Horny Aunty Blowjob XXX
मुझे हाल ही में एक अच्छा ऑर्गेनाइजेशन में जॉब मिला है। अच्छा खासा तनख्वाह भी अर्न कर रहा हूँ। इस दौरान मुझे एक घर की तलाश में हैदराबाद आना पड़ा और मुझे एक रूम किराए पर मिल गया। वह एक इंडिपेंडेंट हाउस है। उस हाउस में 3 कमरे घरवाले यूज करते हैं और बचा एक रूम में यूज करता हूँ। Horny Aunty Blowjob XXX
उस घर में तीन लोग हैं। हसबैंड का नाम उपेन है, उसका इंपोर्ट/एक्सपोर्ट बिजनेस है। वाइफ का नाम इन्द्राणी है हाउसवाइफ है। 5’3” टॉल गॉर्जियस लेडी है। उसका मेजरमेंट 34-30-36 है, उसका बूब्स काफी भरे-भरे हैं, गोरा बदन, ब्लैक लॉन्ग हेयर, राउंड एस है।
इनको एक लड़की (मोनिका) और एक लड़का (आकाश) है। लड़की यूपी में इंजी. पढ़ रही है और लड़का चार साल का है। इन्द्राणी के साथ उपेन का ये दूसरा शादी है और ये लड़का इन्द्राणी का पहला संतान है और उपेन का दूसरा। उपेन के पहली पत्नी (शांति) का एक एक्सीडेंट में मौत हो गया था।
उपेन को अक्सर बिजनेस के सिलसिले में दूसरे कंट्रीज हो जाना पड़ता है, इसलिए इन्द्राणी के रिक्वेस्ट पर एक रूम रेंट के लिए देना चाहते थे, ताकि इन्द्राणी को अकेलापन महसूस न हो। जब मैं रूम के लिए गया तो झट से वो मुझे रूम देने के लिए तैयार थे। क्योंकि मैं बैचलर हूँ और मैं अच्छा सैलरी भी अर्न कर रहा हूँ।
मेरा कैरेक्टर परखने के लिए उपेन भी करीब चालीस दिन तक घर से ही अपना बिजनेस संभालते थे। मैं तो 15 दिनों में ही उन लोगों से काफी मिल गया था। मेरा जॉब का वर्किंग डेज मंडे टू फ्राइडे था। और फ्री टाइम में उनके घर के काम में हेल्प करता था और उनके बच्चे से भी खेलता था।
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वे भी काफी संतुष्ट थे और मैं भी अपनी हद पार नहीं किया। पति और पत्नी बहुत प्यार से रहते थे मगर रात के टाइम पे वो हर दिन लड़ाई करते थे। इन्द्राणी के बातों से ये साफ जाहिर होता था कि उनकी शारीरिक भूख को संत करने के लिए उसका हसबैंड का योगदान काफी कम था या लगभग नहीं था।
ये बात मुझे एक महीने के भीतर ही मालूम हुआ था क्योंकि उन लोगों का बेडरूम और मेरा रूम के बीच एक डोर ही था। एक मंडे उपेन ने अपने बिजनेस के सिलसिले पे लॉस एंजेल्स जाना था और उसका ट्रिप करीब 20 दिन का था और उसका शेड्यूल बैंगलोर, गोवा, मुंबई और फिर लॉस एंजेल्स था।
जब मैं मंडे ऑफिस से वापस आया तो इन्द्राणी ने बताया कि आजसे तुम खाना हमारे साथ ही खाना जब तक उपेन वापस न आ जाए। उस दिन मैंने खाना खाने के बाद थोड़ी गपशप करके अराउंड 10:00 पीएम को सो गया। मगर सर्दी की वजह से मेरा नींद अचानक खुल गया, तब करीबन रात 11:00 पीएम हुआ था।
उस समय मुझे एक अजीब सी आवाज सुनाई दी। तब मैंने जाकर उस बीच के दरवाजे से झाँक के देखा तो पाया कि इन्द्राणी पूरी नंगी बिस्तर पर सो रही थी और अपने चिकनी बुर में उंगलियाँ डालके पानी निकालने की कोशिश कर रही थी। ऐसा करते हुए थोड़ी देर के बाद वो सो गई मगर मुझे तो उस रात में नींद ही नहीं आई।
नेक्स्ट तीन दिन भी ऐसा ही हुआ था। उस समय तक मैं अग्यानी था क्योंकि मैं समझता था कि शारीरिक भूख केवल मर्दों को ही होती है। उस दिन सैटरडे को पहली बार मैं इन्द्राणी को फील करते हुए मुठ मार रहा था। पूरा दिन जब भी मेरा लंड खड़ा होता था, मैं मुठ मारके मेरे अंदर के आग को शांत करने की कोशिश कर रहा था।
मगर मैंने ये नहीं सोचा था कि इन्द्राणी उस दरवाजे से मुझे देख सकती है। संडे भी मैं वैसा ही नंगा होके मुठ मार रहा था कि अचानक इन्द्राणी मेरे रूम के मेन डोर के पास आके खड़ी हो गई और डोर खोल दी। मैं तो परेशान के मारे अपनी हाथ मेरे लंड पर ढक लिया। मगर इन्द्राणी मुझे नंगा देखके वापस चली गई।
तब मुझे मेरे गलती का एहसास हुआ और मेरा गलती सिर्फ ये है कि लंड साफ करके बाथरूम से आने से पहले मैं अपना रूम बंद नहीं किया। शर्म के मारे मैंने मुठ मारना बंद किया और थोड़ी ही देर में मैं बाहर चला गया और फिर शाम 5 बजे वापस आया।
उस रात मैं खाने के लिए इन्द्राणी के घर पर नहीं गया फिर भी इन्द्राणी आके मुझे आने के लिए रिक्वेस्ट की। उस रिक्वेस्ट पर मैंने खाने के लिए उसके घर पर चला। खाना खाने के टाइम इन्द्राणी मेरा पर्सनल लाइफ के बारे में पूछ ताछ की। इसी दौरान मैंने बताया कि “मेरा शादी का मैचेस देख रहे हैं”।
झट से इन्द्राणी ने कहा कि “तभी तो तुम अब से ही तैयार होना चाहते हो”।
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मैं खामोश हो गया और उनसे सुबह जो भी हुआ है उसका माफी माँगा। मगर इन्द्राणी ये बात सीरियसली नहीं लिया और वो कह रही थी कि “हर एक औरत या मर्द को शारीरिक भूख होती है चाहे शादी से पहले या शादी के बाद”। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर उसने बताया कि वो भी उंगली करती है और पूछा है कि आरके तुम ये जानते हो। तब मैंने बताया कि हाँ मैं देख चुका हूँ, इसलिए तो मैं तुम्हें सोच-सोचके इन दिनों मुठ मार रहा हूँ। ये सुनकर इन्द्राणी ने हँस दी। और बोली कि “तो ठीक है हम दोनों ही एक-दूसरे को नंगे तो देख चुके हैं फिर शर्माना क्यों। क्यों न हम अपनी भूख मिलके शांत करें”।
मैं तो स्टन हो गया और मेरे मुँह बिलकुल ही बंद हो चुका था। फिर इन्द्राणी बोली कि “मैं भी उपेन से तंग आ चुकी हूँ। मेरा ये पहला शादी है मगर उपेन की दूसरी। इसलिए एक बच्चा पैदा करके उपेन चुपचाप हो गया है और वो मेरे नेसेसिटी को भी नजरअंदाज कर रहा है। मुझे तो ये शादी अपने माँ-बाप के फोर्स से करनी पड़ी क्योंकि हमारे बीच का एज डिफरेंस करीब 15 साल है। मैं अब 30 साल की हूँ और वो है 45 साल के”।
मैं तो बिलकुल ही परेशान में था। मुझे समझाने के लिए इन्द्राणी ने एक कोटेशन भी बताया कि “हर एक औरत या मर्द को एंजॉय करने का टाइम है 16 साल से 40 साल, और इस 15 साल में सोना, खाना, पीने के लिए तो कम से कम 10 साल चले जाते हैं और बचा 5 साल में क्यों न ऐश करें”।
ऐसा इन्द्राणी मुझे हर तरह से कन्विंस करना चाहती थी। तब मैंने पूछा कि “तो मैं क्या करूँ”। तो उसने बताया कि “तुम मुझे अपनी वाइफ बनालो”। मैंने कहा “वो कैसे”। उसने झट से बोली कि “जब भी उपेन घर पर नहीं होते तो मैं तुम्हारी वाइफ बन जाती हूँ और बाकी के टाइम में मैं उपेन की वाइफ”।
ऐसा कहते हुए वो अपनी हाथ मेरा बालों में घुसाना चाहती थी।
परंतु मैंने उनसे कहा कि “ऐसे मामले में तो मेरा निल एक्सपीरियंस है, तो मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूँ”।
तब इन्द्राणी ने बताया कि “मैं तुम्हें सब कुछ सिखाती हूँ और तुम्हें औरतों के मामलों में तो माहिर बना देती हूँ”। अब मेरा लंड खड़ा होने लगा, फिर भी मैं अपने आप पे कंट्रोल करके उनसे एक दिन का मोहलत माँगा था। ये सुनके इन्द्राणी ने कहा कि “सिर्फ एक दिन, इसका मतलब कल शाम 5 बजे तक ही”।
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तब तक मैंने खाना खा लिया था और मेरे रूम में आ गया। मेरा सोच इसी मामले पे था और उस रात मुझे नींद भी नहीं आई थी। मगर दूसरी ओर इन्द्राणी पूरे कॉन्फिडेंस में थी कि मैं उसकी बात मान लेता हूँ। रात लेट सो जाने की वजह से मैं सुबह 10 बजे को उठा और ऑफिस को फोन लगाकर बताया कि मेरा हेल्थ ठीक नहीं है और मैं 2 या 3 दिन ऑफिस नहीं आ सकता।
और मैं ब्रश करने के लिए बाथरूम चला गया। जब मैं ब्रश कर रहा था तो इन्द्राणी ने आके पूछी कि “क्या हुआ मान गए ना मेरी बात को”। मैंने बताया कि “मुझे तो शाम तक टाइम दिए हो ना। मुझे सोचने का मौका तो दो”। ऐसा कहते हुए मैं बाथरूम में चला गया।
नहाने के बाद मैं सीधा मूवी के लिए चला गया और मूवी का नाम है “द सीक्रेट्स ऑफ वुमन”। मूवी को देखने के बाद मैं डिसाइड कर लिया कि उसे अपनी वाइफ बनाऊँगा। सो, रूम को जाने से पहले मैंने फूल भी लेके गया ताकि चुदाई का महौल अच्छा हो। जब मैं अपने रूम पर करीब शाम 7 बजे आया तो देखा कि इन्द्राणी बहुत टेंश्ड दिख रही थी। मैंने ड्रेस चेंज करके उसके घर पर गया।
इन्द्राणी ने पूछा कि “अब तो बोलो, तुम मुझे अपनी वाइफ बनाओगे ये नहीं”।
मैंने उसे बताया कि “हाँ, तुम आज से मेरी वाइफ यानी मेरा रखैल हो”।
ये सुनके इन्द्राणी झट से मुझे किस करके बोली कि “तो आज रात ही हमारा सुहाग रात है”।
मैंने कहा कि “ठीक है, तो आज जल्दी ही खा लेते हैं”।
आकाश तो रात 8 बजे को ही सो गया है। इन्द्राणी ने उसे उठाकर हाल में सुला दिया। हम लोग जल्दी से खाना खाके रात 7:30 तक इन्द्राणी के बेडरूम में आ गए। इन्द्राणी एक्साइट होते हुए कह रही थी कि “मैं तो पूरे सात दिन तुम्हारे लिए तड़पी थी”। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तब मैंने बोला कि “अब तो हमारे पास 13 दिन बाकी है ना” तो इन्द्राणी ने झट से ये बोली कि “13 दिन नहीं पूरी जिंदगी पड़ी है”। मुझे तो हँसी आई और तब मैंने इन्द्राणी को अपनी बाहों में उठाके बेड पर लाके बिठा दिया।
मैंने पहले ही इन्द्राणी से कहा कि “मेरा ये पहला एक्सपीरियंस है, मुझे तुम ही सिखाना”.
तो उसने जवाब दिया कि “मैं अपने वादे के मुताबिक तुम्हें तो माहिर बनाऊँगी। ठीक है ना।”
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उससे असुरेंस लेने के बाद मैंने इन्द्राणी से उनके कपड़े उतारने के लिए बोला। इन्द्राणी ने अपनी साड़ी, साया और ब्लाउज उतार दिया। मैं भी तब तक पूरा नंगा हो गया। मैंने इन्द्राणी के ब्रा के हुक खोलके जब उसे उतारा तो उनके तने हुए चुचियों को देखकर मेरा लंड झट से खड़ा हो गया। वो तो अपनी चूत भी एकदम साफ कर ली है। मैं तो उस संगमरमर के बदन को देखके हैरान हो गया।
इन्द्राणी ने मेरा लंड पे अपनी नजर डालते हुए बोली कि “तुम्हारा डंडा तो बहुत ही बड़ा है और बहुत ही दर्द करेगा। मैंने तो इतना बड़ा केवल ब्लू फिल्मों में ही देखी थी। थोड़े धीरे से मारो ना प्लीज”।
अब इन्द्राणी ने मेरे लंड को अपने हाथों में लेके कुछ देर तक सहलाती रही और मैंने भी उसके गोरे-गोरे और रसीले बूब्स को दबाते रहा। जब मेरे लंड के टोपे पर पानी निकल गया तो मैंने मुस्कुराते हुए इन्द्राणी के सर को पकड़के झुकाते हुए उसके हाथों को अपने लंड के पास सटा दिया तो इन्द्राणी पहले तो अपनी जीभ निकालके उसे मेरे लंड को चाटती रही इसके बाद वो मेरे लंड के टॉप को अपने मुँह में लेके अपनी सर को ऊपर-नीचे करते हुए मेरे लंड को चूसने लगी।
थोड़ी ही देर में मेरा लंड बिलकुल ही तैयार हो गया था। अब मैंने इन्द्राणी को लेटने के लिए बोला और उसके बूब्स को दबाने का काम जारी रखा तो इन्द्राणी मोअन करने लगी “आह्ह्ह्ह… आहूउउ… आराम्म स्स्सेे… मसलोोो, बहूत दर्द्द होो रहाा हैइइ… आह्ह्ह्ह… प्लीईईएसएसएसईईई…..”
थोड़ी ही देर में इन्द्राणी ने कहा कि “माईइइइन्न छूटने वााले होोन्न आह्ह्ह्ह।” अब मैंने इन्द्राणी के ऊपर चढ़ गया और उसको जोरसे चोदने के लिए उसके चूत के छेद को खोलने के लिए बोला। इन्द्राणी अपने दोनों हाथों से उसके चिकनी चूत को खोल दी।
तब मैंने उसके चूत पर अपना लंड सटाते हुए एक जोर का झटका मारा तो इन्द्राणी ने जोरसे सिसकी लेते हुए पूरी तरह से जैसे उछल पड़ी। मैंने पूछा कि “दर्द हुआ क्या” तो इन्द्राणी बोली कि “हाह्ह्ह्ह”। अब मैंने अपनी कमर को धीरे से हिलाना शुरू कर दिया और उसकी चुची के दूध को पीता रहा।
इन्द्राणी तो मेरे हर एक झटके के साथ जोर-जोर से सिसकी निकाल रही थी। इन्द्राणी को ऐसा करते देखके मैंने उसके चुचक को अपने मुँह से निकालके बोला “क्या हुआ दर्द कर रहा है” तो इन्द्राणी ने बोली कि “हाँ थोड़ा धीरे-धीरे मारो ना… आह्ह्ह… उउफ्फ्फ…. ओओह्ह आह्ह्ह आउउउ आआच्छ्ह”।
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लगभग बीस मिनट तक यूँ ही चुदाई चलती रही और मैंने इन्द्राणी से कहा कि “मैं झाड़ने वाला हूँ” तो इन्द्राणी ने बताया कि “अंदर ही डाल दो ना प्लीज”।
झड़ने के बाद मैंने इन्द्राणी से पूछा कि कैसा लगा तो उसने बताया कि बहुत अच्छा लगा। उसके बाद इन्द्राणी से कहा कि “अभी तो मेरा लंड तुम्हारी चूत के अंदर केवल 5” ही घुसा है। जब मैं अपना पूरा लंड तुम्हारी चूत के अंदर घुसाकर चोदूँगा तब और ज्यादा मजा आएगा। ऑफ कोर्स मेरा तो ये पहली बार था इसलिए मैं बहुत ज्यादा जोश में था और अपना पूरा लंड तुम्हारी चूत में नहीं डाल पाया”।
उसके बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला और उससे पूछा कि “चाटोगी इसे” वो मुस्कुराते हुए बोली कि “आज की तरह मुझे चुदाई का मजा कभी नहीं मिला था। सही रूप में मेरी सुहागरात तो आज है। ना-ना कहते ही तुमने आज आखिर में मुझे चोद ही दिया। अब तुम ही मेरे सब कुछ हो। तुम्हें केवल कहने की जरूरत है। तुम जो भी कहोगे मैं सब करूँगी। बस केवल तुम मुझे ये मजा देते रहना”।
इतना कहकर उसने मेरा लंड चाटना शुरू कर दिया। मेरा लंड चाट-चाटकर साफ करने के बाद वो बोली “पेशाब लगी है”। मैं भी उठके इन्द्राणी के साथ ही बाथरूम में गया। इन्द्राणी ने कहा कि “लो अब मेरे चूत पे पेशाब करो” तो मैंने वैसा ही किया जैसा वो चाहती थी। बाद में इन्द्राणी ने बैठके पेशाब किया और अपने चुद को पानी से धोया। उसके बाद इन्द्राणी ने मेरा लंड को अपने हाथों में लेके उसका टोपे को खोलके पानी से साफ किया।
अब मैं उसके साथ ही रूम में वापस आया। रूम में वापस आने के बाद मैंने इन्द्राणी के हाथ को पकड़के अपने लंड को पकड़ा दिया और फिर से उसे चूसने के लिए बोला। इन्द्राणी बेड पर लेट गई और मेरा लंड मुँह में ले लिया और जोर-जोरसे चूसने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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मैं भी उसके दोनों चुचियों को बारी-बारी से मसलता गया और दूसरे हाथ से उसकी चूत को सहला रहा था और मेरे उंगलियों को अंदर-बाहर कर रहा था। थोड़ी ही देर में मेरे लंड तंगाया। फिर इन्द्राणी ने मेरे लंड उसके मुँह से निकालके बोली कि “चलो अब मुझे पीछे से चोदो बड़ा मजा आएगा”।
ये कहते हुए इन्द्राणी उल्टी हो गई। मैंने उसके पीछे से मेरा लंड उनकी बुर में डालने के लिए एक जोर का झटका मारा तो इन्द्राणी ने कहा कि “थोड़ा धीरे से मारो ना।” फिर मैंने उसके बालों को पकड़के लंड घुसाने का काम जारी रखा। एक तरफ इन्द्राणी के चुद में अपना लंड को अंदर ले जाने के लिए जोर-जोर से झटके मार रहा था तो दूसरी तरफ उसके चुचियों को बुरी तरह से मसल रहा था।
कुछ देर के बाद इन्द्राणी ने मोअनिंग करते हुए पूछा कि “और कितना बाहर है” तो मैंने बताया कि “अभी थोड़ा सा बाहर है” तो उसने कहा कि “उसे भी डाल दो ना अंदर आह्ह्ह ओओह्ह्ह आह्ह्ह और फाड़ डालो मेरी चुद को”। ऐसा कहते हुए जोर-जोर से साँसें खींचने लगी।
मेरे रफ्तार के कारण इन्द्राणी अपनी जगह से 2” ऊपर घिसक चुकी थी। वो जोरसे चीख पड़ी। उसके चीख पूरे रूम में गूँज उठा। फिर भी मैंने अपना रफ्तार जारी रखा। कम से कम चालीस मिनट तक ये घमासान चुदाई चलती रही। आखिर मेरा लंड का पूरा पानी इन्द्राणी के चूत में गिरा देने के बाद जब मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो मैंने देखा कि मेरा लंड पर थोड़ा सा खून भी लगा हुआ था।
मैंने इन्द्राणी को अपने लंड पर लगे हुए खून को दिखाते हुए पूछा कि “ये क्या है” तो इन्द्राणी ने हँसते हुए कहा कि “तुम्हारे इस लंबे और मोटे लंड के लिए मेरी चूत अभी कुँवारी थी”।
मैंने इन्द्राणी से पूछा कि “तुम्हारे पति कभी भी तुम्हें अपनी गांड में नहीं मारा” तो उसने बताया कि “मुझे तो अपनी चूत में ही नहीं मारता तो क्या खाक मारे गांड में”।
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थोड़ी देर बाद मैं बाथरूम में चला गया। कुछ देर के बाद जब मैं वापस इन्द्राणी के पास आया और उनको फ्रेश होने के लिए बोला। इन्द्राणी वैसे ही लेटी रही तो मैंने उसको अपनी दोनों बाहों में उठाके बाथरूम में ले गया और इसी दौरान मैं उसके खुली हुई चूत को किस किया। फिर मैंने उसको बैठा दिया तो इन्द्राणी ने जब पेशाब किया। मैंने मग में पानी लेके इन्द्राणी के चूत पर पानी के छींटे मारके धोया और इसके बाद इन्द्राणी को उठाके फिर से बेड पे लेटा दिया।
तब उसने पूछा कि “अब क्या है?” तो मैंने बोला “अभी तो असली काम बाकी है मेरी रानी, आज तो तुमने मुझे असली जन्नत दिखा ही दिया है” ऐसा कहते हुए मैंने अपने लंड को सहला रहा था। इन्द्राणी ने मेरा लंड को देखके बोली “प्लीज आरके अब रहने भी दो, मैं बहुत थक चुकी हूँ और तुम भी अपनी ताकत कल के लिए स्टोर करो ना। प्लीईईएएसएसई।” मैं भी उसकी बात मान लिया था। हम दोनों नंगे ही एक-दूसरे के साथ चिपककर करीब रात के दो बजे को सोए।
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