• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer

HamariVasna

Hindi Sex Story Antarvasna

  • Antarvasna
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Hindi Sex Story
  • माँ बेटे का सेक्स
  • अपनी कहानी भेजिए
  • ThePornDude
You are here: Home / Rishto Mein Chudai / संजय अपनी चाची की प्यास बुझाने लगा

संजय अपनी चाची की प्यास बुझाने लगा

जुलाई 22, 2026 by hamari Leave a Comment

Aunty Ki Jismani Jarurat

संजय अपने 15 साल की उम्र में अनाथ हो गया था। संजय को उसके चाचा-चाची ने अपने गाँव में ले जाकर पाल-पोसकर बड़ा किया। उनके चाचा-चाची को शादी के कई सालों के बाद भी कोई संतान नहीं था। संजय के पिताजी की जमीन बताई पर कोई दूसरा आदमी जोतता था। Aunty Ki Jismani Jarurat

संजय के चाचा को संजय के हिस्से की जमीन पर ज्यादा इंटरेस्ट था और संजय पर कम। उसकी चाची बहुत कोमल हृदय की औरत थी और वो संजय का हर तरह से देखभाल किया करती थी। बाद में संजय को पता चला कि उसकी चाची को उससे प्यार भी था।

संजय के चाचा-चाची एक छोटे से एक कमरे की मकान में रहते थे। वो हॉल में सोता था, उसकी चाची कमरे के अंदर सोती थी और उसका चाचा बाहर वरांडे में सोता था क्योंकि अंदर कमरे में बहुत गर्मी हुआ करती थी। एक रात संजय को गर्मी से परेशान नींद नहीं आ रही थी और उसने देखा कि उसका चाचा उठकर चुपचाप उसकी चाची के कमरे में जा रहे हैं।

चाचा अंदर कमरे में जाकर चुपचाप चाची के पास लेट गए और धीरे से उनको जगा दिया। उन लोगों ने अपने कमरे का दरवाजा बंद नहीं किया था क्योंकि वो लोग सोच रहे थे कि संजय अपनी गहरी नींद में सो रहा होगा। कमरे में एक हल्की सी लाइट जल रही थी और उसकी रोशनी में संजय को कमरे के अंदर सब कुछ साफ-साफ दिख रहा था।

इसे भी पढ़े – ट्यूशन वाले भैया से चुदवाने लगी बहन

चाचा ने जमीन पर चाची के पास बैठकर इनके कपड़ों को उतारना शुरू कर दिया। उन्होंने पहले चाची की ब्लाउज को फिर ब्रा उतार दी। चाची खड़ी हो गई और संजय अपनी चाची की नंगी चुचियाँ देख रहा था। फिर उसके चाचा ने चाची की साड़ी को उठाकर उसके अंदर घुस गए और कुछ करने लगे।

चाची उसके चाचा का साड़ी से ढका सिर पकड़कर अपनी चूतड़ हिला रही थी। फिर चाची ने धीरे से अपनी साड़ी उतारकर पूरी तरह से नंगी हो गई। संजय को यह देखकर बहुत ताज्जुब हुआ कि उसका चाचा अपनी बीवी की चूत पर मुँह लगाकर उसकी झाँटों से भरी चूत चाट रहा है।

कुछ मिनटों के बाद चाचा ने अपनी बीवी को अपने पास जमीन पर लिटा दिया और खुद उसके ऊपर चढ़ गए। ऊपर चढ़ने के बाद चाचा ने अपना चूतड़ ऊपर-नीचे करने लगे। संजय ने पहले से ही सेक्स के बारे में सुन रखा था लेकिन आज वो पहली बार चूत की चुदाई देख रहा था।

जल्दी ही उसके चाचा शांत हो गए और थोड़ी देर के बाद उठकर बाहर वरांडे में सोने के लिए चले गए। चाची थोड़ी देर के बाद बड़बड़ाकर बाथरूम में गई और फिर नंगी ही वापस आ गई। चाची नंगी ही अपने बिस्तर पर लेटकर अपने पैरों के बीच कुछ करने लगी। उनकी हाथ अपने पैरों के बीच बहुत जोर-जोर से हिल रहा था और थोड़ी देर के बाद चाची शांत होकर लेट गई।

फिर चाची मुँह करके संजय की तरफ अपनी चूतड़ करके नंगी ही सो गई। अपनी चाची की नंगी चूतड़ देख-देखकर और यह सोचते हुए कि उसने अभी-अभी क्या देखा, संजय अपने लंड पर हाथ फेरने लगा और थोड़ी देर के बाद झड़कर सो गया। अगले दिन संजय की चाची ऐसा बर्ताव किया जैसे कुछ हुआ ही नहीं है।

इसे भी पढ़े – दीदी चूत में लिपस्टिक घुसा रही थी

यह सिलसिला कुछ दिनों तक चलता रहा और संजय अपने चाचा और चाची की चुदाई देखता रहा। लेकिन एक दिन जब संजय के चाचा गाँव से बाहर गए थे तो चाची ने संजय से पूछा, “क्यों तुम रोज रात को हमारी चुदाई देख-देखकर मजा लूटते हो? मैं सोच रही हूँ कि मैं यह बात तुम्हारे चाचा से कह दूँ।” चाची ने संजय से बोली।

संजय डर गया और अपने चाची से यह सब बात चाचा से न कहने के लिए बोला, “चाचा मुझे बहुत मारेंगे और मुझे अपने घर से निकाल देंगे। मेरे पास और कोई ठिकाना नहीं है, मैं कहाँ जाऊँगा? चाची प्लीज चाचा से यह बात मत कहना।”

“ठीक है, मैं नहीं बोलूँगी, लेकिन मैं कहूँ वैसे ही करना पड़ेगा, ठीक है?” चाची ने संजय से बोली।

“तुम जो भी कहोगी, मैं वैसे ही करूँगा।” संजय ने अपनी चाची से बोला।

“संजय तुम तो जानते ही हो कि तुम्हारा चाचा जल्दी-जल्दी से अपना काम खत्म करके सोने चला जाता है और मैं कैसे अपने आप को अपनी उँगली से शांत करती हूँ। अब मैं चाहती हूँ कि तुम मुझे जहाँ-जहाँ कहूँ शांत करो। समझ गए?” चाची ने संजय से बोली। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

“हाँ चाची मैं सब कुछ समझ गया, लेकिन मैं कुछ नहीं जानता हूँ।” संजय ने धीरे से अपनी चाची से बोला।

“मैं तुझे सब कुछ अभी आज से समझा दूँगी।” चाची संजय से बोली।

फिर चाची ने संजय को अपने कमरे ले गई। जमीन पर चटाई बिछाई और उस पर दो तकिए लगा दिए। अब वो संजय के सामने खड़ी हो गई और अपनी ब्लाउज उतारने को बोली। संजय बहुत घबराया हुआ था और उसका हाथ ब्लाउज के हुक खोलते वक्त काँप रहा था।

इसे भी पढ़े – मम्मी की चूत का इन्स्युरेंस किया एलआईसी वाले ने

संजय का डर देखकर चाची ने उसको धीरे-धीरे बातों से समझाया और फिर अपने बाहों में भर लिया। चाची ने तब संजय को अपनी ब्लाउज की हुक खोलने में मदद करने लगी और फिर अपना ब्लाउज उतार दिया। फिर वो मुँह करके खड़ी हो गई और अपनी ब्रा की हुक खोलने के लिए बोली।

जब ब्रा की हुक खुल गई तो चाची फिर से संजय के सामने हो गई और अपने दोनों हाथों से अपने चुचियाँ और ब्रा पकड़कर खड़ी हो गई और धीरे से अपना ब्रा उतार दिया। संजय मुँह बाए फटी-फटी आँखों से अपनी चाची की नंगी चुचियाँ देखने लगा। यह पहला मौका था कि संजय किसी औरत की नंगी चुचियाँ देख रहा था और वो भी अपनी चाची की चुचियाँ।

“तुम्हें यह चुचियाँ पसंद हैं?” चाची ने अपनी दोनों चुचियाँ अपने हाथों से उठाते हुए संजय से पूछी। “लो इनको छूकर देखो, इनसे खेलो।” चाची ने अपनी चुचियाँ संजय के हाथों में थमाते हुए बोली।

चाची देख रही थी कि संजय कुछ हिचकिचा रहा है। फिर चाची ने संजय के हाथों को पकड़कर अपनी चुचियों से लगा दिया। संजय उन चुचियों की गर्मी और कड़ापन से उत्तेजित होकर उन चुचियों से खेलने लगा। संजय उन चुचियों के निप्पल को पकड़कर देखने लगा।

चाची ने संजय का सिर पकड़कर उसके चेहरे से अपनी चुचियाँ रगड़ दी और बोलने लगी, “संजय मेरी चुचियों को चूसो, जैसा एक बच्चा माँ का दूध पीता है वैसे ही तुम मेरी चुचियों को चूसो।”

संजय को जैसा बोला गया वो करने लगा। पहले उसने निप्पल को अपने मुँह में लिया फिर थोड़ी सी चुची अपने मुँह में भरकर जोर-जोर से चूसने लगा। फिर चाची ने अपनी दूसरी चुची उसके मुँह से लगाकर बोली, “अब तुम दूसरी चुची को भी चूसो।”

“अब मेरी साड़ी उतारो।” चाची ने संजय से बोली। “और मैं तुम्हें अपनी झाँटों से भरी चूत दिखाऊँगी। मैं तुम्हें सब कुछ दिखाऊँगी। मैं तुम्हें आसमान की सैर करवाऊँगी।”

इसे भी पढ़े – भाभी की गरम चूत को ट्रेन में शांत किया

संजय ने तब अपनी चाची की साड़ी और फिर उनकी पेटीकोट उतार दी। चाची ने अपना चूतड़ हिला-डुलाकर अपनी पेटीकोट उतार दी और अपनी नंगी शरीर लेकर संजय के सामने खड़ी हो गई। फिर चाची ने संजय का पायजामा और उसका अंडरवीयर उतारकर उसको भी अपनी तरह नंगा कर दिया।

संजय अपनी चाची के सामने नंगा होकर खड़ा होने से शर्मा रहा था। लेकिन उसका लंड अब तक खड़ा हो चुका था और अपना सिर हिला-हिलाकर चाची की चूत को अपने पास बुला रहा था। चाची ने संजय के खड़े लंड को अपने हाथों से पकड़कर अपनी तरफ खींची। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

“वाह, तुम्हारा लंड तो तुम्हारी उम्र से कुछ ज्यादा ही लंबा और मोटा है। क्यों है ना?” चाची बोली।

फिर चाची झुककर संजय के लंड को अपने होंठों से लगाकर चूमी और फिर मुँह में भर लिया और उस पर अपनी जीभ फिराने लगी। थोड़ी देर संजय के लंड पर अपनी जीभ फिराने के बाद चाची बोली, “चलो तुम्हारा क्लास अभी से शुरू किया जाए।”

चाची जमीन पर बिछी चटाई पर लेटकर अपने पैरों को फैला दी और संजय को अपने पैरों के बीच में बैठने के लिए बोली। अपने चूतड़ के नीचे एक तकिया रखने के बाद चाची ने अपनी जाँघों को और खोल दिया और संजय से बोली, “और पास आकर मेरी चूत को देखो।”

संजय का चेहरा अपनी चाची की चूत से करीब चार इंच दूर था और उसके नाक में अपनी चाची की चूत से निकलती हुई सोंधी-सोंधी खुशबू घुस रही थी। चाची ने अपने हाथों से अपनी झाँटों भरी चूत को और फैला दिया और संजय से अपनी चूत के अंदर लाल-लाल हिस्सा देखने के लिए बोली।

फिर अपने हाथों से संजय को अपनी चूत के दाने को दिखाकर उसको चूसने के लिए बोली। संजय ने तब अपनी चाची की चूत के दाने को अपने होंठों में लेकर चूसना शुरू किया और इससे उसको बहुत मजा मिलने लगा। चाची ने अपनी चूत के होंठों के बीच का हिस्सा भी संजय से चाटने के लिए बोली।

इसे भी पढ़े – ठण्ड से बचने के लिए बहन साथ चुदाई

संजय ने वैसा ही किया। उसने अपनी जीभ अंदर तक डालकर अपनी जीभ घुमा-घुमाकर चूसने लगा। वो धीरे-धीरे और पूरा गहरा चूस रहा था। उसकी चाची सिसक उठी। उसने अपनी चाची के चूतड़ों पर एक चपत लगाई। चाची की चूत से मीठा गीला सा रस निकलने लगा।

संजय तुरंत वो रस चाटने लगा और उसे वो रस इतना टेस्टी लगा कि वो तेज-तेज पूरा रस चाटने लगा। चाची यह बर्दाश्त नहीं कर पाई और अपने दोनों पैरों से संजय का सिर अपनी चूत में दबा लिया। फिर चाची ने संजय से चोदने के लिए बोली और संजय ने अपनी चाची की चूत में अपना लंड डालकर चोदना शुरू कर दिया।

पहले संजय ने चाची को जमीन पर लेटाकर, फिर उनको कुत्तिया की तरफ झुकाकर और खुद उनके पीछे से, और फिर खुद जमीन पर लेटकर और चाची को अपने ऊपर चढ़ाकर चोदा। संजय की जवानी अपने पूरे जोश पर थी। वो रोज दिन को अपनी चाची की चूत अपने लंड से बाँधता था और तब तक चाची को नहीं छोड़ता था जब तक चाची अपनी चूत चुदवाते-चुदवाते थक नहीं जाती।

फिर चाची निढाल होकर चुपचाप जमीन पर लेट जाती और अपनी टाँगें फैलाकर संजय से अपनी चूत पीछे से चोदने को बोलती। संजय धीरे से अपना खड़ा हुआ लंड उनकी चूत के अंदर उतार देता था और उनको अपने हाथों में भरकर अपना लंड जितना जा सके उतना डालकर रगड़के चोदता।

वो जैसे ही अपनी चुदाई की रफ्तार बढ़ाता था उसकी चाची गालियाँ बकने लगती, “अरे हरामजादे, क्या तू अपनी चाची को मार ही डालेगा क्या। तेरा लंड तो पूरा गधे का लंड जैसा है। आई माँ मर रही हूँ। छोड़ मेरी चूत, निकाल ले अपना लंड, मेरी चूत फटे जा रही है। देख तेरे लंड के धक्के से मेरी गुलाबी चूत काली पड़ चुकी है।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

इसे भी पढ़े – शादी के बाद भी दीदी मुझसे चुदवाने आई

तब संजय ने अपना लंड पूरे जोर तक चाची की चूत में डालकर वो झड़ गया। संजय झड़ने के बाद चुपचाप अपनी चाची की पीठ पर लेट गया और महसूस करने लगा कि चाची की चूत से पानी निकलकर उसके अंडों को गीला कर रही है। रात को जब संजय के चाचा अपनी बीवी को चोदते थे तो संजय उनके चुदाई अंधेरे में लेटकर देखता था और अपने लंड पर हाथ फेरता था। जब चाचा अपनी बीवी को चोदकर वरांडे में सोने के लिए चले जाते थे तब चाची संजय को अपने कमरे में बुला लेती थी और उससे अपनी चूत को फिर से चोदने के लिए बोलती थी।

संजय उस समय जब अपनी चाची को चोदता था तो अपने चाचा का वीर्य चाची की चूत से निकलकर उसके अंडों और जाँघों पर फैल जाता था। यह चाची और भतीजे की चुदाई का किस्सा बहुत दिनों तक चलता रहा लेकिन एक दिन संजय और उसकी चाची को रंगे हाथों चुदाई करते हुए पकड़ लिया। चाचा ने संजय को इसके लिए बहुत मारा-पीटा और संजय को अपने घर से अगले दिन निकाल दिया। चाचा ने अपनी बीवी को भी बहुत लताड़ा लेकिन उसने जो सुख अपनी चूत से दिए हैं यह सोचकर चाचा ने चाची को घर से नहीं निकाला।

ये Aunty Ki Jismani Jarurat की कहानी आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे………….

अपने दोस्तों के साथ शेयर करे-

Related posts:

  1. पतिव्रता बुआ की वासना साथ संभोग 1
  2. ससुर की रखैल बनी सेक्सी बहु
  3. बुआ दीदी और मम्मी की कामाग्नि शांत की
  4. सासु माँ को चुदाई का पूरा सुख दिया
  5. खून के रिश्तों में संभोग का सुख
  6. संभोग के गुप्त रहस्य मामी ने समझाया

Filed Under: Rishto Mein Chudai Tagged With: Bathroom Sex Kahani, Blowjob, Boobs Suck, Family Sex, Hardcore Sex, Hindi Porn Story, Kamukata, Mastaram Ki Kahani, Non Veg Story, Sexy Figure

Reader Interactions

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

कहानियाँ सर्च करे……

नवीनतम प्रकाशित सेक्सी कहानियाँ

  • चूत को गुलाब जल से धो कर चुदवाया
  • Ek Randi Ki Dukh Bhari Kahani
  • संजय अपनी चाची की प्यास बुझाने लगा
  • माँ मेरे ही लंड से शांत हो पाती है
  • Maa Ki Asaliyat Us Rat Pata Chali

Desi Chudai Kahani

कथा संग्रह

  • Antarvasna
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Desi Adult Sex Story
  • Desi Maid Servant Sex
  • Devar Bhabhi Sex Story
  • First Time Sex Story
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Group Mein Chudai Kahani
  • Hindi Sex Story
  • Jija Sali Sex Story
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Girl Sex Kahani
  • Meri Chut Chudai Story
  • Padosan Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Teacher Student Sex
  • माँ बेटे का सेक्स

टैग्स

Anal Fuck Story Bathroom Sex Kahani Blowjob Boobs Suck College Girl Chudai Desi Kahani Family Sex Hardcore Sex Hindi Porn Story Horny Girl Kamukata Kunwari Chut Chudai Mastaram Ki Kahani Neighbor Sex Non Veg Story Pahli Chudai Phone Sex Chat Romantic Love Story Sexy Figure Train Mein Chudai

हमारे सहयोगी

क्रेजी सेक्स स्टोरी

Footer

Disclaimer and Terms of Use

Privacy Policy

HamariVasna - Free Hindi Sex Story Daily Updated