XXX Hindi Sex Story
मेरा नाम राजा है। मैं जो लिख रहा हूँ वह कहानी नहीं, एक रियल हादसा है जो मेरी बड़ी सिस के साथ हुआ। वह एक कमीने लवर का शिकार बनी। यह बात मैं कभी नहीं भूल पाया हूँ। मुझे आज तक एक-एक बात याद है। उस वक्त मेरी उम्र 18 थी। मैं जवान था लेकिन अपनी बड़ी सिस से बहुत डरता था क्योंकि वह मेरी टीचर भी थी और पढ़ाई में कमजोर होने की वजह से गुस्सा होती थी। XXX Hindi Sex Story
उस वक्त उनकी उम्र 25 साल होगी। उनका नाम नज़मा था लेकिन मैं उन्हें बाजी बोलता हूँ। वह बहुत ही शरीफ थी क्योंकि हमेशा काम या पढ़ाई में व्यस्त रहती थी। एक बार पेरेंट्स को अर्जेंट काम से नाना के घर जाना हुआ। क्योंकि मेरे एग्जाम थे, सो नज़मा बाजी रुक गई।
उस रात वह मुझे 11 बजे तक पढ़ाती रही। फिर मेरी नींद उनके रूम में ही लग गई, सो बाजी भी लाइट ऑफ करके सो गई थी। मिडनाइट मुझे मेरी प्यास की वजह से नींद खुली तो बाजी अपने बिस्तर पर नहीं थी। दरवाजा बंद था। मगर हाल की लाइट ऑन थी और किसी से बात करने की आवाज़ आ रही थी।
मैंने उठकर दरवाजे की दरार से देखा तो बाजी और शाहिद भाई कुछ देखते हुए बात कर रहे थे। शाहिद भाई मेरे कजिन हैं, उनकी उम्र उस वक्त 30 साल थी, मगर शादी नहीं की थी। अक्सर घर आते-जाते रहते थे लेकिन आज रात में पहली बार देखा। वह बाजी को कोई पोर्न मैगज़ीन दिखा रहे थे क्योंकि बाजी पिक देखकर शर्मा रही थी।
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मुझे क्लियर पिक तो नहीं दिखी लेकिन बाजी के स्टाइल से फील हुआ कि फकिंग पिक होंगे। शाहिद भाई पिक देखते हुए बाजी से किस की ट्राई करते लेकिन बाजी नखरे करती रही। पर अचानक शाहिद भाई ने पैंट की ज़िप से अपना लंड निकाला जो खड़ा हुआ था।
“हट! बहुत बेशर्म हो।” बाजी ने शर्माते हुए कहा।
“ओरिजिनल भी देखो… लो हाथ लगाकर देखो कितना हार्ड है।” यह कहते हुए बाजी के हाथ में अपना लंड पकड़ा दिया।
“मोटा भी है… मैं तो मर जाऊँगी…” बाजी ने हाथ हटाते हुए कहा।
“अगर ऐसा होता तो सब औरतें मर चुकी होतीं डियर… ज़रा अपनी चूत का भी नज़ारा करवाओ…” यह कहते हुए बाजी की सलवार में हाथ डाल दिया।
“नहीं… नहीं… शादी के बाद प्लीज मत करो… प्लीज… मत करो…” बाजी सिसक रही थी पर शाहिद भाई की फिंगर बाजी की चूत में थी। तब भी वह हाथ हटा भी नहीं रही थी। अचानक शाहिद भाई किस भी करने लगे। एक हाथ सलवार में डाले हुए किस करते रहे। यह देख मेरी हालत खराब हो गई।
कन्फ्यूज्ड था कि दरवाजा नॉक करूँ या चुप रहूँ। फिर सोचा अगर शोर किया तो बाजी की बदनामी होगी। सो देखना मजबूरी हो गई। गुनाह भी फील हो रहा था लेकिन हिम्मत करके जो देखा तो मेरा लंड भी खड़ा हो गया क्योंकि बाजी की सलवार उतर चुकी थी। वह कुर्ता खुद उतार रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
शाहिद भाई फुल नंगे थे। बाजी को फुल नंगी अपनी गोद में उठाकर बेड की तरफ ले गए। जो मुझे दरार में से नहीं दिख रहा था। सो मैंने रूम की स्टूल रखकर रोशनदान से जो देखा तो वह बाजी के ऊपर लेटकर लंड डालने की ट्राई कर रहे थे लेकिन एंटर नहीं हो रहा था।
“ऑयल है क्या?” शाहिद भाई ने कहा।
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तो बाजी ने किचन की तरफ इशारा किया। वह किचन की तरफ गए। तो बाजी बेड पर लेटी अपनी चूत पर हाथ फेर रही थी। मुझे क्लियर उनकी गीली चूत दिख रही थी। शाहिद भाई अपने लंड पर ऑयल मलते हुए आए और कुछ ऑयल बाजी की चूत पर भी लगाया।
जैसे ही एंटर किया, पेन से बाजी “ओह मर गई! रुको… प्लीज मर जाऊँगी…” मगर वह शॉट मारते हुए बोले, “स्लो बोलो वरना तुम्हारा भाई जाग जाएगा…” यह बात सुनते ही बाजी ने मुँह पर हाथ रखकर लंड का मजा ले रही थी। यह सब देख मेरा जवान लंड भी हॉट हो चुका था। जैसे ही वह अलग हुए तो ऐसा लगा बाजी की चूत ब्लड में घायल थी। शाहिद भाई के लंड पर भी ब्लड था। बेड की चादर भी ब्लड में थी।
“वाओ! तुम तो सील पैक निकली।” लंड साफ करते हुए शाहिद बोले।
“क्या तुमको शक था?” बाजी ने चादर से चूत का ब्लड साफ करते हुए बोली।
“नो यार, आजकल गर्ल फिंगर से ही सील ब्रेक कर लेती है।” अपना लंड चादर से ही साफ करते हुए शाहिद भाई बोले।
“अब यकीन हो गया। सो जल्दी से अपने घर वालों को भेजो। हमारी शादी हो जाए फिर रोज चूत-लंड का मिलन होगा।” बाजी ने बेड से चादर अलग करते हुए कहा और बाथरूम गई। उनके पीछे शाहिद भाई भी बाथरूम गए। लगभग 15 मिनट दोनों ने बाथरूम में एंजॉय किया, सो मैं नहीं देख पाया। मगर आवाज़ से लग रहा था एक राउंड और किया होगा।
मैंने जल्दी से स्टूल हटाया और बेड पर आकर लेट गया। 10 मिनट बाद फील हुआ शाहिद भाई चले गए। सो मैं फिर उठकर दरवाजे की दरार से देखा। बाजी फुल नंगी थी और अपनी चूत पर क्रीम लगा रही थी। फिर कपड़े पहनकर सो गई। नेक्स्ट मॉर्निंग उनकी चाल से लग रहा था उनको पेन हो रहा है मगर बाजी का नया रूप देख हैरान था।
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बाजी का शाहिद भाई से 1 साल अफेयर चला मगर बदकिस्मती से उनसे शादी नहीं हुई। शाहिद भाई भी दुबई चले गए। कई रिश्ते आए मगर बाजी की शादी नहीं हुई मगर केवल मैं जानता था कि बाजी कुँवारी नहीं है। कई बार बाजी को देख मेरा लंड भी पुरानी याद में खड़ा हुआ लेकिन सगी बड़ी बाजी थी सो मुठ मार लेता था।
मगर एक दिन घर में अकेला था। बाजी किचन में रोटी बना रही थी। मेरी नज़र उनकी गांड पर पड़ी तो मेरा लंड खड़ा हो गया। फिर मेरे दिल में शैतान भी जाग गया। पेरेंट्स घर में नहीं थे सो मेरी हिम्मत भी जागी। बाजी ने किचन के बाद कपड़े धोए और बाथरूम नहाने के लिए जाने लगी तो मुझसे बोली, “तुम सो मत जाना, मैं नहाने जा रही हूँ। अगर कोई आ जाए तो दरवाजा खोल देना।”
नून टाइम था। मुझे मालूम था कोई नहीं आएगा। सो मैंने चोरी से बाजी को बाथ करते देखने का सोचा। मगर बाथरूम में कोई होल नहीं था। सो शैतान ने मेरे दिल में एक प्लान डाला। मैंने अपना पजामा उतार के लंड खड़ा करके चीखा, “आरे मर गया बाजी!” और बिजली के तार को गिराकर खुद गिरकर करंट लगने की एक्टिंग करने लगा।
मेरी आवाज़ सुन बाजी जल्दी से तौलिए में लिपट बाहर आ गई। मुझे देख मेरे करीब आ गई। जैसे ही मेरे करीब आई, मैंने तौलिए को खींचकर अलग कर दिया। वह पूरी नंगी मेरे सामने हो गई। सो जल्दी से तौलिए को ठीक करते हुए बोली, “यह क्या बदतमीजी है?” मगर मैं पागल हो गया था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
“प्लीज बाजी एक बार… प्लीज आप बहुत सेक्सी हैं।” कहते हुए उनके तौलिए को हटाने लगा।
“मैं तुम्हारी सगी बाजी हूँ… कुँवारी हूँ। तुम पागल हो रहे हो।” वह नाराज होते हुए बोली।
“आप कुँवारी नहीं हैं। फर्स्ट टाइम आपको शाहिद भाई ने सेक्स किया था… मैंने सब देखा था… प्लीज।” मेरी यह बात सुन बाजी स्तब्ध हो गई। वह कुछ बोलती, मैंने उनको गोद में उठाने लगा मगर वह एग्री नहीं थी। मेरा लंड खड़ा ही था जो शाहिद भाई जितना बड़ा ही था। सो मैंने तेजी से उनको फिर तौलिए अलग करके किस करते हुए फिंगर चूत में डाल दी। कुछ मिनट चुप रही लेकिन मैं फिंगर तेजी से करते हुए किस करता रहा।
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“यह गुनाह है… बस एक बार ही… फिर नहीं…” कहते हुए बाजी एग्री हुई। मैंने गोद में उठाया और बेड पर ले गया। उस दिन भी उनकी चूत टाइट थी सो मेरा एंटर ही नहीं हो रहा था। सो बाजी ने मुझे अलग किया। बाथरूम से ऑयल लाकर मेरे लंड की मालिश करते हुए कहा, “तुमने सब सेक्स देखा उस रात फिर भी किसी से नहीं बोला। कैसा लगा था?”
“सच बोलूँ बाजी, डेली आपके नाम की मुठ मारता था। सोचता था काश आपकी चूत में डालने का चांस मिले।”
“लो हाजिर है चूत, डाल दो…” बेड पर लेटते हुए कहा और मैंने उनकी चूत में डाल दिया।
उसके बाद जब भी चांस मिलता हम दोनों चुदाई करते। क्योंकि बाजी की शादी नहीं हुई थी। मेरी जॉब दिल्ली में लगी सो बाजी बहाने से आ जाती और हम दोनों रात भर चुदाई करते। एक दिन मेरे बॉस ने बाजी के साथ मुझे इंडिया गेट पर देखा। हम जिस तरह से बाइक पर जा रहे थे, उनको लगा बाजी कोई सेटिंग है क्योंकि उनको मालूम था मेरी शादी नहीं हुई है। सो बॉस ने कैमरे से हमारी पिक भी ले ली।
नेक्स्ट डे बॉस ने कैबिन में बुलाया। मुझे कैमरा का पिक दिखाकर बोले, “यह कौन है?” जिस स्टाइल की पिक थी सो मुझे झूठ बोलना पड़ा कि यह माय सेटिंग है। सो बॉस बोले, “कल मेरे फ्लैट पर लाओ।” मैं कुछ बोल नहीं पाया। रूम पर आकर यह बात बाजी से बोली। वह भी परेशान हो गई।
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बॉस के कई बार फोन आ चुके थे। सो बाजी बोली, “चलकर देखते हैं, शायद कोई और बात हो।” उस वक्त बाजी की उम्र 32 थी। कुछ फैटी हो गई थी और मैं 25 का था। बॉस की उम्र अबाउट 50 थी। हम दोनों डरते हुए बॉस के फ्लैट पर गए। केवल बॉस थे मगर डिनर का इंतजाम था। पहले हम फॉर्मल बात करते रहे। हाल में बैठ गए।
बॉस बार-बार बाजी के ब्लाउज की तरफ देखते हुए कहते, “आई लव फुटबॉल।” हम बस “यस यस” बोलते। बाजी से बोले, “डियर फुटबॉल मैच देखोगी?” जैसे ही बाजी ने हाँ बोला, बॉस ने रिमोट से टीवी ऑन किया। कोई साउथ इंडियन ब्लू फिल्म शुरू हो गई। फिर खुद ही ऑफ करके सॉरी कहने लगे।
मुझसे बोले, “दोस्त मेरी वॉच नीचे कार में रह गई। ड्राइवर नहीं है। प्लीज ब्रिंग।” कार की चाभी देकर कहा। जब मैं दरवाजे तक आया तो मेरे पीछे आए, “प्लीज बाहर से दरवाजा लॉक करके 30 मिनट बाद आना।” पहले तो मुझे बहुत गुस्सा आया लेकिन मजबूर था। मगर अबाउट 15 मिनट बाद आई फील गिल्टी सो रिटर्न रूम। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
चाभी से दरवाजा ओपन करके जैसे ही हाल में आया तो बाजी की साड़ी, ब्रा और पैंटी सोफे पर थी। कोई नहीं था। बेडरूम की तरफ गया तो हैरान था। बाजी डॉगी स्टाइल में थी। वह गांड की तरफ से चुदाई कर रहा था। मुझे देख बोला, “बहुत मस्त माल है। टाइट गांड है।”
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उनके नंगे हिप सहलाते हुए शॉट मार रहा था। बाजी की तरफ देखने की मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी मगर पेनफुल आवाज़ सुन रहा था। “शरम मत करो। कम ओपन क्लॉथ। आई लाइक ग्रुप सेक्स। तुम भी लंड चुसवाओ लो।” बाजी के ब्रेस्ट मसलते हुए कमीना बोलने लगा। 5 मिनट गांड मारने के बाद अलग हो गया। बाजी फुली नंगी बाथरूम की तरफ जाने लगी तो उनका हाथ पकड़कर बोला, “डियर अभी दिल नहीं भरा। देखो लंड महाराज खड़े ही हैं।”
“बस… प्लीज अभी नहीं… मूड नहीं है।” बाजी ने हाथ अलग करते हुए कहा।
“अभी मूड बना देता हूँ।” कहते हुए बाजी की चूत चाटने लगा। और बाजी भी मस्ती में आ गई। मगर मेरे लिए बहुत ही शर्म का दिन था। बाजी से ओपन होने के बाद मुझे गिल्टी हो रहा था। जब रूम पर आकर बाजी ने मुझे प्रमोशन का ऑर्डर दिया तो आई फील लाइक दलाल। सो मैंने फिर वो जॉब नहीं की। दुबई चला गया। जब आया तो शादी कर ली। बाजी की आज तक शादी नहीं हुई। उस बॉस की सज़ा को मैं भगवान की सज़ा मानता हूँ। क्योंकि बुरे काम का बुरा नतीजा।
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