Kamuk Housewife Chudai
मैं अमृता हूँ, मेरी उम्र 21 साल है, रंग गोरा है, बॉडी एकदम स्लिम है। मेरी शादी 1 साल पहले हेमन्त के साथ हुई है। हेमन्त की उम्र 23 साल थी। हेमन्त के अलावा घर पर कोई नहीं रहता। मैं सेक्स में बहुत रुचि रखती हूँ। मैंने अपनी लाइफ के बारे में जो ख्वाब देखे थे, वो सब हेमन्त से शादी करने के बाद टूट गए। Kamuk Housewife Chudai
हेमन्त का लंड बहुत ही छोटा था और उससे मेरी भूख शांत नहीं होती थी। शादी के बाद जब मैं ससुराल पहुँची तो मैंने देखा कि एक आदमी एकदम नंगा ही पागलों की तरह हमारे घर के आस-पास चक्कर लगाता रहता था। दिखने में वो गठीले बदन का सुंदर नौजवान था और किसी अच्छे परिवार का लगता था।
उसकी उम्र लगभग 26-27 साल की रही होगी। मैंने हेमन्त से उस पागल के बारे में पूछा तो वो बोले, “ये तो बहुत दिनों से यहीं आस-पास ही घूमता रहता है।” मेरे घर के आस-पास बहुत सारे जंगली पेड़ और पौधे थे जिससे कोई भी आदमी गेट के बाहर से हमारे घर को आसानी से नहीं देख सकता था।
वो जब हमारे घर के आस-पास होता तो मैं हमेशा छुप-छुपकर उसके लंड को देखती रहती थी क्योंकि उसका लंड ढीला रहने पर भी लगभग 8 इंच लंबा और बहुत ही मोटा था। मैंने सोचा कि काश एक बार मैं उसके लंड को अपने हाथों से पकड़कर देख सकती।
मैं हमेशा सोचा करती थी कि काश हेमन्त का लंड भी लंबा और मोटा होता क्योंकि हेमन्त का लंड लगभग 4 इंच लंबा और बहुत ही पतला था। मुझे उनसे चुदवाने में बिल्कुल भी मजा नहीं आता था। वो पागल रात को हमारे कंपाउंड में आ जाता था और पूरी रात घर के मुख्य दरवाजे के पास बैठा रहता था।
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ये उन दिनों की बात है जब हेमन्त 15 दिनों के लिए बेंगलुरु चले गए। उनके जाने के दूसरे दिन रात के 8 बजे के आस-पास वो पागल हमारे घर के दरवाजे के पास आकर बैठ गया। जब वो रात को आकर बैठ जाता तो वो फिर सुबह ही वहाँ से वापस जाता था। मैंने सोचा आज उससे कुछ बात करके देखती हूँ।
मैंने डरते हुए दरवाजा खोला और उससे पूछा, “खाना खाओगे?”
उसने अपना सिर हाँ में हिला दिया। मैं खाना ले आई और जब वो खाना खा चुका तो उसने इशारे से पानी माँगा। मैंने उसे पानी लाकर दिया। पानी पीने के बाद वो चुपचाप बैठा रहा। मौका अच्छा था। मैं उसके बगल में बैठ गई। मैं तो उसके लंड को अपने हाथ में लेकर देखना चाहती थी।
मैं ये भी देखना चाहती थी कि उसका लंड खड़ा होने के बाद कितना लंबा और मोटा हो जाता है। मैंने अपना हाथ उसके जाँघों पर रख दिया। वो कुछ नहीं बोला तो मैं अपना हाथ उसके जाँघ पर फिराने लगी। वो फिर भी कुछ नहीं बोला तो मैंने अपना हाथ धीरे-धीरे उसके लंड की तरफ बढ़ा दिया। वो फिर भी कुछ नहीं बोला।
अब मेरी उँगलियाँ उसके लंड को टच कर रही थीं। मेरे बदन में सनसनी सी होने लगी तो मैंने अपनी उँगली उसके लंड पर फिरानी शुरू कर दी। जब वो फिर भी कुछ नहीं बोला तो मैंने अपने हाथों से उसके लंड को पकड़ लिया। मैं धीरे-धीरे उसका लंड सहलाने लगी तो वो मुझे घूर-घूरकर देखने लगा।
उसकी आँखों में भी सेक्स की प्यास एकदम साफ दिख रही थी। थोड़ी ही देर में उसका लंड खड़ा होने लगा। उसका लंड टाइट होने के बाद लगभग 10 इंच लंबा और बहुत ही ज्यादा मोटा हो गया। मैं उसके लंड के साइज को देखकर जोश के मारे पागल सी होने लगी और थोड़ी ही देर में मेरी चूत एकदम गीली हो गई।
मुझे अब गलत या सही का कोई होश नहीं रह गया था। मैंने सोचा अगर मैं इस पागल से चुदवा लूँ तो मुझे कोई कुछ भी नहीं कह सकेगा। अगर मुझसे कोई कुछ कहेगा तो कह दूँगी कि इस पागल ने मेरे साथ जबरदस्ती किया है। मैंने सोच लिया कि आज मैं इस पागल से चुदवा कर रहूँगी भले ही मेरी चूत का हाल कुछ भी हो।
मैं उस पागल का हाथ पकड़कर घर के अंदर ले गई। उसे देखकर लग रहा था जैसे उसने कभी नहाया ही न हो। मैं उसे बाथरूम में ले गई और उसे एक साबुन देते हुए नहाने को कहा। मैं खड़ी रही और वो नहाने लगा। जोश के मारे मेरी चूत फिर से गीली होने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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नहाने के बाद उसका गोरा बदन एकदम निखर आया। उसका लंड भी बहुत गोरा था। जब वो नहा चुका तो मैं उसे बेडरूम में ले गई। मैंने उसे बेड पर बिठा दिया। वो कुछ भी नहीं बोल रहा था। मैंने पूछा, “तुम गूंगे हो क्या?” तो उसने अपना सिर हाँ में हिला दिया।
मैंने सोचा कि ये तो और अच्छी बात है कि ये गूंगा है और किसी से कुछ भी नहीं कहेगा। मैं बेड पर उसके बगल में बैठ गई। मैंने उसके लंड को फिर से सहलाना शुरू कर दिया तो थोड़ी ही देर में उसका लंड खड़ा होकर एकदम टाइट हो गया। मैंने सोचा ये तो पागल है।
अगर मैं इसे चोदने के लिए कहूँ तो कहीं ये जबरदस्ती अपना पूरा का पूरा लंड एक झटके से ही मेरी चूत में न घुसा दे नहीं तो मेरी चूत फट जाएगी। मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और अपने सारे कपड़े उतार दिए। वो मेरे गोरे बदन को घूर-घूरकर देखने लगा। मैं उसके बगल में बैठ गई और उसके लंड के सुपाड़े पर अपनी जीभ फिराने लगी। वो जोश में आकर आहें भरने लगा।
थोड़ी देर बाद मैंने उससे पूछा, “मेरी चूत को चाटोगे?”
तो उसने अपना सिर हाँ में हिला दिया। मैं उसके ऊपर 69 की पोजीशन में लेट गई और मैंने उसका लंड अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। वो अपनी उँगलियों से मेरी क्लिटोरिस को मसलते हुए बड़े प्यार से मेरी चूत को चाटने लगा। मैं समझ गई कि वो किसी औरत को चोदने का पुराना खिलाड़ी है।
थोड़ी देर तक मेरी चूत को चाटने के बाद उसने अपनी बीच की उँगली मेरी चूत में घुसा दी और मेरी चूत के जी-स्पॉट को रगड़ने लगा। मेरे सारे बदन में आग सी लगने लगी और मैंने उसके लंड को तेजी के साथ चूसना शुरू कर दिया। वो मेरे जी-स्पॉट को रगड़ता रहा और मैं जोश से पागल सी होने लगी। फिर 2 मिनट में ही मैं झड़ गई।
उसके बाद मैं उसके ऊपर से हट गई और ढेर सारी क्रीम लाकर उसके लंड पर लगा दी और थोड़ी क्रीम अपनी चूत में भी लगा ली। क्रीम लगाने के बाद मैं फिर से उसके ऊपर आ गई। जैसे ही मैंने उसके लंड के सुपाड़े को अपनी चूत की छेद पर रखा तो उसने मेरा सिर पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और बड़े प्यार से मुझे चूमने लगा।
उसके होंठ एकदम गरम थे। मेरे सारे बदन में सिहरन सी दौड़ गई। थोड़ी देर तक मैंने अपनी चूत को उसके लंड के सुपाड़े पर रगड़ा। फिर उसके बाद मैंने अपनी चूत को उसके लंड पर थोड़ा सा दबा दिया तो मेरे मुँह से हल्की सी चीख निकल गई और उसके लंड का सुपाड़ा मेरी चूत में घुस गया।
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मुझे दर्द होने लगा तो मैंने उसके लंड का सुपाड़ा अपनी चूत से बाहर निकाल दिया और अपनी चूत को फिर से उसके लंड पर रगड़ना शुरू कर दिया। वो बड़े प्यार से मेरी पीठ को सहलाता हुआ मुझे चूमने लगा। थोड़ी देर बाद जब मेरा दर्द कुछ कम हुआ तो मैंने अपनी चूत को उसके लंड के सुपाड़े पर फिर से थोड़ा सा दबा दिया।
उसके लंड का सुपाड़ा फिर से मेरी चूत में घुस गया लेकिन इस बार मुझे ज्यादा दर्द नहीं हुआ। मैंने अपनी चूत को जैसे ही थोड़ा सा और दबाया तो मेरे मुँह से चीख निकल पड़ी। अब उसका लंड मेरी चूत में लगभग 2 इंच तक घुस चुका था। मेरी टाँगें थर-थर काँपने लगीं। मेरी धड़कन बहुत तेज चलने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
लग रहा था कि कोई गरम लोहा मेरी चूत को चीरता हुआ अंदर घुस रहा हो। मैं रुक गई। थोड़ी देर बाद मैंने धीरे-धीरे अपनी चूत को उसके लंड पर ऊपर-नीचे करना शुरू कर दिया। जब मेरा दर्द फिर से कुछ कम हुआ तो मैंने थोड़ा सा जोर और लगा दिया। मैं फिर से चीख उठी और उसका लंड मेरी चूत में 3 इंच तक घुस गया।
मैंने फिर से अपनी चूत में उसके लंड को धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद जब मेरा दर्द कुछ कम हुआ तो उसने मुझसे लेट जाने का इशारा किया। मैं जोश से पागल हुई जा रही थी और उसके इशारे के बाद मैं उसके ऊपर से हट गई और बेड पर लेट गई। मैंने सोचा अब जो होगा देखा जाएगा।
उसने मेरी चूतड़ के नीचे २ तकिए रख दिए। फिर वो मेरी टाँगों के बीच आ गया और उसने मेरी चूत के बीच अपने लंड का सुपाड़ा रख दिया और मेरी टाँगों को पकड़कर दूर-दूर फैला दिया। मैं डर रही थी कि वो कहीं जबरदस्ती ही अपना पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में न घुसेड़ दे।
उसने धीरे-धीरे अपना लंड मेरी चूत के अंदर दबाना शुरू किया। उसका लंड धीरे-धीरे मेरी चूत में घुसने लगा। जैसे ही उसका लंड लगभग 4 इंच तक मेरी चूत में घुसा तो मैं चीखने लगी और वो रुक गया। उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और मेरे स्तनों को मसलते हुए धीरे-धीरे अपना लंड मेरी चूत के अंदर-बाहर करने लगा।
अब मैं समझ गई कि वो जबरदस्ती अपना लंड मेरी चूत में नहीं घुसाएगा। थोड़ी देर बाद जब मैं झड़ गई तो उसने अपनी स्पीड थोड़ा तेज कर दी। थोड़ी देर बाद उसने एक हल्का सा धक्का लगा दिया तो मेरे मुँह से आह निकल पड़ी और उसका लंड और ज्यादा गहराई तक मेरी चूत में घुस गया।
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वो फिर से धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा। उसका लंड अब तक मेरी चूत के अंदर लगभग 5 इंच तक घुस चुका था। वो मुझे धीरे-धीरे चोदता रहा तो थोड़ी देर बाद मेरा दर्द जाता रहा और मुझे मजा आने लगा। 5 मिनट तक चुदवाने के बाद मैं फिर से झड़ गई।
मेरे झड़ने के बाद उसने फिर से अपनी स्पीड बढ़ा दी। मुझे अब बहुत ही मजा आ रहा था। मैंने अपना चूतड़ उठाना शुरू कर दिया था। मुझे चूतड़ उठा-उठाकर चुदवाता हुआ देखकर वो रुक गया और उसने धीरे-धीरे अपना लंड मेरी चूत के अंदर और ज्यादा गहराई तक घुसाना शुरू कर दिया।
उसका लंड बहुत ही धीरे-धीरे मेरी चूत को चीरता हुआ अंदर घुसता जा रहा था। जैसे ही उसका लंड मेरी चूत के अंदर थोड़ा और घुसा तो मैं फिर से तड़पने लगी लेकिन इस बार मैं चीखी नहीं। दर्द के मारे मैंने अपने होंठ जकड़ लिए। वो अपना लंड धीरे-धीरे मेरी चूत में घुसाता रहा।
जब उसका लंड मेरी चूत में लगभग 7 इंच तक घुस गया तो मैं दर्द से तड़प उठी और मेरे मुँह से जोरदार चीख निकल ही गई। मेरी चीख निकलते ही वो रुक गया। थोड़ी देर तक रुकने के बाद उसने फिर से धीरे-धीरे मेरी चुदाई शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद जब मेरा दर्द फिर से कुछ कम हो गया तो उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी और मुझे तेजी के साथ चोदने लगा।
मैं जोश के मारे पागल सी हुई जा रही थी और जल्दी से जल्दी उसका पूरा का पूरा लंड अपनी चूत के अंदर लेना चाहती थी। लगभग 10 मिनट तक चुदवाने के बाद मैं फिर से झड़ गई। मेरे झड़ जाने के बाद उसने फिर से अपना लंड मेरी चूत में धीरे-धीरे घुसाना शुरू कर दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मेरी चूत अब तक एकदम गीली हो चुकी थी इसलिए इस बार उसका लंड आसानी से मेरी चूत के अंदर धीरे-धीरे घुसता जा रहा था। मैंने अपने होंठ जोर से जकड़ रखे थे। उसका लंड मेरी चूत को चीरता हुआ अंदर घुसता ही जा रहा था। थोड़ी देर बाद जब उसका लंड मेरी चूत में लगभग 9 इंच तक घुस गया तो मैं तड़प उठी और मेरे मुँह से फिर एक चीख निकल पड़ी।
इस बार वो रुका नहीं। उसने अपना लंड आधे से ज्यादा मेरी चूत से बाहर खींचा और वापस बहुत ही जोरदार धक्के के साथ मेरी चूत में घुसेड़ दिया। मेरे मुँह से बहुत ही जोरदार चीख निकली। उसने 4-5 बहुत ही जोरदार धक्के लगा दिए तो उसका पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में घुस गया।
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पूरा लंड मेरी चूत में घुसा देने के बाद उसने मेरी चुदाई शुरू कर दी। मैं दर्द के मारे चीखती रही लेकिन मैंने उसे मना नहीं किया। थोड़ी देर बाद मेरा दर्द एकदम कम हो गया तो मैंने चूतड़ उठा-उठाकर उसका साथ देना शुरू कर दिया। उसने अपनी स्पीड और तेज कर दी।
लगभग 10 मिनट तक चुदवाने के बाद मैं फिर से झड़ गई। उसने अपनी स्पीड और तेज कर दी। वो मुझे तेजी के साथ चोदता रहा और मैं एकदम मस्त होकर उससे चुदवा रही थी। अब वो इतने जोर-जोर के धक्के लगा रहा था कि उसका हर धक्का मुझ पर भारी पड़ रहा था।
उसके हर धक्के के साथ मेरे बदन के सारे जोड़ हिल रहे थे। मेरी चूत में अब ज्यादा दर्द नहीं हो रहा था। मुझे चुदवाने में आज जो मजा पहली बार मिल रहा था उसके आगे ये दर्द कुछ भी नहीं था। लगभग 15 मिनट और चुदवाने के बाद जब मैं झड़ गई तो उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाल लिया।
मैं उससे पूछा, “अब क्या हुआ?”
तो उसने इशारे से मुझे डॉगी स्टाइल में होने को कहा। मैं डॉगी स्टाइल में हो गई। वो मेरे पीछे आ गया और उसने धीरे-धीरे अपना पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया। इस बार मुझे ज्यादा दर्द नहीं हुआ। उसके बाद उसने मेरी कमर को पकड़कर मेरी चुदाई शुरू कर दी।
इस बार वो बहुत ही तेजी के साथ मुझे चोद रहा था। सारा बेड जोर-जोर से हिल रहा था। मेरी जोश भरी सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं और वो जमकर मेरी चुदाई कर रहा था। थोड़ी देर बाद उसने मेरी कमर को छोड़ दिया और अपने दोनों हाथों से मेरे दोनों निप्पल्स को मसलते हुए मुझे चोदने लगा। मैं एकदम मस्त हो चुकी थी।
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अब तक मुझे चुदवाते हुए लगभग 45 मिनट हो चुके थे और वो था कि झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था। वो मुझे एकदम आँधी की तरह चोदता रहा। लगभग 1 घंटे के बाद उसने रुक-रुककर जोर-जोर के धक्के लगाने शुरू कर दिए तो मैं समझ गई कि अब वो भी झड़ने वाला है। मैं भी बस झड़ने ही वाली थी।
2 मिनट में ही मैं झड़ गई और मेरे साथ ही साथ वो भी झड़ गया। उसके लंड से ढेर सारा जूस निकला जैसे कि वो बहुत दिन बाद झड़ा हो। लंड का सारा का सारा पानी मेरी चूत में निकाल देने के बाद वो हट गया और लेट गया। मैंने उसके लंड को चाट-चाटकर साफ कर दिया।
आज जिंदगी में पहली बार मुझे चुदवाने में बहुत ही मजा आया और मैंने भी एकदम मस्त होकर उससे चुदवाया। वो भी मुझे चोदने के बाद बहुत ही खुश दिख रहा था और लग रहा था कि जैसे बरसों बाद उसके लंड की प्यास बुझी हो। लगभग 1 घंटे तक हम दोनों लेटे रहे और एक-दूसरे के बदन को सहलाते हुए होंठों को चूमते रहे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उसके बाद मैंने उसका लंड फिर से चूसना शुरू कर दिया तो 2 मिनट में ही उसका लंड फिर से खड़ा हो गया। इस बार मैंने उससे डॉगी स्टाइल में ही चुदवाया। मेरी चूत पहली बार की चुदाई में सूज गई थी इसलिए मुझे फिर से थोड़ा-थोड़ा दर्द होने लगा लेकिन थोड़ी देर बाद मुझे बहुत ज्यादा मजा आया।
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उसने भी इस बार मेरी जमकर चुदाई की। इस बार उसने मुझे लगभग 1.5 घंटे तक बहुत ही बुरी तरह से चोदा और फिर झड़ गया। इस बार की चुदाई के दौरान मैं 4 बार झड़ गई थी। झड़ जाने के बाद उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और मेरी चूत को चाटने लगा। जब उसने मेरी चूत को चाट-चाटकर एकदम साफ कर दिया तो उसने अपना लंड मेरे मुँह के पास कर दिया। मैंने भी उसके लंड को बड़े प्यार से चाटा और चाट-चाटकर एकदम साफ कर दिया।
मैंने उससे कहा, “आज तुमसे चुदवाने में मुझे जो मजा आया है मैं उसे कभी भी नहीं भूल पाऊँगी। तुमसे चुदवाने में मेरी चूत में बहुत दर्द हो रहा है लेकिन मुझे तुमसे चुदवाने में जो मजा आया है उसके आगे ये दर्द कुछ भी नहीं है।” वो चुपचाप उठा और किचन में चला गया। थोड़ी देर बाद वो पानी गरम करके ले आया और उसने बड़े प्यार से मेरी चूत की खूब सिकाई की। 15-20 मिनट की सिकाई के बाद मेरी चूत का सारा दर्द जाता रहा। उसके बाद वो मेरी बगल में लेट गया।
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