Teen Girl XXX
जब मैं 12वीं क्लास के एग्ज़ाम देकर फ्री हुई थी, एक दिन मैं अकेली बैठी थी। पेरेंट्स अभी-अभी ऑफिस गए थे। कल्लू मेरे पास आया और कहने लगा, क्या कर रही हो। मैं बोली, कुछ भी तो नहीं। वो बोला, मेम साहब अगर बुरा न मानो तो एक बात बोलूँ। मैं बोली, कहो। उसने कहा, मेम साहब आज मुझे अपनी घरवाली की बहुत याद आ रही है। Teen Girl XXX
उसकी घरवाली नेपाल के गाँव में रहती है। मैंने कहा, बोलो मैं क्या कर सकती हूँ। वो बोला मेम साहब मेरे साथ थोड़ी देर बात कर लें। इससे मेरा जी थोड़ा हल्का हो जाएगा। मैंने कहा, नो प्रॉब्लम। मैं उसके घर परिवार के बारे में पूछने लग गई। बातों-बातों में वो बोला मेम साहिब हम अपनी वाइफ के साथ बहुत मज़ा लेते हैं।
मैं बोली, तुम क्या बात कर रहे हो। कौन सा मज़ा लेते हो? वो बोला मेम साहब सेक्स का बहुत मज़ा लेते हैं। मैं पूछ बैठी, ये सेक्स में क्या मज़ा होता है। उसने कहा, मेम साहब आज आपको पूरी डिटेल में समझाता हूँ। फिर उसने कहा, पहले मैं उसके सारे कपड़े उतार देता हूँ, फिर उसके सारे शरीर को चूमता हूँ, फिर उसके बदन पर अपना हाथ फिराता हूँ, ऐसा करने से वो भी मस्त हो जाती है।
मैं फिर उसके मम्मे चूसता हूँ। मैंने उसको टोक दिया, मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रही है। वो बोला मेम साहिब फिकर नॉट, मैं आपको प्रैक्टिकल करके बताता हूँ। इससे पहले मैं कुछ समझ सकती वो मुझे चूमने लगा। मैंने उसको एक ज़बरदस्त धक्का दिया और वो दूर जाकर गिरा।
इसे भी पढ़े – मम्मी ने होली में अपना सेक्सी मालपुआ खिलाया
वो मेरे पास आया और बोला आज तो मैं तुम्हें नहीं छोड़ूँगा। उसने मुझे बालों से पकड़ लिया और अपनी तरफ़ खींच लिया। मैं उस दिन स्कर्ट टॉप पहने थी। उसने मेरे दोनों हाथों को पकड़ लिया और एक हाथ से पीठ के पीछे अपने एक हाथ से कस दिए। और वो मेरे लिप्स को चूसने लगा।
उसकी साँसों से शराब की स्मेल आ रही थी। मैं उससे छूटने के लिए ज़ोर लगा रही थी पर वो एक ताकतवर आदमी था। वो बोला रिम्पी मेम साहब, तुम्हारे लिप्स बहुत रसदार हैं। इतने रसभरे लिप्स तो मेरी घरवाली के भी नहीं हैं। आई सेड, कल्लू बहुत हो गया। अब मुझे छोड़ दो वरना मैं तुम्हारा बहुत बुरा हाल करवाऊँगी।
वो बोला मेम साहब, मैं आज 4 बजे की गाड़ी पकड़ कर निकल जाऊँगा। तुम लोग मुझे ढूँढते ही रह जाओगे। पर जाने से पहले मैं तुम्हारी अच्छी तरह चुदाई करना चाहता हूँ। अब मैं बुरी तरह डर गई और छूटने के लिए ज़ोर लगाने लगी। अचानक मेरा एक हाथ उसकी गिरफ़्त से छूट गया और मैंने उसके एक ज़ोरदार पंच लगा दिया।
वो बोला मेम साहब, तुम्हारे हाथ तो सिर्फ़ प्यार करने के लिए हैं। उसने मुझे पीठ के पीछे से पकड़ लिया और मुझे लेकर सोफ़े पर बैठ गया। मैं उसकी गोद में बैठी थी। उसने अपने हाथ मेरे पेट पर चलाना शुरू कर दिए। फिर धीरे-धीरे वो अपना हाथ को ऊपर मेरी छाती पर लाने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – बस में लंड घुसवाया एक औरत ने
मैं भी उससे बचने के लिए ज़ोर लगाने लगी और उसके हाथों को पीछे करने लगी। अचानक उसका हाथ मेरी छाती पर आ गया। वो मेरी छाती को कसकर दबाने लगा। ये मेरे लिए बहुत पेनफुल था। मैं चिल्लाई, उउईईई छोड़ दो मुझे, पर उसने मेरे मम्मों को मसलना जारी रखा। फिर दूसरे हाथ से उसने मेरे टॉप का बटन खोल दिया।
वो अपना हाथ टॉप के अंदर ले गया। और मेरे मम्मों को दबाने लगा। जीवन में पहली बार किसी का हाथ मेरे मम्मों पर लगा था। कुछ समय के लिए उसका टच मुझे अच्छा लगा पर वो बहुत ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था। मुझे दर्द भी बहुत हो रहा था। फिर उसने मेरे निप्पल को ढूँढकर उसे मसलना शुरू कर दिया।
अब मेरे तन-बदन में एक मस्ती सी छाई शुरू हो गई थी। पर वो इससे अंजान था। थोड़ी देर के बाद उसने अपने दूसरे हाथ से मेरे टॉप को थोड़ा ऊपर उठाया और फिर दोनों हाथों से एक झटके के साथ टॉप को उतारकर फेंक दिया। फिर उसने मेरी ब्रा के स्ट्रैप नीचे कर दिए और मेरे मम्मे ब्रा से बाहर आ गए।
उसने दोनों मम्मों को पकड़ लिया और धीरे-धीरे दबाने लगा। पर अब मैं कोई स्ट्रगल नहीं कर रही थी। उसने मुझे खड़ा किया और मेरी स्कर्ट का हुक खोल दिया और एक झटके के साथ मेरी स्कर्ट और पैंटी को उतार दिया। इस तरह उसने मुझे पूरी तरह नंगी कर दिया। फिर उसने अपनी शर्ट और लुंगी खोल दी।
इसे भी पढ़े – खुबसूरत कामवाली की वर्जिन चूत चोदी
वो भी पूरी तरह नंगा था। उसका शरीर बहुत स्ट्रॉन्ग था और उसका लंड क़रीब 9 इंच का था और क़रीब २ इंच मोटा था। मैं उसे देखकर बहुत डर गई। उसने मुझे पकड़कर बेड पर लिटा दिया और मेरे ऊपर सवार हो गया। पहले उसने मेरे सारे शरीर को चूमा फिर उसने मेरे मम्मों को दबाया फिर उन्हें अपने मुँह में लेकर बारी-बारी चूसने लगा।
एक मस्ती का एहसास मेरे दिलो-दिमाग पर हावी होने लगा। मेरी चुत में एक मस्ती भरी खारिश होने लगी। मेरे निप्पल तनकर खड़े हो गए थे। उसने अपना लंड मेरी चुत पर टिका दिया और एक झटका लगा दिया। लंड थोड़ा सा अंदर चला गया। मैं चीख पड़ी, आआय्य्यईई आआह्ह्ह ओह्ह्ह हाईईई माआर्र्र गाआएईई नाआह्हीईन्न्।
फिर उसने एक ज़ोरदार झटका मार दिया और लंड क़रीब आधा अंदर चला गया। मेरी सील भी टूट गई। मेरी चुत से खून बहने लगा। मैं चीखना चाहती थी पर उसने मेरे लिप्स को अपने लिप्स में लेकर दबा रखा था। वो बोला मेम साहिब तुम बहुत मस्त हो। आज तुम्हारी सील तोड़ने में मज़ा आ गया।
इसे भी पढ़े – भैया ने मुझे भी अपनी हवस का शिकार बनाया
उसने एक और ज़ोरदार झटका लगाया और उसका लंड पूरी तरह मेरी चुत में घुस चुका था। मैं चीखना चाहती थी पर चीख नहीं सकती थी। मेरी आँखों से आँसू टपक रहे थे। वो बोला थोड़ी देर रुक जाता हूँ। फिर उसने मेरे मम्मों को चूसना शुरू कर दिया। इससे मुझे बहुत आराम मिला और मेरा दर्द कम हो गया।
फिर उसने धीरे-धीरे लंड को अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। फिर दर्द की एक लहर उठी पर अब साथ में मज़ा भी आ रहा था। कुछ देर बाद दर्द पूरी तरह खत्म हो गया। अब तो बस मज़ा ही मज़ा था। उसने पूरी मस्ती के साथ मेरी चुदाई की। मैंने भी अपनी गाँड को उठाकर उसका साथ दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
थोड़ी देर के बाद मैं ओवर हो गई। पर वो अभी तक पूरे ज़ोर से चुदाई कर रहा था। उसने मेरी टाँगें ऊपर उठा दीं। फिर उनको लेफ्ट घुमा दिया और मेरी गाँड से पकड़कर मुझे घोड़ी बना दिया। इस पोज़िशन में मुझे बहुत मज़ा आया और मैं एक बार फिर से क्लाइमैक्स तक पहुँच गई।
इसे भी पढ़े – कामुक कमसिन जवान साली को पहली बार चोदा
पूरे वन आवर की चुदाई के बाद वो ठंडा हुआ। 15 मिनट के बाद उसने फिर से मुझे पकड़ लिया और मेरी चुत को चाटने लगा। उसने अपनी जीभ मेरी चुत के अंदर घुसा दी। मैं फिर से आनंद के सागर में गोते लगाने लगी। अब की बार उसने मुझे लिटा दिया और अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया। और जीभ से मेरी चुत को चाटने लगा। इस तरह मैं एक बार फिर ओवर हो गई। अब की बार उसने मुझे बेड के सहारे खड़ा कर दिया और मेरी गाँड में अपना लंड घुसेड़ दिया। उससे मुझे बहुत ज़्यादा दर्द हुआ।
क़रीब हाफ़ आवर तक पंप करने के बाद वो ठंडा हो गया। मेरा एक-एक अंग दुख रहा था। उसके बाद उसने 3:30 तक मेरी पाँच बार चुदाई की और फिर जल्दी से अपने कपड़े लेकर भाग गया। जाते-जाते उसने कहा, मेम साहिब मैं आपको हमेशा याद रखूँगा। तुम मेरी सेक्स की देवी हो। जो मज़ा तुमने मुझे दिया है वो आज तक किसी भी औरत में नहीं है। उस दिन के बाद ये बात मैंने किसी को भी नहीं बताई, पर मैं अपनी पहली चुदाई को हमेशा याद रखूँगी। सच में, मैंने भी इसमें काफ़ी मज़ा लिया था।
प्रातिक्रिया दे