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फुद्दियों की बारिश हुई मुझ पर

फ़रवरी 28, 2026 by hamari Leave a Comment

Paki Aunty Sex Chudai Story

हैलो दोस्तों, आज मैं शायद 1 महीने के बाद दोबारा आप सबके सामने अपनी एक और रियल स्टोरी बताने जा रहा हूँ, जो कि इसी 1 महीने के दौरान मेरे साथ पेश आई है। जिस दिन लाहौर में बहुत ज्यादा सर्दी पड़ी थी, जब टेम्परेचर -2 था, उस रात की बात है। Paki Aunty Sex Chudai Story

रात के 11:30 बजे आंटी रुबीना ने मुझे मिस कॉल दी। मैंने फौरन देखा कि इतने टाइम पर किसने मिस कॉल दी है। जब देखा तो आंटी की मिस कॉल थी। मैंने फौरन कॉल बैक किया। पहली ही बेल पर आंटी ने फोन उठाया और कहा, “कहाँ हो इतने दिनों से तुम?”

मैंने जवाब में कहा, “आंटी, डेली तो आपके सामने से ही गुजरता हूँ गली में से।”

आंटी ने कहा, “मैं दूसरी बात कर रही हूँ, क्या मूड है तुम्हारा आज?”

मैं समझ गया कि आंटी की फुद्दी में आज खुजली है, इसी लिए कॉल की है। मैंने फौरन हाँ कर दी कि ठीक है, अगर कहो तो मैं आ जाता हूँ।

आंटी ने कहा, “ओके, तुम आराम से अंदर आ जाना, 10 मिनट के बाद दरवाजा खुला होगा मेरे घर का।”

मैंने पूछा, “घर वाले कहाँ हैं?”

आंटी ने कहा, “मेरा हसबैंड आज ठीक नहीं है, नींद की दवाई लेकर सोया हुआ है। मौका अच्छा है और बच्चे आज ऊपर वाले रूम में सो रहे हैं। आ जाओ।”

मैंने जल्दी से हाँ कर दी। तब मैं बड़े आराम से अपने बेड से उठा और आराम से ड्रॉइंग रूम से जाकर दरवाजा खोला, जो कि बाहर गली की तरफ खुलता है। और आराम से बाहर गली में जाकर देखा तो गली में बिल्कुल अंधेरा था, क्योंकि आजकल बहुत ज्यादा लाइट जाती है।

मैं बड़े आराम से दबे पाँव चलता हुआ आंटी के घर के आगे पहुँचा। तो देखा कि दरवाजा थोड़ा सा खुला है। मैंने आराम से दरवाजा खोला। अंदर जाते ही देखा कि आंटी सर्दी से काँप रही थी और चादर ओढ़े खड़ी थी। मैंने उसके कान में पूछा, “किस रूम में जाना है?”

उसने इशारा किया कि सामने वाले रूम में चलो, मैं आ रही हूँ। मैं आराम से चलता गया और रूम में चला गया। आंटी 5 मिनट बाद आई और चादर उतारी जो उसने ऊपर ओढ़ी हुई थी। तो देखा कि आंटी कमीज उतारकर ब्रा और सलवार में ही थी। मैंने जल्दी से झप्पी डालकर लंबी किस की और दूध जोर से पकड़कर दबाए।

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आंटी ने कहा, “इंसान बनो, बहुत टाइम है हमारे पास। दिल खोलकर आज तुम्हारी खिदमत करूँगी।” और साथ वो हँसने लगी।

आंटी उठी और रूम का दरवाजा लॉक किया। फिर मेरे साथ सिंगल बेड पर आकर लेट गई। जहाँ उसने मेरे आने से पहले ही हीटर लगा के रूम को काफी गर्म कर दिया था। हम दोनों एक ही कम्बल में घुसकर झप्पी डालकर लेट गए। थोड़ी देर बाद आहिस्ता-आहिस्ता मैंने आंटी की सलवार और ब्रा उतार दी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

और फुद्दी में उँगली डालकर किसिंग शुरू की। आंटी ने भी मेरे ट्राउजर में हाथ डालकर लंड पकड़कर हिलाना शुरू कर दिया। और आंटी ने आहिस्ता-आहिस्ता मेरा ट्राउजर उतार दिया। फुद्दी में उँगली डालकर मैं तेज-तेज फिंगरिंग कर रहा था। आंटी इस दौरान 1 बार झड़ चुकी थी।

कुछ देर बाद मैंने अपनी शर्ट उतार दी। अब हम दोनों फुल नंगे झप्पी डालकर लेटे सेक्स में मगन थे। इतने में दरवाजे पर नॉक हुआ और मेरे तो होश ही उड़ गए। मैं घबरा के उठकर खड़ा हो गया। आंटी ने कहा, “कुछ नहीं हुआ, घबरा क्यों रहे हो?” आंटी उठी और दरवाजा ओपन करने लगी।

मैंने आंटी से कहा, “पागल हो? क्यों ओपन कर रही हो?”

उसने कहा, “आराम से बैठो, ओके? कुछ नहीं होगा।”

जब आंटी ने दरवाजा ओपन किया तो एक और आंटी की उम्र की औरत अंदर आ गई। मैं घबरा गया कि ये कौन है? जब देखा तो वो आंटी की छोटी सिस्टर थी, जो कि हमारे ही एरिया में रहती है। वो भी अंदर आ गई। वो मुझे देखकर कहने लगी, “क्या हाल है? ठीक हो?”

मैं समझ गया कि जो ये मेरे साथ इस तरह बात कर रही है रात के इस टाइम, इसको लगता है आंटी ने खुद बता के बुलाया है, शायद इसी काम के लिए। जब मैंने पूछा तो पता चला कि आंटी का हसबैंड घर में नहीं है और बच्चे भी अपनी नानी के घर गए हैं।

आंटी ने कहा, “अगर मैं तुम्हें पहले बता देती कि मेरी सिस्टर चुदवाना चाहती है तुमसे, तो शायद तुम आते ही नहीं।”

मैंने आगे से कहा, “ये कौन सी बुरा मानने वाली बात है? बल्कि मैं तो लकी हूँ कि 2-2 फुद्दियाँ एक साथ मारूँगा। हाहाहा।”

और साथ ही दरवाजा ओपन हुआ तो देखा कि आंटी की फ्रेंड जिसका नाम नसरीन है, वो भी आ गई। मैं इस बार घबरा गया कि 1 या 2 तो ठीक हैं, अब ये कौन?

आंटी ने कहा, “फिकर न करो, बस आज तुम्हारी खैर नहीं।”

और मैं इस बार सच में घबरा गया कि मैं कैसे इन तीनों को चुदूँगा? खैर, मेरा लंड तो एकदम जैसे घबरा के सो ही गया था। खैर, आंटी रुबीना की सिस्टर जिसकी गांड का मैं पहले से ही दीवाना था, क्योंकि जब वो हिलती थी तो उसकी बंड ऐसे हलचल मचाती थी कि मेरा लंड बेकाबू हो जाता था उसकी बंड देखकर।

और आंटी की फ्रेंड नसरीन के उसके बूब (मम्मे) इतने बड़े कि मैं कहता हूँ पूछो न यार। शायद ही मेरे 2 हाथों में 1 मम्मा आए उसका। खैर, अब क्या था- वो दोनों भी आहिस्ता-आहिस्ता नंगी होना शुरू हो गईं। खैर, अब आंटी ने कहा, “दूसरे रूम में चलते हैं जहाँ डबल बेड है।”

मैं तो अब तक घबरा रहा था कि होगा क्या आज मेरा। दोस्तों, यकीन करो उस टाइम मेरी क्या हालत हो गई होगी, आप अंदाजा लगा सकते हो यार… खैर, रूम में जाते ही आंटी रुबीना ने कहा, “पहले किसने करवाना है काम अपना?” आंटी की सिस बोली, “मैं तो थर्ड नंबर पर करूँगी, कम से कम थोड़ा टाइम तो लगता है थर्ड टाइम में।” और साथ वो हँस दी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

खैर, आंटी रुबीना ने कहा, “चलो नसरीन साहिबा, जाओ करो जो करना है।” अब नसरीन आते ही मेरा लंड पकड़कर मुझे चुटकी काट के कहने लगी, “बड़ा लंड लिए फिरते हो, देखती हूँ मैं कितना दम है तुममें और तुम्हारे लंड में।” और हँस दी।

खैर, मेरा तो लंड ही खड़ा नहीं हो रहा था दोस्तों, घबराहट की वजह से। खैर, आंटी रुबीना और उसकी सिस्टर पास बैठकर हमें देखने लगीं। और नसरीन साहिबा ने मेरा लंड हाथ में पकड़कर हिलाना शुरू किया और मुँह में डाल लिया और ऐसे चूसने लगी जैसे पागल हो गई है।

खैर, 5 मिनट के बाद मेरा जिस्म फिर से गर्म हुआ और लंड में कुछ जान आई और कुछ वो स्टैंड हुआ। खैर, मुझे भी अब मजा आ रहा था। खैर, मैंने सोचा कि आंटी रुबीना को भी तो मैं कम से कम 2 या 3 बार चुदता हूँ। चलो इस बार 3 फुद्दियाँ हैं, 3 बार चुदाई तो करनी है, इसलिए रिलैक्स हो जाओ।

खैर, अब मैं भी आंटी के मम्मे पकड़कर दबा रहा था। साथ उसकी खुली फुद्दी में तेज-तेज उँगली कर रहा था। आंटी रुबीना की सिस्टर और उसकी फ्रेंड भी शादीशुदा थीं। खैर, मैं साथ-साथ नसरीन की बंड में भी कभी-कभी उँगली डाल देता। खैर, तकरीबन 10 मिनट के बाद नसरीन ने मेरा लंड चूसकर छोड़ा और कहा, “आ जाओ जान, मारो अब फुद्दी और बेशक मेरी गांड, जो दिल चाहे करो।”

खैर, मैं भी अब फुल जोश में था। इतने में आंटी रुबीना उठकर मेरे पास आ गई और मेरा लंड हाथ में पकड़कर हिलाने लगी और मेरे कान में प्यार से कहा, “मेरी कसम, मुझे शर्मिंदा न करवाना। इसकी फुद्दी ऐसे मारो जैसे मेरी मारते हो।” मैं समझ गया कि आंटी ने अपनी और मेरी स्टोरी सुना चुकी है इनको।

खैर, मैंने नसरीन की बंड के नीचे तकिया लगा दिया और अब उसकी फुद्दी उभरकर मेरे लंड के सामने थी। मैंने उसकी टाँगें उठाकर हवा में सीधी ऊपर की तरफ करके खोलकर पकड़ लीं और लंड को उसके हाथ में पकड़ाकर कहा, “रखो अपनी गरम फुद्दी पर, अब मैं बताता हूँ तुम्हें बड़ी आई फुद्दी मरवानी। हाहाहा।”

खैर, उसने मेरे 6.5” लंबे लंड को थूक लगाकर फुद्दी के सूराख पर रखा और मैंने साथ ही थूक दिया। अपना लंड उसकी फुद्दी में। मेरा आधा लंड उसकी फुद्दी में था। जब मैंने आंटी रुबीना और उसकी सिस्टर को देखा तो वो दोनों एक-दूसरे की फुद्दी में उँगली दे रही थीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

ये देखकर मैं और भी गर्म हो गया और उधर तेज-तेज नसरीन की फुद्दी में लंड आर-पार करने लगा। और नीचे से वो भी साथ दे रही थी। खैर, मैं कभी-कभी पूरा लंड बाहर निकालकर एकदम से लंड फिर अंदर डाल देता, जिससे नसरीन हिल जाती थी। खैर, मेरा लंड इस टाइम फुल 180 के एंगल से स्टैंड उसकी फुद्दी की सारी कर रहा था।

नसरीन के दूध में मुँह डालकर साथ चूस रहा था, जिससे वो और भी गर्म हो चुकी थी और बंड उठा-उठाकर मरवा रही थी। खैर, तकरीबन 8 मिनट मैंने उसकी ऐसे फुद्दी मारी। उसके बाद मैंने उसे उल्टी होने को कहा और वो घोड़ी बन गई। और मैंने पीछे से उसकी टाँगें पकड़कर और खुली कर दीं ताकि उसकी फुद्दी बिल्कुल साफ मेरे लंड के सामने खुलकर नजर आए…

खैर, मैंने 1 उँगली उसकी बंड में दी और लंड थूक दिया उसकी फुद्दी में। अब मैं नीचे से उसकी फुद्दी में लंड तेज-तेज अंदर-बाहर कर रहा था और साथ उसके मम्मे पकड़कर तेज-तेज फुल जोश में दबा रहा था। और वो बार-बार कह रही थी, “आहिस्ता दबाओ प्लीज।” लेकिन मैं उसे कह रहा था, “शौक था फुद्दी देने का तो अब आराम से चुदवाओ ओके।”

रूम में पचक-पचक की आवाजें आ रही थीं। उधर अब तक कई बार आंटी रुबीना और उसकी सिस्टर एक-दूसरे की फुद्दी चूस-चूसकर झड़ चुकी थीं। मेरा लंड अभी तक फुल जोश में था और नसरीन 2 बार झड़ चुकी थी। अब उसकी फुद्दी की ये हालत थी कि वो थोड़ी ड्राई होकर मेरे लंड को दबा रही थी अंदर से।

खैर, इससे मुझे और भी जोश आ रहा था। साथ-साथ मैं नसरीन से सेक्सी और गंदी-गंदी बातें पूछ रहा था। खैर, नसरीन ने बताया कि हसबैंड का लंड भी मेरे साइज का है लेकिन उसका मोटा नहीं इतना। इसलिए तुम्हारा लंड डलवाकर मजा आ रहा है बहुत। रुबीना सही कहती थी कि तुमसे चुदवाऊँ किसी दिन। अब तो तुम्हें मैं बुलाती रहूँगी, आओगे न?

मैंने कहा, “ये भी पूछने की बात है जनाब, जब कहो मैं हाजिर हो जाऊँगा।” इतने में रुबीना ने अंदर से पूरी ताकत से लंड को और जोर से दबा लिया और मैं एकदम ढीला पड़ गया। मुझे बहुत मजा आ रहा था। उसने अपनी फुद्दी की ग्रिप शायद कुछ सेकंड ऐसे ही रखी।

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फिर दोबारा उसकी फुद्दी ढीली पड़ी तो मैंने अपनी चुदाई फुल तेज कर दी। अब मैं भी झड़ने वाला था। मैं अब पूरी तेज स्पीड से उसकी ड्राई फुद्दी मार रहा था और वो सच में अब पेन फील कर रही थी। कुछ देर बाद मैंने उसके दूध जोर से पकड़कर लंड पूरा बाहर निकाल-निकालकर अंदर डालना चालू किया, जिससे वो और भी चीखने लगी।

खैर, तकरीबन 1 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था और मैंने कहा, “निकाल दूँ क्या फुद्दी में?” उसने कहा, “नहीं प्लीज, बाहर निकालो।” मैंने जल्दी से लंड बाहर निकाला और उसने लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू किया। दोस्तों, यकीन करो नसरीन सारी मॉनी खा गई मेरे लंड की और मैं एकदम ढीला पड़कर उसके ऊपर ही गिर गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

और मेरी उस टाइम ये हालत थी कि मुझे इतनी सर्दी के मौसम में गर्मी फील हो रही थी। खैर, नसरीन से आंटी रुबीना ने मजाक से पंजाबी में पूछा, “सुना हूँ आराम आया?” हाहाहा। और नसरीन ने आगे से कहा, “जलील कमीनी, मेरी फुद्दी दी चटनी बन गई वे, सत्या नाश हो गया वे मेरी फुद्दी दा।” और साथ में उसने कहा, “वैसे लंड है कमाल दा…”

खैर, इतने में नसरीन उठी और बाथरूम में जाने के लिए कपड़े पहनने लगी। और मैं अभी तक नंगा लेटा हुआ था। इस टाइम रात के 12:45 का टाइम हो रहा था। कुछ देर बाद आंटी रुबीना उठी और मेरे लिए गरम-गरम दूध का ग्लास लाई और साथ 1 एप्पल भी। और साथ वो हँसकर बोली, “अभी 1 फरीग हुई है, 2 बाकी हैं।” और हँस दी।

मैंने कहा, “रुबीना जानू, वैसे जो तेरा मजा है ना, कसम से नसरीन का नहीं आया।” रुबीना आंटी ने कहा, “चल कोई बात नहीं, मैं तो यहाँ ही हूँ तुम्हारे पास। लेकिन आज इनकी तसल्ली प्लीज कर दो। बस बेशक अगर मेरी आज फुद्दी न भी ली गई तुमसे तो कोई बात नहीं। बस अब मेरी सिस्टर की तसल्ली कर देना 1 बार।” 

मैंने आगे से कहा, “मुझे उसकी बंड बड़ी पसंद है यार, सच्ची।” तो इस पर आंटी ने मुझे मुँह पर आहिस्ता से मजाक से थप्पड़ मारते हुए कहा, “बकवास न कर, उसको मना लेना और फिर बेशक फुद्दी के साथ 10 बार बंड लेना उसकी।” कुछ देर बाद दोस्तों आंटी रुबीना की सिस्टर अब मेरे पास आकर लेट गई और मेरा लंड आहिस्ता-आहिस्ता हिलाने लगी। अब उसने मेरा लंड भी मुँह में लेकर खड़ा करना स्टार्ट कर दिया। 

आंटी रुबीना की सिस्टर से मैंने सेक्स के साथ-साथ उसके हसबैंड के साथ उसके सेक्स रिलेशन के बारे में भी पूछा। उसने बताया कि मेरा हसबैंड भी फिट है, बड़ी अच्छी तरह फुद्दी पेलता है मेरी और हम तकरीबन अभी भी वीक में ३ बार कम से कम फुद्दी-लंड का खेल खेलते हैं।

खैर मैंने उससे पूछा कि फिर तुम्हें क्या ज़रूरत फील हुई मुझसे चुदवाने की? तो कहने लगी कि रुबीना ने बताया था कि जनाब काफी अच्छी चुदाई करते हैं, तो पहले तो मैं चुप रही, फिर सोचा कि चलो क्यों न तुम्हें आज़माया जाए, तो इसी लिए मैं आज आ गई हूँ। साथ-साथ मैं उसकी फुद्दी में उँगलियाँ दे रहा था और कभी-कभी दूध भी मुँह में डालकर चूसता रहा और वो बातें बताती रही।

खैर तब मैंने उससे पूछा कि तुम्हें पता है कि अक्सर जब तुम गली में से गुजरती हो तो मैं तुम्हें बड़ी प्यासी नजरों से देखता था? तो वो कहने लगी कि नहीं, मैंने कभी फील नहीं किया। खैर चलो आज भुजा लो प्यास अपनी। और वो हँस दी। मैंने उससे कहा कि सबसे प्यारी चीज़ तुममें तुम्हारी गांड है, जब तुम चलती हो तो मेरा लंड झुककर तुम्हारी गांड को सलाम करता है।

इस पर कहने लगी कि क्या गांड मारने का इरादा है? मैंने कहा कि फुद्दी तो तुम अपनी फरमाइश पर मरवाने आई हो और गांड मेरी फरमाइश पर तुम मुझे दोगी। खैर पहले तो वो न मानी लेकिन मैंने उसे मना लिया। अब मैंने उससे कहा कि लंड चूसो जितना चूस सकती हो मेरा। अब वो मेरा लंड चूस-चूसकर फुल स्टैंड कर चुकी थी।

इस बार मेरा लंड पहले से भी ज्यादा टाइट था। उधर दूसरी तरफ नसरीन बाथरूम से नहाकर आ चुकी थी और हीटर के आगे बैठकर सर्दी से काँप रही थी। हाहाहा। खैर अब मैंने कुछ देर बाद शाजिया की टाँगें अपने कंधों पर उठाकर रखीं। दोस्तों याद रहे कि शाजिया आंटी रुबीना की सिस का नाम है।

शाजिया की टाँगें उठाकर मैंने उठा के अपने कंधों पर सेट की और नीचे से १ तकिया उसकी गांड के नीचे दे दिया ताकि फुद्दी खुलकर ऊपर की तरफ साफ तरह नजर आए और लंड फिट होकर फुद्दी में जाए। खैर अब मैंने अपने हाथों से जोर से दबाकर उसके ३८ साइज के मम्मे पकड़ लिए और नीचे से लंड फुद्दी पर रगड़ने लगा।

फुद्दी का पानी निकल रहा था और मैं अपना लंड अच्छी तरह फुद्दी के पानी से गीला करके उसके फुद्दी के सूराख पर रखा और बातों-बातों में १ दम झटका दिया और लंड फुद्दी में घुस गया। जिस पर शाजिया की सच में चीख निकल गई और मेरे कंधों को उसने जोर से दबा लिया।

शाजिया की फुद्दी दोस्तों सच में पूछो तो आंटी रुबीना से भी ज्यादा मज़ेदार थी क्योंकि उसकी फुद्दी अभी भी थोड़ी टाइट थी। उसके २ बच्चे भी थे लेकिन फिर भी फुद्दी कमाल की थी। खैर अब मैं थोड़ी देर नीचे झुककर उसके लिप्स मुँह में लेकर किसिंग करने लगा।

फिर शाजिया भी नीचे से गांड उठा-उठाकर हिलाने लगी। मैंने तकरीबन ६ मिनट इस स्टाइल से उसकी फुद्दी मारी और फिर जब मैंने फील किया कि वो कम से कम २ बार झड़ गई है तो मैंने सोचा कि अब मौका अच्छा है उसे गांड देने पर मनाता हूँ।

और मैंने बड़े प्यार से उसे कहा कि उल्टी हो जाओ, पीछे से मारनी है तुम्हारी फुद्दी। उसे क्या पता था कि अब मैं उसे फुद्दी का कहकर गांड मारने लगा हूँ। खैर वो मान गई। पहले तो मैंने उसकी फुद्दी में ही लंड डाला और २ मिनट के लिए तकरीबन फुद्दी की खिदमत में लंड पेश किया। खैर अब तक उसकी फुद्दी भी ड्राई होकर सोकड़ना शुरू हो चुकी थी जिसकी वजह से मेरा लंड दबा रहा था।

खैर मैंने कुछ देर फुद्दी मारने के बाद जब देखा कि शाजिया थक चुकी है अब तब मैंने आराम से लंड निकाला कि गांड पर रगड़ना शुरू किया। उसे क्या पता था कि गांड में डालूँगा और मैंने बातों-बातों में लंड गांड पर रखा कि हल्का सा पुश किया और टोपा गांड में घुस गया। वो १ दम आगे को हिली लेकिन मैंने उसे पकड़ रखा था जोर से उसके मम्मों से इसलिए वो हिल न सकी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

खैर उसकी गांड नरम होने की वजह से लंड कुछ आसानी से गांड में चला गया। यकीन मानो दोस्तों क्या मज़ेदार गांड थी- इतनी बड़ी गांड और टाइट सूराख। वाह क्या मज़ा था लंड को पता चलता था कि फँसकर गांड में जा रहा है। खैर शाजिया दर्द से काफी कराह रही थी लेकिन मैंने उसकी १ न सुनी और आराम-आराम से उसकी गांड मारता रहा।

खैर कुछ देर बाद जब उसने अपनी गांड ढीली छोड़ी तो मैं थोड़ा ताज़ी हुआ और तेज-तेज लंड अंदर-बाहर करने लगा। अब उसे भी मज़ा आ रहा था और वो भी कह रही थी तेज मारो झटके। मैंने उससे पूछा कि हसबैंड ने गांड मारी तुम्हारी या नहीं? तो कहने लगी नहीं, बस वो उल्टी करके फुद्दी बहुत मारता है।

खैर अब मैं भी झड़ने वाला था और मैंने कुछ ही देर में उसकी गांड में तेज धार छोड़कर मनी निकाल दी। शाजिया ने मुझे घूरते हुए कहा कि बड़ी गरम है मनी तुम्हारी हाहाहा। खैर दोस्तों शाजिया ने बड़ी जोर से मेरे लंड को अपनी गांड में दबाकर सारी मनी चूस ली गांड के साथ।

खैर उसके बाद हम कुछ देर लेटे रहे और फिर वो उठी और बाथरूम में चली गई। अब बारी आंटी रुबीना की थी इसलिए मैंने बाकी सब को कहा कि प्लीज अब मुझे मेरी जान के साथ अकेला छोड़ दो। इस पर आंटी बहुत खुश हुई और नसरीन और शाजिया आंटी रुबीना को मज़ाक के लहजे में ओए होए वाह जी वाह कहकर दूसरे रूम में चली गईं।

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लेकिन जाते-जाते शाजिया मेरे पास से गुजरती हुई मेरे लंड को शरारत से खींचकर कहने लगी कि वैसे काफी तसल्ली कर लेते हो तुम जनाब फुद्दी की और गांड की भी। इस पर मैंने कहा कि अब कब का प्रोग्राम है? तो उसने कहा कि अभी इस बार की जो फुद्दी पिलवाई है उसकी जलन तो दूर हो जाए, आगे का भी जल्दी बताऊँगी २-३ दिन में ही लेकिन अब राब्ता रहेगा ओके। ये कहकर वो भी चली गई दूसरी रूम में।

अब मैं और मेरी जानू आंटी रुबीना अकेले रूम में झप्पी डालकर लेट गए। अब रुबीना ने प्यार से मुझसे पूछा कि सच बताओ थक गए हो न? मैंने कहा हाँ थक तो गया हूँ लेकिन तुम्हारी फुद्दी न लूँ ये हो नहीं सकता जानू आई लव यू सो मच। खैर इस पर वो खुश हो गई और कहने लगी कुछ देर आराम कर लो अभी रात के सिर्फ ३:५० हुए हैं, ३० मिनट रेस्ट कर लो बाद में फिर जनाब जैसा कहोगे करेंगे।

मैंने कहा ओके और वो मेरे लिए गरम-गरम गाजर का हलवा लेकर आई जो कि मैंने और उसने मिलकर खाया। अब तक मैं २ फुदियों को मार-मारकर फारीग कर चुका था जो कि शायद अब दूसरे रूम में जाकर आराम से अपनी-अपनी फुदियों की आग ठंडी करके लेटकर सोती होंगी। खैर अब मैं आता हूँ अपनी और आंटी रुबीना की कहानी की तरफ।

तो दोस्तों हुआ यूं कि अब क्योंकि ये थर्ड टाइम था १ ही रात में ३ फुदियाँ मारना कोई आसान काम तो नहीं न। खैर मैं लेटकर आंटी रुबीना की फुद्दी के साथ खेल रहा था और साथ-साथ उसके मम्मे भी कभी-कभी चूस लेता। अब तक वो शायद मेरे साथ ३ बार झड़ चुकी थी और आंटी रुबीना भी मेरे लंड के साथ ३० मिनट से खेल रही थी।

अब मैं भी कुछ गर्मी फील कर रहा था सेक्स की जिसकी वजह से दोबारा मेरा लंड स्टैंड होना शुरू हो चुका था। आंटी कभी-कभी मेरे लंड के साथ लंड के बाल भी मुँह में डालकर थूक लगा-लगाकर गीले कर रही थी और उधर मैं भी पागल हो रहा था इसलिए मैं साथ-साथ उसकी फुद्दी में उँगली डालकर तेज-तेज फकिंग कर रहा था और जिसकी वजह से अब उसकी फुद्दी गरम होकर लाल होना शुरू हो चुकी थी और कुछ-कुछ ड्राई भी।

खैर आंटी मेरा लंड पागलों की तरह चूस रही थी और जिस वजह से सच पूछो तो आंटी रुबीना ने मुझे सही तरह जोश दिला था अब तक। और मेरी हालत ये हो चुकी थी कि मैं भी पागलों की तरह उसके साथ ६९ की पोजीशन में होकर उसकी फुद्दी चूसने लगा और वो मेरा लंड।

हम दोनों को दूसरे रूम से नसरीन और शाजिया इस हालत में विंडो से देख रही थीं। हमें तब पता चला जब उन्होंने हमें आवाज दी कि ओए पागलो कहीं तुम उसकी फुद्दी और वो तुम्हारा लंड ही न खा जाना जितने तुम पागल हो सेक्स में हाहाहाहा।

खैर इतने में आंटी रुबीना की फुद्दी से तेज धार पानी की निकली जो कि मेरे गले में जाकर लगी और मैं वो पानी पी गया। खैर कुछ देर बाद आंटी ने मुझे कहा कि बस करो प्लीज अब मारो फुद्दी मेरी और नहीं रहा जाता। मैंने आंटी को बेड से उठने को कहा। हम दोनों खड़े हो गए और मैंने आंटी से कहा कि टेबल पर जाकर बैठो। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

आंटी ने वैसा ही किया और टेबल पर बैठ गई। मैंने आंटी के करीब जाकर आंटी की टाँगें ऊपर उठाकर अपने कंधों पर रख ली और खुद मैं ज़मीन पर खड़ा था और आंटी की फुद्दी बिल्कुल मेरे लंड के सामने थी। आंटी की फुद्दी मेरे लंड से टच होती तो आंटी और पागल हो जाती।

मैंने लंड को फुद्दी के सूराख पर सेट किया और आंटी के बाजुओं से पकड़कर अपनी तरफ खींचा और खुद भी झटका देकर लंड अंदर किया जिससे १ ही झटके में फुद्दी को चीरता हुआ मेरा लंड अंदर घुस गया। आंटी १ दम से हिली शायद दर्द की वजह से। आंटी रुबीना की फुद्दी की गर्मी मुझे सच में फील हो रही थी। मुझे फील हो रहा था कि सच में फुद्दी की गर्मी कितनी होती है।

खैर मैं अभी आंटी रुबीना की फुद्दी मार ही रहा था कि पीछे से शाजिया और नसरीन दोनों रूम में आ गईं और उन्होंने कपड़े उतार दिए और मेरे पीछे से आकर १ ने मुझे झप्पी डाल ली और दूसरी नीचे झुककर मेरे लंड के बाल को चूसने लगी और मैं साथ-साथ आंटी रुबीना की फुद्दी का गुलाम बनकर उसकी सेवा कर रहा था।

नसरीन जो कि नीचे बैठकर मेरे बाल चूस रही थी वो कभी-कभी मेरा लंड हाथ से फुद्दी से बाहर निकालकर अपने मुँह में डालकर चूसती और फिर रुबीना आंटी की फुद्दी में अपने हाथ से डाल देती। इस टाइम हम सब पागलों की तरह कमरे में आवाजें निकाल रहे थे लेकिन जो हालत आंटी रुबीना की थी वो पूछो मत।

उसकी फुद्दी इतना पानी छोड़ चुकी थी कि मेरा लंड पूरा गीला हो गया था और अब तक वो पानी छोड़-छोड़कर खुद भी वीकनेस फील कर रही थी। खैर १० मिनट ऐसे ही फुद्दी मारने के बाद भी मेरी मनी निकलने का नाम नहीं ले रही थी क्योंकि थर्ड टाइम था इसलिए टाइम ज़्यादा लगता है मनी निकलने में।

खैर इतने में रुबीना आंटी ने कहा प्लीज ५ मिनट रोक जाओ थोड़ा सब्र करो फिर लेना फुद्दी मुझे जलन हो रही है और मैंने आंटी को छोड़ दिया। वो जा के बेड पर उल्टी लेट गई। इतने में शाजिया और नसरीन दोबारा मेरे साथ चिपक गईं और मैंने शाजिया से कहा कि अगर तुम्हारा मूड है तो बताओ मैं गांड मारूँगा वरना नहीं।

इस पर वो मान गई और मैंने उसे पकड़कर उल्टा करके नीचे से रुबीना की फुद्दी की मनी से भरा हुआ लंड सीधा शाजिया की गांड में पेल दिया। वो १ दम चीख मारती-मारती रुक गई और नसरीन आगे आकर उसके दूध दबाने लगी और शाजिया साथ-साथ उसकी फुद्दी को सहलाने लगी।

खैर ५ मिनट के बाद रुबीना ने मुँह करके देखा और कहा कि इंसानों की तरह अपने रूम में जाओ तुम दोनों बस अब ये बारी मेरी थी तुम दोनों क्यों आ गई हो। मैंने जब देखा कि रुबीना आंटी नाराज हो रही हैं तो मैंने उन्हें छोड़कर कहा कि जाओ तुम दोनों बस अब। इतने में दोबारा मैं आंटी के पास जा के लेट गया।

अब तक आंटी कुछ ठीक हो चुकी थी। मैंने आंटी से पूछा कि क्या हुआ तो उसने पूछने पर बताया कि बेबी ट्यूब तक मुझे जलन और सुजिश हो गई है अभी भी शायद मनी ज़्यादा निकलने की वजह से। खैर मैंने पूछा तो अब क्या मूड है? उसने कहा कि मूड क्या होना है मज़ा दो मुझे बस जो दिल चाहे करो।

मैंने सुनते ही उसे कहा कि अब तुम मेरी गोद में आकर बैठो मेरी तरफ मुँह करके नीचे से लंड डलवा के फुद्दी में। आंटी ने वैसा ही किया और अब मैं उसकी फुद्दी में लंड डालकर साथ-साथ उसके मम्मे मुसलसल चूस रहा था और साथ-साथ उसकी गांड को नीचे से उठा-उठाकर फुद्दी में लंड पेल रहा था।

खैर ये सिलसिला ५ से ७ मिनट चला अब फिर आंटी पानी छोड़ चुकी थी और कुछ-कुछ मैं भी अब मनी छोड़ने के करीब था। खैर मैंने अपना स्टाइल चेंज किया और लंड फुद्दी में डाले हुए ही आंटी को नीचे लिटाकर उसकी टाँगें अपनी कमर के गिर्द लपेट ली और अब मेरी रफ्तार और भी तेज हो चुकी थी उसकी फुद्दी में लंड पेलने की।

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अब रूम में सच पूछो इतनी आवाज थी कि रूम में पचक-पचक पुछ-पच की आवाजें आ रही थीं और साथ में हम दोनों की सेक्स की आवाजें मुँह से निकल रही थीं। रुबीना इतनी गरम हो चुकी थी कि अब तक मेरी कमर पर उसने अपने नाखून मार-मारकर कितने ज़ख्म कर दिए थे लेकिन उस टाइम मुझे भी फील नहीं हो रहा था और मैं भी उसकी फुद्दी पागलों की तरह मार रहा था।

मैंने रुबीना को दूध को काट-काटकर लाल कर दिया था और लेफ्ट मम्मे पर काटने से ज़ख्म भी आ चुका था लेकिन उसे भी उस टाइम दर्द फील नहीं हो रहा था शायद सेक्स की वजह से। खैर रुबीना के कान में मैंने पूछा कि मनी निकलने का दिल करता है कि फुद्दी में निकालूँ? उसने मना कर दिया लेकिन मेरे प्यार से कहने पर वो मान गई और कहा कि अगर प्रेग्नेंट होने का चांस हुआ तो……

मैंने कहा कि लेडी डॉक्टर कौन खत्म हो चुकी हैं दुनिया में, करवा लेंगे कुछ न कुछ। खैर इतने में साथ-साथ फुद्दी में पहले तो मेरे लंड ने पानी छुड़ा और मैं समझ गया कि मैं बस झड़ने वाला हूँ इसलिए मैं और तेज झटके मारने लगा और साथ ही १० सेकंड तक मैंने इतना तेज मनी की धार फुद्दी में छोड़ दी.

जिस पर रुबीना ने मुझे जोर से झप्पी डालकर अपनी बाजुओं में दबा लिया और मुझे किस करने लगी और साथ-साथ नीचे से अपनी गांड उठा-उठाकर जोर-जोर से मेरा लंड फुद्दी के साथ दबाने लगी। मैं भी आराम से उसके ऊपर लेटा रहा जब तक वो खुद ढीली न पड़ गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

अभी भी मेरा लंड उसकी फुद्दी में ही था जो कि आहिस्ता-आहिस्ता लूज़ होने की वजह से खुद बाहर निकल आया था। इस टाइम सुबह के ५ बज रहे थे तब मैंने आंटी से कहा कि अब मुझे जाना चाहिए। ये सुनकर उसने मुझे आज पहली बार कहा कि आई लव यू प्लीज कल फिर आ जाना ना मैं कल भी अकेली हूँ और कल सिर्फ मैं हूँगी और पूरी रात बस तुम मुझे से प्यार करोगे।

मैंने उसकी आँखों में अजीब-सा प्यार देखा और मुझे उस पर बहुत प्यार आया जिससे मैंने १ दम उसे अपनी बाँहों में ले लिया और लंबी किस की और कहा कि आई लव यू टू जान आऊँगा जब भी तुम बुलाओगी आऊँगा। ये सुनकर वो खुश हो गई और मेरी शर्ट अपने हाथ से मुझे पहनाई और फिर मैंने अपने कपड़े पहने और अब उसे अपने हाथों से ब्रा पहनाई और सलवार और कमीज भी।

फिर वो बाहर दरवाजे तक मेरे साथ और उसने देखा कि बाहर गली में कोई है तो नहीं ना और तब मैं बड़े आराम से बाहर निकलकर अपने घर में घुस गया ड्रॉइंग रूम के दरवाजे से। खैर उस रात सच में मैंने इतना एंजॉय किया जिसका अंदाज़ा आप लगा चुके होंगे। खैर अगले दिन मैं दोबारा आंटी के घर किसी बहाने से गया तो देखा कि आंटी मेरी चाची के पास बैठी थीं और बातें कर रही थीं.

और मैंने बड़े अंदाज़ में कहा कि आंटी क्या बात है लगता है आपकी तबीयत ठीक नहीं आँखें भी लाल हैं। आंटी ने मेरी तरफ देखते हुए कहा हाँ वो रात को तबीयत ठीक नहीं थी जिस वजह से सारी रात सो नहीं सकी आँखें भी लाल हैं। और मैं साइड की तरफ मुँह करके हँस दिया कि आंटी रुबीना कैसे बात चेंज कर रही हैं मेरी चाची के सामने हाहाहाहा।

खैर उस शाम दोबारा आंटी ने मुझे ७:३० कॉल करके कहा कि आज रात दोबारा आ जाना १२ बजे तक और मैंने हाँ कर दी। खैर हुआ यूं कि आंटी रुबीना ने नेक्स्ट नाइट मुझे १२:१५ पर सेल पर मिस कॉल की। मैं समझ गया कि सिग्नल ग्रीन है और मैंने फौरन उसे कॉल बैक किया.

तो उसने कहा कि आज भी मैं घर में समझो अकेली हूँ बस मेरा बेटा घर है वो ऊपर वाले रूम में सोया है इसलिए आ जाओ बस तुम ५ मिनट तक में फौरन रेडी हुआ और ड्रॉइंग रूम के रास्ते से बाहर गली में जाकर देखा तो गली बिल्कुल रात के १२:१५ बजे सुनसान थी और सर्दी की इंतहा थी।

खैर १ गली में रहने का हमें ये फायदा है दोस्तों कि ४ घर छोड़कर आंटी रुबीना का घर है इसलिए जब चाहे मैं मौका देखकर उसकी फुद्दी मार लेता था। खैर मैं जब आंटी रुबीना के दरवाजे पर पहुँचा तो अंदर से नाइट बल्ब जलने की ग्रीन कलर की रोशनी आ रही थी। मैं दरवाजा खोलकर आराम से दबे पाँव अंदर चला गया।

आंटी चादर ओढ़े मेरा इंतज़ार कर रही थी। उसने मुझे इशारा किया हाथ से कि सामने वाले रूम में चलो। खैर मैं अंदर चला गया। आज आंटी ने ज़मीन पर बिस्तर लगा रखा था शायद इसलिए कि पिछली रात सारी बेड के हिलने का शोर होता रहा था जब मैं फुदियाँ मारता रहा था सारी रात आंटी की, उसकी सिस की और उसकी फ्रेंड की। खैर आज उसका बेटा घर था इसलिए ज़मीन पर बिस्तर लगा रखा था।

खैर कुछ देर बाद आंटी आई। उसने आते ही कमीज उतार दी और आकर कहने लगी कि पता है कल की मेरी उस जगह पर बहुत ज़्यादा जलन और सुजिश हो गई है। मैंने पूछा वो क्यों तो बताया कि १ तो फुद्दी ड्राई थी और ऊपर से तुमने मारी भी बहुत है कल और पानी निकल-निकलकर शायद कुछ जलन होती रही है। खैर जो भी है।

मैंने कहा तो फिर अगर पेन थी तो आज का प्रोग्राम रहने देना था। ये सुनकर उसने कहा कि पागल कल हसबैंड और बच्चे आ जाएँगे वापस इसलिए आज मौका अच्छा है चुरो बस शुरू हो जाओ तुम। मैंने ये सुनकर आंटी की सलवार भी उतार दी। जब देखा तो जनाब क्या नज़ारा था उसकी फुद्दी पर आज बिल्कुल भी बाल नहीं थे। मैंने पूछा तो उसने बताया कि तुम्हें पसंद है ना चिकनी फुद्दी इसलिए आज शेव की तुम्हारे लिए।

आंटी ने साथ ही मेरी शर्ट उतारने को कहा और ट्राउज़र भी। खैर मैं भी बिल्कुल नंगा हो गया और हम कम्बल में लेट गए और आंटी अब मेरा खड़ा हुआ लंड पकड़कर हिला-हिलाकर खेल रही थी और मैं आंटी की फुद्दी को सहला रहा था। कुछ देर बाद आंटी उठी और मेरे लंड के पास मुँह ले जाकर मुँह में डाल लिया और चूसने लगी मेरा लंड।

तकरीबन आंटी ने मेरा ६.५ लंबा लंड १० से १२ मिनट चूसा था कि फिर मैं भी पागल हो गया और मैंने आंटी से कहा कि ६९ की पोजीशन में आ जाओ बस अब मैं भी तुम्हारी फुद्दी का भोसड़ा बना दूँगा आज। चूस-चूसकर आंटी ने पूरी टंगेंट खोल ली और मैं अब आंटी की फुद्दी चूस-चूसकर पागल हो रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

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इतनी नरम फुद्दी कि यार क्या बताऊँ। खैर कुछ देर बाद आंटी ने १ पिचकारी छुड़ी और उसकी फुद्दी की मनी मेरे मुँह में सीधी जाकर गले में लगी। खैर मेरा लंड अभी भी खड़ा था। मैंने आंटी से कहा कि अब बस सीधी हो जाओ फुद्दी देने के लिए। आंटी ने कहा आज तुम मुझे नहीं मैं तुम्हें चुदूँगी। मैंने पूछा कैसे तो उसने कहा देखते जाओ बस।

खैर आंटी मुझे लेटाकर खुद मेरे ऊपर आकर लंड फुद्दी में डालकर लंड पर बैठ गई और कुछ देर बाद आंटी रुबीना हिलने लगी और लंड अंदर-बाहर करने लगी। अब उसके हाथ मेरे चेस्ट पर थे और जोर-जोर से हिल-हिलकर लंड अंदर-बाहर कर रही थी। १५ मिनट के बाद मुझे फुल साँस चढ़ चुका था लेकिन वो अभी भी लंड पर जंप किए जा रही थी।

खैर उसके बाद मैंने झटका मारकर आंटी को नीचे लाकर उसकी टाँगें पूरी ऊपर उठाकर उसके कंधों से जोड़ दी और उसकी फुद्दी के नीचे तकिया लगा दिया और फिर उसकी ऊपर की हुई टाँगों के ऊपर बैठकर लंड को उसके मुँह के पास ले गया और कहा चूसो अब।

उसने अच्छी तरह लंड को ज़ोरदार १ चूसा लगाकर थूक से लंड भर दिया और मैं नीचे आकर टाँगों को उठाकर लंड सूराख पर लगाकर मारा १ ज़ोर का झटका और लंड चीरता हुआ अंदर फुद्दी में चला गया। फुद्दी की आग महसूस करते ही लंड और अकड़ गया और मैं अब आंटी की फुद्दी में झटके पर झटका मार रहा था।

खैर ये सिलसिला ऐसे ही १२ से १३ मिनट चला और अब मेरी मनी निकलने वाली थी। मैं साथ-साथ आंटी के मम्मे भी चूस रहा था और मैंने आंटी से कहा कि मनी निकलने वाली है तो उसने आगे से कहा कि बाहर लंड न निकालना ओके आज फुद्दी में मनी निकाल दो बस तुम।

मैं भी ये सुनकर और जोश में आकर झटके मारने लगा फिर कुछ ही सेकंड में आंटी की फुद्दी में ज़ोरदार धार मनी की निकाल दी और आंटी ने अपनी फुद्दी को दबाना शुरू कर दिया और मेरी सारी मनी फुद्दी से चूस ली। उस रात दोस्तों मैंने आंटी की २ बार फुद्दी मारी और १ बार आंटी की गांड भी।

थर्ड टाइम आंटी की गांड जब मारनी थी तो ज़ाहिर है कि मनी निकलने में टाइम ज़्यादा लगता है इसलिए आंटी की सच में गांड फटने वाली हो गई थी मेरे लंड के झटके ले-लेकर। खैर क्योंकि मनी निकल नहीं रही थी और आंटी की हालत बुरी हो रही थी। खैर आंटी ने उस रात मेरे कहने पर मुझे बाथरूम में जाकर भी नहाते वक्त फुद्दी दी और सुबह ४:०० बजे पूरा मैं फिर घर वापस आ गया।

और अब आंटी की सिस्टर के साथ मेरा प्रोग्राम बना है कि नेक्स्ट संडे को उसकी सास और हसबैंड सब शादी पर जा रहे हैं उस रात तुम मेरे साथ रहना मेरे घर में और मैंने शर्त रखी है कि साथ आंटी रुबीना को भी बुला लेना लेकिन उसने कहा है कि प्लीज इस बार सारी रात मेरी है बस और मैं मान चुका हूँ अब उसकी बारी।

रात के ८ बजे के बाद जब मैं नसरीन के घर आंटी रुबीना को चुदकर आया तो अब ११:३० का वेट करने लगा था क्योंकि रात भर नसरीन को चोदना था इसलिए मैं उस वक्त से पहले खूब खा-पीकर रेडी हो रहा था। दूध का ग्लास और एप्पल खाया उसके बाद १ फ्रेश ऑरेंज जूस का ग्लास भी लिया।

खैर रात के ११:३० बजे नसरीन की मिस कॉल आई जिसका मतलब ग्रीन सिग्नल था। मैं फौरन घर से निकला। घर वालों को पता था कि इसके दोस्त की शादी है इसलिए वहाँ ही रहूँगा। खैर मैं घर का डोर लॉक करके चला गया। २ या ३ मिनट की वॉक के बाद नसरीन के घर के बाहर गया।

गली में कोई भी नहीं था। मैं फौरन अंदर चला गया। नसरीन आज भी डोर के पीछे खड़ी वेट कर रही थी और मुझे कहा कि बेडरूम में चलो। मैं रूम में चला गया और वो बच्चों को देखने उनके रूम में चली गई। तकरीबन १० मिनट के बाद वो वापस आई और कहा कि रुबीना बता रही थी कि बड़ा मज़ा दिया है उसको तुमने आज भी।

खैर मैंने उसे कहा उसको छोड़ो अपनी बात करो तो उसने आगे से जवाब दिया कि कल रात को मुझे बहुत मज़ा आया था सच कह रही हूँ। और ये कहकर वो मेरे साथ आकर लेट गई और झप्पी डाल ली और कहने लगी कि अगर मैं कहूँ कि तुम बस मेरे साथ अपना रिलेशन रखो तो बात मानोगे?

मैंने आगे से जवाब दिया देखो तुम्हें जो चाहिए जब चाहिए मैं वो करता हूँ इसलिए तुम ये मत कहो कि रुबीना से लिंक खत्म कर दूँ। खैर वो चुप हो गई क्योंकि मैंने उसे कहा था कि तुमसे मिलवाने वाली तुम्हारी सिस्टर रुबीना है मुझे ओके। खैर उसने कहा ओके दफा करो इस बात को और उसने साथ ही मेरी ट्राउज़र में हाथ डालकर लंड को बाहर निकाला.

और कहा कि आज कैसे लोगे मेरी और ये कहकर उसने लंड की मुठ मारनी शुरू की और लंड स्टैंड करने लगी और साथ-साथ अपनी सलवार भी उतारने लगी और मैं उसकी कमीज को उतारने लगा। खैर अब वो कुछ देर बाद सिर्फ ब्रा में थी वो भी मैंने झटके से उतार दी और अब उसके बड़े-बड़े गोल मम्मे ४० साइज के मेरे हाथों में थे जिन्हें मैं चूस रहा था बच्चों की तरह।

और उसने भी अब मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया था और मैं अब उसकी गांड को दबा रहा था। कुछ देर बाद मैंने उससे कहा कि मुझे कपड़े उतार लेने दो फिर ६९ की पोजीशन में होते हैं। मैंने फौरन सारे कपड़े उतारे और कहा कि लाइट ऑफ कर दो अब बस।

और उसने बेड से उठकर लाइट ऑफ कर दी और हम दोनों अब ६९ की पोजीशन में होकर वो मेरा लंड और मैं उसकी फुद्दी चूसने लगा। मैं आज उसकी फुद्दी में अपनी ज़बान डालकर उसे फक कर रहा था और वो अपनी टाँगें उठा-उठाकर हिला रही थी और सिसकारियाँ ले रही थी और मेरा लंड १ दम से जोर से मुँह में दबा लेती थी। मुझे फील हो रहा था कि उसे गुदगुदी और मज़ा आ रहा है।

खैर तकरीबन इसी तरह हमने १० मिनट तक चुसाई की उसके बाद जब उसकी फुद्दी ने मेरे मुँह में पानी छोड़ दिया तो उसे मैंने कहा ओके अब चलो सीधी हो मैं फुद्दी मारूँ तुम्हारी आज देखो क्या हाल करता हूँ तुम्हारी इस फुद्दी का। ये सुनकर वो भी सीधी हुई और कहने लगी जो करना है करो बस पूछो मत।

मैंने उसे कहा कि चलो मैं लेटता हूँ मेरे लंड को फुद्दी में लेकर बैठकर जितनी ताज़ी हो सके जंप करो। उसने वैसा ही किया और लंड फुद्दी में लेकर मेरे ऊपर बैठ गई। उसकी मोटी और बड़ी गांड से मेरा पेट नज़र नहीं आ रहा था और उसकी फुद्दी में मेरा लंड पूरा अंदर चला जा चुका था और लंड अंदर लेते ही उसके मुँह से ओईई की आवाज निकली और १ दम लंड पर पूरा वज़न डालकर बैठ गई।

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मेरा पूरा लंड उसकी फुद्दी में जा चुका था और अब वो आहिस्ता-आहिस्ता जंप कर रही थी। उसका वेट काफी होने की वजह से और जंप करने से पूरा बेड ज़ोर-ज़ोर से हिल रहा था। खैर उसने अपने हाथ मेरे चेस्ट पर रखे हुए थे और वो तेज-तेज जंप कर रही थी। उसके जंप करने से मेरे मुँह से भी आह्ह आह्ह की आवाजें निकल रही थीं और मैं साथ-साथ उसके मम्मे हाथ में लेकर ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था.

और कभी-कभी उसकी गांड के पीछे हाथ लेकर गांड भी दबा रहा था। खैर तकरीबन १० मिनट इसी स्टाइल में उसे चुदा अब तक उसकी फुद्दी में से ३ बार मनी निकल चुकी थी। १ बात बताऊँ दोस्तों नसरीन की मनी बहुत डार्क थी मेरा पूरा लंड डार्क मनी से भर जाता था और लंड बहुत चिकना हो जाता है। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

खैर नसरीन को मैंने नीचे से पकड़ लिया और उसके साथ देने के लिए उसकी गांड उठा-उठाकर नीचे लंड पर मार रहा था जिससे वो और भी ताज़ी से लंड पर आकर जंप करती। उधर मेरा पूरा लंड टाइट था और पूरा ६ इंच का कभी अंदर और कभी बाहर जा रहा था।

मैंने नसरीन से पूछा कि हसबैंड को कैसे देती हो? उसने कहा कि वो तो कभी-कभी लेते हैं वो भी आराम से सीधे लेटकर। खैर मैंने उसे पूछा कि सच बताओ कि मुझसे चुदवाने में मज़ा है या नहीं? तो उसने जवाब दिया अच्छी भली थक जाती हूँ फुद्दी मरवा के तुमसे तसल्ली ही तो करती हूँ तुम।

खैर मैंने उसे साथ ही कहा मेरी जान मनी निकलने वाली है मेरी तो उसने आगे से कहा कि ओके मैं अब ऊपर होकर थोड़ा रोकती हूँ तुम नीचे से खुद हिलो और लंड तेज़ी से अंदर-बाहर करो। मैंने वैसा ही किया उसकी गांड को पकड़कर खुद नीचे से ताज़ी से लंड फुल स्पीड से अंदर-बाहर करने लगा।

मेरा लंड उसकी फुद्दी को चीरता हुआ अंदर-बाहर हो रहा था और वो आआआई ओओओओ आआ की आवाजें निकाल रही थी क्योंकि उसकी फुद्दी ड्राई हो चुकी थी। खैर फिर १ दम से मेरे लंड से मनी निकली और मैंने उसकी फुद्दी में पूरा लंड अंदर डालकर उसे नीचे लंड पर बिठा लिया और वो पूरा वज़न डालकर लंड पर बैठ गई और फुद्दी के साथ लंड को दबाने लगी।

तकरीबन १० मिनट हम फिर झप्पी डालकर लेटे रहे और जब हम दोनों की साँस बहाल हुई तो हमने पानी पिया और झप्पी डालकर लेट गए। तकरीबन उस टाइम रात के १ बज रहे थे। खैर नसरीन ने कहा कि अभी काफी टाइम है थोड़ा रेस्ट कर लेते हैं ओके। मैंने कहा ओके और वो किचन में चली गई और मेरे लिए खीर की प्लेट लेकर आई जो हमने दोनों ने मिलकर खाई।

नसरीन ने थोड़ी सी खीर जब बोझकर मेरे लंड पर फेंककर मेरा लंड को चूसा। मुझे बहुत मज़ा आया और फिर वो मेरे लंड पर खीर लगा-लगाकर लंड चूसने लगी। खैर कुछ देर बाद मेरा लंड दोबारा टाइट होने लगा था। और मैंने उसे कहा नसरीन अब मैं तुम्हारी गांड मारने लगा हूँ और वो मान गई।

खैर उसके बाद दोस्तों मैंने उसकी गांड जिस तरह मारी वो मुझे ज़िंदगी भर याद रहेगा। हुआ यूं कि मैंने अच्छी तरह उसकी गांड में घी डालकर गांड का सूराख फुल चिकना कर दिया था क्योंकि रूम में देसी घी की बोतल पड़ी थी मैंने वही उठाकर उसकी गांड में उड़ेल दिया। वो १ दम से बोल पड़ी कि ये क्या है घी खराब कर रहे हो।

मैंने कहा फज़ूल बात न करो उल्टी हो जाओ बस और वो उल्टी होकर गांड खुलकर चुपचाप घोड़ी बन गई और मैंने उसे कहा लंड पर खीर लगाओ और उसने वैसा ही किया और लंड को फुल खीर से अच्छी तरह भर दिया। फिर मैंने उसकी चिकनी गांड में खीर वाला लंड रखा और १ दम से लंड अंदर डाल दिया।

नसरीन ने कहा बहुत अजीब लग रहा है गांड में। मैंने आगे से उसके मम्मे जोर से पकड़ लिए और कस-कसकर गांड में लंड पेलने लगा और अब उसकी गांड में से पचक-पुच-पुच-पाच की आवाजें आ रही थीं। मैं अपना पूरा लंड बाहर निकालकर बार-बार अंदर डाल रहा था।

नसरीन ने मुझे कहा कि ताज़ी मारो गांड मुझे खुजली होने लगी है गांड में तुम झटका मारते हो तो सुकून मिलता है। मैंने वैसा ही किया और उसकी ३८ साइज की कमर को पकड़कर ताज़ी-ताज़ी झटके मारने लगा था। उसकी इतनी बड़ी गांड थी कि झटका मारते वो ऐसे हिलती थी जैसे ज़लज़ला आ जाता हो।

मेरा लंड खीर से और घी से भरा हुआ था और फुल चिकना था। मैंने नसरीन से कहा कि गांड में से निकलने लगा हूँ थोड़ा सा लंड चूसो। उसने आगे से मना कर दिया लेकिन मैंने न माना और मेरे कहने पर उसने गांड में से निकाला हुआ लंड जो कि घी और खीर से भरा था मुँह में लेकर अच्छी तरह चूसा और मैंने दोबारा २ मिनट के बाद उसकी गांड में थूक वाला घी वाला और खीर वाला लंड दोबारा डाल दिया।

अब मैं उसकी गांड ताज़ी-ताज़ी दबा रहा था और कभी-कभी उसकी गांड पर दाँत भी काट देता था। खैर नसरीन को भी अब गांड देने में मज़ा आ रहा था क्योंकि वो भी तेज-तेज मेरे साथ झटके दे रही थी गांड को। खैर तकरीबन ४ मिनट के बाद मैंने उसकी गांड में ही मनी निकाल दी.

और कुछ देर बाद गांड में से लंड निकालकर दोबारा नसरीन के मुँह में लंड डाल दिया जिसे उसने अच्छी तरह चूसकर साफ कर दिया था जो कि खीर घी और मनी से भरा हुआ था। दोस्तों मुझे ये चुदाई बहुत याद रहेगी। उसके बाद हम दोनों थककर लेटे और पता नहीं कब मुझे नींद आ गई और मैं और नसरीन सुबह तक नंगे ही सोए रहे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

सुबह ९:१५ बजे जब मेरी आँख खुली तो नसरीन मेरे लिए नाश्ता बना रही थी और मैं बाथरूम में जाकर फ्रेश होकर रेडी हुआ और नसरीन के साथ मिलकर नाश्ता किया। नसरीन भी नहाकर फ्रेश हो चुकी थी। थोड़ी देर बाद रुबीना का फोन आया और उसने पूछा कि मैं कहाँ हूँ तो नसरीन ने कहा अभी उठा हूँ नाश्ता कर रहा हूँ तो उसने कहा कि ठीक है आज रात को मैं भी तुम लोगों के साथ रहूँगी।

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ये सुनकर मैं बहुत खुश हुआ और नसरीन ने मुझे कहा कि आज रात को मैं ११:३० दोबारा वेट करूँगी आ जाना। मैंने ये सुनकर कहा कि ठीक है आज मैं खाना लेकर आऊँगा हम मिलकर यहाँ तुम्हारे घर खाएँगे और सारी रात सेक्स करेंगे। ये सुनकर वो खुश हुई और मुझे ज़ोर से लिप्स पर किस की और झप्पी डाली और उसके बाद मैं घर आ गया।

रुबीना ने अपने हसबैंड को बोला था कि आज रात वो अपनी सिस्टर के घर सोएगी क्योंकि उसका हसबैंड कराची गया हुआ है इसलिए नसरीन ने उसे बुलाया है कि आज मेरे घर रहो और वो शाम को ७ बजे ही उसके घर चली गई और मैंने उन्हें जैसा कहा हुआ था कि आज मिलकर खाना खाएँगे इसलिए वो भी खाना बनाने के लिए तैयारी करने लगी थीं।

खैर मैं भी अपने साथ कुछ खाने के लिए ले जाने के लिए बाज़ार से कुछ खरीदने चला गया। खैर रात को तकरीबन १० बजे मुझे नसरीन की कॉल आई कि आ जाओ बच्चे सो गए हैं खाना रेडी है और मैंने कहा कि ओके मैं आता हूँ १० मिनट में। खैर तकरीबन १०:१५ बजे मैं उनके घर चला गया और वहाँ खाना रेडी था और मैं भी अपने साथ चिकन रोस्ट ले गया और हमने वहाँ मिलकर खाना खाया। आज रुबीना भी हमारे साथ थी।

खैर खाना खाने के बाद रुबीना और नसरीन ने जल्दी से बर्तन साफ किए और फिर दोनों आइसक्रीम लेकर आ गईं हमने वो भी मिलकर खाई और नसरीन ने बातों-बातों में मुझे कहा कि आज तुम्हें सरप्राइज़ देंगी हम। मैंने पूछा वो क्या तो उन्होंने कहा ये छोड़ो बस तुम। खैर आइसक्रीम खाने के बाद कुछ देर हमने बातें की और मैंने अपनी पॉकेट से ब्लू प्रिंट फिल्म की सीडी निकाली और नसरीन से कहा लगाओ इसे।

खैर उसने कहा ओके नसरीन ने मुझे ब्लू प्रिंट मूवी लगा दी और रुबीना मेरे पास आकर बैठ गई। आज वो बहुत खूबसूरत लग रही थी क्योंकि वो अपने सारे फैमिली में से प्यारी है। खैर उसके बाद नसरीन ने कहा कि मैं अभी कुछ देर बाद आती हूँ तुम लोग बैठो और वो अपने बच्चों के रूम में चली गई। मैं और रुबीना बैठकर मूवी देख रहे थे और साथ-साथ बातें कर रहे थे।

मैंने रुबीना से पूछा कि सच बताओ कि उस दिन तुम्हारी बेटी जवेरिया की मैंने तुम्हारे साथ मिलकर फुद्दी ली थी माइंड तो नहीं किया? उसने कहा नहीं अच्छा नहीं लगा था मुझे लेकिन अब शर्म उतर गई है उसकी भी और मेरी लेकिन उसे नसरीन का नहीं बताना कि वो भी मरवाती है तुमसे। मैंने कहा ओके नहीं बताता।

खैर उसके बाद नसरीन ने रुबीना को आवाज दी वो बाहर चली गई। खैर तकरीबन ५ मिनट के बाद दोनों रूम में वापस आएं और उन्होंने दोनों ने ब्लैक कलर की ब्रा और अंडरवियर पहनी हुई थी जो कि बहुत ही क्यूट लग रही थी। मैंने पूछा आज क्या खैर है दोनों बड़े मूड में हो तो कहने लगी आज देखो हाल क्या करते हैं तुम्हारा और यही सरप्राइज़ है। खैर मैं हँस दिया।

नसरीन ने आते ही लाइट ऑफ कर दी और रुबीना मेरे कपड़े उतारने लगी। कुछ देर बाद उन्होंने मुझे पूरा नंगा कर दिया था और नसरीन ने १ स्प्रे निकाला जिसके ऊपर लिखा था मैन पावर। मुझे कुछ शक हुआ कि ये लंड पर स्प्रे करके टाइम बढ़ाएगी चुदने के लिए और उसने वैसा ही किया।

उसने मेरे लंड पर बहुत सारा स्प्रे कर दिया और तकरीबन १० मिनट के बाद मुझे कहा लंड वॉश कर लो। मैंने वैसा ही किया। खैर उसके बाद उन्होंने मुझे १ टैबलेट दी कि इसे खा लो। मैंने पूछा ये क्या है तो बताया कि ये टाइमिंग बढ़ाने के लिए है मैं आज स्पेशल लेडी हेल्थ वर्कर से लेकर आई थी खा लो प्लीज इसे। मैंने खा ली।

उसके बाद रुबीना और नसरीन दोनों नंगी हो गईं और आपस में १-दूसरे की फुदियाँ चूसने लगीं और मुझे कहा तुम ये ग्लास दूध का पियो १० मिनट वेट करो ओके बाद में हम तुम्हारे साथ निपट लेंगी हाहाहाहा। खैर उन दोनों ने आपस में तकरीबन १५ मिनट से भी ज़्यादा चुसाई की और दोनों २ बार झड़ चुकी थीं।

कुछ देर बाद नसरीन उठी और मुझे कहा बेड पर लेट जाओ और मैं बेड पर लेट गया और उसने रुबीना को इशारा किया और उसने जल्दी से मेरे हाथ पकड़कर बेड के साथ बाँध दिए। मैं उस टाइम थोड़ा घबरा गया लेकिन नसरीन ने कहा प्लीज डरना न क्योंकि आज हम ब्लू फिल्म जैसे करना चाहती हैं तुम्हें बाँधकर। खैर मैं चुपचाप लेटा रहा।

उधर रुबीना मेरे हाथ बाँधकर मेरे लंड के पास आकर बैठ गई और उसे मुँह में डाल लिया। मेरा लंड पहले ही उन्हें देखकर स्टैंड हो चुका था लेकिन इस टाइम मेरा लंड बिल्कुल सन था मुझे कुछ भी फील नहीं हो रहा था शायद स्प्रे की वजह से लेकिन लंड टाइट बहुत ज़्यादा था।

खैर रुबीना ने और नसरीन ने २० मिनट तक मेरा लंड चूसा लेकिन मेरे लंड से ज़रा भी पानी नहीं निकला। नसरीन ने बताया कि मुझे लेडी हेल्थ वर्कर ने बताया था कि इससे कम से कम १ घंटा असर रहता है और जो चाहो करो आदमी जल्दी डिस्चार्ज नहीं होता। खैर वो दोनों मेरे लंड को पागलों की तरह चूस रही थीं लेकिन मुझे फील नहीं हो रहा था।

खैर उसके बाद नसरीन खड़ी हुई और मेरे मुँह पर आकर फुद्दी रखकर बैठ गई और मैं उसकी फुद्दी चूसने लगा और उधर रुबीना ने अपनी फुद्दी मेरे लंड पर रखी और झटका लेकर लंड फुद्दी में डाल लिया और थोड़ी देर लंड पर वज़न डालकर बैठी रही।

खैर उसके बाद वो तेज-तेज उछलने लगी लेकिन मुझे बस इतना फील हो रहा था कि मेरा लंड गरम चीज़ के अंदर गया हुआ है उसके इलावा कुछ नहीं। खैर रुबीना मेरे लंड पर मुसलसल जंप कर रही थी मेरे हाथ बेड के साथ बंधे थे और नसरीन मेरे मुँह पर बैठकर मुझसे फुद्दी चुसवा रही थी और अब तक १ बार वो मेरे मुँह में पानी छोड़ चुकी थी।

खैर उसकी गांड को मैं पकड़ना चाहता था लेकिन वो दोनों मुझे तरपा रही थीं और अपनी मर्ज़ी से मुझे आज वो चुद रही थीं। खैर रुबीना को साँस चढ़ चुका था क्योंकि वो तेज-तेज जंप कर रही थी और तकरीबन १० मिनट के बाद वो १ दम मेरे लंड पर वज़न डालकर बैठ गई और फुद्दी को दबा रही थी शायद वो भी डिस्चार्ज हो गई थी।

खैर ५ मिनट के बाद उसने नसरीन से कहा कि आ जाओ मेरा लंड अभी तक स्टैंड था लेकिन काफी गीला हो चुका था। खैर नसरीन ने आकर अच्छी तरह लंड को चूसा और रुबीना की सारी मनी चूस ली और फिर मेरे लंड पर दूसरी तरफ मुँह करके बैठ गई और मेरा लंड मुझे नज़र आ रहा था कि उसकी फुद्दी में घुसता जा रहा है।

खैर कुछ देर बाद नसरीन भी अपनी मोटी गांड उछालकर मुझसे चुदवा रही थी और रुबीना मेरे पास आकर बैठ गई और मुझे किसिंग कर रही थी और मेरे जिस्म के साथ अपनी मर्ज़ी से खेल रही थी और मैं उसे पकड़ने के लिए बेताब था लेकिन बेबस था। खैर मैं भी ये सब एंजॉय कर रहा था।

नसरीन जब उछालती थी तो बेड की ज़ोरदार आवाज आती थी हिलने की और रुबीना उसे बार-बार कह रही थी नसरीन बाजी आहिस्ता करो लेकिन नसरीन अपने काम में बिज़ी थी। खैर नसरीन कुछ देर बाद दोबारा खड़ी हुई और अपनी गांड का सूराख खोला और अपनी गांड में मेरा लंड डालने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

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मेरा लंड फुल टाइट था १ दम से उसने अपनी गांड प्रेस की और मेरा लंड पूरा उसकी गांड में घुस चुका था। खैर और अब उसे दर्द फील हो रहा था लेकिन वो बैठी रही कुछ देर बाद उसने अपनी गांड उछालनी शुरू की और मेरे चेस्ट पर हाथ रखकर जंप करने लगी। मुझे पसीना आ चुका था और रुबीना अपने हाथ से साफ करती और मुझे किसिंग कर रही थी।

मैंने नसरीन से कहा हाथ खोल दो बस अब काफी हो गया और उसने रुबीना से कहा खोल दो बस अब। खैर रुबीना ने मेरे हाथ खोले और मैंने १ दम से उठकर नसरीन के मम्मे हाथ में पकड़ लिए और उन्हें दबाने और चूसने लगा। उधर रुबीना अपनी फुद्दी मेरी कमर के साथ रगड़ रही थी।

खैर मैं अब पागलों की तरह जोश में आ चुका था और रुबीना से कहा घोड़ी बनो बस अब। रुबीना ने वैसा ही किया और वो घोड़ी बन गई अब मैं और नसरीन फुल जोश में आ चुके थे वो भी चाहती थी कि मैं उसे आज इतना चुदूँ कि आज वो खुद कहे कि बस कर दो।

खैर मैंने उसे उल्टा किया और १ ही झटका मारकर लंड गांड में डाल दिया। उसे बहुत दर्द हुआ लेकिन मैं बाज़ न आया और गांड में तेज झटके मारने लगा। उसकी गांड ड्राई थी और मेरा लंड भी। खैर ड्राई लंड जब-जब गांड में जाता उसे दर्द होता लेकिन मेरे लंड को कुछ भी फील नहीं हो रहा था अब तक मुझे ४० मिनट शायद हो चुके थे लेकिन मेरी मनी नहीं निकल रही थी।

खैर ३ मिनट के बाद जब मैं थक गया तो मैंने नसरीन से कहा मैं अब फुद्दी लूँगा तुम्हारी आज तुम्हारी फुद्दी का देखना क्या हाल करता हूँ और वो भी बेचैन थी इसके लिए। खैर मैंने रुबीना की सलवार पकड़ी और उसके साथ अच्छी तरह नसरीन की फुद्दी साफ की और अपना लंड भी साफ किया अब उसकी फुद्दी और मेरा लंड ड्राई था।

मैंने नसरीन की टाँगें उठाकर अपने कंधों पर रखी और १ झटक देकर लंड फुद्दी में डाल दिया। नसरीन १ दम उछल पड़ी और चीखी कि क्या कर रहे हो मैंने उसकी १ न सुनी और ड्राई फुद्दी मारने लगा और ५ मिनट के बाद जब मैंने देखा कि फुद्दी के पानी से लंड फिर गीला हो चुका है दोबारा लंड निकालकर ड्राई किया और उसकी फुद्दी भी साफ की और १ बार फिर उसकी फुद्दी में ड्राई लंड डाल दिया।

साथ-साथ मैं रुबीना के मम्मे चूस रहा था। रुबीना ये सब देखकर जोश में आ चुकी थी और मुझे चेस्ट पर दाँत काट रही थी। खैर नसरीन का बुरा हाल हो रहा था नसरीन अब तक ५ बार मनी छोड़ चुकी थी वो बहुत थक चुकी थी लेकिन मैं उसे चोद रहा था। नसरीन की १ दम से चीख निकली उसने कहा प्लीज बस करो बहुत जलन हो रही है मुझे प्लीज थोड़ा वेट करो बस।

मैंने लंड फुद्दी से निकाला और नसरीन फौरन बाथरूम में भाग गई और मैंने उसी टाइम रुबीना को लेटाकर उसकी फुद्दी में लंड डाल दिया। मेरा लंड नसरीन की मनी से गीला था मैंने लंड दोबारा ड्राई किया और रुबीना की फुद्दी भी ड्राई की और ड्राई लंड अब रुबीना की फुद्दी में था और मैं और रुबीना दोनों थे रूम में।

रुबीना भी थोड़ा दर्द की वजह से हिली लेकिन मैं अब फुल मौज जोश था और सोच लिया था कि अब इसे इतना चुदूँगा कि मनी निकाल दूँ बस अब। खैर मैंने वही किया रुबीना की टाँगें उठाकर कंधों पर रख ली और उसे नीचे से इतनी ताज़ी में लंड मार-मारकर चोद रहा था कि वो हर झटके से आवाज निकालती ओओओ आआआआई उमम प्लीज आहिस्ता और मैं उसे और ताज़ी चुदता जा रहा था।

कुछ देर बाद मैं जब थक गया तो उसे घोड़ी बना लिया और पीछे से उसकी फुद्दी में लंड डालकर उसे चोदने लगा अब रुबीना भी बहुत एंजॉय कर रही थी और मेरे साथ-साथ खुद भी गांड उछालकर चुदवा रही थी। नसरीन अभी तक शायद बाथरूम में थी क्योंकि बाथरूम से पानी की आवाज आ रही थी।

खैर इधर मैं और रुबीना फुल मज़े में थे। रुबीना के गोल मम्मे में हाथ में दबा रहा था और नीचे से ६.५ इंच का लंड फुद्दी में आर-पार कर रहा था। मैंने रुबीना से पूछा कि जवेरिया की फुद्दी तो मैंने ले ली है अब अपनी बड़ी बेटी की भी दिलवा दो ना प्लीज तो उसने कहा देखो प्लीज उसे रहने दो उसकी तो अब कुछ महीने बाद शादी भी है।

मैंने उसकी नजरों में रिक्वेस्ट भरी चीज़ देखी तो मैंने उसे कहा मैं मज़ाक कर रहा हूँ और वो तसल्ली में आ गई। खैर रुबीना मुझे कह रही थी प्लीज ताज़ी मारो बहुत भूखी हूँ मैं कई दिनों से लंड के लिए। मैंने अपनी १ उँगली रुबीना की गांड में दे दी और साथ-साथ फुल ताज़ी चोदने लगा।

मुझे अब कुछ फील हो रहा था कि मेरा लंड फुद्दी में गया है तकरीबन १० मिनट ऐसे ही चोदने के बाद मुझे लगा कि अब मेरी मनी निकलने वाली है क्योंकि स्प्रे का असर खत्म हो रहा था लेकिन मुझे अब लंड पर जलन भी हो रही थी। खैर रुबीना ने मेरे कहने पर अच्छी तरह मेरे लंड को दबाया और फिर लंड को मुँह में डालकर थूक लगा के अच्छी तरह चूसा।

खैर उसके बाद मैंने नसरीन को सीधा लेटाकर फुद्दी में लंड डाल दिया और अब उसकी टाँगें हवा में ऊपर खड़ी करके खोलकर नीचे से लंड ताज़ी-ताज़ी फुद्दी में अंदर-बाहर करने लगा। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था अब नसरीन भी वापस रूम में आ गई और अपनी फुद्दी में ऑयल लगा रही थी कह रही थी शायद ज़ख्म हो गया है फुद्दी में।

खैर मैं रुबीना की फुद्दी ताज़ी मार रहा था १ दम से रुबीना की फुद्दी से बहुत गहरी मनी निकली और मेरा लंड और भी चिकना हो गया अब मैं भी उसे ताज़ी-ताज़ी चोद रहा था ताकि मैं भी मनी निकाल दूँ। खैर २ मिनट के बाद ताज़ी धार के साथ मेरी मनी निकली.

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और मैंने उसकी फुद्दी में पूरा लंड अंदर डालकर उसे नीचे लंड पर बिठा लिया और वो पूरा वज़न डालकर लंड पर बैठ गई और फुद्दी के साथ लंड को दबाने लगी। यकीन करो दोस्तों उस रात मेरी १ चुदाई थी लेकिन वो चुदाई १० चुदाई से भारी थी और मेरी मनी इस तरह निकली थी जैसे १ साल की मनी आज निकली हो बहुत ज़्यादा मनी निकली थी।

खैर उसके बाद हम तीनों नंगे ही झप्पी डालकर लेटे रहे और नसरीन को अभी भी जलन थी और वो कह रही थी कि कल रात को मैं शायद नहीं दे पाऊँगी फुद्दी तुम बेशक न आना लेकिन मैंने और रुबीना ने प्लान बना लिया था कि नसरीन के घर ही वो दोबारा मुझे कल रात भी फुद्दी देगी अगर नसरीन नहीं दे सकी तो।

खैर उसके बाद हम तीनों नंगे ही सो गए और सुबह नाश्ता करने के बाद १० बजे मैं अपने घर वापस आ गया। और अगली नाइट आंटी नसरीन की कॉल आई कि आज रात को तुम थोड़ा जल्दी आ जाना तकरीबन १०:४५ तक क्योंकि मेरे से पहले मेरी फ्रेंड के साथ करना क्योंकि उसने फिर वापस जाना है जल्दी।

मैंने उसे कहा ओके फारीग होकर आ जाऊँगा। खैर रात को तकरीबन १०:३० पर मैंने नसरीन को कॉल करके बता दिया कि मैं आ रहा हूँ बस। उसने कहा ओके मैं ड्रॉइंग रूम में डोर खोल दूँगी वहाँ मेरी दोस्त बैठी होगी ओके क्योंकि आज बेडरूम में अभी बच्चे खेल रहे हैं तुम लोग ड्रॉइंग रूम में बेशक करते रहना कोई नहीं आएगा उस साइड पर। मैंने ओके कहा।

खैर ३ मिनट के बाद जब मैं उसके घर के बाहर पहुँचा तो ड्रॉइंग रूम का डोर गली वाली साइड से ओपन था। मैं अंदर चला गया उस टाइम गली में बस २ बच्चे अपने घर के बाहर खेल रहे थे लेकिन उनको कोई खबर नहीं थी क्योंकि वो अभी बहुत छोटे हैं।

खैर मैं अंदर गया तो मैंने देखा कि वो तो हमारे एरिया की लेडी हेल्थ ऑफिसर है जिसको मैं बहुत अच्छी तरह जानता था और वो भी मुझे जानती थी और कई बार वो किसी काम से हमारे घर आ भी चुकी थी। वो मुझे देखकर थोड़ा घबरा गई लेकिन मैंने थोड़ा कॉन्फिडेंस से काम लिया और कहा कि फिकर न करें किसी को खबर नहीं होगी नसरीन से आप पूछ सकती हैं कि मैं राज़ रखने वाला हूँ।

वो अब कुछ तसल्ली में आई और हम कुछ देर बातें करने लगे उसके बाद मैंने बाहर के डोर की कोंडी लगाई और उसे कहा कि लाइट ऑफ करते हैं और मैंने उसे कपड़े उतारने को कहा। वो थोड़ा घबरा रही थी अभी भी मेरी वजह से लेकिन अब तो राज़ खुल चुका था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैंने हिम्मत करके उसकी कमीज से उसके बड़े-बड़े मम्मे पकड़कर दबाए और उसे किस किया। खैर उसके बाद मैंने उसे कहा प्लीज लेट हो जाओगी आप कपड़े उतार दें अब। उसने कहा ओके और अपनी कमीज उतार दी और साथ-साथ कहने लगी प्लीज किसी को पता नहीं चलना चाहिए ओके।

मैंने उसे तसल्ली दी डोंट वरी बस आप मेरा ख्याल रखती रहना मुझे आपकी अब हमेशा ज़रूरत पड़ती रहेगी। उसने कहा ओके मौका देखकर बता दिया करूँगी तुम। खैर उसके बाद उसने अपनी सलवार भी उतार दी अब वो अपनी नंगी गांड और फुद्दी लिए मेरे सामने खड़ी थी और मैं अब उसके साथ झप्पी डालकर उसकी ब्रा उतारकर मम्मे मुँह में लेकर चूसने लगा और फुद्दी के बाल उसने शायद आज ही उतारे थे।

मैंने पूछा तो उसने कहा आज अभी उतारकर आई हूँ आपके लिए। खैर उसके बाद मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और अब हम दोनों नंगे थे। मैंने उसके हाथ में अपना लंड पकड़ा दिया उसने जब हाथ में पकड़ा तो थोड़ा शरमा के कहा कि अच्छा साइज है अब वो मेरा लंड पकड़कर अपनी फुद्दी पर रगड़ रही थी और अभी से ही सेक्सी आवाजें निकालने लग गई थी।

खैर उसके बाद मैंने उसे कहा कि अपने मुँह में डालकर लंड चूसो। उसने फौरन मुँह में डाल लिया और किसी एक्सपर्ट सेक्सी औरत की तरह लंड को चूसने लगी। खैर तकरीबन १० मिनट के बाद उसने लंड बाहर निकाला और कहा अब फुद्दी लो बस क्योंकि मुझे जल्दी जाना है। मैंने उसे कहा ओके जानू ठीक है।

लेकिन मैंने उसे साथ ही पूछा कि किसी रात फुल एंजॉय करने का मौका देना मुझे। उसने कहा ओके अपना सेल नंबर दे दो ना मुझे मैं अब खुद राब्ता करूँगी तुमसे। खैर मैंने उसे नंबर दे दिया। उसके बाद मैंने उसकी टाँगें उठाकर अपने कंधों पर रखी और नीचे से लंड उसने खुद पकड़कर रखा और फुद्दी के साथ लगा दिया और मैंने फौरन झटका मारकर फुद्दी में डाल दिया। कुछ देर बाद मैंने उसके मम्मे मुँह में ले लिए और चूसने लगा।

अब वो मुझे कहने लगी कि जब मनी निकलने लगे तो झटके मारना छोड़ देना और फुद्दी में लंड डालकर लेटे रहना इस तरह टाइम ज़्यादा लगेगा मनी निकलने में। मैं समझ रहा था कि ये १ नंबर की चालू औरत है जिसे इतना कुछ पता है। खैर मैंने भी वैसा ही किया अब मैंने उसकी टाँगें हवा में उठा ली और नीचे से पचक-पचक की आवाजें आने लगी फुद्दी का पानी निकल-निकलकर मेरा लंड गीला हो चुका था।

खैर वो भी उमम ओईई और ताज़ी लो ना मेरा ६.५ का लंड पूरा अंदर-बाहर हो रहा था मुझे बहुत मज़ा आ रहा था उसकी फुद्दी है तो खुली थी लेकिन मज़ा बहुत आ रहा था क्योंकि बहुत नरम जिस्म था और उसके मम्मे मेरे ख्याल में ३८ साइज के लाज़मी होंगे।

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खैर मैंने उसे पूछा कि मनी अंदर निकालनी है या बाहर उसने कहा अंदर ही निकालनी है। मैंने अपनी स्पीड तेज की और तकरीबन १५ मिनट की चुदाई के बाद उसकी मनी दोबारा निकल गई और अब वो मेरा लंड अपनी फुद्दी से दबा रही थी अब मेरी मनी भी निकलने वाली थी मैंने तेज झटके मारने शुरू किए और १ दम से फुल प्रेशर से मेरी सारी मनी उसकी फुद्दी में निकाल दी। उसे और मुझे काफी साँस चढ़ चुका था उसके बाद उसने मेरा लंड दोबारा मुँह में लेकर चूसकर साफ किया.

और फिर वो कपड़े पहनने लगी और मुझे कहा कि मुझे घर छुड़ाओ फिर हम दोनों बाइक पर गए और मैं उसे घर छोड़ आया। और रास्ते में मैंने उसे कहा कि अपना नंबर भी दो तो उसने मुझे अपना मोबाइल नंबर दे दिया और साथ कहा कि नेक्स्ट ट्यूसडे को मुझे लाहौर जाना है अपनी खाला के यहाँ रहने मुझे काम है तुम भी अगर चाहो तो मेरे साथ चलो मैं वहाँ तुम्हें रख लूँगी १ रात के लिए। मैंने उसे कहा ओके प्रोग्राम बना लेते हैं। खैर उसके बाद मैं वापस आया और नसरीन को दोबारा कॉल की तो उसने कहा तुम ३० मिनट तक आ जाओ मेरी तरफ उसके बाद मैंने नसरीन की चुदाई।

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