Newly Wed Bhabhi Ki Chudai
ये उस समय की बात है जब मैं 19 साल का था। सामने हमारे ही जाति के लोग रहते थे। उनकी नई-नई शादी हुई थी। उनका नाम संबित था और उनकी बीवी का नाम कंगना था। वो बहुत ही सेक्सी और हॉट थी। कंगना को मैं प्यार से “भाभी जान” कहकर बुलाता था और वो भी मुझसे अच्छी बातें करती थी। Newly Wed Bhabhi Ki Chudai
मगर वो कभी मेरा नाम नहीं बोलती थी, जैसे मैं उनका पति हूँ वैसे ही मुझे “आप”, “लीजिए” जैसे शब्दों से बुलाती थी। वो बहुत ही सेक्सी लगती थी। उनका फिगर 31-30-32 था। संबित उनको बहुत चोदता था। कभी-कभी रात में जब मैं बाहर निकलता था तो उनके घर से हमेशा कराहने की आवाज़ें आती थीं।
रात को भाभी “आआह्ह्ह… ओओह्ह्ह… उफ्फ्फ… उफ्फ्फ…” जैसी आवाज़ें निकालती थीं। मैं ये सब सुनकर बहुत गर्म हो जाता था और वहीं खड़े-खड़े ही मुठ मारता था। मगर ये सब कुछ महीनों तक ही चला। बाद में जब मैं रात को बाहर निकलता तो कभी-कभी भाभी संबित को जगाती हुई आवाज़ें आती थीं।
संबित भाभी को चोद-चोदकर थक गया था। मगर भाभी की प्यास तो बुझती ही नहीं थी। बहुत दिनों से भाभी को देखकर मुठ मारता रहा। अब मैं उनको चोदने की तरकीब खोजने लगा। भाभी गाँव की रहने वाली थीं। इसलिए उनके यहाँ एक भैंस रखी थी। उनका दूध का कारोबार था।
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संबित भाई टीचर थे। मगर भाभी को ये दूध का कारोबार अच्छा लगता था। एक बार ऐसा हुआ कि संबित भाई स्कूल गए थे, भाभी अकेली थीं और उनकी भैंस को कृत्रिम वीर्यदान करने वाला आया था। उनकी भैंस किसी मर्द के सिवा मानती नहीं थी। घर पर मैं अकेला था। तो भाभी मुझे बुलाने के लिए आईं और बोलीं, “तुम फ्री हो?”
मैंने कहा, “हाँ, क्यों?”
उन्होंने कहा, “कुछ लोग भैंस को वीर्यदान करने आए हैं, तो ज़रा भैंस को पकड़ने में मेरी मदद करो ना।”
मैंने कहा, “भैया कहाँ हैं?”
तो बोलीं, “वो तो स्कूल पर गए हैं और आज उनके एक दोस्त के यहाँ रात को पार्टी रखी है, तो वो रात को घर नहीं आने वाले।”
और ये बात कहते वक़्त वो मुझे बहुत ही सेक्सी नज़रों से देख रही थीं। मुझे लगा आज काम बन जाएगा।
तो मैंने भी कहा, “ठीक है, मैं आता हूँ।”
वो “थैंक्स” कहकर एक सेक्सी मुस्कुराहट देती हुई चली गईं।
मैं वहाँ गया तो भैंस को बाँधकर वीर्यदान करने वाले भैंस की भोस में हाथ डालकर चेक कर रहे थे। तब मैंने देखा कि भाभी मुझे बहुत ही हॉट नज़र से घूर रही थीं। और तब मेरा 7 इंच का लंड खड़ा हो जाने की वजह से मेरे पैंट में से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। भाभी की नज़र मेरे लंड पर थी। मैंने उनको देखा तो वो शर्मा गईं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वो लोग चले जाने के बाद मैंने अपने हाथ धोने के लिए पानी माँगा तो वो कहने लगीं, “आओ ना घर में आकर बाथरूम में हाथ धो लो, मैं पानी लाती हूँ।”
वो पानी लेकर आईं और मेरे हाथ पर पानी डालने के लिए जैसे ही नीचे झुकीं तो उनका पल्लू खिसक गया और उनके बूब्स दिखाई देने लगे। उनके बूब्स बहुत बड़े-बड़े थे। क्या सेक्सी लग रही थीं उस वक़्त, वो कि बात न पूछो। फिर उन्होंने अपने हाथ धोकर बाहर आईं तो मैंने जानबूझकर पूछा, “वो लोग क्या कर रहे थे?”
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वो बोलीं, “तुम्हें नहीं पता?”
मैंने कहा, “नहीं तो।”
तब वो बोलीं, “ऐसा करने से बच्चा पैदा होता है।”
मैंने कहा, “इंसान को भी ऐसा करना पड़ता है?”
उन्होंने कहा, “हाँ, मगर इंसान को हाथ डालने से नहीं होता। पुरुष को अपना लंड स्त्री की भोस में डालना पड़ता है।”
उनके मुँह से ऐसे शब्द सुनकर मैं तो पागल हो गया।
तब वो बोलीं, “तुमने कभी सेक्स किया है?”
मैंने कहा, “किया मगर जब छोटा था तब। मगर अब बड़े होने के बाद नहीं किया।”
फिर मैंने कहा, “तो क्या भैया भी आपको करते ही होंगे ना?”
वो बोलीं, “हाँ करते थे मगर अब तो थककर आते हैं और एक पेग मारकर सो जाते हैं।”
ऐसी बातें करते वक़्त वो बहुत गर्म हो चुकी थीं और बार-बार अपनी चूत रगड़ रही थीं।
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फिर मैंने कहा, “तो क्या आपका मन नहीं करता?”
भाभी ने कहा, “करता तो है लेकिन…”
ऐसा बोलकर वो चुप हो गईं।
ऐसी बातें करने से मुझमें हिम्मत आ गई थी और मैं उनके पास जाकर बैठ गया और कहा, “भाभी एक बात कहूँ?”
वो बोलीं, “कहो ना।”
मैंने कहा, “मुझे आप बहुत पसंद हो।”
ऐसा सुनकर वो हकबका गईं और बोलीं, “क्या आप भी ऐसी बातें करते हो?”
मैंने कहा, “मुझे सच्ची में अच्छी लगती हो।”
वो बोलीं, “कई दिनों से मैं भी आपको पसंद करने लगी हूँ और जब भी आपको देखती हूँ मेरा मन आपसे चुदवाने का होता है।”
ऐसा सुनकर मैं खुश हो गया और मैंने कहा, “आज भैया घर पर नहीं हैं तो मैं शाम को जब मेरे मोबाइल की रिंगटोन बजाऊँगा तुम अपने घर का दरवाज़ा खोल देना।”
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उन्होंने कहा, “ठीक है।”
ऐसा कहकर मैं घर चला गया और रात को खाना खाकर बाहर ही सो गया। रात के करीब 1:00 बजते ही मैं भाभी के घर के पास गया और अपनी रिंगटोन बजाई। तो वो सुनकर तुरंत आईं और दरवाज़ा खोल दिया। दरवाज़ा खुलते ही मैंने देखा कि भाभी बहुत ही सेक्सी लग रही थीं.
और उन्होंने ऐसी साड़ी पहनी थी कि उनके बूब्स बिल्कुल साफ़ दिखाई दे रहे थे। फिर उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर घर में खींच लिया और अपने कमरे में ले गईं। कमरे में जाते ही भाभी ने दरवाज़ा बंद कर दिया और मेरे होंठ चूमने लगीं और बोलने लगीं, “जीगर, अब मैं हमेशा के लिए तुम्हारी हूँ। अब तुम मुझे इतना चोदो कि मेरी चार महीने की प्यास बुझ जाए और मुझे बच्चा भी हो जाए।”
और ऐसा कहते हुए वो मुझे “आई लव यू-ऊ-ऊ” बोलने लगीं। मैं भी किस करते-करते उनको रिस्पॉन्स देने लगा। फिर हम दोनों बेड पर लेट गए और एक-दूसरे के कपड़े उतारने लगे। मैंने भाभी का ब्लाउज़ खोला तो उनकी ब्रा में छुपे बूब्स बाहर आने को तरस रहे थे। मैंने उनकी ब्रा भी निकाल दी। अब हम दोनों एकदम नंगे थे।
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क्या दिख रही थीं भाभी! फिर हमने एक-दूसरे को किस करना चालू रखा। भाभी को बहुत दिनों से किसी ने ऐसा किया नहीं था, इसलिए वो बहुत हॉट हो गई थीं और उनके मुँह से “आआह्ह्ह… ओफ्फ्फ… आआआ…” ऐसी आवाज़ें निकल रही थीं।
एक हाथ मेरे बालों में फिरा रही थीं और दूसरे हाथ से अपनी चूत रगड़ रही थीं। ये सिलसिला करीब 6 मिनट तक चला। बाद में मैंने भाभी के बूब्स दबाने लगा और फिर चाटने लगा। ऐसा करने से भाभी बहुत गर्म हो गईं और अपने मुँह से “आहाह्ह्ह… और दबाओओ… अब ये तुम्हारे हैंईई… मेरे जीगर जान… उफ्फ्फ… आह्ह्हा…” ऐसी आवाज़ें निकालती रहीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अब भाभी ने मेरा लंड पकड़ लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगीं और बोलने लगीं, “ओओओह्ह्ह… आयाआआ… स्वाद है ऐसा लंड… तुम्हारे भैया का कभी नहीं है।”
फिर मैंने उनकी चूत चाटी। उनकी चूत में से क्या गीली-गीली खुशबू आ रही थी। फिर ज़्यादा गर्म हो जाने से भाभी ने अपना पानी छोड़ दिया।
फिर मैंने अपना लंड तैयार किया और भाभी से कहा, “अब इसे पकड़कर अपनी चूत में रखो।”
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भाभी ने मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत के सेंटर पॉइंट पर रखा और मैंने एक ही झटका लगाया तो भाभी ज़ोर से चीखीं, “आआह्ह्ह… अरेएए… मुझेएए… मारररर डाल्ल… उफ्फ्फ हि…”
मैंने कहा, “क्या हुआ?”
वो बोलीं, “कैसे बेरहम हो, मेरी चूत की तो परवाह भी नहीं करते?”
मैंने कहा, “ठीक है, अब ज़ोर नहीं।”
फिर मैंने एक झटका लगाया और भाभी “आआह्ह्ह्ह… आह्ह्ह्ह्ह…” की सिसकारियाँ मारने लगीं। मैंने भाभी को चोदना शुरू कर दिया था। वो धीरे-धीरे “उफ्फ्फ… आह्ह्ह…” करती चुदाई का मज़ा ले रही थीं। मैंने करीब एक घंटे तक भाभी को चोदा और फिर हम दोनों झड़ गए।
भाभी मेरी चुदाई से बहुत खुश थीं। उस दिन मैंने सारी रात भाभी के साथ बिताई और रात में दो बार भाभी को चोदा। फिर हम दोनों नंगे ही एक रजाई में किस करते हुए सो गए। सुबह 4:00 बजे भाभी ने भैंस का दूध निकालने के वक़्त मुझे जगाया और मैं अपने कपड़े पहनकर भाभी को किस करके चला गया। अब मैं हर रोज़ भाभी को किस करके ही कॉलेज जाता हूँ और जिस दिन संबित भाई घर पर नहीं होते, भाभी की चुदाई करता हूँ।
Aj says
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Ak says
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