Aankho Dekhi Chudai
दोस्तों, अब मैंने आपको नेहा की पहली सेक्सी एनकाउंटर की कहानी सुनाई, एक शादीशुदा औरत की, जिसका हब्बी भारत से बाहर है। ये बात तब की है जब मैं किसी ऑफिस के काम से सिलीगुड़ी गया था। दार्जिलिंग सिलीगुड़ी के पास ही एक सुंदर हिल स्टेशन है जो अपनी विंटेज टॉय ट्रेन के लिए भी जाना जाता है। Aankho Dekhi Chudai
असल में मेरा रिजर्वेशन लेट होने की वजह से मुझे दार्जिलिंग में 7 दिन रुकने का मौका मिल गया। मैंने पहले तीन दिन दार्जिलिंग रुकने का प्रोग्राम बनाया, असल में मैं जानता था कि छोटी जगह होने के कारण ज्यादा दिन वहाँ रुकना बोरिंग हो जाएगा। मैं जब अपने होटल में गया तो मेरा रूम सेकंड फ्लोर पर सिंगल बेड वाला था।
मैं अपना सामान रखकर रूम फ्रेश हुआ और फिर नीचे थोड़ा स्नैक्स लेकर और कॉफी पीकर दोबारा अपने रूम की तरफ गया तो मेरे पीछे एक बड़ी ही सुंदर, टॉल और स्लिम सी लड़की और एक अफ्रीकन हबशी और एक गोरा साथ-साथ ऊपर को आए। मैंने उन्हें आगे निकलने दिया पर मुझे ये बड़ा अटपटा लगा कि दो फॉरेनर के साथ एक इंडियन लड़की।
पर लड़की इतनी सेक्सी थी कि मेरा तो दिल उसे देखते रहने को कर रहा था। उसने जींस और टॉप पहन रखा था। वो करीब 25-26 साल की होगी, लगभग 5’9” लम्बी, गोरी और पतली लड़की थी. उसका फिगर वाह बिलकुल किसी मॉडल जैसा मस्त फिगर था और स्किन एकदम वेल्वेटी म्मम्म।
मैं जब अपने कमरे के पास पहुँचा तो पता चला कि उनका रूम मेरे रूम के जस्ट बगल में है। पहले तो मुझे शक हुआ कि वो जरूर कोई जुगाड़/टैक्सी थी क्योंकि दो फॉरेनर के साथ एक इंडियन लड़की। मैं तो बस इस बात से खुश था कि चलो बगल में मस्त लड़की है तो टाइम पास अच्छा होगा।
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मैं ये समझ गया था कि जब तीनों एक रूम में ही ठहरे हैं तो इस लड़की की चुदाई तो होनी ही है। पर मेरे लिए ये बड़ा इंटरेस्टिंग था कि एक तो लड़की बड़ी पटाखा थी और उसको चोदने वाले लंड भी जबरदस्त थे। लड़की की चूत या तो भोसड़ा थी जो उनका लंड ले सके नहीं तो उसका भोसड़ा बनने वाला था।
उसमें से हबशी तो साला कम से कम 7 इंच का होगा और इस हिसाब से उसका लंड 1 फुट का तो होगा ही। पर मुझे पता चला कि तीनों एक-दूसरे को जानते थे। उनका दरवाजा खुला हुआ था और मैं उनकी बातें सुन सकता था। लड़की का नाम नेहा था और हबशी का रॉड्रिग्स और गोरे का माइकल।
वो तीनों शायद दिल्ली में हायर स्टडीज कर रहे थे। वो कभी हिंदी तो कभी इंग्लिश में बात कर रहे थे। नेहा की तो दोनों भाषाएँ फ्लुएंट थीं पर उन गोरे-कालों की इंग्लिश भी थोड़ी पुअर थी। लगता था कि गोरा भी किसी और यूरोपियन कंट्री से था। उनकी बातों से मुझे ये भी अंदाजा लगा कि नेहा मैरिड थी और उसका हब्बी कहीं आउट ऑफ इंडिया था।
वो दोनों उसको उसके हब्बी के नाम पर भी छेड़ रहे थे कि हम भी तो उसके हब्बी जैसे ही हैं और अब तो एक ही कमरे में रुके हैं। थोड़ी देर में दरवाजा बंद हो गया तो मुझे उनकी आवाजें आनी बंद हो गईं, पर मेरा दिल अब बेचैन हो गया क्योंकि उस होटल के सेकंड फ्लोर पर हमारी साइड पर दो ही कमरे आमने-सामने थे।
मिडिल में कॉमन ट्रायंगुलर स्पेस था और एक मेन एंट्री डोर था। अगर उसे बंद कर दो तो कोई अंदर नहीं आ सकता था और उस स्पेस को भी एक रूम की तरह यूज किया जा सकता था। बस दोनों रूम्स के एंट्री डोर उस स्पेस में ओपन होते थे। मुझे लगता है कि उन्होंने जान-बूझकर इस टाइप का रूम लिया था या होटल वालों ने जानबूझकर प्राइवेसी के लिए ऐसा रूम बनाया था।
अगर कोई फैमिली आ जाए तो उनको प्राइवेटली दो रूम दिए जा सकते थे। अब सब बातें छोड़ो मैं मुख्य कहानी पर आता हूँ। तो दोस्तों मैं इवनिंग में शहर घूमने और डिनर के लिए होटल से बाहर आया। दार्जिलिंग छोटा सा टाउन है। वहाँ पर मुझे नेपाली लोग कुछ ज्यादा दिखे फिर मुझे पता चला कि वहाँ सब नेपाली भाषी भारतीय नागरिक ही हैं जिनको ज्यादातर गोरखा कहा जाता है।
गोरखा लोग देहरादून और इंडिया में अन्य टाउन्स में भी हैं लेकिन उनके रूप-रंग से उनके विदेशी होने का या नॉर्थ ईस्ट का होने का धोखा होता है। मैं करीब 8:30 अपने रूम पर आया तो मुझे हबशी बाहर ही मिल गया। उसने मुझसे मेरा नाम पूछा और बोला कि अगर वो बाहर जाए तो बाहर से मेन डोर बंद करके कीज नीचे दे और अंदर से मेन एंट्री वाला डोर बंद कर दिया।
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मैंने हबशी को बोला कि I am tired by walking and want to sleep और उसको गुड नाइट कहकर अंदर आ गया। पर दोस्तों मेरे दिमाग में तो नेहा का मस्त फिगर, गोरा संगमरमरी बदन और उसकी पतली कमर, मीडियम साइज के टाइट बूब्स और मोटे-मोटे बट्स और बनाना जैसी स्मूद टाइट थाइज घूम रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने अपना डोर अंदर से बंद करके लाइट ऑफ करके सोने की कोशिश करने लगा। मैंने सोचा चलो नेहा के खयालों में आज नींद अच्छी आएगी और अगर नहीं आई तो इनकी चुदाई का नजारा देखने की कोशिश करूँगा। दोस्तों ये भी सरप्राइज की बात है कि आदमी अपनी चुदाई तो छुपाकर करना चाहता है पर दूसरी की चुदाई देखने को बेचैन रहता है।
मैं ऐसे सोचते ही थोड़ी देर में सो गया, पर जब मेरी नींद खुली तो मैंने अपने मोबाइल पर टाइम देखा रात के 11:30 हो गए थे। मुझे बाहर से कुछ आवाजें आ रही थीं। मैंने समझा कि जरूर वो लोग बाहर फाइट तो नहीं कर रहे। पता चला कि नेहा की चुदाई के चक्कर में गोरा और काला लड़ पड़े और कोई और प्रॉब्लम हो जाए।
मैं बेड से उठा और डोर की तरफ आया पर मैंने सोचा पहले अंदर से देख तो लूँ कि क्या मामला है। मैंने नीचे झुककर की-होल से देखने लगा तो देखा नेहा गाउन पहने थी और अंदर से उसने टी-शर्ट और टाइट वाली पजामी पहन रखी थी। गोरा और काला दोनों उसके अगल-बगल बैठे थे।
वो दोनों उसकी बॉडी को टच कर रहे थे और किसी न किसी बहाने उसको एक्साइट करने की कोशिश कर रहे थे। नेहा बड़े आराम से दोनों को हैंडल कर रही थी। वो कभी गोरे को खुश करती और कभी काले को। नेहा बड़ी स्मार्ट थी। वो मजा तो दोनों से लेना चाहती थी पर अलाउ किसी को नहीं कर रही थी।
दोनों नेहा को पटाने की कोशिश कर रहे थे। धीरे-धीरे उनमें इस बात पर डिस्कस होने लगा कि अंदर कौन सोएगा और बाहर कौन। नेहा कह रही थी कि मैं बाहर खुले में सोऊँगी और दोनों कह रहे थे कि नहीं तुम अंदर सोओगी और हम दोनों में से एक अंदर तुम्हारे साथ सोएगा और दूसरे दिन वो बाहर सोएगा।
नेहा नहीं मान रही थी। वो कह रही थी नहीं मैं बाहर सोऊँगी। मैं सोच रहा था काश ये बाहर ही सोएँ तो क्या पता मेरा भी कोई चांस लग जाए। अब हबशी और गोरा भी अड़ गए कि ठीक है तीनों बाहर ही सोएँगे। फिर नेहा अपना कुशन, पिलो और शीट लेकर बाहर आई तो दोनों भी अपना बिस्तर लेकर बाहर आ गए और उसके बगल में अपना बिस्तर लगा दिया।
साले हबशी की नाप का तो बिस्तर ही नहीं था, उसके पैर कुशन और ब्लैंकेट दोनों से बाहर थे। नेहा को नींद सी आने लगी तो वो अब ज्यादा रेसिस्ट नहीं कर पा रही थी पर दोनों उसको सोने नहीं दे रहे थे और उसकी थाइज और कमर पर रब करने लगे। इस पर नेहा को शायद मजा आने लगा और वो सोने का नाटक करते हुए उनको मौका देने लगी।
धीरे-धीरे दोनों नेहा के बदन से उसके गाउन के बाहर से ही शुरू हो गए। गोरा उसकी थाइज और हबशी उसकी बूब्स दबाने लगा। नेहा जानबूझकर उनको मौका देने लगी और सोने का नाटक करने लगी। गोरे ने नेहा के गाउन को ऊपर से उतार दिया और हबशी ने उसे नीचे से खींचकर उसके बदन से अलग कर दिया।
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जब दोनों को लगने लगा कि नेहा अब उनका विरोध नहीं करेगी तो दोनों ने आँखों में कुछ इशारा किया और हबशी रूम के अंदर चला गया। शायद इसका मतलब ये था कि दोनों नेहा को बारी-बारी चोदेंगे। अब गोरा आराम से नेहा के बगल में लेट गया और आराम से नेहा के टी-शर्ट के बाहर से उसके बूब्स दबाने लगा।
ये सब देखकर मेरा तो लंड टाइट होने लगा। मैंने अपने लंड की बेचैनी को रोका और नजारा देखने लगा। नेहा एकदम नॉर्मल थी। मेरा मन तो कर रहा था कि उसे गोद में लेकर उसकी एक पप्पी ले लूँ और उसके टी-शर्ट को उठाकर उसकी बूब्स को मसल दूँ। थिन टी-शर्ट के अंदर जबरदस्त लग रही थीं।
नेहा के मीडियम साइज के टाइट बूब्स पर अपने लिप्स से चूमूँ। जैसे-जैसे गोरा नेहा के बूब्स दबाता, नेहा उसे रोकने की झूठी कोशिश कर रही थी और नो-नो कह रही थी। गोरा यस-यस कहकर उतनी बार नेहा की पप्पी लेने लगता। अब गोरे ने नेहा का टी-शर्ट भी अलग कर दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
नेहा ने ब्रा नहीं पहनी थी और उसके मिल्क जैसे गोरे बूब्स और गुलाबी रंग के निप्पल्स मुझे बेचैन करने लगे। अब गोरा नेहा के बूब्स को पूरे जोर से मसलने और प्रेस करने लगा। वो उसके नेवल एरिया पर गुदगुदी भी कर रहा था। फिर गोरा नेहा के ऊपर आ गया और उसके बूब्स के निप्पल को अपने लिप्स से पकड़कर उनको चूसने लगा तो नेहा चीखने लगी पर उसकी वॉइस में और गोरा ही सुन पा रहे थे या फिर वो खुद सुन रही थी।
अब गोरा वन बाय वन उसके निप्पल्स लिप्स में लेकर उनको सक करने लगा और नीचे से अपने हाथ उसके पजामा के अंदर उसकी थाइज के बीच डाल दिए। मुझे लगा कि उसने उसकी चूत में उंगली करनी शुरू कर दी थी। क्योंकि नेहा पूरी तरह से मस्त हो चुकी थी। गोरा शायद उसको चुदाई के लिए तैयार कर रहा था।
4-5 मिनट तक नेहा की पजामा में उंगली करने के बाद गोरे ने उसकी पजामा नीचे को पुल की तो वो टाइट थी और उसकी थाइज से नीचे नहीं आ रही थी। फिर नेहा ने खुद ही रुककर अपनी पजामा नी को नीचे तक सरका दी। वाह नेहा की थाइज तो क्या मस्त थीं, चिकनी, टाइट और गोरी म्मम्म।
मेरा मन कर रहा था कि साली की थाइज को बटर टोस्ट की तरह खा लूँ। गोरा भी उसकी थाइज से मस्त हो गया और उन पर मसाज करने लगा। इसी बीच जब गोरा थोड़ा साइड को हुआ तो जैसे ही नेहा ने अपनी टाँगें फैलाईं मुझे उसकी चूत नजर आ गई। वाह उसकी चूत बड़ी मस्त थी, एकदम गुलाबी थी।
शायद आज मॉर्निंग में ही उसने अपनी चूत को शेव किया था और उसकी चूत एकदम गुलाबी, गोरी, चिकनी और साफ-सुथरी थी। ऐसा लग रहा था जैसे वहाँ कभी कोई बाल था ही नहीं। वैसे भी नेहा की स्किन बड़ी स्मूद और गोरी थी। उसकी गुलाबी चूत देखकर तो नेहा की उमर 20 साल की सी लगती थी।
फिर गोरे ने बिना देर किए नेहा की दोनों टाँगों को फैलाया और एक धक्के के साथ नेहा की चूत को दोनों ओर से फाड़कर अपना खड़ा लंड उसकी चूत में ठोक दिया और एक झटके में ही पूरा अंदर तक घुसेड़ दिया। नेहा की चूत बड़ी टाइट लग रही थी, किसी 18 साल की लड़की जितनी टाइट और इन्टैक्ट थी और गोरे को उसकी शुरुआत में ही इतनी मेहनत करनी पड़ रही थी।
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नेहा तो चुदाई की शुरुआत से ही मस्त होती जा रही थी और उसकी चुदवाने की भूख बढ़ती जा रही थी और वो और अंदर डालने के लिए कह रही थी। मुझे लगता है गोरे ने उंगली करके उसकी चूत को एक बार गीला कर दिया था। जैसे दूसरी की बीवी की चुदाई में मर्द को मजा आता है वैसे ही वो भी किसी और मर्द से चुदवाने की वजह से एक्साइटेड थी।
गोरे ने एक और एक धक्का लगाया तो उसका पूरा लंड उसकी चूत में समा गया और नेहा अपने गाँड उठाकर और अपने तरफ से धक्का लगाकर खुद चुदवाने को बेताब थी। इससे देख मुझे बड़ा मजा आ रहा था पर गोरे का लंड शायद ज्यादा मोटा था या नेहा की चूत टाइट थी जो गोरा उसकी चूत में लंड को आगे-पीछे तेजी से नहीं कर पा रहा था।
गोरे ने धक्कों की रफ्तार बढ़ा दी और वो पूरी रफ्तार से नेहा की चूत में पेलने लगा और नेहा भी चूतड़ उठा-उठाकर अपनी चूत रगड़वा रही थी। गोरे ने उसके बूब्स को दबाता और निप्पल्स को भी मसलता जाता था। कभी-कभी तो जोश में उसने उसके बूब्स को पूरी ताकत से दबाकर मसल दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
पर उसके बूब्स एक्साइटमेंट में इतने टाइट हो गए थे कि एकदम पत्थर से लगते थे। एक तो गोरे के मोटे लंड से उसकी चूत वैसे ही फट रही थी और ऊपर से उसने उसके निप्पल भी पूरे जोर से मसल दिए तो नेहा की मस्ती के साथ दर्द के मारे इतनी जोर से चीख निकली कि मैं डर गया कि कहीं होटल में किसी को पता न चल जाए।
अगर कोई और वहाँ होता तो वो भी समझ गया होगा कि उसकी जबरदस्त ठुकाई चल रही है। पर नेहा की ये चुदाई ज्यादा देर न चल सकी। गोरे की थकान से हालत खराब होने लगी और उसने अपनी रफ्तार थोड़ी कम कर दी। इसी बीच गोरे ने नेहा के दोनों चूतड़ पकड़कर अपने लंड को उसकी चूत के अंदर पूरा घुसाकर उसके ऊपर पूरी तरह से गिर गया।
नेहा भी समझ गई कि गोरा झड़ने वाला है। नेहा बोली प्लीज पुल इट आउट फास्ट, पर गोरा उसके ऊपर गिर गया। लंड को नेहा की चूत में और अंदर तक पेल दिया। अब मुझे नींद आ रही थी और मेरे देखने को कुछ बाकी नहीं था इसलिए मैं अपने बेड पर आ गया और मुझे पता नहीं कब नींद आ गई।
मॉर्निंग में उठकर मैं जब बाहर आया तो सबकुछ ठीक-ठाक था। मैं मॉर्निंग में ही टाउन घूमने निकल गया और जब शाम को आया तो देखा कि तीनों वहीँ बाहर ही गप-शप कर रहे थे पर आज मैंने नजरें बचाकर नेहा को देखा तो वो भी मुझे देखते हुए नजर आई और उसकी आँखों में मुझे एक चाहत नजर आई और मुझे ऐसा लगा कि अब वो एक देसी लंड लेना चाहती है।
मेरे लिए तो इतना ही काफी था और मैंने सोच लिया कि आज रात एक बार कोशिश करूँगा कि उसकी चुदाई का चांस मिले। मैं इन्हीं खयालों में रूम में आकर सो गया और फिर मेरी नींद 11:40 पर खुली तो बाहर से आवाजें आ रही थीं पर जैसे ही मैंने की-होल से बाहर देखा तो वहाँ तो अजीब हाल था।
गोरा, काला और नेहा तीनों एकदम नंगे पड़े थे और नेहा ऐसे लग रही थी जैसे दो सांडों के बीच में छोटी सी बकरी फँस गई हो। जबकि वैसे मेरे हिसाब से तो नेहा अच्छी-खासी टॉल, स्मार्ट, सेक्सी लेडी थी। हबशी का लंड देखकर मैं भी दंग रह गया। साला एक फुट से कम न होगा और मोटा भी एवरेज गाजर जितना।
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हबशी नेहा की गाँड में लंड देने की कोशिश कर रहा था और गोरा उसके मुँह में पर साले के लंड इतने मोटे थे कि वो घुस नहीं पा रहे थे। गोरे का लंड भी मोटाई में हबशी जितना ही था हाँ साइज में थोड़ा छोटा था। नेहा तो उन दोनों के बीच छटपटा रही थी और दोनों को गालियाँ दे रही थी। वो उसके साथ जबरदस्ती नहीं करें।
जब नेहा हबशी से परेशान हो गई तो वो गोरे की तरफ जाने लगी तो गोरे ने हबशी को थोड़ा वेट करने का इशारा किया और नेहा को पटाने लगा। नेहा को थोड़ा राहत मिली और वो गोरे की बाहों में चली गई तो गोरे ने हबशी को थोड़ा इशारा किया और हबशी वहाँ से रूम के अंदर चला गया।
गोरा धीरे-धीरे नेहा के बदन को सहलाने लगा और फिर उसके पूरे बदन पर मसाज करने लगा। फिर गोरे ने अपना एक हाथ उसकी थाइज के बीच डाल दिया तो नेहा मोन करने लगी। गोरा उसको उसकी बॉडी पर किस करने लगा और उसके निप्पल्स पर लिक करने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
धीरे-धीरे गोरे ने नेहा की चूत के ऊपर वाले हिस्से पर जो मटर के दाने जैसा (क्लिटोरिस) होता है पर फिंगर करना शुरू कर दिया तो नेहा चुदवाने के लिए छटपटाने लगी पर उसका तना हुआ लंड देखकर डर रही थी। उसके लंड देखकर तो मैं सोच रहा था कि कहीं ये नेहा की चूत को फाड़ देगा और कहीं नेहा को मार ही न डाले।
मुझे उस समय चुदाई के मजे के बजाय डर लगने लगा कि साले इस लड़की को चोदने के चक्कर में मार न दें। जब नेहा की आवाजें और तेज हो गईं तो गोरे ने और जोर से क्लिट पर फिंगर करना शुरू कर दिया और नेहा भी अब चिल्लाने की बजाय धीरे-धीरे मोन करने लगी।
या तो उसे मजा आ रहा था या फिर वो शाउट करके थक गई थी। फिर मैंने देखा कि गोरे ने अपनी मिडिल फिंगर पूरी उसकी चूत में डाल दी तो नेहा बड़ी जोर से चीखी तो गोरे ने उसके मुँह को एकदम बंद कर दिया ऐसे कि जैसे उसका गला दबा देना चाहता हो।
फिर उसने अपनी फिंगर को चूत से बाहर निकाला और उसकी दोनों टाँगें फैलाकर उसकी थाइज के बीच में अपने को फिक्स कर दिया। इसके बाद उसने अपने हाथ को उसके मुँह से हटाया और उसको कमर से पकड़कर अपनी ओर खींचा। फिर उसके दोनों चूतड़ को अपने दोनों हाथों में लेकर एक जोरदार धक्का अंदर की तरफ लगाया।
उधर नेहा की चीख निकली पर गोरे ने अपना काम चालू रखा। उसने एक और धक्का लगाया और मैंने देखा कि दोनों एक-दूसरे से चिपक गए थे। इसका मतलब था कि गोरे का पूरा लंड नेहा की चूत की गहराई में गुम हो चुका था। नेहा आवाज नहीं कर रही थी पर छटपटा रही थी। पता नहीं उसे मजा आ रहा था या दर्द हो रहा था।
इसके बाद गोरे ने पोजीशन चेंज कर ली। उसने नेहा की एक थाइ को अपने ऊपर ले लिया और अपने साइड में होकर नेहा को कमर के बल लिटा दिया। इस तरह से गोरा अब साइड एक्शन में आ गया और धीरे उसकी चूत में लंड को आगे-पीछे कर एडजस्ट करने लगा। फिर उसने धक्के लगाने शुरू कर दिए।
उसके धक्कों के साथ ही नेहा मोन करने लगती और जैसे-जैसे धक्कों की स्पीड बढ़ने लगी, नेहा की शाउटिंग भी बढ़ने लगी। ऐसा लग रहा था कि जैसे गोरा जितने धक्के लगाता नेहा उतनी ही बार शाउट करती। मैं गोरे के धक्कों को काउंट करके नेहा की चीख को भी काउंट कर सकता था। अब गोरे की स्पीड बढ़ गई और नेहा की मोअनिंग भी स्पीड के कारण अब लगातार सुनाई दे रही थी।
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गोरे का 7-8 इंच का लंड कब उसकी चूत के अंदर जा रहा था और कब बाहर आ रहा था पता ही नहीं चल रहा था। गोरा बीच-बीच में नेहा की चूतड़ पर स्लैप भी कर रहा था। लगातार स्लैप करने पर वहाँ से तबला जैसा बजने लगा। बीच-बीच में गोरा उसकी गाँड (एसहोल) में भी उंगली कर देता तो नेहा उसे गालियाँ देने लगती।
फिर अचानक से गोरा ढीला पड़ने लगा और नेहा भी जोर से आवाजें निकालने लगी और गोरे ने नेहा को जकड़ लिया और फिर वो उसके ऊपर पड़कर एकदम ठंडा पड़ गया। इसका मतलब था कि उसके लंड से बरसात हो चुकी थी और नेहा भी सैटिस्फाइड लग रही है। पर नेहा ने जल्दी से अपने को उससे अलग किया और वो जल्दी से कमरे के अंदर चली गई।
शायद वो अपनी चूत साफ करने बाथरूम में चली गई थी। गोरा भी उसके पीछे अंदर चला गया। शायद वो भी अब थक चुका था क्योंकि नेहा को चोदने में उसने बड़ी मेहनत की थी। मुझे अभी उम्मीद थी कि हबशी अभी सोया नहीं होगा और नेहा को चोड़े बगैर उसका लंड शांत होने वाला नहीं था।
मेरा आइडिया सही निकला और करीब 10 मिनट के बाद हबशी और नेहा बाहर आए पर बड़ा ही अजीब सीन था। हबशी ने नंगी नेहा को उल्टा पकड़ रखा था मतलब नेहा की दोनों थाइज हबशी के शोल्डर पर थीं और उसका माउथ उसके लंड के आस-पास था और हबशी ने नेहा की कमर से पकड़ा रखा था और अपने लंड को नेहा के मुँह में देने की कोशिश कर रहा था।
नेहा परेशान सी थी पर साली बड़ी जबरदस्त चुदक्कड़ थी जो दो-दो लंड की मार झेल रही थी। जब नेहा ने हबशी के लंड को मुँह में नहीं लिया तो हबशी ने नेहा की चूत पर अपने माउथ से खोजली शुरू कर दी। वो अपनी जीभ (टंग) से उसकी चूत के आस-पास चाटने लगा। साले की जीभ भी इतनी जबरदस्त थी कि नेहा की चूत के अंदर की लाली मुझे दिखाई दे रही थी।
अब हबशी नेहा की चूत को जबरदस्त ढंग से चाटने लगा। नेहा मस्ती में सिसकारियाँ मार रही थी। नेहा की चूत में हबशी की जीभ ऐसे ही जा रही थी जैसे कोई लंड जाता है। फिर हबशी ने अपनी जीभ से नेहा के चूत के ऊपर के हिस्से (क्लिटोरिस) पर लिक करना शुरू किया तो नेहा तो मस्ती में पागल हो गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उसे तो ऐसा मजा आने लगा कि जैसे शायद चुदाई में भी नहीं आता। हबशी साला बड़ा जबरदस्त चोदू था। ऐसा मैंने पहले पोर्न फिल्मों में ही देखा था। हबशी चोदने से पहले नेहा को पूरी तरह से मस्त कर देना चाहता था जिससे उसका घोड़े जैसा लंड उसकी चूत में आसानी से चला जाए।
चोदने से पहले वो नेहा की चूत को एक्साइट करके एकदम सून कर देना चाहता था जिससे उसके लंड को तो चुदाई का पूरा मजा मिले पर नेहा को उसके लंड झेलने में परेशानी न हो। नेहा पर भी अब एक नशा सा छा चुका था और वो एकदम मस्त होकर उसको चोदने के लिए कहने लगी, पर उसने उसके लंड को अपने मुँह में नहीं लिया।
मुझे लग रहा था कि हबशी को उसकी कोई जरूरत भी नहीं थी क्योंकि उसका लंड पहले से ही तना हुआ नेहा की चूत में घुसने को बेताब था। हबशी ने नेहा को नीचे उतारा और फिर उसे कमर से किसी डॉल की तरह पकड़कर उसकी दोनों टाँगों को अपार्ट किया और उसकी दोनों थाइज के बीच में अपने को एडजस्ट करते हुए उसकी चूत पर अपना लंड एडजस्ट करने लगा।
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हबशी का लंड देखकर नेहा की हालत खराब हो गई और वो चिल्लाने लगी पर शायद वो भी उसके इस ह्यूज लंड को अपनी चूत में लेना चाहती थी। जैसे हबशी का लंड उसकी चूत के मुँह पर एडजस्ट हुआ हबशी ने नेहा को उठाकर दीवार से सटा दिया और एक जोर का धक्का लगाया।
मुझे कुछ दिखाई नहीं दिया पर नेहा चीखने लगी और फिर शांत सी हो गई पर शायद उसका लंड पूरा अंदर नहीं गया था। फिर थोड़ा रुककर हबशी ने दोबारा धक्का लगाया। इस बार नेहा ने ज्यादा शोर नहीं किया पर उसके चेहरे से दर्द झलक रहा था। अब हबशी ने नेहा के दोनों चूतड़ को अपने दोनों हाथों से थाम लिया और अपने लंड को उसकी चूत के अंदर दाएँ-बाएँ और आगे-पीछे एडजस्ट करने लगा।
उसका लंड उसकी चूत में पूरी तरह घुसा हुआ था पर आगे-पीछे नहीं हो पा रहा था। पर साला हबशी जबरदस्त चोदू था कि उसने नेहा की चूत में अपना पूरा लंड दो धक्कों में ही पेल दिया था। मेरे लिए ये किसी पोर्न मूवी को देखने से कम नहीं था। हबशी अब नेहा को चूमने और उसके बूब्स पर लिक भी करने लगा।
नेहा की हालत खराब थी पर हबशी की चुदाई से वो मस्त थी और दर्द के बावजूद फुल एंजॉय कर रही थी। अब हबशी अपने लंड को थोड़ा बाहर आगे-पीछे करने लगा और नेहा भी उसको कोऑपरेट करते हुए अपनी तरफ से भी धक्का लगाने लगी। धीरे-धीरे हबशी नेहा को लो स्पीड में चोदने लगा।
मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि कैसे हबशी का 10-12 इंच का लंड नेहा की चूत में समा जा रहा है। मेरे देखते ही देखते हबशी की स्पीड बढ़ गई और अब वो तेजी से नेहा की चूत को ठोकने लगा। नेहा बड़े मजे से चुदाई का मजा ले रही थी और मोन करते हुए अपनी गाँड उठा-उठाकर चुदवा रही थी।
अब दोनों ही मस्ती में मोन करने लगे और हबशी एक हाथ छोड़कर नेहा की चूतड़ को टेबल की तरह बजाने लगा। इससे एक अजीब आवाज आ रही थी और नेहा और हबशी का मोन, लंड और चूत के धक्कों की आवाज और ऊपर से हबशी का उसके चूतड़ को टेबल की तरह बजाना सब मिलकर एक म्यूजिकल माहौल बना रहे थे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
पर ये सिलसिला देर तक न चल सका। हबशी अब थकने लगा और उसका लंड ढीला पड़ने लगा और उसकी स्पीड कम होने लगी। अब वो धीरे-धीरे धक्का लगाने लगा। नेहा तो लगता था पहले ही गीली हो चुकी थी क्योंकि वो अब एकदम शांत सी हो गई थी।
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अब हबशी के धक्के और सुस्त हो गए और वो अपने लंड को संभालने की कोशिश कर रहा था। उसने अब अपने लंड को रोक लिया और वो लंबी आवाज के साथ ठंडा पड़ गया। शायद उसका लंड भी सारा क्रीम नेहा की चूत में छोड़ चुका था क्योंकि उसने कंडोम यूज नहीं किया था। नेहा बड़ी मस्त और सैटिस्फाइड लग रही थी पर वो बड़ी सुस्त हो चुकी थी जैसे उसने भी चुदाई की हो। लेकिन मैं समझता हूँ साले हबशी ने उसका एक-एक पार्ट हिला-हिला कर रख दिया था।
क्योंकि नेहा दुबली-पतली 50-55 किलो की होगी और साला हबशी 8 फुट और 150 किलो से कम तो नहीं होगा। थोड़ी देर में हबशी नेहा को वैसे ही पकड़कर रूम के अंदर चला गया। तो दोस्तों ये थी नेहा की दो फिरंगियों से चुदाई की दास्तान। शायद आपको पसंद आई हो पर अभी ये कहानी पूरी नहीं हुई है। इसके बाद नेक्स्ट डे नेहा से मेरी मुलाकात और उसके बाद मैंने दूसरी रात नेहा के साथ क्या-क्या किया ये तो अभी बताना बाकी है और उसके लिए आपको मेरी नेक्स्ट स्टोरी पढ़नी होगी।
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