Garam Sali XXX Kahani
मैं विदेश घूमते हुए हॉलैंड के एम्स्टर्डम शहर पहुँचा। वहाँ सेक्स शॉप देखकर दंग रह गया। क्या मस्त-मस्त आर्टिफिशियल लंड और चूत के मॉडल बिक रहे थे। फिर मैं लाइव शो देखने गया, वो देखकर तो मैं और भी दंग रह गया। जगह-जगह रोड पर एक से एक सुंदर लड़कियाँ, मतलब प्रॉस्टिट्यूट्स खड़ी थीं। Garam Sali XXX Kahani
गोरी-गोरी, हमारी यहाँ की फिल्मी सुंदरियाँ तो उनके आगे कुछ भी नहीं लगतीं। लेकिन मैंने ये तय कर रखा था कि कभी प्रॉस्टिट्यूशन नहीं करूँगा, इसलिए बस उनके नज़ारे लेकर मस्त होता हुआ रात को अपने होटल वापस आ गया। अब मैं होटल वापस तो आ गया था, रात के क्या सुबह के तीन बज रहे थे और मेरा एक्साइटमेंट से बुरा हाल था।
खैर, मैंने सोचा पहले कुछ काम भी कर लूँ, इसलिए लैपटॉप खोलकर मेल चेक किए और जवाब दिए। तभी मुझे अपनी साली खुशबू का मेल दिखा, जिसे खोलते हुए मेरे दिल की धड़कनें बढ़ गई थीं। आओ मैं आपको अपनी साली खुशबू के बारे में बता दूँ।
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वो मेरी बीवी की कजिन है, 23 साल की, बहुत ही सेक्सी, मॉडर्न और गज़ब की सुंदर। वो एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती है। मेरी उससे खूब दोस्ती है, हम लोग आपस में खूब खुले हुए हैं और मैं हमेशा से उससे सेक्स करना चाहता था, लेकिन कभी मौका नहीं मिला।
पिछली बार जब उससे मुलाक़ात हुई थी तो उसने कहा था, “जीजू, बस विदेश घूमते ही हो या कुछ विदेश का स्वाद भी चखा है?” मैंने कहा, “स्वाद तो मुझे देसी पसंद है, वो कभी विदेश में मिला तो ज़रूर चखूँगा।” वो हँसते हुए चली गई थी। मैंने उसका ईमेल खोला।
उसमें लिखा था: “जीजू, मैं इस वीकेंड हॉलैंड एम्स्टर्डम हूँ। आप यहाँ हों तो मोबाइल पर फोन करना, मिलते हैं।”
अब तो मेरे दिल का और शरीर का बुरा हाल था। सुबह का इंतज़ार था और सुबह होती ही नहीं थी। खैर, रात को मैंने अपने हाथ से काम चलाकर सो गया। सुबह दस बजे मैंने खुशबू को फोन मिलाया तो उसने काट दिया। फिर उसका एसएमएस आया: “कहाँ हो आप जीजू? मैं मीटिंग में बिज़ी हूँ, फ्री होते ही कॉल करूँगी।”
मैंने उसे अपने होटल का नाम एसएमएस कर दिया। शाम के पाँच बज गए, उसके फोन के इंतज़ार में एक-एक पल एक साल जैसा लग रहा था। फोन नहीं आया। 6:30 बजे रूम की बेल बजी। मैंने वेटर को बुलाया था, उसके लिए खोलने उठा तो क्या देखता हूँ कि सामने खुशबू खड़ी है। जींस और टॉप में गज़ब लग रही थी।
वो हँसते हुए अंदर आई, मुझसे हग करके बोली, “हाय जीजू, हाउ आर यू?” मेरी तो बोलती बंद थी। खैर, मैं सामान्य हुआ और फिर उसका वेलकम किया। मैंने कहा, “तुम्हारे इंतज़ार में अभी तक चाय भी नहीं पी है।” तो वो बोली, “चलो चाय मँगवाइए, वहीं पीते हैं।”
फिर इसी तरह काफ़ी देर बातें होती रहीं। रात का डिनर हम लोग बाहर करके रूम में लौटे तो मेरा दिल कह रहा था: आज मौका है, आज नहीं तो कभी नहीं। ये हसरतें दिल की पूरी होंगी। और डर के मारे भी बुरा हाल था, कहीं नाराज़ हो गई तो?
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खैर, बात करते-करते मैंने पूछा, “याद है मैंने क्या कहा था?”
वो तुरंत हँसते हुए बोली, “कौन-सी बात? आप तो जाने क्या-क्या कहते हो।”
मैंने कहा, “वही बात, विदेश वाली।”
वो बोली, “ओह, देसी स्वाद विदेश में?”
मैंने कहा, “हाँ।”
इससे मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने हाथ बढ़ाकर उसका हाथ पकड़ लिया और कहा, “आई लव यू।”
वो कुछ नहीं बोली, लेकिन उसने हाथ नहीं छुड़ाया। मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैं आगे बढ़कर उसे किस किया। वो शर्म और एक्साइटमेंट से लाल हो गई थी। मैंने कहा, “थैंक यू कि तुमने मुझे किस करने दिया।”
वो बोली, “यू आर ऑलवेज़ वेलकम, बट डोन्ट टेल दीदी।”
मैं हँसने लगा और उसे अपनी गोद में बिठा लिया। अब मेरे हाथ उसकी बूब्स को सहला रहे थे, उसके हाथ मेरी चेस्ट पर थे। हम एक-दूसरे को बेसुध होकर किस करते हुए कब वस्त्रहीन हो गए, पता ही नहीं चला। क्या शानदार सौंदर्य था उसका! ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
एंजेलिना जोली तो पानी भरे, उसकी चूत के आगे सोनाक्षी सिन्हा और तम्मना भाटिया की चूची और चूत बेकार थीं। कसा हुआ लबालब बदन, कसी हुई चूचियाँ और साफ़-सुथरी साँवली चूत। मैं तो दीवाना होकर उसके सारे बदन को चूम रहा था। मेरा लंड 11 इंच का देखकर वो बोली, “जीजू, सच बताऊँ? मैं अभी तक वर्जिन हूँ। किस वगैरह तो किया है, फक नहीं किया है। संभाल के करना, ये आपके ही लिए रखी थी।”
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अब तो मैं और मस्त था। मैंने बड़े प्यार से उसके शरीर को सहलाते हुए उसे किस करते हुए बेड पर लिटाया। उसकी दोनों टाँगें अलग करके उसकी कंट को किस किया और फिर उसमें थोड़ा-सा शहद लगाया। वो सिहर उठी। तभी मैंने अपनी जीभ से उस शहद को चाटना शुरू कर दिया।
वो सिसकारियाँ भर रही थी। हॉलैंड की मदहोश ठंड में उसकी सिसकारियाँ और कहर ढा रही थीं। मेरे हाथ उसकी तनी चूचियों पर थे। फिर मैंने उसकी निप्पल अपने मुँह में लेकर जीभ से फिडल करनी शुरू कर दी। वो अपनी जीभ मेरे लंड के सुपारे पर चला रही थी।
मेरा हाल बुरा हो रहा था। वो भी कह रही थी, “जीजू, नाउ आई कांट वेट, प्लीज़ प्लीज़…” और तब मैंने उसे सीधा लिटाकर अपने लंड का सुपारा उसकी चूत की टिप में भिड़ा दिया और एक धक्का दिया। उसकी गीली चूत में लंड बहुत टाइट गया और वो चीख उठी। करीब 5 इंच लंड घुस चुका था।
वो कह रही थी, “मुझे बहुत दर्द हो रहा है जीजू, बट आई नो थोड़ी देर में मज़ा भी आएगा, कैरी ऑन प्लीज़।” और फिर मैंने एक जबरदस्त धक्का मारा और उसकी चीख निकल गई। उसकी चूत फट गई थी, खून निकल पड़ा था और मेरे धक्के चल पड़े थे।
धक-धक-धक-धक… पक “आएएए जीजू… मर गई… तुम आप दीदी का क्या हाल करते होगे… आह उइई ओह्ह्ह… मर गई… मज़ा आ गया… फक मी हार्ड… आह्ह्ह… आह्ह्ह… उस्स… आईईई…” और वो मस्त हो रही थी। इधर मैं एकदम से रुल गया, मैंने धक्के बहुत धीरे कर दिए और उसकी निप्पल्स चूसने लगा। वो मदहोश हो रही थी।
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कहने लगी, “आह्ह्ह जीजू क्या कर रहे हो… मर जाऊँगी… मेरे अंदर आप पूरे घुस जाओ… फाड़ दो मेरी चूत… चोदो चोदो… मैं जाने कब से इस दिन के इंतज़ार में थी।” और मैंने चूची छोड़ते हुए कहा, “जानू, मैं भी तो इसके इंतज़ार में था।” और अब मैंने धक्कों की रफ़्तार बढ़ा दी। वो नीचे से उछल रही थी, मैं पका-पक उसे पेल रहा था। मौसम भी मस्त था और हम भी। मैं स्पीड बढ़ाता गया, स्पीड चरम पर पहुँच रही थी। ठक-ठक… पक-पक… उइई जीजू मर गई… और और और… गईईई… मैं तो गईईई…
और तभी मैंने भी अपने लंड का सारा वीर्य मानो उसकी चूत में उड़ेल दिया (हालाँकि मैंने कंडोम पहना था)। फिर हम बहुत देर एक-दूसरे से चिपककर लेटे रहे। उस रात मैंने उसे 5 बार चोदा और वो भी ऐसी मस्त है कि उसने पूरे मनोयोग से चुदवाया। आखिर में वो बोली, “जीजू, मेरा आपसे करवाने का बहुत मन था और मन की जब मौका लगे पूरी कर लेनी चाहिए क्योंकि जीवन मनुष्य एक बार ही जीता है।” ये सुनकर मैं बहुत मस्त हो गया और फिर मेरा लंड तन गया था। मैंने इस बार उसे बाथरूम में ले जाकर एक-दूसरे का गीला बदन शावर के नीचे करके फिर खूब चोदा।
Raj says
@Killer_boyyyy_2233 id pe msg karo , 7 inch ke land se maja dunga