Desi Sister Live Chudai Scene
हैलो दोस्तों आप सबको मेरा सलाम। सबसे पहले आप लोग मेरे बारे में जान लें। मेरे माँ-बाप और मेरी 2 बहनें एक छोटे से घर में रहते हैं। दोस्तों मेरी बड़ी बहन जिसका नाम हिना 25 फिर मैं 22 अली रजा फिर मुझसे छोटी हुमैरा 19। ये मेरी फैमिली है। अब मैं आपको बताता हूँ कि क्या कुछ हुआ। Desi Sister Live Chudai Scene
दोस्तों इस यहाँ पर मैंने काफी स्टोरीज़ पढ़ी हैं मगर अक्सर स्टोरीज़ का कोई सिर-पैर ही नहीं होता। एक भाई पहले दिन अपनी नंगी बहन को देख रहा है और फिर उसी वक्त उसका अंदर का इंसान अपनी बहन को चोदने पर मजबूर करता है। या ये कि एक बहन ने पहली बार अपने भाई का नंगा लंड देखा और वो गरम हो गई। और अपने ही भाई से चुदवाने का फैसला कर लिया और चुदवा लिया।
दोस्तों ये तो आप लोग भी जानते हो कि एक बहन या भाई जिनके दिल में अभी तक सेक्स का कोई खयाल न हो और दोनों वर्जिन हों और वो पहली बार एक बहन या लड़की अपने भाई के लंड को देखकर पहले दिन ही चुदवाने को नहीं दौड़ेगी। खासकर पाकिस्तान में तो ऐसा हो ही नहीं सकता क्योंकि इधर सब लोग मुसलमान हैं मगर कोई और भी पहली बार अपनी बहन या बहन अपने भाई को नंगा देखकर उससे चुदवाएगी नहीं। ऐसा हो सकता है मगर बहुत मुश्किल है।
ऐसा ही कुछ मेरे साथ हुआ मगर एकदम से नहीं बहुत टाइम लगा। आइए मैं आपको बताऊँ कि कैसे हुआ। ये बात तब की है जब मैं 18 साल का था और बाजी 21 साल की थीं और छोटी बहन 15 साल की। हमारे साथ वाले घर में एक लड़की जिसका नाम नीदा जो उस वक्त 19 और उसका एक छोटा भाई अनवर 18 साल का था मेरी एज का।
दोस्तों मेरी बड़ी बहन और छोटी बहन उनके घर खेलने जाया करती थीं क्योंकि नीदा बाजी मेरी बहन की दोस्त थीं। एक दिन यूँ हुआ कि मेरी दोनों बहनें नीदा के घर गई हुई थीं। मैंने सोचा कि मैं भी चला जाऊँ क्योंकि उनका भाई अनवर मेरा भी दोस्त था और हम सब इकट्ठे खेलते भी थे।
यही सोचकर मैं घर से निकला और साथ ही उनका दरवाजा था। मैंने बेल दी काफी देर के बाद नीदा बाजी ने दरवाजा खोला। मैं अंदर जाने लगा तो नीदा ने मुझे रोककर पूछा कि क्या बात है। मैंने कहा कि मैं भी खेलने आया हूँ। तो वो बोलीं कि अभी नहीं तुम बाद में आना।
मैंने अपनी बहनों का पूछा तो वो बोलीं हुमैरा तो मेरे साथ नीचे खेल रही है और हिना ऊपर के रूम में मेरे भाई के साथ खेल रही है। मैंने कहा मुझे भी खेलना है। तो उसने दरवाजा बंद कर लिया। मुझे बहुत दुख हुआ क्योंकि आज नीदा बाजी ने पहली बार ऐसा किया था। फिर मुझे खयाल आया कि मेरी बड़ी बाजी इसके भाई के साथ ऊपर के रूम में क्या कर रही है।
इसे भी पढ़े – अपने अंकल से चुदाई सीखी थी मैंने
मुझे ये खयाल आते ही मेरे क्लास फेलो की बात याद आ गई कि कल उसने अपनी पड़ोसन के साथ मिलकर अपनी छोटी बहन की गांड मारी। उसकी पड़ोसन भी उसकी बहन की दोस्त थी। मुझे फौरन यकीन हो गया कि आज कुछ न कुछ हो रहा होगा बाजी के साथ।
मैं फौरन अपने घर की छत पर गया और उनके घर देखने लगा। मैंने देखा कि नीदा बाजी ऊपर से मेरी छोटी बहन हुमैरा से कह रही थी कि जब तक मैं न कहूँ तुम ऊपर मत आना। मेरा और उनका फासला तकरीबन 10 फीट का था। मैं फौरन नीचे बैठ गया और दीवार के सूराख से देखने लगा।
मैंने देखा कि नीदा आहिस्ता से रूम के दरवाजे के पास आई और मेरी बाजी हिना से पूछने लगी कि हिना मजा आ रहा है ना। मेरी बहन जो कि दरवाजे के पीछे ही खड़ी थी ने दरवाजा थोड़ा सा खोला और कहा कि हाँ बहुत। इतने में नीदा ने बाजी की बाजू पकड़कर उन्हें दरवाजे के दरमियान में खड़ा कर दिया।
जब बाजी दरवाजे में आईं तो मैं देखकर हैरान रह गया और मुझे बहुत ही गुस्सा भी आया। क्योंकि बाजी की आधी सलवार उतरी हुई थी और बाजी के पीछे अनवर बाजी की दोस्त का भाई काला-कलोटा भी आ गया। उसकी सलवार भी उतरी हुई थी और उसका काला लंड नजर आ रहा था।
फिर उसका भाई मेरी बहन के पीछे आया और मेरी बहन की कमीज पीछे से हटाई और अपना छोटा सा लंड 3 इंच मेरी बहन की गांड में डाल दिया। मुझे ये नहीं पता था कि उसका लंड मेरी बहन की मूड़ी में भी गया या नहीं मगर बाजी बड़े आराम से खड़ी थी। बाजी की गोरी-गोरी आधी टाँगें मुझे नजर आ रही थीं जिनके साथ अनवर की काली-काली टाँगें लगी हुई थीं।
इतने में नीदा ने आगे से बाजी को गले लगा लिया और अपने भाई से बोली। मजा आ रहा है क्या भाई तुम्हें मेरी दोस्त की गांड मारने का इतने दिनों से पीछे पड़े हुए थे कि हिना बाजी की गांड मरनी है अब सुकून मिला। वो खुश होता हुआ बोला कि हाँ बाजी बहुत मजा आ रहा है।
हिना बाजी की गांड बहुत मोटी और गोरी है। मुझे बहुत मजा आ रहा है। अब तो मैं रोज हिना बाजी के साथ आपकी गांड मारा करूँगा। मैं ये सुनकर हैरान हुआ कि क्या बहन-भाई भी ऐसा कर सकते हैं। फिर मुझे अपने दोस्त नदीम की बात याद आई जो मेरी क्लास में पढ़ता था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उसने मुझे बताया था कि वो अपनी पड़ोसन की गांड मारता था और उसे ये नहीं पता था कि पड़ोसन का भाई भी उसकी बहन की गांड मारता है मगर उसकी पड़ोसन ने उसे बता दिया क्योंकि नदीम को भी शक था इसलिए उसने अपने भाई का मजा खराब न होने की वजह से नदीम को इस बात पर मजबूर कर दिया कि वो अपनी बहन की भी गांड मारे। और ऐसा ही हुआ।
दोस्तों इस एज में इतना ही पता होता था कि गांड में लंड रखकर आगे-पीछे करते हैं। मगर मैं सेक्स के बारे में थोड़ा-बहुत ज्यादा ही जानता था। अनवर बाजी की गांड बड़े प्यार से मार रहा था और बाजी भी नशे में थीं। बाजी ने अपनी कमीज को दोनों हाथों से पकड़ा हुआ था और अपने पेट के साथ लगाया हुआ था जिससे बाजी की गांड साफ नजर आ रही थी और बाजी के आगे यानी चूत पर कमीज थी।
मुझे नहीं पता कि कब मेरा लंड भी खड़ा हो गया और मेरा हाथ भी मैंने अपने लंड पर महसूस किया। दोस्तों ऐसे देखते हुए और लंड को आगे-पीछे करते हुए मैंने पानी छोड़ दिया और साथ ही उनके घर की बेल बजी क्योंकि उनकी अम्मी घर वापिस आ गई थी। वो सब फटाफट कपड़े ठीक करके नीचे उतरे मगर मैं चाहता था कि मैं ये सब कुछ देर के लिए और देखूँ शायद मुझे ये सब अच्छा लगने लगा था।
जब ये सब लोग नीचे चले गए तो मुझे खयाल आया कि क्यों न मैं भी अनवर की बहन नीदा की गांड मारूँ। इसके लिए अनवर के साथ दोस्ती गहरी करनी पड़ी थी तो मैंने फैसला किया कि अनवर के साथ मिलकर ही उसकी बहन की गांड मारूँगा और अपनी बहन का बदला लूँगा और अपनी बहन को अनवर के घर आने-जाने से भी रोक दूँगा।
मगर मुझे अपनी बहन को अभी से रोकना मुमकिन नहीं था क्योंकि अगर मैं अपनी बहनों को रोकता तो साथ मैं खुद भी रुकता। फिर कुछ देर के बाद मैं नीचे आ गया। मेरी दोनों बहनें भी आ चुकी थीं। अम्मी ने हिना बाजी से पूछा कि क्या करते रहे हो। तो बाजी ने कहा कि आज हमने बहुत मजा किया आज हम बहुत खेले और बहुत मजा आया। मैं समझ गया था कि बाजी किस खेल की बात कर रही हैं।
फिर मैंने सोचा कि क्यों न अपना मिशन अभी से शुरू कर दूँ। मैं उसी वक्त अनवर के घर चला गया और दरवाजा उसकी बहन ने ही खोला। मैंने इस बार उसे पहली बार दूसरी नजर से देखा तो मेरा लंड फौरन खड़ा हो गया। इतने में नीदा ने पूछा कि अनवर कहाँ है तो वो बोली कि अंदर है आ जाओ।
इसे भी पढ़े – माँ के सेक्सी स्तन और चूत का जादू
मैं अंदर गया और उसकी अम्मी को सलाम किया और थोड़ी देर बातें की और मैंने अनवर से कहा कि यार आओ हम खेलते हैं। उसकी अम्मी ने कहा कि नीचे का घर साफ है यहाँ मत खेलना तुम लोग छत पर जाकर खेलो। शायद आंटी को पता था कि आज मैं अनवर के साथ कुछ करने वाला हूँ।
मेरे दिल की बात आंटी ने कह दी थी। हम दोनों छत पर चले गए। कुछ देर खेलने के बाद मैंने अनवर से कहा यार तुम्हारी छत पर ये एक ही रूम क्यों है। तो वो बोला कि यहाँ पर फालतू सामान पड़ा है इसलिए मैंने कहा कि यार मुझे दिखाओ कि ये रूम कैसा है। वो खड़ा हुआ और मेरे आगे-आगे चलने लगा।
कमरे में दाखिल होकर मैंने उसे पीछे से पकड़कर दीवार के साथ लगा दिया जहाँ वो कुछ देर पहले मेरी बहन की गांड मार रहा था। वो फौरन बोला कि अली भाई आप ये क्या कर रहे हो। मैंने कहा कि यार चुप रहो तुम्हें बहुत मजा आएगा। वो चुप हो गया और कुछ देर के बाद बोला अली भाई आपका लंड तो बहुत बड़ा है।
मैंने कहा कि हाँ 4.5” इंच का है तुम्हारा कितना है। वो बोला कि आपसे तो बहुत छोटा है। वो बोला अली भाई क्या मेरा लंड आप के जितना नहीं हो सकता। मैंने कहा कि हो सकता है मेरे पास बहुत तरीके हैं लंड बड़ा करने के। वो बोला कि अली भाई प्लीज आप मेरा लंड भी बड़ा कर दो प्लीज।
मैंने कहा कि इतनी आसानी से नहीं होता इसके लिए बहुत कुछ करना पड़ता है और बहुत कुछ करवाना पड़ता है। वो बोला कि जो मर्जी कर लो प्लीज मेरा लंड बड़ा कर दो। मैंने कहा कि ठीक है तुम वादा करो कि जो मैं कहूँगा वो करोगे। उसने वादा किया तो मैंने कहा कि चलो पहले तुम अपनी गांड में मेरा लंड लो।
वो राजी हो गया। मैंने उसकी सलवार उतारी तो उसकी काली गांड देखकर मैंने कहा कि यार मुझे तुम्हारी गांड नहीं चाहिए तुम्हारी गांड बहुत काली है। तुम ऐसा करो किसी और की गांड ले कर दो तो मैं तुम्हें लंड बड़ा करने का तरीका बताऊँगा। उसने कहा कि मैं किसकी ले कर दूँ मेरा तो कोई और दोस्त या भाई भी नहीं है।
मैंने कहा कि यार एक बात कहूँ अगर तुम्हें बुरा न लगे। वो बोला हाँ अली भाई कहो। मैंने कहा कि तुम्हारी बहन बहुत प्यारी है क्या तुम मुझे उसकी गांड दिलवा सकते हो। वो बोला अली भाई ये आप क्या कह रहे हैं। मैंने कहा यार तुम्हारी गांड मारने का दिल नहीं कर रहा काली बहुत है अगर तुम अपनी बहन की गांड दिलवा दो तो मैं तुम्हारा लंड अपने से भी बड़ा कर दूँगा।
वो बोला यार तुम खुद ही मार लेना मगर मैं बाजी से नहीं कह सकता। मैंने कहा कि अच्छा चलो मैं फिलहाल तुम्हारी गांड मारता हूँ फिर बाद में तुम्हारी बहन की। वो मान गया और मैंने अपना लंड उसकी गांड पर रखकर रगड़ने लगा। कुछ देर बाद मुझे किसी के ऊपर आने की आहट सुनाई दी अनवर डरकर कहने लगा कि कोई आ रहा है।
मैंने कहा कुछ नहीं होता हम खेल रहे हैं और कोई नहीं आ रहा। डर में भी रहा था कि कहीं उसकी अम्मी न आएँ मगर खुश भी हो रहा था शायद उसकी बहन हो और वही हुआ उसकी बहन ऊपर आई। अनवर ने देखा तो मुझे हटने को बोलने लगा। मैं नहीं हटा क्योंकि मैं दिखाना चाहता था कि ये मेरा लंड देखे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
और हुआ भी यूँ ही जैसे ही उसकी बहन कमरे में आई तब मैंने अपना लंड अनवर की गांड से निकाला तो उसकी बहन ने मेरा बड़ा लंड देख लिया और गुस्से से बोली ये क्या कर रहे हो तुम दोनों। अनवर से फटाफट अपनी सलवार ऊपर की मगर मैं उसकी बहन को अपना लंड दिखाना चाहता था और दिखा भी दिया और इत्मीनान से अपनी सलवार ऊपर की।
उसकी बहन ने मुझसे कहा कि तुम दफा हो जाओ यहाँ से मैं तुम्हारी अम्मी से बात करूँगी। मैंने कहा कि जिस मर्जी से बात करो मैं भी बहुत कुछ जानता हूँ मैं भी बता दूँगा। उसने हैरान होकर पूछा कि जानते हो। मैंने कहा कि ये वक्त आने पर बताऊँगा। फिर उसने अपने भाई से कहा कि भाई तुम भी।
तो वो बोला कि बाजी अली भाई का लंड बहुत बड़ा है जबकि मेरा छोटा है और मेरी एज भी इनके जितनी है मगर मेरा लंड छोटा है। अली भाई ने कहा कि मैं तुम्हारा लंड बड़ा कर दूँगा इससे तुम्हें भी मजा आएगा और जिसकी तुम गांड मारोगे उसे भी बहुत मजा आएगा। तो वो मुझसे बोली कि तुम दफा हो जाओ। और मैं अपने घर आ गया।
कुछ दिन तक मैं उनके घर नहीं गया और न ही मेरी बहनें गईं। फिर एक दिन मेरी अम्मी और मेरी दोनों बहनें चाचा के घर गईं तो मैं घर में अकेला था। मैंने सोचा क्यों न ट्राई करूँ और अनवर को लाकर उसकी गांड मारूँ। मैं उनके घर गया और बेल दी तो उसकी बहन ने दरवाजा खोला। वो मुझे देखकर फिर गुस्से में आ गई।
इसे भी पढ़े – माँ का बुर चाटा चुदासे बेटे ने
मैंने अनवर का पूछा तो कहने लगी कि वो बाहर ही निकला है तुम्हें क्या काम है। मैंने कहा कि क्या काम हो सकता है मैं घर में अकेला था इसलिए अनवर को बुलाने आया हूँ कि उसका लंड बड़ा कर दूँ। ये सुनकर वो फिर गुस्से में आ गई और कहने लगी तुम दफा हो जाओ वरना मैं तुम्हारी अम्मी को बता दूँगी।
मैंने कहा कि नीदा बाजी मैं आप के भाई की और आप के फायदे की बात कर रहा हूँ इससे आप के भाई को भी मजा आएगा और आप को भी। वो चौंककर बोली कि क्या मतलब है तुम्हारा। मैंने कहा कि मैं सब जानता हूँ मगर अब डरो मत मैं किसी से नहीं कहूँगा। और रही बात कि आप के मजे की तो मैं आपसे कहता हूँ कि बड़े लंड में ही मजा आता है लड़कियों को अगर आप यकीन नहीं करती तो एक बार आप मुझसे गांड मरवा कर देखो आप को मजा आ जाएगा।
वो बोली कि तुम्हें कैसे पता कि बड़े लंड से मजा ज्यादा आता है। मैंने कहा कि मुझे मेरे दोस्त ने बताया था और उसका लंड भी बड़ा है और उसकी पड़ोसन भी उसका लंड लेकर मजा लेती है क्योंकि वो कहती है कि उसे बड़े लंड से मजा आता है। आप प्लीज एक बार लेकर देखो फिर मैं अनवर का भी बड़ा कर दूँगा।
वो बोली कि नहीं तुम किसी को बता दोगे। मैंने कहा कि मैं वादा करता हूँ कि मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगा अब तक किसी को बताया है मैंने कि अनवर आपकी गांड मारता है। वो बोली कि तुम्हें किसने बताया कि वो मेरी गांड मारता है। मैंने कहा कि इस बात को छोड़ो आप एक बार मुझे अपनी गांड दे दो आप को मजा आ जाएगा।
वो बोली कि अभी नहीं फिर कभी सोचकर बताऊँगी। मैं बोला कि मेरे घर आ जाओ मैं अकेला हूँ। वो बोली कि नहीं अम्मी घर पर हैं। मैंने कहा कि आप उन्हें कहो कि हिना बाजी के साथ खेलने जा रही हूँ। वो बोली कि मैं कोशिश करती हूँ और कहा कि तुम दरवाजा थोड़ा सा खोलकर रखो मैं मौका देखकर आती हूँ।
मैंने ऐसा ही किया और घर आकर दरवाजे के पीछे खड़ा हो गया और दुआ की कि आ जाए। और कुछ देर बाद ही मेरी दुआ कबूल हुई और वो अंदर आ गई। जब वो अंदर आई तो मैंने फौरन दरवाजा बंद कर दिया और उसकी बाजू पकड़कर बाजी के रूम में ले गया। वहाँ मैंने उसे बेड पर बिठा दिया और खुद उसके पास बैठ गया।
फिर मैंने कहा कि चलो बेड पर लेट जाओ तो वो बोली कि नहीं पहले अपना लंड दिखाओ। मैंने अपनी सलवार नीचे की और उसे अपना लंड दिखाया। फिर मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया। उसने मेरा लंड पकड़कर कहा कि तुमने ये इतना बड़ा कैसे किया। मैंने कहा कि लड़कियों को पकड़-पकड़कर।
फिर मैंने अपने हाथ उसकी गांड पर रखकर मसलने लगा और एक हाथ उसकी टाँगों पर फेरने लगा। वो बैठी हुई थी इसलिए उसकी पूरी गांड पर मैं हाथ फेर नहीं पा रहा था। मैंने कहा कि जल्दी से लेट जाओ। वो उल्टी होकर लेट गई। मैंने अपनी सलवार पहले ही उतारी हुई थी इसलिए मैंने उसे कहा कि अपनी सलवार उतारो।
उसने कहा कि तुम खुद ही उतार दो। मैंने पहले उसकी गांड से उसकी कमीज ऊपर की। उसने रेड कलर का सूट पहना हुआ था। और उसमें वो बहुत गोरी लग रही थी। उसकी गांड काफी मोटी थी। मैंने जब उसकी गांड से उसकी कमीज उठाई तो मेरा लंड फुल तन गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने फिर आहिस्ता से उसकी इलास्टिक वाली सलवार उतारी और घुटनों तक कर दी। अब मेरे सामने उसकी गोरी-गोरी और मोटी गांड नंगी पड़ी थी। मैंने टाइम जाया करना मुनासिब न समझा और उसकी टाँगों पर बैठकर ढेर सारा थूक लगाया। और उसकी गांड पर भी थूक लगाया। मैंने उसे बाजी की जगह पर लिटाया हुआ था जहाँ मेरी प्यारी बाजी लेटा करती हैं।
मुझे ये सोचकर भी मजा आ रहा था कि मैं अपनी बाजी के बेड पर बाजी की जगह पर अपनी बाजी की दोस्त की गांड मारने लगा हूँ। फिर मैंने झुककर अपना लंड उसकी गांड से लगाया और उसके ऊपर लेटकर उसकी गांड में अपना लंड जाता देखने लगा। मेरा पूरा लंड उसकी गांड की मूड़ी तक चला गया।
इसे भी पढ़े – आयशा मैडम ने सेक्स का प्रैक्टिकल करवाया
उसने फौरन अपनी गांड को दबोच लिया जिससे मुझे बहुत मजा आया क्योंकि इतनी मोटी गांड में जब लंड पूरा गया तो मजा तो आता ही है। अभी मेरा लंड 1 इंच बाहर ही था मगर मैं उसे ऐसे ही रहने दिया और लंड को गांड में अंदर-बाहर करने लगा। उसे भी बहुत मजा आ रहा था। क्योंकि उसकी साँसें बहुत तेज चल रही थीं।
मैं ऐसे ही काफी देर तक करता रहा। फिर वो बोली जल्दी करो ना कोई आने-जाने या अम्मी भी घर पर मेरा इंतजार कर रही होंगी। मैंने कहा कि बस थोड़ा सा और करने दो आप को भी तो मजा आ रहा है। वो बोली मजा तो आ रहा है मगर डर तो लग रहा है ना। मैंने कहा कि कोई नहीं आएगा। आप मुझे ये बताओ कि अनवर का लंड आपको इतना मजा देता है?
वो बोली कि नहीं आज पहली बार मजा आ रहा है ऐसे करवाने में। अनवर का लंड तो गांड की मूड़ी तक जाता ही नहीं है मगर तुम्हारा मेरी मूड़ी तक जा रहा है जिससे मुझे बहुत मजा आ रहा है। मैंने कहा नीदा बाजी आपकी गांड बहुत प्यारी है और आप जैसे गांड हर किसी की हो तो मैं सबकी मारूँ।
नीदा बाजी ने कहा कि तुम्हारी बड़ी बहन हिना की तो मुझसे भी प्यारी गांड है। मुझे वो सीन याद आ गया जब अनवर मेरी बहन की गांड मार रहा था। अब मुझे लगा कि हाँ ये बात तो है कि हिना बाजी की गांड के आगे ये तो कुछ भी नहीं है। इतने में नीदा बाजी बोली कि क्या सोच रहे हो।
मैंने कहा कि कुछ नहीं। वो बोली कि जरूर अपनी बहन की गांड याद कर रहे होंगे। मैंने कहा कि नहीं ऐसी बात नहीं है। वो बोली कि अगर तुम्हें हिना की गांड अच्छी लगती है तो बताओ मैं कुछ कर सकती हूँ तुम्हारे लिए। मैंने पूछा कि क्या कर सकती हो।
वो बोली कि तुम्हारी बाजी से तुम्हारी बात करूँगी कि तुम्हारे लंड से ज्यादा मजा आता है और तुम उसकी भी गांड मार लेना मैं उसे मना लूँगी। क्योंकि उसकी गांड बहुत प्यारी है हर कोई तरसता होगा उसकी गांड देखकर। मैंने भी दिल ही दिल में सोचा कि हाँ ये तो है कि बाजी की गांड इससे भी मोटी और बाहर को निकली हुई है और काफी बड़ी भी है।
नीदा बाजी ने फिर कहा। लगता है हिना बाजी की गांड बहुत याद आ रही है जब ही तो मेरी गांड में अपना लंड रोके हुए हो और ऊपर-नीचे नहीं हो रहे। मैंने कहा कि ये तो है कि हिना बाजी की गांड बहुत अच्छी है तुमसे भी अच्छी है मगर वो मेरी बहन है और वो मानेगी नहीं मुझसे गांड मरवाने को।
तो वो बोली कि अनवर भी तो मेरा भाई है और जैसे तुमने मुझे कहा कि बड़े लंड से मजा बहुत आता है और मैं मान गई वैसे तुम्हारी बहन से भी मैं कहूँगी कि बड़े लंड से ही मजा आता है तो वो भी मान जाएगी। मैंने कहा चलो देखते हैं तो वो बोली तो फिर करूँ तुम्हारी बाजी से बात। मैंने कहा कि देख लो कहीं वो अम्मी को न बता दे।
वो बोली इसकी फिकर मत करो। मैंने कहा कि पता नहीं बाजी ने पहले भी गांड मरवाई है कि नहीं या उन्हें ये सब अच्छा लगेगा कि नहीं। वो बोली कि उसे बहुत अच्छा लगता है और उसने अनवर से गांड मरवाई है। और बहुत देती है तुम्हारी बहन की गांड अनवर तो मुझे बार-बार कहता है कि हिना बाजी को बुलाओ मुझे उनकी गांड मरनी है।
मैंने कहा ठीक है अगर तुम्हारी बात सुनकर बाजी राजी हो जाती हैं तो मैं उनकी भी गांड मार लूँगा। इतने में मुझे लगा कि जैसे मेरा पानी निकलने वाला है। मैंने फौरन तेज-तेज अपना लंड गांड में ऊपर-नीचे करना शुरू कर दिया और जब मेरा पानी निकला तो मैंने अपना लंड नीदा बाजी की गांड की मूड़ी में डाल दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – बहन ने मुझे कामवाली को चोदते देख लिया
मेरा लंड की सिर्फ टोपी ही गांड की मूड़ी में गई थी कि नीदा बाजी ने चीख मारी आआआह्ह्ह। इतने में मेरे लंड का पानी उसकी गांड की मूड़ी में गिरा तो वो दर्द को भूल गई। और आराम से लेट गई। मैंने अपना लंड तब तक नहीं निकाला जब तक मेरा आखिरी कतरा न निकल गया हो।
कुछ देर मैं उसके ऊपर ही लेटा रहा फिर मैं उठ गया और वो भी उठकर बैठ गई। और अपनी सलवार ऊपर ली और बोली कि अली तुम सही कह रहे थे कि बड़े लंड से ही मजा आता है और मुझे उस वक्त बहुत मजा आया तब तुम्हारा पानी मेरी गांड की मूड़ी में गया था पहले दर्द हुआ मगर जैसे ही तुम्हारा पानी मेरी गांड में गिरा तो मजा आ गया। अब तुम यही समझो कि तुम्हारी बहन की गांड तुम्हारे लंड से ज्यादा दूर नहीं।
फिर वो जाने के लिए खड़ी हुई और बोली कि रात को तुम अपने घर से हमारे घर की छत पर आना मैं भी आऊँगी और फिर मजा लेंगे। मैंने पूछा कि बाजी से कब बात करोगी वो बोली कि जल्द ही बात कर लूँगी। लेकिन तुम फिर मुझे भूल न जाना क्योंकि अनवर भी मेरी गांड भूल गया है जब से उसने तुम्हारी बहन की गांड मारी है।
मैंने पूछा कि अनवर ने कितनी बार मारी है बाजी की गांड तो वो बोली कि दो दफा दूसरी बार तो कल ही मारी है तुम्हारे घर में इसी बेड पर। इसी जगह पर जहाँ तुम मेरी मार रहे थे। मैंने पूछा कि कल किस टाइम तो वो बोली कि कल तुम्हारी हिना बाजी स्कूल नहीं गई थी और तुम्हारी अम्मी हमारे घर आई हुई थी.
पीछे तुम्हारी बहन अकेली थी क्योंकि तुम्हारी छोटी बहन हुमैरा स्कूल गई हुई थी और तुम भी फिर मैं और अनवर तुम्हारे घर आ गए थे तुम्हारी और अपनी अम्मी से कहकर कि हम खेलने जा रहे हैं। फिर अनवर ने मेरे सामने ही तुम्हारी बहन की गांड मारी थी मगर उससे पहले अनवर ने मेरी भी मारी थी।
इतना कुछ सुनने के बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया क्योंकि मैं सोच रहा था कि आज जिस बेड पर मैं अपनी बहन की दोस्त की गांड मारी है उसी बेड पर कल मेरी बहन की गांड इसी दोस्त के भाई ने इसी के सामने मारी है। मेरा लंड फिर खड़ा हो गया और मैंने उसे कहा कि प्लीज एक बार और करने दो तो वो बोली कि नहीं अब मैं चलती हूँ अम्मी घर पर इंतजार कर रही होंगी तुम रात को छत पर आना मैं वहीं पर हूँगी।
और फिर वो चली गई मगर मेरा लंड फुल खड़ा था और दिल चाह रहा था कि काश इस टाइम बाजी होती और मैं उनकी गांड में अपना लंड डाल देता। कुछ ही देर के बाद अम्मी और बहनें चाचा के घर से वापिस आ गईं। मैं रात का इंतजार करने लगा और रात भी आ ही गई। मैंने खाना खाया और वॉक करने का बहाना बनाकर छत पर चला गया।
नीदा बाजी पहले से ही अपने घर की छत पर थीं मुझे देखकर इशारा किया कि आ जाओ। मैं गया और वो मुझे उसी कमरे में ले गई जहाँ कुछ दिन पहले अनवर मेरी बहन की गांड मार रहा था। वहाँ जाकर उसने फौरन पीछे से अपनी कमीज उठाकर अपनी सलवार नीचे कर दी और कहा कि जल्दी करो अब घर पर हैं मुझे नीचे जल्दी जाना है।
मैंने भी फौरन अपनी सलवार उतार दी और लंड पर थूक लगाया और अपने हाथों पर थूक लगाकर उसकी गांड पर लगाया तो उसने अपनी गांड और पीछे कर दी। उसकी गांड बहुत मुलायम थी। थूक लगते ही चिकनी हो गई थी। फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड में रख दिया और वो कुछ ही देर बाद बोली कि आज मैंने तुम्हारी बहन से सारी बात कर ली है और उसे सब कुछ बता दिया है।
इसे भी पढ़े – पति ने मेरी चूत बेच कर पैसा कमाया
मैंने पूछा फिर क्या कहा बाजी ने। वो बोली कि तुम्हारी बाजी कह रही थीं कि मुझे शर्म आएगी अपने साथ ऐसा करते हुए। मैंने पूछा फिर? वो बोली कि मैंने उसे कहा कि मैं भी तुम्हारे साथ हूँगी तुम शरमाना मत और वो बोली कि ठीक है अगर तुम साथ होगी तो ठीक है और मैंने उसे ये भी बता दिया था कि तुम रात को फिर मेरी गांड मारने छत पर आओगे और इस वक्त तुम्हारी बहन हमें देख भी रही हैं।
मैंने हैरानी से पूछा वो कैसे तो इसने कहा कि अपने घर की दीवार पर देखो। मैंने देखा तो हैरान हुआ क्योंकि बाजी का सिर दीवार से ऊपर था और वो हमें देख रही थीं। उस वक्त मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ क्योंकि अपनी सगी प्यार बहन के सामने मैं उसकी दोस्त की गांड मार रहा था और अंकारिब अपनी बहन की भी गांड मारने वाला था और मैं फौरन ही डिस्चार्ज हो गया.
और अपना लंड काफी ज्यादा उसकी गांड में डालकर पानी निकाल दिया इस बार उसे और भी मजा आया। फिर हम कमरे से निकले मैं अपने घर की छत पर आया तो बाजी मुझे देखकर शर्माने लगी और अपना सिर झुका लिया। इतने में नीदा बोली कि लो हिना अपना भाई संभालो बहुत बड़ा है इसका मजा आ जाता है लेने में कसम से। फिर शर्मा कर नीचे चली गईं और कुछ देर बाद मैं भी नीचे आ गया।
नीचे आकर मैंने देखा कि बाजी किचन में अकेली हैं और बाकी के लोग टीवी देख रहे हैं। मैंने बाजी से पानी माँगा तो बाजी ने कहा कि इतने बड़े-बड़े काम करने लगे हो प्यास तो लगनी है। मैंने कहा कि बाजी आप मेरे साथ छत पर चलो मैंने आपसे कुछ कहना है। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
बाजी ने अपना सिर नीचे किया और शर्माते हुए कहा इतना कुछ नीदा से कहकर आए हो और अभी भी मेरी जरूरत पर रहे हो। मैंने कहा कि नहीं बाजी ऐसा कुछ नहीं करना सिर्फ बात करनी है। बाजी ने कहा कि तुम चलो मैं आती हूँ। मैं ऊपर चला गया और कुछ देर के बाद बाजी ऊपर आईं।
मैं घर की सामने वाली दीवार पर अपने हाथ रखकर नीचे देख रहा था बाजी भी मेरे पास आकर वैसी ही खड़ी हो गईं। मैंने बाजी से कहा कि बाजी नीदा ने आपसे कुछ कहा है तो बाजी ने शर्माते हुए कहा कि उसने कहा भी है और दिखा भी दिया है। मैंने पूछा कि बाजी फिर आपका क्या इरादा है।
बाजी ने अपना सिर झुकाकर धीमी आवाज में कहा कि भाई मुझे शर्म आती है। मैंने कहा कि बाजी इसमें शर्माने की क्या बात है मैं आपका भाई हूँ कोई गैर तो नहीं हूँ। फिर मैंने अपना हाथ आहिस्ता से बाजी की गांड पर रखा तो मैंने पहली बार महसूस किया कि बाजी की गांड रियल में बहुत प्यारी है बहुत मोटी गांड थी बाजी की और बाहर को निकली हुई।
मेरे हाथ रखते ही बाजी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा कि अभी नहीं। मैंने कहा कि मैं सिर्फ हाथ लगा रहा हूँ अभी नहीं करता। तो बाजी चुप हो गईं। फिर मैंने बाजी से कहा कि बाजी एक और जरूरी बात वो ये कि मुझे अच्छा नहीं लगता कि आप अनवर के साथ ऐसा करती हो मैं चाहता हूँ कि आप अनवर या दूसरे किसी के साथ भी ऐसा मत करो।
इसलिए मैंने ये सोचा है कि अब जब आपकी दोस्त नीदा आपको मुझे ये सब करने के लिए बुलाए तो आप मना कर देना और कहना कि मुझे किसी से कुछ नहीं करवाना और तुम भी दफा हो जाओ और आप मुझसे कहना कि तुम भी आगे नीदा के साथ कुछ नहीं करोगे।
इससे ये फायदा होगा कि हमें तो पता है कि वो अपने भाई से गांड मरवाती है मगर उसे तो पता नहीं चलना चाहिए कि हम भी यही करते हैं इससे हमारी इज्जत खराब होगी। बाजी ने मुस्कुराकर कहा भाई तुम तो सही में बड़े हो गए हो। मैं कल ही नीदा को बुलाकर सब कुछ क्लियर कर दूँगी कि हमें कुछ नहीं करना और न ही करवाना है।
मैंने कहा कि बाजी थैंक यू। बाजी ने कहा कि थैंक यू रहने दो और चलो नीचे। मैंने कहा कि बाजी फिर हम कब…… बाजी मुस्कुराकर नीचे उतरने लगी और बोली कि जल्द ही…… मैं बहुत खुश था कि मुझे बाजी की गांड मिलेगी और मैंने बाजी को बाहर किसी से गांड मरवाने से भी मना कर दिया था।
इसे भी पढ़े – मकान मालकिन की सभी बहन बेटियों को चोदा
अब मैं उस दिन का इंतजार करने लगा जब मैं अपनी बहन की मोटी और बाहर को निकली हुई गांड मारूँगा। और मुझे अगले दिन ही पता चला कि यही वो दिल है मेरी जिंदगी का लकी डे। और आज के दिन ही मैंने अपनी बहन की गांड मारी। तो सुनो दोस्तों……
मैं स्कूल से वापसी पर सारे रास्ते यही सोचता आया कि कब मैं अपनी प्यारी बहन की गांड मारूँगा और कैसे मारूँगा। इसी वजह से मेरा लंड पैंट में ही खड़ा हो गया था और जब मैं घर आया तो सबसे पहले मेरी प्यारी बहना ही मुझसे मिली। उसने मुझे देखते ही मेरी लंड की जगह पर देखा तो उस वक्त उभरी हुई थी।
बाजी ने मुस्कुराते हुए मेरे पास आकर कहा कि क्या बात है छोटे भाई बाहर किसको देख लिया है जो ये खड़ा हो गया है। मैंने कहा कि बाजी देखा तो किसी को नहीं मगर आपका खयाल सारा दिन मेरे दिमाग पर छाया रहा और इसी वजह से ये खड़ा है। बाजी ने कहा कि इसका इलाज आज ही करना पड़ेगा।
मैंने कहा कि जी लाजमी। तो बाजी ने कहा कि अभी अम्मी और छोटी बहन बाजार जाने वाली हैं तुम बाहर मत जाना मैं घर में अकेली हूँ। मैंने फौरन कहा कि और अच्छा मौका है आपसे प्यार करने का। बाजी शर्मा कर कमरे में चली गईं जहाँ अम्मी और छोटी बहन हुमैरा बैठी थीं। मैंने अम्मी को सलाम किया और छोटी के सिर पर थप्पड़ मारा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वो अम्मी से बोली अम्मी देखो भाई ने फिर मुझे मारा है। अम्मी ने हँसकर बात टाल दी और कहा कि तुम दोनों बहन-भाई का मामला है मैं क्या कर सकती हूँ। फिर हिना बाजी बोली कि अम्मी भाई बहुत शरारती हो गया है मुहल्ले की लड़कियों को देखता रहता है इसकी शादी करनी पड़ेगी। इस बात पर सब हँस पड़े और बाजी ने मुझे प्यार से अपने पास किया और मेरे बालों में हाथ फेरा।
फिर मैंने कपड़े बदले और खाना खाया। उसके कुछ देर बाद ही अम्मी और छोटी बहन बाजार जाने लगी तो अम्मी ने मुझसे कहा कि अली घर पर ही रहना हिना अकेली है घर पर इसका खयाल रखना एक तुम ही तो हो जो इसका खयाल रखोगे। इस बात पर बाजी मुस्कुरा दी और मैं भी। फिर अम्मी और छोटी बहन बाजार चली गईं।
मैंने दरवाजे को अच्छी तरह से लॉक किया और बाजी के कमरे में आ गया। बाजी अपने बेड पर बैठी किताब पढ़ रही थीं। मैंने बाजी के कमरे का भी दरवाजा बंद कर दिया और लॉक कर दिया। बाजी मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थीं और बोलीं कि भाई ये सब क्यों कर रहे हो। मैंने कहा कि बाजी आपको सब बता देता हूँ।
फिर मैं बाजी के पीछे गया और अपनी दोनों टाँगें बाजी के दोनों तरफ कर दी और आगे होकर बाजी को कमर से पकड़ लिया। मेरा लंड उस वक्त फुल टाइट हो गया था। जैसे ही मैंने बाजी को पीछे से पकड़ा मेरा लंड बाजी की कमर से टकरा गया और बाजी को महसूस हो गया और बोलीं कि उफ्फ्फ क्या कर रहे हो।
मैंने कहा कि बाजी आप चुप हो जाओ प्लीज…… फिर मैंने अपने हाथों को बाजी के पेट पर रखकर बाजी को और जोर से पकड़ लिया जिससे मेरा लंड बाजी की कमर से ऊपर की तरफ लग गया। मुझे बहुत मजा आया। मैं फौरन अपना लंड पकड़कर बाजी की गांड मोटी गांड के दरमियान रख दिया। बाजी की मोटी गांड में लंड रखते ही मैं सारी दुनिया को भूल गया।
बाजी की नरम मोटी और बाहर को निकली हुई गांड ने मुझे पागल बना दिया था। मैंने फौरन ही बाजी को बेड पर किया। बाजी का मुँह दूसरी तरफ था और गांड मेरी तरफ हो गई थी। बाजी की मोटी गांड का अंदाजा मुझे अब हो रहा था। इस छोटी सी उम्र में पतली कमर के साथ बाजी की मोटी और बाहर को निकली हुई गांड आज सही तरीके से महसूस और देख रहा था।
इसे भी पढ़े – गाँव की भाभी कामुक होकर लंड पकड़ ली
मैंने अपना एक हाथ बाजी के पेट से लगाया हुआ और दूसरा हाथ बाजी की रानों थाइज पर फेर रहा था। मेरा पूरा लंड बाजी की गांड में गायब था और मुझे बाजी की मोटी गांड पागल बना रही थी। मैं काफी देर इसी हालत में अपना लंड बाजी की गांड पर रगड़ता रहा और पीछे से बाजी की नेक पर किस भी कर रहा था।
बाजी ने उस वक्त डार्क ब्लू कमीज सलवार पहनी हुई थी और बाजी का गोरा रंग और भी गोरा लग रहा था। मैंने फिर बाजी की कमीज पीछे से ऊपर उठाई तो बाजी की मोटी बाहर को निकली हुई गांड सलवार में नजर आने लगी। ये देखकर मेरे लंड का बुरा हाल हो रहा था। फिर मैंने बाजी को उल्टा लिटा दिया।
बाजी ने अपने दोनों हाथों से अपने चेहरे को छुपाया हुआ था। मैंने बाजी को उल्टा लिटाकर अपनी कमीज उतार दी और अपनी सलवार भी उतार दी। मेरा 4.5” इंच लंबा और 1.5” मोटा लंड हवा में फड़फड़ाने लगा। बाजी को शायद महसूस हो गया था कि मैंने अपने कपड़े उतार दिए हैं इसलिए उन्होंने अपने हाथ हटाकर मेरी तरफ देखा फिर मेरे लंड की तरफ देखा।
मेरे लंड को देखते ही बाजी की आँखें खुली की खुली रह गईं और बाजी बोलीं कि भाई इतना बड़ा और मोटा लंड और तुमने अपने सारे कपड़े क्यों उतार दिए कोई आ गया तो? मैंने कहा कि बाजी अगर कोई आया तो मैं नहाने के बहाने बाथरूम में चला जाऊँगा। और वैसे भी कोई नहीं आने वाला और अम्मी और छोटी बहन भी काफी देर से आएँगी वो तो वैसे भी अभी-अभी गई हैं।
फिर बाजी बोली कि भाई फिर भी मुझे डर लग रहा है कोई आने-जाए। मैंने कहा कि बाजी आप डरो मत मैं आपके साथ हूँ। फिर मैं बाजी की टाँगों पर बैठ गया और बाजी के जिस्म के पिछले हिस्से को घूर से देखने लगा। मैंने देखा कि बाजी की कमर बिलकुल पतली सी है और गांड दोनों तरफ को भी काफी बाहर को निकली हुई थी और काफी हद तक बाहर को निकली हुई थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं बाजी के ऊपर बैठ गया और बाजी की गांड को देखने लगा। बाजी की गांड ** साल की उम्र में बहुत मोटी और प्यारी गांड थी। बाजी का जिस्म सादुल किस्म का था यानी बाजी की कमर पतली थी और बूब्स वाली साइड भारी थी और गांड का तो पूछो मत। मैंने जिंदगी में ऐसी गांड नहीं देखी। फिर मैं बाजी के ऊपर लेट गया और अपना नंगा लंड की सलवार पहनी हुई गांड के बीच में रख दिया।
इस बार बाजी को बहुत मजा आ रहा था क्योंकि ज्यों-ज्यों कपड़े कम होते जा रहे थे वैसे ही बाजी का मजा भी बढ़ता जा रहा था। फिर मैं थोड़ा सा ऊपर उठा और बाजी की कमीज को पीछे से पकड़कर जो बाजी की कमर पर थी उसे और ऊपर करने लगा।
इस तरह मैंने बाजी की कमीज पीछे से उनकी नेक तक कर दी मगर आगे से बाजी के मम्मों तक ही रही क्योंकि बाजी उल्टी लेटी हुई थीं इसलिए मम्मों से ऊपर कमीज उठ नहीं रही थी। मैंने बाजी से कहा कि आप थोड़ा सा ऊपर को उठो तो वो उठ गईं और मैंने बाजी की सारी कमीज उनके गले तक कर दी।
इस तरह बाजी के मम्मों की साइड नजर आने लगी ही थी कि बाजी ने फिर से अपनी कमीज अपने मम्मों पर कर दी। मैंने बाजी से कहा कि बाजी कमीज क्यों नीचे की है तो वो बोली कि भाई मुझे शर्म आ रही है। मैंने कहा कि बाजी प्लीज शर्माना छोड़ दो मैं आपका भाई हूँ तो बाजी बोलीं कि नहीं अभी मुझसे इतना कुछ नहीं होगा।
मैंने भी फिर नहीं कहा। मगर मैंने बाजी के मम्मे कमीज के ऊपर से पकड़ लिए और साथ ही बाजी लेट गईं और मेरे हाथ बाजी के मम्मों और बेड के बीच आ गए। फिर मैं ऐसे ही काफी देर मजा लेता रहा तो बाजी ने कहा कि भाई अब बस कर दो बहुत टाइम हो गया है।
मैंने कहा कि बाजी अभी तो कुछ किया ही नहीं है अभी बस कैसे कर दूँ तो बाजी बोली कि अब और कितना करोगे अगर कुछ करना है तो जल्दी करो ना कोई आ न जाए। मैंने बाजी से कहा कि ठीक है बाजी अब मैं जल्दी करता हूँ। फिर मैं उठकर बाजी की टाँगों पर बैठ गया और अपने हाथों से बाजी की सलवार को पकड़कर थोड़ा सा नीचे किया।
इसे भी पढ़े – सौतेले बेटे की बाँहों में खो गई मैं
मुझे ऐसे लग रहा था कि अगर मैंने बाजी की गांड देख ली तो मैं यहीं पर मर जाऊँगा। बाजी का गोरा रंग पतली कमर और मोटी गांड मुझे मारने पर मजबूर कर रही थी। फिर मैंने बाजी की सलवार और नीचे को की तो बाजी की आधी गांड मुझे दिखाई दी। यहाँ तक आते-आते मुझे पसीने आने लगे थे क्योंकि बाजी की गांड का क्रैक अब मुझे नजर आ रहा था।
मैं काफी देर तक बाजी की आधी नंगी गांड को देखता रहा और उस पर हाथ फेरता रहा। मेरे लंड की मूड़ी से मनी का एक कतरा चकता हुआ नजर आ रहा था और मुझे लग रहा था कि कहीं मैं बाजी की गांड मारने से पहले ही फराग न हो जाऊँ। इसी लिए मैं बाजी की बाकी की सलवार भी उतारना चाही और फिर मैंने बाजी की सलवार को एकदम से नीचे किया और घुटनों तक कर दी।
मगर उसके बाद मुझे न जाने क्या हुआ मैं बाजी के ऊपर लेट गया और मेरा लंड सीधा बाजी की गांड में दब गया। मुझे उस वक्त कुछ होश नहीं था क्योंकि इतनी गोरी और मोटी गांड ने मुझे पागल कर दिया था। फिर मैंने सोचा कि अली भाई देर मत करो अब बहुत हो गया।
इसके साथ ही मैं फिर से बाजी की गांड पर बैठ गया और अपने लंड पर काफी ज्यादा थूक लगाया और काफी ज्यादा थूक बाजी की गांड पर लगाया। फिर मैंने लंड को अपने एक हाथ में पकड़ा और बाजी के ऊपर झुककर बाजी की गांड में अपना लंड रख दिया। गांड पर लंड रखते ही लंड गांड की मूड़ी तक चला गया क्योंकि बाजी की थूक लगाने से बहुत चिकनी हो गई थी और रोशनी में चमक रही थी।
आखिरकार लंड गांड की मोटी तक चला गया और मैं बाजी के ऊपर लेट गया। मैंने महसूस किया कि मेरा वजन पड़ने से बाजी की गांड दोनों साइड पर फैल गई है और मेरा लंड अब और बड़ा महसूस हो रहा था क्योंकि बाजी की गांड बहुत नरम थी और जब बाजी चलती थी तो बहुत हिलती थी। बाजी की मूड़ी को जब मेरे लंड ने छुआ तो बाजी ने मुझसे कहा कि भाई आराम से प्लीज।
शायद बाजी को लगा कि मैं अपना पूरा लंड बाजी की गांड में डाल दूँगा। मगर मैं ऐसा करने वाला नहीं था मैं अपनी बाजी की गांड उनकी मर्जी से मारना चाहता था। फिर काफी देर तक मैं अपना लंड बाजी की गांड में ऊपर-नीचे करता रहा मगर आहिस्ता-आहिस्ता इससे बाजी को काफी मजा आ रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
बाजी का मुँह एक तरफ को हुआ तो मैंने फौरन बाजी की गाल पर किस किया मगर बाजी ने अपनी आँखें बंद कर लीं और चुप रहीं। फिर मैं बाजी को लगातार किस करने लगा यहाँ तक कि मैं बाजी के लिप्स तक पहुँचा ही था कि बाजी ने अपना मुँह दूसरी तरफ कर लिया। शायद बाजी शर्मा गई थीं क्योंकि ये सब कुछ मैं फर्स्ट टाइम कर रहा था।
आज मैं अपने आप पर फख्र महसूस कर रहा था कि कल तक जिसकी गांड के लिए मैं मरा-मरा फिर रहा था आज उसी गांड में मेरा लंड है। और कल इसी जगह इसी बहन की दोस्त की गांड मारी जा रही थी और आज अपनी बहन की मार रहा हूँ। ऐसा करते काफी टाइम हो गया था।
फिर मैंने अपने लंड को और आगे को जाने दिया जिससे मेरा लंड बाजी की मूड़ी को थोड़ा सा छूता हुआ अंदर की तरफ जाने लगा। मैंने फौरन लंड बाहर निकाल लिया क्योंकि बाजी के मुँह से हल्की सी चीख भी निकली थी। मैं फिर से उठा और अपने लंड पर दोबारा थूक लगाया और बाजी की गांड पर भी थूक लगाकर मैंने फिर से अपना लंड बाजी की गांड में रख दिया।
इस बार मैंने कुछ ज्यादा ही जोर दिया और लंड गांड की मूड़ी में जा घुसा और लंड की टोपी बाजी की गांड की मूड़ी में चली गई और मैं वहीं रुक गया। इसके साथ बाजी की चीख भी निकली और बाजी ने कहा कि अली भाई ये क्या कर रहे हो मुझे दर्द हो रहा है बाहर निकालो इसको।
मैंने कहा कि बाजी बस थोड़ा सा बर्दाश्त कर लो अभी निकाल लेता हूँ और इसी हालत में उन पर लेट गया और उनके गाल पर किस करने लगा। मेरे लंड की टोपी अभी भी बाजी की गांड में थी। और बाजी को इस दर्द बर्दाश्त करना पड़ रहा था। मैं काफी देर तक ऐसे ही पड़ा रहा और बाजी के गाल पर किस करता रहा।
काफी देर बाद मुझे लगा कि जैसे बाजी नीचे से थोड़ा-थोड़ा हिल रही हैं तो मैं समझ गया कि बाजी को दर्द नहीं हो रहा और फिर मैंने थोड़ा और जोर दिया तो मेरा थोड़ा सा लंड अंदर चला गया। इस बार भी बाजी की चीख निकली। मगर मैंने फौरन ही लंड को पीछे किया मगर टोपी को गांड की मूड़ी तक ही रहने दिया।
इसे भी पढ़े – खेत में लड़की सलवार खोल कर लेट गई
दर्द की वजह से बाजी ने अपनी गांड को भींच लिया था और ऐसा करने से मेरा लंड बाजी की गांड में फँस गया था और मेरे मजे की इंतहा नहीं थी। अगर आप में से किसी के साथ ऐसा हुआ हो तो आप अच्छी तरह से जानते होंगे कि कितना मजा आता है और गांड हो अपनी सगी बड़ी बहन की तो फिर तो क्या ही बात है।
दोस्तों फिर मैं अपने लंड की टोपी को बाजी की गांड में रखकर ऊपर-नीचे होने लगा। मैंने इस दौरान अपने हाथ बाजी के मम्मों पर रख दिए और बाजी के मम्मों का मजा भी लेने लगा। बाजी के मम्मे इतने बड़े नहीं थे और ब्रा भी नहीं पहनी थी मगर मेरे छोटे-छोटे हाथों में पूरे आ रहे थे। साइज का अंदाजा यही कह लें कि एक दरमियाने साइज के मल्टे जितना होगा।
मगर मुझे बहुत मजा आ रहा था। क्योंकि मेरा लंड बाजी की गांड में और हाथ बाजी के मम्मों पर और होंठ बाजी की गाल पर थे। और मैं बड़े प्यार से बाजी की गांड काफी देर तक ऐसे ही मारता रहा। फिर मैंने बाजी से पूछा कि बाजी आपको मजा भी आ रहा है कि नहीं। तो बाजी बोलीं कि भाई मत पूछो कि कितना मजा आ रहा है आज पहली बार इतना मजा मिल रहा है।
फिर मैंने बाजी से पूछा कि बाजी क्या आपको अनवर से इतना मजा मिला तो बाजी ने हैरान होकर कहा कि तुम्हें किसने बताया ये सब कुछ तो मैंने कहा कि जिसने आपको बताया था उसी ने मुझे बताया है मगर उसके बताने से पहले मैंने आपको अनवर से गांड मरवाते हुए देख लिया था।
गुस्सा तो बहुत आया था मगर जब नजर आपकी गांड पर पड़ी तो मुझसे बर्दाश्त न हुआ और मैंने भी फैसला किया कि बाजी को खुद मजा दूँगा और लूँगा। और ये भी फैसला किया कि बाजी को किसी और के हाथे नहीं चढ़ने दूँगा। इसी लिए मैंने पहले अनवर को फँसाया फिर उसकी बहन की मदद से आज मैं आपके ऊपर हूँ।
बाजी चुप हो गईं। मैंने बाजी से कहा कि बाजी अब आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। जब तक मैं जिंदा हूँ आपको किसी चीज की जरूरत हो मुझे बताना मैं आपको हर चीज दूँगा। बाजी ने मेरे चेहरे को अपने एक हाथ से पकड़कर अपने होंठों के करीब मेरे गाल ले गई और मेरे गाल पर किस करके कहा कि थैंक यू भाई।
मेरा ध्यान फिर से बाजी की गांड पर चला गया जिसमें मेरा लंड था और मुझे लगा कि अब वो वक्त आ गया है कि मैं अपनी प्यार बहन की प्यार और मोटी गांड में अपना पानी छोड़ूँ और साथ ही मैंने एक-दो धक्के जोर से लगाए और मेरा गरम-गरम पानी बाजी की गांड में चला गया। इस दौरान बाजी की चीख भी निकली क्योंकि धक्के कुछ जोर से लगे थे और लंड तकरीबन 2.5 इंच अंदर चला गया था।
मगर जब मेरा गरम-गरम पानी बाजी की गांड में गिरा तो वो मजे में आ गईं और दर्द को भूल गईं। दोस्तों मेरा पानी निकले हुए 15 मिनट हो गए थे और मैं इसी हालत में बाजी के ऊपर लेटा हुआ था और मेरा लंड जो अब ढीला होकर आधा हो चुका था और बाजी की गांड की मूड़ी से निकलकर मेरे पानी से चिकना होकर बाजी की गांड में सुकून महसूस कर रहा था।
फिर बाजी को भी होश आया तो उन्होंने मुझसे कहा कि भाई बस भी कर दो अब उतरो मेरे ऊपर से कहीं कोई आ न जाए क्योंकि 1 घंटा हो गया था हमें ये सब करते हुए। मैंने जब घड़ी की तरफ देखा तो मुझे समझ आया कि मैं एक घंटा और 10 मिनट तक बाजी की गांड मारता रहा हूँ।
ये सोचकर मुझे फिर से गर्मी चढ़ने लगी और मेरा लंड फिर से बाजी की गांड में खड़ा होने लगा। मगर इससे पहले कि मैं कुछ कहता या करता बाजी खुद उठकर बैठ गईं और अपनी कमीज नीचे करके सलवार पहन ली और मेरे साथ बैठकर कहा कि भाई जल्दी से कपड़े पहन लो बहुत देर हो गई है अम्मी आने वाली होंगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने अपने कपड़े उठाए और बाजी से कहा कि मैं नहाने जा रहा हूँ इसके बाद आप भी नहा लेना क्योंकि अब आपका नहाना जरूरी है। बाजी मुस्कुरा दी और अपना सिर नीचे कर लिया। दोस्तों फिर मैं नहाकर वापिस आकर बाजी के साथ बैठ गया और एक हाथ बाजी की गांड पर रखा और एक हाथ से बाजी के चेहरे को अपने होंठों के करीब किया और बाजी की गाल पर किस की।
इसे भी पढ़े – मुंह में लूँ या चूत में डालोगे
बाजी ने भी मेरी गाल पर किस की और कहा कि भाई हमें जरा एहतियात करनी होगी। घर में जब कोई नहीं होगा तभी ऐसा करना है इसके अलावा सोचना भी मत। मैंने कहा कि ठीक है बाजी हमें मौका तो मिलता ही रहेगा। और इसके साथ ही बेल बजी तो देखा अम्मी और छोटी सिस्टर आ गई थीं। उनके आने के कुछ देर बाद बाजी नहाने चली गईं। और मैं बाहर खेलने चला गया। दोस्तों ये तो थी अब तक की कहानी कि कैसे मैंने अपनी बड़ी बाजी की दोस्त की मदद से पहले बाजी की दोस्त की गांड मारी फिर बाजी की गांड मारी।
दोस्तों आप सोच रहे होंगे कि स्टोरी खत्म हो गई है मगर ऐसा नहीं है अभी तो शुरू भी नहीं हुई। इसके बाद मैं आपको बताऊँगा कि कैसे मैंने अपनी छोटी सिस्टर की गांड मारी और ठीक 4 साल बाद मैंने अपनी दोनों बहनों की चूत को कैसे चोदा। और हाँ एक और जरूरी बात वो ये कि अपनी दोनों बहनों को चोदने से पहले मुझे एक चूत मिली जिसने मुझे चुदाई करने के काफी तरीके सिखा दिए थे और वो चूत किसी और की नहीं थी मेरी पड़ोस की आंटी की थी जी हाँ बाजी की दोस्त नीदा बाजी और अनवर की माँ। जिसने मुझे चुदाई करनी सिखाई थी।
प्रातिक्रिया दे