Sex Story Padosan
मेरी उम्र 24 साल की है। ये बात आज से एक साल पहले की है। उस समय हम लोग अपने नए घर में शिफ्ट हुए थे। उस नवंबर-दिसंबर का महीना था। जिस एरिया में हमारा घर था, वो एरिया कुछ ज्यादा अच्छा नहीं था। इसलिए मैं वहाँ के लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करता था। Sex Story Padosan
वहीं मेरे घर से एक मकान छोड़कर दूसरे मकान में एक फैमिली रहती थी — हस्बैंड, वाइफ और उनका एक बेटा। उनका बेटा 7 या 8 साल का था। हस्बैंड की एक बुक शॉप थी। मैं उन्हें भैया कहकर बुलाता था। उनकी वाइफ का नाम गायत्री था। उनकी उम्र कोई 32 साल की होगी। वो बहुत खूबसूरत थी और उनकी बॉडी भी स्लिम थी।
उनका हमारे घर का आना-जाना था, इसलिए मैं उनसे अक्सर बातें करता रहता था। एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि “विवेक आप मेरे बेटे पियूष को ट्यूशन पढ़ा दोगे? उसके एग्जाम होने वाले हैं। अगर तुम उसे एक महीने पहले से ही पढ़ा दो तो वो अच्छे नंबरों से पास हो जाएगा।”
मैंने कहा, “ठीक है भाभी, मैं पियूष को पढ़ा दिया करूँगा। लेकिन दिन में तो मैं ऑफिस चला जाता हूँ, शाम को ही पढ़ा पाऊँगा।”
तब भाभी ने कहा, “ठीक है।”
सच में भाभी इतनी खूबसूरत थी कि क्या बताऊँ, लेकिन मैंने उन्हें कभी गलत नज़र से नहीं देखा था। नेक्स्ट डे से मैं रात में कभी 7 बजे तो कभी 8 बजे जाकर पियूष को पढ़ाने लगा। मैं जब पियूष को पढ़ाता तो भाभी भी वहीं बैठी रहती थीं और मुझसे बातें करती थीं।
इसे भी पढ़े – जेठानी ने जेठ जी से पेलवाया देवरानी को
एक बार उन्होंने मुझसे पूछा कि “क्यों तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं?”
मैं घबरा गया कि भाभी क्या पूछ रही हैं क्योंकि इससे पहले कभी ऐसी बात हमारे बीच में नहीं हुई थी। मैंने इनकार में सर हिला दिया।
तो कहने लगीं कि “तुम तो लड़कियों की तरह शर्मा रहे हो।”
मैंने कहा, “नहीं भाभी ऐसी कोई बात नहीं है, सच में मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है।”
उस दिन उसके बाद कोई बात नहीं हुई। एक दिन मैं पियूष को पढ़ा रहा था तो भाभी ने अंदर से आवाज़ देकर मुझे अंदर आने के लिए कहा। तो पियूष को किताब पढ़ाने के लिए देकर अंदर चला गया। मैं अंदर गया तो भाभी ने कहा कि “ये गैस का रेगुलेटर नहीं बदल रहा है, मुझसे तुम बदल दो जरा।”
मैंने कहा, “ठीक है मैं बदल देता हूँ।” और ये कहकर गैस का रेगुलेटर बदलने के लिए आगे बढ़ा। भाभी वहीं गैस सिलेंडर के बगल में खड़ी थीं और रेगुलेटर को बदलने की कोशिश कर रही थीं। उस समय पता नहीं किस तरह से मेरा हाथ भाभी की गांड से टच हो गया। भाभी ने कुछ नहीं कहा।
उसके बाद रेगुलेटर बदलते समय भाभी का हाथ बार-बार मेरे हाथ में आ जा रहा था। भाभी का हाथ बहुत ही सॉफ्ट था। किसी तरह से मैं रेगुलेटर बदल दिया। और मैं पियूष को पढ़ाने चला गया। उसके दूसरे दिन भी मुझे भाभी ने अंदर बुलाया और कहने लगीं कि “कल तुम्हारे भैया कुछ बुक्स लेकर आए थे, तुम्हें पढ़ना हो तो वो वहाँ रखी हैं, वहाँ से ले लो।” ये कहते हुए उन्होंने टेबल की तरफ इशारा कर दिया।
मैंने वो बुक ली और वहाँ से चला गया। उन बुक्स में कुछ हॉट पिक्चर और कुछ स्टोरीज़ थीं। मैं वो सब पढ़े। किताब पूरी पढ़ने के बाद मैंने सोचा कि बुक वापस कर दूँ। और यही सोचकर मैं उनके घर चला गया। उस समय दोपहर के 2 बजे रहे थे।
जब मैं घर के अंदर गया तो देखा कि भाभी ने केवल पेटीकोट और ब्लाउज पहन रखे हैं और ब्लाउज के 2 बटन खुले हैं। जिससे उनकी चूचियाँ साफ-साफ दिख रही थीं। उनकी चूचियों को देखकर तो मेरे लंड के जैसे करेंट दौड़ने लगा हो। भाभी ने मुझे देख लिया था लेकिन उसके बाद भी ऐसे रिएक्ट किया जैसे उन्होंने मुझे नहीं देखा है।
इसे भी पढ़े – दोस्त की माँ के जिस्म का मजा मिला
उसके बाद अचानक मेरी तरफ देखते हुए बोलीं, “अरे विवेक तुम कब आए? मैंने तो तुम्हें देखा ही नहीं। आओ अंदर आ जाओ।”
उसके बाद मैं अंदर आकर बैठ गया। वो उसी तरह मेरे पास आईं और बोलीं, “एक बात बताओ, तुमने आज तक कभी किसी लड़की या औरत को नंगा देखा है?”
मैंने कहा, “नहीं भाभी आज तक नहीं देखा है।”
वो मेरे बगल में बैठी थीं और जब बातें कर रही थीं तो मैं बार-बार उनकी चूचियों की तरफ देख रहा था। भाभी ने मुझे देखते हुए देख लिया था।
वो बोलीं, “अगर देखना है तो मुझसे कहो, मैं तुम्हें ऐसे ही दिखा दूँगी।”
मैं घबरा गया कि भाभी क्या बोल रही हैं। उसके बाद भाभी ने मेरे चेहरे पर हाथ रखते हुए बोला, “कभी किसी के साथ कुछ किया है या नहीं?” मैं चुप रहा। मैंने कुछ नहीं बोला। भाभी अपना हाथ मेरे चेहरे और सीने पर घुमाने लगीं। तो मैंने भाभी से कहा कि “भाभी मैं आपको किस करना चाहता हूँ।” और कहते हुए उनके चेहरे को अपने तरफ खींचकर उनके होंठों पर किस करने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उनके होंठ बहुत ही रसीले थे। मैं उनके होंठों को चूसने लगा और भाभी मेरे होंठों को चूसने लगीं। दोनों करीब 2 मिनट तक ऐसे ही किस करते रहे। उसके बाद भाभी बोलीं कि “तुम तो कह रहे थे कि तुमने कभी कुछ नहीं किया है लेकिन तुम्हें देखकर लगता नहीं है कि तुमने कभी कुछ नहीं किया है।”
मैं कुछ नहीं बोला और भाभी के ब्लाउज का एक बटन खोलकर उनकी चूची को हल्का-हल्का दबाने लगा। उनको भी अच्छा लग रहा था इसलिए कुछ नहीं बोलीं। फिर मैंने उनके ब्लाउज को पूरा खोल दिया। तो भाभी कहने लगीं, “तुम तो बहुत तेज हो, पहले तो तुमने किस करने को कहा और अब मेरी चूचियाँ दबाने लगे।”
मैंने कहा, “भाभी आप बहुत खूबसूरत हो और मैं आपको चोदना चाहता हूँ।”
तो भाभी बोलीं, “इसीलिए तो तुम्हें वो बुक्स दी थीं कि देखकर तुम कुछ समझो।”
इसे भी पढ़े – ममता मैडम साथ चूत और गुदा मैथुन किया
और मैं बिना कुछ कहे भाभी की एक चूची पर अपना मुँह लगाकर चूसने लगा और दूसरी चूची को अपने हाथ से दबाने लगा। भाभी भी मस्ती में आकर “ऊह्हहाा… और ज़ोर से चूसो… बहुत अच्छा लग रहा है… चूसते रहो… ऊह्हहाा… मज़ा आ रहा है… ज़ोर से चूसो और ज़ोर से।”
मैं अपने पूरे स्पीड से भाभी की चूची को चूसने लगा। चूची चूसते हुए मैंने अपने हाथ भाभी के पेटीकोट के अंदर डालकर उनके गांड को सहलाने लगा। तब तक भाभी भी मस्त हो चुकी थीं। भाभी की गांड को सहलाते हुए मैंने भाभी की चूत को भी हल्के-हल्के सहलाने लगा। भाभी मस्ती में “आह्ह… ह्ह… ऊफ्फ…”
अब भाभी ने कहा, “तुम तो बहुत एक्सपर्ट लगते हो, मुझसे पहले कितनों के साथ चुदाई कर चुके हो?”
मैंने कहा, “भाभी चुदाई तो 3-4 लोगों के साथ किया है लेकिन जैसी चूचियाँ आपके हैं वैसी चूचियाँ मैंने आज तक नहीं चूसी हैं। आपके चूची बहुत टेस्टी हैं।”
ये कहते हुए मैंने अपनी उँगली भाभी की पैंटी के अंदर चूत में डाल दी और भाभी ने “स्स्क्काा” करते रहे, “बहुत अच्छा लग रहा है।” और फिर मैंने झटके से भाभी की पैंटी उतार दी और कहा, “भाभी सच में आप बहुत खूबसूरत हो।” तो भाभी ने मुझसे कहा कि “ये क्या भाभी-भाभी लगा रखा है, तुम मुझे कुछ और कहकर बुलाया करो।”
तब मैंने गायत्री के सभी कपड़े उतार दिए थे तो गायत्री भाभी “मेरे जानेमन” ने मुझे हल्का सा धक्का देकर बेड पर लिटा दिया और वो मेरे ऊपर आकर मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर चूसने लगीं। चूसते-चूसते बोल रही थीं, “मेरे राजा तेरा लंड तो एकदम मस्त है, जब ये लंड मेरी चूत में जाएगा तो मेरी चूत को भी बहुत मज़ा आएगा।” और वो मेरे लंड को ज़ोर से चूस जा रही थीं।
और जब मुझसे भी नहीं रहा गया तो मैं भी अपना लंड उनके मुँह में अंदर-बाहर करने लगा। वो मेरे लंड को इस तरह से चूस रही थीं कि मैं जल्दी ही हल्के होने के स्टेज में आ गया था। और मैं ज़ोर-ज़ोर से लंड अंदर-बाहर करने लगा और फिर मैं उनके मुँह में ही झड़ गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – बचपन की सहेलियों के साथ चोदा चोदी
उन्होंने फिर अपनी जीभ से ही मेरे लंड को साफ किया और कहा, “बहुत दिनों के बाद ऐसे मज़ा आ रहा है।” फिर वो बाथरूम में चली गईं। करीब 10 मिनट के बाद बाथरूम से निकलकर आईं और मेरे बगल में बैठ गईं और मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़कर हिलाने लगीं। और मैं उनके होंठों को चूसने लगा।
थोड़ी देर तक होंठों को चूसने के बाद मैंने कहा कि मैं आपकी चूत चूसूँगा और उनकी टाँगें फैलाकर उनको बेड पर लिटा दिया और फिर मैं उनकी चूत को अपनी दो उँगलियों से फैलाकर उनके रसीली चूत को जीभ से हल्के-हल्के चूसने लगा। और वो “आह्ह… पूरा चूस लो मेरी चूत को… व्व्वोह्ह… ह्ह्ह्न्न्ह्ह… बहुत अच्छा लग रहा है।” और वो भी अपनी कमर को ऊपर-नीचे करने लगीं।
तब मैंने उनकी चूत में अपनी पूरी जीभ डालकर चूसने और चाटने लगा और वो ज़ोर-ज़ोर से “आह्ह… चूस लो मेरी चूत का पूरा रस चूस लो आह्ह…” उनके चूत पूरे गीले हो चुके थे। और मैं उनके चूत का रस बड़े मज़े से चूसता जा रहा था। सिसकारते हुए उन्होंने कहा, “साहिल अब अपना लंड डाल भी दो मेरी चूत में, बर्दाश्त नहीं हो रहा है।”
फिर मैंने अपने लंड को गायत्री भाभी की चूत पर रखकर एक हल्का सा धक्का लगाया कि मेरा आधा से ज़्यादा लंड उनके चूत के अंदर चला गया। और वो ज़ोर से “स्स्स्साा जल्दी से पूरा डाल दो।” और मैंने एक ज़ोर का धक्का मारा कि मेरा पूरा लंड गायत्री की चूत में घुस गया। और वो “ह्हहाा आह्ह… और तेज़ी से चोदो मुझे, आज मुझे जी भरकर चोदो।”
इसे भी पढ़े – मेरी बीवी की बुर चोद किराया वसूला मकान मालिक ने
और मैं अपने पूरे स्पीड से उनकी चूत में अपना लंड अंदर-बाहर करने लगा। और वो भी कमर उठा-उठाकर मेरे साथ दे रही थीं। और बोलती जा रही थीं, “आज मेरी चूत का फाड़ डालो, उसे खूब चोदो, चोदते रहो।” और फिर वो बोलते-बोलते झड़ गईं लेकिन मैंने उसी तरह से अपने स्पीड से उन्हें चोदे जा रहा था। उनकी चूत से रस निकल रहा था और फच-फच की आवाज़ें आने लगी थीं।
तब मैंने उनसे कहा कि मैं आपको दूसरे एंगल से चोदना चाहता हूँ। तो बोलीं, “कौन से एंगल से चोदोगे अब मुझे?” मैंने कहा कि “आप ज़मीन पर लेट जाइए और अपने पैर को उठाकर बेड पर रख दीजिए।” और उन्होंने ऐसे ही किया। मैं उनके पैरों के बीच में गया और उसको फैलाकर अपने दोनों कंधे पर रखकर उनकी चूत की छेद पर अपना लंड रखकर धक्के मारने लगा।
इस तरीके से उन्हें भी अच्छा लगने लगा और बोलीं, “बहुत मज़ा आ रहा है मेरे राजा, जैसे चोदना हो चोदो मुझे।” मैं करीब उस एंगल से 10 मिनट तक चोदने के बाद लगा कि झड़ने वाला हूँ और मैंने उनसे कहा कि मैं झड़ने वाला हूँ, मैं अपना वीर्य कहाँ गिराऊँ। उन्होंने कहा कि “मेरी चूत में ही गिरा दो।” और मैंने अपना पूरा वीर्य उनकी चूत में ही गिरा दिया। और मैं बेड पर आकर लेट गया।
तब ही उनकी नज़र घड़ी पर गई तो देखा कि 5 बजने वाले हैं तो वो बोलीं कि “पियूष के आने का समय हो गया है, तुम शाम को आना।” और फिर मैंने अपने कपड़े पहने और चला आया। जब शाम को पियूष को पढ़ाने के लिए गया तो 15-20 मिनट के बाद उन्होंने मुझे अंदर रूम में बुलाया और बातें करने लगीं। कल दिन में आने के लिए बोलीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने कहा, “ठीक है।”
इसे भी पढ़े – भूतहा घर में चुदने का मजा लिया
तभी उन्होंने मेरे होंठों पर ज़ोर से किस किया और कहने लगीं, “जो मज़ा तुम्हारे साथ आता है वो मुझे उनके साथ (उनके हस्बैंड) नहीं आता है।” तब ही मैंने भाभी से कहा कि “अभी कुछ दिनों पहले जो आपके यहाँ आई थी वो लड़की कौन थी?” तो गायत्री भाभी ने कहा कि “वो मेरे मामा की लड़की थी।” मैंने कहा कि “वो भी बहुत खूबसूरत और सेक्सी लगती है।” भाभी कहने लगीं कि “मेरी शादी से पहले हम दोनों ने कई बार साथ में सेक्स किया है।” तब मैंने भाभी से कहा कि “उसे भी यहाँ बुलाइए, मैं आप दोनों की चुदाई एक साथ करना चाहता हूँ।”
उन्होंने कहा, “ठीक है, अगले महीने तुम्हारे भैया (उनके हस्बैंड) 10 दिन के लिए आगरा जाने वाले हैं, तब मैं उसको यहीं बुला लूँगी। फिर तुम जैसे चाहिए हम दोनों को चोदना।” और फिर मैंने हल्के से उनकी चूची को दबाते हुए उनको होंठों पर एक किस किया और फिर मैं दूसरे रूम में पियूष को पढ़ाने चला गया। कैसे मैंने गायत्री भाभी और उनके मामा की लड़की दोनों को एक साथ 8 दिनों तक कैसे चोदा, ये कहानी मैं आप लोगों को बाद में बताऊँगा। आप लोगों को मेरी स्टोरी कैसी लगी, मुझे ज़रूर बताना।
प्रातिक्रिया दे