Cuckold Uncle Aunty
मैं हेमंत गुजरात से हूँ। मैं 27 साल का हूँ और मेरा लंड 8 इंच लंबा है। आज मैं जो आपको कहानी सुनाने जा रहा हूँ, वो एक अंकल, आंटी और मेरी है। ये बात आज से करीब तीन साल पहले की है। मैं सूरत शहर अपने अंकल के यहाँ गया था। वो अपार्टमेंट में 3rd फ्लोर पर रहते हैं और अपार्टमेंट 5 फ्लोर का है। Cuckold Uncle Aunty
मैं दूसरे दिन सुबह के करीब 7 बजे 5th फ्लोर पर एक्सरसाइज़ करने गया। मैंने बर्मुडा और टी-शर्ट पहन रखा था। टेरेस पर पहुँचकर मैंने टी-शर्ट भी निकाल दी। मैं रोज़ सिर्फ़ बर्मुडे में ही एक्सरसाइज़ करता हूँ क्योंकि टी-शर्ट पसीने से भीग जाता है। तो मैंने अपना टी-शर्ट निकाल दिया और सिर्फ़ बर्मुडे में ही एक्सरसाइज़ करने लगा। मैं एक्सरसाइज़ कर रहा था और टेरेस पर एक अंकल मुझे एक नज़र से देख रहे थे।
जब मैंने उनकी ओर देखा तो उन्होंने नज़र हटा ली, लेकिन फिर थोड़ी देर बाद वो देखने लगे। वो करीब 55 साल के थे। उन्होंने लुंगी और बनियान पहन रखी थी। मैंने करीब एक घंटे तक एक्सरसाइज़ करता रहा और वो मुझे देख रहे थे तथा लुंगी के ऊपर से अपने लंड को मसल रहे थे। जब मैंने एक्सरसाइज़ खत्म की तो वो मेरे करीब आए और पूछने लगे कि आपको कभी पहले नहीं देखा।
मैंने कहा, “मैं अपने अंकल के यहाँ आया हूँ।”
फिर उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा और मेरे मसल्स पर हाथ फिराते हुए बोले, “तुम्हारी बॉडी तो बहुत अच्छी है। क्या तुम मुझे एक्सरसाइज़ कराना सिखाओगे?”
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वो बातें करते जाते और मेरे कंधे पर हाथ फिराते जाते थे।
फिर मैंने कहा, “क्यों नहीं, मैं दो-तीन दिन रुकने वाला हूँ तो आपको सिखा दूँगा।”
फिर अंकल ने कहा, “मैं 4th फ्लोर पर रहता हूँ। तुम सुबह जब एक्सरसाइज़ करने आओ तब मुझे जरा आवाज़ देना।”
मैंने कहा, “ठीक है।”
दूसरे दिन करीब 7 बजे मैंने अंकल के दरवाज़े की डोरबेल बजाई तो अंदर से आंटी ने दरवाज़ा खोला। आंटी ने स्लीवलेस गाउन पहन रखा था। वो करीब 50 साल की होगी लेकिन बहुत खूबसूरत थी। उसके होंठ तो किसी यंग लड़की जैसे क्लीन और गुलाबी थे।
उसके गाउन में से क्लिवेज दिख रही थी और उसके बूब्स बड़े-बड़े और नीचे झुके हुए थे। उसने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी। तभी आंटी ने मुझे अंदर आने को कहा। मैं अंदर जाकर सोफे पर बैठ गया। अंकल ब्रश कर रहे थे। आंटी मेरे पास बैठ गई और बोली, “तेरे अंकल ने मुझे बताया कि तुम उन्हें एक्सरसाइज़ कराना सिखाने वाले हो।”
तो मैंने कहा, “हाँ, सिखाने वाला हूँ।”
आंटी ने कहा, “क्या मुझे भी सिखाओगे?”
मैंने कहा, “क्यों नहीं, लेकिन गाउन में आप कैसे करेंगी?”
तभी अंकल ने ब्रश खत्म किया और बोला, “वो मेरा ट्राउज़र और टी-शर्ट पहन लेंगी।”
मैंने कहा, “तो ठीक है।”
फिर आंटी ने कहा, “लेकिन मैं कभी ट्राउज़र पहन के बाहर नहीं निकली हूँ। क्या तुम हमारे रूम में ही नहीं सिखा सकते?”
तो मैंने कहा, “क्यों नहीं, आपका रूम भी बहुत बड़ा है।”
फिर अंकल ने मुझे कहा, “अपना टी-शर्ट निकाल दो, यहाँ शर्माने की कोई ज़रूरत नहीं।”
फिर मैंने अपना टी-शर्ट निकाल दिया तो आंटी मेरी छाती पर देखती ही रह गई। और फिर अंकल ने भी लुंगी और बनियान निकाल दी और सिर्फ़ बर्मुडा पहन लिया। उनके बूब्स बिलकुल लड़कियों जैसे थे और उनके बदन पर एक भी बाल नहीं था और उनकी तोंद भी निकली हुई थी।
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फिर मैंने एक्सरसाइज़ सिखाना शुरू किया। पहले तो आसान एक्सरसाइज़ करवाई। फिर मैंने उन्हें आगे झुकने को कहा और अपने हाथ-पैरों के पंजों को छूने को कहा तो वो दोनों सिर्फ़ आधे ही झुक पाए। फिर पीछे झुकने को कहा तो वो झुक ही नहीं पाते थे और पीछे की ओर गिर जाते थे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो मैंने अंकल की कमर को पकड़कर पीछे झुकने को कहा। जैसे ही वो पीछे झुके तो मेरा लंड उनके लंड से टकराने लगा। उनका लंड तुरंत खड़ा हो गया जो बर्मुडे में से साफ़ दिख रहा था। मैंने दूसरी बार झुकने को कहा तो दूसरी बार मेरा लंड उनके लंड से टकराया और उन्होंने अपनी कमर हिलाई और मेरे लंड से उनका लंड घिसने लगे।
फिर मैंने आंटी को कमर से पकड़ा तो उनकी कमर बहुत सॉफ्ट थी। जैसे ही वो पीछे की ओर झुकी, मेरा लंड उनकी चूत को ट्राउज़र के ऊपर से छू गया। अब तो मेरा लंड भी टाइट हो गया। फिर दूसरी बार झुकने को कहा तो मेरा ८ इंच लंबा लंड उनकी चूत को छू गया।
मैंने उन्हें थोड़ी देर ऐसे ही झुकाते हुए रखा और अपना लंड उनकी चूत पर था। उन्हें थोड़ा और धक्का दिया तो उनकी सॉफ्ट चूत का अहसास मेरे लंड को होने लगा। फिर जैसे ही मैंने उन्हें सीधा किया, उन्होंने मेरे टाइट लंड की ओर देखा जो बर्मुडे में से साफ़ दिख रहा था। मुझे बहुत मज़ा आया तो मैंने आंटी को तीसरी बार झुकने को कहा।
फिर से मेरा लंड ट्राउज़र के ऊपर से उनकी चूत को छूने लगा। तभी आंटी ने भी अपनी चूत मेरे लंड पर कमर हिलाकर रगड़ने लगी। अंकल ये सब देख रहे थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। फिर आंटी तुरंत खड़ी हो गई तो उनके बूब्स मेरी छाती को छू गए। मेरा लंड तो और टाइट हो गया। फिर हम तीनों थक गए थे। तीनों को पसीना निकल रहा था तो हम सोफे पर बैठ गए और बातें करने लगे।
मैंने कहा, “आपके घर में आप दोनों ही रहते हैं?”
तो उन्होंने कहा, “हमारे दो लड़के हैं, दोनों अमेरिका में हैं। यहाँ हम दोनों अकेले ही रहते हैं।”
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थोड़ी देर और बातें की और फिर मैं चला गया। दूसरे दिन फिर मैं उनके घर गया और आंटी ने ही दरवाज़ा खोला। आज वो दोनों पहले से तैयार हो चुके थे। आंटी ने ट्राउज़र और स्किन टाइट टी-शर्ट पहन रखा था जिसमें से उसके बड़े-बड़े बूब्स साफ़ दिख रहे थे। मेरा लंड तो तुरंत खड़ा हो गया। आंटी ने मुस्कुराकर अंदर बुलाया और मैं सोफे पर बैठ गया।
मैं सोफे पर बैठा था लेकिन अंकल और आंटी ने कहा, “यार हम दोनों के तो पैर बहुत दर्द कर रहे हैं। आज हम कसरत नहीं कर पाएँगे।”
तो मैंने कहा, “थोड़े दिनों तक दर्द करेंगे, बाद में सही हो जाएगा। और आज हम आसान एक्सरसाइज़ ही करेंगे और बाद में आप अपने पैरों के मसाज कर लेना तो दर्द चला जाएगा।”
तो फिर वो दोनों तैयार हो गए। फिर हमने सिर्फ़ आधे घंटे तक ही एक्सरसाइज़ की और फिर सोफे पर बैठ गए।
फिर अंकल ने कहा, “क्यों ना तुम भी हमारे साथ मसाज कर लो।”
मैंने कहा, “ठीक है।”
फिर आंटी एक बाउल में ऑयल लेकर आई। नीचे ज़मीन पर एक चादर बिछाई और अंकल नीचे सो गए। उन्होंने सिर्फ़ बर्मुडा पहन रखा था। अब आंटी उनकी छाती पर ऑयल लगाने लगी और मैं उनके पैरों पर। अंकल के पैर बिलकुल लड़कियों जैसे सॉफ्ट थे और एक भी बाल नहीं था।
फिर मैंने उनकी जाँघों पर ऑयल लगाया और धीरे-धीरे उनकी जाँघों को मसलने लगा। अब अंकल का लंड टाइट हो गया और बर्मुडे में से दिखने लगा था। अब अंकल पूरे ऑयली हो गए थे। फिर अंकल ने मुझे चादर पर सुलाया और वो मेरे पैरों पर ऑयल लगाने लगे और आंटी मेरी छाती पर ऑयल लगाने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मेरा लंड तो तुरंत टाइट हो गया और बर्मुडा टेंट की तरह हो गया। अब अंकल ने मेरे घुटनों के ऊपर मेरी जाँघों पर ऑयल लगाया और धीरे-धीरे वो मेरी जाँघों को मसलते हुए अपना हाथ ऊपर बढ़ा रहे थे और आंटी मेरे नाभि तक पहुँच गई थी। मेरा लंड तो पूरा 8 इंच टाइट हो गया।
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फिर अंकल मेरे लंड तक पहुँच गए और अपना हाथ कभी-कभी मेरे लंड को टकराने लगा था। फिर अंकल ने अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया। जब मैंने कोई रिएक्शन नहीं दिया तो अपना हाथ बर्मुडे के ऊपर से मेरा लंड फिराने लगे और आंटी ने अपना हाथ ऊपर से मेरे बर्मुडे में डाल दिया और मेरा लंड पकड़ लिया और मेरे लंड से खेलने लगी।
फिर अंकल ने मेरा बर्मुडा निकाल दिया तो मेरा 8 इंच लंबा लंड देखकर दोनों की आँखें फट गईं। अब मैं पूरा न्यूड चादर पर सोया हुआ था। अब अंकल ने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और चूसने लगे। मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था और आंटी ने मेरे होंठों को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी तथा अपनी टंग मेरे मुँह में डाल दी और मैं उनकी जीभ को मुँह में से चूसने लगा।
फिर मैंने आंटी के लिप्स अपने मुँह में ले लिए और चूसने लगा और अंकल तो मेरे लंड को पूरा मुँह में लेकर चूस रहे थे। मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था। फिर अंकल ने अपना बर्मुडा निकाल दिया। उनका लंड बहुत छोटा था, करीब 4 इंच का था। फिर मैंने आंटी के बूब्स दबाने लगा और उनका टी-शर्ट निकाल दिया।
क्या बदन था उसका — किसी यंग लड़की जैसा गोरा-गोरा बदन था और उनकी नाभि बहुत गहरी और बड़ी थी। मैं तो उनके बूब्स को चाटने लगा। अब तो अंकल भी आंटी के बूब्स चाटने लगे। एक बूब्स मैं चाट रहा था और दूसरा बूब्स अंकल चाट रहे थे। फिर मैंने उनकी निप्पल को अपने मुँह में लिया और अपनी जीभ उस पर फिराने लगा और आंटी के मुँह से आवाज़ निकल रही थी — “चूसो मेरे बूब्स को… पूरा मसल दो… आह्ह… उह्ह… चूस मेरे बेटे… मेरा पूरा बूब्स चूस ले।”
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फिर मैंने अपनी जीभ उनकी नाभि पर फिराने लगा और अपनी जीभ उनकी नाभि में डाल दी और चूसने लगा। अब आंटी पूरी तरह से कामुक हो गई थी। फिर मैंने आंटी का ट्राउज़र और पैंटी निकाल दी। अब हम तीनों पूरे नंगे हो गए थे। अब मैं उनकी चूत को चूसने लगा।
तभी अंकल ने अपना लंड आंटी के मुँह में डाल दिया। आंटी पूरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी थी। मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में डाल दी और जीभ अंदर-बाहर करने लगा। तभी अंकल ने मेरा लंड हाथ में लिया और उसे चूसने लगे। फिर अंकल मेरी तरफ़ अपनी गांड करके बोले, “अपना लंड मेरी गांड में घुसा दो।”
तो मैंने उनकी गांड की तरफ़ देखा तो उनकी गांड बिलकुल क्लीन थी। उनकी गांड पर एक भी बाल नहीं था। तो मैं उनकी गांड को चूसने लगा जिससे अंकल के मुँह से आवाज़ निकल गई — “आह्ह्ह्ह… और चाट मेरी गांड को… बहुत मज़ा आ रहा है।” फिर मैंने अपनी उँगली ऑयल वाली की और उनकी गांड में घुसा दी और उँगली अंदर-बाहर करने लगा। फिर मैंने दो उँगलियाँ घुसा दी और अंदर-बाहर करने लगा।
फिर मैंने अपना लंड उनकी गांड पर रखा और धक्का दिया तो मेरा सुपाड़ा अंदर घुस गया और फिर दूसरा धक्का दिया तो पूरा लंड अंकल की गांड में घुस गया और मैं अंदर-बाहर करने लगा। आंटी अंकल का लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही थी और अंकल चिल्ला रहे थे — “वाह क्या मज़ा आ रहा है… अपना पूरा लंड घुसा दे मेरी गांड में।” और मैं और ज़ोर से धक्का देने लगा।
तभी अंकल ने अपना पानी आंटी के मुँह में छोड़ दिया और वो खड़े होकर बेडरूम में चले गए। फिर मैंने हाथ में ऑयल लिया और आंटी के दोनों बड़े-बड़े और मखमल जैसे बूब्स पर ऑयल लगाकर मसाज करने लगा और उनके दोनों बूब्स मसलने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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आंटी तो पूरे जोश में आ गई थी और बोल रही थी, “मेरे पूरे बदन को मसल दे।” और मैं भी जोश में आ जाता था और उनके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगता। फिर मैंने उनकी नाभि पर ऑयल लगाया और उनके एब्डोमेन पर हाथ फिराने लगा। फिर मैंने उनकी जाँघों पर ऑयल लगाया और किस करते हुए उनकी मांसल जाँघों को मसलने लगा। अब आंटी से रहा नहीं जा रहा था और वो बोली, “डाल दे अपना बड़ा लंड मेरी चूत में… अब मुझसे रहा नहीं जा रहा।”
तो मैंने अपना 8 इंच लंबा लंड उनकी चूत में डाल दिया। पहले ही धक्के में पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया। अब मैं अपना लंड अंदर-बाहर करने लगा और आंटी आवाज़ निकाल रही थी — “चोद मेरे बेटे… अपनी आंटी को पूरी चोद डाल।” और मैं ज़ोर-ज़ोर से धक्का देने लगा। मेरा पूरा लंड उनकी चूत में डाल देता। करीब आधे घंटे बाद वो झड़ गई और मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। तभी मैंने भी अपना पानी आंटी के मुँह में छोड़ दिया और मेरा पूरा पानी आंटी पी गई।
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