Bathing Bhabhi XXX
ये उस दिन की बात है जब मेरी भाभी जान अपने कपड़े धो रही थीं। मैं ज़रा पेशाब करने बाथरूम की तरफ़ गया तो उनके “गोल-गोल मोटे-मोटे” ब्रेस्ट पर नज़र पड़ गई। उनके भीगे हुए कपड़े साफ़ बता रहे थे कि उन्होंने ब्रा नहीं पहनी हुई थी। बस फिर क्या था, मेरी जवानी उस दिन उरोज़ पर थी। Bathing Bhabhi XXX
ब्रेस्ट देखते ही जैसे जिस्म में आग लग गई। मेरा ६ इंच लंबा और ३ इंच मोटा लंड फ़ौरन खड़ा होने लगा। भाभी कपड़े धोने में मसरूफ़ थीं। मुझे खड़ा देखकर उनकी निगाह ऊपर को उठी। मैं जल्दी से बाथरूम में चला गया। मैं और मेरा लंड दोनों गरम हो रहे थे। मेरे गंदे ज़हन में एक तरकीब आई।
बाथरूम की दीवार में एक रोशनदान बना हुआ था। मैंने बाल्टी को उल्टा किया और उस पर चढ़कर फिर से भाभी के ब्रेस्ट देखकर मज़े लेने लगा। उनके ब्रेस्ट कपड़ों को ब्रश से रगड़ने की वजह से हिल-हिलकर मुझे तड़पा रहे थे। कुछ देर तक तो मैं ऐसे ही देखता रहा। फिर मैंने नीचे उतरकर हाथ से मुठ मारकर अपनी आग बुझाई।
फिर जब बाथरूम से बाहर निकला तो भाभी ने मुझसे पूछा, “इतनी देर तक बाथरूम में क्या कर रहे थे?”
मैंने कहा, “कु-कुछ नहीं, पेशाब करने गया था।”
तो उन्होंने मुस्कुराकर कहा, “झूठ मत बोलो.”
मुझे शक होने लगा। शायद भाभी ने सब कुछ देख लिया था। मैं ताल-मटोल करके वहाँ से खिसक लिया। मेरे भैया जान किसी काम से दिल्ली गए हुए थे। उनकी वापसी एक हफ़्ते बाद होनी थी। दूसरे दिन मैंने सोचा कि भाभी को बिना कपड़ों में देखकर कितना मज़ा आएगा जब बहुत कुछ देखने को मिलेगा।
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यह सोचकर मैं बाथरूम गया। वहीं मेरे ज़हन ने फिर पलटी खाई कि क्यों न मैं अपना मोबाइल कैमरा यहीं फिट करके भाभी की मूवी बना लूँ। मैंने कैमरा हर एंगल से सेट करके देखा। एक जगह मुझे मिल गई जहाँ से भाभी की पूरी बॉडी की मूवी बन सकती थी।
मैंने तीसरे दिन जब भाभी ने नहाने का प्रोग्राम बनाया। वो अपने कपड़े बाथरूम में लटकाकर साबुन लेने चली गईं। मैंने जल्दी से जाकर कैमरा वहाँ रख दिया और बाहर आ गया। इतने में भाभी साबुन लेकर आईं और बाथरूम में जाकर नहाने लगीं।
कोई १५ मिनट बाद भाभी बाहर निकलीं। तो मैंने जल्दी से जाकर मोबाइल कैमरा उठा लिया। मैंने सोचा मूवी को आराम से रात में बिस्तर में देखना चाहिए। रात आई और मैं मोबाइल लेकर अपने कमरे में चला गया। मूवी में जो चीज़ें आईं, मत पूछो यार। आह्ह्ह मज़ा ही आ गया।
वह उन कैदी ब्रेस्ट को जब मैं खुली हवा में साँस लेते देखा तो मेरे मुँह में पानी भर आया। मूवी कुछ इस तरह से थी: “भाभी ने अंदर जाकर कुंडी लगाई, फिर साबुन को रखा और खुलकर अँगड़ाई ली। फिर कुछ देर अपने बूब्स पर हाथ फेरती रहीं। उसके बाद उन्होंने अपनी कमीज़ उतारी, फिर अपने पेट को सहलाया।
फिर वो ब्रा उतारने लगीं। ब्रा उतारने के बाद उन्होंने निप्पल को पकड़कर खींचना शुरू कर दिया। फिर उनका हाथ चूत की तरफ़ गया। कुछ देर चूत को मसलने के बाद उन्होंने शलवार का नारा खोला। फिर आहिस्ता-आहिस्ता शलवार उतारी। उनकी चूत और मम्मे देखकर मेरे मुँह में पानी भर आया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर तो हैरत की बात ये कि भैया के न होने से उनकी आग बुझाने वाला कोई नहीं था। तो उन्होंने अपनी उँगली को गीला किया, फिर हाथ पर साबुन लगाया और उँगली चूत में दाख़िल कर दी। मैं तो हैरान ही रह गया। मेरा लंड लोहे की तरह सख्त और खूब गरम हो गया।
फिर उनके मुँह से आह्ह्ह आईई उह्ह्ह की आवाज़ आने लगी और उँगली अपना काम बराबर करने लगी। कुछ ही देर बाद उनका पानी बाहर आ गया। फिर वो बहुत खुश नज़र आने लगीं। उसके बाद उन्होंने खूब ब्रेस्ट को रगड़-रगड़कर साफ़ किया। पूरे जिस्म पर मालिश की साबुन से। फिर नहाकर कपड़े पहने और बाहर निकल गईं…”
फिर मैं उस रात मुठ मारे बिना भाभी की चूत और उनके ब्रेस्ट की यादों को लिए सो गया। मैं आम तौर पर कपड़े उतारकर सोता हूँ। एक रात दरवाज़ा खुला रह गया और मैं यूँ ही सो गया। रात को ऐसा आखिरी पहर में मुझे कुछ ऐसा लगा जैसे कोई मेरे लंड को थामे हिला रहा है। मेरी आँख खुल गई। देखा तो भाभी जान मेरी जान अपनी हथेली में लिए बैठी थीं।
मैंने कहा, “भाभी ये क्या कर रही हो?” मेरे जगने पर वो कुछ घबरा गईं, पर थोड़ी देर बाद ही उन्होंने अपने आप पर काबू पा लिया। मैं हैरान था, मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। इतने में भाभी की आवाज़ आई, “ज़्यादा हैरान होने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हें उस दिन अपना ब्रेस्ट देखते हुए देख लिया था और जब तुम मुठ मार रहे थे तब भी मैं तुम्हें देख रही थी।”
यह कहकर उन्होंने मेरे लंड को ज़ोर से भींचा, जिससे मनी का क़तरा बाहर आ गया। मेरे देखते ही देखते भाभी झुकीं और वो क़तरा चाट गईं।
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मैं भाभी से पूछा, “तुम क्या चाहती हो?”
उन्होंने जवाब दिया, “जो तुम चाहते हो।”
यह कहकर वो मुझे लेकर बिस्तर पर गिर पड़ीं।
मैंने कहा, “भाभी दरवाज़ा खुला हुआ है, मैं बंद कर देता हूँ।”
तो उन्होंने कहा, “ठीक है।”
मैं उठा और दरवाज़ा बंद करके मुड़ा तो देखा कि भाभी मेरे बिस्तर पर चित उल्टी लेटी हुई हैं। मैं भी गया और उनके ऊपर ही लेट गया। मैंने पूछा, “क्या भैया जान की बहुत याद आ रही थी?” उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। मैं फिर दोबारा नहीं पूछा। फिर मैं उनकी गांड़ को सहलाने लगा। जब सहलाते-सहलाते मैं उनकी गांड़ की गहर गहराई में पहुँचा तो उन्होंने आह्ह्ह भरी।
मैं भाभी से कहा, “प्यारी भाभी जान, अपने देवर को ये नहीं दिखाओगी?”
तो उन्होंने कहा, “हटो naughty boy।”
मैंने कहा, “क्या हुआ?”
तो उन्होंने कहा, “कुछ जो भी देखना है तो खुद खोलो और देख लो।”
यह जवाब सुनते ही मेरी हिम्मत और टाइट हो गई। मैंने नारा खोलने के लिए हाथ बढ़ाया तो उन्होंने कहा कि पहले ब्रेस्ट देख लो।
मैंने कहा, “ब्रेस्ट तो मैं देख चुका और चूत भी, सिर्फ़ आपकी गांड़ और उसकी गहराई देखना बाकी है।”
तो वो हैरान हुईं, “कब कैसे?”
मैंने पूरी स्टोरी शुरू से आखिर तक सुना दी। फिर उन्होंने कहा कि “मैं देखना चाहती हूँ।” मैंने मोबाइल निकाला और मूवी लगा कर उन्हें दे दी। पूरी मूवी देखने के बाद उन्होंने कहा, “भाई कमाल का शैतानी दिमाग़ है तुम्हारा। तो तुम मेरे जिस्म के मज़े लूट रहे हो और मुझे पता भी नहीं चला।” मैं मुस्कुरा दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उन्होंने मेरा लंड पकड़कर अपनी तरफ़ खींचा और अपनी गोद में बिठा लिया। मैं भी उनका साथ दिया। फिर खुद ही उन्होंने मेरे होंठों को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। मैं भी ऐसा ही करने लगा। कुछ देर बाद मैंने भाभी से कहा कि “सिर्फ़ तुम्हारी गांड़ देखने की हसरत बाकी है।”
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उन्होंने हँसकर कहा, “वो भी मिटा लो।”
मैं उनकी गोद से उतरा। फिर उनके नारे को मुँह में दबाकर खींचा। फिर उनकी शलवार उतारी और काम शुरू कर दिया। उन्होंने लाल रंग की अंडर वियर पहनी हुई थी। उसे भी मैंने दाँतों से पकड़कर खींचा। उसके बाद मैंने भाभी को उल्टा कर दिया। उनकी गांड़ देखकर मेरा लंड और मज़बूत हो गया।
फिर मैंने कुछ देर उनकी गांड़ पर हाथ फेरा। उसके बाद बीच वाली उँगली को उनकी गहराई की तरफ़ लेकर ऊपर-नीचे करना शुरू कर दिया। भाभी सिसकने लगीं और कहा, “प्लीज़ और न तड़पाओ। मुझे तुम्हारे भैया से चुदवाए एक महीना गुज़र गया है। मैं फिंगरिंग करके अपनी आग बुझाती हूँ। प्लीज़ प्लीज़।” मैंने उँगली को थूक लगाया, फिर उनके मुँह में डालकर कहा कि “थूक लगाओ।”
थूक लगाने के बाद मैंने उनकी गांड़ पर मुँह करके थूका, फिर चाटा, फिर थूका और उँगली से फैलाते हुए उँगली उनकी गांड़ में दाख़िल कर दी। वो फिर सिसकने लगीं। मैं अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद दूसरी उँगली भी दाख़िल कर दी। फिर तो उनकी गांड़ जैसे खुलती ही चली गई। मैंने क़रीब ही पड़ी हुई तेल की शीशी उठाई और तेल लगाकर हाथ में पूरा हाथ उनकी गांड़ में डालने की कोशिश करने लगा।
मैं भाभी से पूछा, “कभी भैया ने तुम्हारी गांड़ मारी है?”
उन्होंने कहा कि “उन्हें मज़ा ही मेरी गांड़ मारने में आता है।”
मैंने पूछा, “भैया का लंड बड़ा है या मेरा?”
“तुम्हारा ज़्यादा बड़ा है। उनसे चुदवाकर भी मेरी प्यास नहीं बुझती, लेकिन तुम्हारा लंड देखकर मुझे यकीन है कि तुम मेरी प्यास ज़रूर बुझाओगे। मुझे आज इतना चोदो, इतना चोदो कि मेरी सारी आग बुझ जाए। आज पूरी रात मैं तुम्हारी हूँ। जैसे चाहो चोदो।”
फिर तो मैं जैसे शेर हो गया। मैंने गांड़ में से हाथ निकालकर चूत में दाख़िल कर दिया और खूब रगड़-रगड़कर अंदर-बाहर करने लगा। भाभी ने कहा, “अब बर्दाश्त नहीं होता। जल्दी से अपना अपना प्लग मेरी सॉकेट में लगा दो।” मैं यह बात सुनकर हँस पड़ा।
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मैंने कहा, “ये प्लग थोड़ी है, ये तो हथियार है जो आपकी गुफा में जाकर फायर करेगा।”
फिर हम दोनों हँसने लगे।
मैंने भाभी से कहा, “तुम xxx फिल्में देखी हैं?”
उन्होंने कहा, “हाँ, तुम्हारे भैया रोज़ाना मुझे नई-नई फिल्म लाकर दिखाते रहते हैं।”
मैंने कहा, “उसमें लड़कियाँ चूत में लंड डलवाने से पहले क्या करती हैं?”
उन्होंने कहा कि “मुँह में डालकर खूब चूसती हैं।”
मैंने कहा, “करेक्ट। तो आपका क्या इरादा है?”
उन्होंने कहा, “सीधे बोलो कि मुँह में लंड ले लो।”
यह कहकर उन्होंने मुँह में लंड लेकर इतना चूसा कि मेरा लंड सफ़ेद हो गया। कुछ देर बाद लंड निकालकर मैंने कहा, “भाभी जान, मेरे लंड पर तेल लगा देंगी?”
उन्होंने तेल उठाया और मालिश शुरू कर दी।
फिर मैंने कहा, “भाभी अब खुद ही xxx की फिल्मों की तरह पोज़ बना लीजिए।”
वो डॉगी स्टाइल में मशहरी से लगकर खड़ी हो गईं।
मैंने कहा, “वेरी गुड भाभी, आप तो बहुत ही समझदार हैं।”
मैं अपना हथियार लेकर चूत पर रखा और हल्का सा झटका दिया। उनकी हल्की सी चीख निकली। मैंने परवाह किए बिना दूसरा झटका ज़ोरदार दिया। तेल की वजह से पूरा लंड दूसरे ही झटके में चूत की गहराइयों में सर करके गुम हो गया। भाभी दूसरी चीख मारी, लेकिन वो थोड़ी तेज़ थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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घर पर कोई नहीं, इसलिए मैंने परवाह नहीं की। फिर तो मैं मशीन की तरह अंदर-बाहर करने लगा। भाभी कह रही थीं, “और चोदो आह्ह्ह बड़ा मज़ा आ रहा है आह्ह्ह ओह आह प्लीज़ फक माय पुस्सी आह्ह्ह और जमकर चोदो।” भाभी की इन आवाज़ों से मैं और शेर हो गया और भाभी बिल्कुल कुतिया और मैं पूरा कुत्ते की तरह लंड फँसाए रहे।
कोई 15 मिनट बाद मैंने भाभी से कहा, “भाभी मेरी छूटने वाली है।”
तो उन्होंने कहा, “अंदर ही छोड़ दो, मेरे पास टैबलेट पड़ी है, मैं खा लूँगी।”
मैंने भाभी से कहा, “चलो बेड पर चलते हैं।”
मैं यूँ ही लंड फँसाए भाभी को बेड पर उल्टा लेटाकर थोड़ी देर बाद मैं बेहाल सा होकर भाभी की पीठ पर लेट गया। भाभी भी साथ ही छूट गई। थोड़ी देर यूँ ही पड़े रहे। फिर भाभी ने कहा, “उठो।” मैं उठ गया। मैंने अपना लंड निकाल लिया। भाभी उसे चूसने लगीं। थोड़ी देर बाद हम दोनों फिर गरम हो गए। इस बार हम इस पोज़िशन में लेट गए — 69। भाभी मेरा लंड चूस रही थीं और मैं उनकी चूत का भरपूर मज़ा ले रहा था। कुछ देर बाद मेरी दोबारा छूटने वाली थी।
मैं भाभी से कहा, उन्होंने कोई जवाब न दिया और मेरा सारा पानी उनके मुँह में ही गिर गया। और भाभी वो सब पी गईं और मुझसे कहा, “तुम भी ऐसा करो, बड़ा मज़ा आएगा।”
मैं भी चूत के अंदर ज़बान डालकर चूसता रहा। फिर उनकी भी छूट गई और थोड़ा सा पानी मेरे मुँह में और बाकी मुँह पर गिर गया, जो कि भाभी ने अपनी ज़बान से चाटकर साफ़ कर दिया। उस दिन हम पूरी रात यूँ ही लगे रहे। सुबह उठकर भाभी ने मुझे अपने हाथों से नहलाया। फिर मैंने भी उनके पूरे जिस्म पर साबुन खूब मज़े ले-लेकर लगाया। हम दोनों नहाकर एक-दूसरे को कपड़े पहनाए। मैंने उनको ब्रा पहनाई।
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मुझे एक दिन बड़ी हैरत हुई जब उन्होंने कहा कि “मेरी प्यास तुम्हारे लंड से भी बुझी, लेकिन जब भी तुम्हारे भैया बाहर जाएँ तो मुझे ऐसे ही चोदा करो।”
मैंने भाभी से कहा कि “मेरा दोस्त है जिसका लंड तक़रीबन 8 इंच का है। अगर तुम चुदवाना चाहो तो मैं उसे राज़ी करूँ, वो फ़ौरन मान जाएगा।”
भाभी ने पूछा, “तुम्हें कैसे पता कि वो फ़ौरन मान जाएगा और उसका लंड 8 इंच का है?”
मैंने कहा, “एक बार मैं उसके घर गया, वो सेक्सी मूवी देख रहा था। मैं भी उसके साथ देखने बैठ गया। कुछ देर बाद जब हम दोनों गरम हुए तो किसी लड़की को चोदने का दिल करने लगा। फिर हम दोनों ने यही खेल एक-दूसरे के साथ खेला। सच पूछो तो भाभी मुझे तो बड़ा मज़ा आया।”
उन्होंने कहा, “ठीक है, तुम उसे भी बुला लेना।”
मैंने उसे बताया तो वो फ़ौरन राज़ी हो गया। मैंने और उसने भी मिलकर उस रात भाभी को खूब चोदा। लेकिन भाभी की प्यास अभी-अभी नहीं मिटी। उसे और बड़ा और मोटा चाहिए। इसके बाद सच पूछो तो मुझे लगा जैसे मेरी भाभी कोई रंडी हो…
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