• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer

HamariVasna

Hindi Sex Story Antarvasna

  • Antarvasna
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Hindi Sex Story
  • माँ बेटे का सेक्स
  • अपनी कहानी भेजिए
  • ThePornDude
You are here: Home / Rishto Mein Chudai / चाची के बुर की सारी प्यास मिटा दी

चाची के बुर की सारी प्यास मिटा दी

अगस्त 6, 2026 by hamari Leave a Comment

Pyasi Aunty Chudai Story

यह घटना पिछले साल की है, जब “तीज” का त्योहार था। मैं यहाँ पहले अपनी उस दोस्त और उसकी मम्मी के बारे में कुछ बता देना चाहता हूँ। मेरा दोस्त का नाम पूरब है। वह मुझसे बहुत छोटा है, पर एक ही जगह रहने के कारण हमारी अच्छी दोस्ती थी। मेरा अक्सर उसके घर आना-जाना होता था। Pyasi Aunty Chudai Story

उसकी मम्मी काफी सुंदर थीं। उम्र हो चुकी थी, पर अपनी फिगर को मेंटेन करने के कारण उनके उम्र का पता बिल्कुल भी नहीं चलता था। हमेशा एकदम सेक्सी लगती थीं। घर में हमेशा ट्रांसपेरेंट साड़ी और टाइट ब्लाउज पहनती थीं, जिससे उनकी चुचियाँ बाहर निकलने के लिए हमेशा मचलती रहती थीं।

मैं उन्हें देखकर अपना लंड मसल तो जरूर लेता था, पर कभी उन्हें चोदने के बारे में नहीं सोचा था। उनका पति गाँव में खेती-बाड़ी का काम देखता था। गाँव में उनकी काफी जमीन है, जहाँ उनके पति खेती किया करते थे। वह कभी-कभार ही यहाँ आते थे, तो उनकी चुदाई होती थी और बाकी समय उनकी चूत लंड की प्यासी ही रह जाती थी।

पिछले साल “तीज” का त्योहार था। मेरा दोस्त अपनी मम्मी के साथ गाँव जा रहा था, तो उसने मुझे भी चलने के लिए कहा। मैं भी तैयार हो गया। रात की ट्रेन थी। हम सफर कर रहे थे। मैं खिड़की की तरफ बैठा था, बीच में मेरा दोस्त और उसके बाद मेरे दोस्त की मम्मी।

रात के करीब 12 बजे सभी लोग सो गए थे। लाइट ऑफ कर दी गई थी। मेरे दोस्त ने भी “सोने जा रहा हूँ” कहकर ऊपर की बर्थ में सोने चला गया। अब चाची मेरे बिल्कुल करीब सटकर बैठ गईं। मुझे बेचैनी सी होने लगी। मैंने कहा, “चाची, आप भी यहीं पर सो जाओ, मैं बैठता हूँ।”

इसे भी पढ़े – ऑफिस गर्ल अपने बड़े चुचे दिखाती रहती

तब चाची वहीं पर मेरी तरफ सर रखकर मेरी पीठ के पीछे सो गईं। उनकी चुचियाँ मेरी पीठ पर लग रही थीं। मुझे अजीब सी खुशी मिल रही थी। मैं भी जानबूझकर थोड़ा और चाची की तरफ सरक गया, जिससे उनकी चुचियाँ पूरी तरह से मेरी पीठ से दबने लगीं। मेरा लंड खड़ा हो गया था।

तब मैं मुठ मारने की सोच रहा था कि अचानक देखा कि चाची की साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया है और उनकी टाइट ब्लाउज में से उनकी गोरी चुचियाँ झाँक रही हैं। मैं उन्हें दबाना चाह रहा था, पर हिम्मत नहीं हुई। काफी देर तक चुचियाँ देखने के बाद मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और मैंने अपनी एक हाथ जैसे ही चाची की तरफ बढ़ाया, चाची हिलीं और अपनी एक हाथ मेरे ठीक खड़े हुए लंड के ऊपर रख दिया।

मुझे तो जैसे करंट सा लग गया। मेरे पूरे शरीर में बिजली सी दौड़ने लगी। मैं समझ नहीं पा रहा था कि मैं क्या करूँ। उनकी गोरी-गोरी चुचियाँ मेरी आँखों के सामने थीं और उनका हाथ मेरे लंड के ऊपर। मैंने थोड़ा सा हिम्मत किया और अपना एक हाथ उनकी एक चुची के ऊपर इस तरह से ले जाकर रखा जैसे कि उन्हें लगे कि मैंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया है।

मैं अपना हाथ उनके ब्लाउज में से निकले हुए चुची पर आहिस्ते-आहिस्ते सहलाने लगा। उनकी तरफ से कोई रिएक्शन न देखकर मैंने हिम्मत की और अपना हाथ उनकी नाभि पर सहलाने लगा। अचानक चाची हिलीं और आँखें खोल दीं। मैं डर गया, कहीं चाची कुछ न कह दें।

चाची उठीं और टॉयलेट चली गईं। ट्रेन अपनी रफ्तार से चल रही थी। चाची जब टॉयलेट से आईं तो ट्रेन के हिलने से उनका बैलेंस डगमगाया और वो ठीक मेरे ऊपर आकर गिर गईं। मैंने उन्हें संभालने के लिए अपना हाथ बढ़ाया तो मेरा दोनों हाथ चाची की चुचियों पर जा लगा और चाची का हाथ मेरे लंड पर आ गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

इसे भी पढ़े – दोस्त की बहन चूत चुदवा रही थी मामा से

खैर, मैंने चाची को संभालकर सीट पर बैठाया और कहा, “कहीं चोट तो नहीं आई?” चाची ने “नहीं” कहते हुए मुस्कुरा दी। हम गाँव पहुँचे और उसी दिन “तीज” का त्योहार था। चाची काफी खुश थीं। आज वो लगभग 8 महीने के बाद चाचा से मिल रही थीं। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था।

वो सुबह से ही खुद को तैयार करने में लगी हुई थीं। शाम हुई तो मैंने उन्हें गौर से देखा। वो क्या लग रही थीं! उन्हें आज शाम को चाचा के साथ पूजा के लिए जाना था। वो दुल्हन की तरह सजी हुई थीं। मैं समझ चुका था कि आज रात चाची की प्यासी बुर की प्यास मिटने वाली है।

मैं बस चाची को देखे जा रहा था। चाची एक येलो कलर की रेशमी साड़ी और उसकी मैचिंग ब्लाउज पहने थीं। हाथों में मेहंदी के रंग खूब खिल रहे थे और होठों पर लगाया हुआ लिपस्टिक तो यूं लग रहा था कि जैसे मैं ही अभी उन्हें किस कर लूँ। उनके पीले रंग के ब्लाउज में से उनकी चुचियाँ बाहर झाँक रही थीं।

उनका वो खूबसूरत रूप देखकर मैं पागल हो रहा था। पर हिम्मत नहीं हो रही थी कि मैं कुछ भी कहूँ। पर इतना जरूर सोच लिया था कि भले मैं कुछ न कर पाऊँ, पर मैं आज चाची की चुदाई जरूर देखूँगा। पर किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। उस रात चाची की चुदाई मेरे ही लंड से लिखी थी।

रात को हम खा-पीकर सोने की तैयारी कर रहे थे। चाची ने अपने कपड़े नहीं बदले थे। शायद आज उन्हें दुल्हन बनकर ही चाचा से चुदवाने की इच्छा हो रही थी। और हो भी क्यों ना। आज 8 महीनों के बाद उनकी बुर लंड को खाने जा रही थी। तभी गाँव के एक आदमी ने आकर कहा कि पास वाले गाँव की सारी फसल कल कुछ जंगल से आने वाले जानवरों ने नष्ट कर दी है। अगर तुम अपनी फसल बचाना चाहते हो तो अपने खेत की रखवाली करने चलो।

इसे भी पढ़े – यंग चाची को विदेशी स्टाइल में चोदा

चाचा तुरंत तैयार हो गए। चाची उदास हो गईं। चाचा के साथ मेरा दोस्त भी चला गया अपने पिताजी के साथ खेतों की रखवाली करने। मैं भी उदास हो गया था, क्योंकि आज चाची की चुदाई देखने की जो इच्छा मैंने पाल रखी थी, वो तो अब पूरी होने वाली नहीं थी।

मैं उदास मन से अपने दोस्त के कमरे में सोने चला गया। चाची भी अपने कमरे में जाकर सो गईं। मैं गहरी नींद में था, अचानक मैंने अपने शरीर में कुछ फिसलता हुआ महसूस किया। तो मैंने झट से अपनी आँखें खोल दीं और लाइट ऑन कर दी। मैंने देखा कि चाची मेरे पास हैं और मेरे शरीर पर हाथ सहला रही हैं।

चाची अभी भी उसी साड़ी में ही थीं। वो बिल्कुल एक दुल्हन की तरह मेरे पास थीं। मैंने उनकी आँखों में देखा। उनमें गजब की प्यास थी। उनकी आँखों की लाल डोरी मुझे साफ दिख रही थी। उनका होंठ काँप रहा था। उनकी साँसें तेज चल रही थीं, जिससे उनकी चुचियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं।

उनकी चुचियों के उतार-चढ़ाव को देखकर मेरा बुरा हाल था। मैं समझ रहा था कि चाची की बुर लंड की प्यासी है। मैंने भी तब बिना वक्त गँवाए चाची को अपनी बाहों में भर लिया। उनका शरीर मक्खन की तरह मुलायम था और वासना की आग से तड़प रहा था।

तब ही चाची भी मुझसे पूरी तरह लिपटकर बोलीं, “प्रवीण…… आज मुझे तुम्हारी लंड की जरूरत है। मैंने तुम्हारे लंड का एहसास ट्रेन में ही कर लिया था। मैं तड़प रही थी। वहीं पर तुमसे चुदवाना चाहती थी, पर वहाँ मेरा बेटा भी साथ था, इसलिए मैं कुछ कर नहीं पाई। फिर दिल में तसल्ली थी कि आज तुम्हारे चाचा से जी भरकर चुदवाऊँगी, इसलिए मैं आज एक दुल्हन की तरह सजी थी।

पर तुमने तो देख ही लिया कि कैसे वो मुझे छोड़कर चले गए। प्रवीण, आज ये दुल्हन तुम्हारी है। मत सोचो कि मैं तुम्हारे दोस्त की माँ हूँ। बस इतना सोचो कि मैं तुम्हारी दुल्हन हूँ। प्लीज प्रवीण, मेरी बुर पिछले 8 महीनों से सूखी पड़ी हुई है। इसे अपनी लंड के पानी से सींच दो प्लीज।”

इसे भी पढ़े – मुझे होटल ले जाकर पेला पड़ोसी ने

ऐसा कहते हुए उन्होंने मेरा हाथ अपनी चूत के ऊपर रखा। मैंने भी एहसास किया उनकी चूत की गर्मी का। फिर उन्होंने कहा, “प्रवीण, आज रात मैं सिर्फ तुम्हारी दुल्हन हूँ। प्लीज आज चोद दो मेरी बुर को और मेरी प्यास बुझा दो। आज सारी रात मेरी बुर को चोदो, इसे फाड़ दो ताकि इसे फिर कभी अपने इस बूढ़े पति की याद ही न आए। आज ऐसे चोदो मेरी बुर को कि ये तुम्हारा गुलाम हो जाए।”

चाची की इन बातों से मेरे अंदर भी हवस जग गई थी। मैंने भी इतना अच्छा मौका गँवाना नहीं चाहा। मैंने चाची को अपनी बाहों में समेटा और उनकी होठों पर अपने गर्म होठ रख दिए। चाची एकदम से सिसक उठीं। मैं उनके होठों को अपने मुँह में भरकर चूसने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

और अपना एक हाथ उनकी चुचियों पर रखकर चुचियों को मसलने लगा। और दूसरा हाथ उनकी साड़ी के ऊपर से ही उनकी चूत को मसल रहा था। मैं उनके होठों के सारे रस को चूसने के बाद अपना होंठ उनके ब्लाउज के ऊपर से ही उनकी चुचियों पर घुमाने शुरू कर दिया। चाची सिसक रही थीं। मैंने अपने एक हाथ से उनकी चुचियों को काफी जोर से मसला.

जिससे चाची सिहर उठीं और बोलीं, “प्रवीण, जरा धीरे, दर्द होता है।” तो मैंने कहा, “तो मैं कुछ करता ही नहीं,” कहकर मैं हट गया। तब ही चाची तुरंत मुझसे लिपट गईं और बोलीं, “प्लीज तड़पाओ मत प्रवीण। तुम्हें जैसे अच्छा लगता है करो। मैं पूरी तुम्हारी हूँ। मैं अब कुछ नहीं कहूँगी। तुम आज चाहे मुझे मार ही दो, पर मुझे चोदो जरूर, क्योंकि अगर आज मैं नहीं चुदवाई तो चुदवाने की ये तड़प ऐसे ही मेरी जान ले लेगी।”

फिर मैं चाची के पीछे गया और उन्हें पीठ की तरफ से पकड़ा और अपनी दोनों हाथों से उनकी चुचियों को ब्लाउज के ऊपर से मसलने लगा। अब मैंने उनकी ब्लाउज के हुक खोल दिए और ब्लाउज को उनकी शरीर से आजाद कर दिया। अब वो एक काली रंग की ब्रा में थीं।

मैंने ब्रा के हुक भी खोल दिए। अब उनकी नंगी चुचियाँ मेरे हाथ में थीं। मैं जोर-जोर से मसलने लगा। उनकी चुचियों को मसल-मसलकर उनकी गोरी चुचियों को लाल कर दिया था। उनके निप्पल खड़े हो गए थे, ऐसे लग रहे थे जैसे किसी कुँवारी लड़की की चुचियाँ हों।

इसे भी पढ़े – भाभी की चुदास सेक्स वर्धक दवा खाके मिटाया

अब मैं अपना एक हाथ उनकी नाभि में घुमाने शुरू किया। चाची पूरी तरह मदहोश हो गई थीं। मैंने उनकी साड़ी खोल दी और पेटीकोट का नाड़ा भी खींच दिया। उन्होंने अंदर पैंटी नहीं पहनी थी। मैंने अपना हाथ उनकी चूत पर रख दिया। आज सुबह ही शायद उन्होंने अपनी चूत की झांटें साफ की थीं।

उनकी एकदम चिकनी चूत गीली हो चुकी थी। उनकी चूत से एक अजीब सी महक आ रही थी। मैं उनकी चूत में एक उँगली डालकर अंदर-बाहर करने लगा। चाची बोलीं, “ओओह्ह्ह आआह्ह्ह…… प्रवीण क्या कर रहे हो…… आआह्ह्ह स्स्स्ह्ह्ह प्लीज अब और मत तड़पाओ। मेरी बुर तुम्हारे लंड की प्यासी है। प्लीज अपना लंड मेरी चूत में डालो।”

कहते हुए उन्होंने मेरा हाफ पैंट खोल दिया और मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर मसलने लगीं। मेरा लंड तनकर एकदम टाइट हो गया था। वो मेरे लंड को अपनी बुर की तरफ खींच रही थीं, पर मैं तो अभी उनके साथ और खेलना चाह रहा था। मैं उनकी एक चुची को अपने मुँह में भरकर चूस रहा था और अपनी उँगली से उनकी बुर को चोद रहा था।

इतने में वो मुझसे जोर से लिपट गईं। उनकी साँसें काफी तेज हो गईं और उनकी बुर ने तभी पानी छोड़ दिया। मेरा पूरा हाथ उनके बुर के पानी से भीग गया। तब ही मेरी नजर वहाँ टेबल पर रखी एक मधु की बोतल पर पड़ी। मैंने तुरंत वो मधु की बोतल लाकर मधु उनकी चुचियों में डाल दिया और बड़े मजे लेकर उनकी चुचियों को चूसने लगा।

भाभी सिसकियाँ ले रही थीं… “आआह्ह्ह ओओह्ह्ह…… स्स्स्ज्ज्ज ज्यूऊऊप्प्प…… ह्ह्ह्फ्फ्फ्।” मैंने देखा उनकी बुर फूलकर मेरे लंड को चैलेंज कर रही थी। अब मुझे भी अपने लंड पर कंट्रोल नहीं हो रहा था। तभी चाची ने मेरे हाथ से मधु की बोतल ले लिया और सारा मधु मेरे लंड पर डालकर चूसने लगीं।

इसे भी पढ़े – कुंवारी कली को फूल बनने की वासना सवार हुई

मेरा लंड अब पूरा उनकी मुँह में था और मैं भी उनके मुँह में ही अपना लंड पेल रहा था। अब मेरा लंड मुझसे बर्दाश्त करने लायक नहीं था। तो मैंने अपना लंड उनके मुँह से बाहर निकाला और चाची के दोनों जाँघों को फैला दिया। इससे उनकी चूत पूरी तरह खुलकर मेरे सामने आ गई। मैंने अपना लंड उनकी चूत के मुँह पर रखा।

चाची सिसकते हुए कहीं, “प्रवीण अब तो डाल दो। देख मेरी बुर तुम्हें बुला रही है…… ऊऊह्ह्ह ओओफ्फ्फ्स्स्।” मैंने तभी एक जोरदार झटका अपनी लंड को दिया, जिससे मेरा पूरा लंड एक ही बार में चाची की बुर को फाड़ते हुए अंदर चला गया। चाची चीखीं, “आआह्ह्ह!”

मैंने फिर भी दम नहीं लिया और जोर से झटके देता रहा। चाची के मुँह से आवाज निकलती रही…… “ह्ह्ह्आआह्ह्ह ओओफ्फ्फ्।” मैं जोर-जोर से धक्के देता रहा और उनकी चुचियों को भी चूसता रहा। अब चाची को मजा आने लगा था। वो भी अपनी गांड उछाल-उछालकर मेरे झटकों का जवाब दे रही थीं।

फिर उन्होंने मुझे जोर से जकड़ लिया, पर मैंने झटके लगाना बंद नहीं किया। वो दोबारा झर चुकी थीं। अब मैंने उन्हें उल्टा लिटा दिया और उन्हें कुतिया की तरह झुका दिया। उनकी गांड को थोड़ा सा ऊपर की तरफ उठाया, जिससे उनकी बुर पूरी तरह से खुल गई। अब मैं डॉगी स्टाइल में अपना लंड उनकी बुर में डालकर चोद रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

उनकी चुदाई में मुझे काफी मजा आ रहा था और वो भी पूरे मजे से मुझसे चुदवा रही थीं। फिर चाची को एक बार फिर मैंने सीधा लिटा दिया और उनकी बुर में अपना लंड डालकर जोरदार चुदाई करने लगा। चाची को चोदते हुए लगभग एक घंटा हो गया था। अब मेरे लंड पर मेरा भी बस नहीं चल रहा था। मैंने अपना झटके का जोर बढ़ा दिया और जोर-जोर से चाची को चोदने लगा।

इसे भी पढ़े – ट्रेन में मालिश करके चोदा भाभी को

फिर हम साथ-साथ झर गए। मैंने अपने लंड का सारा पानी चाची की बुर में डाल दिया। और लगभग 10 मिनट तक यूँ ही लेटा रहा। तब चाची उठीं। उनकी चेहरे पर एक अजीब सी चमक थी, क्योंकि आज 8 महीने बाद उनकी बुर की इतनी जबरदस्त चुदाई हुई थी। उनकी बुर फूलकर लाल हो गई थी। हम दोनों साथ में बाथरूम गए। दोनों साफ होने के बाद मैंने फिर उन्हें पकड़ लिया और उनकी चुचियों को मसलने लगा और कहा, “क्या ख्याल है चाची, एक बार और अपनी बुर चुदवाओगी क्या?”

चाची बोलीं, “प्रवीण, अब मैं और मेरी बुर और मेरा पूरा शरीर तुम्हारा है। जब चाहो, जितना चाहो चोदो। मैं कुछ भी नहीं कहूँगी। क्योंकि मेरी बुर अब तुम्हारी लंड की गुलाम बन चुकी है। अब तो मुझे अपनी बुर में सिर्फ तुम्हारा ही लंड चाहिए। अभी तुम्हें चोदना है तो बेसक चोद सकते हो। माय पुस्सी आल्वेज वेलकम योर लंड।” “प्रवीण, हम कल ही वापस चले जाएंगे। वहाँ जाकर जी भरकर तुम मेरी बुर को चोदना।” तब मैंने उन्हें फिर बाथरूम में चोदा और फिर कमरे में ले जाकर भी उस रात 2 बार और चोदा। उनकी सारी प्यास मैंने मिटा दी।

ये Pyasi Aunty Chudai Story आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे……………

अपने दोस्तों के साथ शेयर करे-

Related posts:

  1. पतिव्रता बुआ की वासना साथ संभोग 1
  2. बुआ दीदी और मम्मी की कामाग्नि शांत की
  3. सासु माँ को चुदाई का पूरा सुख दिया
  4. खून के रिश्तों में संभोग का सुख
  5. संभोग के गुप्त रहस्य मामी ने समझाया
  6. रतिक्रिया और संभोग का सुखद अहसास

Filed Under: Rishto Mein Chudai Tagged With: Anal Fuck Story, Bathroom Sex Kahani, Blowjob, Boobs Suck, Family Sex, Hardcore Sex, Hindi Porn Story, Kamukata, Mastaram Ki Kahani, Non Veg Story, Sexy Figure

Reader Interactions

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

कहानियाँ सर्च करे……

नवीनतम प्रकाशित सेक्सी कहानियाँ

  • चाची के बुर की सारी प्यास मिटा दी
  • Dubai Me Chudwane Lagi Meri Wife
  • भैया ने कच्ची कलियों को फूल बनाया 1
  • Lund Priya Ki Gand Me Dal Diya
  • छोटी बहन ने होली रंगीन बना दी 2

Desi Chudai Kahani

कथा संग्रह

  • Antarvasna
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Desi Adult Sex Story
  • Desi Maid Servant Sex
  • Devar Bhabhi Sex Story
  • First Time Sex Story
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Group Mein Chudai Kahani
  • Hindi Sex Story
  • Jija Sali Sex Story
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Girl Sex Kahani
  • Meri Chut Chudai Story
  • Padosan Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Teacher Student Sex
  • माँ बेटे का सेक्स

टैग्स

Anal Fuck Story Bathroom Sex Kahani Blowjob Boobs Suck College Girl Chudai Desi Kahani Family Sex Hardcore Sex Hindi Porn Story Horny Girl Kamukata Kunwari Chut Chudai Mastaram Ki Kahani Neighbor Sex Non Veg Story Pahli Chudai Phone Sex Chat Romantic Love Story Sexy Figure Train Mein Chudai

हमारे सहयोगी

क्रेजी सेक्स स्टोरी

Footer

Disclaimer and Terms of Use

Privacy Policy

HamariVasna - Free Hindi Sex Story Daily Updated