Teen Virgin Girl Sex
मैं गुजरात के जामनगर में रहता हूँ। मैं एक जवान और सुंदर लड़का हूँ। मेरा लौड़ा किसी भी चूत को संतुष्ट करने के लिए तैयार रहता है। अब आपको ज्यादा बोर न करते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ। ये कहानी कुछ दो महीने पहले की है। नॉर्मली मैं रोज सुबह आठ बजे निकल जाता था और दोपहर में आता था। Teen Virgin Girl Sex
मेरे पड़ोसी मिस्टर जडेजा रहते हैं। वो बड़े बिजनेसमैन हैं। उनकी एक लड़की है परिधि, जो अमीर बाप की बेटी है। वो दसवीं में पढ़ती है। वो दिन भर घर में अकेली रहती थी। एक दिन मेरे मकान के बाहर एक पैकेट पड़ा हुआ था। उसने वो देखा और बेल बजाई।
मैंने दरवाजा खोला तो परिधि सामने खड़ी थी। फिर मैंने उसे अंदर बुलाया। थोड़ी देर बातचीत हुई। फिर उससे मेरी अच्छी दोस्ती हो गई। हमारी मुलाकात के कुछ पंद्रह दिन बाद वो मेरे कमरे में बैठी थी। मैं उसके साथ मस्ती कर रहा था। मस्ती-मस्ती में मैंने उसे अपने नीचे दबाया, फिर वो उठकर चली गई।
फिर दूसरे दिन वो मेरे कमरे में फिर से आई। लेकिन जब वो आने वाली थी, उसके पहले मैंने अपने कंप्यूटर पर सेक्सी मूवी लगा के रखी थी। जब वो कमरे में आई तो उसने देखा कि सेक्सी फिल्म चल रही है। तब मैंने वो फटाक से बंद कर दी।
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मुझे पता था कि वो मुझसे पूछेगी कि तुम क्या देख रहे थे। और उसने वही पूछा तो मैंने कहा कुछ नहीं, वो तुम्हारे काम की चीज नहीं है। तो वो जिद करने लगी। तब मैंने उसे कहा कि मैं सेक्सी मूवी देख रहा था। तब वो बोली कि मुझे भी देखनी है।
फिर मैंने मूवी फिर से ऑन की। थोड़ी देर बाद मैं उसके करीब जा के बैठा तो उसने मुझसे पूछा, क्या तुमने कभी ऐसा किया है? मैंने कहा हाँ। फिर वो बोली, क्या इसमें मजा आता है? कैसे करते हैं? तो मैंने कहा ये तो करने पर ही पता चलेगा। फिर बोली, क्या मुझे सिखाओगे?
मैंने उसे झट से पकड़कर किस किया। फिर धीरे-धीरे उसे चूमता रहा। जब मुझे एहसास हुआ कि वो पूरी गर्म हो चुकी थी तो मैंने उसके कपड़े उतारना शुरू किया। उसके कपड़े उतारने के बाद उसकी कोमल नाजुक जवानी देखकर मैं थोड़ी देर दंग सा रह गया।
उसका फिगर बिल्कुल आइडियल था, कोई 28-26-28। उसके बूब्स तो बड़े छोटे-छोटे और गोरे-गोरे थे। उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और गुलाबी रंग की बड़ी रसीली चूत थी। फिर मैंने अपने कपड़े भी उतार दिए और उसे मेरा लंड अपने मुँह में लेने को कहा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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तब वो बोली, कितना बड़ा है तुम्हारा लंड, मैं तो मर जाऊँगी। मैंने कहा चिंता मत कर मेरी जान, मैं धीरे-धीरे करूँगा। फिर वो मेरा डिक मुँह में लेकर बीस मिनट तक चूसती रही। वो पहली बार ये सब कर रही थी लेकिन किसी तजुरबेकार लड़की की तरह कर रही थी। उसकी लंड चूसाई में ही मेरा पानी निकल गया।
फिर मैं उसकी चूत चाटने और चूसने लगा। तो वो छटपटाने लगी। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल के उसे जीभ से चोदने लगा। अब मेरा लंड फिर से लोहे की तरह सख्त हो गया था। अब मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और मेरा डिक उसकी चूत पर रखकर धीरे-धीरे अंदर डालने की कोशिश करने लगा।
लेकिन पहली बार होने के कारण वो अंदर नहीं जा रहा था। फिर थोड़ी देर धीरे-धीरे करने के बाद मैंने उसके होंठ पर अपने होंठ रखकर उसे किस करने लगा और एक जोर का झटका दिया और पूरा लंड उसकी बुर में अंदर डाल दिया। उसके मुँह से एक चीख निकली लेकिन मेरे मुँह के अंदर दब गई।
उसकी सील टूटने की वजह से उसका ब्लडिंग शुरू हो गया था और वो रोने लगी थी। तो मैं थोड़ी देर उसकी टाइट और रसीली चूत में मेरा बड़ा और मोटा लंड डाले हुए बिना हिले-डुले उसके ऊपर पड़ा रहा और उसके बूब्स दबाता रहा और उसे किस करता रहा।
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फिर थोड़ी देर बाद जब उसे अच्छा लगने लगा तब मैंने झटके देना शुरू किया। मैं उसकी बिल्कुल फ्रेश चूत में मेरा बड़ा और मोटा लंड अंदर-बाहर करके उसे चोद रहा था और वो भी नीचे से अपने कुल्हे उठा-उठाकर मजे लेकर मुझसे चुदवा रही थी।
उसके मुँह से बड़ी अजीब सी आवाजें आ रही थीं। वो मोन कर रही थी और मुझे ललकार रही थी। और जोर से चोदो अपनी रानी को। आज तुमने मुझे स्वर्ग का मजा दिया है। अब तो मैं तुमसे ही रोजाना ठुकवाया करूँगी। फाड़ दो अपनी रानी की चूत को, बना दो उसका भोसड़ा।
उसके मुँह से ऐसी बातें सुनके मुझे बड़ा अचरज हुआ लेकिन तकरीबन तीस-पैंतीस मिनट उसे चोदने के बाद मैंने अपना प्यार रस उसकी चूत में डाल दिया। और उसे बर्थ कंट्रोल की गोली लेने के लिए कह दिया। फिर दो-तीन दिन तक वो मेरे यहाँ आई नहीं।
फिर एक दिन शाम को आई, दरवाजा बंद किया और सीधे मेरे गले लग गई। उस दिन उसने मिनी स्कर्ट और क्रॉप टॉप पहना था। मैंने उसे गोद में उठाया और दीवार से सटा कर खड़ा-खड़ा चोदा। उसकी चूत अभी भी टाइट थी लेकिन अब वो खुद लंड अंदर ले रही थी।
फिर एक दिन दोपहर में बारिश हो रही थी। बिजली चली गई। वो मेरे घर आई, भीगी हुई। उसकी सफेद शर्ट पूरी गीली, ब्रा साफ दिख रही थी। मैंने उसे तौलिया दिया, फिर तौलिया भी छीन लिया। उस दिन मैंने उसे डॉगी स्टाइल में चोदा। उसकी गांड मार-मारकर लाल कर दी। वो चिल्ला रही थी, “हाँ… ऐसे ही… मेरी गांड फाड़ दो भैया…”
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एक बार तो उसके पापा-मम्मी बाहर गए थे तीन दिन के लिए। वो सीधे मेरे घर आई और बोली, “आज रात भर मुझे चोदना।” मैंने उसे सुबह से रात तक सात बार चोदा। किचन में, बाथरूम में, सोफे पर, फर्श पर, हर जगह। उसकी चूत सूज गई थी लेकिन वो फिर भी लंड मांग रही थी। अब तो जब भी मौका मिलता है, वो आ जाती है। कभी सुबह-सुबह, कभी रात में खिड़की से चढ़कर। मैंने उसे लंड चूसना, ऊपर बैठकर चोदना, गांड मारना, सब सिखा दिया है। अब वो खुद कहती है, “भैया, तुम्हारा लंड मेरी चूत का असली मालिक है।”
उसके बाद जब भी हमें मौका मिलता हम एक दूसरे में समा जाते। आज तक मैंने उसे कितनी बार चोदा है ये मुझे भी याद नहीं लेकिन आज भी मैं उसे बड़े प्यार और मजे से चोदता हूँ और वो भी चुदवाती है। आज भी जब मैं ये लिख रहा हूँ, वो मेरे बगल में लेटी है, नंगी, मेरे लंड से खेल रही है और कह रही है, “जल्दी लिखो, फिर चोदो मुझे…” बस यही है मेरी और परिधि की चुदाई की कहानी। अभी तो ये सिलसिला चल ही रहा है… और चलता रहेगा।पड़ोस की कुंवारी लड़की की सील तोड़ दी