Desi Rakhail Porn Story
मेरा नाम सुनील कुमार है। मैं आज आपको एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ। पहले मैं आपको अपने बारे में बता देता हूँ। मेरी हाइट 173 सेमी है, मेरा वेट 69 किलो है और मेरा लंड 7 इंच का है, मोटा और 4 इंच चौड़ा है। अब अपनी बात पर आते हैं। ये घटना पिछले संडे की है। Desi Rakhail Porn Story
मेरा एक दोस्त है जिसका नाम अनिल है। अनिल एक दुबला-पतला लड़का है और फाइनेंशियली वीक भी है। कुछ दिनों पहले अनिल की शादी नेहा से हुई। नेहा एकदम मस्त लड़की है। जबसे मैंने उसको देखा, मैं उसको चोदना चाहता हूँ। एक दिन अनिल ने मुझसे बोला कि यार पैसे की बड़ी किल्लत है और घर का खर्च नहीं चल पा रहा है।
मुझे ये सुनकर लगा कि शायद मेरा काम बन सकता है। मैंने कहा कि यार मैं तेरी मदद कर सकता हूँ अगर तू मेरी बात मान ले। उसने पूछा कौन सी बात? तब मैंने बोला कि मैं नेहा को चोदना चाहता हूँ। ये सुनकर वो दंग रह गया और बोला कि मुझे तेरे से पैसा नहीं चाहिए और चला गया।
कुछ दिन बाद वो आया और बोला कि अगर मैं मान भी जाऊँ तो नेहा को कैसे राजी करूँगा। मैंने कहा कि ये तेरा काम है, तू सोच कि नेहा को कैसे मनाना है। वो कुछ नहीं बोला और चला गया। फिर वो आया और बोला कि नेहा राजी है। लेकिन सिर्फ एक बार। मैंने कहा ओके। फिर संडे का दिन फिक्स हुआ।
मैं संडे को उनके घर पहुँचा। नेहा बहुत डरी हुई थी और घबरा रही थी। मैंने जाते ही उसको देखा और अपनी बाहों में भर लिया। वो छुड़ाने लगी। मैं बोला कि रानी रुक जा। नेहा हमारे पास आ गई और मुझसे लिपट गई और मुझे चूमने लगी। मैं भी नेहा को अपने से लिपटा लिया और उसकी गालों को चूमने लगा और उसकी चुंची को साड़ी और ब्लाउज के ऊपर से मसलने लगा।
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नेहा अपनी हाथ मेरे पैंट के जिपर के पास लाकर मेरे लंड को अपने हाथों से सहलाने लगी और मेरी आँखों में झाँककर मुस्कुराते हुए बोली, “कैसे हो बाबू जी, कुछ हो रहा है क्या?” मैं बोला, “बंदा आपका गुलाम है, आप जो चाहे करो जी।” नेहा धीरे से मुस्कुराकर अपने हाथों से मेरे लंड को पैंट के ऊपर से मसलने लगी और बोली, “हाँ, मैं तुम्हारी असिस्टेंट हूँ इसलिए मुझे चूमना और मेरा बूब्स को मसलना मेरा काम है।”
फिर वो मुझसे बोली, “प्लीज मेरी बूब्स को और जोर से दबाओ, बहुत मजा आ रहा है, मुझे नशा सा आ रहा है। तुम मेरी चुंची दबा रहे हो और मेरी चूत में कुछ-कुछ हो रहा है। हाय! तुम्हारा तो लंड भी अब खड़ा हो गया है। अब तुम इसका क्या करोगे।”
मैं उसको चूमते हुए कहा, “हाँ मैं तुम्हारी बूब्स को दबाते-दबाते बहुत गर्म हो गया हूँ और इसलिए मेरा लंड खड़ा हो गया और अब मैं तुमको बिना चोदे छोड़ नहीं सकता। अब तुम जल्दी से अपने कपड़े उतारकर नंगी हो जाओ और बिस्तर पर पैर फैलाकर लेट जाओ। मैं अपना लंड तुम्हारी चूत में पेलूँगा और अपने लंड को सुकून दूँगा।”
नेहा ने हमारे लंड को मसलते हुए बोली, “हाय, अब मुझसे भी रहा नहीं जाता और तुम अपने खड़े लंड से जल्दी हमारी चूत की कसकर चुदाई करो और मेरी चूत चोद-चोदकर उसको भोसड़ा बना दो। मेरी चूत पानी छोड़ रही है। हाय! मेरा पैंटी मेरी चूत के रस से भीग रही है।”
फिर नेहा मेरे लंड को मसलते हुए बोली, “हमारी बहन लंच के बाद टीवी देखते हुए 2-3 घंटे के लिए सो जाती है और उस समय हम लोग मस्ती कर सकते हैं।”
मैं पूछा, “कैसी मस्ती?”
नेहा मुस्कुराकर बोली, “हाय, इतने भोले मत बनो सनम, हमारी चूत में आग लगाकर पूछते हो कि कैसी मस्ती? अरे मस्ती का मतलब जब हमारी बहन लंच के बाद सो जाएगी तो तुम अपने मस्त लंड से हमारी चूत चोदना, अब समझे मेरे चोदू राजा?”
हम उसकी इस तरह की खुल्लम-खुल्ला बात सुनकर और गर्माया और उसकी चुंची को ब्लाउज के बाहर निकालकर उनकी घुंडी को चूसने लगा और नेहा भी हमारे लंड को मेरे पैंट से निकालकर खूब जोर-जोर से मसलने लगी। तभी हमें बाहर का दरवाजा खुलने की आवाज आई, उसकी बहन दुकान से सामान लेकर वापस आ गई थी।
हम लोग जल्दी से अपने कपड़े ठीक-ठाक कर ड्राइंग रूम में जाकर बैठ गए और नॉर्मली बातें करने लगे। नेहा किचन में जाकर चिली चिकन और रोटी ले आई और हम तीनों लोग टीवी देखते हुए लंच लेने लगे। लंच के बाद मैं नेहा आँख मारकर हमसे पूछी कि, “क्या मैं अब ऑफिस वापस जाऊँगा?”
मैंने नेहा को लंच का धन्यवाद दिया और आँख मारकर कहा, “हाँ मैं अब ऑफिस वापस जाऊँगा।”
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नेहा मुझे बाहर के दरवाजे तक छोड़ने आई और हमारा लंड को सहलाते हुए कही, “तुम 10-15 मिनट के बाद हमारे घर आ जाओ, तबतक हमारी बहन सो जाएगी। मैं दरवाजा खुला रखूँगी और तुम चुपचाप चले आना।”
मैं नेहा के घर से बाहर जाकर उसकी कॉलोनी के बाहर तक गया और एक पान वाले से पान खाया और एक मीठा पान नेहा के लिए लिया। फिर करीब 15 मिनट के बाद मैं नेहा के घर गया। बाहर का दरवाजा खुला ही था और मैं चुपचाप उसके घर में घुस गया और दरवाजा धीरे से बंद कर दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वो मेरे पास आई और धीरे से बोली, “प्लीज 10 मिनट और इंतजार करो, मेरी बहन अभी सोई है।”
मैंने नेहा को मीठा पान अपने हाथों से खिला दिया। फिर नेहा करीब 10 मिनट के बाद मेरे पास आई और दोनों कमरों के बीच का दरवाजा धीरे से बंद कर दिया। जैसे ही नेहा ने दरवाजा बंद किया मैं उसके पास पहुँच गया और उसको अपनी बाहों में भर लिया।
नेहा भी हमसे लिपट गई और मेरे होंठों को चूमने लगी। मैं भी उसको जोर से लिपटा लिया और उसकी मखमली होंठों को चूमने लगा। फिर मैंने धीरे से हाथ बढ़ाकर उसकी गोल-गोल ठस चुंची को अपने हाथ में लेकर धीरे-धीरे मसलने लगा। नेहा चुंची मसलाई से ओह! ओह! करने लगी.
और मेरा लंड को पैंट के ऊपर से पकड़कर सहलाने लगी। मैं अब अपना हाथ उसके ब्लाउज के अंदर ले गया और उसकी नुकीली घुंडी (निप्पल) को अपनी उंगली के बीच लेकर मसलने लगा। मैंने अब नेहा के ब्लाउज को खोल दिया और उसकी बूब्स को उसकी ब्रा के ऊपर से दबाने लगा।
नेहा मुझसे लिपटे हुए बोली, “और जोर-जोर से मेरी बूब्स को मसलो, बहुत मजा आ रहा है। तुम्हारे हाथ में जादू है, तुम मेरी बूब्स को दबा रहे हो और मेरी चूत पानी छोड़ रही है।”
मैं उसकी ब्रा का हुक खोलते हुए कहा, “अभी तुमने हमारा हाथ का जादू ही देखा है, मैं अभी तुमको अपना लौड़े का जादू भी दिखाऊँगा,” और मैं उसकी एक चुंची मेरे मुँह में भरकर चूसने लगा। नेहा मेरे से अपनी बूब्स चुसवा कर बहुत गर्माई और जोर-जोर से बड़बड़ाने लगी, “हाय और जोर से मेरी बूब्स मसलो, इनको खूब दबाओ, दबा-दबाकर इनका सारा रस पी जाओ। मुझे बहुत मजा आ रहा है, मेरे पूरे जिस्म में कुछ-कुछ हो रहा है। हाय मुझे इतना मजा कभी नहीं मिला। और दबाओ मेरी बूब्स को।”
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मैं अब नेहा के कपड़े उतार दिए। मैं फिर उसकी चूची को चूसते हुए उसकी पेटीकोट का नाड़ा भी खोल दिया जो कि उसकी चिकनी जाँघ से सरकती हुई नीचे गिर गया। अब नेहा मेरे सामने अपनी सिर्फ पैंटी पहने खड़ी हुई थी। मैं नेहा के पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को अपने हाथों से लेकर मसलने लगा और अपनी एक उंगली से उसकी चूत के छेद को खोदने लगा।
अब नेहा की गर्मी अपनी इंतेहा पर थी और वो पहले मेरा पैंट और फिर मेरा अंडरवियर को खोल दिया। अब मैं नेहा के सामने बिलकुल नंगा खड़ा था। मुझको नंगा कर नेहा मुझसे थोड़ी दूर जाकर खड़ी हो गई और मुझे घूरने लगी और बोली, “हाय! तुम नंगे बहुत सुंदर दिखते हो, तुम्हारा खड़ा हुआ लंड देखने में बहुत ही अच्छा लगता है और कोई भी लड़की या औरत इसको अपनी चूत में लेकर चुदवाना चाहेगी।”
मैं अब नेहा का पास गया और अपनी बाहों में लेकर उससे पूछा, “मुझे कोई और लड़की या औरत से मतलब नहीं है, क्या तुम मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर लेना चाहती हो कि नहीं?”
तब वो बोली, “अरे तुम अभी नहीं समझे, मैं तो कब से तुम्हारे लंड से अपनी चूत की सील फोड़वाना चाहती हूँ। अब जल्दी से तुम हमको चोदो। मेरी चूत में आग लगी है।”
इतना सुनते ही मैंने नेहा की पैंटी उसके चुतड़ के ऊपर से निकाल दिया और फिर पैंटी को उसकी टाँगों से अलग कर दिया। नेहा ने अब झुककर मेरा लंड को गौर से देखने लगी और देखते-देखते ही उसके टोपे पर चुम्मा दिया और फिर उसको अपने मुँह में लेकर चूमने लगी।
मैं तब गर्म होकर बोला, “लंड को सिर्फ चूमो मत, उसको अपनी जीभ से चाटो और जोर-जोर से चूसो।”
नेहा तब बोली, “तुम चुप करो, मुझे अपना वर्क करना आता है और मैं अपना काम कर रही हूँ।”
फिर नेहा ने मेरे लंड के टोपे को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और कभी-कभी उसको अपनी जीभ से चाटने लगी। मुझको अपने लंड चुसाई से रहा नहीं गया और अपना लंड नेहा के मुँह में पेल दिया। नेहा लंड को अपने मुँह के अंदर लेते हुए बोली, “वाह मेरे सनम अभी और पेलो अपना लंड को मेरे मुँह में, बाद में इसको मेरे चूत में डालना।”
अब मैं नेहा को बिस्तर पर लिटा दिया और उसके दोनों पैर फैला दिया। मेरे आँखों के सामने उसकी क्लीन शेव्ड चूत पूरी तरह से खुली हुई थी और मेरे लंड खाने के लिए तैयार थी। मैं अपना उंगली उसकी चूत में पेलकर अंदर-बाहर करने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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नेहा तब जोर से बोली, “हाय, कौन टाइम बर्बाद कर रहे हो, मेरी चूत को उंगली नहीं चाहिए। वो लंड खाने के लिए तरस रही है, उसको अपना लंड खिलाओ।”
मैं बोला, “कौन फिक्र कर रही हो, अभी तुम्हारी चूत और मेरा लंड का मिलन करवा देते हैं। पहले मैं तुम्हारी चूत की रस चख तो लूँ। सुना है कि सुंदर और सेक्सी लड़की के चूत का रस बहुत मीठा होता है।”
तब नेहा बोली, “ठीक है, तुम मेरा चूत चाटो मैं तुम्हारा लंड चूसूँगी,” और हम दोनों 69 पोजीशन लेकर बिस्तर पर लेट गए। अब नेहा की चूत बिलकुल मेरे आँखों के सामने थी। मैंने देखा कि उसकी चूत लंड खाने के लिए लार छोड़ रही थी और उसकी चूत बाहर और अंदर से रस से भीगा हुआ था।
मैंने जैसे ही नेहा की चूत में अपना जीभ घुसेड़ा वो चिल्लाने लगी, “हाय, चूसो चूसो, और जोर से चूसो मेरी चूत को। और अंदर तक अपनी जीभ घुसेड़ो, हाय मेरी चूत की घुंडी को भी चाटो, बहुत मजा आ रहा है। ही मैं अब छूटने वाली हूँ।”
और इतना कहते ही नेहा की चूत गर्म-गर्म मीठा रस छोड़ दिया जिसको कि मैं अपनी जीभ से चाटकर पूरा का पूरा पी गया। उधर नेहा ने अपनी मुँह में मेरा लंड लेकर उसको खूब जोर-जोर से चूस रही थी। अब नेहा का चेहरा चमक रहा था और वो मुस्कुराती हुई बोली, “चूत चुसाई में बहुत मजा आया, अब चूत चुदाई का मजा लेना चाहती हूँ। तुम जल्दी से अपना लंड मेरे चूत में पेलो, अब मुझसे रहा नहीं जाता।”
मैं भी अब रुकना नहीं चाहता था। मैंने अपने हाथों से नेहा के दोनों पैर घुटने से मोड़कर उठा दिया और उनको फैला दिया और नेहा से कहा, “डार्लिंग अपने हाथों से मेरे लंड को अपनी चूत के छेद पर रखो।” नेहा ने मेरे कहने के मुताबिक अपने नाजुक मुलायम हाथों से मेरा फड़फड़ाता हुआ लंड को पकड़कर अपने चूत की छेद के ऊपर रख दिया और बोली,
“हाय अब जल्दी से पेलो, रहा नहीं जाता। आज तुम मेरी चूत चोद-चोदकर उसको भोसड़ा बना दालो। देखते नहीं हो कैसे मेरी चूत लंड खाने के लिए लार टपका रही है?”
तब मैंने उसकी होंठों पर चुम्मा लेते हुए धीरे से अपना लंड का सुपारा नेहा के चूत में घुसाया। वो मेरे लंड अपने चूत में लेने के लिए कमर उचका रही थी। जैसे ही मेरे लंड का करीब 2-3” नेहा के चूत में घुसा, नेहा चिल्लाने लगी, “हाय, मेरी चूत फट रही है। ओओओईई ओओओईई ओह ओह ओई माँ ही मैं मर गई। ओओईई मेरी चूत फट गई ओ ओ ही माँ ओई मेरी चूत फट गई।”
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नेहा की आवाज इतनी तेज थी कि मुझे डर लग रहा था उसकी बहन सुन न ले और जग जाए। मैं उसके मुँह के ऊपर अपना हाथ रख दिया लेकिन वो रो रही थी और बोल रही थी, “मेरी चूत फाड़ दी, ओओईई मेरी चूत फट गई, बाहर निकालो नहीं तो मैं मर जाऊँगी।”
मैं धीरे-धीरे उसकी चुंची को अपने दोनों हाथों से दबाने लगा और अपनी होंठों से उसके होंठों पर चुम्मा दिया। नेहा फिर बोली, “प्लीज बाहर निकालो अपना लंड वरना मैं मर जाऊँगी।”
मैं उसकी दोनों बूब्स थोड़ा जोर देकर दबाने लगा और बोला, “मैं तुम्हें मरने नहीं दूँगा, बस थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा।”
नेहा अपना एक हाथ अपनी चूत पर ले गई और मेरा लंड को पकड़कर बोली, “उफ्फ ये बहुत मोटा है, इसने मेरी चूत फाड़ दी है। ओह मेरी माँआआ! मर गएएएए! मेरी चूत से तुम अपना लौड़ा जल्दी निकालो।” लेकिन मैं कहाँ सुनने वाला था। मैं अपना होंठों से नेहा की होंठों को दबाते हुए एक जोरदार धक्का मारा।
नेहा चिल्ला तो नहीं पाई लेकिन हमको अपने ऊपर से हटाने के लिए हमें अपने हाथों से धकेलने लगी। मैं नेहा को अपने दोनों हाथों से कसकर पकड़ रखा था और इसी दौरान मैंने अपनी कमर उठाकर एक जोरदार धक्का उसकी चूत में और मारा और अपना लंड उसकी चूत में पूरा का पूरा घुस गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं अपना पूरा का पूरा लंड नेहा के चूत में घुसेड़कर चुपचाप पड़ा रहा। मैं उसकी चुंची को कसकर पकड़ लिया और अपना आधा लंड बाहर खींचकर निकाला। जैसे ही मेरा आधा लंड बाहर निकलकर आया मैं फिर से एक धक्का मारा।
नेहा रोने लगी, “ओओईई हाएएए नहीं मैं मर जाऊँगी मेरी चूत फट जाएगी, प्लीज अभी अपने लंड को नहीं हिलाओ।”
करीब 10 मिनट के बाद नेहा ने हमारी आँखों में देखती हुई मुस्कुराकर बोली, “हाय, तुम्हारा वर्क बहुत खराब है। इसमें मेरी चूत फट गई, अब तुम्हारा वर्क और कितना बाकी है?”
मैं उसकी बूब्स को मसलते हुए पूछा, “हाय, मेरी चुदक्कड़ नेहा रानी, लगता है कि तेरी चूत में अब दर्द कम हो गया है और अब वो लंड के धक्के खाने को तैयार है। तो अब मैं शुरू करूँ तेरी चूत की चुदाई?”
नेहा मेरे गाल पर अपने दाँतों से हल्के से काटा और फिर बोली, “हाय, मेरे चोदू राजा, मैं कब से अपनी चूत में तुम्हारे लंड के धक्के खाने के लिए तरप रही हूँ, और तुम पूछते हो चुदाई शुरू करूँ या नहीं? अबे चूतिया गंडू, भोसड़ी के, जब हमें चुदना नहीं था तो मैं कौन तेरे घोड़े के लंड जैसे लंड से अपनी चूत फड़वाती। अब जल्दी से चुदाई शुरू कर और मेरी चूत को भोसड़ा बना। साला चूत में लंड पेलने के बाद पूछता है कि चुदाई शुरू करूँ या नहीं?”
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मैं नेहा को उसके कहने के मुताबिक चुदाई शुरू किया लेकिन उसको अभी भी दर्द हो रहा था और इसलिए वो बड़बड़ा रही थी, “बहनचोद, फाड़ी चूत मुफ्त में चोदने को मिल गई है इसलिए मेरी चूत फाड़ रहे हो।”
मैं उसको चोदना चालू रखा और थोड़ी देर के बाद नेहा को भी मजा आने लगा और अब वो चिल्ला रही थी, “हाय! क्या चुदाई है, और जोर-जोर से मुझे चोदो, अब मेरी चूत में चीटियाँ रेंग रही हैं, हाय! कुछ करो। और जोर से मारो, तुम्हें मेरी कसम मेरी चूत की फिक्र मत करो बस ऐसे ही जोर-जोर से अपना लंड मेरी चूत में पेलते रहो।”
मैं नेहा की बात सुनकर खुश हो गया और उसकी चूत की तरफ देखने लगा। उसकी चूत से बूंद-बूंद कर खून निकल रहा था। मैं समझ गया कि नेहा की चूत अभी तक किसी से चुदी नहीं थी और मैंने इस चूत की सील तोड़ी है। अब मैं पूरे जोश में आ गया और अपनी कमर उछाल-उछालकर नेहा की चूत में अपना लंड पेलने लगा।
नीचे से नेहा भी अपनी कमर उछाल-उछालकर हमारे धक्के का जवाब दे रही थी और बड़बड़ा रही थी, “हाय मेरे चोदू राजा, और जोर से धक्के मारो बहुत मजा आ रहा है। अगर मैं जानती कि चुदाई में इतना मजा है तो मैं बहुत पहले से अपनी चूत में लंड पेलवाती, मारो मारो और जोर से चोदो, कुछ मत रखना अपने पास, सारा का सारा लंड मेरी चूत में डाल दो।”
मैं भी जोर-जोर से नेहा की चूत में अपना लंड पेल रहा था और बड़बड़ा रहा था, “हाय मेरी चुदक्कड़ रानी, ले! ले! अपनी चूत में हमारा लंड ले, खाजा अपनी चूत से मेरा लंड, तेरी चूत में तो दाँत नहीं है तो क्या हुआ अपनी चूत से मेरा लंड चूस-चूसकर इसका सब रस पी जा।”
अब नेहा ने अपनी दोनों टाँगों को मेरे कमर पर रखकर मुझे अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और बोल रही थी, “बस अब कुछ मत बोलो और ऐसे ही चोदते रहो मुझको, मैं अब तुमसे हमेशा ही चुदवाऊँगी, जब भी तुम्हारा लंड खड़ा हो मुझसे बोलना, मैं अपनी चूत तुम्हारे लौड़े के लिए खुली रखूँगी।”
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हम लोग इस तरह एक-दूसरे से बातें करते हुए खूब जमकर चुदाई कर रहे थे और नेहा की चूत से फच-फच की आवाज निकल रही थी। नेहा बोली, “हाय सम! सुन रहे हो, मेरी चूत तुम्हारा लंड खाकर मस्त हो गई है और गाना गा रही है।”
मैं बोला, “हाय मेरी रानी! ये आवाज हम दोनों की चुदाई की आवाज है और तुम्हारी चूत जितना पानी छोड़ेगी आवाज उतना ही मधुर होगा। तुम्हें मेरा लंड की चुदाई पसंद आ रही है ना?”
नेहा अपनी कमर उछलते हुए बोली, “अबे चूतिया, अगर मुझे तुम्हारा लंड और तुम्हारे लंड की चुदाई पसंद नहीं होता तो क्या मैं इस तरह तुम्हारे नीचे नंगी अपनी टाँग उठाई अपनी चूत में तुम्हारा लंड लेती? बस अब बहुत बातें कर चुके अब जरा मन लगाकर जमके हमारी चूत चोदो।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
थोड़ी देर बाद नेहा बोली, “हाय और जोर से चोदो, मेरा पानी छूटने वाला है। आने दो तुम्हारा लंड हमारी चूत में। तुम भी अपने लंड मेरी चूत में झाड़ो, हाय अब मैं झड़ने वाली हूँ, बस ऐसे ही पेलते रहो।”
मैं भी दना-दन नेहा की चूत में अपना लंड पेल रहा था और उससे बोला, “हाय मेरी रानी, मैं भी अब झड़ने वाला हूँ, ले अब ले हमारा लंड का पानी अपनी चूत से पीजा, हाय अब मैं तेरी चूत में अपना लंड का पानी छोड़ने वाला हूँ। अपनी टाँगों को और फैला दे, अपनी हाथों से अपनी चूत को और खोल और अब मैं झड़ने वाला हूँ।”
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इतना कहते ही मैं नेहा के चूत में दो-चार कसकर धक्के मारे और झड़ गया। नेहा की चूत भी हमारे लौड़े के झड़ने के साथ ही झड़ गई और हम लोग एक-दूसरे से चिपटे हुए 10-15 मिनट के लिए पड़े रहे। फिर मैंने अपना लंड नेहा की चूत से निकाला। लंड निकलते ही नेहा की चूत से सफेद पानी की धार निकलने लगी और उसकी गांड से होकर बिस्तर पर गिरने लगी। मैंने नेहा से कहा, “नेहा बिस्तर खराब हो जाएगा और ये दाग बहुत ही मुश्किल जाएगा, अब तुम उठो और जाकर अपनी चूत और गांड को धो लो।”
नेहा मुस्कुराते हुए बोली, “मैं कैसे बाथरूम में जाऊँ, तुमने तो मेरा सारा बदन ही तोड़ दिया, अभी तक मेरे सारे बदन में चुदाई का खुमार चढ़ा हुआ है और फिर बाथरूम हमारी बहन के कमरे से होकर जाना पड़ेगा।” फिर मैंने नेहा की पेटीकोट से उसकी चूत और गांड पोंछ डाली। अब नेहा उठी और मेरे लौड़े को अपने मुँह में लेकर उसको चाटने लगी और नेहा लंड को अपनी जीभ से चाट-चाटकर उसको साफ कर दिया। इस तरह उस दिन हम लोग ने ये चुदाई की।
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