Office Me Group Chudai
मेरा नाम मनीष है। मैं एक कंपनी में अकाउंटेंट हूँ। मेरी उम्र 26 साल है। मैं एक सामान्य कद का हट्टा-कट्टा हैंडसम लड़का हूँ। मेरे अंडर में तीन लड़कियाँ काम करती हैं और तीनों का फिगर बहुत ही सेक्सी है। उनकी चुचियाँ और चूतड़ बहुत फूले-फूले हैं। उनका नाम सुनिधि (25 साल), प्रिया (24 साल) और संजना (24 साल) है। Office Me Group Chudai
सुनिधि और प्रिया मेरे साथ अकाउंट्स देखती हैं और संजना कंप्यूटर ऑपरेटर है। सुनिधि और प्रिया दोनों बदन की भरी हुई हैं। संजना का फिगर शायद 34-36-34 होगा, वो देखने में बहुत ही सेक्सी है। प्रिया का फिगर तो ऐसा है कि पूछो मत। वो एकदम गोरी-चिट्टी, लंबे-लंबे काले बाल, हाइट करीब 5’4″ और फिगर 36-25-38 है।
वो बहुत अट्रैक्टिव है। प्रिया बहुत बड़े-बड़े मम्मों की मालकिन हैं और सुनिधि का फिगर 36-27-36 है। सुनिधि की चुचियाँ भी काफी बड़ी हैं। वो मुझे हमेशा बेचैन करती रहती थीं। उसकी गांड मस्त है, उसकी गांड हर टाइम इधर-उधर हिलती ही रहती है और मैं उसे देखकर बस दीवाना सा हो जाता हूँ।
दोस्तों, लगता है इंट्रोडक्शन बहुत हो गया। अब असली कहानी पर आता हूँ। मेरा काम सबसे ज्यादा सुनिधि में पड़ता था क्योंकि सुनिधि मेरे साथ मेरे ही चैंबर में बैठती थी। इसलिए मैं हमेशा सुनिधि को चोदने के बारे में सोचता रहता था, लेकिन हिम्मत नहीं होती थी।
लेकिन एक दिन मेरी किस्मत ही खुल गई। हुआ यूँ कि मेरे पास ऑफिस में पढ़ने के लिए कुछ गंदी किताबें रखी हुई थीं, जो कभी-कभी मैं पढ़ता रहता था। वो सुनिधि के हाथ लग गईं। उन्हें पढ़कर सुनिधि अपनी चूत की प्यास नहीं रोक सकी और मुझसे चुदवाने के लिए तड़पने लगी।
एक दिन मैं और सुनिधि ऑफिस में अकेले थे। मैं किसी काम से कहीं गया हुआ था। जब मैं ऑफिस में आया तो मैंने देखा सुनिधि मेरी किताबें पढ़ रही है। मुझे देखकर वो घबरा गई। उसे लगा कि उसकी चोरी पकड़ी गई। लेकिन कुछ देर बाद वो हिम्मत करके बोली कि मनीष, मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हूँ।
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वो उस दिन जींस-टीशर्ट में थी। उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया। मेरे लिप्स को वो बुरी तरह से किस करने लगी। मैं भी जोश में आ गया और उसे किस करने लगा। उसे अपनी बाहों में दबाने लगा। उसे मैंने खींचकर सोफे पर ले गया और मैं उसके ऊपर आ गया और उसे चूमना शुरू कर दिया। 10 मिनट तक मैं उसे चूमता रहा।
फिर मैंने उसका शर्ट खोल दिया। उसके बाद मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी। जैसे ही मैंने उसकी ब्रा खोली तो उसके दूध उछलकर बाहर आ गए। मैं उन्हें देखकर दबाने लगा। कितने दिनों के बाद इसके पूरे-पूरे बूब्स देखने को और दबाने को मिले। फिर मैंने उसकी निप्पल को मुँह में रख दिया और चूसने लगा।
वो आह्ह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह्ह कर रही थी। मैं उसे चूसता ही रहा। थोड़ी देर में मैंने उसके शर्ट में हाथ डालना चाहा तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और नीचे अपनी चूत पर रख दिया। मैं कुछ देर तो पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाता रहा। फिर धीरे से अपना हाथ उसके अंडर डाल दिया। ओह्ह्ह्ह स्वर्ग था वहाँ।
मुझे लगा अगर स्वर्ग कहीं है तो यही है। इतना मजा मुझे पहले कभी नहीं आया था। गंदी आदतें शरीर को सुख पहुँचाती हैं इसलिए हम उन्हें छोड़ नहीं पाते। खैर, जैसे ही मैंने हाथ उसकी चूत पर रखा वो सिहर गई। उसकी चूत पर छोटे-छोटे झांटे थे, शायद कुछ दिन पहले ही शेव किया था।
उसने अपनी टाँगें भींच लीं। मैं रुक गया। फिर उसने अपनी टाँगें थोड़ी फैलाईं। वाह्ह्ह उसकी चूत से गंगा-जमुना बह रही थी। बिलकुल गीली-गीली सी थी। मेरी उँगलियों पर उसकी बूर का चिपचिपा रस लग रहा था। बाद में मैंने उसकी जींस खोलकर उसे पैंटी में ला दिया। उसकी चूत बहुत गरम हो गई थी तो उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी।
मैंने पैंटी को निकालकर उसकी चूत को फैलाकर चाटने लगा। वो सिसकारी मार रही थी। आह्ह्हा आआह्ह्हस्स्स श्श्शा आह्स्स्ह्ह्स्स। फिर मैंने एक उंगली उसके छेद में डाली और आगे-पीछे करने लगा। एक बार फिर उसने मेरे हाथ को पकड़कर उंगली को छेद से निकाल लिया और अपनी क्लिट पर रख दिया और थोड़ा रगड़कर बताया यहाँ रब करो।
मैं वैसा ही करने लगा। अब मेरा लंड पैंट के अंदर खड़ा-खड़ा झटके ले-लेकर दुख रहा था। मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया। वो भी शायद यही चाहती थी। तुरंत उसने मेरा लंड पकड़ लिया और पैंट के ऊपर से ही सहलाने लगी। मैंने तुरंत अपनी पैंट का ज़िप खोला और पूरा लंड उसके हाथ में दे दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
एक बार फिर उसने मेरी तरफ देखा, मुस्कुराई और वो मेरे लंड का साइज़ माप रही थी। फिर उसने धीरे सहलाने लगाई। अब मैं उसकी खुली चूत सहला रहा था और वो मेरा खुला लंड। वो मेरे लंड को हाथ में लेकर खींच रही थी और कसकर दबा रही थी। फिर सुनिधि ने कमर को ऊपर उठा लिया और मेरे तने हुए लंड को अपनी जाँघों के बीच लेकर रगड़ने लगी।
वो मेरी तरफ करवट लेकर लेट गई ताकि मेरे लंड को ठीक तरह से पकड़ सके। उसकी चुचियाँ मेरे मुँह के बिलकुल पास थीं और मैं उन्हें कस-कसकर दबा रहा था। अचानक उसने अपनी एक चुची मेरे मुँह में ठेलते हुए कहा, “चूसो इनको मुँह में लेकर।” मैंने उसकी एक चुची मुँह में भर लिया और जोर-जोर से चूसने लगा।
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और दूसरे हाथ से उसकी दूसरी चुची को दबाने लगा। सुनिधि मुँह से अजीब-अजीब आवाज़ निकाल रही थी। आह्ह्हा स्स्शा मनीष दबाओ प्लीज़ चूसो इनको जोर से दबाओ बहुत मज़ा आ रहा है आआह्ह्ह्स्स्स। मेरी जीभ उसके करे निप्पल को महसूस कर रही थी।
मैंने अपनी जीभ को उठे हुए करे निप्पल पर घुमाया। मैंने दोनों अनारों को कसके पकड़े हुए था और बारी-बारी से उन्हें चूस रहा था। मैं ऐसे कसकर चुचियों को दबा रहा था जैसे कि उनका पूरा-का-पूरा रस निचोड़ लूँगा। सुनिधि भी पूरा साथ दे रही थी। मुझसे पूरी तरह से सटे हुए वो मेरे लंड को बुरी तरह से मसल रही थी और मरोड़ रही थी।
उसने अपनी लेफ्ट टाँग को मेरे कंधे के ऊपर चढ़ा दी और मेरे लंड को अपनी जाँघों के बीच रख लिया। मुझे उसकी जाँघों के बीच एक मुलायम रेशमी एहसास हुआ। ये उसकी चूत थी। और मेरा लंड का सुपारा उसकी झांटों में घूम रहा था। मेरा सब्र का बाँध टूट रहा था।
मैं सुनिधि से बोला, “सुनिधि मुझे कुछ हो रहा है और मैं अपने आप में नहीं हूँ, प्लीज़ मुझे बताओ मैं क्या करूँ?”
सुनिधि बोली, “करो क्या, मुझे चोदो, फाड़ डालो मेरी चूत को।”
मैं चुपचाप उसके चेहरे को देखते हुए चुचियाँ मसलता रहा। उसने अपना मुँह मेरे मुँह से बिलकुल सटा दिया और फुसफुसाकर बोली, “तुम आज मुझे अपनी रानी बना लो।” सुनिधि हाथ से लंड को निशाने पर लगा कर रास्ता दिखा रही थी और रास्ता मिलते ही मेरा लंड एक ही धक्के में सुपारा अंदर चला गया।
इससे पहले कि सुनिधि संभले या कुछ बोले, मैंने दूसरा धक्का लगाया और पूरा-का-पूरा लंड मक्खन जैसे चूत की जन्नत में दाखिल हो गया। सुनिधि चिल्लाई, “उईई माँ मर गई ईई ईई माँ ओह मनीष, ऐसे ही कुछ देर हिलना-डुलना नहीं, ही! बड़ा जलिम है तुम्हारा लंड। मार ही डाला मुझे तुमने मेरे राजा।”
सुनिधि को काफी दर्द हो रहा था। पहली बार जो इतना मोटा और लंबा लंड उसके बूर में घुसा था। मैं अपना लंड उसकी चूत में घुसाकर चुपचाप पड़ा था। सुनिधि की चूत फड़क रही थी और अंदर ही अंदर मेरे लौड़े को मसल रही थी। उसकी उठी-उठी चुचियाँ काफी तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रही थीं।
मैंने हाथ बढ़ाकर दोनों चुचियाँ को पकड़ लिया और मुँह में लेकर चूसने लगा। तब सुनिधि को कुछ राहत मिली और उसने कमर हिलानी शुरू कर दी और मुझसे बोली, “मनीष अब चोदना शुरू करो।” मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ पूरा-का-पूरा अंदर चला गया। फिर सुनिधि बोली, “अब लंड को बाहर निकालो।”
लेकिन मैंने मेरा लंड धीरे-धीरे सुनिधि की चूत में अंदर-बाहर करने लगा। मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और तेज़ी से लंड अंदर-बाहर करने लगा। सुनिधि को पूरी मस्ती आ रही थी और वो नीचे से कमर उठा-उठाकर हर शॉट का जवाब देने लगी। रसीली चुचियाँ मेरी छाती पर रगड़ते हुए उसने गुलाबी होंट मेरे होंट पर रख दिए और मेरे मुँह में जीभ ठेल दी।
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चूत में मेरा लंड समाए हुए तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रहा था। मुझे लग रहा था कि मैं जन्नत पहुँच गया हूँ। जैसे-जैसे वो झरने के करीब आ रही थी उसकी रफ्तार बढ़ती जा रही थी। कमरे में फच-फच की आवाज़ गूँज रही थी। मैं दनादन शॉट लगा रहा था। सुनिधि ने अपनी टाँग को मेरी कमर पर रखकर मुझे जकड़ लिया और जोर-जोर से चूतड़ उठा-उठाकर चुदाई में साथ देने लगी।
मैं भी अब सुनिधि की चुचियाँ को मसलते हुए ठका-ठक शॉट लगा रहा था। कमरा हमारी चुदाई की आवाज़ से भरा पड़ा था। सुनिधि अपनी कमर हिला कर चूतड़ उठा-उठाकर चुद रही थी और बोल जा रही थी, “अह्ह्ह आआह्ह्ह उन्ह्ह्ह ओओह्ह ओओओह्ह्ह हाँ हााई मेरे राज्जा, माँआर गय्य्ये रे, लल्ला चोओओद रे चोओओओद। चोदो मुझे। लेलो मज़ा जवानी का मेरे राज्जा।” और अपनी गांड हिलाने लगी।
मैंने लगातार 30 मिनट तक उसे चोदा। मैं भी बोल रहा था, “मेरी रानी, ले मेरा लौड़ा अपनी ओखली मे। बड़ा तड़पाय्या है तुने मुझे। ले मेरी रानी यह लंड अब्ब्ब्ब तेरा ही है। अह्ह्ह्ह उउह्ह्ह्ह क्या जन्नत का मज़ाआ दिय्या है तुने। मैं तो तेरा गुलाम हो गय्या।” सुनिधि गांड उछाल-उछालकर मेरा लंड अपनी चूत में ले रही थी और मैं भी पूरे जोश के साथ उसकी चुचियों को मसल रहा था।
सुनिधि मुझे ललकार कर कहती, “लगाओ शॉट मेरे राजा?” और मैं जवाब देता, “ये ले मेरी रानी ले ले अपनी चूत में।” “ज़रा और जोर से सरकाओ अपना लंड मेरी चूत में मेरे राजा।” “ये ले मेरी रानी, यह लंड तो तेरे लिए ही है।” “देखो राज्जा मेरी चूत तो तेरे लंड की दीवानी हो गई, और जोर से और जोर से आआएए मेरे राज्जा। मैं गयी रे।” कहते हुए सुनिधि ने मुझे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसकी चूत ने ज्वालामुखी का लावा छोड़ दिया।
अब तक मेरा भी लंड पानी छोड़ने वाला था और मैं बोला, “मैं भी आया मेरी जाँन।” और मैंने भी अपना लंड का पानी छोड़ दिया। फिर हम लोगों ने अपने-अपने कपड़े पहने। सुनिधि की हालत उस दिन बहुत खराब थी। वो चल नहीं पा रही थी। उस दिन मैंने सुनिधि को उसके घर तक छोड़ा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
सुनिधि फिर तीन दिनों तक ऑफिस नहीं आई। तीन दिन बाद जब सुनिधि ऑफिस आई तो वो बहुत बुझी-बुझी सी थी। वो बोली कि मेरे घरवालों को शक हो गया है कि मैं कोई गलत काम कर रही हूँ इसलिए आज के बाद मैं तुमसे नहीं चुदवाऊँगी। लेकिन मैंने कहा अगर तुम मुझसे नहीं चुदवाओगी तो कुछ ऐसा करो कि मैं संजना को चोद सकूँ।
तो उसने कहा मैं कोशिश करूँगी और फिर उसने अपना ट्रांसफर किसी और सेक्शन में करवा दिया। सुनिधि के बिना मेरा मन अब ऑफिस में नहीं लगता था। मैं हमेशा उदास रहता था। एक संडे मार्च एंडिंग के कारण मैं ऑफिस में काम कर रहा था तो मुझे प्रिया का फोन आया कि क्या तुम कुछ देर के लिए मेरे घर आ सकते हो, मुझे कुछ ज़रूरी काम है।
मेरे बहुत पूछने पर भी उसने मुझे काम नहीं बताया और कहा कि तुम आज कभी भी टाइम निकालकर प्लीज़ मेरे घर ज़रूर आना। मैं शाम तक तो ऑफिस में ही काम करता रहा। शाम को करीब पाँच बजे मैं प्रिया के घर पहुँचा। मैंने प्रिया के घर की डोर बेल बजाई। प्रिया ने आकर दरवाज़ा खोला।
मुझे अंदर हॉल में बिठाकर वो किचन में चली गई। घर में और कोई नहीं था। प्रिया ने बताया कि उसके घरवाले उसकी कजिन के घर शादी में गए हैं। थोड़ी देर बाद वो मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक लेकर वापस आई और मेरे पास आकर सोफे पर बैठ गई।
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जब मैंने प्रिया से पूछा कि मुझे क्यों बुलाया है तो उसने कहा कि मुझे अकाउंट्स में कुछ प्रॉब्लम है, क्या तुम मुझे थोड़ी देर पढ़ा सकते हो। उसके हाथ में अकाउंट्स की बुक थी। हम करीब 2 घंटे तक पढ़ते रहे। उसे जो भी अकाउंट्स में प्रॉब्लम थी मैंने सब क्लियर कर दी।
पढ़ते वक्त मेरा हाथ 2-3 बार उसकी चुचियों पर टच हो गया था लेकिन मैंने उस तरफ ध्यान नहीं दिया। जब मैं जाने लगा तो प्रिया ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे बिठा दिया और कहा थोड़ी देर रुक जाओ बाद में चले जाना। मुझे उसका हाथ पकड़ना अच्छा लगा।
मैंने जब प्रिया की तरफ देखा तो उसने एक नॉटी सी स्माइल दी। फिर मैं इससे पहले कुछ कहता वो मुझसे सटकर बैठ गई। सोफे पर बैठ गई। टीवी ऑन कर दिया और एचबीओ चैनल सेट कर दिया। इंग्लिश मूवी चल रही थी। मैंने प्रिया से पानी लाने को कहा।
वो मेरे लिए पानी लेकर जब वापिस आई तो वो अपनी टी-शर्ट उतार चुकी थी। उसके व्हाइट बूब्स के ऊपर ब्लैक ब्रा थी। उसने इशारों में मुझे अपने पास बुलाया लेकिन मैंने कहा नहीं प्रिया ये ठीक नहीं है। उसने बोला नहीं मनीष आई लव यू आई वांट टू फील यू।
उसके मुँह से अपना नाम सुनकर मैं हैरान रह गया। वो बोली इस दिन का मैं कुब से इंतज़ार कर रही थी। मैंने बोला नहीं तुम्हारे घरवालों को पता चल जाएगा। वो बोली उन्हें नहीं पता चलेगा वो घर पर नहीं हैं। जब मैं नहीं माना तो उसने कहा मनीष अगर तुम नहीं आए तो मैं चिल्लाऊँगी कि तुम मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की है।
मैं डर गया। फिर कुछ सोचकर मैं उसके पास आ गया। जैसे ही मैंने उसकी तरफ देखा प्रिया ने मुझे किस करना शुरू कर दिया। मेरा लंड टाइट हो गया और उसने मेरे गले में बाहें डाल दीं। मैं उसे चूमने लगा। उसने अपनी ब्रा उतार दी। उम्म क्या बूब्स थे उसके। मैं उसके बॉल चूसने लगा।
वो बोली और ज़ोरसे चूसो आज मैं डूब जाना चाहती हूँ। मैं सक करता हुआ नीचे आ गया। उसने अपनी स्कर्ट भी उतार दी। अब वो सिर्फ पैंटी में थी। उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए और एक-एक बटन खोलते हुए मुझे किस करने लगी। अब मैं सिर्फ अंडरवियर में था और वो पैंटी में।
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उसने मेरा अंडरवियर उतारकर मेरा लंड निकाल लिया और रब करने लगी। मेरा लंड हार्ड हो गया। मेरा लंड देखकर प्रिया हैरान हो गई। मेरा लंड बहुत बड़ा और चौड़ा है। मैंने झट से उसके बाल पकड़के लंड उसके मुँह में डाल दिया। मेरा लंड वो तेज़ी से चूस रही थी जैसे एक बच्चे को लॉलीपॉप मिल गया हो।
सो जब वो सक कर रही थी मुझे जन्नत का मज़ा आ रहे थे। मैं आह्ह्ह आआआह्ह्ह उउम्म्म करने लगा। थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था। मैंने प्रिया से कहा तो वो और जोर से चूसना शुरू कर दी। मुझे लगा कि मेरा छूटने वाला है सो मैं बाहर निकालने लगा पर उसने कहा नहीं मेरे मुँह में ही कर दो। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने पूरा वीर्य उसके मुँह में ही निकाल दिया। उसने सारा जूस पी लिया। थोड़ा सा उसके लिप्स पर गिर गया। उसने उसे भी अपनी जीभ से चाट लिया। मुझे इतनी सैटिस्फैक्शन कभी भी लाइफ में नहीं मिली। मैंने उसे बोला कि बेडरूम में चलते हैं। वो जंप करके मेरी गोद में आ गई.
और उसने अपनी दोनों टाँगें मेरी कमर में डाल दीं और मैं उसे सक करता हुआ रूम में लेकर बेड पर पटक दिया और उसने मुझे इशारे से अपने पास बुलाया। मैं उसके पास गया। उसने कहा आज मैं तुमसे खूब चोदवाऊँगी इतनी दिनों से तड़पाया है तुमने। फिर वो बेड पर लेट गई और उसने अपनी टाँगें खोल दीं। बोला कि मेरी पुस्सी लिक करो।
मैंने जब बोला नहीं तो बोली नहीं करोगे तो मैं चिल्लाऊँगी। उसने मेरा मुँह जोर से अपनी पुस्सी में डाल दिया। उसके बाद मैंने उसकी चूत चाटना शुरू किया। प्रिया की चूत एकदम साफ थी। मैंने जैसे ही अपनी जीभ उसके चूत के दाने पर घुमाई वो बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लगी और चिलाने लगी आह्ह और जोर से और ज़ोरसे उम्म्म मुझे मज़ा आ रहा है।
मैं भी जोर से उसे चूसने लगा। मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा। साची उसकी चूत एकदम टाइट थी। जैसे ही उसके चूत का जूस निकला वो मदहोश होकर लेट गई। मैं भी पास ही लेट गया और उसके शरीर पर हाथ फेरने लगा। इतनी देर में मेरा लंड फिर खड़ा हो गया।
उसने देखा तो उसकी आँखों में चमक आ गई। प्रिया बोली आज मुझे जन्नत का मज़ा दे दो। मेरे चूत के दीवाने आज मुझे जी भरके चोदो। मैंने जैसे ही अपना लंड उनकी चूत में डालना शुरू किया वो तिलमिला उठी। उनकी चूत वाकई में बहुत टाइट थी। मैंने धीरे-धीरे लंड डालना शुरू किया तो लंड थोड़ा सा अंदर चला गया।
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मैंने झट से जोरदार झटका मारा और आधा लंड उसकी चूत में जा अटका। उसके मुँह से जोर की वीर्य निकली और चूत से खून। मैंने फिर कहा रुक था। मैं तूफान की तरह चोद रहा था। उसकी चूत का पानी निकलके खून से मिल गया। फिर मैंने उसकी टाँगें ऊपर की और जोर लगाकर पूरा लंड अंदर डाल दिया।
वो दर्द से चिल्लाई। मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया। पर पहली बार चुदने के कारण उसे बहुत दर्द हो रहा था। उसने मेरे हाथ पर काट भी दिया। पर उस टाइम तो मैं जोश में था। मैंने उसे 30 मिनट तक नॉन स्टॉप चोदा। मेरा तो पानी ही नहीं निकल रहा था। मैं और जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया।
वो अह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह मनीष चोद मुझे चोद हाँ उउह्ह्ह चिला रही थी। मैंने फिर अपना लंड निकालके उसकी गांड में डालना शुरू किया। उसकी गांड तो एकदम पैक थी। मैंने थोड़ा सी निविया क्रीम लगाया और लंड डालना शुरू किया। जैसे ही मैंने अपना लंड पूरा का पूरा उसकी गांड में डाला प्रिया की चूत से पिसाब निकल गया और वो रोने लगी।
मैं पागलों की तरह उसे चोद रहा था। फिर धीरे-धीरे मैं धक्के लगाने लगा। अब तक उसका जूस निकल आया था और उसे मज़ा आने लगा। वो चिला रही आह आह और ज़ोरसे और ज़ोरसे उम्म्म। मैं भी जोर से धक्के लगाने लगा। वो झड़ चुकी थी पर मैं जोर-जोर से फक करता रहा।
आखिर में एक घंटे के बाद मेरा पानी निकला। इस तरह हमने उस दिन बहुत एंजॉय किया। उसके बाद हम एक साथ नहाए भी। बाथरूम में मैंने उसके साथ एक बार फिर अस फक किया। मैं जब बाथरूम से बाहर निकला तो मैंने देखा कि सामने संजना खड़ी है। मेरे तो होश ही उड़ गए क्योंकि उस समय प्रिया और मैं बिलकुल नंगे थे।
इससे पहले कि संजना कुछ बोलती मैं संजना को पकड़कर रूम में ले गया। वहाँ जाकर मैंने सबसे पहले उसके कपड़े उतारना शुरू किए। उसके चुचियाँ देखकर तो मेरे होश ही गुम हो गए। बाहर से कुछ और अंदर से कुछ और। मैं तो बस उन्हें देखते ही पागल हो गया और जोर-जोर से उन्हें दबाने लगा।
वो सिसकियाँ भरती रही। उसने कहा नहीं प्लीज़ ऐसा कुछ मत करो मुझे जाने दो। मगर मैं समझ गया कि अब ये नखरे कर रही है। पर मैं कहाँ रुकता। जैसे ही वो बोलती मैं उसके लिप्स को चूमने लगता। फिर वो जोश में आ जाती तो फिर मैं अपना काम शुरू कर देता।
अब मैं और वो बिलकुल नंगे थे एक-दूसरे के सामने। उसने मेरा लंड देखा तो सोच में पड़ गई। कहने लगी ओ दैया इतना बड़ा लंड है आपका मैं तो मार ही जाऊँगी। मैंने कहा पहले-पहले दर्द होगा लेकिन फिर बाद में मज़ा आने लगेगा। अब मैं संजना को बेड पर लिटा दिया और मैं उसकी जाँघ पर बैठ गया।
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मैंने जैसे ही उसकी चूत को देखा मुझे कुछ देर तक विश्वास ही नहीं हुआ कि इतनी सुंदर भी किसी की चूत हो सकती है। मैंने अब देर करना उचित नहीं समझा और पहले तो उंगली करने लगा कि जिससे कि वो गरम हो जाए और लंड मांगने लगे। अचानक मैंने उंगली करने की रफ्तार कुछ बढ़ा दी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वो बिलकुल बिन पानी की मछली की तरह तड़प रही थी। फिर अचानक मेरी नज़र पास में रखे हेयर ऑयल पर पड़ी। मैंने बॉटल में से ऑयल लिया और पहले तो उसकी चूत पर लगाया और मैं उसकी चूत में अपना लंड मिलाकर पहले तो मैंने हल्का सा झटका मारा तो वो चिल्ला उठी ओईई माँ मर गई आआआ ओओओ आराम से प्लीज़।
वो एक अजीब सी आवाज़ निकाल रही थी। मैंने जैसे ही लंड को चुद में डालने के लिए पुश किया उनका हाथ चुद को फैलाने के लिए पहुँच गए। मैंने रुक गया और फिर उसके लिप्स को चूमने लगा। कुछ देर रुक कर फिर से मैंने 1 झटका दिया। कुछ इंच तो अंदर घुसा लेकिन उसे काफी दर्द हो रहा था तो मैं वहीं रुक गया।
लंड को उसकी चूत में कुछ देर के लिए रोक दिया। कुछ देर रुकने के बाद मैंने फिर से 1 झटका दिया तो उसके मुँह से आआह्ह्ह्ह की आवाज़ निकल गई। मैंने अपने लंड के अगले हिस्से को उसके चुद के अंदर पाया। अब उसके दोनों पैरों को थोड़ा सा फैला दिया। मैंने उसके दोनों चुचियों को अपने मुँह में बारी-बारी से लेकर चूसने लगा।
अब उसने अपने दोनों बाज़ू को मेरी पीठ पर रगड़ना शुरू कर दिया। मैंने धीरे-धीरे अपने लंड को उसके चुद में डालने के लिए जोर-जोर से झटके मारने लगा। मेरा आधा लंड उसके चूत में घुस गया। अब मैंने 1 ज़ोर का धक्का दिया वो ज़ोर से चिल्लाई आआईई मार गई माँ ओओओ मार डाला आपने।
मैंने कहा अभी तुम्हें मज़ा आने लगेगा। मुझसे नहीं रुका गया। अब मैंने स्पीड को थोड़ा और बढ़ाने के लिए सोचा। मैंने अपने लंड को थोड़ा सा बाहर खींचा और ज़ोर का झटका मारा तो वो बुरी तरह से काँप उठी और चिल्लाते हुए आह्ह्ह नाा इआा की आवाज़ निकाली और अपने हाथ से मेरे लंड को निकालने के लिए कोशिश कर रही थी।
मैंने उनके हाथ को खींच लिया और कमर को हिलाना जारी रखा। कुछ देर के बाद वो शांत हो गई। अब मेरा हौसला और बढ़ा। मैंने एक ज़ोर का झटका मारा तो उनकी हालत बिलकुल ही बर्दाश्त से बाहर हो गई। वो बोली प्लीज़ निकाल्ल दोआह्ह्ह नाह्ही ह्हाा उआा हाा। मैंने अपने पूरे लंड को उसके चुद में डाल चुका था।
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अब मैंने उसके होठों को चूसना शुरू कर दिया और दोनों हथेलियों में उसके दोनों बूब्स को पकड़के मसलना शुरू कर दिया। फिर कुछ देर में उसे भी मज़ा आने लगा लेकिन मेरा लंड कुछ ज़्यादा ही बड़ा था लेकिन अब मैं नहीं रुक सकता था। मुझे किसी की परवाह नहीं थी। मैं ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा।
वो चिल्लाती रही। बार-बार बोलती रही प्लीज़ रुको मुझे दर्द हो रहा है प्लीज़ रुको। मगर मैं नहीं रुका। फिर वो भी खामोश हो गई। अब उसे भी मज़ा आने लगा था और वो मुझे कमर उठा-उठाकर रिप्लाई भी करने लगी। वो पूरी तरह से मेरा लंड ले रही थी। मैं अपनी पूरी ताकत से धक्के मार रहा था।
बस वो तो अपनी आँखें बंद करके आआह उह्ह्ह्ह इएए उफ्फ करे जा रही थी। मैं बार-बार उसके लिप्स को चूमता रहता। उसके लिप्स कुछ ज़्यादा ही नर्म थे। बार-बार मैं उन्हें पेप्सी समझकर पीता रहता था। बिलकुल लात थे लिप्स। मैंने चूम-चूमके सुर्ख लाल कर दिए। वो भी अब शांत होने लगी।
फिर मैंने सोचा क्यों न फिल्मी अंदाज में इसकी चूत मारी जाए। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसकी चूत में पीछे से अपना लंड जब डाला तो बस उसकी हालत तो ऐसी हो गई जैसे अभी मार जाएगी क्योंकि लंड का साइज़ कुछ ज़्यादा ही बड़ा था और उसकी कुँवारी चूत थी तो बर्दाश्त करना कुछ ज़्यादा मुश्किल था।
लेकिन बंदी ऐसी थी अब कुछ भी नहीं बोल रही थी। मैंने उसे घोड़ी के पोज़िशन में उसकी कमर को पकड़के धक्के देना शुरू किए। उसकी कमर पर मेरी पकड़ कुछ मस्त थी इसलिए धक्के देने में कुछ ज़्यादा ही मज़ा आ रहा था। मैं जब तक धक्के देता था मैंने सोचा अब किसी और पोज़ में चूत मारी जाए।
फिर मैं बेड पर लेट गया और लंड को सीधा किया और उससे कहा कि अब तुम मेरे लंड पर बैठो। वो आराम-आराम से उठी और जैसा मैंने कहा था वैसा ही करने लगी। मुझे पता था इस पोज़ में चूत मारने का मज़ा ही कुछ और होता है। इस पोज़ में लड़की की जान निकल जाती है जब पूरा लंड अंदर जाता है। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
पहले तो वो मेरे लंड पर आराम से बैठ गई और मेरा पूरा लंड अंदर ले गई। फिर कुछ देर रुकी रही। फिर अचानक खुद ही धक्के देने लगी। मुझे और मज़ा आने लगा और मैं नीचे से भी धक्के देने लगा। वो भी धक्के दे रही थी और मैं भी। फिर मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ।
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मैंने उसकी गीली चूत में और और और ज़ोर-ज़ोर से धक्के देना शुरू कर दिए। जैसे ही मैं झड़ने वाला था मैंने उसे पकड़के लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़के बैठ गया और उसकी चुचियों के ऊपर झड़ दिया और थक के उसके बराबर में लेट गया। फिर उसने अपने ब्रेस्ट को कपड़े से साफ किया और मेरे ही बराबर में लेट गई। कुछ देर तक उसके साथ लेटे रहने के बाद मैं उठके बैठ गया और जब मैंने चूत को हाथ से छुआ तो देखा कि वो काफी सूज गई थी। मैं बुरी तरह से थक गया था।
इसके चलते मुझे नींद आ रही थी। मैं वहीं उसके बगल में सो गया। हम 30 मिनट तक आराम से लेटे रहे। फिर मैं उठा और फिर से उसके लिप्स को चूमने लगा। काफी देर तक चूमने के बाद मैं हट गया और फिर मैंने कपड़े पहनने शुरू किए। टाइम काफी हो रहा था। वो भी जल्दी से अपने कपड़े पहनने लगी। प्रिया ये सब बाहर खड़ी होकर देख रही थी। अब हम सब लोग बाहर सोफे पर आकर बैठ गए थे। तब प्रिया और संजना ने बताया कि जब से सुनिधि ने उन्हें हमारी चुदाई की बात बताई थी तब से वो दोनों मुझसे चुदवाना चाहती थीं।
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