर जब सुबह के वक्त या तड़के हम दोनों को नींद से जाग आई तो उसे अपने पास बिस्तर पर ना पाकर हम मन ही मन बहुत ज्यादा चिंतित हुए और घबरा गए.

जिसके बाद बिना कोई देरी किए गौतम तुरंत उसके कमरे में असलियत देखने और जांच करने के लिए गए तो वो आंखे बन्द करके लंड हाथ में लिए मेरा नाम लेकर मुठ मार रहा था. उसे देखकर गौतम चुप चाप वापिस आ गए और इशारे से मुझे बुलाकर माज़रा देखने को कहा जब मैंने वो सीन देखा तो हक्की बक्की रह गई.

वो आंखे बन्द करके आई लव यु सुगंधा आ जाओ प्लीज़ मेरी प्यास बुझा दो मेरा लंड अपनी चूत में ले लो जैसी कामुक बाते कर रहा था. जब उसका काम हुआ तो ढेर सारा माल फर्श पे गिरा इतना माल तो कभी मेरे पति का भी नहीं निकला होगा करीब 5 इंच लम्बा लंड जो अब भी फुंकारे मार रहा था मेरी हालत उसे देखकर पतली हो रही थी.

कहते है न जब काम का असर दिमाग में हो तब अच्छा बुरा कोई रिश्ता नाता नज़र नहीं आता वही हाल अब मेरा हो गया था सरल भाषा में कहूं तो अब मेरा भी दिल उसके लंड को लेने के लिए मचल रहा था गई तो मैं उसपे गुस्सा होने गई थी और वहां उसपे जाकर फिदा ही हो गई.

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था के क्या करूं अब? एक तरफ मां की ममता और दूसरी तरफ काम के अवेश में उसका तना हुआ लंड ही दिखाई दे रहा था. आज पता नहीं क्यों मां की ममता पे काम उतेज़ना हावी हो रही थी मैने बहुत कण्ट्रोल किया खुद को भी समझाया परन्तु ना जाने क्यों मेरा ध्यान बेटे के लंड पे जाकर रुक जाता.

इसे भी पढ़े – गरम टीचर मुझे घर ले कर गई पेलवाने के लिए

इसी वजह से मैं टेंशन में रहने लगी गौतम ने भी बहुत बार जानना चाहा लेकिन उन्हें कैसे कहती के अब आपके लंड की नहीं बल्कि बेटे के लंड की भूख है. जब कभी भी हम सेक्स करते तो पहले जैसा मज़ा ना आता हर बार मेरा मन रेवंत के लंड को ही मांगता आखिर एक दिन ऐसा भी आ गया जब हम दोनों मां बेटा घर पे रह गए.

जबके मेरे पति अपने किसी काम के लिए 2 दिन तक कही गए हुए थे मैंने सोचा चलो अच्छा मौका है क्यों ना मज़ा लिया जाए स्कूल में छुट्टी थी तो सुबह रेवंत बाथरूम में नहा रहा था उसने आवाज़ लगाई के मां यहां नहाने की साबुन नहीं है.

मैंने उसे साबुन देने जैसे ही बाथरूम का जरा सा दरवाज़ा खोला तो उसने साबुन लेने के लिए मेरा हाथ थामा तो वो हम दोनों फिसल कर गिर पड़े शावर चलता होने के कारण मेरे कपड़े भी भीग गए और मेरा बदन साफ दिखने लगा भला अंधा क्या चाहे 2 आंखे वाली बात हो गई थी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

कुछ पल के लिए रेवंत की नज़र मेरे भीगे दिख रहे उरोज़ों पे जाकर रुक गई थी जबकि मैं शर्म से मरे जा रही थी उस वक़्त रेवंत मेरे ऊपर और मैं उसके नीचे गिरी थी उसने मेरे बदन को हाथ लगाने के बहाने से पूछा मां आपको कही चोट तो नहीं लगी.

एक तो भीगा बदन ऊपर से उसका कामुक स्पर्श पाकर मेरी तो हालत बिगड़ गई सच पूछो तो मैं बहक गई थी काम में इतना अंधी हो गई के बेटे को भी हवस की नज़र से देख रही थी दिल की धड़कन बहुत तेज़ हो रही थी आवाज़ भी थरथरा रही थी होंठ सूख चुके थे अब बात थी के हम में से पहल कौन करे?

मन में यह भी आया के सुगंधा यदि आज पीछे हट गई तो फिर ऐसा हसीन मौका नहीं मिलेगा दिल को कठोर करके मैंने वही पे अपने कपड़े एक एक करके उतारने शुरू कर दिए मुझे ऐसा करते देखकर रेवंत बोला यह क्या कर रही हो मां?

मैं मेरे कपड़े भीग गए है तो सोचा क्यों ना मैं भी नहा ही लू वैसे भी तू मेरा अपना बेटा ही तो है अब तुमसे क्या शर्माना? बचपन में भी तू रोजाना मेरा स्तनपान करता था वो बात अलग है के आज तू बड़ा हो गया है जबकि मेरा शरीर वैसे का वैसा ही पड़ा है.

अपनी मां का नग्न शरीर देखकर रेवंत की आंखे खुली की खुली रह गई उसका 5 इंची लंड तन चूका था वो आने बहाने मुझको छूने की कोशिश कर रहा था. मैंने भी सोचा चलो बच्चे को खुश कर देती हूं इसमें हम दोनों की ही तो खुशी है मैंने बहाने से साबुन रेवंत को पकड़ाते हुए कहा के रेवंत मेरी पीठ पे जरा साबुन लगा दो वहां मेरा हाथ नहीं पहुंच रहा.

रेवंत ने जल्दी से साबुन पकड़ा और पीठ पे लगाने लगा एक ऊपर से चलता शावर दूजा रेवंत के हाथ का स्पर्श तन मन में काम ज्वाला जग रही थी. मैंने उसकी तरफ घूम कर मुंह कर लिया और कहा अब आगे भी लगा दो वो मेरी तरफ ऐसे देख रहा था मानो मैं कोई मज़ाक कर रही थी.

मैंने उस से साबुन पकड़ी और उसके पेट से होते उसके लंड पे लगाने लगी आज पहली बार उसका लंड मेरी मुट्ठी में था तो उसे धोने के बहाने मैं हिला रही थी. जिस से मज़े के कारण उसकी सांसे उखड़ रही थी और वो भी मुझे बांहो में भरके कभी मेरे मम्मे तो कभी होंठो को चूम रहा था और आई लव यु सुगंधा डार्लिंग बोल रहा था.

इसे भी पढ़े – गोटी सेट किया पड़ोसन की चुदाई के लिए

उसका आज ऐसा बोलना मुझे जरा सा भी अजीब नहीं लग रहा था शायद आप समझ ही चुके होंगे के क्यों मुझे अच्छा लग रहा था मैं भी सेम टू यू रेवंत बोलकर उसकी बात का जवाब दे रही थी. जब उसके लंड से साबुन धुल गई तो मैं नीचे बैठकर उसके लंड को निहारने लगी और उसके लंड की चमड़ी ऊपर नीचे करने लगी.

मुझे पता था के उसने पहले कभी सेक्स नहीं किया लेकिन मुठ मारकर उसने अपने लंड की चमड़ी ढीली जरूर कर ली थी. जिस से यह तो पता लग गया था के इस से इसको कोई तकलीफ़ नहीं होगी और सोचते सोचते मुझे पता ही नहीं चला कब मैंने उसको अपने मुंह में ले लिया और अपना सर आगे पीछे करके उसको चूसने लगी.

मेरी इस प्रतिक्रिया से मानो रेवंत को गड़ा हुआ खज़ाना मिल गया हो उसके चेहरे पे जैसे बहार आ गई थी वो भी मज़े लेकर मेरा मुख पकड़कर अपना लंड पेल रहा था वो बड़ा बेरहम व्यवहार कर रहा था मानो मुझ से कोई बदला ले रहा हो के इतने दिन से मुझे प्यासा क्यों रखा पहले क्यों नहीं आई.

वो जोर जोर से झटके लगा रहा था जिस से मुझे सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी बीच बीच में खांसी भी आ रही थी मुंह में लंड होने के कारण मुझसे बोला तो नहीं जा रहा था लेकिन मैं इशारे से उसे रुकने को बोल रही थी. लेकिन वो काम में अंधा हुआ पेलने में इतना मगन हो गया था के उसे मेरे किसी इशारे का पता नहीं चला.

और वो अपनी स्पीड से अपना काम करता रहा आखिर उसने अपना पूरा वीर्य मेरे गले में उतार दिया और जोर से मुंह बंद कर दिया. एक पल के लिए मानो मैं बेहोश होने लगी थी मैंने धक्का देकर उसको पीछे गिराया और जोर जोर से खांसने लग गई उसने मुझे उस हालत देखा तो उसके तोते उड़ गए. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

रेवंत- मुझे माफ कर दो मां मैंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया बस पता नहीं ऐसे कैसे हो गया.

काफी समय बाद मेरी सांसे कण्ट्रोल में आई मुझे उस पर बहुत गुस्सा आ रहा था लेकिन अभी सेक्स करना बाकी था इस लिए उसे डांट भी नहीं सकती थी इस लिए उसे झूठी सी स्माईल देकर कहा आज तो अपनी मां को मार ही डालते तुम इतना वहशीपन भी ठीक नहीं है रेवंत ने एक बार फिर माफी मांगी मुझे लगा अब शायद ही रेवंत सेक्स के लिए मानेगा तो मैंने भी उदास सा चेहरा बनाते हुए कहा एक शर्त पे माफी मिल सकती है?

रेवंत- वो क्या मां?

मैं- यदि बिस्तर पे मेरे साथ आज सेक्स करेगा तो मैं माफ कर सकती हूं.

मेरी बात सुनकर रेवंत का मुंह खुले का खुला ही रह गया उसे यकीन ही नहीं आ रहा था के इतना कुछ हो जाने के बाद भी मां ऐसा कुछ बोलेगी उसने बिन समय गंवाए हां बोल दी हम दोनों नंगे ही शावर बन्द करके बेडरूम की तरफ चल दिए.

उसने मुझे बाँहो में उठाया हुआ था और जैसे फिल्मों में हीरो हेरोइन की आंखों में आंखे डाले उसको ही देखते चलता रहता है ऐसे ही चल रहे थे बेडरूम में जाकर उसने मुझे बेड पे पटक दिया और खुद भी मुझ पे चढ़ गया. अब फिर शुरू होने लगा काम वासना का खेल उसने माथे से लेकर नीचे पैर की ऊंगली तक एक एक अंग को चाट दिया.

इसे भी पढ़े – बाप बेटी ने मर्यादा की सीमाएँ लांघी 4

मेरी चूत अब भी आग उगल रही थी थोडा चूत को चाटकर बोला आह्ह्ह ऐसा स्वाद ज़िन्दगी में कभी नहीं चखा पापा की तो रोजाना चांदी होती होगी. उसके जीभ का स्पर्श मात्र से ही मैं बहकने लगी और उसको चूत में लंड डालने का आग्रह करने लगी उसने मेरी व्याकुलता को समझते हुए अपना गर्म रॉड जैसा दहकता लंड मेरी चूत के मुंह पे रखकर हल्का सा झटका दिया जिस से मेरी आह्ह्ह्ह निकल गई. उसके अगले झटके से पूरा लंड मेरी चूत में समा चूका था.

अब वो पागलपन पे उतर आया था क्योंकि एक तो उसका पहला सेक्स था दूजा उसको इतनी जानकारी भी नहीं थी. उसका मन जैसे बोलता वो वैसे ही करता रहा करीब 10 मिनट की इस खेल में वो और मैं एक साथ स्खलित हुए और वो मेरे ऊपर गिरकर हांफ रहा था. सच मानो तो मुझे भी बेटे का पहला सेक्स बहुत अच्छा लगा हम दोनों काफी समय तक ऐसे ही लेटे रहे फिर हम दोनों उठकर दुबारा नहाये और इस तरह से मैंने अपने बेटे के लंड का स्वाद चखा.

ये Free Maa Beta Sex Story आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे………….

Related posts:

  1. विधवा माँ ने सेक्सी बिकिनी पहनी बेटे से चुदवाने को
  2. मम्मी को चोदने के लिए पंडित का मदद लिया 2
  3. माँ साथ तंत्र साधना संभोग करने से शक्तियाँ मिली
  4. माँ ने कंडोम इस्तेमाल करना सिखाया
  5. बस में बहन की बुर का छेद खोजने लगा भाई
  6. मैं अभी भी कुंवारा हूँ

Filed Under: माँ बेटे का सेक्स Tagged With: Bathroom Sex Kahani, Blowjob, Boobs Suck, Family Sex, Hardcore Sex, Hindi Porn Story, Horny Girl, Kamukata, Mastaram Ki Kahani, Non Veg Story, Pahli Chudai, Sexy Figure

Reader Interactions

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

कहानियाँ सर्च करे……

नवीनतम प्रकाशित सेक्सी कहानियाँ

  • मेरी चूत में खुजली मच गई
  • Dussehra Ke Din Naukar Se Patni Ko Chudwaya
  • बेटे की सेक्सी ख्वाहिशे पूरी कर दी
  • India Se Aaye Cousin Bhai Se Chudwaya
  • बुआ की चुदासी बेटियों को लंड का मजा दिया

Desi Chudai Kahani

कथा संग्रह

  • Antarvasna
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Desi Adult Sex Story
  • Desi Maid Servant Sex
  • Devar Bhabhi Sex Story
  • First Time Sex Story
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Group Mein Chudai Kahani
  • Hindi Sex Story
  • Jija Sali Sex Story
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Girl Sex Kahani
  • Meri Chut Chudai Story
  • Padosan Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Teacher Student Sex
  • माँ बेटे का सेक्स

टैग्स

Anal Fuck Story Bathroom Sex Kahani Blowjob Boobs Suck College Girl Chudai Desi Kahani Family Sex Hardcore Sex Hindi Porn Story Horny Girl Kamukata Kunwari Chut Chudai Mastaram Ki Kahani Neighbor Sex Non Veg Story Pahli Chudai Phone Sex Chat Romantic Love Story Sexy Figure Train Mein Chudai

हमारे सहयोगी

क्रेजी सेक्स स्टोरी

Footer

Disclaimer and Terms of Use

Privacy Policy

HamariVasna - Free Hindi Sex Story Daily Updated