Younger Sister Tight Chut Sex
मैं अपनी कहानी स्टार्ट करता हूँ। वेल मेरी एज 22 ईयर्स है। आई एम फेयर इन कलर, हाइट 5’7″। और लंड की लंबाई- उसी की तो ये कहानी है। एक्चुअली मेरे को इस पढ़ने का बहुत शौक है, जाहिर है पढ़ने के बाद मुठ तो मारना ही पड़ता है, सो नॉर्मली मैं नहाते हुए मार लेता था, लेकिन एक दिन मैंने सोचा कि मैं आज नहाते हुए मुठ नहीं मारूँगा सो मैं नहाने चला गया। Younger Sister Tight Chut Sex
वेल आई एम वर्किंग आउटसाइड एंड नाउ अ डेज़ ऑन लीव सो घर पे कोई नहीं था, सो नहाने गया तो पता नहीं मन में न जाने कैसे एक ख्याल आया, क्यों न आज लंड की लंबाई नापी जाए, कुछ सोचा तो दिमाग में आया इसमें बुराई क्या है मुठ थोड़ी न मार रहा हूँ ओनली लंबाई ही तो चेक कर रहा हूँ, वैसे आई नो माय लंड इज नॉट मोर दैन 5’6″ बट फिर भी एग्जैक्ट तो पता होनी चाहिए.
सो घुस गया बाथरूम में इंचटेप लेकर, वहाँ जाके लगाया लंड से तो देखा, लंड तो खड़ा ही नहीं है, अब उसको खड़ा तो करना पड़ेगा न, सो अब कुछ तो करना पड़ेगा कुछ स्टोरीज़ याद करनी पड़ेंगी, तभी मैंने सोचा कि आज ये स्टोरीज़ याद नहीं करता हूँ आज मैं अपने साथ हुए प्यार के पल याद करूँगा।
वेल तब मैंने याद की अपनी पहली टच ऑफ अ गर्ल्स बॉडी… हम्म कैंट फॉरगेट दैट यार, आई थिंक दैट टाइम आई वॉज़ इन 12th, वेल उस टाइम आई वॉज़ अट माय अंकल आंटी’स होम फॉर माय वेकेशन। वहाँ मेरी चाची की मम्मी और उनकी दो सिस भी थी, छोटी सिस की एज होगी शायद 18, दूसरी सिस (सोनाली) की एज मेरे ख्याल से 21-22 होगी.
इसे भी पढ़े – बेटी पर चढ़ा पापा से चुदवाने का नशा
वेल शी हैज़ अ वेल मेंटेंड बॉडी, हिस कलर वॉज़ अ लिटिल मच डार्कर दैन मी बट स्टिल शी रॉक्स। दैट डे एंजॉएड अ लॉट, घूमे-फिरे, इन द एंड वेन नाइट केम, वी ऑल आर टू स्लीप। वेल वहाँ जगह की थोड़ी प्रॉब्लम थी, दो ही कमरे थे, और डबल बेड के अलावा एक फोल्डिंग कॉट था, सो सभी ठीक से नहीं सो सकते थे.
सो अंकल आंटी और उनके दो छोटे-छोटे बच्चे डबल बेड पे सोए, नानी और उनकी छोटी बेटी एक फोल्डिंग पे और मैं और उनकी बड़ी बेटी को जमीन पे बिछे हुए बिस्तर पे सोना था, वेल दिसम्बर का टाइम था सो सर्दी भी थी, रजाई की कमी थी इसलिए दो को साथ-साथ सोना पड़ रहा था ऐज़ वी हैव ओनली 4 रजाई।
सो हम दोनों को अंकल आंटी के ही रूम में सोना था लेकिन हमारा बिस्तर उनके लेग्स की तरफ था और उनका बेड काफी ऊँचा था सो दे कैंट सी अस टिल द टाइम वो उठके बैठे न, वेल मैं पहले जाके सो गया। टिल दिस टाइम आई वॉज़ नॉट हैविंग एनी सेक्सुअल फीलिंग अबाउट एनी ऑफ देम।
वेल जब मैं सोया तो मेरा एक हाथ बिस्तर पे फैला हुआ था जैसा कि सोनाली को वहीं आकर सोना था जब वो आई और रजाई में घुसी तो मेरे हाथ पे ही सो गई, उसकी कमर के नीचे मेरे हाथ दबा था, वेल मेरे को अट अ टाइम तो कुछ पता ही नहीं चला ऐज़ आई वॉज़ स्लीपिंग बट इन नाइट मेरी नींद अचानक खुल गई.
तब मैंने नोटिस किया शी वॉज़ स्लीपिंग ऑन माय हैंड दैट वॉज़ द मोमेंट, पता नहीं क्या हुआ मुझको मेरे को कुछ फीलिंग्स सी होने लगी थी, ये सोचके बड़ा अच्छा सा लग रहा था कि सोनाली की बॉडी मेरे से टच हो रही है। हमें कोई देख भी नहीं सकता था ऐज़ हम दोनों एक ही रजाई में थे, कुछ देर मैंने अपना हाथ वहीं रखा. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसको उसके नीचे से निकाल लिया, लेकिन उसकी तरफ से जरा सी भी हरकत नहीं हुई, न जाने फिर मेरे को क्या हुआ कहाँ से हिम्मत आई मेरे अंदर मैंने अपनी बॉडी उसकी बॉडी से सटा दी, बड़ा ही अच्छा फील हो रहा था इस पर भी उसका कोई रिएक्शन नहीं था.
इसे भी पढ़े – आंटी को ब्लैकमेल करके चोदता हूँ
मेरी हिम्मत और बढ़ी मैंने धीरे से अपना एक हाथ उसके स्टमक पे रख दिया वाह, ऐसा मैंने पहले किसी के साथ नहीं किया था बस इस तरह से मैं अपनी मम्मी के ही साथ सोया हूँ लेकिन यहाँ बात कुछ और थी, मेरी हरकतें और बढ़ीं मैंने अपना हाथ धीरे-धीरे उसके सीने की तरफ बढ़ाया और उसकी चूची पे रख दिया.
ये करते हुए तो मेरी जान ही निकल गई थी बट स्टिल नो रिएक्शन वो अभी भी सोई हुई थी, मैं तो पागल सा हुए जा रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे कि मैंने अपना हाथ किसी फोम या मुलायम से गद्दे पर रख दिया हो। अब तो मेरी हिम्मत बढ़ ही गई थी मैंने अपनी पूरी बॉडी उससे सटा दी.
अब मेरा एक हाथ मेरी कमर के नीचे और दूसरा उसकी चूचियों पर था मैंने अपना लेग भी उसकी जाँघ पर रख दिया वाह क्या पल था अब वो पूरी तरह मेरी बाहों में थी। बट इतने से मन कहाँ मानता है और ऊपर से जब उसकी तरफ से कोई मूवमेंट ही न हो, सो मैंने डिसाइड किया कि मैं उसकी बॉडी को बिना कपड़ों के टच करूँगा.
उस दिन उसने जींस और टी-शर्ट पहन रखी थी। वेल अब मैंने अपना हाथ फिर से उसके स्टमक पे रखा और धीरे से उसकी टी-शर्ट को थोड़ा सा ऊपर किया, ओह्ह्ह मैं तो पागल सा हो गया था, तब मेरे हाथ उसके नेवल पे आया वाह क्या फीलिंग हो रही थी मुझको, मन कर रहा था कुछ करने को पर ये पता नहीं था क्या करना है.
वेल उस समय तक तो मैंने कभी मुठ भी नहीं मारा था सो मुझे इस सब बातों के बारे में कुछ ज्यादा नहीं पता था, वेल मैंने अपने हाथ उसकी नेवल पे फिराए और धीरे से हाथ को ऊपर की ओर बढ़ाने लगा, तब मेरे हाथ उसकी ब्रा से टकराया वाह्ह्ह आई वॉज़ टचिंग इट फॉर द फर्स्ट टाइम इन माय लाइफ सो यू कैन अंडरस्टैंड व्हाट टाइप ऑफ फीलिंग इट कुड बी.
मैंने धीरे से अपना हाथ उसकी पूरी ब्रा पे फिराया और उसकी पूरी चूचियों का इन्वेस्टिगेशन किया, आई वॉज़ वेरी अलर्ट टू दैट इफ समवन वेक्स अप आई’ल विड्रॉ माय हैंड। ब्रा के ऊपर के कट से मैंने जब पहली बार उसकी बॉडी को टच किया तो मैं बुरी तरह से सिहर गया, समझ नहीं आ रहा था क्या करूँ, मैं काफी देर तक उसकी चूचियों को टटोलता रहा.
इसे भी पढ़े – शराबी चाचा से चाची बिस्तर में खुश नही थी
फिर धीरे से अपना हाथ बाहर निकाल लिया, अब मैं उसको पूरी तरह से अपनी बाहों में लेना चाहता था, मैं उसको कसके जकड़ लिया पर अब भी वो सोई हुई थी, मैं अपना मुँह उसके मुँह के पास ले गया मैं उसे किस करना चाहता था उसके होठों को चूसना चाहता था पर मैं रुक गया कि कहीं वो जाग न जाए और सिर्फ उसके गाल और गर्दन पे किस करने लगा. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं पहली बार किसी लड़की को किस कर रहा था, वेल इट्स नॉट लिप टू लिप बट स्टिल इट्स अ किस। मेरे हाथ उसकी चूचियों को दबा रहे थे अब तो मेरी पकड़ भी काफी मजबूत हो गई थी पर वो अभी भी सो ही रही थी। अचानक मैंने अपना हाथ थोड़ा नीचे की तरफ बढ़ाया और उसकी जींस पे रखा.
मैंने जैसे ही उसकी हुक को खोलना चाहा मुझे उसकी बॉडी में कुछ मूवमेंट महसूस हुई सो मैंने झटके से हाथ हटा लिया और सोने की एक्टिंग करने लगा, मैंने देखा कुछ मूवमेंट जरूर हुआ था पर वो जागी नहीं है जैसे पहले सो रही थी वैसे ही सो रही है, मुझे ऐसा लगा कि जैसे वो जाग रही है और वो भी सब कुछ फील कर रही है.
पर वो मुझे नीचे नहीं जाने देना चाहती, सो मैंने डिसाइड किया कि मैं नीचे नहीं जाऊँगा, मैंने धीरे से फिर से अपना हाथ उसके बूब्स पे रखा, उसने कोई हरकत नहीं की और मैंने उसको फिर से दबाने लगा, मैंने अपना मुँह उसके बूब्स पर टी-शर्ट के ऊपर से ही रख दिया, और उनसे रगड़ने लगा मुझे बहुत मजा आ रहा था.
मैंने एक हाथ फिर से अंदर डाला और उसके बूब्स जोर-जोर से दबाने लगा और मुँह से दूसरे बूब्स को चूसने लगा तभी पता नहीं मेरा शरीर अकड़ने सा लगा कुछ अजीब सा लगने लगा, लंड तो मेरे पहले से ही टाइट हो गया था लेकिन अभी उसमें कुछ अजीब सा होने लगा मैं पागल सा हो रहा था.
मैं फिर भी उसके बूब्स दबाता और चूसता रहा, फिर मेरे को ऐसा लगा जैसे कि मैंने टॉयलेट कर दिया है मैं तुरंत उससे अलग हुआ, मेरे बगल में ही बाथरूम था तुरंत मैं उसमें घुस गया और जाके देखा मेरे लंड से कुछ व्हाइट-व्हाइट से लिक्विड निकला है, मुझे बहुत ही अच्छा सा फील हो रहा था.
इसे भी पढ़े – पत्नी की मम्मी और मामी को साथ में चोदा
तब मैंने अपने लंड को और अपने लोअर को साफ किया और वापस आके बेड में लेट गया मुझे कुछ डर सा लग रहा था कि न जाने ये क्या निकला है कोई प्रॉब्लम तो नहीं हो गई है, इसलिए मेरी दोबारा हिम्मत ही नहीं हुई कि मैं उनको टच करूँ कहीं वो लिक्विड फिर से निकला तो, मैं डरते-डरते सो गया.
अगले दिन उनके चेहरे से मुझे ऐसा लगा जैसे उन्हें कुछ पता ही नहीं है, तो मैं खुश हो गया चलो इनको कुछ पता ही नहीं चला, हमें कहीं बाहर घूमने जाना था गाड़ी में जगह कम थी तो सोनाली ने मुझे अपनी गोद में बैठने का ऑफर दिया जिससे मुझे विश्वास हो गया उसे रात की बात के बारे में कुछ नहीं पता.
आज रात हमें फिर साथ में सोना था आज सो वो पजामा और चेन वाली टी-शर्ट पहनके सोई थी, जिसको खोलना तो बहुत आसान था, लेकिन मेरी हिम्मत ही नहीं हुई कि मैं उसे टच भी करूँ, कहीं कल की तरह फिर से व्हाइट लिक्विड निकला तो, डर के मारे मैं पूरी रात ठीक से नहीं सोया और रजाई से बाहर ही सोने की कोशिश की.
अगर मेरे को उस समय ये सारी बातें पता होती तो मैं वो मौका क्यों छोड़ता, पर कहीं-कहीं से दिल में ये भी लगता है जो भी हुआ जितना भी हुआ उतना ही काफी है. वेल मैं अभी भी बाथरूम में ये सब सोच रहा था और अपना लंड हिला रहा था लंड अपनी लंबाई में आ चुका था पर फिर भी अपने साथ हुई सारी प्यार भरी घटनाओं को याद करना चाहता था न.
मैं बाथरूम में खड़ा था, लंड अब पूरी तरह खड़ा हो चुका था। इंचटेप से नापते हुए देखा—लगभग पाँच इंच से थोड़ा ऊपर। लेकिन आज की असली खुशी नापने में नहीं, उन पुरानी यादों में थी। मन में वही रात घूम रही थी… सोनाली की गर्माहट, उसकी मुलायम चूचियाँ, और वह सफेद तरल जो पहली बार निकला था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अगली रात फिर वही बिस्तर। अंकल-आंटी ऊपर डबल बेड पर सोए हुए थे, नानी और छोटी बहन फोल्डिंग कॉट पर। हम दोनों फिर जमीन पर एक ही रजाई में। आज सोनाली ने हल्की चेन वाली ढीली टी-शर्ट और पतला पजामा पहना था। टी-शर्ट की चेन आगे से थी—खोलना आसान।
इसे भी पढ़े – गाँव के सुनसान रास्ते में कुंवारी चूत चुदाई
मैं पहले से जाग रहा था। रात के करीब दो बजे जब सबकी साँसें गहरी हो गईं, मैंने धीरे से अपना हाथ बढ़ाया। पहले उसकी कमर पर रखा, फिर धीरे-धीरे ऊपर। टी-शर्ट को हल्के से ऊपर खिसकाया। इस बार कोई झिझक नहीं थी। मेरा हाथ सीधे उसकी नंगी पीठ पर लगा। ब्रा नहीं थी।
मेरा दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। मैंने पूरा हाथ उसकी पीठ पर फेरते हुए आगे बढ़ाया और उसकी एक चूची को मुट्ठी में भर लिया। मुलायम, गरम और भारी। सोनाली की साँस थोड़ी तेज हुई, लेकिन उसने आँखें नहीं खोलीं। मैंने दूसरी चूची भी पकड़ ली। दोनों को धीरे-धीरे मसलने लगा। निप्पल पहले से ही सख्त थे।
मैंने टी-शर्ट को और ऊपर खींचकर उसके सिर के ऊपर से उतार दिया। अब ऊपर से पूरी नंगी थी। मैंने अपना मुँह उसकी एक चूची पर रख दिया और चूसने लगा। जीभ से निप्पल को घुमाते हुए। दूसरी चूची को हाथ से दबाता रहा। सोनाली की साँसें और तेज हो गईं। उसके होंठों से हल्की “हम्म…” की आवाज निकली, लेकिन आँखें बंद ही रहीं।
अब मैं नीचे की तरफ बढ़ा। पजामा की डोरी खींची। डोरी खुल गई। मैंने पजामा को धीरे-धीरे नीचे खिसकाया। उसके पैरों तक उतार दिया। अब सिर्फ एक हल्की पैंटी रह गई थी। मैंने पैंटी के अंदर हाथ डाल दिया। उसकी चूत पहले से गीली थी। उँगलियों से क्लिट पर हल्के से घुमाया। सोनाली की टाँगें थोड़ी खुल गईं।
मैंने पैंटी को भी नीचे खींचकर निकाल दिया। अब वह पूरी नंगी थी। चाँदनी कमरे में घुस रही थी। उसकी गोरी-भूरी त्वचा चमक रही थी। मैंने अपनी पैंट और अंडरवियर भी उतार दिए। मेरा लंड अब पूरी तरह तना हुआ था। मैं उसके ऊपर चढ़ गया। दोनों चूचियों को मुँह में लेकर चूसता रहा।
इसे भी पढ़े – गुंडों ने बहन को गरम किया फिर भाई ने चोदा 1
एक हाथ से उसकी चूत में उँगली डाली—पहले एक, फिर दो। अंदर काफी गीला और गरम था। सोनाली अब हल्के-हल्के कराहने लगी। “आह्ह… धीरे…” उसकी आवाज बहुत धीमी थी, ताकि कोई सुन न ले। मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा। सिर को अंदर धकेला। थोड़ा मुश्किल हुआ, लेकिन गीला होने की वजह से धीरे-धीरे अंदर चला गया।
पूरा लंड समा गया। सोनाली की आँखें अब खुल गई थीं। उसने मुझे देखा, लेकिन कुछ नहीं बोली। बस अपनी टाँगें मेरे कमर पर लपेट लीं। मैं धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा। आगे-पीछे। उसकी चूत टाइट थी। हर धक्के पर वह दबी हुई आवाज में कराहती। मैंने उसकी दोनों चूचियों को पकड़कर जोर से मसला और चूसा। गति बढ़ा दी।
बिस्तर हल्का-हल्का हिलने लगा, लेकिन ऊपर वाले गहरी नींद में थे। करीब दस-बारह मिनट तक लगातार चोदा। बीच-बीच में रुककर उसकी चूत से लंड निकालकर क्लिट पर रगड़ता, फिर फिर से अंदर डाल देता। सोनाली अब जोर-जोर से साँस ले रही थी। उसकी एड़ियाँ मेरी पीठ में धँस रही थीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अचानक उसका शरीर अकड़ गया। चूत ने मेरे लंड को जोर से जकड़ लिया। वह काँपते हुए झड़ गई। उसके झड़ने के बाद मैंने गति और तेज कर दी। कुछ ही देर में मेरा भी शरीर अकड़ गया। मैंने लंड अंदर ही रखते हुए पूरा पानी छोड़ दिया। गर्म तरल उसकी चूत में भर गया।
इसे भी पढ़े – चौकीदार ने अपनी बीवी को चुदवाने भेजा
मैं उसके ऊपर पड़ा रहा। दोनों की साँसें तेज चल रही थीं। कुछ देर बाद मैंने धीरे से लंड बाहर निकाला। सफेद तरल उसकी जाँघों पर बह निकला। मैंने अपनी अंडरवियर और पैंट पहन ली। उसकी पैंटी और पजामा भी धीरे से पहना दिए। टी-शर्ट भी। सोनाली ने मुझे देखा। उसकी आँखों में कुछ था—शर्म, मजा, और एक अजीब सी चुप्पी। उसने कुछ नहीं कहा। बस रजाई खींचकर मुँह ढक लिया और दूसरी तरफ करवट लेकर सो गई। मैं भी लेट गया। दिल अभी भी जोर से धड़क रहा था।
पहली बार किसी लड़की को पूरी तरह नंगा करके चोदा था। और वह भी इतनी खामोशी से, इतने खतरे के बीच। सुबह जब सब उठे, सोनाली बिल्कुल सामान्य व्यवहार कर रही थी। जैसे रात में कुछ हुआ ही न हो। लेकिन जब हमारी नजरें मिलीं, तो उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान थी। बाथरूम में खड़े-खड़े मैंने अपना लंड फिर से हिलाया। आज की यादें कल की यादों से कहीं ज्यादा तीव्र थीं। लंड फिर से खड़ा हो चुका था। आगे और भी रातें आईं… लेकिन वह पहली पूरी चुदाई हमेशा याद रहेगी।
प्रातिक्रिया दे