Jija Sali Romance Kahani
मैं जय हूँ, पेशे से बैंक ऑफिसर। अभी लखनऊ में हूँ, लेकिन मेरा ससुराल नोएडा में है। बैंक की ब्रांच ऑडिट के लिए मुझे बहुत घूमना पड़ता है। मेरे ससुराल में सास-ससुर हैं और एक प्यारी-सी साली निधि। वो अभी सिर्फ़ १८ साल की है और शादी के पहले दिन से ही मुझे वो बहुत पसंद थी, वो भी बिल्कुल सही तरीके से। Jija Sali Romance Kahani
लेकिन जैसे-जैसे वो सेक्सी होती गई और उसके हॉट कर्व्स बनते गए, मेरी नज़र का अंदाज़ बदल गया। वो 12वीं में पढ़ती है। मैंने अपना काम ख़त्म किया और शाम को ससुराल पहुँच गया। सासू माँ और ससुर जी ने ख़ूब स्वागत किया, लेकिन निधि कहीं नहीं दिखी। मैंने पूछा, “निधि कहाँ है?” तो पता चला कि वो ट्यूशन गई है, थोड़ी देर में आ जाएगी।
मैं नहा-धोकर फ्रेश हुआ और टीवी देखने लगा। इतने में निधि आ गई। वाह! उसने ब्लू कलर की टाइट जीन्स और व्हाइट टॉप पहना था। टॉप उसके ब्रेस्ट्स पर बिल्कुल टाइट था और जीन्स से उसके हिप्स के सेक्सी उभार साफ़ दिख रहे थे। “जीजूऊऊऊ…” कहकर वो मुझसे लिपट गई।
इसे भी पढ़े – भाई बहन का सीक्रेट वाला प्यार
मैं तो जैसे एसी रूम में भी पसीने से तर हो गया। ख़ैर, मैंने उसे उसके लिए लाई चॉकलेट दी और वो फ्रेश होने चली गई। थोड़ी देर बाद वो व्हाइट कलर का चुड़ीदार सूट पहनकर आई। ओ माय गॉड! कितने टाइट कपड़े पहनती है वो! चुड़ीदार बिल्कुल बॉडी हगिंग था और थोड़ा डीप नेक भी। ख़ैर, मैंने किसी तरह खुद को कंट्रोल किया।
रात हो गई, सबने खाना खाया और अपने-अपने रूम में चले गए। मुझे ऊपरी मंज़िल पर एक रूम दिया गया था। अच्छा दोस्तों, एक बात बताना भूल गया था—साली साहिबा थोड़ी फ़्लर्ट नेचर की भी हैं। मुझसे ख़ूब हँसी-मज़ाक करती रहती हैं। ख़ैर, मैं अभी लेटा ही था और नींद नहीं आ रही थी कि इतने में निधि मुझे ऊपरी मंज़िल पर दिखी। मेरा लंड खड़ा होने लगा और मैंने सोचा क्यों न अकेले में थोड़ी छेड़खानी की जाए।
मैंने कहा, “निधि, ज़रा यहाँ आना…”
वो मेरे रूम में आ गई और बोली, “क्या बात है जीजू, अभी तक सोए नहीं?”
मैंने कहा, “नींद नहीं आ रही… और बताओ, तुमने कुछ बताया नहीं, आजकल पढ़ाई कैसी चल रही है?”
ये कहकर मैंने उसे अपनी बगल में बिठा लिया। वो भी बताने लगी, बिना ये सोचे कि मेरी नज़र उसके चिकने बदन पर थी। मैंने धीरे-धीरे उसे छूना शुरू किया… पहले उसके बालों में हाथ फेरा, फिर करवट लेकर उसकी कमर में हाथ डालकर लेट गया और बातें करता रहा।
फिर मैंने पूछा, “कोई बॉयफ्रेंड नहीं है तुम्हारा?”
बोली, “नहीं जीजू…” और शरमाकर बोली, “अब आप सो जाइए।”
मैंने कहा, “ऐसे नींद कहाँ आएगी!”
उसने पूछा, “क्यों? फिर कैसे आएगी?”
इसे भी पढ़े – जेठ जी का लंड बहुत मोटा और मस्त है
मैंने तुरंत उसकी कमर में अपनी पकड़ और टाइट की और बोला, “रोज़ तुम्हारी दीदी सोने से पहले एक किस देती हैं, तभी नींद आती है… ऐसे नहीं आएगी।”
ये सुनकर वो शरमाने लगी और बोली, “तो अब मैं दीदी को कहाँ से लाऊँ?”
मैंने कहा, “दीदी की क्या ज़रूरत है, एक तुम ही दे दो ना!”
ये सुनकर उसने अपना मुँह शर्म से छुपा लिया और उठकर जाने लगी। मेरा लंड अब पूरा खड़ा हो चुका था। मैंने झट से उठकर उसका हाथ पकड़ा और अपनी तरफ़ खींचकर उसे अपनी गोद में बिठा लिया। उसकी टाइट मस्त गांड सीधे मेरे लंड पर आकर टिक गई।
मैंने अपने हाथों से ज़ोर से उसके ब्रेस्ट्स पर रखकर दबाया और उसकी गर्दन पर एक किस की। “जीजूऊऊ क्या कर रहे हैं…” कहकर वो खुद को छुड़ाने की कोशिश करने लगी। मैंने उसकी बात अनसुनी करके ज़ोर-ज़ोर से उसके दूध दबाना जारी रखा और नीचे से अपना लंड उसकी गांड में और धकेलता गया। थोड़ी देर में उसका विरोध कम हो गया और वो बोली, “बस जीजू अब छोड़ दीजिए, कोई आ जाएगा।”
मैंने कहा, “कोई नहीं आएगा निधि, बस एक बार अपने जीजू को अपनी दे दो।”
उसने कहा, “नहीं जीजू, ये ग़लत है।”
इसे भी पढ़े – साले की वाइफ मुझसे चुदवाने लगी कामुक होके
मैंने कहा, “कुछ ग़लत नहीं है निधि, किसी को कुछ नहीं मालूम पड़ेगा।” और उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया—पायजामे के ऊपर से। वो चौंक गई और धीरे-धीरे सहलाते हुए बोली, “प्लीज़ जीजू, दरवाज़ा खुला है, कोई आ न जाए।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने झट से दरवाज़ा बंद किया और अपना पायजामा-बनियान उतारकर सिर्फ़ अंडरवियर में उस पर झपट पड़ा। उसने भी मुझे लिपटा लिया और हमारे होंठ मिल गए। मैंने ज़ोर-ज़ोर से उसकी दूध से भरी चूचियाँ दबा-दबाकर लाल कर दीं। फिर मैंने उसकी कमीज उतारी—उसने स़फेद ब्रा पहनी थी।
फिर चुड़ीदार का नाड़ा खोलकर चुड़ीदार भी उतार दिया। अब वो सिर्फ़ ब्रा-पैंटी में थी। मैंने उसकी ब्रा का हुक खोला और एक झटके में ब्रा उतार दी। हाय! क्या सीन था—उसकी गोरी-गोरी चूचियाँ मेरे सामने आ गईं। अपनी 18 साल की जवान साली की चूचियाँ देखकर मैं पागल हो गया और मुँह में लेकर पागलों की तरह चूसने लगा।
निधि “आह्ह्ह जीजूऊऊ धीरे प्लीज़…” कर रही थी। चूस-चूसकर लाल करने के बाद मैंने उसकी पैंटी उतार फेंकी। उसकी बिना बाल वाली गुलाबी चूत क्या माल लग रही थी। मैंने अपनी अंडरवियर उतारी और अपना लंड उसे दिखाया। उसने हाथ में लंड लिया और अपनी चूचियों के बीच रगड़ने लगी।
इसे भी पढ़े – दीदी की विधवा ननद की फुद्दी चोदी
मैंने पूछा, “ये कहाँ से सीखा?” तो हँसने लगी। फिर मैंने उसकी टाँगें फैलाईं और उसकी चूत पर थोड़ी वैसलीन लगाकर लंड एडजस्ट किया। फिर मैं उस पर लेटकर एक ज़ोर का धक्का लगाया और सटाक से पूरा लंड घुस गया। मैं हैरान रह गया—मेरी साली तो पहले ही किसी से काम लगवा चुकी थी।
मैंने पूछा, “क्यों साली साहिबा, किससे लगवाया?”
वो शरमा गई और मुझसे लिपट गई। मैंने भी ज़्यादा नहीं पूछा और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा।
“आह्ह्ह ओह्ह्ह जीजूऊऊ और तेज़… आह्ह्ह उमम्म…”
मैं भी, “आह्ह्ह निधि मेरी जान… बहुत दिनों से तुम्हारे शरीर पर नज़र थी… आह्ह्ह क्या माल है तू मेरी रानी…”
और थोड़ी देर बाद हम दोनों झड़ गए। थोड़ी देर बाद निधि ने बताया कि जब वो मामा के यहाँ गई थी तो मामा के बड़े लड़के ने (जिनकी शादी हो चुकी है) उसका काम लगा दिया था। उस रात हमने दो बार और डॉगी स्टाइल चुदाई की। अब हमारा रिश्ता बन गया है और जब भी मैं जाता हूँ या वो आती है, सबकी नज़र बचा के हम ज़रूर सेक्स करते हैं।