Desi Bhabhi Milking Porn Story
मेरी भाभी बहुत ही सेक्सी लेडी है, उनका फिगर भी बहुत ही आकर्षक है, बड़े-बड़े बूब्स, गोरा रंग, मदमस्त चीज है। अब चूँकि भाभी से पहले सेक्स कर चुका था इसलिए हम आपस में खुल गए थे। आज जैसे ही मुझे पता चला कि भैया बाहर 3 दिन के बिजनेस ट्रिप पर जा रहे हैं तो मैं मन ही मन खुशी से झूम उठा और रात का इंतजार करने लगा। Desi Bhabhi Milking Porn Story
इस बार काफी दिनों के बाद ये मौका आया था। शाम को भैया के जाने के बाद भाभी किचन में काम कर रही थी तो मैं किचन में जाकर भाभी को पीछे से पकड़ लिया और बोला माय भाभी आज तो मैं दूध पीऊँगा, तो वो हँसते हुए बोली पी लेना अभी गरम तो होने दे, मैंने हँसते हुए कहा तो गरम करो ना मैं तो पीना चाहता हूँ, तो वो बोली आज स्पेशल दूध केसर डालकर पिलाऊँगी।
मैंने कहा मुझे काली भैंस का नहीं, तुम्हारा पीना है इससे स्पेशल और कहाँ होगा। भाभी हँस के बोली बदमाश हो गया है चल भाग, काम करने दे। भाभी जल्दी करना और मैं बाहर आकर टीवी सीरियल देखने लगा। फिर टीवी पर एक एडल्ट फिल्म आने लगी बहुत सेक्सी फिल्म थी मैं उसे देखने लगा।
सीरियल खत्म होने पर भाभी अपने कमरे में जाते हुए बोली “तो दूध गरम कर के रखा है जाकर पी लेना।” मैंने कहा मुझे ये नहीं पीना, मैं सोने जा रही हूँ और ख्याल रखना ज्यादा देर नहीं हो। भाभी दूध लेकर पहले अपने कमरे में गई। मैं समझ गया। और मैंने जल्दी ही टीवी बंद कर भाभी के रूम में चला गया।
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देखा तो भाभी लेटी हुई थी मैं भी उनके बगल में जाकर लेट गया। मैं भाभी के बूब्स पर हाथ फेरने लगा, ब्लाउज के बटन खोल रखे थे। मैंने कहा भाभी क्या हुआ और मैंने ब्रा का हुक खोल दिया और बोला क्यों कैद कर रखा है इनको कम से कम रात को आजाद कर दो और मैंने उनके बूब्स को दबा दिया।
उन्होंने ब्लाउज उतार दिया। अब भाभी की चुंचियाँ आजाद थीं। क्या मदमस्त थीं और भाभी बोली दूध साइड टेबल पर रखा है, पी लो ना। और भाभी उठकर दूध का ग्लास लाई, मैंने उनके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और वो सट से नीचे आ गिरा और वो नीचे कुछ भी नहीं पहने थी।
फिर वो बोली ये दूध पी लो। मैंने कहा जब सामने खुद इतनी सुंदर दूधवाली खड़ी हो तो ये काली भैंस का दूध कौन पीएगा और मैंने उनकी चुंचियों को जोर से दबा दिया और उन्हें मुँह में ले लिया। भाभी ने कहा “पर इसमें दूध कहाँ है” यह कहते हुए मेरे मुँह में से अपनी चुंची छुड़ाकर उठी और दूध का ग्लास उठा कर मेरे मुँह में लगा दिया।
मैंने थोड़ा पिया और ग्लास लेकर बाकी पीने के लिए भाभी के मुँह में लगा दिया। भाभी ने ही थोड़ा पिया मुँह से ग्लास हटाते हुए कहा, “मैं दूध पी लिया था।” इस बीच दूध छलक कर भाभी की चुंचियों पर गिर गया। मैं उसे अपनी जीभ से चाटने लगा। अब तो भाभी ग्लास लेकर अपनी चुंचियों पर धीरे-धीरे दूध गिराती रही और मैं मजे ले-ले कर उसे चाटते गया।
चुंचियाँ चाटने से भाभी के सारे बदन में सुरसुरी होने लगी, इस बीच थोड़ा दूध बह कर भाभी की नाभि से होता हुआ चूत तक चला गया। मेरी जीभ दूध चाटते-चाटते नीचे आ रही थी और भाभी के बदन में सनसनी फैल रही थी। भाभी दूध गिराए जा रही थी दूध बूब्स से होता हुआ बाहर से नीचे आ गया था।
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अब मेरे होंठ भाभी के बुर के ठीक ऊपर होकर दूध चाट रहे थे। मैं फिर जीभ को ऊपर की तरफ कर बूब्स के पास ले आया और उनके बूब्स दबा कर जोर जोर से चूसने लगा। भाभी भी एक्साइट हो रही थी और बोलने लगी “ओह राजा! ऐसी तरह चूसते और चाटते रहो …बहुत …अच्छा लग रहा है…”
मैंने कहा क्या मस्त दूध है ऐसा नशा और कहाँ है ….मुझे तो येही पीना है रोज…. भाभी बोली… ये क्या कर रहे हो… मैं मस्ती से पागल हो रही हूँ… ओह राजा चाटो और… जोर से चूसो… बहुत अच्छा लग रहा है… मेरी भाभी… और मैं उनके बूब्स को चूसता रहा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर भाभी ने मेरे लंड को हाथों में ले लिया तो मैं बोला तुम भी पी लो ना इसका दूध …बोली इसमें दूध कहाँ होता है,,,मैं बोला दूध नहीं तो मलाई तो होती है ना….और उसपर भाभी ने दूध गिरा दिया और ग्लास में जो मलाई थी मेरे लंड पर डाल दी… और उसे अपनी जीभ से चाटने लगी… और अपनी जीभ को गोलाई में फिराने लगी…
मैंने उसके सिर को पकड़ कर कहा चूस ले ना अब इसका मलाई वाला दूध… और लंड को भाभी के मुँह की तरफ ठेला.. और अब तो उसे चूसने लगी और मेरे लंड को अंदर बाहर कर जोर जोर से चूसने लगी उम्म्म… उम्म अह्ह्ह… की आवाज आ रही थी।
मेरा लंड तन कर बड़ा हो गया था और चुदाई के लिए पूरा तैयार था। भाभी भी अब रुक नहीं पा रही थी। भाभी की बुर भी उसे पाने के लिए बेकरार थी। मेरा लंड भी अब भाभी की बुर से मिलाने के लिए बेकरार था। भाभी अब सीधे लेट गई और उसने चुदाई का निमंत्रण दे दिया।
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मैं भी तुरंत ही भाभी के ऊपर आ गया और एक झटके में भाभी की बुर में अपना पूरा लंड घुसा दिया। भाभी भी नीचे से कमर उठा कर लंड और बुर दोनों को आपस में मिलाने में सहयोग देने लगी। दोनों इस समय इस प्रकार मिल रहे थे मानो कई बरसों बाद मिले हों।
मैंने रफ्तार बढ़ाते हुए पूछा, “क्या करूँ रानी भाभी?” भाभी बोली अंदर तक तो कर दिया अब पूछता है क्या करूँ चल चुदक्कड़ कहीं का। उन्होंने मेरे होंठ चूम लिए और बोली किये जा जैसे तेरी इच्छा। मैं अब जोरदार धक्के लगा रहा था और भाभी की बुर नीचे से उनका जवाब दे रही थी।
घमासान चुदाई चल रही थी। और भाभी के सिसकारियाँ निकलने लगी… अह्ह्ह… उईई… क्या कर रहा है रे… जोर से चोदो राजा चोदो… मेरी बुर भी कम नहीं है… कस-कस कर धक्के मारो मेरे राजा, चोदो जोर इस साली बुर कोओ, जो हर समय चुदाने के लिए बेचैन रहती है… चोओ.. दोओ…
अब तो मैं भी तूफान मेल की तरह चुदाई करने लगा। बुर से पूरा लंड निकालता और पूरी गहराई तक पेल रहा था। मैं तो स्वर्ग की हवाओं में उड़ने लगा.. भाभी क्या मजा आ रहा है मेरी रानी ..खा..जमके.. “है राजा ! और जोर… सेएए… बड़ा मज्जा आ आ रहा है… और जोररररर सेएए… ओह्ह्ह माआआ ओह मेरे राजा बहुत अच्छा लग रहा है…”
मैं भी ऊपर से कस कस कर धक्के पर धक्का लगाते हुए बोल रहा था, “ है रानी.. तुम्हारी बुर ने तो आज मेरे लंड को पागल बना दिया है….वाह इस सुंदर बुर का दीवाना हो गया हूँ… इसे चोद चोद कर जब तक तुम चाहोगी जन्नत की सैर करूँगा…. रानी बहुत मजा आ रहा है….”
फिर भाभी भी बोली उईईई….चोदो… चोदो… चोदो… और चोददोओओ, राजा साथ-साथ गिरना… ओह्ह्ह्ह्ह हैईई आ जाओ… चोद दोओ… ओह… ओह्ह्ह अह्ह्ह्ह एस्स्स्स्स मेरे सनम… है अब नहीं रुक पाऊँगी ओह्ह्ह्ह्ह मैं… मैं… गयीईई.” इधर मैं कस कस कर दोचार धक्के लगाकर साथ-साथ झर गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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सचमुच इस चुदाई से मैं बहुत खुश था और भाभी भी पूरी मस्ती में चुदाई का भरपूर मजा लिया। अब दोनों झर चुके थे मैंने भाभी का जोरदार किस लिया और भाभी की चुंचियों के बीच सिर रखा कर उनके ऊपर थोड़ी देर पड़े रह कर अपने साँसों को संयत करने के बाद भाभी के बगल में ही लेटने के बाद पास में लिपट कर सो गए।
सुबह भाभी ने उठाया और कहा उठना नहीं है क्या… और मेरे लंड को दबा दिया… कहा जल्दी फ्रेश हो जाओ… मैं ब्रश किया फिर भाभी चाय लाई और हमने चाय पी। फिर मैंने देखा भाभी और अपने चूतड़ मटकाती हुई बाथरूम की तरफ चली गई।
मैं भी भाभी के पीछे-पीछे बाथरूम में चला गया और अंदर जाकर गेट लॉक कर दिया। भाभी ने अपने कपड़े उतार दिए, मैंने भी सारे कपड़े उतार दिए और अब मैंने शावर खोल दिया। हम दोनों के नंगे जिस्म पर पानी की फुहार पड़ने लगी। बाथरूम में लगे बड़े शीशे में मैं देख रहा था, शावर के नीचे भाभी के उत्तेजक बदन और बड़ी बड़ी चुंचियों पर पानी पड़ रहा था.
वो चुंचियों से टपकता पानी जो पैरों के बीच भाभी की बुर से होता हुआ पैरों पर छोटी-छोटी धार बनाते हुए नीचे गिर रहा था। जो बहुत ही सेक्सी लग रहा था। मेरी छाती से गिरता हुआ लंड पर से धार बनाकर बहता पानी आज बहुत अच्छा लग रहा था।
भाभी ने मेरा लंड हाथ में ले लिया और सुपारे को खोलने और बंद करने लगी। लंड हाथ में आते ही कड़क हो कर खड़ा हो गया। अब मैंने भाभी के बूब्स को और सारे शरीर को अपनी छाती से चिपका कर उनके होंठ अपने होंठों में ले लिया। भाभी की कसी हुई बड़ी बड़ी चुंचियाँ मेरे सीने में रगड़ खाने लगी.
फिर भाभी ने मेरे लंड को पकड़ कर अपने बुर से सटा लिया और थोड़ा पैर फैला कर बुर पर रगड़ने लगी। फिर मैंने भाभी के सारे बदन पर साबुन लगाया उनके बूब्स को और बुर के ऊपर भी खूब मसला फिर हम दोनों एक दूसरे के बदन पर फिसलने लगे।
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भाभी अपने बूब्स को पूरे बदन पर दबाकर फिसला रही थी, बड़ा मजा आ रहा था फिर मैंने शावर को तेज कर दिया और साबुन धो ली। इसके बाद मैं भाभी के बूब्स को दबाते और सहलाते हुए भाभी के होंठों को चूस रहा था और मेरे लंड को भाभी की बुर अपने होंठ से सहला रही थी।
बैठकर नहाने के लिए रखे स्टूल पर भाभी ने अपना एक पैर उठा कर रख लिया और मेरे लंड को बुर में घुसाने का मौका मिल गया। शीशे में दिख रहा था उनका लंड अंदर बाहर होते हुए मेरी प्यारी बुर से खिलवाड़ कर रहा था। भाभी की बुर उसे पूरा अपने मुँह में लेने की कोशिश कर रही थी।
कुछ देर बाद भाभी अपने आपको छुड़ा कर बाथ-टब को पकड़ कर झुक गई। भाभी के गोल गोल बड़े बड़े चूतड़ उठे हुए थे मैं उन्हें दबा दबा कर जीभ से चाटने लगा और दाँत से काटा भी। भाभी बोली क्या करता है अब रहा नहीं जा रहा है और मैंने भाभी की बुर को देखने लगा।
मैंने उस पर अपने तनाए हुए लंड को लगा कर ठक्का दिया। पूरा लंड गप से बुर में समा गया। फिर क्या था लंड और चूत का खेल शुरू हुआ। शीशे में जैसे ब्लू फिल्म चल रही हो, जिसकी हीरोइन भाभी थी और हीरो मैं। मेरा लंड भाभी की बुर में अंदर बाहर हो रहा था जिससे भाभी की बुर पागल हो रही थी पर मुझे शीशे में लंड का घुसना और निकलना बहुत भला लग रहा था।
शावर से पानी की फुहार हम दोनों पर पड़ रही थी, हमलोग उसकी परवाह ना कर तन की आग मिटाने में लगे थे। मैं पीछे से भाभी की चुंचियाँ पकड़ कर बराबर धक्के लगाए जा रहे था। शीशे में अपनी चुदाई देख कर भाभी भी काफी गरम हो चुकी थी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसलिए भाभी भी अपने चूतड़ को आगे पीछे कर गपागप लौड़े को बुर में ले रही थी और बोलती जा रही थी, “अरे यार…..! बहुत अच्छा लग रहा है… इस चुदाई में चोदो मेरे सनम जिंदगी का पूरा मजा ले लो ….है !!! मेरे चोदू बलम… तुम्हारा लौड़ा बड़ा जंदर है…… मारो राजा धक्का…. और जोर से….. है राजा और जोर से…. और जोर से…… है! इस जलिम लौड़े से फाड़ दो मेरी बुरररर बहुत अच्छाआआ लग्ग रहा हैईई….”
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पीछे से चुदाई में मेरे हाथ झुके-झुके दुखने लगे मैंने भाभी बोली- “राजा जरा रुको, इस तरह पूरी चुदाई नहीं हो पा रही है, लेटा कर चुदने में पूरा लौड़ा घुसता है तो झरने में बहुत मजा आता है” फिर मैंने शावर बंद किया। और भाभी वहीं गीले जमीन पर लेट गई और बोली, “अब ऊपर आ कर चुदाई करो”। अब मैं भाभी के ऊपर था और भाभी की बुर में लंड डालकर भरपूर चुदाई करने लगा। और भाभी की बुर में लंड पूरा का पूरा अंदर बाहर हो रहा था और भाभी नीचे से उछल उछल कर साथ देते हुए बड़बड़ा रही थी.
“अब चुदाई का मज्जा मिल रहा है मारो राजा मारो धक्का… और जोर से हाँ! राजा इसी तरह से चोदो इस बुर को… अह्ह्ह एस्स्स्स ओह्ह्ह।” मैं कस-कस कर धक्का मार कर भाभी की बुर को चोद रहा था। थोड़ी देर बाद मेरा लंड भाभी की बुर की गहराई में झर गया और हम दोनों साथ-साथ खलास हो गए। भाभी सेफ पीरियड में थी भाभी ने पहले बता दिया था.. इसलिए परवाह नहीं किया। तब मैं भी टॉवल लपेटे कर बाथरूम से बाहर आ गए और कपड़े पहन कर तैयार हो गया। फिर भाभी भी बाथरूम से निकल कर कपड़े पहनकर तैयार हो गई। हमने रात को फिर भरपूर मस्ती ली।