Paki Sexy Mistress Chudai Kahani
मेरा नाम अहमद है, इस्लामाबाद पाकिस्तान से। मैं आप लोगों को जो स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ, ये बिल्कुल सच्ची स्टोरी है। इसमें कुछ भी झूठ नहीं है। अब मैं स्टोरी लिखने जा रहा हूँ। मैं इस्लामाबाद में रहता हूँ। हाइट 6 फीट और कुछ इंच, रंग गोरा, बॉडी बिल्कुल फिट। मैं इस्लामाबाद में एक घर में ड्राइवर के रूप में काम करता था। Paki Sexy Mistress Chudai Kahani
वो बहुत ही पैसे वाले लोग थे। काफी बड़ा घर था। उस घर में 4 लोग रहते थे — हसबैंड, वाइफ और उनके दो बच्चे, जिनकी उम्र 3 से 5 साल के दरमियान थी। उनका हसबैंड बिजनेसमैन था। वो सुबह ही निकल जाता था और मैं उसे कार में लेकर उसके ऑफिस तक पहुँचा देता था।
बच्चों को फिर स्कूल तक पहुँचा देता था। और उसके बाद अगर मैम साहब को कुछ काम होता तो उन्हें शॉपिंग ले जाता था। एक दिन मैंने साहब को ऑफिस छोड़ आया, बच्चों को स्कूल छोड़ आया और जब वापस आया तो अपने बाहर वाले कमरे में लेट गया।
हाँ, मैं बताना भूल ही गया था — उस हाउस वाइफ का नाम साना था और उसकी उम्र तक़रीबन 35 के लगभग थी। उसके मम्मे काफी बड़े-बड़े थे और उसकी हाइट भी काफी थी। लेकिन सबसे अच्छी बात उसमें मुझे क्या लगती थी — उसकी गांड़ बहुत मोटी थी और जब भी वो चलती थी तो गांड़ हिला-हिलाकर चलती थी। खैर, उस दिन जब मैं काम खत्म करके वापस आया तो अपने कमरे में लेट गया। इतने में आवाज़ आई, “अहमद इधर आ जाओ।”
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मैंने कहा, “हाँ मैम साहब, क्या बात है?”
उसने कहा, “अंदर तो आ जाओ।”
मैं घर में गया। उसने रेड कलर की साड़ी पहनी थी।
उसने कहा, “अहमद, मेरे घुटने में बहुत दर्द हो रहा है। कुछ दिनों से डॉक्टर को भी दिखाया है, लेकिन दर्द कुछ कम ही नहीं होता।”
मैंने कहा, “जी तो मैं क्या करूँ?”
उसने कहा, “ज़रा दबा सकते हो अगर माइंड न करो तो।”
मैंने कहा, “हाँ जी, दबा दूँगा।”
उसने कहा, “ठीक है।”
फिर वो डबल बेड पर लेट गई और मैं उसके पैर दबा रहा था।
वो कह रही थी, “बड़ा अच्छा लग रहा है।”
फिर कहा, “उधर तेल हैं, वो ज़रा गरम करके लगा दो और मेरे दर्द वाली जगह की मालिश कर दो।”
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मैं किचन में गया और तेल गरम करके वापस आया। वो उसी तरह लेटी थी। मैंने उसकी साड़ी थोड़ी ऊपर की और मालिश करने लगा। घुटने तक मैंने साड़ी उठाई थी। उसकी मैंने मालिश शुरू की थी। वो कह रही थी, “अभी थोड़ा आराम महसूस कर रही हूँ।”
मैंने कहा, “जी अच्छा।”
थोड़ी देर मालिश के बाद वो उल्टा होकर लेट गईं और कहने लगीं, “अभी दूसरे साइड से भी कर दो, दर्द कम हो गया है।” उल्टा लेटने से उसकी मोटी गांड़ ऊपर हो गई और बड़ी मस्त लग रही थी। मैं मालिश कर रहा था और मैंने साड़ी को थोड़ा और ऊपर किया तो उसकी मोटी-मोटी जाँघें नज़र आने लगीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं मालिश कर रहा था और उसकी मोटी गांड़ देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया। मालिश करते-करते मैं टाँगों और ऊपर मालिश करने लगा। मैंने कहा, “मैम साहब, साड़ी को थोड़ा ऊपर करूँ, ऐसा न हो तेल से गंदी हो जाए आपकी साड़ी।” वो बोली, “हाँ, ऊपर कर दो।”
मैंने जैसे ही थोड़ी और ऊपर की साड़ी तो पीछे उसकी गांड़ नज़र आने लगी। सफ़ेद मोटी गांड़। वाह, क्या नज़ारा था। वो मेरा लंड बिल्कुल बेकाबू था। मैं थोड़ा सा घुटने से ऊपर मालिश करने लगा जाँघों पर। वो बोली, “साड़ी को ऊपर करो, ऐसा न गंदी हो जाए। थोड़ा और ऊपर करो।”
मैं और ऊपर की साड़ी देखा तो उसकी मोटी गांड़ अब साफ़ दिख रही थी। और हैरान करने वाली बात ये थी कि उसने साड़ी के नीचे कुछ पहना ही नहीं था। मैं एक हाथ से मालिश कर रहा था और दूसरे से साड़ी को ऊपर पकड़े था और गांड़ का नज़ारा कर रहा था। इस दौरान वो ज़रा टाँगें फैलाकर लेट गईं और बोली, “अब ठीक है।”
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मैंने कहा, “जी।”
जब मैंने पीछे से देखा तो उसकी मोटी चूत पीछे से साफ़-सुथरी दिख रही थी। एक भी बाल नहीं था उस पर। गांड़ मोटी होने की वजह से गांड़ का छेद सही नहीं दिख रहा था।
मैंने कहा, “मैम साहब।”
उसने कहा, “हाँ बोलो।”
मैंने कहा, “जी कुछ नहीं।”
वो बोली, “बोल, क्या बात है? तक गए क्या? चल छोड़, अगर थक गए हो।”
मैंने कहा, “नहीं मैम साहब, कुछ पूछना है।”
उसने कहा, “हाँ पूछो।”
मैंने कहा, “मैम साहब आपने साड़ी के नीचे कुछ नहीं पहना।”
वो बोली, “क्यों, क्या बात है? ये तुम कैसी बातें कर रहे हो?”
मैंने कहा, “मैम साहब आपकी गांड़ और आपकी मोटी चूत पीछे से दिख रही हैं।”
वो बोली, “क्या?”
मैंने कहा, “जी, मैंने आपकी साड़ी को ऊपर उठाया तो आपकी चूत साफ़ दिख रही है।”
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उसने कहा, “अच्छा।”
मैं उसकी चूत को 1 उँगली लगाई और कहा, “आई थिंक आप अपना पेटीकोट पहनना भूल गई हैं।”
वो बोली, “हाँ, मैं नहीं पहनती पेटीकोट।”
मैंने कहा, “मैम साहब यहाँ भी मालिश करूँ?”
उसने कहा, “हाँ कर दो।”
फिर मैंने उसकी चूत को हाथ लगाया और वो इसी तरह लेटी थी और बोली कि “मैं कब से इंतज़ार कर रही थी कि कब तुम इसे हाथ लगाओगे, लेकिन तुम नहीं कर पाए। अब करो मालिश।” मैं उसके बाहर उँगलियाँ फेर रहा था। फिर मैंने 1 उँगली अंदर कर दी। वो बोली, “हम्म, ऐसा ही करो।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं पुस्सी की मालिश कर रहा था पीछे से।
फिर मैंने कहा, “मैम साहब, 1 बात पूछूँ?”
उसने कहा, “हाँ।”
मैंने कहा, “आपकी गांड़ के छेद को क्या मैं देख सकता हूँ?”
उसने कहा, “हाँ देख।”
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उसकी गांड़ इतनी मोटी और टाइट थी। इस वजह से मैंने दोनों हिप्स को दोनों हाथों से खोल दिया। वाह, क्या मज़ा था। उस वक्त उसकी गांड़ का छेद बिल्कुल ब्लैक कलर का था। साफ़, 1 भी बाल नहीं था उस पर। मैंने उस पर तेल वाली उँगली फेराई और झट से अपनी ज़बान उसमें डाल दी। उससे अजीब लेकिन ज़बरदस्त स्मेल आ रही थी। मुझे बहुत अच्छा लगा। उसकी पुस्सी से पीछे से जूस निकल रहा था। और इतने में वो बोली, “अहमद गंदे, ये क्या कर रहे हो? अपनी जीभ डाल दी इस गंदी जगह में।”
मैंने कहा, “मैम साहब, मुझे ये बहुत अच्छा लगता है।” फिर तक़रीबन मैंने पीछे से उसकी गांड़ को 15-20 मिनट तक चाटा। और जब मैंने उँगली अंदर की तो वो घुस्सा होकर बोली, “नहीं, अब बस इतना बहुत था।” मैंने कहा, “मैम साहब, क्या मैं आपको चोद सकता हूँ?” वो बोली, “नहीं, हट जाओ यहाँ से। बस अपने कमरे में जाओ।” और वो खड़ी होकर साड़ी ठीक करके बाहर गार्डन में चली गईं। उसके बाद मुझे ऐसा मौका नहीं मिला। अब मैं उधर जॉब नहीं करता। अब मुझे ऑफिस में जॉब मिल गई है।
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