Hot Sex Affair Story
मेरा नाम मनीषा है। मैं पुणे की रहने वाली हूँ। मेरा रंग गोरा, बदन स्लिम, बाल एकदम काले और बहुत लंबे और आँखें भूरी हैं। मेरी शादी 6 महीने पहले 18 साल की उम्र में दीपक के साथ हुई है। दीपक भी 20 साल का है। दीपक एकदम दुबला-पतला और बहुत ही कमजोर है। दीपक का एक फ्रेंड है राहुल जो उनसे उम्र में 5 साल बड़ा है। Hot Sex Affair Story
वो एकदम हट्टा-कट्टा है और उसका बदन एकदम गठीला है। वो दिखाने में हैंडसम है। राहुल हमारा फैमिली फ्रेंड है वो हमारे सामने ही रहता है। शादी के बाद मैं ससुराल पहुँची। मैंने दीपक के साथ सुहागरात मनाई। सुहागरात के दिन ही मेरे सारे ख्वाब टूट गए।
मैं बहुत ही सेक्सी हूँ लेकिन दीपक सेक्स में भी बहुत कमजोर था। उनका लंड भी छोटा था और वो 2 मिनट में ही झड़ जाता था। मुझे उसके साथ सेक्स में पहली-पहली बार ही मजा आया क्योंकि मैं अभी तक कुंवारी थी। उसके बाद मुझे बिल्कुल भी मजा नहीं आता था। शादी के 15 दिनों बाद दीपक बीमार पड़ गए।
डॉक्टर ने उन्हें सेक्स के लिए बिल्कुल मना कर दिया। 10 दिनों बाद ही दीपक को 2 महीने के लिए हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा। हॉस्पिटल में घरवालों को मरीज से केवल सुबह और शाम 1 घंटे के लिए ही मिलने की इजाजत थी। वहाँ पर मरीज की देखभाल वहाँ के स्टाफ करते थे।
दीपक को हॉस्पिटल में भर्ती हुए अभी 8-9 दिन ही हुए थे कि मैं सेक्स की प्यास से एकदम पागल सी होने लगी। मेरे समझ में कुछ नहीं आ रहा था और मैं परेशान रहने लगी। एक दिन घर पर मैं और मेरा देवर राहुल ही थे। वो अभी जॉब करता है। एक दिन मेरे मन में खयाल आया कि क्यों न मैं अपनी प्यास राहुल से मिटा लूँ।
एक दिन सुबह के वक्त मुझे बहुत जोर से पेशाब लगा तो मैं जल्दी-जल्दी बाथरूम गई। मैंने झटके से बाथरूम का दरवाजा खोला तो अंदर राहुल पेशाब कर रहा था। वो चौंककर मेरी तरफ पलटा और मुझे देखकर शर्मा गया। मैंने उसको सॉरी कहा। मेरी निगाह उसके लंड पर पड़ी तो मैं चौंक गई।
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मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि राहुल का लंड ऐसा भी हो सकता है। उसका लंड 8” लंबा और बहुत ही ज्यादा मोटा था। मैं वापस बाहर आ गई और उसके बाहर निकलने का इंतजार करने लगी। थोड़ी देर बाद वो बाहर आया तो मैं बाथरूम चली गई। बाथरूम से वापस आने के बाद मेरे मन में फिर से खयाल आया कि राहुल से मेरी प्यास बुझ सकती है। मुझे राहुल को किसी तरह पटाना पड़ेगा।
घर का सारा काम निपटाने के बाद मैं नहाने के लिए गई तो मैंने बाथरूम से ही राहुल को पुकारा। मैंने बाथरूम का दरवाजा लॉक नहीं किया था। राहुल बाहर आया और उसने पूछा, क्या बात है। मैंने कहा, जरा मेरी पीठ पर साबुन लगा दो। वो शर्माते हुए अंदर आया। मैंने केवल पेटीकोट पहन रखा था उसी से अपने बूब्स को ढक रखा था।
राहुल ने मेरी पीठ पर साबुन लगाना शुरू कर दिया। राहुल से साबुन लगवाते वक्त मैंने जानबूझकर अपना पेटीकोट हाथ से छोड़ दिया तो मेरा पेटीकोट नीचे हो गया। मेरे बूब्स एकदम नंगे हो गए। वो मेरे बूब्स को ध्यान से देखते हुए चुप-चुप साबुन लगाने लगा। थोड़ी देर बाद वो बोला, मैंने साबुन लगा दिया है, अब मैं जाऊँ।
मैंने कहा, हाँ जाओ। वो चला गया। मैं नहाने के बाद बाथरूम से बाहर आई और बेडरूम में जाकर कपड़े पहनने लगी। जब मैंने ब्रा पहनना शुरू किया तो मैंने फिर राहुल को बुलाया। वो मेरे पास आया और बोला, अब क्या है। मैंने कहा, जरा इसका हुक बंद कर दो। मेरा हाथ नहीं पहुँच रहा है।
वो मेरी पीठ को ध्यान से देखते हुए हुक बंद करने लगा। जब उसने हुक बंद कर दिया तो बोला, और कुछ करना है। मैंने कहा, नहीं। उसकी आवाज इस बार कुछ बदली-बदली सी लग रही थी। कपड़े पहन लेने के बाद मैंने नाश्ता बनाया। नाश्ता बनाने के बाद मैंने राहुल को नाश्ता दिया और खुद भी नाश्ता करने लगी।
वो मुझे तिरछी नजरों से देखता हुआ नाश्ता कर रहा था। उसकी आँखों में भी मैंने सेक्स की भूख देखी। मैं समझ गई कि अब मेरा काम आसानी से हो जाएगा। दोपहर को मैं एक चादर ओढ़कर लेटी थी। मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे और केवल ब्रा और पेटीकोट ही पहना हुआ था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वो मेरे पास आया और बोला, खाना नहीं बनाओगी। भूख लगी है। मैंने कहा, मेरी कमर में बहुत तेज दर्द हो रहा है। थोड़ा सा बाम लगा कर मालिश कर दोगे। वो बोला, घर पर मैं ही अकेला हूँ। अगर मैं नहीं लगाऊँगा तो और कौन लगाने आएगा। उसने बाम की शीशी उठाई और मेरे पास आकर बैठ गया।
मैं पेट के बल लेट गई और मैंने अपने ऊपर से चादर हटा दी। उसने मेरी कमर पर बाम लगाना शुरू कर दिया। मैंने उससे कहा, थोड़ा नीचे भी दर्द है। वहाँ पर भी लगा दो। इतना कहकर मैंने अपना पेटीकोट थोड़ा और नीचे कर दिया जिससे मेरा चूतड़ उसे कुछ-कुछ दिखने लगा। उसने और नीचे तक बाम लगाना शुरू कर दिया।
वो मेरे चूतड़ को ध्यान से देखता हुआ बाम लगा रहा था। उसे भी जोश आने लगा था और उसका लंड खड़ा हो गया था। उसका लंड मेरे बदन से सटा हुआ था। मैं उसके लंड को महसूस कर रही थी और मुझे भी जोश आ रहा था। मेरे सारे बदन में एक आग सी लगने लगी। बाम लगाते हुए वो मेरे चूतड़ को सहला भी रहा था।
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धीरे-धीरे उसका हाथ नीचे की तरफ बढ़ने लगा। मैंने उसे मना नहीं किया। उसने अपनी उँगली मेरी गांड के छेद पर भी लगानी शुरू कर दी। मेरे बदन की आग और तेज होने लगी। मैंने कभी गांड नहीं मरवाई थी, इसलिए मैंने सोचा कि क्यों न पहले मैं राहुल से गांड ही मरवा लूँ।
राहुल बड़े प्यार से मेरी कमर और चूतड़ के पास बाम लगाते हुए मेरी गांड के छेद पर अपनी उँगली लगा रहा था। वो अपना लंड भी मेरे बदन पर लगा रहा था। मैंने अपना हाथ उसके लंड पर रख दिया और कहा, ये क्या है, बहुत चुभ रहा है। उसने शर्माते हुए कहा कि, जो सबके पास होता है।
मैंने कहा, नहीं, मुझे कुछ दूसरा लग रहा है। ये तो बहुत बड़ा है। वो बोला, नहीं वही है जो सबके पास होता है। मैंने कहा, मैं नहीं मान सकती। मैं देखूँगी। वो बोला, मुझे शरम आती है। मैंने कहा, इसमें शर्माने की क्या बात है। यहाँ और कोई दूसरा थोड़े ही है। मुझे दिखाओ।
उसने कहा, भैया से तो नहीं कहोगी। मैंने कहा, बिल्कुल नहीं। वो बोला, ठीक है, दिखा देता हूँ। वो बहुत जोश में था। उसने अपनी पैंट की जिप खोली और अपना लंड बाहर निकालकर मुझे दिखाते हुए बोला, देख लो, वही है जो सबके पास होता है। मैंने उसका लंड अपने हाथ में ले लिया और बोली, सबके पास ये कहाँ होता है। ये तो बहुत बड़ा है। ऐसा तो किसी-किसी के पास होता है।
उसने फिर से मेरी कमर पर बाम लगाना शुरू कर दिया और मेरे चूतड़ को सहलाता हुआ मेरी गांड के छेद पर उँगली लगाने लगा। मेरे हाथ लगाने से उसका लंड और भी ज्यादा टाइट हो गया। उसने धीरे से कहा, मैं आपके पेटीकोट को थोड़ा और नीचे कर दूँ। मैंने कहा, कर दो।
उसने मेरा पेटीकोट और ज्यादा नीचे कर दिया। अब मेरी गांड एकदम नंगी हो गई। वो अभी भी मेरी गांड को देखते हुए छेद पर अपनी उँगली लगा रहा था। वो बोला, आपकी गांड बहुत ही सुंदर है। मैंने कहा, मैं गोरी हूँ ना, इसी लिए। मैंने उसके लंड की तरफ इशारा करते हुए कहा, तुम्हारा लंड भी बहुत सुंदर है। मैं तुम्हारा लंड अपने मुँह में ले लूँ।
वो बोला, ले लो। मैंने उसका हाथ पकड़कर उसकी उँगली अपनी गांड छेद पर रख दी और कहा, तुम अपनी उँगली मेरी गांड के छेद में डाल दो और अंदर-बाहर करो। वो बहुत जोश में था। उसने अपनी उँगली एक झटके से मेरी गांड में डाल दी। मेरे मुँह से एक सिसकारी सी निकली तो वो बोला, क्या हुआ।
मैंने कहा, थोड़ा सा दर्द हुआ। ऐसा पहली-पहली बार होता है। वो मेरी गांड में अपनी उँगली अंदर-बाहर करने लगा। मैंने उसका लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगी। थोड़ी देर बाद वो बोला, मुझे कुछ हो रहा है। लग रहा है मेरे लंड से कुछ निकलने वाला है। मैंने पहली बार उसके मुँह से लंड सुना। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने कहा, मेरे मुँह में ही निकलने दो। मैं इसे पी जाऊँगी। तभी उसने मेरा सिर अपने हाथ से पकड़ अपने लंड की तरफ खींच लिया और उसके लंड का गरम-गरम जूस मेरे मुँह में निकलने लगा। मैंने वो सारा जूस पी लिया। उसके लंड का सारा जूस पी जाने के बाद भी मैंने उसके लंड को चूसना जारी रखा।
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वो मेरी गांड में बहुत तेजी के साथ अपनी उँगली अंदर-बाहर कर रहा था। अब तक मेरी गांड कुछ ढीली हो गई थी और मुझे मजा आने लगा था। मैंने राहुल से कहा, अब तुम अपनी 2 उँगली डालकर अंदर-बाहर करो। उसने अपनी 2 उँगली मेरी गांड में डाल दी तो मुझे इस बार ज्यादा दर्द हुआ।
मेरे मुँह से एक हल्की सी चीख निकल गई। वो बोला, मैं रुक जाऊँ क्या। मैंने कहा, नहीं। तुम रुको मत। तेजी से अपनी उँगली मेरी गांड के अंदर-बाहर करो। उसने बहुत ही तेजी के साथ मेरी गांड में अपनी उँगली अंदर-बाहर करनी शुरू कर दी। वो बोला, गांड में उँगली करवाने से क्या होता है।
मैंने कहा, मैं तुम्हारा लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही हूँ। कैसा लग रहा है। वो बोला, बहुत मजा आ रहा है। मैंने कहा, इसी तरह गांड में उँगली करवाने से मुझे भी बहुत मजा आ रहा है। अभी थोड़ी देर बाद जब मैं तुम्हारा ये लंड अपनी गांड के अंदर लूँगी, तब तुम्हें और मुझे बहुत ज्यादा मजा आएगा।
10 मिनट में ही उसका लंड फिर से खड़ा हो गया तो मैंने राहुल से कहा, ड्रेसिंग टेबल से क्रीम ले आओ। वो जा कर क्रीम ले आया। मैंने कहा, थोड़ी सी क्रीम मेरी गांड के छेद पर लगा दो। उसने थोड़ी सी क्रीम मेरी गांड के छेद पर लगा दी। फिर मैंने उसके लंड पर ढेर सारी क्रीम लगा दी और उससे कहा, अब अपना लंड मेरी गांड के छेद में धीरे-धीरे घुसाओ।
मेरा ये पहली बार है, इसलिए मुझे ज्यादा दर्द होगा लेकिन तुम चिंता मत करना। अपना पूरा का पूरा लंड धीरे-धीरे मेरी गांड में घुसा देना। उसने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रखा और अंदर दबाने लगा। जैसे ही उसने थोड़ा सा दबाया तो मुझे बहुत तेज दर्द हुआ और मेरे मुँह से हल्की सी चीख निकल पड़ी।
अभी तक केवल उसके लंड का टोपा ही मेरी गांड में घुसा था। वो बोला, रुक जाऊँ। मैंने कहा, मैंने तुम्हें रुकने से मना किया था ना। अभी तो मुझे और ज्यादा दर्द होगा। जब तक मैं न कहूँ तब तक तुम रुकना मत, अपना लंड मेरी गांड में घुसाते रहना। वो बहुत ही जोश में आ गया था और बोला, मेरा पानी फिर से निकलने वाला है।
मैंने कहा, निकलने दो। उसने जोश में आकर 2-3 धक्के लगा दिए। मुझे इस बार बहुत तेज दर्द हुआ। 2-3 धक्कों के बाद ही उसके लंड से पानी निकलने लगा। मैं जानती थी कि वो अभी तक कुँवारा है, इसलिए वो ज्यादा देर नहीं टिक सकता। मैंने उससे पूछा, तुम्हारा लंड कितना अंदर घुसा था।
वो बोला, केवल 2”। जब उसके लंड का पूरा पानी निकल गया तो उसने अपना लंड मेरी गांड से बाहर निकाल लिया। उसके बाद वो मेरी बगल में लेट गया। मैं उसका लंड सहलाने लगी। उसने मेरे बूब्स की तरफ इशारा करते हुए कहा, मैं इन्हें देखना चाहता हूँ। मैंने कहा, मेरी ब्रा का हुक खोलकर इन्हें उतार दो, फिर देखो।
उसने मेरी ब्रा का हुक खोलकर मेरी ब्रा को उतार दिया और मेरे बूब्स को देखने लगा। वो बोला, मुझे ये बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने कहा, इन्हें अपने हाथ में लेकर जोर-जोर से मसलो। उसने मेरे दोनों बूब्स अपने हाथों में ले लिए और जोर-जोर से मसलने लगा। वो बोला, इन्हें मसलने में भी बहुत मजा आ रहा है। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने कहा, ठीक है। मसलते रहो और खूब मजा लो। राहुल ने अभी तक मेरी चूत को नहीं देखा था। वो मेरे बूब्स को मसल रहा था और मैं उसका लंड सहला रही थी। 10 मिनट में ही उसका लंड फिर से खड़ा हो गया। मैंने कहा, चलो अब अपना लंड मेरी गांड में डालो। मैं पीठ के बल लेट गई और वो मेरे ऊपर आ गया।
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उसने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रखा और अंदर दबाने लगा। उसका लंड जब 2” तक मेरी गांड में घुस गया तो मुझे हल्का सा दर्द हुआ। उसने अपना लंड दबाना जारी रखा। दर्द के मारे मैं चिल्लाती रही थी लेकिन मैंने उसे रोका नहीं। वो बोला, ये तो आपकी गांड में घुसता चला जा रहा है।
मैंने कहा, कितना घुसा है अब तक। वो बोला, अब तक 3” घुस चुका है। मैंने कहा, ठीक है, तुम घुसाते रहो। जैसे ही उसने थोड़ा और दबाया तो मेरा दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया। मैंने कहा, अब रुक जाओ और अंदर-बाहर करना शुरू कर दो। और ज्यादा अंदर मत घुसाना। उसने धक्के लगाने शुरू कर दिए और थोड़ी देर बाद बोला, इस बार तो बहुत मजा आ रहा है।
मैंने कहा, तुम मजा लेते रहो और तेजी से अंदर-बाहर करते रहो। मुझे भी अब कुछ-कुछ मजा आ रहा है। अभी थोड़ी देर में जब मेरा दर्द कम हो जाएगा तो मुझे और ज्यादा मजा आएगा। वो धक्के लगाता रहा। अभी मैं उसका पूरा लंड अपनी गांड के अंदर नहीं ले पाई थी कि वो बोला, मेरे लंड से फिर से पानी निकलने वाला है।
मैंने कहा, निकलने दो। वो बहुत ज्यादा जोश में आ गया था और उसने बहुत जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए थे। थोड़ी देर बाद राहुल मेरी गांड में ही झड़ गया। मैंने पूछा, इस बार कितना घुसा था। वो बोला, 4” तक घुसा था। मैंने कहा, ठीक है, अगली बार पूरा घुस जाएगा।
पूरी तरह से झड़ जाने के बाद उसने अपना लंड मेरी गांड से बाहर निकाला और बोला मैं और मजा लेना चाहता हूँ। मैंने कहा, जरूर मजा लो। मैं थोड़े ही कहीं जा रही हूँ। अभी तुम्हारा लंड जब फिर से खड़ा हो जाएगा तब तुम फिर से मजा ले लेना। वो बोला, ठीक है।
वो मेरी बगल में लेट गया और मेरे बूब्स को मसलने लगा। मैं उसका लंड सहलाती रही। 10-15 मिनट में ही उसका लंड फिर से खड़ा होकर लोहे जैसा हो गया। वो बोला, मैं फिर से मजा ले लूँ। मैंने कहा, हाँ, ले लो। लेकिन इस बार अपना लंड पूरी तरह से मेरी गांड में डाल देना। अगर इस बार तुम पूरा लंड अंदर नहीं डाल पाए तो मैं तुम्हें फिर से मौका नहीं दूँगी।
वो बोला, ठीक है। इस बार मैं पूरा डाल दूँगा। मैं फिर से पेट के बल लेट गई। मेरी गांड एकदम गीली थी। उसने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रखा और अंदर दबाने लगा। इस बार उसका लंड मेरी गांड में 4” तक आराम से घुस गया। उसने अपना लंड मेरी गांड के अंदर और ज्यादा दबाना शुरू किया।
मैंने कहा, जोर-जोर से धक्के लगाकर इसे पूरा अंदर डाल दो। मेरे चिल्लाने की चिंता मत करना। वो ताकतवर था ही। मेरा इशारा पाते ही उसने जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। मुझे दर्द होने लगा और मैं चिल्लाने लगी। उसने और जोर-जोर से धक्के लगाए तो मैं तड़प उठी।
मेरे चेहरे पर पसीना आ गया। मेरी टाँगें थर-थर काँपने लगीं। वो बोला, अब मेरा लंड पूरा अंदर घुस चुका है। अब तो तुम मुझे ये मजा लेने का फिर से मौका दोगी। मैंने कहा, तुम बहुत अच्छे हो। अब तुम जब चाहो मजा ले लेना। मैं तुम्हें कभी नहीं रोकूँगी। अब तुम तब तक जोर-जोर से धक्के लगाते रहो जब तक तुम्हारे लंड का पानी फिर से नहीं निकल जाता। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वो बोला, ठीक है। अब मैं नहीं रुकूँगा, मुझे बहुत मजा आ रहा है। उसने मेरे सीने के नीचे अपना हाथ डालकर मेरे बूब्स को पकड़ लिया। फिर मेरे बूब्स को मसलते हुए बहुत ही जोर-जोर से धक्के लगाने लगा। मेरा दर्द कुछ ही देर बाद कम हो गया और मुझे भी मजा आने लगा। वो बहुत जोर-जोर से धक्के लगाते हुए मेरी गांड मार रहा था।
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इस बार उसने लगभग 15 मिनट तक मेरी गांड मारी और फिर झड़ गया। झड़ने के बाद वो फिर से मेरी बगल में लेट गया। मैंने कहा, तुम लेटो मत। इस बार मैं तुम्हें दूसरा मजा दूँगी। वो बोला, अब कौन सा मजा। मैंने अपनी चूत की तरफ इशारा करते हुए कहा, अब तुम इसे जीभ से चाटो।
इस बार मैं तुम्हारा लंड इस छेद के अंदर लूँगी। वो मेरी टाँगों के बीच आ गया और मेरी चूत को बड़े ध्यान से देखने लगा। फिर उसने मेरी चूत चाटनी शुरू कर दी। मैंने उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। उसकी जीभ अपनी चूत पर महसूस करते ही मैं और ज्यादा जोश में आने लगी।
थोड़ी देर बाद मेरी चूत से पानी निकलने लगा तो वो रुक गया। मैंने कहा, रुक क्यों गए। वो बोला, तुम पेशाब कर रही हो। मैंने कहा, पगले, ये पेशाब नहीं है। जैसे तुम्हारे लंड से पानी निकलता है वैसे ही जब औरत ज्यादा जोश में आ जाती है तो उसकी चूत से भी पानी निकलता है। तुम इस पानी को चाट लो।
उसने अपनी जीभ से मेरी चूत का सारा पानी चाट लिया। इधर उसका लंड फिर से खड़ा हो चुका था। जब वो मेरी चूत का पानी चाट चुका तो मैंने कहा, अब अपना पूरा लंड मेरी चूत में डालकर जोर-जोर से धक्के लगाते हुए अंदर-बाहर करो। उसने अपने लंड का टोपा मेरी चूत के बीच रखा तो मैंने अपना पैर उसके कंधे पर रख लिया।
मैंने कहा, इस बार जैसे तुमने मेरी गांड के अंदर पूरा लंड घुसा दिया था वैसे ही अब मेरी चूत में भी पूरा लंड घुसा देना। उसने एक जोरदार धक्का मारा तो मेरे मुँह से चीख निकल गई। वो बोला, इसमें तो आसानी से अंदर जा रहा है। मैंने कहा, इस लिए आसानी से अंदर जा रहा है क्योंकि तुम्हारे भैया भी इसके अंदर अपना लंड डालते हैं।
उसने कहा, तब तो पूरा लंड आसानी से अंदर चला जाना चाहिए लेकिन फिर भी ये अब और ज्यादा अंदर नहीं जा रहा है। मैंने कहा, तुम्हारे भैया का लंड छोटा है और तुम्हारा बहुत बड़ा। इसी लिए ये आसानी से अंदर नहीं जा रहा है। तुम पूरी ताकत के साथ धक्के लगाओ। उसने जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए।
उसका लंड लंबा होने के साथ-साथ बहुत मोटा भी था। मैं दर्द से तड़पने लगी। वो धक्के लगाता रहा। कुछ ही देर में उसका पूरा का पूरा लंड मेरी चूत के अंदर घुस गया और मैं उसके लंड का टोपा अपने बच्चेदानी के मुँह पर महसूस करने लगी। वो बोला, मैंने पूरा लंड अंदर डाल दिया है। इस छेद में तो और ज्यादा मजा आ रहा है।
मैंने कहा, अब खूब तेजी से मेरी चूत में अंदर-बाहर करो। उसने बहुत ही जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। आज मेरी मुराद पूरी हो रही थी। 5 मिनट में ही मैं झड़ गई। वो बोला, तुम्हारी चूत से तो फिर से पानी निकल रहा है। मैंने कहा, जब तक तुम्हारे लंड का पानी निकलेगा तब तक मेरी चूत से कई बार पानी निकलेगा।
मेरी चूत गीली हो चुकी थी। वो धक्के लगाता रहा। रूम में चप-चप की आवाज हो रही थी। उसकी स्पीड अब बहुत तेज हो गई थी। मुझे भी आज पहली बार चुदवाने में बहुत मजा आ रहा था। अभी 10 मिनट भी नहीं बीते थे कि मैं फिर से झड़ गई। मैं चूतड़ उठा-उठाकर उसका साथ देने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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वो पूरी मस्ती के साथ मेरी चुदाई कर रहा था। लगभग 10 मिनट तक और चोदने के बाद वो झड़ गया। उसके साथ ही साथ मैं भी झड़ गई। जब उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला तो मैंने इस बार उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। जब मैंने उसका लंड चाट-चाटकर साफ कर दिया तो वो हट गया।
वो मेरी बगल में लेट गया और बोला, मुझे इस छेद में ज्यादा मजा आया। थोड़ी देर आराम करने के बाद मैं खाना बनाने चली गई। मैं अभी खाना बना ही रही थी कि वो किचन में आया और बोला, मुझे मजा लेना है। मैंने कहा, मैं खाना बना लूँ तब तुम मजा ले लेना। वो बोला, मुझे अभी मजा चाहिए।
देखो मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया है। मैं तो खुद ही प्यासी थी। मैं किचन में ही डॉगी स्टाइल में हो गई। मैंने उससे कहा, अब तुम मेरे पीछे आ जाओ, और मजा लो। मैं देखना चाहती थी कि उसे मेरी चूत चाहिए या गांड। वो मेरे पीछे आया और अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा।
मैं समझ गई कि उसे चूत को चोदने में ही ज्यादा मजा आया था। उसने जोर-जोर से धक्के लगाते हुए अपना लंड मेरी चूत में डालना शुरू कर दिया। मेरी चूत अभी तक उसके लंड के साइज की नहीं हुई थी। मुझे दर्द होने लगा और मैं चिल्लाने लगी। लेकिन वो रुका नहीं, अपना लंड मेरी चूत में घुसाता रहा।
पूरा लंड घुसा देने के बाद उसने जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। मुझे इस बार ज्यादा मजा आ रहा था। 5 मिनट की चुदाई के बाद मैं झड़ गई। वो मेरी कमर को पकड़कर जोर-जोर से धक्के लगाता रहा। मैं भी आगे-पीछे होते हुए उसका साथ देने लगी।
10 मिनट और चुदवाने के बाद मैं फिर से झड़ गई। उसकी स्पीड और तेज हो चुकी थी। मेरी चूत चप-चप कर रही थी। मेरी चूत ने उसके लंड को जोर से जकड़ रखा था। 10 मिनट और बीते थे कि मैं फिर से झड़ गई। लेकिन उसने अभी भी मेरी चुदाई जारी रखी थी।
वो मुझे एकदम आँधी की तरह चोद रहा था। 5 मिनट और बीते तो उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और मेरी गांड में घुसाने लगा। मुझे तो पहले थोड़ा सा दर्द हुआ लेकिन फिर बहुत मजा आने लगा। वो बहुत तेजी से मेरी गांड मार रहा था।
लगभग 10 मिनट मेरी गांड मारने के बाद उसने अपना लंड फिर से मेरी चूत में डाल दिया और इस बार बहुत ही जोर-जोर के धक्के लगाने लगा। मैंने ऐसा मजा कभी नहीं पाया था। इस मजे के लिए ही मैं तड़प रही थी। आज मेरी तमन्ना पूरी हो रही थी। मैं जानती थी कि मुझे अब ये मजा बहुत दिनों तक मिलने वाला है।
उसे अब तक मुझे चोदते हुए 10 मिनट और बीत चुके थे। मैं फिर से झड़ गई। वो बोला, तुम्हारी चूत से कई बार पानी निकल चुका है, अभी और कितनी बार निकलेगा। मैंने कहा, जब तक तुम मुझे चोदते रहोगे तब तक कई बार निकलेगा। वो बोला, अभी तो मुझे नहीं लग रहा है कि मेरा पानी निकलने वाला है।
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मैंने कहा, जब तक तुम्हारा पानी नहीं निकलता तब तक तुम चोदते रहो। अब तक मुझे चुदवाते हुए लगभग 50 मिनट हो चुके थे। वो था कि चोदता जा रहा था। मेरी चूत भी इतना लंबा और मोटा लंड अंदर लेते-लेते कुछ सूज चुकी थी। मुझे मजा भी बहुत आ रहा था। 10 मिनट और बीते तो वो बोला, अब लगता है कि मेरा पानी निकलने वाला है। इतना कहकर वो और ज्यादा ताकत के साथ धक्के लगाने लगा। उसके इस धक्के से मेरे बदन के सारे जोड़ हिलने लगे थे। 5 मिनट बाद वो झड़ गया और मैं भी फिर से उसके साथ ही साथ झड़ गई।
इस बार उसके लंड से ढेर सारा पानी निकला। उसने जब अपना लंड बाहर निकाला तो मैंने उसका लंड चाट-चाटकर साफ कर दिया। वो बोला, इस बार मुझे जो मजा आया ऐसा मजा मुझे पिछली बार नहीं मिला। मैंने दीपक के हॉस्पिटल से वापस आने तक उससे जी भरकर चुदवाया। उसने मुझे खूब मजा दिया और उसे भी खूब मजा मिला। अब तक वो चोदने में एक्सपर्ट हो चुका था। उसने मुझे तरह-तरह के स्टाइल में पूरे घर में हर जगह चोदा। मेरी चूत की प्यास एक हद तक शांत हो चुकी थी।
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